samacharsecretary.com

सूरत के मंदिर में मिलीं दो छात्राएं: बेहोशी के इंजेक्शन और सुसाइड के बारे में पूछा ChatGPT से

सूरत 

गुजरात के सूरत शहर में स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर कॉलेज में पढ़ने वाली दो छात्राओं की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों लड़कियों की उम्र 18 से 20 के बीच है। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने  बताया कि उन्हें घटनास्थल से बेहोशी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एनेस्थीसिया के इंजेक्शन मिले हैं। दोनों लड़कियों ने मौत से पहले ChatGPT पर "सुसाइड कैसे करें" इसके बारे में सर्च किया था।

असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) एन.पी. गोहिल ने बताया कि कॉलेज में पढ़ने वाली दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से लापता थीं और बाद में उसी रात सानिया गांव के स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर मरी हुई मिलीं।

फोन कॉल नहीं उठा रही थीं
उन्होंने बताया कि छात्राओं के परिजनों ने उनके लापता होने के बाद दिंडोली पुलिस थाने को सूचना दी थी। उनके फोन एक्टिव थे, लेकिन वो दोनों ही कॉल नहीं उठा रही थीं। फोन की लोकेशन ट्रेस होने के बाद, पुलिस की एक टीम सानिया गांव गई और उनकी तलाश शुरू की। हमें मंदिर के पास उनकी स्कूटी मिली।

बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाली गईं लाशें
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों लड़कियों को मंदिर के बाथरूम की तरफ जाते हुए देखा गया। इसके बाद जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर दोनों बेहोश पड़ी मिलीं। उनमें से एक लड़की को सिविल अस्पताल और दूसरी को एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया। दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पास में पड़े थे बेहोशी के इंजेक्शन
अधिकारी ने बताया कि बाथरूम की तलाशी में बेहोशी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ एनेस्थीसिया इंजेक्शन मिले, जबकि उनमें से एक के फोन की गैलरी में सुसाइड से जुड़ी कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बताया कि दोनों यहां अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ती थीं और स्कूल टाइम से ही अच्छी दोस्त थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

Leave a Comment

राज्यपाल रमेन डेका से आज रोटरी क्लब ग्रेटर रायपुर के सदस्यों ने लोक भवन में सौजन्य मुलाकात एवं चर्चा की। राज्यपाल ने उन्हें समाज हित से जुडे़ विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया।

Read More »
हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here