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तकनीकी कारणों से जयपुर-दुबई उड़ान में फिर देरी, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

जयपुर  जयपुर एयरपोर्ट पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ गया है। रविवार को जयपुर से दुबई जाने वाली स्पाइसजेट एयरलाइंस की फ्लाइट SG-57 को तकनीकी कारणों से आखिरी वक्त पर 8 घटें 30 मिनट के लिए शेड्यूल करना पड़ा। इस बदलाव से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। फ्लाइट SG-57 को सुबह 9:30 बजे जयपुर से दुबई के लिए रवाना होना था और दोपहर 12:55 बजे दुबई पहुंचना था। लेकिन दुबई से जयपुर आने वाली इनकमिंग फ्लाइट SG-58 में तकनीकी परेशानी के कारण देरी हो गई, जिसके चलते SG-57 को भी देर से उड़ान भरनी पड़ेगी। अब यह फ्लाइट शाम 6 बजे दुबई के लिए रवाना होगी। दुबई से जयपुर आने वाली फ्लाइट भी लेट स्पाइसजेट की दुबई-जयपुर फ्लाइट SG-58 भी निर्धारित समय से काफी पीछे चल रही है। इसे सुबह 3:40 बजे दुबई से उड़ान भरनी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से यह फ्लाइट करीब 8 घंटे 20 मिनट की देरी से दोपहर 12 बजे रवाना हो सकी। अब इसके शाम 4:45 बजे जयपुर पहुंचने की संभावना है। एयरलाइन द्वारा अचानक किए गए शेड्यूल बदलाव से जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ा। दुबई जाने वाले कई यात्री सुबह 7 बजे से ही एयरपोर्ट पर मौजूद थे, जिन्हें अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। यह पहली बार नहीं है जब जयपुर एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ हो। इससे पहले भी तकनीकी कारणों और संचालन बाधाओं के चलते कई फ्लाइट्स में देरी या रद्दीकरण की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – वैष्णव ब्राह्मण समाज का रहा है गौरवशाली इतिहास

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय), मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में वैष्णव ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। इस समाज की विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में दानशीलता की अद्भुत मिसालें स्थापित की हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में वैष्णव ब्राह्मण समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज के प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज ने सनातन धर्म को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह समाज केवल पुरोहित कर्म से ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में भी सक्रिय रहा है। दानशीलता की महान परंपरा का परिचय देते हुए इस समाज ने कभी राजपाट तक दान कर दिए। राजनांदगांव की वैष्णव ब्राह्मण रियासत इसका अनुपम उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डेढ़ वर्ष के भीतर हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को अमल में लाकर पूर्ण किया है। छत्तीसगढ़, प्रभु श्रीराम का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का लंबा समय यहीं व्यतीत किया था। हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अपनी आस्था के अनुसार तीर्थ स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। दिव्यांगजनों, विधवाओं और परित्यक्ताओं के लिए इस योजना में अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प लिया गया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रसर होना है। इस कार्य में वैष्णव ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समाज संगठित रहकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज एक दूरदर्शी और कल्पनाशील समाज है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव से विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस समाज के ऐतिहासिक योगदान को निकटता से देखा है। उच्च शिक्षा, रेलवे, उद्योग और पेयजल व्यवस्था के विकास में राजनांदगांव के राजपरिवार ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। महंत दिग्विजय दास जी ने महाविद्यालय के लिए अपना महल दान किया, रेलवे के लिए विशाल भूमि दी, और बीएनसी कॉटन मिल की स्थापना की, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला। महंत घासीदास जी ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क भूमि देने की घोषणा की थी। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज सनातन धर्म की ध्वजवाहक है। इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के आयोजन से समाज और अधिक एकजुट होकर आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पी. एल. बैरागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल जे. के. वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष राकेश दास वैष्णव, विजय कुमार दास, राघवेंद्र दास वैष्णव, डॉ. सौरभ निर्वाणी, अंजना देवी वैष्णव, रजनीश वैष्णव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

हाई प्रोटीन डाइट बना रही है युवाओं को बीमार? जानें डॉक्टरों की राय

आजकल फिट रहने का जुनून हर किसी पर हावी है। जिम जाना, प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेना और हाई प्रोटीन डाइट फॉलो करना यंगस्टर्स में एक आम ट्रेंड बन गया है। मसल्स बनाने और वजन कम करने के लिए प्रोटीन को 'सुपरफूड' माना जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस प्रोटीन को आप अपनी सेहत का दोस्त समझ रहे हैं, वो कम उम्र में ही आपके दिल का दुश्मन बन सकता है? जी हां, डॉक्टर्स अब इस बात को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले? पहले हार्ट अटैक को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन आजकल 20, 30 और 40 की उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके कई कारण हैं, जिनमें तनाव, खराब लाइफस्टाइल, धूम्रपान, शराब, मोटापा और अनहेल्दी खान-पान शामिल हैं, लेकिन अब एक नया और चौंकाने वाला कारण सामने आ रहा है- जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन, खासकर सप्लीमेंट्स के रूप में। हाई प्रोटीन डाइट और दिल का कनेक्शन डॉक्टर्स और शोधकर्ताओं का मानना है कि हाई प्रोटीन, खासकर एनिमल प्रोटीन और कुछ प्रोटीन सप्लीमेंट्स का ज्यादा सेवन, दिल की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।     कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी: कुछ एनिमल प्रोटीन स्रोतों में सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है, जिससे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ सकता है। यह कोलेस्ट्रॉल धमनियों में जमा होकर उन्हें संकरा कर देता है, जिससे खून का बहाव रुकता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।     किडनी पर दबाव: प्रोटीन को पचाने के लिए किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। अगर आप लंबे समय तक अत्यधिक प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो आपकी किडनी पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ सकता है, जिससे किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं जो अप्रत्यक्ष रूप से दिल पर भी असर डाल सकती हैं। एसिडोसिस का खतरा: बहुत अधिक प्रोटीन डाइट शरीर में एसिड का स्तर बढ़ा सकती है। यह शरीर के pH संतुलन को बिगाड़ सकता है, जिससे सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें दिल की समस्याएं भी शामिल हैं।     प्रोटीन सप्लीमेंट्स का काला सच: जिम जाने वाले कई युवा बिना डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह के प्रोटीन पाउडर का अत्यधिक सेवन करते हैं। कुछ रिसर्च बताती हैं कि बाजार में मिलने वाले कुछ प्रोटीन पाउडर और स्टेरॉयड दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। एक मामले में तो प्रोटीन सप्लीमेंट्स के ओवरडोज के कारण एक युवक का हार्ट फेल होने की नौबत आ गई थी। अचानक होने वाले हार्ट अटैक डॉक्टर के मुताबिक उन्होंने ऐसे कई 35 साल के 'फिट' लोगों का इलाज किया है जिन्हें हार्ट अटैक आया। उन्हें कोई लक्षण नहीं थे, कोई चेतावनी नहीं थी- बस एक टिक-टिक करता टाइम बम था जो कभी भी फट सकता था। यह हमें सिखाता है कि एथलेटिक होना हमेशा हेल्दी होने का सबूत नहीं है। कम बॉडी फैट का मतलब कम जोखिम नहीं है और एक सिक्स-पैक आपको प्लाक रप्चर (धमनी में जमा प्लाक का फटना) से नहीं बचा सकता है। अगर आपकी डाइट आपकी ब्लड वेसल्स की अंदरूनी परत (एंडोथेलियम) को नुकसान पहुंचा रही है, तो आपके बाइसेप्स कितने भी मजबूत क्यों न हों, इसका कोई फायदा नहीं। क्या है सेहत का असली मंत्र? असली सेहत चरम पर जाने में नहीं है, बल्कि यह संतुलन में है। अपनी डाइट में प्लांट-बेस्ड डाइट को शामिल करना और नियमित रूप से ब्लड टे्स्ट कराना बहुत जरूरी है। आपके टेस्ट के रिजल्ट्स ही बताएंगे कि आपका शरीर अंदर से कितना हेल्दी है। इसलिए, सिर्फ बाहर से फिट दिखने के बजाय, अपनी हार्ट हेल्थ पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है। एक बैलेंस डाइट ही आपको लंबी और हेल्दी जिंदगी दे सकती है।  

श्रमिकों की भलाई के लिए उठाया कदम, ‘श्री पहल’ से जुड़ेगा स्वास्थ्य और जागरूकता का मिशन

भोपाल  श्रम तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद सिंह पटेल के निर्देशानुसार श्रम विभाग श्रमिकों की भलाई और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से श्री (Shramik Health, Rejuvenation, Education and Enterprise) नाम से नई पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल के अंतर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य, जागरूकता और जीवनशैली सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम प्रस्तावित किए गए हैं। श्री के तहत मुख्य रूप से नशा न करने की पहल, दैनिक व्यायाम का महत्व और मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाव के लिए आहार नियंत्रण जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) तंत्र के साथ संबल योजना, श्रम कल्याण योजनाएं एवं निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड डेटाबेस का प्रभावी उपयोग किया जाएगा। इन विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से राज्य में बड़ी संख्या में श्रमिकों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाएगी। श्री पहल के अंतर्गत अब प्रत्येक मंगलवार को कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के सभी औषधालयों और चिकित्सालयों में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा श्रमिकों को निवारक स्वास्थ्य संदेशों से अवगत भी कराया जा रहा है। इस पहल के तहत प्रदेश के कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के 42 औषधालयों और 5 चिकित्सालयों में एक साथ स्वास्थ्य विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। भोपाल के सोनागिरी औषधालय, देवास अस्पताल, पीथमपुर औषधालय, मंडीदीप और अमलाई औषधालय में उच्च रक्तचाप और जीवनशैली में बदलाव पर चर्चा की गई। भोपाल केंद्र पर मुँह के कैंसर, मंदसौर और बुरहानपुर में मधुमेह, बिरलाग्राम नागदा में मधुमेह की बीमारी पर जानकारी दी गई। पीथमपुर में मोटापे के लक्षण, दुष्परिणाम और रोकथाम पर चर्चा हुई, वहीं रतलाम में मोटापा नियंत्रण और इंदौर के क्षय चिकित्सालय में उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों पर जानकारी दी गई। प्रदेश की सभी ईएसआई इकाइयों में एक साथ आयोजित इस परिचर्चा से 1200 से अधिक श्रमिक लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त, सीहोर जिला के महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भी युवाओं को हाइपरटेंशन, डायबिटीज, दिनचर्या बदलाव और नियमित व्यायाम के महत्व पर जागरूक किया गया।

लावरोव और किम की मुलाकात से बढ़ी रूस-उत्तर कोरिया की दोस्ती, पश्चिमी देशों पर तीखा संदेश

उत्तर कोरिया  रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की और अमेरिका, दक्षिण कोरिया तथा जापान को उत्तर कोरिया के खिलाफ सुरक्षा साझेदारी बनाने के सिलसिले में चेतावनी दी। लावरोव रूस तथा उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य व अन्य सहयोग को और प्रगाढ़ करने के वास्ते बातचीत के लिए उत्तर कोरिया के दौरे पर हैं। उन्होंने शनिवार को उत्तर कोरिया के पूर्वी शहर वोनसान में देश के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं। बैठक के दौरान किम ने यूक्रेन के खिलाफ संघर्ष में रूस द्वारा उठाए गए ‘‘सभी कदमों का बिना शर्त समर्थन और प्रोत्साहन'' देने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार समिति ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी' ने अपनी एक खबर में कहा कि किम ने कहा कि प्योंगयांग और मॉस्को गठबंधन के स्तर के अनुरूप सभी रणनीतिक मुद्दों पर समान विचार रखते हैं। केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, लावरोव ने दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपने ‘‘रणनीतिक एवं सामरिक सहयोग को और मजबूत करने तथा संयुक्त कार्रवाई को तेज करने'' का आह्वान किया। हाल के वर्षों में रूस और उत्तर कोरिया के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं।   उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में समर्थन देने के लिए सैनिकों और गोला-बारूद की आपूर्ति की है, जिसके बदले में उसे सैन्य और आर्थिक सहायता मिली है। उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चो सोन हुई के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में लावरोव ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान पर उत्तर कोरिया के चारों ओर सैन्य जमावड़ा करने का आरोप लगाया। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास' के अनुसार, लावरोव ने कहा, ‘‘हम इन संबंधों का इस्तेमाल उत्तर कोरिया और निश्चित रूप से रूस सहित किसी के भी खिलाफ गठबंधन बनाने को लेकर चेतावनी देते हैं।''    

जिस रास्ते पर कभी भाजपा ने रोका था रास्ता, अब कांग्रेस ने किया चक्काजाम

खैरागढ़ आठ वर्षों से मौत के गड्ढों में तब्दील हो चुकी डोंगरगढ़-खैरागढ़ मुख्य सड़क पर रविवार को कांग्रेस ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया. विरोध का नेतृत्व कर रहीं डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल खुद सड़क पर बैठ गईं. वर्षों से आवाजाही और विकास की राह रोक कर बैठी यह सड़क अब राजनीति का मंच बन चुकी है, जहां पहले भाजपा प्रदर्शन करती थी, अब वहीं कांग्रेस कर रही है. दरअसल, खैरागढ़ जिला मुख्यालय को धर्मनगरी डोंगरगढ़ और महाराष्ट्र से जोड़ने वाली यह सड़क ढारा से सिदार खपरी तक इतनी जर्जर है कि सड़क में गड्ढे नहीं, गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ रही है. बरसात में इन गड्ढों में पानी भरने से हादसों का डर बना रहता है. मां बमलेश्वरी और करेला भवानी मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसी खस्ताहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है. पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता का कहना है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की है और इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है. वहीं, विभागीय पत्राचार के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. सरकारी कागजों में सड़क बनी रहती है, जमीनी हकीकत में गड्ढे और धूल उड़ती रहती है. गड्डों वाली सड़क बनी फोटो खिंचवाने और बयानबाजी का मंच बीते पांच वर्षों में कांग्रेस की सरकार थी तो भाजपा ने इसी सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया, आज भाजपा की सरकार है तो कांग्रेस सवाल उठा रही है. इस बीच सड़क पर नारे बदलते गए, नेता बदलते गए, लेकिन गड्ढे वहीं के वहीं रह गए. यह सड़क अब जनता के लिए आवाजाही का मार्ग नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए फोटो खिंचवाने और बयानबाजी का मंच बन गई है. जब सत्ता में रहते हैं, तब फाइलें चुप रहती हैं, सड़कें टूटी रहती हैं. विपक्ष में जाते ही सड़कें भी याद आने लगती हैं, और जनता भी. इस सड़क पर गिरते संभलते लोगों के मन में अब सिर्फ एक सवाल है – सड़क कब बनेगी? या यह सड़क हमेशा सत्ता और विपक्ष की राजनीति में पिसती रहेगी, और जनता गड्ढों में गिरकर ही हर बार चुनावी वादे याद करती रहेगी?

रीवा एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल पहली बारिश में धराशायी, गुणवत्ता पर उठे सवाल

रीवा मध्य प्रदेश  के रीवा में 24 घंटे की मूसलाधार बारिश में नवनिर्मित एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल धराशायी हो गई. इस एयरपोर्ट के निर्माण में करीब 500 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. 15 फरवरी 2023 को शिलान्यास के बाद एयरपोर्ट लगभग डेढ़ साल में बनकर तैयार हुआ था. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने 20 अक्टूबर 24 को वर्चुअल लोकार्पण भी किया था. इस एयरपोर्ट को बनाने में करीब पांच गांवों की 323 एकड़ जमीन को 99 साल की खातिर भारतीय विमान प्राधिकरण को दिया गया है. राज्य में भोपाल, जबलपुर, खजुराहो, इंदौर और ग्वालियर के बाद रीवा 6वां एयरपोर्ट है, जिसे डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने लाइसेंस दिया है. यह जिला मुख्यालय से लगभग 12 किमी दूर बना है. बताया जा रहा है कि मूलाधार बारिश की वजह से एयरपोर्ट एरिया की जमीन अचानक धंस गई. जिससे दीवार का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया.    एयरपोर्ट में रनवे की कुल लंबाई 2300 मीटर है. एयरपोर्ट से दो फ्लाइट का संचालन हो रहा है. पहली फ्लाइट भोपाल वाया खजुराहो होते हुए रीवा पहुंचती है. इसके बाद यह सिंगरौली को रवाना होती है. वहीं दूसरी फ्लाइट रीवा से जबलपुर होते हुए भोपाल से कनेक्ट है. अभी 19 सीटर विमान का ही संचालन होता है. हालांकि, इसे बढ़ाकर 72 सीटर विमानों के संचालन के लिए योजना है. इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से रीवा को बड़ी सौगात देते हुए वर्चुअली एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था. अथॉरिटी के अनुसार रीवा एयरपोर्ट को अगले 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. वहीं, इसको लेकर एयरपोर्ट अथार्टी के मैनेजर नवनीत चौधरी का बयान आया है. चौधरी ने बताया कि ज्यादा पानी गिरने से आसपास के इलाके का पानी बाउंड्री वॉल से टकराया. जिससे बाउंड्री पानी के दबाव को नहीं रोक पाई. रनवे पूरी तरह से ठीक है. उसे कोई क्षति नहीं हुई है. फ्लाइट बराबर उड़ रही है. नवनीत की दलील है कि बाउंड्री हवा के वेग और लोगों को रोकने के लिए बनाई जाती है. पानी को रोकने के लिए नहीं यह पर्याप्त नहीं है. अब इस बाउंड्री को नए तरीके से डिजाइन किया जाएगा.

बैंकिंग का नया चेहरा: गाँव की सखी, सबकी सहायक

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम चरईडाड़ निवासी जीनत परवीन, वर्ष 2019 से बैंक सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। जीनत परवीन बताती हैं कि योजना से जुड़ने से पहले वे एक साधारण गृहिणी थीं।  राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत जब उन्हें बैंक सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, तो उन्होंने इसे पूरी लगन और निष्ठा से अपनाया। आज वे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से जुड़ी बैंकिंग सेवाएं अपने गाँव और आसपास के ग्रामीणों तक पहुँचा रही हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को खाता खोलने, पैसा जमा-निकासी, आधार लिंक, सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाओं में सहायता प्रदान कर रही हैं। उनकी मासिक बैंकिंग लेनदेन की राशि 35 से 40 लाख तक पहुँचती है, जिससे उन्हें नियमित रूप से अच्छा कमीशन के रूप में अच्छी राशि प्राप्त हो जाती है। यह सेवा न केवल उनके लिए रोज़गार का साधन बनी, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान का माध्यम भी बनी है। जीनत परवीन बताती है कि इस आमदनी से उन्होंने अपने कई सपने पूरे किए हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने अपने लिए एक स्कूटी भी खरीदी, जिससे अब वह आसानी से ग्रामीण क्षेत्र में सेवा प्रदान कर रही हैं। वे बताती है कि बैंक सखी बनने के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और अब वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।

उप अभियंता भर्ती परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल करते हुए एक परीक्षार्थी पकड़ी गई, एफआईआर दर्ज

छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की कड़ी निगरानी में परीक्षा आयोजन, नकल प्रकरण में पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही जारी रायपुर, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) भर्ती परीक्षा के अंतर्गत परीक्षा केन्द्र क्र. 1309 – शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकंडा, बिलासपुर (छ.ग.) में एक गंभीर नकल प्रकरण प्रकाश में आया।  कक्ष क्रमांक 07 में परीक्षार्थी रोल नंबर 13091014 – कु. अन्नु सूर्या, पिता – कलेश्वर राम द्वारा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा कक्ष में तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उक्त परीक्षार्थी के अंतःवस्त्र में हिडन कैमरा व कान से माइक्रो स्पीकर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपाकर रखे गए पाए गए, जिन्हें तत्काल जब्त किया गया। परीक्षा केन्द्र परिसर के बाहर नकल में सहायता करने हेतु उपस्थित कु. अनुराधा बाई के पास से वॉकी-टॉकी, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह स्पष्ट रूप से एक संगठित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल करने का प्रयास था। प्रशासन द्वारा नियमानुसार तत्काल नकल प्रकरण तैयार कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को प्रेषित कर दिया गया है। साथ ही, थाना सरकंडा पुलिस को सूचित कर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित व्यक्तियों पर उचित कानूनी कार्यवाही की जा रही है। व्यावसायिक परीक्षा मंडल एवं जिला प्रशासन द्वारा इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु ऐसी घटनाओं पर "जीरो टॉलरेंस नीति" अपनाई गई है। भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए नामित किए 4 नए सदस्य, जानिए कौन हैं ये प्रतिष्ठित व्यक्ति

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए चार मशहूर हस्तियों को नामित किया है. इनमें वकील उज्ज्वल निकम, पूर्व डिप्लोमेट हर्षवर्धन श्रृंगला, हिस्टोरियन डॉक्टर मीनाक्षी जैन और वरिष्ठ सोशल एक्टिविस्ट और एजुकेशनिस्ट सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं. राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी चार हस्तियों को बधाई दी. उन्होंने सभी के पूर्व कामों सराहना भी की. सी. सदानंदन मास्टर केरल के त्रिशूर जिले के एक हाई स्कूल शिक्षक, सी. सदानंदन मास्टर एक सोशल एक्टिविस्ट और एजुकेशनिस्ट हैं. मसलन, उन्होंने सामाजिक और शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है. उन्हें भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया है. वह गंभीर राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए थे. उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से बी.कॉम और कालीकट विश्वविद्यालय से बी.एड की डिग्री हासिल की. वे 1999 से पेरमंगलम के श्री दुर्गा विलासम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सामाजिक विज्ञान पढ़ा रहे हैं. इनके अलावा वे केरल में राष्ट्रीय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष और इसके देशीय अध्यापक वार्ता के पब्लिकेशन संपादक भी हैं. भारतीय विचार केंद्रम के भी सक्रिय सदस्य हैं, जिसकी स्थापना एक आरएसएस प्रचारक पी परमेश्वरन ने किया था. राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए: सदानंदन मास्टर पर 25 जनवरी, 1994 को, राजनीतिक झड़पों के लिए जाने जाने वाले जिले कन्नूर में उनके आवास के पास हमला किया गया था. इस हमले में उनके दोनों पैर काट दिए गए थे. यह हमला कथित तौर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सदस्यों द्वारा किया गया था और कथित तौर पर उनके वामपंथी विचारधारा से दूर होने से जुड़ा था.  घटना के समय उनकी उम्र 30 वर्ष थी. अपनी चोटों के बावजूद, वे सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहे हैं. वह पहले भी केरल में चुनाव में हिस्सा लिया है, जिसमें कन्नूर के कुथुपरम्बा निर्वाचन क्षेत्र से भी चुनाव लड़ चुके हैं. 2021 के चुनाव में भी वह उम्मीदवार थे. सी. सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी और कहा, "एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनके प्रयास सराहनीय हैं. युवा सशक्तिकरण के प्रति उनकी गहरी रुचि है." डॉक्टर मीनाक्षी जैन डॉक्टर मीनाक्षी जैन एक मशहूर हिस्टोरियन हैं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के गार्गी कॉलेज में इतिहास की एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम किया और नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी की पूर्व फेलो हैं. दिसंबर 2014 में, उन्हें इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च के सदस्य के रूप में नामित किया गया था. साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 2020 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. डॉक्टर मीनाक्षी जैन को भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास, विशेष रूप से मध्यकालीन और औपनिवेशिक भारत पर उनके बड़े रिसर्च के लिए जाना जाता है. सामाजिक आधार और जाति और राजनीति के बीच संबंधों पर उनकी डॉक्टरेट थीसिस 1991 में पब्लिश हुई थी. डॉक्टर मीनाक्षी जैन को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी और कहा, "शिक्षा, साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में उनके कार्यों ने अकादमिक विमर्श को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध किया है. उनके संसदीय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं." उज्ज्वल निकम उज्ज्वल निकम का जन्म 30 मार्च, 1953 को महाराष्ट्र के जलगांव में हुआ था. वह एक मशहूर सरकारी वकील रहे हैं. उनके पिता देवरावजी निकम, एक जज और बैरिस्टर थे. उन्होंने जलगांव के ही केसीई सोसाइटी के एसएस मनियार लॉ कॉलेज से साइंस ग्रेजुएशन किया और फिर कानून की डिग्री हासिल की. उज्ज्वल निकम ने ही 26/11 मुंबई आतंकी हमले में वकील रहे थे और वह कई अन्य हाई-प्रोफाइल क्रिमिनल मामलों की वकालत कर चुके हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से उम्मीदवार बनाया था लेकिन वह कांग्रेस नेता (अब सांसद) वर्षा गायकवाड़ से हार गए थे. उज्ज्वल निकम ने कई अहम मामलों वकील: 1991 कल्याण बम विस्फोट: 1991 के कल्याण बम विस्फोट के लिए रविंदर सिंह को दोषी ठहराने में उज्ज्वल निकम ने अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें 12 लोग मारे गए थे और 60 से ज़्यादा घायल हुए थे. 1993 बॉम्बे बम विस्फोट: मुंबई सीरियल बम विस्फोट मामले में सरकारी वकील के रूप में काम किया. यह मुकदमा लगभग 14 साल तक चला और दर्जनों लोगों को दोषी ठहराया गया. गुलशन कुमार हत्याकांड (1997): बॉलीवुड के म्यूजिक प्रोड्यूसर गुलशन कुमार की हत्या का मामला संभाला. प्रमोद महाजन हत्याकांड (2006): वह महाराष्ट्र के मंत्री प्रमोद महाजन की हत्या के मामले में भी वकील थे. 2008 मुंबई हमले (26/11): 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मुकदमे में सरकारी वकील के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई, और एकमात्र पकड़े गए आतंकवादी अजमल कसाब की मौत की सजा के लिए सफलतापूर्वक पैरवी की. शक्ति मिल्स सामूहिक बलात्कार (2013) और कोपर्डी बलात्कार और हत्या मामला (2016): इन अहम मामलों में विशेष सरकारी वकील के रूप में काम किया. उज्ज्वल निकम को कानूनी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 2016 में भारत सरकार द्वारा भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. उनके हाई-प्रोफाइल मामलों में शामिल होने के लिए खतरे की वजह से उन्हें 2009 से जेड-प्लस सुरक्षा भी प्रदान की गई.