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मैत्री विद्या निकेतन में अलंकरण और शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

रिसाली मैत्री विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रिसाली में सत्र 2025-26 का अलंकरण एवं शपथ ग्रहण समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संस्था की अध्यक्ष श्रीमती राजम सुधाकरन तथा विशिष्ट अतिथि संस्था के प्रबंधक श्री एस. सजीव रहे। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत में प्रतीक स्वरूप नन्हा वनस्पति भेंट कर किया गया। साक्षात्कार द्वारा चयनित विद्यार्थी पदाधिकारियों को मुख्य मंच पर अलंकृत कर उनके कर्तव्यों का शपथ ग्रहण कराया गया। विद्यालय हेड बॉय ऋषभ प्रधान (कक्षा 12) एवं हेड गर्ल अंकिता कुर्रे (कक्षा 12) को मुख्य अतिथियों द्वारा बैज एवं शैश प्रदान किए गए। वाइस हेड बॉय अनिर्बान मुखर्जी (कक्षा 11) तथा वाइस हेड गर्ल श्रेया कोठारी (कक्षा 12) को भी उनके दायित्व सौंपे गए। विद्यालय की प्रबंधक एवं प्राचार्या डॉ. सजीता थंबी ने सभी पदाधिकारियों को विद्यालय की गरिमा एवं उत्तरदायित्व बनाए रखने की शपथ दिलाई। उप प्राचार्या डॉ. बीना सजीव ने हाउस कैप्टंस को हाउस की जिम्मेदारी निभाने तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। वहीं प्रधान अध्यापिका श्रीमती निशी साजन ने डिसिप्लिन कैप्टंस को विद्यालय अनुशासन को बनाए रखने के लिए शपथ ग्रहण कराया। अपने स्वागत संबोधन में डॉ. सजीता थंबी ने कहा कि विद्यालय की गतिविधियों, अनुशासन एवं विकास की जिम्मेदारी अब नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के कंधों पर है। उन्होंने हाउस कैप्टंस एवं डिसिप्लिन कैप्टंस की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर सभी गणमान्य अतिथियों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। हेड बॉय और हेड गर्ल ने विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने विचार साझा किए और दी गई जिम्मेदारियों को निष्ठा एवं समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लिया। समारोह का संचालन श्रीलता धावला ने किया। कार्यक्रम में संस्था के गणमान्य अधिकारीगण एवं विद्यालय परिवार के सदस्यगण उपस्थित रहे।

रायपुर : स्वच्छता से स्वावलंबन की मिसाल : राजकुमार की कहानी बनी ग्रामीण विकास का प्रेरणास्रोत

रायपुर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत अण्डा ने एक ऐसी पहल की है, जो स्वच्छता को आजीविका से जोड़कर ग्रामीण विकास की दिशा में एक नया आदर्श प्रस्तुत करती है। यह पहल न केवल एक शौचालय परिसर के निर्माण तक सीमित रही, बल्कि इसके माध्यम से एक ज़रूरतमंद ग्रामीण को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका भी प्रदान की गई। यह कहानी है श्री राजकुमार टंडन की, जो पहले एक ठेले में पान की दुकान चलाते थे। सीमित आमदनी और अस्थिरता से जूझते हुए वे जीवनयापन कर रहे थे। लेकिन ग्राम पंचायत अण्डा की दूरदर्शी सोच और स्वच्छ भारत मिशन के सहयोग से उनकी ज़िंदगी ने एक नया मोड़ लिया। ग्राम पंचायत ने बस स्टैंड और मुख्य सड़क से लगे शौचालय परिसर के भीतर एक कक्ष को दुकान के रूप में विकसित कराया। वर्ष 2024 में 5 लाख रूपए की लागत से यह संपूर्ण परिसर निर्मित हुआ, जिसमें सार्वजनिक सुविधा के साथ एक आजीविका केंद्र की व्यवस्था भी की गई। यह दुकान राजकुमार को निःशुल्क आवंटित की गई। आज राजकुमार इस पक्की दुकान में पान, ठंडा पेय और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचते हैं। पहले जहाँ उनकी आय सीमित थी, अब वे प्रत्येक माह लगभग 12  हज़ार की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं एक फ्रिज भी खरीदा है, जो कभी उनके लिए कल्पना से परे था। इसके साथ ही वे परिसर की स्वच्छता और रखरखाव की ज़िम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनका समर्पण आज उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बना चुका है, बल्कि वे गाँव के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए हैं। राजकुमार ने इस बदलाव के लिए जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत अण्डा का आभार व्यक्त किया है। ग्राम पंचायत अण्डा की यह पहल एक समग्र ग्रामीण विकास मॉडल के रूप में उभर रही है। जहाँ शौचालय केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वाभिमान और स्वावलंबन का केंद्र बन गया है। यह मॉडल सिद्ध करता है कि यदि सोच दूरदर्शी हो, तो स्वच्छता भी रोज़गार और सम्मान का माध्यम बन सकती है।यह उदाहरण अन्य ग्राम पंचायतों के लिए एक पथप्रदर्शक की भूमिका निभा सकता है।

रक्षा क्षेत्र में प्रगति: एलसीए मार्क 1A के लिए अमेरिका से आया दूसरा इंजन

नई दिल्ली  भारत रक्षा क्षेत्र में अपने कदम लगातार मजबूत कर रहा है। अमेरिका से LCA मार्क 1A फाइटर जेट प्रोग्राम के लिए दूसरा GE-404 इंजन नई दिल्ली पहुंच गया है। डिफेंस अफसरों के मुताबिक, यह इंजन पब्लिक सेक्टर कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को मिला। इस फाइनेंशियल ईयर के अंत तक एचएएल को 12 और GE-404 इंजन मिलने की उम्मीद है। ये इंजन LCA मार्क 1A फाइटर जेट्स में लगाए जाएंगे। हालांकि, अमेरिकी इंजन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को सप्लाई चेन मसलों की वजह से इन इंजनों की डिलीवरी में एक साल से ज्यादा की देरी हो चुकी है। इस साल की शुरुआत में जीई एयरोस्पेस ने एचएएल को LCA मार्क 1A के लिए 99 F404-IN20 इंजनों में से पहला इंजन डिलीवर किया था। HAL अब इन इंजनों को मार्क 1A फाइटर जेट्स में इंटीग्रेट करने और इंडियन एयर फोर्स (IAF) को 10 से ज्यादा ऐसे प्लेन सप्लाई करने की प्लानिंग कर रहा है। आईएएफ ने 83 LCA मार्क 1A फाइटर जेट्स के ऑर्डर दिए हैं। 97 और प्लेन खरीदने का प्रस्ताव डिफेंस मिनिस्ट्री से क्लियरेंस मिलने के बाद अब एडवांस्ड स्टेज में है। हाल ही में प्रिंसिपल सेक्रेटरी पीके मिश्रा ने बेंगलुरु में एचएएल की फैसिलिटीज का दौरा किया और एलसीए मार्क 2 प्रोजेक्ट के साथ-साथ मार्क 1A प्रोग्राम को भी रिव्यू किया। साल 2035 का रखा गया लक्ष्य एलसीए मार्क 2 प्रोजेक्ट को 2035 तक मिराज 2000, जगुआर और मिग-29 जैसे पुराने फाइटर जेट्स की जगह लेने के लिए तैयार किया जा रहा है। अगले 10 सालों में भारत 400 से ज्यादा स्वदेशी LCA एयरक्राफ्ट बनाएगा जिनमें अमेरिकी जीई इंजन वेरिएंट्स का इस्तेमाल होगा। LCA मार्क 2 के डेवलपमेंट के लिए 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दी गई है जो एलसीए तेजस का अपडेटेड और ज्यादा पावरफुल वर्जन होगा। जून 2023 में पीएम मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान GE इंजन की मैन्युफैक्चरिंग के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर बातचीत हुई थी। आने वाले सालों में तेजस वायुसेना का सबसे बड़ा फाइटर जेट फ्लीट बनने वाला है।  

लॉर्डस की हार से ऋषभ पंत हताश नहीं, कहा- टेस्ट क्रिकेट कभी सिखाना बंद नहीं करता

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारत जीत के काफी नजदीक पहुंचकर हार गया। इंग्लैंड ने 22 रन से मैच जीतकर 5 टेस्ट की सीरीज में 2-1 से बढ़त ले ली है। लॉर्ड्स की हार के बाद विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत पर उंगलियां उठ रही हैं। पहली पारी में उनका रनआउट होना और दूसरी पारी में महज 9 रन पर बोल्ड होना वाकई इस मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। फिर भी इस हार से भारतीय टीम के हौसले नहीं टूटे हैं। पंत ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखा है जिसका लब्बोलुआब यही है- हारे हैं लेकिन टूटे नहीं। फिर लड़ेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में हार बहुत चुभने वाली हार है। दिल तोड़ने वाली हार है। इसके साथ ही बहुत से अगर-मगर चल रहे। अगर ऐसा हुआ होता, अगर वैसा हुआ होता…तो हम नहीं हारते। पहली पारी में पंत का रनआउट होना अखर रहा है। पंत के रन आउट से पलट गया मैच! लॉर्ड्स टेस्ट का तीसरा दिन। लंच करीब था। भारत की पहली पारी चल रही थी। इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 387 रन बनाए थे। भारत का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 248 रन था। ऋषभ पंत और केएल राहुल डटकर खेल रहे थे। दोनों के बीच 141 रन की शतकीय साझेदारी हो चुकी थी। तभी पंत एक गलती करते हैं। जहां रन नहीं था, वहां रन लेने की कोशिश करते हैं। इस चक्कर में बेन स्ट्रोक्स के शानदार डायरेक्ट थ्रो से अपना विकेट गंवा देते हैं। 74 रन बनाकर उनकी पारी खत्म हो जाती है। भारत के लिए वह झटका इतना बड़ा था कि टीम के हाथ से इंग्लैंड पर बढ़त बनाने का सुनहरा मौका भी छिटक गया। हम जुझारूपन के साथ लड़े…पंत का छलका दर्द लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद पंत ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘हम जूझारूपन के साथ लड़े लेकिन कभी-कभी खेल आपके हिसाब से नहीं होता। टेस्ट क्रिकेट कभी सिखाना बंद नहीं करता।’ पंत के 'स्टुपिड' रन आउट पर भड़के फैंस लॉर्ड्स टेस्ट में रन आउट वाले वाकये के बाद पंत पर सोशल मीडिया पर मीम्स की बारिश हो गई। ऐसा ही एक मीम दिखा जिसमें हर्ष भोगले और सुनील गावस्कर को कॉमेंट्री करते दिख रहे हैं। उसमें गावस्कर को यह कहते दिखाया गया है कि स्टुपिड, स्टुपिड, स्टुपिड बोल दूं क्या? जब गावस्कर ने कॉमेंट्री में की थी पंत की खिंचाई सुनील गावस्कर ने ये बहुचर्चित शब्द तब कहे थे जब पिछले साल मेलबर्न टेस्ट में लय में आने के बावजूद ऋषभ पंत ने गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर अपना विकेट ऑस्ट्रेलिया को गिफ्ट किया था। चौथे टेस्ट के तीसरे दिन वह 28 रन बनाकर खेल रहे थे। तभी उन्होंने स्कॉट बोलैंड की गेंद पर नियंत्रण खो दिए और डीप थर्ड मैन पर कैच हो गए। तब कॉमेंट्री के दौरान गावस्कर ने गुस्से में कहा था, 'स्टुपिड! स्टुपिड! स्टुपिड! वहां दो फील्डर लगाए गए थे उसके बाद भी आपने यह शॉट खेला। आपने पिछला शॉट मिस किया था, और देखिए, आप कहां कैच हुए हैं। आप डिप थर्ड मैन पर कैच हुए हैं।'  

सत्ता के केंद्र में बदलाव की आहट: BJP अध्यक्ष और कैबिनेट में नई सूरत की तैयारी?

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच सरकार राज्यपालों में भी बदलाव कर रही है और राज्यसभा के लिए नेता चुने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले कैबिनेट में संभावित फेरबदल के संकेत हो सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर भाजपा या एनडीए सरकार के किसी दल की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इन बदलावों के जरिए कैबिनेट फेरबदल के लिए जमीन तैयार की जा रही है। हाल ही में हरियाणा, गोवा के लिए राज्यपाल और लद्दाख के लिए उपराज्यपालों की नियुक्ति की है। इससे एक दिन पहले ही एडवोकेट उज्ज्वल निकम, मीनाक्षी जैन, हर्षवर्दन श्रृंगला और सी सदानंद मास्टर को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है। अखबार से बातचीत में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'बड़े मंत्रालय वाले अधिकांश मंत्रियों को पिछली मोदी सरकार से रिपीट किया गया है…। अब तक इस बात पर जोर दिया जाता था कि निरंतरता बनी रही, लेकिन अब कैबिनेट को विदेश मामलों जैसी नई प्राथमिकताओं के साथ-साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ के चलते वाणिज्य मंत्रालय फिर संतुलित किया जा सकता है।' रिपोर्ट में भाजपा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कैबिनेट में राज्यसभा सांसद बदले जा सकते हैं, जिनका कार्यकाल अंतिम दौर में है और उन्हें संगठन में जगह दी जा सकती है। वहीं, अन्य का कहना है कि भाजपा जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी से नेताओं को देख सकती है। खास बात है कि बिहार में विधानसभा चुनाव हैं और लोजपा और जदयू बिहार आधारित पार्टियां हैं। एक भाजपा नेता ने अखबार से कहा, 'चीजें चल रही हैं और सवाल एक ही है कि अब आगे क्या होगा, गवर्नर में फेरबदल, अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य नेताओं की पार्टी संघठन में नियुक्ति की घोषणा या कैबिनेट फेरबदल।' कहा जा रहा है कि भाजपा 37 इकाइयों में से आधे से ज्यादा में अध्यक्षों का चुनाव कर चुकी है। साथ ही जल्द राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। फिलहाल, भाजपा की कमान केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हाथों में है।  

शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से वापसी पर नज़र, नासा ने साझा की चौंकाने वाली डिटेल्स

वॉशिंगटन भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और उनके क्रू मेंबर्स आज आज धरती पर वापस लौट रहे हैं। यह लोग अंतरिक्ष में करीब 18 दिन बिताने के बाद लौट रहे हैं। यह लोग अपने साथ ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में कुछ जरूरी डेटा और सामान लेकर आएंगे। एक्सिओम मिशन 4 क्रू मेंबर्स सोमवार को ही इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को अलविदा बोल चुके हैं। यह लोग अब धरती पर पहुंचने के बेहद करीब हैं। अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी से पहले नासा ने बताया कि यह लोग अपने साथ क्या-क्या लेकर आ रहे हैं। एक्सपेरिमेंट का डेटा नासा ने बताया कि एक्सिओम मिशन-4 पर गए अंतरिक्ष यात्री अपने साथ करीब 580 पाउंड सामान ला रहे हैं। इसमें नासा का हार्डवेयर और डेटा है। यह डेटा उन 60 से ज्यादा एक्सपेरिमेंट्स का है जो मिशन के दौरान इन अंतरिक्ष यात्रियों ने अंजाम दिया। ड्रैगन अंतरिक्ष यान और एक्सिओम स्पेस एएक्स-4 के सभी सदस्य मंगलवार को भारतीय समयानुसार अपराह्न तीन बजकर एक मिनट पर पृथ्वी के वाायुमंडल में फिर से प्रवेश करेंगे। यह लोग सैन डिएगो तट पर पानी में उतरेंगे। बता दें कि यात्रा पर रवाना होने से पहले एक्सिओम मिशन-4 कई बार स्थगित हुआ था। इसके बाद 25 जून को यह स्पेसक्राफ्ट फ्लोरिडा स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुआ। यह निजी अंतरिक्ष मिशन, भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए काफी अहमियत रखने वाला है। किया जाएगा डी-ऑर्बिट बर्न अंतरिक्ष यान के पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करते ही भारतीय समयानुसार आज अपराह्न दो बजकर सात मिनट पर प्रशांत महासागर के ऊपर ‘डी-ऑर्बिट बर्न’ होने की उम्मीद है। जब कोई अंतरिक्ष यान पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा होता है और उसे वापस धरती पर लाना होता है, तो उसकी गति को कम करना आवश्यक होता है ताकि वह कक्षा से बाहर निकलकर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सके। इसी गति को कम करने के लिए अंतरिक्ष यान के थ्रस्टर्स (छोटे इंजन) को एक निश्चित समय और दिशा में दागा जाता है। इस प्रक्रिया को ही ‘डी-ऑर्बिट बर्न’ कहते हैं। रिकवरी जहाज पर जाएंगे अंतरिक्ष यात्री अंतिम तैयारियों में कैप्सूल के ट्रंक को अलग करना और वायुमंडल में प्रवेश से पहले ‘हीट शील्ड’ को अनुकूलित करना शामिल है, जिससे अंतरिक्ष यान लगभग 1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान के संपर्क में आएगा। पैराशूट दो चरण में तैनात किए जाएंगे- पहले लगभग 5.7 किमी की ऊंचाई पर स्थिरीकरण पैराशूट, उसके बाद लगभग दो किमी की ऊंचाई पर मुख्य पैराशूट। अंतरिक्ष यान को एक विशेष रिकवरी जहाज पर उतारा जाएगा, जहां से अंतरिक्ष यात्रियों को कैप्सूल से बाहर निकाला जाएगा। सात दिन का होगा पुनर्वास एक्सिओम-4 के चालक दल की जहाज पर ही कई चिकित्सीय जांच की जाएंगी। इसके बाद वे तट पर आने के लिए एक हेलिकॉप्टर में सवार होंगे। चारों अंतरिक्ष यात्रियों को पुनर्वास में सात दिन बिताने पड़ सकते हैं, क्योंकि उन्हें अंतरिक्ष की कक्षा में अनुभव की जाने वाली भारहीनता के विपरीत, गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में पृथ्वी पर जीवन के लिए खुद को ढालना होगा।  

पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस को ठहराया जिम्मेदार

फर्रुखाबाद यूपी के फर्रुखाबाद पुलिस का रवैया एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी की लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में युवक ने ससुरालीजनों के साथ ही दो पुलिसकर्मियों को भी जिम्मेदार ठहराया। उधर, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए एसपी ने दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। ये मामला आदर्श थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का है। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना क्षेत्र के नगला छेदा गुतासी के रहने वाले दिलीप कुमार का अपनी पत्नी नीरज के साथ विवाद हो गया था। जिसकी शिकायत नीरज ने पुलिस से की। इस मामले को लेकर पुलिस ने दिलीप कुमार को पुलिस चौकी बुलाया तो वह अपने पिता राम रहीश के साथ पुलिस चौकी समझौते के लिए पहुंचा। रामरहीश का आरोप है कि सिपाही यशवंत यादव ने उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की, फिर सिपाही महेश उपाध्याय उसके पुत्र को अंदर ले गए और पिटाई की। बाद में 40 हजार रुपये लेकर समझौता कराया गया।इस घटना से आहत होकर दिलीप कुमार ने सोमवार- मंगलवार की रात में किसी समय फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे आज सुबह फांसी के फंदे पर लटका पाया। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल में जुट गई। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें उसने अपने ससुर बनवारी, साला राजू, आलूपुर के रहने वाले रजनेश राजपूत, हथियापुर पुलिस चौकी के सिपाही यशवंत यादव और महेश उपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने तत्काल प्रभाव से दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी के इस ऐक्शन से थाने में हड़कंप मच गया।  

राजनांदगांव के नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने की मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट

प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से  छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में राजनांदगांव जिले के नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निरंतर जनहित में कार्य कर रही है।  प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सुगम, सरल और सुलभ सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 24 अप्रैल को ‘राष्ट्रीय पंचायत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश की चयनित ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की शुरुआत की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल ग्रामीणों को डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में प्रदेश की अन्य पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। राजनांदगांव से आए नागरिक प्रतिनिधिमंडल ने जिले में प्रयास विद्यालय, नालंदा परिसर, एवं अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में बीते डेढ़ वर्षों के भीतर पेयजल विस्तार, सड़क निर्माण, और अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनका प्रत्यक्ष लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है। यह जनकल्याण और विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार संतुलित, समावेशी और सतत विकास के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को सतत विकास की  ओर अग्रसर करने के लिए कटिबद्ध है। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, श्री कोमल राजपूत, त्रिस्तरीय पंचायत पदाधिकारीगण और राजनांदगांव जिले के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।

स्वास्थ्य से खिलवाड़! छत्तीसगढ़ में सप्लाई की गई दवाएं पाई गईं अमानक, उपयोग पर रोक

रायपुर प्रदेश में मरीजों की सेहत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। इस बार अस्थमा, एलर्जी, गठिया और आंतों में सूजन के इलाज में दी जाने वाली प्रेडनिसोलोन टैबलेट (दवा कोड D-427) के एक बैच की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। संभावित खामी सामने आने के बाद दवा निगम ने इसके उपयोग और वितरण पर रोक लगा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि जब तक अगला आदेश न मिले, तब तक इस टैबलेट का इस्तेमाल और वितरण न किया जाए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रेडनिसोलोन टैबलेट बैच नंबर T-240368 (निर्माण तिथि: 01 जुलाई 2024, समाप्ति तिथि: 30 जून 2026, निर्माता: सनलाइफ साइंसेस) की गुणवत्ता संदिग्ध मानी जा रही है। इस टैबलेट का उपयोग सूजन, एलर्जी, अस्थमा, त्वचा रोग, जोड़ों के दर्द और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में किया जाता है। क्या है खतरा? स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, संदेह है कि यह दवा अमानक गुणवत्ता की हो सकती है। जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन प्राथमिक रूप से यह माना जा रहा है कि दवा में कोई तकनीकी या निर्माण संबंधी खामी हो सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले भी सीजीएमएससी द्वारा खरीदी गई दवाओं और सामग्री में गंभीर खामियां पाई जा चुकी हैं। बीते सप्ताह ही सर्जिकल ब्लेड की गुणवत्ता खराब होने का मामला सामने आया था। अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश रायपुर और बलौदाबाजार जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि उनके पास यह दवा मौजूद है, तो उसे अलग सुरक्षित स्थान पर रख दें और किसी मरीज को इसका वितरण न करें। आदेशों के उल्लंघन पर जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। बार-बार दोहराई जा रही लापरवाही यह पहला मामला नहीं है जब सीजीएमएससी द्वारा खरीदी गई दवाएं अमानक पाई गई हों। पिछले एक वर्ष में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेडनिसोलोन जैसी स्टेरॉइड दवा शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करती है। यदि यह खराब गुणवत्ता की हो, तो इसके दुष्परिणाम जानलेवा हो सकते हैं। बिना परीक्षण के इस तरह की दवाओं को अस्पतालों तक भेजना सीधे मरीजों की जान से खिलवाड़ करने जैसा है।  प्रदेश में मरीजों की सेहत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। इस बार अस्थमा, एलर्जी, गठिया और आंतों में सूजन के इलाज में दी जाने वाली प्रेडनिसोलोन टैबलेट (दवा कोड D-427) के एक बैच की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं।

महासमुंद : एक दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न

महासमुंद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना के अंतर्गत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री एस. आलोक के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सभाकक्ष में एक दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 112 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें विभिन्न बैंकों के अधिकारी, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर, एरिया कोऑर्डिनेटर, एफएल एंड सीआरपी, बीमा सखी, पीआरपी एवं अन्य फील्ड स्टाफ शामिल रहे। कार्यशाला का उद्देश्य बैंकर्स और फील्ड स्टाफ को वित्तीय प्रक्रियाओं की जानकारी देना था, ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक प्रभावी, समन्वित एवं परिणाम मुखी भूमिका निभा सकें। कार्यशाला में बिहान योजना की अवधारणा और उद्देश्यों की समझ, स्वयं सहायता समूह के क्रेडिट लिंकेज की प्रक्रिया, उद्यम वित्त के अवसर, बीसी सखी मॉडल की संरचना एवं संचालन प्रक्रिया, सरकारी बीमा योजनाओं की जानकारी नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की समस्या और समाधान के उपाय, कम्युनिटी बेस्ड रिकवरी मैकेनिज्म कमेटी की भूमिका जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही फाइनेंशियल लिटरेसी कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उन्हें प्रशिक्षण के माध्यम से वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने, स्व सहायता समूह के सदस्यों को बैंकिंग से जोड़ने और दस्तावेज़ीकरण में सहयोग हेतु सशक्त किया गया। कार्यक्रम में एनआरपी श्री सतपती, डीडीएम नाबार्ड, आरसेटी डायरेक्टर, एनआरएलएम एपीओ, डीपीएम, डीसी श्री दिलीप साहू एवं अन्य एनआरएलएम सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहे।