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शाम के ये 5 काम बना सकते हैं आपकी किस्मत, आज़माकर देखिए फर्क!

एक बेहतरीन, खुशहाल और सुकून भरी जिंदगी की चाहत सभी को होती है और इसी चाहत को पूरा करने के लिए हम दिन भर कड़ी मेहनत करते हैं। पर अक्सर शाम का समय टीवी देखने, फोन पर समय बिताने या थक कर कुछ ना करने में ही बेकार चला जाता है। लेकिन अगर आप हर शाम 5 छोटे-छोटे कामों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो ये आपकी सोच, स्वास्थ्य और जीवनशैली में मैजिकल बदलाव ला सकती हैं। ये आदतें ना केवल आपको एक अच्छा इंसान बनाएंगी बल्कि आपको जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद भी करेंगी। तो चलिए जानते हैं उन 5 कामों के बारे में जो आपकी शाम को बना सकती है आपकी सफलता की सीढ़ी। आत्ममंथन से करें दिनभर की समीक्षा हर शाम 10-15 मिनट शांत बैठकर यह जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। आपने पूरे दिन क्या अच्छा किया, आपसे कौन सी गलतियां हुईं और उनसे आपको क्या सीख मिली। जब आप शांत मन से बैठकर आत्ममंथन करेंगे, तो इससे आपको अपनी कमियों और खूबियों के बारे में पता चलेगा। इससे आप आत्म-जागरूक बन पाएंगे और अपनी गलतियों को सुधार कर, जीवन में पॉजिटिविटी के साथ आगे बढ़ेंगे। अगली सुबह की करें तैयारी जीवन में आगे बढ़ाने के लिए हर छोटे बड़े काम की बेहतर प्लानिंग करना बहुत जरूरी है। फिर वो चाहे नए दिन की शुरुआत की ही प्लानिंग क्यों ना हो। इसलिए रात में ही अगले दिन की टू-डू लिस्ट बना लें। इससे सुबह आपका समय बर्बाद नहीं होगा और आप साफ लक्ष्य के साथ दिन की शुरुआत कर पाएंगे। यह आदत आपके काम में फोकस और प्रोडक्टिविटी दोनों बढ़ाएगी। शाम को लें डिजिटल डिटॉक्स आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऑफिस के ज्यादातर काम लैपटॉप और मोबाइल में ही होते है। काम ना होने पर भी लोग मोबाइल का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इनसे थोड़ी दूरी बनाना जरूरी है। ऐसे में शाम के वक्त आप डिजिटल वर्ल्ड से दूरी बनाकर रखने का प्रयास करें। सोने से कम से कम 1 घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी से दूरी बना लें। इसकी जगह ध्यान करें या परिवार से बात करें। इससे नींद भी अच्छी आएगी और मानसिक शांति भी बढ़ेगी। शरीर के लिए निकालें समय दिन भर के काम के बाद शरीर को भी आराम की जरूरत होती है। ऐसे में शाम के समय थोड़ा वक्त अपने शरीर के लिए निकालें। इस समय आप हल्की स्ट्रेचिंग, योग या वॉक कर सकते हैं। इससे शरीर की थकान दूर होती है और नींद भी अच्छी आती है। और जब नींद अच्छी आती है तो अगला दिन भी ताजगी के साथ शुरू होगा। किताबों को भी दें समय दिमाग को शांत करने के लिए बुक रीडिंग से बढ़िया कोई ऑप्शन नहीं है। इसलिए रोज रात सोने से पहले थोड़ी देर तक अपनी मनपसंद किताब पढ़ें। इससे आपको मानसिक सुकून मिलेगा, जिससे आपका फोकस बढ़ेगा। इसलिए फिक्शन या नॉन फिक्शन जिस भी फील्ड में आपकी रुचि है, सोने से पहले उससे जुड़ी किताबें पढ़ें।  

सावन के पहले सोमवार पर भद्रा का साया, इस समय भूलकर भी न करें शिव पूजा

सावन का पवित्र महीना 11 जुलाई से शुरू हो चुका है, जो कि पूर्णरूप से शिवभक्ति को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है सावन के महीने में जो भी भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं. सावन का महीना जितना पवित्र है, उतना ही इसका सोमवार महत्वपूर्ण माना गया है. सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई को है, लेकिन इस दिन भद्रा का साया भी रहने वाला है और भद्रा के समय जलाभिषेक करना वर्जित होता है. ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कि भद्रा का साया कब तक रहेगा और किस समय आप शिव पूजन कर सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई को है. इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना चाहिए. साथ ही, इस दिन शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक भी करें. अगर आप सिर्फ इतना काम करते हैं, तो आपको जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं और भगवान शिव आपसे प्रसन्न हो जाएंगे. लेकिन पूजा के समय भद्रा का खास ध्यान रखें. ज्योतिष के अनुसार, यह भद्रा मृत्यु लोक में है, इसलिए इसे बहुत अशुभ माना जाता है. सावन के पहले सोमवार के दिन भद्रा का साया 14 जुलाई को सुबह 11:26 मिनट से लेकर 11:42 मिनट तक रहेगी. इस दौरान पूजा-पाठ और जलाभिषेक करना शुभ नहीं माना जाता है. इसलिए आप 14 जुलाई को सुबह 11:26 मिनट से पहले ही भगवान शिव की पूजा कर लें. पहला सोमवार शिव पूजा मुहूर्त सावन के पहले सोमवार के दिन अगर आप शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा करना चाहते हैं तो पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 14 जुलाई सुबह 5:05 मिनट से लेकर सुबह 11:20 मिनट तक है. धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान पूजा का विशेष लाभ मिल सकता है. लेकिन 14 जुलाई को भद्रा के समय भूलकर भी भगवान शिव की पूजा न करें.

श्रावण यात्रा का असर: हाईवे पर भारी वाहन रोक, रामपुर में 14 जुलाई को शिक्षण संस्थान बंद

मुरादाबाद कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर शनिवार रात से दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। अमरोहा-मुरादाबाद और रामपुर में हाईवे पर दिल्ली से लखनऊ वाली लेन कांवड़ियों के आने-जाने के लिए निर्धारित कर दी गई है जबकि लखनऊ से दिल्ली की लेन में कार समेत छोटे वाहन गुजारे जा रहे हैं। हाईवे पर रूट डायवर्जन की यह व्यवस्था सोमवार की दोपहर करीब दो बजे तक रहेगी। उधर, अमरोहा के एसपी अमित कुमार आनंद, एएसपी अखिलेश भदौरिया और सीओ अंजलि कटारिया ब्रजघाट चौकी पर शनिवार को व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। 11 जुलाई से शुरू हुए सावन माह में पहला सोमवार 14 जुलाई को है। इसके लिए शिवभक्त हरिद्वार, गोमुख, गंगोत्री से गंगा जल लाकर अपने पास के मंदिरों में भगवान भोले का जलाभिषेक करेंगे। बरेली, संभल, चंदौसी, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर के कांवड़िये ब्रजघाट से भी गंगा जल भरने आते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव का जलाभिषेक किया जाता है। इसके चलते शुक्रवार, शनिवार और रविवार को हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ रहती है। शनिवार रात कांवड़ियों की संख्या को बढ़ता देखकर अमरोहा पुलिस ने ट्रक कंटेनर, डीसीएम व निजी बसों को रूट प्लान के तहत डायवर्ट कर दिया। अमरोहा में रूट डायवर्जन होते ही मुरादाबाद और रामपुर में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। हाईवे पर दिल्ली से लखनऊ जाने वाली लेन केवल कांवड़ियों और उनके वाहनों के लिए तय कर दी गई है जबकि लखनऊ से दिल्ली की ओर जाने वाली लेन में कार, ऑटो, पिकअप समेत छोटे वाहन चलाए जा रहे हैंं। एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि 11 जुलाई से रूट डायवर्जन किया जाना था लेकिन सावन के पहले दिन कांवड़ियों की भीड़ कम थी। शनिवार को कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने और अमरोहा में रूट डायवर्जन लागू होने के बाद यहां भी रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है। अब दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को बदले मार्ग से गुजारा जा रहा है। शनिवार रात से डायवर्जन लागू कर दिया गया है। यह प्लान सोमवार की दोपहर दो बजे तक जारी रहेगा। अब दिल्ली से मुरादाबाद लेन को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए तय कर दिया है। इस लेन पर किसी भी तरह के वाहन के आने की अनुमति नहीं है। मुरादाबाद से दिल्ली लेन पर दोनों तरफ की कार, पिकअप या अन्य छोटे वाहन चलते रहेंगे। – अखिलेश भदौरिया, एएसपी, अमरोहा इस मार्ग से गुजारे गए भारी वाहन रूट डायवर्जन लागू होने के बाद शनिवार रात मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली रोडवेज और निजी बसों समेत भारी वाहन मुरादाबाद से बिलारी, संभल, बबराला, नरौरा, डिबाई, बुलंदशहर, सिकंदराबाद होते हुए मेरठ और दिल्ली भेजे गए।  

सपा मुखिया अखिलेश के हर तंज का जवाब दे रहे हैं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद, एक्टिव नजर आए

लखनऊ भारतीय जनता पार्टी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद इन दिनों काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। वह सपा मुखिया अखिलेश के हर तंज का जवाब दे रहे हैं। साथ ही वह कांग्रेस पर भी पलटवार कर रहे हैं। केशव ने एक बार फिर सपा को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश पर लंबे समय तक राज करने की मंशा से ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ जैसे शब्दों का सहारा लिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। भाजपा के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवाद’ की नकली व झूठी बैसाखियों का सहारा लेकर कांग्रेस ने लंबे समय देश की सत्ता को अपने शिकंजे में कसने का सपना पाला था। लेकिन कालचक्र ने उसका यह तिलिस्म तोड़ दिया। इसके बावजूद वह अभी भी इन जर्जर बैसाखियों से सत्ता की उम्मीद पाले बैठी है। उत्तर प्रदेश की सियासत में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव जहां अक्सर प्रदेश सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुखर हैं तो वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उनके आरोपों पर पलटवार करते रहे हैं। साथ ही केशव कांग्रेस की नीतियों पर भी कड़ा रुख अपनाते रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक पर राजनीति काफी मुखर रही है। लोकसभा चुनाव में सपा के पीडीए के नारे को अक्सर केशव परिवारवाद से जोड़ते हुए निशाना साधते दिखाई देते हैं। उन्होंने इमरजेंसी के मामले पर कांग्रेस का भी घेराव किया है। हाल ही में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि कांग्रेस और सपा का असली चेहरा अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। इन दलों की तुष्टिकरण की राजनीति, झूठ से लिपटी धर्मनिरपेक्षता और मजहबी वोट बैंक के लिए राष्ट्रहित से समझौता करने की नीति अब जनता को स्वीकार नहीं है।  

बांग्लादेश में हिंसा का तांडव: हिंदू व्यापारी की हत्या के बाद शव पर किया गया डांस

ढाका बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस सरकार बनने के बाद से ही हिंदुओं को प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। राजधानी ढाका में हिंदू व्यापारी की हत्या कर दी गई, जिससे एक बार फिर से पड़ोसी देश में हिंदुओं की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। लाल चंद सोहाग कबाड़ व्यापारी थे और उनकी पीट-पीटकर हत्या किए जाने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों छात्र शनिवार को सड़कों पर उतर आए और अंतरिम सरकार पर भीड़ हिंसा को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। पुलिस ने कबाड़ व्यापारी लाल चंद सोहाग की पीट-पीटकर हत्या के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो के पास अवैध रूप से हथियार थे। ढाका के कई विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों ने बुधवार को हुई इस घटना के विरोध में रैलियां निकालीं। जबरन वसूली करने वालों ने पुराने ढाका इलाके में मिटफोर्ड अस्पताल के सामने कबाड़ व्यापारी सोहाग की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बीते दिनों वायरल हुए इस घटना के एक वीडियो में सोहाग को कंक्रीट के स्लैब के टुकड़ों से पीट-पीटकर मार डाला गया और फिर उसकी मौत की पुष्टि होने के बाद, हमलावर उसके शव पर नाचते हुए दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, "तुम दरिंदों को लोगों को मारने का अधिकार किसने दिया? जब जबरन वसूली करने वाले उत्पात मचा रहे हैं, तो अंतरिम (सरकार) क्या कर रही है?" ये नारे छात्रों ने अपने परिसरों में लगाए। बीआरएसी विश्वविद्यालय, एनएसयू, ईस्ट वेस्ट विश्वविद्यालय और सरकारी ईडन कॉलेज जैसे निजी विश्वविद्यालयों के छात्रों ने शनिवार को प्रदर्शन किया, जबकि लाल की नृशंस हत्या का वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद प्रमुख ढाका विश्वविद्यालय और जगन्नाथ विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रथम अलो अखबार के अनुसार, लाल चंद की बहन मंजुआरा बेगम (42) ने गुरुवार को राजधानी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में हत्या का मामला दर्ज कराया। इस मामले में 19 आरोपियों के नाम हैं और 15-20 अज्ञात संदिग्ध भी शामिल हैं। बीडीन्यूज24 ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के युवा मोर्चे के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कथित तौर पर सोहाग की हत्या कर दी, जो उसी संगठन का एक पूर्व कार्यकर्ता था। पार्टी ने कहा कि उसने लिंचिंग के आरोपी चार अपराधियों को तुरंत पार्टी से निष्कासित कर दिया।  

कालिंदी एक्सप्रेस हादसे से बाल-बाल बची, कानपुर में चालक की तत्परता ने टाला बड़ा खतरा

कानपुर कानपुर में शुक्रवार को जमकर बारिश हुई, जहां चौबेपुर के पास रेलवे ट्रैक धंसने की वजह से कालिंदी एक्सप्रेस को रोका दिया गया। इस दौरान ड्राइवर ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। ट्रेन को अचानक से रोका गया तो यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, जहां कई यात्रियों ने ट्रेन से उतरकर अन्य वाहनों से अपने गंतव्य तक जाने का फैसला किया। इसके बाद रेलवे की सेक्टर टीम मौके पर पहुंची और ट्रेन को बेहद धीमी गति से गुजारा गया।   कानपुर में जारी है बारिश का प्रकोप कानपुर के कई इलाकों में शुक्रवार को जोरदार बारिश हुई, जिसकी वजह से कई जगहों पर पेड़ टूट गए। इसके अलावा बारादेवी में दो जर्जर मकान ढह गए, जिसमें एक बुजुर्ग महिला घायल हो गईं। बाद में लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मकान में रह रहे बाकी लोगों को बाहर निकाला। इसके अलावा नौबस्ता में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक का नाम केशव तिवारी है जो कि संजय गांधी नगर का रहने वाला है। बारिश ने खोली नगर निगम की पोल कानपुर में हुई लगातार बारिश की वजह से कुछ ही घंटों में कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जिसकी वजह से कई जगहों पर जाम की स्थिति बन गई। सुबह दस बजे तक हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव और सड़क धंस गईं, जिसके पूरे नगर निगम की पोल खोल कर रख दी है। जिन इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया, उनमें गांधीनगर, किदवई नगर, घंटाघर और गोविंदनगर शामिल हैं। कई स्कूलों में छुट्टी घोषित हालात ऐसे हो गए कि इसकी वजह से कई स्कूलों में छु्ट्टी घोषित कर दी गई है। शहर के जूही खलवा पुल भरने से बैरियर लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया, जिसके चलते लोगों को घूमकर आना पड़ा। दासू कुआं से नौबस्ता बसंत विहार जाने वाली रोड में एक से दो फीट तक पानी भर गया, जहां लोगों को निकलने के लिए जूझना पड़ा। 

धर्म नहीं, आस्था है बड़ी: मुस्लिम भाई की 151 किलो की कांवड़ यात्रा बनी चर्चा का विषय

कासगंज 11 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है। वहीं भगवान भोले के प्रति आस्था में लोग कांवड़ यात्रा के लिए खुद को रोक नहीं पाते हैं। कहा जाता है जब इश्वर के प्रति आस्था हो तो इंसान जाति और धर्म नहीं देखता है। इस बीच एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां दो मुस्लिम भाइयों की भगवान भोले के प्रति आस्था जागी और वो खुद को कांवड़ ले जाने से रोक नहीं पाए। साजिद खान और सन्नी खान अपने जत्थे के साथ गंगा घाट पर पहुंचे और भागीरथ बनकर 151 किलो गंगा जल की कांवड़ लेकर गंतव्य को निकल पड़े। दोनों कहते हैं कि माता और पिता की इच्छा थी कि कांवड़ लेकर आएं और भगवान शिव का अभिषेक करें। शिव बहुत दयालु हैं, हमने सुन रखा है। हम सनातनी पहले मुस्लिम बाद में हैं।   दोनों ने उठाई 151 किलो की कांवड़ आगरा जिले के थाना बाह क्षेत्र के गांव कृषा के रहने वाले 25 वर्षीय साजिद खान और उनके दोस्त 22 वर्षीय सनी खान 151 किलो की कांवड़ लेकर बटेश्वर जा रहे हैं। वे वहां 14 जुलाई को भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। दोनों दोस्त कांवड़ यात्रा पर पहली बार आए हैं, लेकिन बहुत उत्साहित हैं। कह रहे हैं कि अपने गांव के तमाम लोगों को कई वर्षों से कांवड़ ले जाते हुए देख रहे थे।   माता-पिता की इच्छा कर रहे हैं पूरी भगवान शिव की महिमा के बारे में सुन रखा है। इस बार अपने माता-पिता के समक्ष इच्छा प्रकट की कि हम भी कांवड़ लेकर आएंगे, तो वे तत्काल तैयार हो गए और इसके बाद अपने 10 सदस्यीय जत्थे के साथ सोरों के लहरा घाट पर आ गए, जहां से कांवड़ यात्रा शुरू कर दी। बोले कि थोड़ा ब्रेक लेकर चलना पड़ता है क्योंकि 151 किलो का वजन बहुत होता है, लेकिन गंतव्य तक पहुंचेंगे और भोले भंडारी का गंगाजल से अभिषेक करेंगे। यह भी बोले कि पुरोहितजी ने पूरे विधि-विधान, पूजा-अर्चना के साथ हमें गंगा घाट से विदा किया है। जमीन पर कांवड़ नहीं रखेंगे। कांवड़ ले जाकर मिलेगा सुकून पूछा कि थकान हो रही है तो बोले कि थकान कैसी, जो कांवड़ लेकर जाता है उसमें अपने आप ताकत आ जाती है। साफ पूछा गया कि आप मुस्लिम हैं और कांवड़ लेकर जा रहे हैं, तो बीच में ही साजिद बोले, पहले तो हम सनातनी हैं, मुस्लिम बाद में। सवाल आस्था का है तो भगवान शिव भी हमारे आराध्य हैं। इन कांवड़ यात्रियों का जोश, जज्बा और जुनून देखते ही बनता है।

iPhone 17 Pro का कैमरा पूरे फोन को ढक देगा? Xiaomi से लिया आइडिया?

नई दिल्ली iPhone 17 Pro के लॉन्च में अभी समय है लेकिन यह अभी से चर्चा में बना हुआ है। इसकी लीक हुई तस्वीरें पहले ही काफी सुर्खियों में रह चुकी हैं। इसकी वजह है इसका बोल्ड और नया डिजाइन। iPhone 17 Pro के प्रोटोटाइप में ज्यादा गोल किनारे देखने को मिले हैं। इसका ये लुक एंड्रॉयड यूजर्स को ज्यादा पसंद आ सकता है। अगर यह डिजाइन असल में आया, तो शायद यह एंड्रॉयड कंपनियों को भी सपाट किनारों (Flat Edges) को छोड़कर ज्यादा आरामदायक डिजाइन अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है। Xiaomi Mi 11 Ultra से मिलता-जुलता कैमरा डिजाइन iPhone 17 Pro में सबसे बड़ा बदलाव फोन में पीछे की तरफ कैमरा डिजाइन में देखने को मिल सकता है। फोन में बड़ा और ज्यादा चौड़ाई वाला कैमरा आइलैंड दिया जा सकता है। यह कुछ-कुछ Xiaomi Mi 11 Ultra जैसा दिखता है। कैमरे का डिजाइन भले ही बड़ा हो गया है, लेकिन असल कैमरे की जगह में ज्यादा बदलाव नहीं आया है। इसमें तीन लेंस वाला सिस्टम ही मिलने वाला है, जिसमें 48MP का मेन सेंसर, 48MP का अल्ट्रावाइड और 5x ऑप्टिकल जूम वाला 12MP का टेलीफोटो लेंस शामिल होगा। एल्यूमीनियम फ्रेम और ज्यादा वजन Apple के एनालिस्ट जेफ पु के मुताबिक बीच का फ्रेम अब एल्यूमीनियम का बना होगा। दिलचस्प बात यह है कि iPhone 17 Pro मॉडल के ज्यादा भारी होने की अफवाह है, जबकि आज के समय में आने वाले ज्यादातर फोन्स पतले और हल्के आ रहे हैं। शायद यही वजह है कि Apple प्रीमियम और ज्यादा टिकाऊ मेटल से दूर हट रहा है। आमतौर पर लोगों को भी पतले और हल्के फोन्स पसंद आते हैं। Apple लोगो की बदली हुई जगह Apple का लोगो भी जो फोन के पीछे होता था वह अब नीचे खिसका दिया गया है। यह एक छोटी सी बात है लेकिन इसे लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। iPhone 17 Pro Max में भी ज्यादातर यही फीचर्स हो सकते हैं, लेकिन उसकी स्क्रीन बड़ी होगी। क्या लोगों को पसंद आएगा डिजाइन? अपने चौंड़े कैमरा आइलैंड, नए मैटेरियल और बदली हुई लोगो की जगह के साथ iPhone 17 Pro ऐप्पल के हाल के सालों में किए गए सबसे बोल्ड विजुअल बदलावों में से एक होने वाला है। यूजर्स को यह बदलाव पसंद आते हैं या नहीं यह तो फोन लॉन्च होने के बाद ही पता चलेगा। हालांकि, ज्यादा जानकारी के लिए हमें सिंतबर में होने वाले Apple के फॉल लॉन्च इवेंट का इंतजार करना होगा।

छत्तीसगढ़ की शान: सुखदेव ने अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स में दिलाया भारत को गोल्ड

  रायपुर, छत्तीसगढ़ की प्रतिभाएं आज विभिन्न खेलों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को गौरवान्वित कर रही हैं।  राज्य शासन द्वारा खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण, आधारभूत संरचना तथा प्रोत्साहन राशि सहित आवश्यक संसाधन प्रदान कर हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन देश एवं विदेश में कर सकें।       महासमुंद जिले के लिए खेल जगत से एक और गर्व की खबर आई है। फॉर्चून फाउंडेशन समाजसेवी संस्था द्वारा संचालित फॉर्चून नेत्रहीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करमापटपर, बागबाहरा खुर्द के पूर्व छात्र सुखदेव ने 7वीं ओपन पैरा एथलेटिक्स इंटरनेशनल चौंपियनशिप 2025 में स्वर्ण पदक जीतकर पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। कांतिराव एथलेटिक्स स्टेडियम, बेंगलुरु (कर्नाटक) में 11 से 12 जुलाई तक आयोजित इस चौंपियनशिप में सुखदेव ने 1500 मीटर दौड़ को महज 4.36 मिनट में पूरा कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।      गौरतलब है कि नेत्रहीन सुखदेव ने फॉर्चून फाउंडेशन करमापटपर, बागबाहरा खुर्द में रहकर प्रशिक्षक श्री निरंजन साहू के मार्गदर्शन में निरंतर अभ्यास करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में सुखदेव भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) बेंगलुरु में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। इससे पहले भी सुखदेव खेलो इंडिया पैरा गेम्स 2025, नई दिल्ली में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक तथा 23वीं राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चौंपियनशिप चेन्नई में भी 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। सुखदेव जैसे होनहार पैरा खिलाड़ी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।          छत्तीसगढ़ सरकार खेल एवं खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।  सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर खिलाड़ी को उचित मंच और अवसर मिले, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकें।     सुखदेव की इस उपलब्धि पर महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, सीईओ जिला पंचायत श्री एस. आलोक, उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह, खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी मनोज धृतलहरे, जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे सहित प्रशिक्षक निरंजन साहू एवं पैरा स्पोर्ट्स संघ के पदाधिकारियों ने भी उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।      सुखदेव की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती और छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यह उपलब्धि निःसंदेह जिले के अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करेगी।

देवनारायण मंदिर विवाद: जनआक्रोश चरम पर, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

अलवर उमरैण में देवनारायण भगवान के प्राचीन मंदिर को वन विभाग द्वारा तोड़े जाने की घटना के बाद गुर्जर समाज में गहरा आक्रोश फैल गया है। समाज के लोगों ने इसे उनकी धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार बताया है और मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर चेतावनी दी है। शनिवार शाम हुई इस घटना के बाद रविवार को उमरैण क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। लोगों ने प्रशासन और सरकार पर देवस्थानों को लेकर संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग पर मनमानी करने और धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौके पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों से मुलाकात की। यह इलाका उनके निर्वाचन क्षेत्र में आता है। उन्होंने भाजपा सरकार पर मंदिरों को लेकर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां संतों ने वर्षों तक तपस्या की, उन स्थलों को नष्ट करना निंदनीय है। यह सरकार मंदिरों की हिमायत का दावा करती है, लेकिन हकीकत में उन्हें तोड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर की केवल मरम्मत हो रही थी लेकिन वन विभाग ने बिना किसी सूचना के उसे ढहा दिया। अब वही अधिकारी अपनी जेब से पुनर्निर्माण कराएं, वरना व्यापक आंदोलन होगा। स्थानीय समाजसेवी भविंदर पटेल ने सरकार पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कहा कि यह हमारी आस्था पर हमला है। समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। हम सब मिलकर रणनीति बना रहे हैं और जल्द ही निर्णायक कदम उठाएंगे। यदि भाजपा इस मुद्दे पर चुप रही, तो पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने वन विभाग की कार्रवाई को मनमाना करार देते हुए इसे आस्था पर चोट बताया।