samacharsecretary.com

बुलडोजर चला तो आगे आए पड़ोसी: हिंदू युवक ने पत्रकार को दिया प्लॉट, नया घर बनवाने का वादा

जम्मू-कश्मीर 
जम्मू-कश्मीर में एक मुस्लिम पत्रकार के घर पर जब बुलडोजर चला दिया गया तो उसके हिंदू पड़ोसी मदद के लिए आगे आ गए। बीजेपी नेता रविंदर रैना ने भी पत्रकार के परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि हमारे प्रधानमंत्री लोगों को घर देने पर विश्वास करते हैं और यह सरकार लोगों के घर उजाड़ रही है। पत्रकार ने कहा था कि घर पर बुलडोजर चलवाने से पहले उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह कार्रवाई तानाशाही है। जम्मू डिवेलपमेंट अथॉरिट ने पत्रकार अराफाज अहमद दैंग का घर ढहा दिया था। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसबल को तैनात कर दिया गया था।
 
पत्रकार ने बताया था कि उनका घर 40 साल पुराना था और उनके पिता भी इसी घर में रहते थे। उन्होंने कहा कि पिछले साल उनका एक घर ढहा दिया गया था और इसके बाद वह इस घर में रहने लगे ते। बता दें कि दैंग जम्मू- में एक न्यूज पोर्टलल चलाते थे। उन्होंने सरकार की डिमोलिशन ड्राइव के खिलाफ रिपोर्टिंग करनी शुरू कर दी थी। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह केवल सरकार को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल की तरफ से नियुक्त किए गए अधिकारियों ने ही यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि चुनी हुई सरकार के खिलाफ साजिश रची जा रही है।

सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है
सोशल मीडिया पर लोग हिंदू समुदाय के इस कदम की सराहना कर रे हैं। वहीं पत्रकार का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि घर ढहाने के वक्त पुलिसबल उन्हें खींचकर दूर ले जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इस तरह से किसी का घर ढहाना तानाशाही है।

कुलदीप शर्मा ने गिफ्ट कर दिया प्लॉट
पड़ोसी पत्रकार का घर ढहाए जाने के बाद उनके पड़ोसी कुलदीप शर्मा सामने आए और उन्होंने एक प्लॉट उन्हें गिफ्ट कर दिया। उन्होंने कहा, मैं अपने भाई को इस तरह टूटने नहीं दे सकता। कुछ भी हो जाए, मैं उनका घर बनवाऊंगा। उन्होंने तीन मारला प्लॉट पर बने घर को गिराया, मैं उन्हें पांच मारला का प्लॉट दे रहा हूं।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here