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मंत्री सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया

भोपाल   सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर के प्रत्येक खंड का बारीकी से अवलोकन किया और निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिये कि निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से और निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और शासकीय सांदीपनि विद्यालय इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सांदीपनि विद्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो न केवल सरकारी शिक्षा को मजबूती देगा, बल्कि निजी विद्यालयों की तुलना में कहीं अधिक सुव्यवस्थित और उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंदपुरा में बन रहा यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा। गाइडलाइन के अनुरूप हो बैठक व्यवस्था मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सांदीपनि विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार, समावेश और आधुनिकता सुनिश्चित हो सके। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय भवन में शाला कक्षों की बैठने की व्यवस्था का पुन: परीक्षण किया जाए और निर्माण कार्य पूरी तरह गाइडलाइन के अनुरूप हो। सांदिपनी विद्यालय में विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने कहा कि गोविंदपुरा शासकीय सांदीपनि विद्यालय को मॉडल स्कूल एवं स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की वरीयता के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और समग्र विकास के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में आधुनिक क्लासरूम के साथ विज्ञान, गणित, कम्प्यूटर जैसे विषयों की प्रयोगशालाएं भी स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेल मैदान, बास्केटबॉल कोर्ट, पुस्तकालय, डिजिटल शिक्षण कक्ष, और स्वच्छता की दृष्टि से पर्याप्त संख्या में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

अहमदाबाद-जयपुर समेत कई शहरों में ED की रेड, साइबर फ्रॉड में करोड़ों की बरामदगी

जयपुर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मुंबई शाखा ने एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अहमदाबाद, जयपुर, जबलपुर और पुणे स्थित कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी एक जाली लोन स्कीम से जुड़े चल रहे मामले की जांच के सिलसिले में की गई है, जिसके जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा था। ईडी ने इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकदी और बहुमूल्य धातुएं जब्त की हैं। ईडी के अधिकारियों ने इस अभियान के दौरान 7 किलोग्राम सोना, 62 किलोग्राम चांदी, 1.18 करोड़ रुपए नकद और 9.2 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए। इसके साथ ही, फर्जी कॉल सेंटर के संचालन से जुड़े कई अहम डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं, जिनसे इस पूरे रैकेट की कार्यप्रणाली का पता चलेगा। जांच एजेंसी ने इस मामले में मुख्य आरोपी फर्म 'मैग्नाटेल बीपीएस कंसल्टेंट्स एंड एलएलपी' के दो पार्टनर्स संजय मोरे और अजीत सोनी को जयपुर से गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर भारत से संचालित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी गिरोह को चलाने का आरोप है। माना जा रहा है कि यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों को कम ब्याज पर फर्जी लोन देने का झांसा देकर उनसे प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर पैसे ऐंठता था। ईडी की यह कार्रवाई भारत में स्थित कॉल सेंटरों के जरिए होने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद इस रैकेट से जुड़े और भी लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद है। ईडी के सूत्रों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और बरामद की गई संपत्तियों की कीमत अभी बढ़ सकती है।

सोनम केस में नई पहल: भाई ने लौटाए गहने, दहेज वापसी से किया इंकार

इंदौर ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने सोनम के भाई गोविंद से आभूषण वापस ले लिए है। राजा के परिवार ने सोनम (बहू) के लिए उसकी पसंद से ही शादी में आभूषण बनवाए थे। इसकी बाकायदा राजेंद्र नगर थाने में लिखापढ़ी भी करवाई गई है। हालांकि गोविंद ने राजा को दी कार, वाशिंग मशीन, फ्रीज लेने से इनकार कर दिया है।   11 मई को सोनम और राजा की हुई थी शादी बता दें कि सहकार नगर (केट रोड़)निवासी 30 वर्षीय राजा रघुवंशी की गोविंनगर (खारचा) निवासी सोनम से 11 मई को शादी हुई थी। 20 मई को दोनों हनीमून मनाने मेघालय गए और सोनम ने आकाश, आनंद व विशाल उर्फ विक्की के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी। राजा के भाई विपिन के मुताबिक सोनम से उनका कोई रिश्ता नहीं रहा। उन्होंने बहू मानकर उसकी पसंद से सोना-चांदी के आभूषण बनवाए थे। कुछ दिनों पूर्व गोविंद से कहा था कि वह शादी में चढ़ाए आभूषण लौटा दे। गोविंद ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। कभी चाबी न मिलने का बहाना बनाया तो कभी कहा कि वह माता-पिता से पूछकर बताएगा। विपिन ने इसकी राजेंद्र नगर थाने में की शिकायत सोनम के भाई द्वारा कॉल न उठाने पर उसने पुलिस से कॉल लगवाया और गोविंद को थाने तलब किया। गोविंद रघुवंशी समाज के पदाधिकारी और पिता देवी सिंह के साथ पहुंचा और उनकी मौजूदगी में सोने का हार, रानी हार, टीका, चूड़ियां, पायल, बिछुड़ी व अंगूठी लौटा दी। विपिन के मुताबिक आभूषणों की कीमत करीब 10 लाख रुपये है और मंगलसूत्र, पायल, बिछुड़ी और अंगूठी शिलांग के ईस्ट खासी हिल्स थाने में जब्त है। सोनम के भाई ने नहीं मांगी कार और इलेक्ट्रानिक सामान गोविंद ने कहा उसने भी शादी में कार और वाशिंग मशीन, फ्रीज व अन्य सामान उपहार स्वरुप दिए थे। लेकिन उसने सामान वापस लेने से इनकार कर दिया। देवी सिंह ने कहा सामान बेटी को कन्यादान के रुप में दिया था। वह हम कभी नहीं लेंगे। कार 4 लाख रुपये जमा करवा कर फाइनेंस करवाई थी। विपिन ने कहा कार राजा के नाम से है और उसकी किस्तें वह भरता है।

कोचिंग इंडस्ट्री पर उपराष्ट्रपति की कड़ी टिप्पणी, कहा– अब ये ‘पोचिंग सेंटर’ बन चुके हैं

कोटा भारत के उपराष्ट्रपति, जगदीप धनखड़ ने आज कहा, “कोचिंग सेंटर अब ‘पोचिंग सेंटर’ बन चुके हैं। ये सुदृढ़ सांचों में प्रतिभा को जकड़ने वाले काले छिद्र बन गए हैं। कोचिंग सेंटर अनियंत्रित रूप से फैल रहे हैं, जो हमारे युवाओं के लिए, जो कि हमारे भविष्य हैं—एक गंभीर संकट बनता जा रहा है। हमें इस चिंताजनक बुराई से निपटना ही होगा। हम अपनी शिक्षा को इस तरह कलंकित और दूषित नहीं होने दे सकते।” धनखड़ ने आगे कहा, “अब देश किसी सैन्य आक्रमण से नहीं, बल्कि विदेशी डिजिटल बुनियादी ढांचे पर निर्भरता से कमजोर और पराधीन होंगे। सेनाएं अब एल्गोरिद्म में बदल गई हैं। संप्रभुता की रक्षा का संघर्ष अब तकनीकी स्तर पर लड़ा जाएगा।” उपराष्ट्रपति ने तकनीकी नेतृत्व को नई राष्ट्रभक्ति का आधार बताते हुए कहा, “हम एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं—एक नए राष्ट्रवाद के युग में। तकनीकी नेतृत्व अब देशभक्ति की नई सीमा रेखा है। हमें तकनीकी नेतृत्व में वैश्विक अगुवा बनना होगा।” धनखड़ ने रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आयात-निर्भरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “यदि हम रक्षा के क्षेत्र में बाहर से तकनीकी उपकरण प्राप्त करते हैं, तो वह देश हमें ठहराव की स्थिति में ला सकता है।” डिजिटल युग में बदलती वैश्विक शक्ति संरचनाओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, “21वीं सदी का युद्धक्षेत्र अब भूमि या समुद्र नहीं है। पारंपरिक युद्ध अब अतीत की बात हो गई है। आज हमारी शक्ति और प्रभाव ‘कोड, क्लाउड और साइबर’ से तय होते हैं।” भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), कोटा, राजस्थान के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए श्री धनखड़ ने कहा, “हम गुरुकुल की बात कैसे न करें? हमारे संविधान की 22 दृश्य-प्रतिमाओं में एक गुरुकुल की छवि भी है। हम सदैव ज्ञानदान में विश्वास रखते आए हैं। कोचिंग सेंटर को अपने ढांचे का उपयोग कौशल केंद्रों में परिवर्तित करने के लिए करना चाहिए। मैं नागरिक समाज और जनप्रतिनिधियों से आग्रह करता हूं कि इस समस्या की गंभीरता को समझें और शिक्षा में पुनर्संयम लाने हेतु एकजुट हों। हमें कौशल आधारित कोचिंग की आवश्यकता है।” धनखड़ ने अंकों की होड़ के दुष्परिणामों पर चेताते हुए कहा, “पूर्णांक और मानकीकरण के प्रति जुनून ने जिज्ञासा को खत्म कर दिया है, जो कि मानव बुद्धिमत्ता का एक स्वाभाविक अंग है। सीटें सीमित हैं लेकिन कोचिंग सेंटर हर जगह फैले हुए हैं। वे वर्षों तक छात्रों के मन को एक ही ढर्रे में ढालते हैं, जिससे उनकी सोचने की शक्ति अवरुद्ध हो जाती है। इससे कई मनोवैज्ञानिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।” छात्रों को अंकों से ऊपर सोचने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा, “आपकी मार्कशीट और अंक आपको परिभाषित नहीं करेंगे। प्रतिस्पर्धी दुनिया में प्रवेश करते समय, आपका ज्ञान और सोचने की क्षमता ही आपको परिभाषित करेगी।” डिजिटल क्षेत्र की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “एक स्मार्ट ऐप जो ग्रामीण भारत में काम नहीं करता, वह पर्याप्त स्मार्ट नहीं है। एक एआई मॉडल जो क्षेत्रीय भाषाओं को नहीं समझता, वह अधूरा है। एक डिजिटल उपकरण जो दिव्यांगों को शामिल नहीं करता, वह अन्यायपूर्ण है।” युवाओं से स्थानीय समाधान को वैश्विक स्तर तक ले जाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “भारत के युवाओं को टेक्नोलॉजी की दुनिया के सजग संरक्षक बनना चाहिए। हमें भारत के लिए भारतीय प्रणालियां बनानी होंगी और उन्हें वैश्विक बनाना होगा।” डिजिटल आत्मनिर्भरता में भारत को अग्रणी बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “हमें अपनी डिजिटल नियति के निर्माता बनना होगा और अन्य देशों की नियति को भी प्रभावित करना होगा। हमारे कोडर, डेटा वैज्ञानिक, ब्लॉकचेन इनोवेटर और एआई इंजीनियर आज के राष्ट्र निर्माता हैं। भारत, जो कभी वैश्विक अग्रणी था, अब केवल उधार की तकनीक का उपयोगकर्ता बनकर नहीं रह सकता। पहले हमें तकनीक के लिए वर्षों प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। अब यह समय सप्ताहों में सिमट गया है। हमें तकनीक का निर्यातक बनना चाहिए।” धनखड़ ने शिक्षा को फैक्टरी की तरह संचालित करने की प्रवृत्ति का विरोध करते हुए कहा, “हमें इस असेंबली-लाइन संस्कृति को समाप्त करना होगा क्योंकि यह हमारी शिक्षा के लिए अत्यंत खतरनाक है। कोचिंग सेंटर राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के विपरीत हैं। यह विकास और प्रगति में बाधाएं उत्पन्न करता है।” उन्होंने कोचिंग सेंटरों द्वारा विज्ञापनों पर भारी खर्च की आलोचना करते हुए कहा, “अखबारों में विज्ञापनों और होर्डिंग्स पर भारी पैसा बहाया जाता है। यह पैसा उन छात्रों से आता है जो या तो कर्ज लेकर या बड़ी कठिनाई से अपनी पढ़ाई का खर्च उठाते हैं। यह धन का उपयुक्त उपयोग नहीं है। ये विज्ञापन भले ही आकर्षक लगें, पर हमारी सभ्यतागत आत्मा के लिए आँखों की किरकिरी बन गए हैं।” अपने उद्बोधन का समापन करते हुए उपराष्ट्रपति ने रटंत शिक्षा की संस्कृति की तीव्र आलोचना की: “हम आज रट्टा मारने की संस्कृति के संकट से जूझ रहे हैं, जिसने जीवंत मस्तिष्कों को केवल अस्थायी जानकारी के यंत्रवत भंडारों में बदल दिया है। इसमें न तो कोई आत्मसात है, न कोई समझ। यह रचनात्मक विचारकों की बजाय बौद्धिक ‘ज़ॉम्बी’ तैयार कर रहा है। रट्टा ज्ञान नहीं देता, केवल स्मृति देता है। यह डिग्रियों को गहराई के बिना जोड़ता है।” इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) ए.के. भट्ट, निदेशक प्रो. एन.पी. पाढ़ी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा- सुपोषित मध्यप्रदेश’ की दिशा में मजबूत क़दम

भोपाल गुजरात के केवड़िया में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित जोनल सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने राज्य में चल रहे योजनाओं, नवाचारों और ज़मीनी पहल का प्रभावशाली विवरण प्रस्तुत किया। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि “मध्यप्रदेश, अपनी जनजातीय बहुलता और भौगोलिक विविधता के बावजूद, महिलाओं और बच्चों के संपूर्ण सशक्तिकरण के लिये निरंतर प्रयासरत है। डिजिटल पारदर्शिता और नियुक्ति प्रणाली में सुधार मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे लगभग 19,500 पदों की पारदर्शी तरीके से पूर्ति हो रही है। यह प्रक्रिया हर छह माह में रिक्तियों के अनुसार नियमित रूप से संचालित की जाएगी। पोषण सुधार और तकनीकी नवाचार महिला बाल विकास मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि AIIMS भोपाल के सहयोग से पोषण ट्रैकर डेटा की गुणवत्ता में सुधार किया गया है।कार्यकर्ताओं के लिए नेत्र परीक्षण अभियान भी चलाया जा रहा है जिससे स्मार्टफोन आधारित ऐप संचालन में उन्हें सुविधा मिले।उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि झाबुआ जिले में “मोटी आई कार्यक्रम” और डिण्डौरी जिले में “रेवा प्रोजेक्ट” जैसे नवाचारों के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन में अद्भुत परिणाम मिल रहे हैं। बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु प्रशिक्षण “ सशक्त वाहिनी कार्यक्रम” के तहत अब तक 11,000 से अधिक बालिकाओं को निःशुल्क शारीरिक और शैक्षणिक प्रशिक्षण दिया गया है। कई बालिकाएं आज पुलिस, चिकित्सा एवं अन्य सेवाओं में चयनित होकर सेवा दे रही हैं। महिला सुरक्षा और सहायता सेवाओं का विस्तार हेल्पलाइन 181 और 1098 का ERSS-112 से तकनीकी एकीकरण जुलाई 2024 में सफलतापूर्वक किया गया।विगत छह महीनों में 86,000 से अधिक मामलों में 91% से अधिक का समाधान हुआ है।शक्ति निवास” के माध्यम से कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित आवास की सुविधा दी जा रही है। इंदौर में 100-बेड का नया शक्ति निवास तैयार है, प्रदेश के चार और शहरों में निर्माण जारी है। महिलाओं की आर्थिक उन्नति के लिये योजनाएं “ मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” के अंतर्गत हर माह 1.27 करोड़ महिलाओं को ₹1250 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक ₹38,000 करोड़ से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है। अटल पेंशन योजना से जोड़ने के लिए राज्य स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बाल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम “ मिशन वात्सल्य” के अंतर्गत चार बड़े जिलों में कंपोजिट शेल्टर होम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। “ मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना” के तहत गरीब परिवारों के बच्चों को ₹4000 प्रति माह की सहायता और आफ्टर केयर बच्चों को ₹5000 की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। केंद्रीय योजनाओं को मजबूत बनाने के लिये सुझाव मंत्री सुश्री भूरिया ने केन्द्र सरकार के समक्ष योजनाओं को और प्रभावशाली बनाने के लिये सुझाव भी रखे। उन्होंने कहा की  दरों को CPI के अनुसार संशोधित करने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि, 2019-20 से लंबित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की बहाली, प्री-स्कूल शिक्षा सामग्री में वृद्धि और ‘जादुई पिटारा’ जैसी पहल, PMMVY योजना में द्वितीय गर्भावस्था पर भी मातृत्व सहायता, शक्ति सदन एवं सखी केंद्रों के कर्मचारियों के वेतन में संशोधन, स्पॉन्सरशिप योजना में बजट वृद्धि, आफ्टर केयर लाभार्थियों की सहायता राशि में बढ़ोतरी आदि प्रमुख मुद्दे शामिल थे। 

डिजिटल इंडिया की ओर डाक विभाग का कदम, एटीपी एप और QR कोड से होगा पेमेंट आसान

कानपुर डिजिटल युग में डाक विभाग को स्मार्ट बनाया जा रहा है। इसके तहत आइटी 2.0 के तहत एटीपी (उन्नत डाक प्रौद्योगिकी) अप्लीकेशन की शुरुआत की जा रही है। ग्राहक क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। पोस्टमैन जीपीएस सुविधा के साथ वितरण कार्य करेंगे, ओटीपी आधारित वितरण कार्य होंगे, ग्राहक ऐप के माध्यम से डाक सेवाओं की प्रयोग कर सकेंगे, लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए भी क्यूआर कोड का उपयोग होगा। यह अप्लीकेशन प्रधान डाकघर नवाबगंज व उससे संबंधित डाकघरों में 15 जुलाई से लागू हो रही है। डिजिटल इंडिया-कैशलेस इंडिया के तहत डाकघरों में ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने तथा उनको आधुनिक बनाने के लिए एटीपी यानी उन्नत डाक प्रौद्योगिकी की शुरूआत की जा रही है। इससे डाक कर्मियों का काम आसान होगा, साथ ही ग्राहकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। प्रवर डाक अधीक्षक मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नई एटीपी अप्लीकेशन के डेटा माइग्रेशन, सिस्टम अपडेट करने के दौरान 14 जुलाई को प्रधान डाकघर नवाबगंज व उससे संबंधित डाकघरों में सार्वजनिक लेनदेन नहीं किया जाएगा। एटीपी अप्लीकेशन को ग्राहकों के अनुकूल बनाने के साथ बेहतर व तेज सेवाओं के लिए डिजायन किया गया है। यह अप्लीकेशन डाक विभाग को आधुनिक बनाने और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

नीतीश सरकार पर चिराग का हमला, कहा– बिहार में मर्डर आम बात बन गया है

पटना केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। चिराग ने शनिवार को ट्वीट कर बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और पूछा कि और कितने बिहारी हत्याओं की भेंट चढ़ेंगे। बता दें कि बिहार में आगामी महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष जहां कानून व्यवस्था को मुद्दा बना रहा है। वहीं, दूसरी ओर सत्ताधारी गठबंधन के घटक दल लोजपा-आर के मुखिया चिराग भी आपराधिक घटनाओं पर अपनी सरकार को घेरने में लगे हुए हैं। चिराग का हालिया पोस्ट सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें उन्होंने लिखा, "बिहारी अब और कितनी हत्याओं की भेंट चढ़ेंगे? समझ से परे है कि बिहार पुलिस की जिम्मेदारी क्या है?" बता दें कि बिहार में लगातार हत्या समेत अन्य आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। पिछले दिनों पटना में नामी कारोबारी गोपाल खेमका को गोलियों से भून दिया गया था। दो दिन पहले पटना जिले में ही बालू कारोबारी रमाकांत यादव को मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद शुक्रवार रात तृष्णा मार्ट के मालिक विक्रम झा की राजधानी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। अन्य जिलों में भी आए दिन हत्याकांड बिहार में एक के बाद एक हो रही हत्याओं पर चिराग पासवान ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब चिराग ने अपनी ही सरकार के प्रशासन को घेरा है। इससे पहले मुजफ्फरपुर की दलित बच्ची से रेप होने और पटना के पीएमसीएच में समय पर इलाज न मिलने से उसकी मौत होने पर भी लोजपा-आर के प्रमुख ने नीतीश सरकार को घेरा था। उस घटना को चिराग ने पूरा सिस्टम फेलियर बताया था। बता दें कि लोजपा-आर आगामी विधानसभा का चुनाव बीजेपी, जेडीयू समेत अन्य दलों के साथ एनडीए में रहकर ही लड़ेगी। चिराग पासवान भी केंद्र की राजनीति छोड़कर बिहार में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वे लगातार क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उनकी आरा, राजगीर, छपरा में रैलियां हो चुकी हैं। एनडीए में सीट बंटवारे से पहले वे सहयोगियों को ताकत दिखाने में जुटे हुए हैं।  

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा- विकास सतत प्रक्रिया है

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि विकास सतत प्रक्रिया है, जो समय और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर चलती रहती है। यही कारण है कि नरेला विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड, कॉलोनी और मोहल्ले में निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे यहाँ के नागरिकों को बेहतर जीवन, आधारभूत सुविधाएँ और स्वच्छ पर्यावरण मिल सके। मंत्री श्री सारंग ने शनिवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड-39 के ऐशबाग स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि वर्ष 2008 के पहले नरेला विधानसभा में पक्की सड़कों का अभाव था, नालियां नहीं थीं और पीने के पानी के लिए नागरिकों को टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नरेला क्षेत्र की हर सड़क पक्की हो चुकी है। कॉलोनियों का समुचित ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया गया है और नालों का व्यवस्थित चैनलाइजेशन कर जल-भराव की समस्या को पूरी तरह समाप्त किया गया है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ‘विकास’ ही हमारा ध्येय है। चाहे वह सड़क हो, सीवेज हो, जल-प्रबंधन हो या सामुदायिक सुविधाएँ, हर क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, वरिष्ठजन, समाजसेवी एवं पार्षद उपस्थित रहे।  

मोदी के नेतृत्व की तारीफ में शिवराज का बयान– ऐसा विजन दुर्लभ होता है

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के युवाओं को बड़ी सौगात दी। देश के 47 शहरों में आयोजित हुए रोजगार मेले में 51 हजार से भी ज्यादा युवक-युवतियों को नियुक्ति पत्र बांटे गए। पीएम मोदी ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवाओं को संबोधित भी किया। रोजगार मेले पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम मोदी का विजन भारत के लिए वरदान है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का महायज्ञ पीएम मोदी के नेतृत्व में चल रहा है। सभी क्षेत्रों में व्यापक काम हो रहा है। पीएम मोदी का कार्यकाल स्वर्णिम काल है जिसमें 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आ चुके हैं। रोजगार की दिशा में 10 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया गया है। 51 हजार से अधिक युवाओं को रेलवे सहित अन्य विभागों में नौकरी प्रदान की गई है। युवाओं के चयन में पूरी तरह से पारदर्शिता रखी गई है। बिना पर्ची खर्ची के योग्यता के आधार पर नियुक्ति पत्र दिए गए। यह युवा विकसित भारत के संकल्प में पीएम मोदी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'रोजगार मेला' के अंतर्गत केंद्र सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में चयनित देशभर के 51,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'विकसित भारत' का महायज्ञ चल रहा है। 'रोजगार मेला' से युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिली है और देश का हर युवा नई उम्मीद तथा नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में मैंने भोपाल में आयोजित रोजगार मेला कार्यक्रम में सम्मिलित होकर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र सौंपे और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ युवाओं की प्रतिभा का सम्मान मोदी सरकार की पहचान है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारा यही प्रयास है कि देश का हर युवा सशक्त हो, सम्मान के साथ रोजगार पाए और विकसित भारत के निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे। उन्होंने कहा कि आज आपको नियुक्ति पत्र मिले हैं। यह केवल नौकरी या आजीविका नहीं है, यह राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के महायज्ञ में आहुति देने के लिए आपको चुना गया है। एक बड़ा काम आपको मिला है। शासकीय सेवा केवल करियर नहीं है। शासकीय सेवा का मतलब है-जो काम आपको मिला है, उसे प्रमाणिकता और ईमानदारी के साथ जनता और देश के लिए करना। नियुक्ति पत्र पाने के बाद एक व्यक्ति ने कहा कि मैं गाजियाबाद से आया हूं और मुझे रेलवे में तकनीशियन के पद पर नौकरी मिल गई है। मैं पीएम मोदी का आभार जताना चाहता हूं कि यह नियुक्ति पत्र इतने बड़े कार्यक्रम में मिला है। यहां पर दूसरे लोगों से मिलकर काफी अच्छा लगा है।

राहुल शतक लगाकर आउट, जडेजा-नीतीश ने इंग्लिश गेंदबाजों को किया परेशान

लॉर्ड्स भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 387 रन बनाए, इसके जवाब में भारत ने पहली पारी में पांच विकेट गंवा दिए हैं। ऋषभ पंत 112 गेंद में 74 रन बनाकर रन आउट हुए। राहुल और पंत के बीच चौथे विकेट के लिए 198 गेंद में 141 रन की साझेदारी हुई। केएल राहुल 100 रन बनाकर शोएब बशीर का शिकार हुए। तीसरे दिन टी ब्रेक तक नीतीश रेड्डी (25) और रविंद्र जडेजा (40) क्रीज पर मौजूद हैं। टी ब्रेक तक भारत ने बनाए 316 रन भारत ने तीसरे दिन दूसरे सेशन तक पांच विकेट खोकर 316 रन बना लिए हैं। दूसरे सेशन में भारत ने केएल राहुल का विकेट गंवाया है। जडेजा और नीतीश क्रीज पर मौजूद हैं।