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मौसम का डबल अटैक! 24 घंटे में 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली

चिलचिलाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से पुरा देश बेहाल है. मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में उठे एक शक्तिशाली चक्रवाती बवंडर का हाई अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, इस दोहरे मौसमी सिस्टम के कारण देश के 20 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों तक विनाशकारी आंधी, आसमानी बिजली और भीषण ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने वाला है। 

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैल चुकी है. अगले कुछ ही दिनों में मानसून केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप के बचे हुए सभी हिस्सों को अपनी चपेट में ले लेगा. इन इलाकों में मानसून की इस भारी सक्रियता के कारण लगातार घने बादल बन रहे हैं और कई तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। चक्रवाती बवंडर के कारण कर्नाटक में तेज बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने राज्य में अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है. राजधानी बेंगलुरु सहित राज्य के करीब 25 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है. विभाग ने चेतावनी दी है कि 1 जून से 3 जून के बीच राज्य के 19 से अधिक जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी होगी क्योंकि हवाओं की गति बेहद खतरनाक हो सकती है। 

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के क्षेत्रों में बंगाल की खाड़ी के इस बवंडर का सीधा और सबसे खतरनाक असर देखने को मिल रहा है. इन इलाकों में गरज-चमक के साथ ऐसी तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी. इस चक्रवाती सिस्टम के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिसे देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। उत्तर प्रदेश में 24 से 48 घंटों में मौसम रौद्र रूप दिखाने वाला है. वेस्ट यूपी और पूर्वांचल दोनों ही हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की आशंका है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है. कम से कम 32 से 40 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 

सोमवार को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इस चक्रवाती बवंडर का व्यापक असर दिखेगा. इन सभी राज्यों में भारी बारिश के साथ-साथ भयंकर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में अचानक आने वाले तीव्र आंधी-तूफान (Thundersqualls) को लेकर प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. लोगों को पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों यानी कि एनसीआर क्षेत्र में सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के असर दिखेगा. दिनभर बादल छाए रह सकते हैं. दिल्ली के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिससे पिछले कई दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 

पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज इस समय सबसे ज्यादा डरावना बना हुआ है, खासकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में. उत्तराखंड के अधिकांश पहाड़ी जिलों में घने बादलों की आवाजाही के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है. इसके अलावा, मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के कई हिस्सों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी दी है, जिसका सीधा असर चारधाम यात्रा मार्ग पर चल रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर पड़ सकता है। सेवेन सिस्टर्स राज्यों (असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैण्ड, और सिक्किम) में अगले एक हफ्ते तक लगातार मूसलाधार बारिश का सिलसिला चलने वाला है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है. लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों वाले क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) होने और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। 

जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू होगा, लेकिन सबसे खतरनाक चेतावनी राजस्थान के लिए है. राजस्थान के कई जिलों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से धूल भरी आंधी (Dust Storm) और चक्रवाती तूफान आने का अलर्ट है. धूल के इस गुबार के कारण विजिबिलिटी पूरी तरह समाप्त हो सकती है। आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान वे रूप से घरों के अंदर ही रहें. जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें. किसानों को अपनी तैयार फसलों को ओलावृष्टि और भारी बारिश से बचाने के उचित उपाय करने की सलाह दी गई है. मवेशियों को खुले स्थानों के बजाय सुरक्षित शेड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

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