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निगरानी का शिकंजा: 2.5 लाख रिश्वत के साथ विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव पकड़े गए

पटना

मौलाना मजहरूल हक अरबी व फारसी विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव (असिस्टेंट रजिस्ट्रार) मो. सनाउल्लाह खान को निगरानी ब्यूरो ने मंगलवार को 2.5 लाख रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है।

सनाउल्लाह खान को उनके मीठापुर स्थित कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार किया गया। आरोपित से फिलहाल पूछताछ हो रही है। इसके बाद इन्हें निगरानी की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार रोसड़ा जिला समस्तीपुर के रहने वाले रामानंद महतो ने शिकायत दर्ज कराई थी कि समस्तीपुर स्थित केआरसी 402 व 403 में नामांकित सभी छात्रों का परीक्षा फल प्रकाशित होने के बाद दोनों छात्रों का प्रैक्टिल मार्क्स रिजल्ट में नहीं था।

प्रैक्टिकल मार्क्स चढ़ाने और लंबित परीक्षाफल प्रकाशित करने के लिए सहायक कुल सचिव रिश्वत मांग रहे थे। चूंकि मामला बड़े अधिकारी से जुड़ा था, लिहाजा इसका सत्यापन कराया गया। जिसमें आरोप सही पाए गए।

जिसके बाद निगरानी डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार के निर्देश पर डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में एक धावा दल बनाया गया।

मंगलवार को सहायक कुल सचिव जिस सनाउल्ला खान जिस वक्त रिश्वत के ढ़ाई लाख रुपये ले रहे थे उसी वक्त उन्हें विवि कैंपस स्थित उनके कार्यालय कक्ष से गिरफ्तार कर लिया गया। निगरानी ब्यूरो आगे की जांच में जुटा है।

कार्यपालक पदाधिकारी को एसवीयू ने 50 हजार रिश्वत के साथ दबोचा

दूसरी ओर विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने एक बड़ी कार्रवाई में नगर पंचायत सिकंदरा, जमुई के कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार को 50 हजार रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। उनकी यह गिरफ्तारी राजेश मिश्रा नामक एक व्यक्ति की लिखित शिकायत पर की गई।

कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार पर आरोप लगाया गया था कि ये प्रधानमंत्री आवास योजना की फाइल करने के लिए प्रति फाइल ढ़ाई हजार रुपये की दर से 162500 रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

उन्होंने दो टूक कहा है कि यदि रिश्वत की यह रकम नहीं मिलती है तो काम नहीं होगा। शिकायत के आधार पर विशेष निगरानी इकाई ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपित को पूछताछ के बाद कोर्ट पेश कयया जाएगा।

 

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