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मुख्यमंत्री साय बोले – बस्तर का हर गांव बनेगा आपका अच्छा गांव

  मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर के युवा ग्रेजुएट पंच का बढ़ाया हौसला बीजापुर जिले के युवाओं से मुख्यमंत्री साय ने की आत्मीय मुलाकात रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आए बीजापुर जिले युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय इन युवाओं से बहुत आत्मीयता से मिले और उनसे राजधानी रायपुर भ्रमण के अनुभवों को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव आपका अच्छा गांव बनेगा। बस्तर के विकास को अब कोई नहीं रोक सकता। बस्तर का युवा आज आत्मविश्वास से भरा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बीजापुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि वे विगत डेढ़ वर्षों में क्या परिवर्तन महसूस कर रहे हैं ? युवाओं ने बताया कि बहुत परिवर्तन है। अब हमारे क्षेत्र में सड़कें बन रही हैं, बिजली की व्यवस्था हुई है और आंगनबाड़ी केंद्र भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई और गतिविधियों के विषय में जानकारी ली। बीजापुर के एक युवा ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह जूलॉजी विषय से बीएससी कर चुका है और वर्तमान में वह अपने गांव का पंच है। उसका एक साथी भी पंच निर्वाचित हुआ है। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं के जज्बे की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बच्चों से पूछा- कितने बच्चे इंस्टाग्राम चलाते हैं ? जब इस प्रश्न पर कई बच्चों ने हाथ उठाया तो मुख्यमंत्री ने आश्चर्यमिश्रित मुस्कान के साथ कहा- अब बस्तर के हमारे बच्चे भी समय के साथ हाईटेक हो रहे हैं। ये सुनकर ठहाके गूंज उठे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि युवा अपडेट हैं और तकनीक को समझ रहे हैं। युवाओं ने बताया कि उनके गांव में अब मोबाइल टावर भी लग रहे हैं। युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कल राजधानी रायपुर आये हैं। उन्होंने मुक्तांगन, जंगल सफारी सहित अन्य जगहें देखी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से कहा कि वे राजधानी रायपुर के भ्रमण के अनुभव का पूरा लाभ उठाएं। उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत बीजापुर जिले के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायतों के 100 युवा राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आये हैं। जिसके अंतर्गत  आज ये युवा छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे। इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव, श्री संपत अग्रवाल, श्री ईश्वर साहू सहित गणमान्यजन उपस्थित थे।

जेलेंस्की ने सौंपी बागडोर, ट्रंप से समझौता कराने वाली मंत्री बनीं यूक्रेन की प्रधानमंत्री

वाशिंगटन  रूस के खिलाफ युद्ध में चौथे साल में प्रवेश करने जा रहे यूक्रेन में बड़े राजनीतिक बदलाव हुए हैं। वोलोदोमिर जेलेंस्की ने यूक्रेन की वित्त मंत्री यूलिया स्विरीडेन्को को प्रमोट करते हुए देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। वह 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद यूक्रेन की पहली नई प्रधानमंत्री बनी हैं। दरअसल, यूलिया ने अमेरिका के साथ महत्वपूर्ण मिनरल डील में मुख्य वार्ताकार की भूमिका निभाई थी, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने युद्ध से थके राष्ट्र को नई ऊर्जा देने और घरेलू हथियार उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट में बड़े फेरबदल की शुरुआत की है। इसी के तहत उन्होंने मौजूदा प्रधानमंत्री डेनिस शमीहाल को रक्षा मंत्री बनाने और वित्त मंत्री स्विरीडेन्को को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। हालांकि यूक्रेन के भीतर इस बदलाव को किसी बड़े राजनीतिक मोड़ के रूप में नहीं देखा जा रहा, क्योंकि शमीहाल की तरह स्विरीडेन्को भी राष्ट्रपति के वफादार अधिकारियों में शामिल हैं। मिनरल डील की बड़ी भूमिका यूलिया स्विरीडेन्को अमेरिका और यूक्रेन के बीच महत्वपूर्ण खनिज समझौते की वार्ताकार रही हैं, जिसे ट्रंप प्रशासन के साथ आगे बढ़ाया गया था। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि समझौते की शर्तें यूक्रेन के हितों के अनुकूल रहें। यूक्रेन और अमेरिका में रक्षा सहयोग और आर्थिक पुनर्निर्माण को लेकर वे लगातार पश्चिमी साझेदारों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों में यूक्रेन का प्रतिनिधित्व करती रही हैं। यूक्रेन के इतिहास में सबसे लंबे समय तक के पीएम रहे शमीहाल इससे पहले डेनिस शमीहाल ने मंगलवार को अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। वह 4 मार्च 2020 से प्रधानमंत्री पद पर थे और यूक्रेन के सबसे लंबे समय तक कार्यरत पीएम रहे हैं। हालांकि उन्हें कैबिनेट से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें रक्षा मंत्री बनाया जा रहा है। यह मंत्रालय युद्धकाल में सबसे बड़े बजट और रणनीतिक महत्व वाला विभाग है। वे रुस्तम उमेरोव की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल आंतरिक अस्थिरता और रक्षा खरीद व्यवस्था में गड़बड़ियों के आरोपों से घिरा रहा। आलोचकों का कहना है कि उनके कार्यकाल में मंत्रालय में बदइंतजामी और कुप्रबंधन की समस्याएं बनी रहीं।  

खाद-बीज की उपलब्धता से खेती-किसानी का काम जोरों पर

सरकार की मदद से खेती में खुशहाली, किसानों का कहना-अब खेती मुनाफे का सौदा बिलासपुर, खरीफ सीजन में इन दिनों खेती किसानी ने जोर पकड़ लिया है। रोपा और बियासी का काम तेजी से जारी है। ऐसे में शासन द्वारा समय पर खाद बीज की उपलब्धता से किसानों का उत्साह दोगुना हो गया है। बिल्हा ब्लॉक के बैमा-नगोई के किसानों के चेहरे भी खिल उठे है। उन्हे न तो लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और न ही मंहगे दामों पर बाजारों से बीज या खाद खरीदने की मजबूरी है। नगोई सहकारी समिति में खाद लेने आए किसान प्रदीप कुमार शास्त्री भी इस बार अच्छी फसल को लेकर आश्वस्त है। सरकारी मदद ने उनके उत्साह को और बढ़ा दिया है। श्री शास्त्री ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती किसानी करते है। समिति से खाद-बीज आसानी से मिल गया। बिना किसी लंबी कतार के उन्हें यूरिया, डीएपी, नैनो डीएपी मिला है। समय पर खाद बीज की उपलब्धता से उन्हें बड़ी मदद मिली है। यह खाद रियायती दर पर होने के साथ ही गुणवत्ता में भी बेहतर है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार बेहतर पैदावर होगी। कुछ इसी प्रकार की खुशी जाहिर करते हुए किसान श्री कालिका प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि वे 4 एकड़ में खेती किसानी करते है। इस बार बारिश भी अच्छी हुई है और सरकार द्वारा समय पर खाद बीज उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि परिस्थितियां अनुकूल होने के कारण वे जोर-शोर से खेती किसानी में जुट गए है। इसी गांव के श्री राजेन्द्र प्रसाद गुरूदीवान ने बताया कि समिति से खाद बीज लेने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो रही है। समिति द्वारा किसानों के लिए एक वाट्सअप ग्रुप बनाया गया है जिसमें सारी जानकारी मिल जाती है और वे समिति आकर खाद बीज ले लेते है। किसानों ने बताया कि उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना का भी लाभ मिल रहा है। किसानों ने कहा कि सरकारी मदद से खेती किसानी अब मुनाफे का सौदा बन गया है।

पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश टीटीपी के निशाने पर, भारत की सीमाओं पर बढ़ी निगरानी

ढाका पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) लंबे समय से आतंक मचा रहा है। कई आतंकी घटनाओं में तहरीक-ए-तालिबान का नाम सामने आ चुका है। अब पाकिस्तान के बाद यह आतंकी संगठन बांग्लादेश में अपनी उपस्थिति को बढ़ा रहा है, जिसकी वजह से भारत के सामने भी नई टेंशन खड़ी हो गई है। दरअसल, इन दिनों टीटीपी बांग्लादेश में आतंक फैलाने के लिए नए लड़ाकों की भर्ती में लगा हुआ है। पाकिस्तान के साथ-साथ भारत बांग्लादेश के साथ भी अपनी सीमा को साझा करता है और अगर दोनों पड़ोसी देशों में टीटीपी भविष्य में आतंकी घटनाओं को अंजाम देता है तो इसका असर भारत पर भी पड़ सकता है। भारत की सुरक्षा के लिए भी टीटीपी खतरा हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में कम से कम दो टीटीपी के रिक्रूटर्स के बांग्लादेश से अफगानिस्तान वाया पाकिस्तान जाने के सबूत मिले हैं। इसमें से एक का अप्रैल महीने में पाकिस्तानी सेना ने एनकाउंटर भी कर दिया। पिछले महीने जून में मलेशिया ने भी 36 बांग्लादेशी नागरिकों को आतंकियों से संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद बांग्लादेश में टीटीपी के पैर पसारने की अटकलें तेज होने लगीं। मूल रूप से टीटीपी पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बॉर्डर से ऑपरेट करता है और वहीं से पाकिस्तान में धमाकों को अंजाम देता है। अब बांग्लादेश में भी पैर पसारने की कोशिश में लगा हुआ है। पिछले साल अगस्त महीने में शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद बांग्लादेश में उग्रवाद बढ़ा है। जुलाई में ही बांग्लादेश की एंटी टेरिरिज्म यूनिट ने दो लोगों जिनके नाम शमीम महफूज और मोहम्मद फोजल को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि दोनों के संपर्क टीटीपी से थे। बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार के अनुसार, बांग्लादेशी अधिकारी खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए जा रहे अभियानों के जरिए इस खतरे को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। बांग्लादेश पुलिस द्वारा 2017 में स्थापित एटीयू, उन्नत खुफिया रणनीतियों का उपयोग करके ऐसे खतरों को लक्षित करता है। ये गिरफ्तारियां बांग्लादेशी डिजिटल आउटलेट द डिसेंट की मई में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद हुई हैं, जिसमें खुलासा हुआ था कि कम से कम आठ बांग्लादेशी नागरिक वर्तमान में अफगानिस्तान में टीटीपी के सदस्य के रूप में सक्रिय हैं।  

सोनी सब के शो ‘इत्ती सी खुशी’ का प्रोमो रिलीज

मुंबई, सोनी सब के शो 'इत्ती सी खुशी' का प्रोमो रिलीज हो गया है। सोनी सब एक नई संवेदनशील कहानी ‘इत्ती सी खुशी’ लेकर आ रहा है।इस शो का नया प्रोमो काफी चर्चा में है, जो एक ऐसी बेटी की शांत लेकिन सशक्त ताकत को सलाम करता है जो अपने पांच भाई-बहनों और रंग-बिरंगे, उलझे हुए परिवार की रीढ़ बन जाती है। प्रोमो में अन्विता (सुम्बुल तौकीर खान), जो दिवेकर परिवार की धुरी है, एक अस्त-व्यस्त घर और अनकहे ज़िम्मेदारियों के बीच फंसी नज़र आती है। उसे कम उम्र में ही देखभाल करने वाले की भूमिका निभानी पड़ती है, क्योंकि उसके पिता की लापरवाही और शराब की लत के चलते घर की सारी जिम्मेदारियां उस पर आ जाती हैं। स्कूल रिपोर्ट कार्ड पर हस्ताक्षर करना हो या उस वक़्त मज़बूती से खड़ा रहना जब उसका शराबी पिता (वरुण बडोला) उनके इकलौते घर को बेच देता है। प्रोमो में दिखाया गया है कि वह सिर्फ एक अभिभावक नहीं, बल्कि अपने टूटते हुए संसार की स्थिरता बन जाती है। सुम्बुल तौकीर खान ने कहा, मैं इस शो की पहली झलक अपने प्रशंसकों के साथ साझा करने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। अन्विता एक ऐसी बेटी है जो परिवार को जोड़े रखने वाला गोंद बन जाती है। वह चुपचाप लेकिन पूरी ताकत से ज़िम्मेदारियों को उठाती है। मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसमें प्रेरणा पाएंगे कि कैसे अन्विता दर्द में भी ताकत ढूंढती है और दुःख में भी गरिमा बनाए रखती है।प्रोमो की शूटिंग करना एक खास अनुभव था। हमने एक मुंबई के आम मोहल्ले की जीवंतता को जीवंत किया और रजत वर्मा और वरुण सर के साथ वह अनुभव और भी यादगार बन गया।  

अपराध पर योगी का प्रहार: 8 वर्षों में यूपी में 30,000 अपराधी गिरफ्तार

लखनऊ  योगी सरकार की मजबूत कानून व्यवस्था देश ही नहीं विदेशों में भी सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और अपराधियों पर लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। यही वजह है कि यूपी पुलिस ने वर्ष 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में कुल 30 हजार से ज्यादा अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि मुठभेड़ के दौरान 9 हजार से ज्यादा अपराधियों को पैर में गोली लगी। यूपी पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए अब तक 14 हजार से अधिक कार्रवाई की, जिससे प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए 14,973 कार्रवाई की गई। इस दौरान 30,694 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस पर हमला करने वाले 9,467 अपराधियों के पैर में गोली लगी, जबकि 238 अपराधी मारे गए। प्रदेश में सबसे अधिक पश्चिम के मेरठ जोन में कार्रवाई की गई। यहां पर पुलिस ने 7,969 अपराधी गिरफ्तार किए, जबकि 2,911 घायल हुए। इसी तरह आगरा जोन में 5,529 अपराधी गिरफ्तार किए गए, जबकि 741 घायल हुए। वहीं, बरेली जोन में 4,383 अपराधी पकड़े गए और 921 घायल हुए। इसके अलावा वाराणसी जोन में 2,029 अपराधी अरेस्ट किए गए और 620 घायल हुए। डीजीपी ने बताया कि कमिश्नरेट में सबसे अधिक गौतमबुद्धनगर में 1,983 गिरफ्तार किए गए और 1,180 घायल हुए। गाजियाबाद कमिश्नरेट में 1,133 गिरफ्तार किए गए और 686 घायल हुए। इसके अलावा आगरा कमिश्नरेट में 1,060 अपराधी गिरफ्तार किए गए और 271 घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालते ही सबसे पहला लक्ष्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों को नेस्तनाबूद करना रखा। उनकी स्पष्ट चेतावनी थी कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है। वे अपराध छोड़ दें या प्रदेश छोड़ दें। इस दिशा में उठाए गए सख्त कदमों ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। इसके लिए सीएम योगी ने न केवल पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण से सुसज्जित किया, बल्कि उनके मनोबल को भी ऊंचा किया। पिछले आठ वर्षों की सख्त नीति और अभियान का ही नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में गिना जाने लगा है।

10 साल बाद टी20 फॉर्मेट में न्यूजीलैंड को चुनौती देगा जिम्बाब्वे, दोनों टीमें इस फॉर्मेट में एक-दूसरे को चुनौती देंगी

नई दिल्ली जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के बीच लॉर्ड्स में 18 जुलाई को त्रिकोणीय टी20 सीरीज का तीसरा मैच खेला जाना है। करीब 10 साल बाद दोनों टीमें इस फॉर्मेट में एक-दूसरे को चुनौती देने जा रही हैं। दोनों टीमों के बीच टी20 इतिहास में अब तक कुल छह मैच खेले गए हैं, जिसमें सभी मुकाबले न्यूजीलैंड ने जीते। इस फॉर्मेट में आखिरी बार अगस्त 2015 में दोनों टीमों की भिड़ंत हुई थी। न्यूजीलैंड ने अक्टूबर 2010 में जिम्बाब्वे के खिलाफ सात रन से जीत दर्ज की थी। इसके बाद साल 2011 में दोनों देशों के बीच दो मुकाबले खेले गए, जिसमें न्यूजीलैंड ने क्रमश: 10 विकेट और 34 रन से जीत हासिल की। इसके बाद साल 2012 में दोनों टीमें दो बार आमने-सामने आईं, जिसमें न्यूजीलैंड ने क्रमश: सात और पांच विकेट से जीत दर्ज की। दोनों देश अगस्त 2015 में आखिरी बार इस फॉर्मेट में आमने-सामने आए, जिसमें जिम्बाब्वे को 80 रन से हार झेलनी पड़ी। न्यूजीलैंड इस त्रिकोणीय सीरीज में अपना पहला मैच जीत चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे को अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। प्वाइंट्स टेबल को देखें, तो अपना शुरुआती मुकाबला जीतकर न्यूजीलैंड की टीम शीर्ष स्थान पर है, जबकि साउथ अफ्रीका दो में से एक मैच जीतकर दूसरे पायदान पर मौजूद है। जिम्बाब्वे की टीम शुरुआती मुकाबला गंवाकर तीसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड की टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले को जीतकर प्वाइंट्स टेबल में नंबर-1 पायदान को मजबूत कर सकती है। वहीं, जिम्बाब्वे की टीम हर हाल में अपने जीत का खाता खोलना चाहेगी। त्रिकोणीय सीरीज में न्यूजीलैंड को जिम्बाब्वे के खिलाफ मजबूत टीम समझा जा रहा है, जिसके पास मिचेल सैंटनर, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, मैट हेनरी, जेम्स नीशम, रचिन रवींद्र और ग्लेन फिलिप्स जैसे खिलाड़ी हैं, लेकिन सिकंदर रजा की कप्तानी में जिम्बाब्वे की टीम को कमतर नहीं आंका जा सकता। न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही त्रिकोणीय टी20 सीरीज का फाइनल मैच 26 जुलाई को खेला जाना है, जिसमें प्वाइंट्स टेबल की शीर्ष दो टीमों के बीच भिड़ंत देखने को मिलेगी। न्यूजीलैंड : मिचेल सैंटनर (कप्तान), माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉन्वे, जैकब डफी, जकरी फॉल्क्स, मिशेल हे, मैट हेनरी, बेवोन जैकब्स, एडम मिल्ने, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, विल ओ’रूर्के, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम रॉबिन्सन, टिम सेफर्ट और ईश सोढ़ी। जिम्बाब्वे : सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेटरयान बर्ल, ट्रेवर ग्वांडु, क्लाइव मदांडे, वेस्ली मधेवेरे, टिनोटेंडा मापोसा, वेलिंग्टन मसाकाद्जा, विंसेंट मासेकेसा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजारबानी, डायोन मायर्सरिचर्ड नगारवा, न्यूमैन न्यामुरी, और तफदजवा त्सिगा।  

यूक्रेनी ड्रोन से सुरक्षा के लिए रूस ने अपनाए सख्त कदम, मोबाइल-नेटवर्क बंद करने की पुष्टि

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सरकारी आवास क्रेमलिन की तरफ से यह बात कही गई है कि यूक्रेन के ड्रोन अटैक से बचने के लिए इंटरनेट बंद किया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रेमलिन ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन से उत्पन्न खतरों से लोगों की सुरक्षा के लिए रूस में कभी-कभी मोबाइल इंटरनेट बंद करने का फैसला उचित है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव इंटरनेट आउटेज ट्रैकिंग सेवा Sboi.rf द्वारा इस हफ़्ते रूस के दर्जनों क्षेत्रों में अस्थिर इंटरनेट की सूचना दिए जाने के बाद इंटरनेट आउटेज के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। पेसकोव ने कहा कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर अधिकारी मोबाइल इंटरनेट बंद कर देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुश्मन को मात देने के लिए रणनीतिक कदम उठाने पड़ते हैं। रात भर रूस के 11 अलग-अलग इलाकों में ड्रोन हमले इस बीच, रूसी अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यूक्रेनी ड्रोनों ने रात भर रूस के 11 अलग-अलग इलाकों में हमले किए, जिनमें आवासीय इमारतों को नुकसान पहुँचा है और कई नागरिक घायल हुए हैं। इसके अलावा यूक्रेनी ड्रोनों ने हवाई अड्डों पर भी हमले किए हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वायु रक्षा बलों ने देश भर में और क्रीमिया के कब्जे वाले क्षेत्र में 122 ड्रोनों को रोककर नष्ट कर दिया। सबसे ज़्यादा संख्या में 43 ड्रोन ब्रांस्क और 38 ड्रोन कुर्स्क क्षेत्रों में मार गिराए गए। चार अपार्टमेंट क्षतिग्रस्त, कई बच्चे घायल अधिकारियों के अनुसार यूक्रेनी ड्रोन अटैक में कम से कम चार अपार्टमेंट क्षतिग्रस्त हो गए हैं।अधिकारियों के अनुसार, वोरोनिश शहर में ड्रोन के टुकड़े एक आवासीय इमारत से टकराए, जिससे तीन बच्चे घायल हो गए। 2009 और 2013 में पैदा हुए इन लड़कों के सिर में चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 2009 में पैदा हुई एक लड़की के हाथ और पैर में चोटें आईं और उसका घटनास्थल पर ही इलाज किया गया। मॉस्को में अटैक नाकाम बेलगोरोड क्षेत्र के गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लैडकोव के अनुसार, स्मोरोडिनो गाँव में एक निजी घर पर एक ड्रोन ने विस्फोटक गिराया, जिससे एक महिला की मौत हो गई। उधर मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने कहा कि वायु रक्षा बलों ने राजधानी की ओर बढ़ रहे तीन ड्रोनों को मार गिराया है। किसी भी तरह के नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है।  

भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार: ACB ने पकड़ा घूसखोर पटवारी

जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ के लगातार भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज ACB की टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के पटवारी कार्यालय में छापामार कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुतपुरा और धाराशिव गांव के प्रभारी पटवारी बाल मुकुंद राठौर को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, जांजगीर पुरानी बस्ती के रहने वाले सत्येंद्र कुमार राठौर ने एंटी करप्शन ब्यूरो से पटवारी के खिलाफ शिकायत की थी। प्रार्थी सत्येंद्र कुमार राठौर ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पुश्तैनी 4 एकड़ से अधिक जमीन पुटपुरा गांव में है, जिसका खाता बनवाने के लिए अपनी बहनों का हक छोड़ आवेदन पेश कर अपने नाम कराने के लिए डेढ़ साल से पटवारी का चक्कर काट रहा था और पटवारी उसे घुमाता रहा। पटवारी ने खाता दुरुस्त करने के एवज में 20 हजार रुपये घूस की मांग की। पटवारी के घूस मांगने और काम नहीं करने से परेशान होकर ACB से शिकायत की। सत्येंद्र राठौर की शिकायत की पुष्टि करने के बाद रेड की तैयारी की गई, और आज दोपहर 12 बजे सत्येंद्र राठौर पटवारी कार्यालय पहुंचकर पटवारी बाल मुकुंद राठौर को 20 हजार रुपये दिए। पटवारी द्वारा घूस की राशि लेने के बाद ACB की टीम ने तत्काल रेड की कार्रवाई की और पटवारी के पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए। ACB थाना प्रभारी योगेश कुमार राठौर ने बताया कि विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी बाल मुकुंद राठौर को हिरासत में ले लिया गया है और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

सलमान खान ने दर्शकों से सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म ‘निकिता रॉय’ देखने की अपील की

मुंबई,  बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने दर्शकों से सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म ‘निकिता रॉय’ देखने की अपील की है। सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म ‘निकिता रॉय’ 18 जुलाई को रिलीज के लिए तैयार है। सलमान खान ने अपने सोशल मीडिया पर ‘निकिता रॉय’ का पोस्टर शेयर किया और दर्शकों से फिल्म देखने की अपील की है। सलमान खान ने एक्स पर फिल्म निकिता रॉय का पोस्टर शेयर करते हुये कैप्शन में लिखा, सोनाक्षी देवी बनी ‘निकिता रॉय’! मुझे इस फिल्म का इंतजार है…आप भी जाकर देखो, कल रिलीज है। पूरी टीम को ऑल द बेस्ट। फिल्म ‘निकिता रॉय’ को निक्की भगनानी और विक्की भगनानी ने ‘निकी विक्की भगनानी फिल्म्स’ के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। इस फिल्म में सोनाक्षी के अलावा अर्जुन रामपाल और परेश रावल भी नजर आने वाले हैं। इस फिल्म का निर्देशन कुश सिन्हा ने किया है।