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बहरामपुर सीट विवाद पर हंगामा, गांगुली और पठान ने खारिज किए दावे

नई दिल्ली
 पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद टीएमसी चीफ ममता बनर्जी इन दिनों सुर्खियों में हैं। अब बहरामपुर लोकसभा सीट को लेकर हंगामा मचा हुआ है। बवाल ऐसा मचा कि सौरव गांगुली और यूसुफ पठान दोनों को सफाई देनी पड़ी।

दरअसल, बंगाल के अखबार में छपी खबर में दावा किया गया कि विधानसभा सीट हारने के बाद अब ममता बनर्जी सांसद बनकर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होना चाहती हैं। वह बहरामपुर सीट से लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहती हैं। ये वही सीट है जहां से यूसुफ पठान सांसद हैं।

खबर पर क्यों मच गया हंगामा?
खबर में दावा किया गया कि ममता बनर्जी ने सौरव गांगुली से कहा कि वह यूसुफ पठान से बात करें कि वह इस सीट को छोड़ दें, जिससे कि वहां पर उपचुनाव हों और वह सांसद बनकर दिल्ली पहुंच सकें। इतना ही नहीं यहां तक दावा किया गया कि यूसुफ पठान ने सौरव गांगुली के इस आग्रह को ठुकरा दिया। इसके बाद इस खबर को लेकर हंगामा मच गया।

सौरव और यूसुफ को देनी पड़ी सफाई
इस हंगामे के बाद दोनों पूर्व क्रिकेटरों को सफाई देनी पड़ी। सौरव गांगुल ने यूसुफ पठान को सीट छोड़ने का मैसेज भेजने की खबर को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में प्रकाशित ये दावे तथ्यों की जांच के बिना और लापरवाही से प्रकाशित किए गए हैं। ममता बनर्जी की ओर से उन्हें कभी कोई संदेश यूसुफ पठान तक पहुंचाने के लिए नहीं कहा गया। गांगुली ने यह भी कहा कि उनका राजनीति से किसी भी स्तर पर कोई संबंध नहीं रहा है।

वहीं, यूसुफ पठान ने कहा, "कुछ समय से यह खबर वायरल हो रही है कि ममता बनर्जी ने मुझसे बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद पद से इस्तीफा देने को कहा है, ताकि वह वहां से लोकसभा चुनाव लड़ सकें। ममता बनर्जी ने मुझसे कभी ऐसा नहीं कहा। यहां तक कि हमारी पिछली मुलाकात में भी उन्होंने इसका जिक्र नहीं किया। न ही उन्होंने पार्टी के किसी आधिकारिक नेता के जरिए ऐसा कोई संदेश भेजा है। यह दावा पूरी तरह से झूठा है और मुझे दुख है कि बिना किसी आधिकारिक खबर के भी सोशल मीडिया और सभी मीडिया हाउस में इस पर चर्चा और बहस हो रही है। इसलिए, न तो ममता बनर्जी और न ही पार्टी के किसी नेता ने मुझसे मेरी सांसद सीट से इस्तीफा देने के लिए कहा है।"

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