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श्रमिकों को मिलेगा सम्मान और 2 लाख रुपये का पुरस्कार, 5 अक्टूबर तक करें आवेदन

श्रमिक सुरक्षा और उत्कृष्ट कार्य को मिलेगा सम्मान, 2 लाख रुपये का ‘श्रम यशस्वी पुरस्कार’

श्रम जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिक एवं संस्थाएं 5 अक्टूबर तक कर सकेंगे आवेदन

श्रमिकों और संस्थाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र सहित मिलेगा पुरस्कार

रायपुर, 
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार-2025-26 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पुरस्कार के तहत चयनित श्रमिक अथवा संस्था को 2 लाख रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

यह पुरस्कार उन श्रमिकों एवं संस्थाओं को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि में श्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य किया हो। विशेष रूप से ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे मजदूरों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए प्रभावी उपाय किए गए हों और जिनके परिणामस्वरूप पूरे वर्ष में कोई गंभीर दुर्घटना न हुई हो।

इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा सुरक्षित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान करने वाले श्रमिकों एवं संस्थाओं को भी पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। ऐसे प्रयास, जिनसे प्रदेश का नाम श्रम जगत में गौरवान्वित हुआ हो, पुरस्कार के लिए महत्वपूर्ण आधार होंगे।

5 अक्टूबर तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

श्रम विभाग द्वारा पात्र श्रमिकों एवं संस्थाओं से 5 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

इच्छुक श्रमिक एवं संस्थाएं श्रम विभाग की वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in/alankaran.aspx के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पुरस्कार से संबंधित नियम, पात्रता, प्रक्रिया एवं आवेदन प्रपत्र भी इसी वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं।

सुरक्षित कार्य संस्कृति को मिलेगा प्रोत्साहन

‘श्रम यशस्वी पुरस्कार’ श्रम के क्षेत्र में उत्कृष्टता, श्रमिक सुरक्षा और स्वस्थ कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पुरस्कार के माध्यम से उन श्रमिकों एवं संस्थाओं के प्रयासों को सार्वजनिक पहचान मिलेगी, जो कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, श्रमिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और सुरक्षित कार्य वातावरण के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

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