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नशे से मुक्ति सामाजिक भागीदारी से संभव : मंत्री कुशवाहा

भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने मध्यप्रदेश में 30 जुलाई तक चलाये जा रहे “नशे से दूरी है जरूरी’’ अभियान में प्रदेशवासियों से अपील की है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। नशामुक्त समाज का निर्माण सामाजिक भागीदारी से ही संभव होगा। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है। इस अभिशाप को जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर कार्य करना होगा। मंत्री श्री कुशवाहा ने जन-प्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों और युवाओं से भी आह्वान किया कि वे नशामुक्ति अभियान को जनांदोलन का रूप दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासियों की सामूहिक इच्छाशक्ति से हम नशे पर निर्णायक विजय प्राप्त कर सकते हैं।  

डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। जो युवाओं, परिवार और समाज की जड़ों को खोखला बना रही है। नशे की जद में आकर कई परिवार उजड़ जाते हैं। नशा नाश की जड़ है, जो न केवल स्वास्थ्य को खत्म करता है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में मंगलवार से 30 जुलाई तक प्रारंभ हुए नशामुक्ति अभियान – "नशे से दूरी है जरूरी" के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्यंत दु:खद है कि युवाओं के बीच नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें इस दलदल से बचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान चलाने का उद्देश्य न केवल नशे को रोकना है बल्कि समाज में नई चेतना जागृत करना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से म.प्र. पुलिस द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का आहवान किया है। डीजीपी ने किया अभियान का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में मंगलवार को वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वीडियो संदेश तथा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। विशेष पुलिस महानिदेशक सी.आई.डी. श्री पवन श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स श्री के.पी. वेंकटेश्वर, पुलिस महानिरीक्षक ए.एन.ओ. डॉ. आशीष, पी.एस.ओ.टू. डीजीपी श्री विनीत कपूर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव कुमार कंचन एवं एसओ टू डीजीपी श्री मलय जैन उपस्थित थे। डीजीपी श्री मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से समाज में नशे की प्रवृत्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए यह जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन युवाओं को खोखला कर उनके परिवारों को भी बर्बाद कर रहा है। देश एवं प्रदेश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेतृत्व भी इस विकराल समस्या से चितिंत एवं इसके निदान के लिये प्रयासरत है। समाज की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि नशे के दुष्प्रभावों से विशेषकर किशोर बच्चों और युवाओं को अवगत कराएँ और नशे से दूर रखें। उन्होंने कहा कि ‘’हमारा है यही संदेश- नशा मुक्त हो मध्यप्रदेश’’। अभियान में उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास और स्कूल शिक्षा विभागों सहित एनजीओ और धार्मिक संस्थान की सक्रिय सहभागिता रहेगी। हर दिन होंगी जागरूकता की गतिविधियां अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी जिनमें स्थानीय रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स का प्रदर्शन और पंपलेट का वितरण शामिल है। प्रिंट मीडिया, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वीडियो प्रचार किया जाएगा। सफाई वाहनों पर लगे पीए सिस्टम से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर हैशटैग #नशे_से_दूरी_है_जरूरी, #Say No To Drugs, #NashamuktMP के माध्यम से व्यापक संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे। अभियान के दौरान प्रत्येक आयोजन स्थल पर नशामुक्ति से संबंधित ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे जिससे आमजन की भागीदारी को और प्रोत्साहन मिल सके। नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों और परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 और वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in का व्यापक प्रचार किया जाएगा। अभियान में प्रचार सामग्री जैसे कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैजेस, पोस्टर और बैनर भी वितरित किए जाएंगे। प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रावासों में ‘छात्रावास नशामुक्ति समितियों’ का गठन किया जाएगा। अभियान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस जैसे सामाजिक व धार्मिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्रशिक्षित "मास्टर वॉलंटियर्स" नागरिकों व छात्रों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे। "कला पथक दल" द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत के माध्यम से भी जनजागरूकता फैलाई जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं जैसे Alcoholics Anonymous और Narcotics Anonymous भी इस अभियान में अपना योगदान देंगी। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित "युवा संगम" के अंतर्गत "प्रहरी क्लब"/ "ओजस क्लब" और "उमंग मॉड्यूल" के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित "Manhit App" के माध्यम से नशा पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल और टेक्नीकल कॉलेजों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पोस्टर, शॉर्ट मूवी और जागरूकता संदेश साझा किए जाएंगे।  

धार में इमामबाड़ा खाली कराने को लेकर तनाव, हालात पर कड़ी नजर

धार हटवाड़ा स्थित इमामबाड़ा को दो सप्ताह के भीतर खाली करने का आदेश दिया गया है, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय ने मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम 1974 के तहत यह आदेश जारी किया है, क्योंकि इमामबाड़ा पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बना है और ताजिया कमेटी ने लंबे समय से किराया भी नहीं दिया है। मामला कोर्ट में गया तो 45 पेज का आदेश जारी हुआ। आदेश के अंत में मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम 1974 का हवाला देते हुए दो सप्ताह की समयसीमा देकर परिसर खाली करने के लिए कहा हैं। जैसे ही इस बात की जानकारी मुस्लिम समाज के लोगों एवं अन्य लाेगों को लगी, बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे। प्रशासन ने बड़ी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया है। सोमवार रात करीब 8 बजे यह आदेश एसडीएम कोर्ट के निर्देश के तहत मुख्य रूप से ताजिया कमेटी के सदर अनवर खान आदि को तामील करवाया गया। इसके लिए इमामबाड़े पर इसे चस्पा किया गया। न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इमामबाड़ा भवन मध्यप्रदेश शासन के पीडब्ल्यूडी विभाग की संपत्ति है। पीडब्ल्यूडी का कब्जा लेने में वैधानिक कार्य करते हुए यह सिद्ध होता है कि ताजिया कमेटी शुद्ध रूप से इमामबाड़ा भवन को किराएदार की हैसियत से उपयोग करती रही है। उक्त भवन का किराया नियमित रूप से जमा नहीं किया गया। ताजिया कमेटी द्वारा उपरोक्त भवन पर वैधानिक रूप से बिना किसी अधिकार के अनाधिकृत कब्जा किया गया है। सांस्कृतिक धरोहर रक्षा समिति ने गत 9 जुलाई को हिंदू पंचायत का आयोजन किया था। इसमें हटवाड़ा के सांस्कृतिक मंच (कथित इमामबाड़ा) पर बेदखली अधिनियम के तहत कार्रवाई करने में प्रशासन द्वारा की जा रही लेट-लतीफी का विरोध किया गया था। धार नगर के हिंदू समाज के सभी वर्ग के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए थे।पंचायत के अंत में तीन प्रस्ताव पारित हुए। इसमें पहले प्रस्ताव के तहत हिंदू समाज 16 जुलाई तक प्रशासन की कार्रवाई की प्रतीक्षा करेगा। 16 जुलाई से पंद्रह दिवस पश्चात 31 जुलाई को हिंदू समाज ताला स्वयं लगाने जाएगा। मंच ने कहा था कि एक शासकीय भवन है, जैसे ताजिया रखने की अनुमति दी जाती है, वैसे ही गणेश उत्सव मनाने के लिए भी भवन किराए पर प्रशासन से मांगा जाएगा। हिंदू पंचायत ने इस मामले में कार्रवाई में देरी का विरोध किया था और 16 जुलाई तक प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करने की बात कही थी। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय द्वारा हटवाड़ा स्थित इमामबाड़ा के एक प्रकरण में सोमवार की रात को करीब आठ बजे इमामबाड़ा स्थल पर एक आदेश चस्पा किया गया। इसके तहत संबंधित पक्ष को कहा गया है कि मध्यप्रदेश लोक परिसर बेदखली अधिनियम अंतर्गत ताजिया कमेटी के सदर अनवर खान एवं मोहम्मद सिद्दीकी सहित समस्त व्यक्तियों को उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में दो सप्ताह के भीतर उक्त परिसर को खाली करना होगा। आदेश की तामील इमामबाड़ा के दरवाजे पर चस्पा कर दी गई है।  

1200 लोगों पर किए गए अध्ययन से पता चला है कि 21 फीसदी दुर्घटनाएं नींद के कारण हुईं

देहरादून उत्तराखंड में सड़क हादसों का कारण नींद और इससे संबंधित बीमारियां हैं। एम्स के मनोरोग विभाग के शोध में यह बात सामने आई है। अक्टूबर 2021 से अप्रैल 2022 तक 1200 लोगों पर किए गए अध्ययन से पता चला है कि 21 फीसदी दुर्घटनाएं नींद आने या नींद से संबंधित समस्या के कारण हुईं हैं। नशे को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण माना जाता रहा है, लेकिन इस शोध ने नींद को एक अहम कारक बताया है।  मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एम्स के मनोरोग विभाग के निद्रा प्रभाग के चिकित्सकों के शोध में यह बात सामने आई है। उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण नशे को माना जाता है। चिकित्सकों ने शोध से साफ कर दिया किया है कि नींद व नींद से संबंधित समस्या उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि 32 फीसदी दुर्घटनाओं का कारण नशा था, लेकिन इनमें से कई चालक नींद की समस्या से पीड़ित थे, जिससे नशा करने पर उनकी समस्या और बढ़ गई।  डॉक्‍टरों ने अक्टूबर 2021 से अप्रैल 2022 तक करीब 1200 लोगों पर शोध किया। ये सभी लोग कई इलाकों में वाहन दुर्घटना में घायल हुए थे, जो इलाज के लिए एम्स में भर्ती हुए थे। इनमें से 575 घायल वाहन चालक थे। इन वाहन चालकों में 75 फीसदी संख्या दोपहिया व तिपहिया वाहन चालकों की थी। शोध निर्देशक व डॉक्टर ने बताया कि 21 फीसदी दुर्घटनाएं वाहन चलाते समय नींद आना या नींद से संबंधित समस्या के चलते हुई। वहीं अत्यधिक थकान से आने वाली नींद भी 26 फीसदी दुर्घटनाओं का कारण बनी। 32 फीसदी दुर्घटनाओं का कारण नशा था, लेकिन इनमें ज्यादातर वे चालक शामिल थे जो नींद व नींद से संबंधित समस्या से भी ग्रसित थे और नशा करने से उनकी यह समस्या और अधिक बढ़ गई और दुर्घटना का कारण बनी।  शोध में कहा गया है कि नींद की समस्या के चलते होने वाली करीब 68 फीसदी दुर्घटनाएं सीधी सपाट व रोजमर्रा में प्रयोग होने वाली सड़कों पर हुई हैं। ज्यादातर दुर्घटनाएं शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच हुईं। क्योंकि कुछ लोग शाम को शराब का सेवन भी करते हैं और ऐसे में नींद से संबंधित समस्या और बढ़ जाती है। शोध के मुताबिक 68 फीसदी दुर्घटनाएं सीधी सड़कों पर हुईं। प्रशासन नशे के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाता है। अभियान के तहत एल्कोमीटर से वाहन चालकों की जांच की जाती है। यह शोध अमेरिका के क्यूरियस मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।  

धमतरी में वनांचल क्षेत्र के युवाओं को मिली नई दिशा, पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सफलतापूर्वक सम्पन्न

धमतरी  धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत डमकाडीह मिनी स्टेडियम में दिनांक 11 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक पाँच दिवसीय फिजिकल एवं मेडिकल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। यह शिविर धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के ग्रामीण एवं वनांचल युवाओं को सैन्य, पुलिस, एस एस सी, अर्धसैनिक बलों आदि की भर्ती परीक्षाओं हेतु शारीरिक और चिकित्सकीय रूप से तैयार करना था। शिविर में नगरी, नगरी क्षेत्र के दूरस्थ गांवों वनांचल से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने भाग लिया। शिविर के आयोजन को लेकर युवाओं में उत्साह का वातावरण रहा और कुल मिलाकर 232 से अधिक प्रतिभागियों ने इस अवसर का लाभ उठाया। प्रशिक्षण की विशेषता यह रही कि शिविर में प्रतिभागियों को भर्ती परीक्षाओं में होने वाले दौड़ (1600 मीटर), ऊँची, लंबी कूद, पुशअप्स, बीम, संतुलन अभ्यास, बॉडी मापदंड, ठडप् टेस्ट आदि विषयों पर विस्तारपूर्वक अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही युवाओं को स्वास्थ्य परीक्षण (मेडिकल फिटनेस) की जानकारी भी गई जिसमें कद, वजन, दृष्टि परीक्षण आदि सम्मिलित थे।           शिविर में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हवलदार जीवन निषाद ने अत्यंत अनुशासनपूर्वक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण से प्रशिक्षण प्रदान किया। उनके अनुभव और मार्गदर्शन ने युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए तैयार होने हेतु आवश्यक आत्मविश्वास एवं प्रेरणा दी,साथ ही स्थानीय व्यायाम शिक्षक खेमराज साहू, अशोक गजबल्ला, खोमन सिंह सहरे,विकास सिंह ठाकुर, कमलेश साहू, सैमुअल मसीह ने भी पूरे समय उपस्थित रहकर प्रशिक्षण प्रक्रिया में अपना सहयोग प्रदान किया।शिविर में भाग ले रहे युवाओं ने प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, समर्पण एवं आत्मविश्वास का परिचय दिया। विशेष रूप से युवतियों की भागीदारी उल्लेखनीय रही, जो यह दर्शाता है कि अब बेटियाँ भी देश सेवा के लिए सशक्त रूप से तैयार हो रही हैं। धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने इस अवसर पर युवाओं को संदेश देते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं में देशसेवा की भावना जागृत करना है। ग्रामीण व वनांचल क्षेत्र के युवाओं में अपार संभावनाएँ हैं, जिन्हें सही दिशा एवं संसाधनों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है। जिला प्रशासन भविष्य में भी इस प्रकार के प्रयास करता रहेगा।“इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविरों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शारीरिक रूप से दक्ष बनाना और उन्हें सैन्य, पुलिस तथा अन्य सेवाओं की भर्ती प्रक्रियाओं हेतु तैयार करना है। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है उन्हें उचित मार्गदर्शन और अवसर देने की। विभाग भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा ताकि अधिक से अधिक युवा लाभान्वित हो सकें।“             वहीं जिला खेल अधिकारी पीयूष तिवारी ने कहा इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविरों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शारीरिक रूप से दक्ष बनाना और उन्हें सैन्य, पुलिस तथा अन्य सेवाओं की भर्ती प्रक्रियाओं हेतु तैयार करना है। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है उन्हें उचित मार्गदर्शन और अवसर देने की। विभाग भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा ताकि अधिक से अधिक युवा लाभान्वित हो सकें। सहायक जिला खेल अधिकारी जगतपति देव ने प्रशिक्षक भूतपूर्व सैनिक, व्यायाम शिक्षकों, पत्रकार साथियों एवं प्रशिक्षण में उपस्थित युवाओं का आभार व्यक्त किया की उनके सहयोग से यह शिविर सफल हो पाया। इस तरह के प्रयास ग्रामीण युवाओं के जीवन में सार्थक बदलाव लाते हैं। साथ ही भविष्य में भी इस प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन का आश्वासन दिया गया।

शादी का झांसा और झूठी पहचान: युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप

सागर दूसरे समुदाय की युवती को झूठे नाम और झूठे वादों के जाल में फंसा कर एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया, जबकि सच्चाई सामने आने पर युवती को ब्लैकमेल कर बदनाम करने की धमकी देने लगा। पीड़िता की शिकायत पर मोतीनगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, जैसीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती सागर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इस दौरान गांव से सागर आते-जाते समय उसकी मुलाकात एक बस के कंडक्टर से हुई, जिसने अपना नाम राज बताया। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और फोन पर बातचीत शुरू हो गई। कुछ समय बाद युवती की नौकरी भोपाल में लग गई। वहां आरोपी ने उस पर दबाव डालकर नौकरी छुड़वा दी और उसे शादी का झांसा देकर भोपाल में किराए के मकान में साथ रहने के लिए मना लिया। इस दौरान युवक ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती को यकीन था कि वह उससे शादी करेगा। करीब आठ महीने बाद जब युवती को सच्चाई का पता चला, तो उसके होश उड़ गए। उसे जानकारी मिली कि आरोपी का असली नाम अकरम खान है, न कि राज। इतना ही नहीं, वह शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता भी है। यह जानने के बाद युवती ने उससे सारे रिश्ते तोड़ दिए और भोपाल छोड़कर अपने गांव वापस आ गई। लेकिन आरोपी ने पीछा नहीं छोड़ा। गांव आने के बाद भी वह फोन पर उसे परेशान करने लगा। कुछ दिन पहले आरोपी ने उसके साथ बिताए पलों की आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर भोपाल लौटने का दबाव बनाया। युवती के इनकार करने पर उसने धमकी दी कि वह इन तस्वीरों को इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर देगा। डरी-सहमी युवती ने आखिरकार अपने परिजनों को सारी बात बताई। इसके बाद परिजनों के साथ मोतीनगर थाना पहुंचकर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। चूंकि यह घटना भोपाल में हुई थी, इसलिए पुलिस ने मामले को जीरो पर पंजीबद्ध कर आगे की जांच भोपाल स्थानांतरित कर दी है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि युवती की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है।

सभी विभाग ई-ऑफिस का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें

महासमुंद  कलेक्टर विनय कुमार ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले के विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में शासन की प्राथमिकताओं, जन घोषणाओं, योजनाओं और आगामी आयोजनों को लेकर निर्देश दिए गए तथा जन शिकायत, जनदर्शन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, जवाब दावा आदि की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू एवं रविराज ठाकुर, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए कहा कि घोषणाओं पर अमल करते हुए कार्य प्रारम्भ करें। जनपद सीईओ और निर्माण एजेंसियां इस कार्य को गंभीरता से लें और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने गढ़फुलझर में पर्यटन के क्षेत्र में की गई घोषणाओं पर त्वरित अमल करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर ने समग्र शिक्षा अंतर्गत अपूर्ण एवं अप्रारम्भ कार्यों को प्रारम्भ करने के निर्देश दिए। अनुकम्पा के रिक्त पदों की जानकारी सभी प्रभारी अधिकारियों को दिए गए है ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। कलेक्टर ने शासन की महत्वपूर्ण ई-ऑफिस कार्यक्रम को सभी कार्यालयों में लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से ही प्रेषित किए जाए। इस संबंध में बैठक के दौरान अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। कलेक्टर ने खाद वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी निजी दुकान में खाद का अवैध भंडारण पाए जाने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। कृषि उप संचालक ने बताया कि जिले में वर्तमान में 18234 मीट्रिक टन खाद शेष है। उन्होंने बताया कि 469 मीट्रिक टन डीएपी खाद की खेप भी पहुंची है। जिसे जल्द ही समितियों तक पहुंचाया जाएगा। बैठक में किसानों से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसानों का पंजीयन अनिवार्य किया जाए। बिना पंजीयन के कृषक उन्नति योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके लिए राजस्व, कृषि और सहकारी विभाग मिलकर व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए। धान संग्रहण एवं उठाव केंद्रों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि बारिश को ध्यान में रखते हुए केंद्रों की मरम्मत गिट्टी व मुरम से की जाए ताकि धान को नुकसान न हो।  मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत अब तक जनभागीदारी से जल संचयन हेतु 144 इंजेक्शन वेल और 4777 सोखता गड्ढों का निर्माण किया जा चुका है। इस कार्य की सराहना करते हुए कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया जनभागीदारी से बन रहे जल संचयन के कार्यां में शिक्षा विभाग द्वारा 987, महिला बाल विकास द्वारा 531, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 29 एवं जिला पंचायत द्वारा 3241 गड्ढों का निर्माण जनभागीदारी से किया गया है। कलेक्टर ने कहा सभी एसडीएम फील्ड में जाकर विकास कार्यों का निरीक्षण करें और गुणवत्ता की निगरानी करें। कलेक्टर ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु नालियों और पानी की टंकियों की सफाई के निर्देश दिए गए। सभी नगरीय निकायों को सघन स्वच्छता अभियान चलाने को कहा गया। कलेक्टर ने राशन वितरण और आयुष्मान कार्ड निर्माण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, जनहित के कार्यों में पारदर्शिता सर्वोपरि है। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बैठक में राजस्व प्रकरणों, सुशासन तिहार, पीएम जनमन योजना आदि की भी समीक्षा की गई। पीएमजनमन अंतर्गत सभी विकास के संकेतांकों को 15 अगस्त के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शहर और गांवों के मुख्य मार्गों से आवारा पशुओं को तत्काल हटाया जाए। इससे यातायात व्यवस्था सुधरेगी और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। सभी नगरीय निकायों और पंचायतों को संयुक्त कार्यवाही करने को कहा गया। सभी विभागों को अपने कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और समय सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा गया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। 

कलेक्टर के मार्गदर्शन में क्रेडाई और प्रथम फाउंडेशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

धमतरी जिले के कौशल प्राप्त युवाओं को बेहतर प्लेसमेंट से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में द कॉन्फीडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया क्रेडाई और प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से राज्य समन्वयक स्किलिंग प्रोग्राम डॉ. विद्यासागर तथा क्रेडाई की ओर से राज्य सचिव श्री अभिषेक ने कलेक्टर श्री मिश्रा की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू के माध्यम से जिले के ऐसे युवा, जो इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग, वेल्डिंग, मेसन जैसे ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें अब क्रेडाई के माध्यम से देश के प्रतिष्ठित निर्माण स्थलों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे न केवल उन्हें अच्छी आमदनी मिलेगी, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा।          कलेक्टर श्री मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार से जोड़ना ज़रूरी है, और इस एमओयू के माध्यम से जिले में इस दिशा में एक मजबूत कदम उठाया गया है। कार्यक्रम में जिला कौशल विकास प्राधिकरण के सहायक संचालक डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता, प्रथम से श्री दिनेश बोरसे एवं श्री मोतीलाल, क्रेडाई से राज्य चेयरपर्सन श्री मृणाल गोलछा सहित दोनों संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

‘किसी बाबा के पीछे न भागें’, धीरेंद्र शास्त्री का सनातन धर्म पर जोर

बरसाना बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को प्रिया कुंज आश्रम पर ब्रज के विरक्त संत विनोद बाबा के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान विनोद बाबा ने कहा कि कुछ लोग जाति-पात के नाम पर सनातन धर्म को खत्म करना चाहते हैं। सनातन धर्म हर वर्ग से मिलकर बना है। समझ में नहीं आता कि हम क्यों जाति के नाम पर अपने ही भाइयों का खून बहाते हैं, जबकि अन्य धर्मों में कोई भी जाति के नाम पर बांटा नहीं है। अगर हम सबकी कोई जाति है, तो सिर्फ हिंदू है। जातियां कर्म के आधार पर बनी थी। भगवान ने कोई जाति नहीं बनाई। भगवान सिर्फ मनुष्य बनाए। जाति धर्म के नाम पर हम लोगों ने ही खुद को बांटा है।   हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि राधारानी मेरी मां है तो कृष्ण मेरे पिता हैं। बरसाना आने की प्रेरणा मुझे राधारानी से ही प्राप्त होती है, लेकिन विनोद बाबा में मुझे साक्षात राधारानी के दर्शन होते हैं। कहा कि जब धर्म के नाम पर पाकिस्तान इस्लामिक देश बन सकता है तो क्या धर्म के नाम पर भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। इसलिए हम सभी को जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद से परे उठकर हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए। हमारी बहन बेटियों को लव जिहाद के नाम पर मतांतरण कराया जा रहा है, जिससे सनातन धर्म विलुप्त हो जाए।   'सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन अद्भुत धर्म' इसके साथ ही उन्हों ने कहा कि सबसे बड़े दुर्भाग्य की बात तो यह कि हमारे ही सनातन धर्म के लोग चादर-फादर में अपने देवता को देखते है, जबकि सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन अद्भुत धर्म है। अन्य धर्मों के लोगों ने आज तक अपने भगवान को नहीं देखा सिर्फ भगवान के दूत को ही पूजते हैं। सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं। मजारों व मौलवी पास क्यों जातें है लोग- बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर श्रीमद्भागवत गीता में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि मैं ही ब्रह्म हूं, पूरा ब्रह्मांड मुझसे उत्पन्न है। चराचर जगत में मेरी ही सत्ता चलती है। उसके बावजूद सनातन धर्म के सबसे ज्यादा लोग मजारों व मौलवी के यहां अपने दुख-दर्द मिटाने जाते है। यह बात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ब्रज के विरक्त संत विनोद बाबा से मुलाकात के दौरान लोगों से कही।

दुबई में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, बोले- एमपी देगा भरोसेमंद अवसर

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गरीब से गरीब आदमी को सम्पन्न बनाने का संकल्प है। बदलते दौर का भारत प्रधानमंत्री मोदी के गत 11 वर्ष के कार्यकाल में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का प्रमाण है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के संकल्प की पूर्ति के लिए उद्योग और अर्थ-व्यवस्था के क्षेत्र में भारत के निरंतर सशक्त होने में पूरी तरह सहभागी है। उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहनकारी नीतियों का लाभ देने के साथ ही नीतियों से हटकर भी अतिरिक्त सुविधाएं देने का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश बिजनेस- फोरम के विशेष सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में पर्यटन, टेक्सटाइल और एमएसएमई सहित अन्य सेक्टर्स में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यमशीलता यह है कि उद्यमी न करे धनसंग्रहित बल्कि उस धन को उद्यम में लगाकर अपने व्यवसाय को और बढ़ाएं। इससे व्यापार कई गुना बढ़ जाता है। व्यापार की यह समझ दुबई के उन उद्योगपतियों में है जो भारतीय हैं और इस देश के विकास में विशेष सहयोगी हैं। टेक्समास टेक्सटाइल क्षेत्र देखकर सुखद अनुभव हुआ है, यहां योजना पक्ष की श्रेष्ठता देखने को मिली है। यह मॉडल मध्यप्रदेश में भी लागू करने का प्रयास रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सभी सेक्टर के निवेशकों का स्वागत कर रहा है। हम इसी उद्देश्य से दुबई आए हैं। केंद्र और राज्य सरकार गरीब से गरीब की जिंदगी बेहतर करने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिला पाएं, इसके लिए सरकार सभी दायित्वों का निर्वहन कर रही है। उद्योगपतियों के आगे बढ़ने के पीछे भारतीय संस्कृति और खान-पान की बड़ी भूमिका है। मध्यप्रदेश के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। राज्य सरकार दीर्घकालिक प्रगति के उद्देश्य से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के जो लाभ हैं उनके बारे में मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जानकारी दी है। भारत के साथ दुबई के परस्पर प्रगाढ़ व्यापारिक संबंध हैं। दुबई का इतिहास देखें तो 19वीं सदी में यह मत्स्य पालन और मत्स्य आखेट का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 1950 से 1970 के मध्य तेल की उपलब्धता ने इस क्षेत्र को बदल दिया। आज दुबई गगनचुम्बी अट्टालिकाओं के कारण जाना जाता है। यूएई की वर्तमान दशा में विश्व बंधुत्व का भाव भी शामिल है। वस्तुत: यह भारतीय दर्शन है। अरब के इस क्षेत्र ने हमारी भावना को अंगीकार किया है। यहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं जो कहीं भी जाकर समरस हो जाते हैं। अधिकांश बड़े आईआईटी या आईआईएम से शिक्षित नहीं हैं लेकिन उनकी जिंदगी के अनुभव इन डिग्रियों से महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुबई में भारत के मसालों की महक और व्यंजन का लाभ लेने का भी अवसर मिला इसकी कोई तुलना नहीं है। अब मेट्रो और बुलेट ट्रेन दुबई की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धन दौलत के साथ मन का प्रेम भी महत्वपूर्ण है। यहां बसे भारतीयों से ऐसा ही स्नेह मिला। दुबई पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद भी देखने को मिलता है। आपरेशन सिंदूर की सफलता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में डिजिटल युग से दुनिया छोटी हो गई है। बिना हिले -डुले करोड़ों का व्यवसाय किया जा सकता है। यही परिवर्तन युद्ध क्षेत्र में भी देखने को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपरेशन सिंदूर के माध्यम से यह संकल्प दुनिया को दिखा दिया कि हम शत्रु के घर जाकर उसे मार सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जीयो और जीने का संदेश भी दिया है। भारत का विरोध किसी देश से न होकर आतंकवादियों से है। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए चाहिए व्यापार की समझ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से लेकर वर्ष 2025 तक दुबई के साथ द्वि-पक्षीय संबंध विकसित किए हैं। गरीबों को सम्पन्न बनाने के लिए व्यापार की समझ होना चाहिए। इस दिशा में प्रधानमंत्री मोदी निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। उन्होंने 90 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी फ्री करने का कार्य किया। दुबई से उन्होंने दुनिया के द्वार खोले जो एक उदाहरण है। आज अन्य देश भी दुबई मॉडल के साक्षी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि फूड चैन सप्लाई से लेकर अन्य क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के दुबई से मजबूत संबंध रहेंगे। भारत की अर्थव्यवस्था पिछले दस वर्ष में बदल गई है। भारत जहां 11वें स्थान पर था अब तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। एविएशन सेक्टर में टाटा संस्थान ने मजबूती प्रदान की है। भारत में भी मेट्रो और वंदेभारत से आगे बढ़कर अहमदाबाद से मुम्बई के मध्य बुलेट ट्रेन शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का सोना जो अन्य देशों में था उसे वापस लाने का बड़ा कार्य भी किया है। इस तरह भारत की साख बढ़ाने का कार्य सक्षम प्रधानमंत्री श्री मोदी जी कर रहे हैं। किसान कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गेहूं और अन्य फसलों पर‍ किसानों को अच्छी कीमत देने के लिए रणनीति तैयार की गई। किसान का उत्पादन उन क्षेत्रों तक पहुंचे जहां बेहतर दाम मिल सकता है। मध्यप्रदेश में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता भी है। यहां कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी दुबई सहित अन्य देशों के उद्यमी आकर्षित हो रहे हैं। इससे पहले अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संजय दुबे ने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में तेज़ी से अग्रणी बन रहा है। मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में टेक्नोलॉजी की लहर चल रही है। इंदौर और भोपाल जैसे टियर-2 शहरों में तकनीकी प्रतिभा और आधारभूत संरचना दोनों उपलब्ध हैं। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ लिविंग, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्वच्छ वातावरण, ट्रांसपोर्टेशन समय में कमी, तकनीकी दक्ष युवा सहित कई सुविधाएं मौजूद है, जो राज्य को देश में तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बनाती है। मध्यप्रदेश आईटी और संबंधित क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और निवेशकों को वित्तीय और गैर वित्तीय सुविधाएं देने के लिये 5 नीतियां लागू की है। मध्यप्रदेश शीघ्र ही स्पेसटेक नीति लागू करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि उज्जैन … Read more