samacharsecretary.com

यूएनएफपीए एंबेसेडर कृति सेनन ने विद्यार्थियों से किया संवाद, जेंडर इक्वैलिटी का दिया संदेश

भोपाल. 
यूएनएफपीए इंडिया की गुडविल एंबेसेडर एवं फिल्म अभिनेत्री सुकृति सेनन गुरुवार को भोपाल के शिवाजी नगर स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय का भ्रमण किया। यहां पर उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद भी किया। सुसेनन ने विद्यार्थियों को जेंडर इक्वैलिटी के प्रति जागरूक किया। साथ ही समानता एवं परस्पर सम्मान के लिए प्रेरित भी किया।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित जीवन कौशल शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत ‘उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस कार्यक्रम’, ‘उज्ज्वल बदलाव हमसे है’ और ‘सशक्त’ जैसे नवाचार किये जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विशेष रूप से बालिकाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर सशक्त बनाना है। इन सभी नवाचारों को प्रदेश के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूलों में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। सुकृति सेनन ने ‘उमंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रम को विस्तार से समझा। उन्होंने प्रदेश के 12 जिलों से आए "हेल्थ एंड वेलनेस" एंबेसडर एवं विद्यार्थियों से संवाद कर अनुभवों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग एवं यूएनएफपीए के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सामाजिक बदलाव लाने की दिशा में की जा रही पहलें अत्यंत सराहनीय हैं। ‘उज्ज्वल बदलाव हमसे है’ कार्यक्रम में उन्होंने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अब स्कूलों में ही विद्यार्थियों को छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट और दहेज जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूक करने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

सुकृति ने स्कूल शिक्षा विभाग की अपर परियोजना संचालक (सेकेंडरी एजुकेशन) श्रीमती नंदा बलवे कुशरे से भी मुलाकात की। उन्होंने नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें और साइकिल उपलब्ध कराए जाने जैसी व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।

विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों से जुड़े अनुभव भी साझा किए गए। इन अनुभवों को जानने के बाद कृति सेनन ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति इन शैक्षिक पहलुओं को अपने जीवन में अपनाए, तो समाज में व्याप्त कई बुराइयों और कुरीतियों पर प्रभावी रूप से रोक लगाई जा सकती है। लोक शिक्षण संचालनालय के डिप्टी डायरेक्टर महेश जैन, प्राचार्य सुधाकर पाराशर, यूएनएफपीए से चीफ पॉलिसी एंड पार्टनरशिप जयदीप विश्वास, स्टेट हेड सुनील जैकब तथा स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर अनुराग सोनवलकर उपस्थित रहे।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here