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ह्यूमन रंगोली अन्तर्गत महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता मुखी की विशाल प्रतिकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान अन्तर्गत निर्मित रंगोली की सराहना

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रोजेक्ट चीता के 4 वर्ष पूर्ण होने पर श्योपुर में 1,000 से अधिक महिलाओं एवं छात्राओं द्वारा ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाना अद्भुत और प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत नारी शक्ति की यह अनूठी पहल वन्य जीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आइए, हम सभी प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लें।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को श्योपुर जिले के कूनों में चीता पुर्नस्‍थापना प्रोजेक्‍ट की शुरूआत की थी। कूनों में चीतों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। मप्र अब चीता स्‍टेट भी बन गया है। प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है।

सेवा संकल्प अभियान अन्तर्गत शुक्रवार को श्योपुर जिले के ढेगदा स्थित क्रीडा परिसर में ह्युमन रंगोली के माध्यम से भारत में जन्मी मादा चीता ‘‘मुखी’’ की भव्य एवं आकर्षक विशाल प्रतिकृति बनाई गई। क्रियेटिव श्योपुर अंतर्गत बनाई गई इस ह्युमन रंगोली में महिला बाल विकास विभाग एवं एनआरएलएम से जुडी एक हजार से अधिक महिलाओं तथा कन्या आदिवासी परिसर की छात्राओं द्वारा चीते के मुख रंग आधारित परिधान पहनकर यह विशाल ह्यूमन रंगोली बनाई गई है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को महिला शक्ति, एकजुटता और वन्य जीव संरक्षण के संदेश से विशेष रूप से जोडा है।

'मुखी' के बारे में

मादा चीता ‘‘मुखी’’ का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है। मुखी के नाम यह इतिहास दर्ज है कि 70 साल बाद भारत की धरती पर जन्म लेने वाली वह पहली चीता है, इसलिए चीता मुखी भारत में जन्मे पहली चीता पीढ़ी की खास पहचान है। नवंबर 2025 में मादा चीता 'मुखी' ने पांच शावकों को जन्म दिया। यह भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। मादा चीता मुखी तीन साल की आयु पूर्ण कर चुकी है।

 

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