samacharsecretary.com

बाढ़ में योगी सरकार का राहत अभियान जारी, 6.83 लाख लंच पैकेट व 1.11 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट बांटे

लखनऊ

योगी सरकार ने प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच राहत और बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ तेज कर दिया है। बाढ़ प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था, मौके पर तैनात राहत टीमें और प्रभावित लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाने के कारण प्रशासनिक अमला लगातार सक्रिय है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अब तक 6.83 लाख से अधिक लंच पैकेट व 1.11 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट जरूरतमंदों तक पहुंचाए जा चुके हैं। वहीं 19,496 प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। साथ ही बाढ़ से जनहानि शून्य है।

राहत एवं बचाव अभियान के तहत अब तक स्थापित बाढ़ चौकियों की संख्या 1,634 की जा चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 1,072 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। वहीं, राहत और बचाव कार्यों के लिए 2,161 नाव एवं मोटरबोट राहत अभियान में जुटी हुईं हैं।

योगी सरकार के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभियान भी जारी है। सोमवार को 6,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि अब तक 19,496 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा चुका है। प्रभावितों के लिए 1,315 शरणालय स्थापित किए गए हैं।

भोजन और राहत सामग्री पहुंचाने में भी प्रशासन पूरी सक्रियता दिखा रहा है। अब तक 1.11 लाख से अधिक बाढ़ राहत किट और 6.83 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अब तक 6.68 लाख क्लोरीन टैबलेट और 2.60 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट भी वितरित किए गए हैं।

बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 1,490 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है, जिसके सापेक्ष कुल 1,272 मामलों में सहायता दी जा चुकी है।

प्रभावित जिले
अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here