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चितकारा यूनिवर्सिटी छात्रा मामले में महिला आयोग ने लिया संज्ञान, पुलिस-प्रबंधन से जवाब तलब

पटियाला.

पटियाला के राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में छात्राओं से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल खबरों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मामले में पंजाब राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पटियाला के डिप्टी कमिश्नर (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को नोटिस जारी कर 30 सितंबर 2026 तक पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

महिला आयोग ने 4 बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट –
1. शिकायत मिली तो क्या कार्रवाई की? आयोग ने पूछा है कि यूनिवर्सिटी के कैंपस या हॉस्टल से किसी छात्रा के लापता होने, घायल होने या किसी अप्रिय घटना की पुलिस शिकायत मिली है या नहीं। यदि शिकायत मिली है, तो उसकी कॉपी और अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी।
2. कैंपस और हॉस्टल में सुरक्षा के क्या इंतजाम? छात्रों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंताएं जताई थीं। आयोग ने पूछा है कि इन चिंताओं को दूर करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस और हॉस्टल में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए हैं।
3. वायरल खबरों और अफवाहों की जांच कहां तक पहुंची? सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट खबरों, वीडियो और अफवाहों की सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है। आयोग ने जांच की मौजूदा स्थिति और अफवाहों के स्रोत से जुड़ी जानकारी मांगी है।
4. भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या योजना? आयोग ने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और परिसर में दोबारा ऐसी स्थिति पैदा होने से रोकने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों की जानकारी मांगी है। भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के उपायों का ब्योरा देना होगा।

क्या था पूरा मामला?
राजपुरा स्थित चितकारा यूनिवर्सिटी में 25-26 सितंबर 2026 की रात सोशल मीडिया पर हॉस्टल में भूत होने, छात्राओं के सुसाइड करने और कुछ छात्राओं के लापता होने की अफवाहें वायरल हुई थीं। खबरों से घबराकर सैकड़ों छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल से बाहर निकल आए और कैंपस में विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रा की मृत्यु और आत्महत्या से जुड़े दावों को खारिज कर अफवाह बताया

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