samacharsecretary.com

मोजतबा खामेनेई नहीं बनेंगे सुरक्षा कारणों से ईरान के सुप्रीम लीडर?

तेहरान.

ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि जल्द ही उनके बेटे मोजतबा खामेनेई की इसी पद पर ताजपोशी हो जाएगी। हालांकि अब इसमें देरी होती दिख रही है। जानकारों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से फिलहाल ईरान की सुरक्षा परिषद ऐसा करने से बच रही है। अमेरिकी की निगाह इसी पर है कि जैसे ही कोई सुप्रीम लीडर नियुक्त किया जाए, वह उसके पीछे पड़ जाए।

ईरान के अधिकारियों के मुतबिक मोजतब खामेनेई अयातुल्लाह अली खामेनेई के उत्तराधिकारी हो सकते हैं। कुछ अधिकारियों ने कहा कि उन्हें एक सुरक्षित जगह पर रखा गया है। इजरायल ने भी कहा है कि खामेनेई की जगह जिसे भी नेता चुना जाएगा, पहला लक्ष्य वही होगा। बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर के अलावा कई कमांडर भी मारे गए हैं।

कौन हैं मोजतबा खामेनेई
मोजतबा खामेनेई एक धर्मगुरु हैं, जिन्होंने अपने अधिकतर राजनीतिक जीवन में कोई औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन वह सर्वोच्च नेता के कार्यालय के भीतर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उन्हें अक्सर सत्ता के गलियारों में प्रभावशाली 'पावर ब्रोकर' और 'गेटकीपर' के रूप में देखा जाता रहा है। समय के साथ उनकी पहचान दो प्रमुख पहलुओं से जुड़ी रही है। पहला, ईरान की सुरक्षा व्यवस्था, विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और उससे जुड़े कट्टरपंथी नेटवर्क के साथ उनके करीबी संबंध। दूसरा, सुधारवादी राजनीति और पश्चिमी देशों के साथ करीबी संबंधों के प्रति उनका कड़ा विरोध। साल 2019 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने मोजतबा खामेनेई पर प्रतिबंध लगाए थे और आरोप लगाया था कि वे बिना किसी औपचारिक सरकारी पद के भी सर्वोच्च नेता की ओर से प्रभावी भूमिका निभा रहे थे।

ईरान के संविधान के अनुसार, देश के सर्वोच्च नेता का चयन 88 सदस्यीय धार्मिक निकाय 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' करती है। यह निकाय संभावित उम्मीदवारों की धार्मिक, राजनीतिक और नेतृत्व संबंधी योग्यता का मूल्यांकन करता है। हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि व्यवहार में यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र नहीं मानी जाती और सत्ता प्रतिष्ठान का इसमें महत्वपूर्ण प्रभाव होता है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here