samacharsecretary.com

वेटलैंड संरक्षण पर मंथन, राज्य प्राधिकरण की चौथी बैठक संपन्न

रायपुर.

छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक आयोजित

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण  केदार कश्यप की अध्यक्षता में प्राधिकरण की चतुर्थ बैठक का आयोजन अरण्य भवन,अटल नगर में किया गया। बैठक में मुख्य सचिव एवं प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विकासशील, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. निवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरूण कुमार पाण्डेय, सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग, सदस्य सचिव तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।    
      
यह प्राधिकरण राज्य के आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण, प्रबंधन, उनके पारिस्थितिक स्वरूप को बनाए रखने और उन पर होने वाली गतिविधियों के नियमन के लिए उत्तरदायी है। यह प्राधिकरण गिधवा-परसदा और कोपरा जैसे जलाशयों के संरक्षण, प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा, और जिला स्तर पर बनी समितियों के माध्यम से प्रबंधन की निगरानी करता है।
        
बैठक में रामसर सचिवालय से प्राप्त कोपरा जलाशय के रामसर प्रमाणपत्र का विमोचन किया गया। इसके साथ ही कोपरा जलाशय तथा गिधवा-परसदा वेटलैण्ड काम्प्लेक्स के लोगों का भी अनावरण किया गया। बैठक में राज्य के वेटलैण्ड क्षेत्रों के संरक्षण, संवर्धन और विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से वेटलैण्ड क्षेत्रों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को जागरूक किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक जल स्रोतों और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here