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योगी सरकार पौधरोपण अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए, नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को को जनांदोलन बनाया जाए

 अयोध्या 

उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई को इतिहास रचने का दावा किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 37 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा. यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या और आजमगढ़ में पौधरोपण कर इस महाअभियान का शुभारंभ करेंगे. इसी दिन प्रदेश के सभी मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने जिलों में पौधरोपण कर इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनेंगे. प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी विभागों और नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को जनांदोलन बनाया जाए. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बाराबंकी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मेरठ और ब्रजेश पाठक लखनऊ में पौधरोपण करेंगे. वहीं, वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना अयोध्या और आजमगढ़ में सीएम के साथ मौजूद रहेंगे.

सभी 18 मंडलों में चलेगा अभियान

पौधरोपण महाभियान प्रदेश के सभी 18 मंडलों में एक साथ संचालित किया जाएगा. लखनऊ मंडल में सर्वाधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सभी मंडलों में विभागीय समन्वय, नोडल अधिकारियों की तैनाती और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है.

वन विभाग लगाएगा सबसे अधिक पौधे

महाअभियान में वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है. विभाग की ओर से 14 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा, जो इस अभियान का सबसे बड़ा हिस्सा होगा. इसके लिए विभाग ने नर्सरियों में पौधों की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही कर ली है.

थीम आधारित ‘हरियाली वन’ की स्थापना होगी

पौधरोपण अभियान के दौरान थीम आधारित विशेष वन क्षेत्रों की भी स्थापना की जाएगी. इनमें शामिल हैं.अटल वन (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में), शौर्य वन (सैनिकों की वीरता को समर्पित), एकता वन (राष्ट्रीय एकता के प्रतीक), त्रिवेणी वन (पवित्र नदियों के संगम की प्रेरणा से) इन स्थलों पर विशेष देखरेख और जनभागीदारी के साथ पौधरोपण किया जाएगा ताकि ये स्थान भविष्य में पर्यावरणीय पर्यटन और जनजागरूकता के केंद्र बन सकें.

गरीबों को जोड़ेगी 'सहजन भंडारा योजना'

अभियान में गरीब और पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'सहजन भंडारा योजना' चलाई जा रही है. इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के लाभार्थियों द्वारा सहजन के दो-दो पौधे रोपे जाएंगे. इस कदम से पर्यावरणीय संवेदनशीलता के साथ सामाजिक समावेशिता को भी बल मिलेगा.

नदियों के किनारे 3.5 करोड़ पौधों से हरियाली का घेरा

अभियान के तहत प्रदेश की 13 प्रमुख नदियों, जिनमें गंगा, यमुना, सरयू, राप्ती, घाघरा आदि शामिल हैं, के किनारे 21313.52 हेक्टेयर भूमि पर 3.56 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. इसका उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना है, बल्कि नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण भी करना है.

एक्सप्रेसवे और सड़कों पर भी होगा वृक्षारोपण

प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे और सड़क मार्गों के किनारे भी विशेष वृक्षारोपण किया जाएगा. इसके तहत 1.14 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जिससे न केवल सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि वायु प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. 2.50 लाख पौधे विशेष रूप से एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए जाएंगे.

तैयारियों को मिला अंतिम रूप

मुख्यमंत्री के निर्देश पर नामित नोडल अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अफसरों ने अपने-अपने जिलों में पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया. अभियान के तहत मुख्यमंत्री जनसंवाद करेंगे और पर्यावरणीय प्रयासों में सहभागी सात किसानों को कार्बन क्रेडिट के तहत चेक भी सौंपेंगे. यह पहल ना सिर्फ हरियाली बढ़ाएगी, बल्कि हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी देगी.

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