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केंद्रीय मंत्री बिट्टू की आज SC कमीशन में पेशी, सार्वजनिक माफी पर हो सकता है फैसला

चंडीगढ़ 

केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू आज एससी आयोग के समक्ष पेश होंगे। आयोग ने उन्हें तलब किया है। इससे पहले वह दो बार सुनवाई में पेश नहीं हुए थे, जिसके चलते आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने सख्त रुख अपनाया है।
पिछली सुनवाई के दौरान बिट्टू की ओर से पेश हुए वकीलों ने उनकी बात चेयरमैन से फोन पर करवाई थी। इस दौरान चेयरमैन ने कहा था कि पिछली बार सुनवाई की तारीख उनकी सुविधा के अनुसार तय की गई थी और उन्हें मामले की पूरी जानकारी भी थी।

ऐसे शुरू हुआ था यह विवाद
26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान के दिन धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उन्हें छुड़ाने और धूरी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद उनकी संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद बिट्टू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे। आम आदमी पार्टी ने इस घटना को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया था।

26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान वाले दिन धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह को पुलिस ने हिरासत में लियाथा। उन्हें छुड़ाने और धूरी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद उनकी संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और बिट्टू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक व जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे। आम आदमी पार्टी ने इस घटना को 'गुंडागर्दी' करार दिया था।

बिट्टू ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली
इस संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद पंजाब एससी कमीशन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिट्टू को तलब कर लिया और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी थी। हालांकि, बिट्टू ने अपने शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। वहीं, संगरूर पुलिस की तरफ से भी रिपोर्ट पेश कर दी गई।

दो बार ऐसे चली सुनवाई
बिट्टू को 4 जून 2026 को पेश होने का आदेश दिया गया था। हालांकि, निजी कारणों और दिल्ली में जरूरी व्यस्तताओं के चलते वह खुद पेश नहीं हुए। इसके बजाय उनके वकील पेश हुए। उन्होंने आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी से बिट्टू की बात करवाई और उनकी व्यस्तताओं की जानकारी दी। साथ ही अगली तारीख देने का अनुरोध किया। इसके बाद उन्हें 15 जून 2026 को दोबारा तलब किया गया।

 

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