samacharsecretary.com

गणेशी हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

गणेशी हॉस्पिटल में महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

ड्रिप लगने के बाद बिगड़ी 78 वर्षीय महिला की तबीयत, इलाज के दौरान मौत; पुलिस पहुंची, जांच शुरू

मुरैना
 शहर की एमएस रोड स्थित गणेशी हॉस्पिटल में सोमवार को 78 वर्षीय महिला मरीज महारानी जाटव की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर व अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी।

परिजनों के मुताबिक महारानी जाटव ग्राम गोरमी वर का पुरा निवासी थीं और अपने बेटे विनोद कुमार सरल, जो मुरैना की पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में रहते हैं, से मिलने आई थीं। करीब दो दिन पहले तबीयत खराब होने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में दिखाया गया था। उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर परिजन उन्हें वापस घर ले गए थे।

सोमवार दोपहर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें गणेशी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर अंकुर गुप्ता ने जांच के बाद उन्हें भर्ती करने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ड्रिप लगाए जाने के बाद महिला की तबीयत और बिगड़ गई। कुछ देर बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

बाक्स 
– पहले भी उठ चुके हैं इलाज में लापरवाही के सवाल

गणेशी हॉस्पिटल में मरीज की मौत का यह मामला नया नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले भी अस्पताल में मरीजों की मौत के बाद परिजनों द्वारा हंगामा किए जाने और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पूर्व में भी मरीजों की मौत के बाद लापरवाही के आरोप लगे हैं तो स्वास्थ्य विभाग ने इन मामलों की जांच क्यों नहीं कराई? क्या अस्पताल में इलाज की व्यवस्थाओं और चिकित्सकीय प्रक्रिया की नियमित जांच की जा रही है? परिजनों के आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी।
बाक्स 
– स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल

मामले को लेकर जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पद्मेश उपाध्याय से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इलाज के दौरान कौन-कौन सी चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई गई और परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोप कितने सही हैं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वहीं, परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here