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वसीयत विवाद ने बढ़ाई टेंशन: संजय कपूर की संपत्तियों पर कानूनी जंग तेज

नई दिल्ली
दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान कपूर ने अपनी सौतेली मां प्रिया सचदेव कपूर पर आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था और प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगा था। वहीं, अब संजय की मां रीना कपूर ने अपने दिवंगत बेटे की वसीयत में हिस्सा मांगा है।
 
उनके वकील वैभव गग्गर ने कहा कि संजय की वसीयत से संबंधित किसी भी दस्तावेज की जानकारी उनकी मां को नहीं दी गई है। इस मामले को लेकर वकील वैभव गग्गर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, ''आज के मामले में, संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर ने अपने बच्चों की ओर से दावा किया है कि उन्हें एक वसीयत दिखाई गई है, जिसके आधार पर उनके बच्चों को संजय कपूर की निजी संपत्ति से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने इस वसीयत को फर्जी बताया है।''

उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में 'इंटेस्टेट सक्सेशन' यानी बिना वसीयत के उत्तराधिकार लागू हो, जिसके अनुसार संजय कपूर की संपत्ति पांच हिस्सों में बांटी जाए, करिश्मा के दो बच्चे, संजय की पत्नी प्रिया, उनका बेटा और संजय कपूर की मां रानी कपूर के बीच संपत्ति का विभाजन हो।

बता दें कि प्रिया सचदेव कपूर का दावा है कि संजय कपूर ने 21 मार्च को एक वैध वसीयत बनाई थी, जिसके अनुसार संपूर्ण संपत्ति उन्हें सौंपी गई है। इस वसीयत को लेकर विवाद और गहरा हो गया है क्योंकि करिश्मा कपूर के बच्चों ने आरोप लगाया है कि यह वसीयत सात हफ्ते तक छुपाई गई और फिर अचानक एक पारिवारिक बैठक में पेश की गई, जिससे संदेह की स्थिति पैदा हुई। वकील गग्गर ने कहा, ''मैं इस वक्त मामले की मेरिट्स पर ज्यादा नहीं बोलूंगा, क्योंकि यह मामला अदालत के विचाराधीन है, लेकिन जो केस दायर किया गया है, उसकी यही मूल भावना है।''

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट आदेश देते हुए कहा कि प्रिया सचदेव कपूर को 12 जून 2025 (संजय कपूर की मृत्यु की तारीख) तक की सभी निजी संपत्तियों का विस्तृत विवरण कोर्ट में दाखिल करना होगा। साथ ही कोर्ट ने सभी पक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपनी-अपनी याचिकाएं, जवाब और कानूनी रुख लिखित में कोर्ट के समक्ष पेश करें। इस हाई-प्रोफाइल संपत्ति विवाद की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर 2025 को निर्धारित की गई है।

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