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भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया

बेगूसराय बेगूसराय में मंगलवार को भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने धोखाधड़ी के एक मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया. उन्होंने कोर्ट में बॉन्ड जमा किया, जिसके बाद उन्हें नियमित जमानत मिल गई. यह मामला 24 अक्टूबर 2023 को समस्तीपुर जिले के सिंहिया में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा है. अक्षरा के पिता के खिलाफ परिवाद दायर किया गया था दरअसल, कार्यक्रम आयोजक शिवेश मिश्रा ने अदालत में आरोप लगाया था कि अक्षरा सिंह ने तय समय से काफी कम महज आधे घंटे की प्रस्तुति दी और मंच पर माइक को तोड़कर कर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चली गईं. उन्होंने इसे धोखाधड़ी मानते हुए उनके और उनके पिता विपिन सिंह के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया था. 30 जून को मिली थी अग्रिम जमानत इस मामले में बेगूसराय कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ओम प्रकाश ने अक्षरा सिंह और उनके पिता को समन जारी कर कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया था. अक्षरा सिंह को पहले ही 30 जून को अग्रिम जमानत मिल गई थी और 10,000 रुपये के मुचलके पर बॉन्ड भरने का निर्देश दिया गया था. उसी आदेश के अनुपालन में आज उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण कर बंधपत्र दाखिल किया. कोर्ट में पेशी के दौरान अक्षरा सिंह ने मीडिया से बात करने से परहेज किया, लेकिन बार-बार सवाल पूछे जाने पर उन्होंने सिर्फ 'हर हर महादेव' का जयघोष किया. अक्षरा सिंह की वकील सीमा देवी ने बताया, 'हमने अग्रिम जमानत पहले ही ले रखी थी. आज नियमित प्रक्रिया के तहत आत्मसमर्पण कर बंधपत्र दाखिल किया गया, और कोर्ट से जमानत मिल गई.' वहीं, वादी शिवेश मिश्रा के अधिवक्ता प्रमोद कुमार ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान दर्शकों के साथ विश्वासघात हुआ, जिसे लेकर मामला दर्ज कराया गया है. फिल्म अभिनेत्री अक्षरा सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में IPC की धारा 406 (ग़बन व विश्वासघात), 427 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) और 34 (साझा आपराधिक मंशा) के तहत केस दर्ज किया गया है। एक्ट्रेस को देखने के लिए कोर्ट परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई है. 

देशभर में नक्सलियों के बुरे दिन, नक्सलियों का कबूलनामा कुल 357 साथी मारे गए

रायपुर  नक्सली संगठनों ने अपने कबूलनामे में माना है कि सुरक्षाबलों के हाथों पिछले एक साल में उनके 357 माओवादी मारे जा चुके हैं. कबूलनामे के मुताबिक सुरक्षाबलों के गोलियों के शिकार हुए नक्सलियों में महिला नक्सली भी शामिल हैं, जिनकी संख्या 136 बताई गई है. नक्सलियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त मुहिम से नक्सल संगठनों की हालत खराब है. लगातार नक्सली निशाने पर आ रहे नकस्ली या तो सरेंडर करने को मजबूर हैं या गिरफ्तार हो रहे हैं वरना सुरक्षाबलों के गोलियों के शिकार होकर मारे जा रहे हैं. जहां, 281 नक्सली मारे गए  रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए नक्सलियों में 4 सीसी मेम्बर 15 राज्य कमेटी के नक्सली शामिल बताए जाते हैं. कबूलनामे के मुताबिक एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को सबसे बड़ा नुकसान दण्डकारण्य में हुआ है, जहां, 281 नक्सली मारे गए हैं. जबकि, कुछ महीने पहले भी नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी के प्रवक्ता ने लेटर जारी किया था। जिसमें डेढ़ साल में 400 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने का जिक्र था। इधर, पुलिस के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में सिर्फ बस्तर में ही करीब 420 से ज्यादा नक्सलियों का एनकाउंटर हुआ है। वहीं इस बीच बीजापुर में नक्सलियों ने 2 शिक्षा दूतों की हत्या कर दी है। 15 जुलाई की सुबह पीलूर गांव में के जंगल में लाश बरामद हुई है। एक की पहचान विनोद मडे के तौर पर हुई है। वो शिक्षा दूत था। इन पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाया गया है। फिलहाल घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले, बीजापुर में नक्सलियों ने 15 दिनों में मुखबिरी के शक में 6 लोगों की हत्या की थी। जिसमें 4 ग्रामीण और 2 छात्र शामिल हैं। 136 महिला नक्सली भी शामिल दरअसल, नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी के नाम से जारी इस बुकलेट में लिखा है कि सालभर में नक्सलियों के पोलित ब्यूरो मेंबर और नक्सल संगठन के महासचिव बसवा राजू समेत सेंट्रल कमेटी के 4 सदस्य, स्टेट कमेटी के 16 सदस्य मारे गए हैं। इन 357 में 136 महिला नक्सली भी मारी गई हैं। सबसे ज्यादा दंडकारण्य में 281 नक्सली ढेर हुए हैं। इन राज्यों में इतने नक्सली मारे गए नक्सलियों के इन आंकड़ों के मुताबिक, 14 बिहार-झारखंड, 23 तेलंगाना, 281 दंडकारण्य, 9 आंध्र-ओडिशा विशेष क्षेत्र/आंध्र प्रदेश, 8 महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी), 20 ओडिशा, 1 पश्चिमी घाट और 1 पंजाब से हैं। उनके 4 साथी खराब स्वास्थ्य और अनुचित उपचार के कारण, 1 दुर्घटना में, 80 फर्जी मुठभेड़ों में और 269 घेराबंदी हमलों में मारे गए। इन कैडर्स के नक्सली ढेर मारे गए नक्सलियों में बसवा राजू समेत राज्य समिति स्तर के 16, जिला समिति के 23, एसी/पीपीसी के 83, पार्टी के 138 सदस्य, PLGA के 17 सदस्य, जन संगठनों के 6 सदस्य और 34 लोग शामिल हैं। 36 लोगों का विवरण उपलब्ध नहीं है। नक्सलियों का कहना है कि अधिकांश कगार युद्ध में मारे गए हैं। घेराबंदी के दौरान कुछ साथी पकड़े गए। जिनकी हत्या की गई। सिर्फ बस्तर में ही मारे गए 420 से ज्यादा नक्सली बस्तर में 1 जनवरी 2024 से जून 2025 तक हुई अलग-अलग मुठभेड़ों में 420 से ज्यादा नक्सलियों का एनकाउंटर किया गया है। पुलिस के मुताबिक इनमें 2024 में 217 नक्सली और पिछले 6 महीने में 200 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। वहीं नक्सलियों के अलग-अलग लेटर में जारी आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि नक्सल संगठन भी मारे गए नक्सलियों के स्पष्ट आंकड़े जारी नहीं कर रहा है। पिछले डेढ़ साल में नक्सलियों को बड़ी क्षति पहुंची है। शहीदी सप्ताह मनाएंगे नक्सली अपने मारे गए साथियों की याद में नक्सली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाएंगे। इस दौरान मारे गए साथियों को श्रद्धांजलि देंगे। गांव-गांव में सभा करेंगे। वहीं इस दौरान नक्सली किसी बड़े हमले की भी प्लानिंग करते हैं। नक्सलियों के बुकलेट में लिखा है कि देश में क्रांतिकारी आंदोलन को खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के 'कगार' युद्ध को विफल किया जाएगा। जनसमुदाय को वर्ग संघर्ष और गुरिल्ला युद्ध में लामबंद करने की बात लिखी है। 24 पेजों वाला बुकलेट जारी  नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी ने जारी एक प्रेस नोट में यह कबूल किया है. करीब 24 पेज वाले गोंडी बोली व इंग्लिश भाषा में नक्सलियों ने कबूलनामे का बुकलेट भी जारी किया हैं. कबूलनामे के मुताबिक नक्सली संगठन मारे गए साथियों की याद में 28 जूलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाएंगे. पिछले एक साल में सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए नक्सलियों में 4 सीसी मेम्बर 15 राज्य कमेटी के नक्सली शामिल बताए जाते हैं. कबूलनामे के मुताबिक एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को सबसे बड़ा नुकसान दण्डकारण्य में हुआ है, जहां, 281 नक्सली मारे गए हैं. मार्च, 2026 तय है नक्सल उन्मूलन! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश से नक्सलियों को उखाड़ फेंकने के लिए सुरक्षाबलों को खुली छूट दे रखी है. शाह ने नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए मार्च, 2026 की तारीख भी तय कर दी है. सुरक्षाबलों की कार्रवाई से हलकान होकर लगातार नक्सली सरेंडर कर रहे हैं,  जिससे संगठन लगातार कमजोर हुआ है.  

डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान

नशे से दूरी है जरूरी अभियान का शुभारंभ नशा केवल स्वास्थ्य नहीं सामाजिक ताने-बाने को भी करता है छिन्न-भिन्न : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डीजीपी मकवाना ने मुख्यमंत्री के संदेश एवं अभियान के पोस्टर का किया विमोचन 30 जुलाई तक चलेगा राज्य स्तरीय अभियान प्रदेशवासियों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेगी मध्यप्रदेश पुलिस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है। जो युवाओं, परिवार और समाज की जड़ों को खोखला बना रही है। नशे की जद में आकर कई परिवार उजड़ जाते हैं। नशा नाश की जड़ है, जो न केवल स्वास्थ्य को खत्म करता है बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में मंगलवार से 30 जुलाई तक प्रारंभ हुए नशामुक्ति अभियान – "नशे से दूरी है जरूरी" के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अत्यंत दु:खद है कि युवाओं के बीच नशे का चलन तेजी से बढ़ रहा है। युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें इस दलदल से बचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह संकल्पित है। "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान चलाने का उद्देश्य न केवल नशे को रोकना है बल्कि समाज में नई चेतना जागृत करना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से म.प्र. पुलिस द्वारा संचालित नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने का आहवान किया है। डीजीपी ने किया अभियान का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुलिस मुख्यालय, भोपाल में मंगलवार को वृहद नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वीडियो संदेश तथा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया। विशेष पुलिस महानिदेशक सी.आई.डी. पवन श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्स के.पी. वेंकटेश्वर, पुलिस महानिरीक्षक ए.एन.ओ. डॉ. आशीष, पी.एस.ओ.टू. डीजीपी विनीत कपूर, सहायक पुलिस महानिरीक्षक संजीव कुमार कंचन एवं एसओ टू डीजीपी मलय जैन उपस्थित थे। डीजीपी मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से समाज में नशे की प्रवृत्ति की प्रभावी रोकथाम के लिए यह जनजागरूकता अभियान ‘’नशे से दूरी-है जरूरी’’ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन युवाओं को खोखला कर उनके परिवारों को भी बर्बाद कर रहा है। देश एवं प्रदेश के शीर्षस्थ राजनैतिक नेतृत्व भी इस विकराल समस्या से चितिंत एवं इसके निदान के लिये प्रयासरत है। समाज की ये नैतिक जिम्मेदारी है कि नशे के दुष्प्रभावों से विशेषकर किशोर बच्चों और युवाओं को अवगत कराएँ और नशे से दूर रखें। उन्होंने कहा कि ‘’हमारा है यही संदेश- नशा मुक्त हो मध्यप्रदेश’’। अभियान में उच्च शिक्षा, ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास और स्कूल शिक्षा विभागों सहित एनजीओ और धार्मिक संस्थान की सक्रिय सहभागिता रहेगी। हर दिन होंगी जागरूकता की गतिविधियां अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी जिनमें स्थानीय रेडियो और एफएम चैनलों के माध्यम से प्रसारण, सार्वजनिक स्थलों पर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स का प्रदर्शन और पंपलेट का वितरण शामिल है। प्रिंट मीडिया, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से वीडियो प्रचार किया जाएगा। सफाई वाहनों पर लगे पीए सिस्टम से नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर हैशटैग #नशे_से_दूरी_है_जरूरी, #Say No To Drugs, #NashamuktMP के माध्यम से व्यापक संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे। अभियान के दौरान प्रत्येक आयोजन स्थल पर नशामुक्ति से संबंधित ‘सेल्फी पॉइंट’ बनाए जाएंगे जिससे आमजन की भागीदारी को और प्रोत्साहन मिल सके। नारकोटिक्स से संबंधित शिकायतों और परामर्श के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं 14446 और वेबसाइट https://ncbmanas.gov.in का व्यापक प्रचार किया जाएगा। अभियान में प्रचार सामग्री जैसे कैप्स, रिस्ट बैंड्स, बैजेस, पोस्टर और बैनर भी वितरित किए जाएंगे। प्रदेश के सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रावासों में ‘छात्रावास नशामुक्ति समितियों’ का गठन किया जाएगा। अभियान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय गायत्री परिवार, आर्ट ऑफ लिविंग, हार्टफुलनेस जैसे सामाजिक व धार्मिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है। सामाजिक न्याय एवं एमएसएमई विभाग द्वारा प्रशिक्षित "मास्टर वॉलंटियर्स" नागरिकों व छात्रों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे। "कला पथक दल" द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत के माध्यम से भी जनजागरूकता फैलाई जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं जैसे Alcoholics Anonymous और Narcotics Anonymous भी इस अभियान में अपना योगदान देंगी। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित "युवा संगम" के अंतर्गत "प्रहरी क्लब"/ "ओजस क्लब" और "उमंग मॉड्यूल" के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित "Manhit App" के माध्यम से नशा पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल और टेक्नीकल कॉलेजों सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सहयोग से पोस्टर, शॉर्ट मूवी और जागरूकता संदेश साझा किए जाएंगे।  

जगदलपुर में शिक्षा सुधार की पहल, शिक्षकों को विनोबा ऐप अपनाने की सलाह

जगदलपुर : शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु शिक्षक उपयोग करें विनोबा एप्प-सीईओ जैन शिक्षकों को विनोबा ऐप के उपयोग का सुझाव, शिक्षा गुणवत्ता में आएगा सुधार : सीईओ जैन जगदलपुर में शिक्षा सुधार की पहल, शिक्षकों को विनोबा ऐप अपनाने की सलाह शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश जगदलपुर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के दृष्टिकोण से सोमवार को जिले के शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक कलेक्टर हरिस एस के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन द्वारा ली गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जैन ने कहा कि सभी शिक्षक विनोबा एप्प के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी नियमित तौर पर प्रदान करें। जिला स्तर से सभी गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जाएगी और बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही अवंती फाउंडेशन के माध्यम से जिले के प्रतिभावान बच्चों को जेईई की तैयारी के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसके लिए मेघावी बच्चों के चयन की प्रक्रिया शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। उन्होने कहा कि जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रावीण्य सूची में स्थान दिलाने हेतु लक्ष्य के पूर्ति हेतु शिक्षकों को आवश्यक प्रयास करने के संबंध में निर्देशित किया गया है। इसे मद्देनजर रखते हुए बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने सहित उत्कृष्ट नतीजे हासिल करने के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित करें।      बैठक के दौरान मासिक टेस्ट एवं परीक्षा, यु-डाईस प्रोग्रेशन, शाला त्यागी के प्रवेश, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब क्रियान्वयन एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत संमीक्षा की गई। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा अखिलेश मिश्रा, एपीसी राकेश खापर्डे एवं जयनारायण पाणीग्राही, विनोबा ऐप की जिला समन्वयक नीलिमा, अवंती फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित जिले में पदस्थ खंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्त्रोत समन्वयक एंव प्राचार्य उपस्थित थे। शिक्षा में बदलाव और सीखने के प्रयासों में सुधार लाने हेतु व्यापक डिजिटल मंच है विनोबा एप्प            विनोबा ऐप ओपन लिंक फाउंडेशन द्वारा विकसित की गई है ऐप का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को शैक्षिक सहायता प्रदान करना है। जो शिक्षण सामग्री की उपलब्धता के साथ ही यह शिक्षकों को दैनिक एवं साप्ताहिक योजनाएँ, गतिविधियां, वर्कशीट और वीडियो सहित विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्री प्रदान करती है। इससे शिक्षक अपनी कक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकते हैं और बच्चों को रुचिकर तरीके से पढ़ा सकते हैं।        विनोबा ऐप शिक्षकों को अपने काम को सुविधाजनक बनाने और नवाचार को बढ़ावा देने में मदद करता है। दूरस्थ अंचलों के स्कूलों में जहां शिक्षकों की कमी होती है, वहां ऑडियो-वीडियो माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में सहायता मिलती है। शिक्षक अपनी कक्षागत गतिविधियों, स्कूल में होने वाले कार्यक्रमों, फोटो और वीडियो को ऐप पर साझा कर सकते हैं। यह शिक्षकों को एक-दूसरे के काम से सीखने, सर्वोत्तम उदाहरण को अपनाने और एक जीवंत शिक्षक समुदाय बनाने में मदद करता है। ऐप के माध्यम से स्कूलों की गतिविधियों और शिक्षकों के प्रदर्शन की निगरानी की जा सकती है। संकुल, ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारी स्कूलों की गतिविधियों को देख सकते हैं और आवश्यक निर्देश या मार्गदर्शन दे सकते हैं। यह दैनिक और मासिक छात्र उपस्थिति की निगरानी में भी योगदान देता है, जिससे शीर्ष प्रदर्शन करने वाले स्कूलों की पहचान की जा सकती है। यह डेटा विश्लेषण के आधार पर त्वरित उपाय और मार्गदर्शन प्रदान करने में मदद करता है। शिक्षा अधिकारी स्कूल दौरों, स्कूल गतिविधियों और कक्षाओं पर अपने अनुभव और टिप्पणियों को आसानी से रिकॉर्ड और साझा कर सकते हैं। यह ऐप विभिन्न डेटा संग्रह चैनलों जैसे फॉर्म, एक्सेल शीट, ओएमआर शीट आदि के माध्यम से शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों से जानकारी एकत्र करने में मदद करता है। साथ ही अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और स्कूलों की पहचान की जाती है। ऐसे शिक्षकों को ब्लॉक या जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है, जिससे अन्य शिक्षकों को प्रेरणा मिलती है। यह ऐप समग्र शिक्षा अकादमिक कार्यक्रमों जैसे मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान, जीवन कौशल कार्यक्रम जैसे कविता पाठ, कहानी सुनाना, विज्ञान क्लब, पर्यावरण क्लब, किचन गार्डन, स्पोकन इंग्लिश इत्यादि को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता प्रदान करता है। विनोबा ऐप ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा में बदलाव लाने और सीखने के परिणामों में सुधार लाने के लिए एक व्यापक डिजिटल मंच है, जो शिक्षकों को सशक्त बनाता है और संचार को सुव्यवस्थित करता है।    

एक्टर आस‍िफ खान को आया हार्ट अटैक, हॉस्पिटल में भर्ती

'पंचायत' और 'भूतनी' जैसी लोकप्रिय फिल्म-वेब सीरीज में काम कर चुके एक्टर आसिफ खान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. एक्टर को 2 दिन पहले दिल का दौरा पड़ा. ये खबर जानने के बाद फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप मच गई है. ये घटना अचानक हुई, लेकिन समय रहते उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में एडमिट कराया गया. अब वो ठीक हैं और कुछ दिनों में अस्पताल से उनकी छुट्टी हो सकती है.  एक्टर आसिफ खान को पड़ा दिल का दौरा आसिफ 34 साल के हैं और इस उम्र में उन्हें दिल का दौरा पड़ने की खबर शॉकिंग है. लेकिन अच्छी बात ये है कि अब एक्टर की हालत स्थिर है और उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है. कहा जा रहा है कि आसिफ जब तक पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते, तब तक वो डॉक्टर्स की निगरानी में रहेंगे. राहत की बात ये है कि वो खतरे से बाहर हैं. हेल्थ को लेकर क्या बोले आसिफ हार्ट अटैक आने के बाद आसिफ खान ने अपनी हेल्थ को लेकर बात की है. इंडिया टुडे संग बातचीत में उन्होंने कहा कि 'पिछले कुछ घंटों से मैं कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था, जिसकी वजह से मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. शुक्र है, अब मेरी तबीयत में सुधार है और मैं पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहा हूं. आप सभी के प्यार, चिंता और शुभकामनाओं के लिए दिल से धन्यवाद. आपका साथ मेरे लिए बहुत मायने रखता है. मैं जल्द ही वापसी करूंगा. तब तक मुझे अपनी दुआओं में याद रखने के लिए शुक्रिया.'   इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया भावुक मैसेज जैसे ही उनकी तबीयत ठीक हुई, उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक भावुक कर देने वाला मैसेज शेयर किया है. उन्होंने लिखा कि पिछले 36 घंटों से ये सब देखने के बाद ये एहसास हुआ. जिंदगी बहुत छोटी है, एक भी दिन को हल्के में मत लीजिए. एक पल में सबकुछ बदल सकता है.  आगे वो लिखते हैं कि 'आपके पास जो कुछ है, उसके लिए शुक्रगुजार रहिए. अपनों को पहचानिए और उन्हें हमेशा प्यार दीजिए. जिंदगी एक तोहफा है और हम वाकई खुशनसीब हैं.' आसिफ को 'मिर्जापुर' और 'पाताल लोक' जैसे वेब सीरीज में उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए जाना जाता है. वो छोटे पर दमदार किरदार निभाने के लिए मशहूर हैं.   एक्टर की पर्सनल लाइफ की बात करें, तो उन्होंने पिछले साल 10 दिसंबर को अपनी गर्लफ्रेंड जेबा संग निकाह किया था. निकाह के बाद वो जेबा संग अपनी ड्रीमी लाइफ जी रहे हैं. शादी के बाद वो अपनी वाइफ जेबा संग उमराह करने भी जा चुके हैं. आसिफ इंस्टग्राम पर एक्टिव हैं और उन्हें फैन्स को छोटी से छोटी अपडेट देना अच्छा लगता है.

बोट क्लब पर ट्रैफिक प्रतिबंध: सुबह 5 से 9 तक नहीं मिलेगी एंट्री, 26 जुलाई तक लागू

भोपाल  15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के चलते मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक के मार्ग पर सुबह 5 से 9 बजे तक ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन नहीं गुजर सकेंगे।15 से 26 जुलाई 2025 तक बोट क्लब पर आयोजित वायु सेना अग्नि वीर भर्ती के कारण मुख्यमंत्री निवास गेट-1 से वन विहार गेट तक का मार्ग सुबह 5 से 9 बजे तक पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान इस मार्ग से किसी भी प्रकार के वाहन की आवाजाही नहीं हो सकेगी। वन विहार जाने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटक और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की व्यवस्था की है। ऐसे में वन विहार घूमने की सोच रहे लोग सीधे इस वैकल्पिक गेट का उपयोग करें, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। ट्रैफिक पुलिस की अपील, नियमों का पालन करें यातायात पुलिस भोपाल ने आम जनता से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर सुबह के समय अनावश्यक रूप से न जाएं। किसी प्रकार की परेशानी की स्थिति में यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। वन विहार की ओर जाने वाले पर्यटकों और नागरिकों के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। ऐसे लोग जो वन विहार जाना चाहते हैं, उन्हें गेट नंबर-02 से प्रवेश करने की सलाह दी जाती है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्ग पर अनावश्यक रूप से सुबह के समय यात्रा से बचें। किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करने पर यातायात हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।

विवादित वीडियो से मचा बवाल, कांवड़ यात्रा को लेकर शिक्षक पर दर्ज हुई प्राथमिकी

बरेली बरेली जिले की बहेड़ी थाना पुलिस ने कथित तौर पर कांवड़ यात्रा को लेकर एक विवादित गीत का वीडियो सामने आने पर एक इंटर कॉलेज के शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, एमजीएम इंटर कॉलेज के शिक्षक रजनीश गंगवार द्वारा कांवड़ यात्रा को लेकर विवादित गीत गाने पर मामला पंजीकृत कर लिया गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए वीडियो में शिक्षक गंगवार को कॉलेज में बच्चों के सामने गीत गाकर कांवड़ न लाने और ज्ञान का दीप जलाने की बात कहते सुना जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर नाराजगी जतायी है। महाकाल सेवा समिति के पदाधिकारियों, एक सभासद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पुलिस से मिलकर शिक्षक के ख़िलाफ़ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। थाना बहेड़ी के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) संजय तोमर ने बताया कि शिक्षक रजनीश गंगवार के खिलाफ सोमवार की रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (2) (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार सिंह ने सोमवार को आधी रात जारी एक बयान में कहा कि थाना बहेडी क्षेत्र के तहत आने वाले एमजीएम इंटर कॉलेज के अध्यापक का एक वीडियो सार्वजनिक होने के संबंध में पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, बरेली के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो के बारे में जांच कराई गई और इसमें शिक्षक से भी स्पष्टीकरण लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की मंशा खराब नहीं है, वीडियो पहले का है और किसी ने तूल देने के लिए जानबूझकर सावन के दिनों में इसे प्रसारित किया है। पुलिस से इस मामले में शिकायत करने वालों में भाजपा नेता राहुल गुप्ता, महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष शक्ति गुप्ता, नगर पालिका सभासद दिनकर गुप्ता, महंत धर्मेंद्र रस्तोगी और कई अन्य लोग शामिल हैं।  

बीजापुर में शिक्षा दूत की हत्या, शिक्षा दूतों का नक्सलियों पर पुलिस मुखबिर होने के शक में हत्या का

बीजापुर  नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगा रहे दो शिक्षादूतों की बीती रात नक्सलियों ने अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी. मृतक शिक्षादूतों की पहचान पिल्लूर निवासी विनोद मड्डे (32 वर्ष) जो कोंडापड़गु प्राथमिक शाला में पदस्थ थे. दूसरे शिक्षा दूत की पहचान सुरेश मेटा (28 वर्ष) के रूप में हुई है जो प्राथमिक शाला, टेकमेटा में पदस्थ थे. दोनों के शव गांव के पास जंगल में फेंके गए मिले हैं. जबरन घर से उठाकर नक्सलियों ने की हत्या: ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात अज्ञात नक्सलियों ने दोनों को जबरन घर से उठाया, उनसे पूछताछ के बाद कुछ ही घंटों बाद उनकी हत्या कर दी. यह घटना फारसेगढ़ थाना क्षेत्र की है, परंतु इलाके में फैले डर के कारण ग्रामीण अब तक पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवा सके हैं.  इससे पहले, बीजापुर में नक्सलियों ने 15 दिनों में मुखबिरी के शक में 6 लोगों की हत्या की थी। जिसमें 4 ग्रामीण और 2 छात्र शामिल हैं। नक्सलियों ने पिछले 25 साल में 1821 लोगों का मर्डर किया है। 17 जून को 3 लोगों की हुई थी हत्या इससे पहले, 17 जून 2025 को नक्सलियों ने बीजापुर जिले के एक गांव में 3 ग्रामीणों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इनमें एक 13 साल का 7वीं और दूसरा 20 साल का कॉलेज का छात्र और तीसरा ग्रामीण युवक शामिल है। पूरा मामला पेद्दाकोरमा गांव का है। गांववालों का कहना था कि, 17 जून की शाम करीब 70 से 80 की संख्या में हथियार बंद नक्सली पहुंचे थे। उन्होंने छात्र सोमा मोड़ियाम (20), अनिल माड़वी (13) समेत एक अन्य ग्रामीण को घर से उठा लिया था।सोमा इसी साल 12वीं पास कर कॉलेज में दाखिल हुआ था, जबकि अनिल 7वीं का छात्र था। नक्सली गांव के 10 से ज्यादा लड़कों को बंधक बनाकर अपने साथ लेकर गए। हालांकि, उनकी बेदम पिटाई करने के बाद उन्हें छोड़ दिया। पुलिस के एक्शन से बौखलाए नक्सली अब स्कूल और कॉलेज के बच्चों का कत्ल कर रहे हैं। सरेंडर नक्सली के रिश्तेदारों की हत्या दरअसल, मारे गए सभी ग्रामीण DVCM कैडर के सरेंडर नक्सली दिनेश मोड़ियम के रिश्तेदार थे। नक्सलियों ने आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों ने उसे सरेंडर करने के लिए उकसाया, उससे पैसे लिए। इसी वजह से इनकी हत्या कर मौत की सजा दे दी। 22 जून को भी 2 लोगों को मार डाला इसके बाद बीजापुर जिले में 22 जून को नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक पर समैय्या और वेको देवा की हत्या की थी। समैय्या पहले नक्सली था। उसने 2025 में आत्मसमर्पण किया है। वहीं वेको देवा ग्रामीण है। दोनों नक्सल प्रभावित गांव सेंड्राबोर और एमपुर के रहने वाले थे। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है। कौन है शिक्षा दूत: विनोद मड्डे और सुरेश मेटा, दोनों ही शिक्षादूत योजना के तहत नक्सल प्रभावित बंद स्कूलों को फिर से शुरू करने की मुहिम में लगे थे. गृहमंत्री विजय शर्मा कुछ समय पहले जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में पहुंचे थे, उस दौरान इन शिक्षादूतों की सराहना भी की थी, जो विषम हालात में भी बच्चों को शिक्षा देने के कार्य में जुटे थे. इन शिक्षकों को राज्य सरकार की ओर से 10,000 से 12,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाता है. जिले में इस समय लगभग 350 शिक्षादूत कार्यरत हैं, जो दुर्गम इलाकों में जाकर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं. परिवार में रो रोकर बुरा हाल: शिक्षादूत विनोद मड्डे के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जबकि सुरेश मेटा अब तक अविवाहित थे. उनके परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पिल्लूर और टेकमेटा गांव में मातम छाया हुआ है. गांववाले इस क्रूर घटना से सदमे में हैं और लगातार सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. मुखबिरी के शक में अबतक हुई हत्याएं     2 जुलाई 2025: बीजापुर के उसूर में युवक की हत्या, मुखबिरी का आरोप     20 फरवरी 2025: दंतेवाड़ा में पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर दो लोगों की नक्सलियों ने की हत्या     4 फरवरी 2025: दंतेवाड़ा के ककाड़ी के रहने वाले हड़मा हेमला की हत्या, पुलिस मुखबिरी का आरोप     21 दिसंबर 2024: बीजापुर में नक्सलियों ने कथित जनअदालत लगाकर एक ही परिवार के 2 लोगों की हत्या की     11 दिसंबर 2024: बीजापुर के फरसेगढ़ में युवक पर मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या     6 दिसंबर 2024: बासागुड़ा थाना इलाके के तिम्मापुर गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या     8 दिसंबर 2024: मद्देड़ इलाके के लोदेड़ गांव में 40 साल की महिला की हत्या     12 नवंबर 2024: बीजापुर में ग्रामीण माड़वी दुलारू की हत्या, पुलिस मुखबिर का आरोप     29 अक्टूबर 2024: बीजापुर में 35 साल के ग्रामीण दिनेश पुजार की हत्या     23 अक्टूबर 2024: सुकमा में ग्रामीण को अगवा कर उसकी हत्या की थी.     19 अक्टूबर 2024: सुकमा में पुलिस मुखबिरी के शक में युवक की हत्या     25 सितंबर 2024: सुकमा के भंडारपदर गांव में 50 साल के ग्रामीण पीट पीटकर हत्या     12 सितंबर 2024: बीजापुर के जप्पेमरका में 2 ग्रामीणों का अपहरण कर फांसी पर लटकाया     28 अगस्त 2024:बीजापुर के मिरतुर में 27 साल के युवक की तिमनार गांव में हत्या     28 अगस्त 2024: भैरमगढ़ में नक्सलियों ने की युवक की हत्या     23 अगस्त 2024: गंगालूर थाना इलाके के पूसनार गांव के जमींदार की हत्या     11 अगस्त 2024: कोंटा में उप सरपंच की हत्या     11 जुलाई 2024: सुकमा में नक्सलियों ने की युवक की हत्या 25 साल में 1821 लोगों की हत्या बता दें कि, नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से लेकर अब तक यानी पिछले 25 सालों में बस्तर के अलग-अलग जिलों में कुल 1821 लोगों की हत्या की है। इनमें आम नागरिक समेत जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा हत्या बीजापुर जिले में ही हुई है।  

2000-3000 करोड़ नहीं… रणबीर की Ramayan का बजट 1600 करोड़

मुंबई  रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर पहले ही माहौल टाइट था. दो पार्ट्स में आ रही फिल्म पर नमित मल्होत्रा ने पानी की तरह पैसा बहाया है. हालांकि, इस फिल्म को लेकर इसलिए भी तगड़ा बज बना है क्योंकि फिल्म में कई बड़े चेहरे हैं, जिन्हें फैन्स भगवान राम, रावण, हनुमान के किरदार में देखने के लिए एक्साइटेड हैं. ‘रामायण’ की हाल ही में पहली झलक सामने आई थी. जिसमें रणबीर कपूर के भगवान राम और रावण बने यश के कुछ लुक दिखे, जिसने फैन्स को खुश कर दिया. दरअसल फिल्म का पहला पार्ट 2026 दिवाली पर आने वाला है. वहीं दूसरे पार्ट के लिए दिवाली 2027 तक का इंतजार करना पड़ेगा. कहा जा रहा था कि रामायण के दोनों पार्ट 1600 करोड़ के बजट में तैयार हुए हैं. लेकिन प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा के नए खुलासे ने सबको हैरान कर दिया है. हाल ही में रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने प्रखर गुप्ता को इंटरव्यू दिया. उस में उन्होंने कई अलग अलग मुद्दों पर बात की. साथ ही बताया कि उनकी आने वाली फिल्म Ramayan कितने करोड़ के बजट में बन रही हैं. दरअसल इतने में एसएस राजामौली की 4 SSMB29 बन जाएगी.  कितना है रामायण का बजट? दरअसल एक इंटरव्यू में नमित मल्होत्रा से फिल्म का बजट पूछा गया था. जिस पर वो बताते हैं कि- ”हम इस पर खुद ही फंडिंग कर रहे हैं, हमने किसी से पैसा नहीं लिया है. 6-7 साल साल पहले जब फिल्म को बनाना शुरू किया गया था, तब हम इसे लेकर काफी सीरियस हो गए थे. ‘रामायण’ के दोनों पार्ट का बजट 500 मिलियन डॉलर है. यानी की भारतीय रुपये में ये 4000 करोड़ होता है. दरअसल कोई भी इंडियन फिल्म इसके पास तक नहीं है. यह एक अविश्वसनीय स्केल है.” वो बोले… ”इसलिए मैं कहता हूं कि हम दुनिया की सबसे बड़ी कहानी के लिए सबसे बड़ी फिल्म बना रहे हैं. जिसे दुनिया को देखना चाहिए. मुझे अभी भी लगता है कि यह कुछ सबसे बड़ी हॉलीवुड फिल्मों के बजट से सस्ती है. ऐसे में मुझे लगता है कि हम कम पैसों में एक बड़ी फिल्म बना रहे हैं. मेरे अंदर का भारतीय अभी भी मानता है कि हम फाइनेंशियल तौर पर गैर-जिम्मेदार नहीं हैं. हम पैसे के साथ गैरजिम्मेदार नहीं हो सकते हैं. ” नमित मल्होत्रा कहते हैं कि- यह ऐसी कोई चीज नहीं है, जो पैसे से इंस्पायर्ड हो. उन्होंने बेहद ईमानदारी के साथ अपनी पूरी मेहनत इसे दी है. असली मुद्दा यह है कि इतने उतार-चढ़ाव के बाद भी 30 साल बाद मजबूती से खड़े हैं. राजामौली की 4 SSMB29 बन जाएगी! दरअसल पहले ‘रामायण’ का बजट 1600 करोड़ बताया गया था. पर नमित मल्होत्रा ने खुद बताया है कि फिल्म पर 4000 करोड़ रुपये लगे हैं. दोनों पार्ट पर बहुत बड़ा दांव खेला गया है, जो इसे इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बनाती है. हालांकि, फिलहाल एस.एस राजामौली और महेश बाबू की फिल्म को 1000 करोड़ के बजट में तैयार किया जा रहा है. लेकिन रणबीर कपूर की फिल्म के बजट में चार SSMB 29 फिल्म बन सकती है.  

सावन की पहली एकादशी कामिका कब , इसकी सही डेट क्या है और इस दिन कौन सा शुभ मुहूर्त पड़ने वाला

सावन माह में शिव जी की विशेष पूजा अर्चना करने का विधान है. हालांकि इस माह में पड़ने वाली एकादशी के व्रत का भी बहुत महत्व है. सावन के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी के रूप में जाना जाता है. इस एकादशी व्रत को करने से वाजपेय यज्ञ करने जितना फल की प्राप्ति होती है. कामिका एकादशी के व्रत में शङ्ख, चक्र, गदाधारी विष्णु जी का विशेष पूजा अर्चना की जाती है. इस कड़ी में आइए जानें कि इस साल कामिका एकादशी की डेट क्या है और इस दिन कौन से शुभ मुहूर्त होंगे. कामिका एकादशी 2025 कब ? सावन के कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी तिथि की शुरुआत 20 जुलाई 2025 को दोपहर के समय 12.12 पर होगी और 21 जुलाई 2025 सुबह के 9.38 पर तिथि का समापन होगा. इस तरह कामिका एकादशी व्रत उदयातिथि में 21 जुलाई 2025 को रखा जाएगा. व्रत सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन सूर्योदय के साथ समाप्त होगा. इस तरह व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि पर सूर्योदय बाद पूजा और दान के बाद किया जाएगा.       कामिका एकादशी 2025 मुहूर्त कामिका एकादशी के दिन अमृत मुहूर्त सुबह 5.36 से लेकर सुबह के 7.19 तक होगा. शुभ योग सुबह 9.02 से लेकर सुबह 10.45 तक. व्रत पारण समय को समय 22 जुलाई को सुबह 5.37 से लेकर सुबह 7.05 के बीच होगा.  कामिका एकादशी व्रत का महत्व  शास्त्रों के अनुसार कामिका एकादशी का उपवास जो भी व्यक्ति रखता है उसे यमराज के दर्शन नहीं होते हैं और न तो उसे किसी भी तरह के नर्क के कष्ट भोगने पड़ते हैं. ऐसा व्यक्ति या तो मोक्ष की प्राप्ति करता है या फिर स्वर्ग को प्रस्थान करता है. कामिका एकादशी का व्रत करने से अध्यात्म विद्या से मिले फल जितना ही फल मिलता है.