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आदिवासी प्रतिनिधियों से बोले राहुल गांधी – हमारी मेहनत, उनकी माइक पर कहानी

नई दिल्ली लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज (गुरुवार, 17 जुलाई को) अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित एक बैठक में देश भर से आए आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनके प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा की। इस दौरान छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा समेत अन्य इलाकों से आए आदिवासी नेताओं ने कहा कि उनके जल, जंगल जमीन पर हमले हो रहे हैं और भाजपा शासित राज्यों में उनकी जमीनें छीनकर अडाणी-अंबानी को दी जा रही हैं। एक आदिवासी नेता की शिकायत पर राहुल गांधी ने कहा कि काम हम करते हैं लेकिन लाउडस्पीकर वो (भाजपा वाले) चला रहे हैं क्योंकि उनके पास प्रचार तंत्र है। इस दौरान महाराष्ट्र से आए एक अन्य आदिवासी नेता ने कहा कि कांग्रेस हमारे साथ है, संविधान हमारे साथ है, कानून हमारे साथ है लेकिन जमीन पर उसे अमल में नहीं लाया गया, खासकर महाराष्ट्र में आदिवासी समुदाय उपेक्षित है। उन्होंने कहा कि अगर हमें आदिवासियों के हितों की रक्षा करनी है तो हमें एससी,एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी को भी साथ लेकर चलना होगा, तभी अपने अधिकारों की रक्षा कर सकेंगे और विकास कर सकेंगे। अन्यथा हम बंटकर रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव के बिना विकास नहीं हो सकता। आदिवासियों का फंड लैप्स हो रहा उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदाय के विकास के लिए आया फंड लैप्स हो जाता है या दूसरे मद में खर्च कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के लिए अनिवार्य मुफ्त शिक्षा का कानून लागू कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही आदिवासी समुदाय के अंदर व्याप्त घोर गरीबी को दूर किया जा सकता है। एक अन्य नेता ने कहा कि आदिवासी इलाकों में करीब 10 हजार स्कूलों को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूल बंद होने के बाद बच्चों को जबरन सरस्वती शिशु मंदिर भेजा जा रहे है। हमारे जंगल को हमसे छीना जा रहा छत्तीसगढ़ से आई एक महिला नेता ने कहा कि उनके यहां छोटी-बड़ी 153 कंपनियां हैं। वहां के लोगों की यही मांग है कि हम जल, जंगल, जमीन को बचाना चाहते हैं लेकिन जनप्रतिनिधि या राज्य सरकार आदिवासियों की मदद नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि उनके गांव के बगल में अडाणी के लिए जमीन अधिग्रहण किया गया है और जंगलों की कटाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासियों को खत्म करना चाहती है। हमारे जंगल को हमसे छीनना चाहती है। आदिवासी समुदाय सीधा-सादा है, इसलिए आवाज नहीं उठा पाता है। हमारे हाथ में प्रचार तंत्र नहीं: राहुल एक अन्य नेता ने जैसे ही कहा कि जब तक कांग्रेस की सरकार रही है, तब तक 100 फीसदी आदिवासी समुदाय कांग्रेस के साथ रहा है लेकिन अब वे सभी हमारी पहुंच से बाहर निकल रहे हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे हाथ में प्रचार तंत्र नहीं है। उसका सिस्टम हमारे पास नहीं है। राहुल ने कहा, "प्रचार करने का सिस्टम बीजेपी और आरएसएस के हाथ में है। काम हम करते हैं, लाउडस्पीकर वो चलाते हैं।"  

गायों पर टूटा मौत का पहिया: ट्रक की टक्कर से 6 की जान गई, कई की हालत गंभीर

सूरजपुर तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बैठे मवेशियों को रौंद दिया. इस हादसे में 6 गायों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं कई मवेशी घायल हुए हैं. घटना के बाद ट्रक चालक फरार हो गया. यह घटना अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर गोंदा गांव के पास हुई. पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है. किसान सुरेश कुमार ने बताया कि सड़क किनारे 19 गाय बैठे थे. ट्रक चढ़ने से 6 गाय की मौके पर ही मौत गई. वहीं कई गाय घायल हुए हैं. घटना के बाद ट्रक चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रतापपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है.

इब्राहिम अली खान ने शेयर की ‘सरजमीं’ की बीटीएस तस्वीर

मुंबई,  अभिनेता इब्राहिम अली खान ने सोशल मीडिया पर अपनी आने वाली फिल्म ‘सरजमीं’ की बीटीएस तस्वीर शेयर की है। सैफ अली खान के पुत्र इब्राहिम अली खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘सरजमीं’ को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं। कश्मीर की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म सरज़मीं ,विजय मेनन (पृथ्वीराज सुकुमारन) पर आधारित है, जो एक सम्मानित सेना अधिकारी है, जो अपने कर्तव्य और व्यक्तिगत बलिदान की अडिग भावना के लिए जाना जाता है। मीरा (काजोल), एक मजबूत मां और पत्नी के रूप में, परिवार को एक साथ रखने के लिए संघर्ष करती है। हरमन (इब्राहिम अली खान) एक युवा व्यक्ति की भूमिका में उबलती हुई तीव्रता लाता है, जो यादों और परेशान करने वाली सच्चाइयों के बीच फंस जाता है। इब्राहिम अली खान ने ‘सरजमीं’ की रिलीज से पहले फिल्म से जुड़ी कई बीटीएस तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं। कुछ तस्वीरों में इब्राहिम सेना की वर्दी पहने बंदूक चलाते दिख रहे हैं। जबकि कुछ तस्वीरें फिल्म के सेट के दौरान की हैं, जिनमें सिर्फ पेड़ और आसमान दिख रहा है। इस दौरान इब्राहिम ने कई सेल्फी भी पोस्ट की हैं और अपने अलग-अलग लुक को फ्लॉन्ट किया है। कायोज़ ईरानी द्वारा निर्देशित और धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले हीरू यश जौहर, करण जौहर, अदार पूनावाला और अपूर्व मेहता द्वारा निर्मित, यह फ़िल्म 25 जुलाई को केवल जियोहॉटस्टार पर रिलीज़ होगी।  

प्रो लीग में खराब प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए एक चेतावनी : श्रीजेश

नई दिल्ली पूर्व भारतीय कप्तान और गोलकीपर पी आर श्रीजेश का मानना है कि हाल ही में समाप्त हुई एफआईएच प्रो लीग अगले साल होने वाले एशियाई खेलों और विश्व कप से पहले पुरुष राष्ट्रीय हॉकी टीम के लिए अच्छा सबक है। भारत को प्रो लीग के यूरोपीय चरण में संघर्ष करना पड़ा और वह नौ टीमों में से आठवें स्थान पर रहा। तोक्यो और पेरिस ओलंपिक में भारत की कांस्य पदक विजेता टीमों का हिस्सा रहे श्रीजेश का मानना है कि खिलाड़ियों ने बहुत खराब प्रदर्शन नहीं किया, लेकिन दुर्भाग्य से परिणाम टीम के पक्ष में नहीं रहे। श्रीजेश ने यहां बुधवार की रात को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘मुझे लगता है कि खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, हमने कई मौके बनाए। हमने कड़ी चुनौती दी लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है जब परिणाम आपके पक्ष में नहीं आते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी तैयारी अच्छी थी लेकिन दुर्भाग्य से परिणाम हमारे लिए अच्छे नहीं रहे लेकिन कोचों के पास एशिया कप के लिए टीम तैयार करने के लिए पर्याप्त समय है और निश्चित रूप से अगले साल एशियाई खेल और विश्व कप भी है।‘‘ श्रीजेश ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस प्रो लीग ने हमें विश्व कप और एशियाई खेलों की तैयारी के लिए कड़ा सबक सिखाया है।’’ एशियाई खेलों का आयोजन 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में किया जाएगा। विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित किया जाएगा। पेरिस ओलंपिक खेलों के बाद संन्यास लेने के बाद श्रीजेश अब भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम के कोच हैं और वह इसका आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी दिनचर्या पहले जैसी ही है। जब आप सुबह जल्दी उठते हैं तो खिलाड़ियों को तैयार करने के बारे में सोचते हैं। यह सुनिश्चित करते हैं कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं और बाकी दिन अगले सत्र की तैयारी करते हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि पहले शारीरिक हिस्से पर अधिक जोर देना पड़ता था लेकिन अब दिमाग पर ज्यादा जोर देना पड़ता है लेकिन मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।’’ भारत इस वर्ष 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में एफआईएच जूनियर विश्व कप की मेजबानी करेगा और श्रीजेश अपने खिलाड़ियों को तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उनके (खिलाड़ियों) लिए सबसे बड़ी चुनौती जूनियर विश्व कप है क्योंकि चार देशों के टूर्नामेंट और इस तरह की अन्य प्रतियोगिताएं उन पर जूनियर विश्व कप जितना दबाव नहीं डालतीं। मेरा काम उन्हें इन टूर्नामेंट के लिए अच्छी तरह से तैयार करना है।’’ जूनियर विश्व कप में भारत को पूल बी में पाकिस्तान, चिली और स्विट्जरलैंड के साथ रखा गया है। हालांकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण जूनियर विश्व कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं, लेकिन श्रीजेश किसी एक विशेष टीम पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक ही पूल (भारत और पाकिस्तान) में हैं, लेकिन मैं नहीं चाहता कि मेरे खिलाड़ी किसी एक विशेष टीम के बारे में सोचें।’’  

अनिरुद्धाचार्य ने अखिलेश पर साधा निशाना, बोले – द्वेष की भावना से नहीं होती राष्ट्र सेवा

लखनऊ समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य के बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें अखिलेश यादव ने अनिरुद्धाचार्य से कहा था कि उनके रास्ते अलग-अलग हैं। अब इसे लेकर अनिरुद्धाचार्य ने सपा प्रमुख पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि राजा अगर प्रजा के प्रति द्वेष रखेगा तो देश की सेवा कैसे कर पाएगा। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अखिलेश यादव पर तंज कस हुए कहा,"एक नेता ने रास्ते में हमसे पूछा कि भगवान का नाम क्या है, मैंने कहा कि भगवान के बहुत सारे नाम हैं आप बताओं आपकों कौन सा सुनना है। दरअसल जब कोई व्यक्ति सवाल करता है तो पहले एक चीज याद कर लेता है। जब आप वहीं बताएंगे तो उसे लगता है कि आप ठीक बता रहे हैं लेकिन वह नहीं बताया तो उसे लगेगा कि गलत बता रहे हैं। अगर कोई मां अपने बेटे से सवाल करे कि ये बताओ लेकिन नहीं बता पाया तो मां ये नहीं कहेगी कि तेरा रास्ता, अलग मेरा रास्ता अलग।" अनिरुद्धाचार्य ने व्यंग कसते हुए आगे कहा, "सोचिए वह नेता पूर्व सीएम रह चुके हैं। वह मुझसे कहते हैं कि आपका रास्ता अलग, मेरा रास्ता अलग। क्योंकि मैंने उनके पूछे प्रश्न का उत्तर उनके मन मुताबिक नहीं दिया। मैंने वहीं उत्तर दिया जो सच है। अगर आप लिखा नहीं मान रहे हैं तो आपसे कोई नहीं जीत सकता। सोचिए वह राजा होकर कह रहे हैं कि आप अलग हम अलग। राजा को चाहिए कि प्रजा को पुत्र की तरह प्यार करें। सोचिए कि जब राजाओं के अंदर इस तरह का द्वेष है। तो इन राजाओं से इस देश की कैसी सेवा करेंगे। इनके भीतर तो प्रजा के प्रति नफरत है। बोल रहे हैं कि तुम्हारा रास्ता अलग-हमारा रास्ता अलग। प्रेम इसको नहीं कहते हैं।" कथावाचक ने कहा, "यदि नहीं आता हमको, नहीं बता पाए आपके प्रश्न का उत्तर तो आप ही बता देते। मैंने पूछा कि आप ही बता दीजिए तो उन्होंने नहीं बताया। कहा कि आपके रास्ते अलग हमारे रास्ते अलग। क्या राजा का व्यवहार एक सामान्य व्यक्ति के साथ ऐसा होना सही है। अब देखिए जब सीएम सबसे श्रेष्ठ पद पर हैं और प्रजा के प्रति इतना द्वेष है तो आप सबको एक साथ लेकर कैसे चल सकते हैं।"  

गाने पुराने नहीं होते, बल्कि दिल में बस जाते हैं: रुपाली गांगुली

मुंबई,  लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेत्री रुपाली गांगुली अक्सर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करती रहती हैं। उन्होंने गुरुवार को एक लेटेस्ट वीडियो शेयर किया, जिसमें वह एक गाने पर डांस करती नजर आईं। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह ‘तड़पाओगे तड़पा लो’ गाने पर डांस कर रही हैं। वीडियो में रुपाली ने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई है। गाने के बोल के साथ शानदार एक्सप्रेशन देते हुए वह डांस करती नजर आ रही हैं। उन्होंने वीडियो शेयर कर कैप्शन में लिखा, “गाने पुराने नहीं होते, बल्कि दिल में बस जाते हैं।” फैंस को उनका ये खास अंदाज काफी पसंद आ रहा है। रुपाली के फैंस कमेंट सेक्शन पर उन्हें ‘हार्ट’, ‘फायर’, और ‘स्माइली’ इमोजी शेयर कर रहे हैं। बता दें, यह गाना कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है, जिसको फॉलो करते हुए अभिनेत्री सपना चौधरी और भोजपुरी अभिनेत्री रानी चटर्जी ने भी वीडियो बनाई थी और लाखों व्यूज पाए थे। ‘तड़पोगे तड़पा लो’ गाना साल 1957 में रिलीज हुई फिल्म ‘बरखा’ का है। इस गाने को स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने गाया है। वहीं गाने के बोल राजिंदर कृष्ण के हैं। यह तमिल फिल्म ‘थाई पिरांधल वाझी पिराक्कुम’ का रीमेक थी। गाने का संगीत काफी मधुर है, जिसे चित्रगुप्त ने तैयार किया था। गाने की तरह फिल्म को भी लोगों ने काफी पसंद किया था। इसमें नंदा, जगदीप, शुभा खोटे, आनंद कुमार, डेविड अब्राहम, अचला सचदेव, लीला चिटनिस और मोहन चोटी जैसे कलाकारों ने अहम भूमिका निभाई थी। इस फिल्म के निर्देशक आर. कृष्णन और एस. पंजू थे। वहीं इसे एवीएम प्रोडक्शन कंपनी के बैनर तले रिलीज किया गया था। फिल्म की कहानी एक अजीत नाम के लड़के पर आधारित है, जिसे एक जमींदार हरिदास से झगड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया जाता है। जेल से छूटने के बाद, अजीत हरिदास से बदला लेना चाहता है। हालांकि, उसे इस बात का पता नहीं होता कि उसकी बहन की शादी हरिदास के बेटे डॉ. मनोहर से हो चुकी है।  

सुपर स्वच्छता लीग में छत्तीसगढ़ के तीन शहरों ने बनाई जगह, रायपुर राज्य का प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत नगरीय निकायों को दी बधाई रायपुर. केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ के सात शहरों ने अपनी स्वच्छता की चमक बिखेरी है। बिल्हा नगर पंचायत 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में अब देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बन गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बिल्हा ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। तीन लाख से दस लाख जनसंख्या वाले शहरों में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा और 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों में कुम्हारी को तीसरा स्थान मिला है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में इन तीनों नगरीय निकायों के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के कुल सात नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव, संबंधित निकायों के महापौर, अध्यक्षों और अधिकारियों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी पुरस्कार समारोह में शामिल हुए। भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में अंबिकापुर, पाटन, विश्रामपुर और रायपुर ने भी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में पहली बार शामिल नई श्रेणी 'स्वच्छता सुपर लीग' (एसएसएल) में अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर ने जगह बनाई है। यह सम्मान उन शहरों को दिया गया, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में रहे हैं और वर्तमान वर्ष में शीर्ष 20 शहरों में शामिल हैं। अंबिकापुर ने 50 हजार से तीन लाख जनसंख्या श्रेणी में तथा पाटन और विश्रामपुर ने 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में एसएसएल में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। इनके अतिरिक्त, राजधानी रायपुर को छत्तीसगढ़ का 'प्रॉमिसिंग (Promising) स्वच्छ शहर' का पुरस्कार मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने इन शहरों में स्वच्छता के प्रति नागरिकों, स्थानीय निकायों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये पुरस्कार राज्य के अन्य शहरों को भी अपने शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने भी आज पुरस्कृत नगरीय निकायों को बधाई दी और कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए केवल एक सम्मान ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। आने वाले समय में अन्य नगरीय निकायों को भी स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होंगे। शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र की सरकार शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए कई नवाचारों के साथ सतत काम कर रहे हैं।

बदहाल NH 343 पर सफर नहीं सज़ा, हर मोड़ पर मौत का डर

बलरामपुर छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-343 (NH 343) की हालत बरसात के दिनों में बद से बदतर हो चुकी है. गड्ढों में सड़क या सड़क पर गड्ढे इसका अनुमान लगाना मुश्किल है. हालत यह है कि रोज सड़क पर बैलगाड़ी से भी कम रफ्तार में वाहनों की आवाजाही और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की लगातार लगने वाले जाम की वजह से बस चालक बायपास से होते हुए बस चलाने को मजबूर हैं. अंबिकापुर से रामानुजगंज तक करीब 120 किलोमीटर का सफर अब जगह- जगह बने जानलेवा गड्ढों के कारण कई घंटों में पूरा होता है. सबसे ज्यादा खराब स्थिति बलरामपुर से रामानुजगंज तक की है, जिससे रायपुर-बिलासपुर रूट की सारी बस का परिचालन बंद हो गया है. कुछ बसें रूट डायवर्ट कर वाड्रफनगर होकर चलने को मजबूर हैं, जिससे राजधानी जाने के लिए बलरामपुर के लोगों को सोचना पड़ रहा है. बस के लिए करना पड़ता है घंटों इंतजार जर्जर सड़क की वजह से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है, यात्रियों को जहां पहले हर 10 मिनट में बसें मिला करती थीं, अब यात्रियों को 2-2 घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ रहा है. कई बसें इस मार्ग पर चलना ही बंद कर चुकी हैं. जो वाहन चल भी रहे हैं, उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. खनिज परिवहन पर भी असर दरअसल, नेशनल हाइवे की बदहाली के पीछे बड़ी वजह सड़क पर रोजाना खनिज संपदा से लदे भारी ट्रकों का आवागमन है. लेकिन सड़क खराब होने के बाद अब इनका चलना भी दूभर हो गया है. जर्जर सड़क की वजह से सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं हो रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं की संख्या में भी इज़ाफा हुआ है. जवाब देने से कतरा रहे जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि भी मीडिया के सामने जवाब देने में कतरा रहे हैं. खतरनाक हो चुकी सड़क पर रात को चलना नामुमकिन हो गया है. कई बार ट्रक और छोटे वाहन भी पलट जाते हैं जिससे लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है. लोगों का कहना है कि अगर सरकार नई सड़क नहीं बना सकती, तो कम से कम इन गड्ढों को तत्काल भरने की व्यवस्था की जाए जिससे आवागमन सुचारू हो सके. जनता का सवाल — कब होगा सुधार? लोगों का साफ कहना है कि यह मार्ग कभी प्रदेश के विकास की पहचान था, लेकिन अब वह जनता की परेशानी का कारण बन चुका है सवाल यह है कि क्या प्रशासन तब तक सोता रहेगा जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जाए. खराब रोड पर बस चलाने का दबाव छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ प्रदेश अध्यक्ष सैय्यद अनवर अली ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में कहा कि रामानुजगंज जिला मुख्यालय होने के बाद भी रोड का सुधार नहीं हो रहा है. धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम के बाद भी कलेक्टर खराब रोड पर बस चलाने का दबाव बना रहे हैं. ऐसी में अगर गाड़ियां पलटती हैं, जान-माल की क्षति होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा. परिवहन विभाग को बता दिया गया है कि जब तक मार्ग की मरम्मत नहीं होगी, तब तक मार्ग बदलकर बस संचालन किया जाएगा. मौसम खुलने पर करेंगे मरम्मत बलरामपुर अपर कलेक्टर आरएस लाल ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में कहा कि इस बात को ठेकेदार और संबंध विभाग के अधिकारियों के साथ कलेक्टर की चर्चा हुई है. बरसात के दिनों में आवागमन बाधित न हो इसकी व्यवस्था करेंगे. बहरहाल, लगातार बारिश होने की वजह से सुधार के बाद भी सड़क पर गड्ढा यथावत हो जा रहा है. जैसे ही थोड़ा सा मौसम खुलेगा, तब गड्ढों को ठीक तरह से भरेंगे, जिससे आवागमन सुचारू तरीके से हो सके.

अमित अमित चावड़ा? जिन्हें दी गई गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी

अहमदाबाद गुजरात कांग्रेस से जुडी बड़ी खबर सामने आई है। अमित चावड़ा को गुजरात कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वे शक्ति सिंह गोहिल का स्थान लेंगे। साथ ही डॉ. तुषार चौधरी को गुजरात में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है।

दादिया से सहकारिता क्रांति की घोषणा: अमित शाह बोले- बनाए जाएंगे 2 लाख पीएसीएस

जयपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राजस्थान के दादिया में आयोजित सहकार एवं रोजगार उत्सव में भाग लेते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि देशभर में दो लाख नए प्राथमिक कृषि साख समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिनमें 40 हजार पीएसीएस पहले ही बन चुकी हैं और सभी का कम्प्यूटरीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि गोदाम निर्माण, बीज संवर्धन और सहकार उत्पादों के क्षेत्र में नई समितियां गठित की गई हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को लेकर अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। पिछले 100 वर्षों में सहकारिता ने देश के विकास में अहम भूमिका निभाई है और आने वाला दशक पूरी तरह सहकारिता के नाम होगा। शाह ने बताया कि भारत में धान और गेहूं की खरीद में 20% योगदान सहकारी संस्थाओं का है, जो इस क्षेत्र की ताकत को दर्शाता है। अपने संबोधन में शाह ने राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पेपरलीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर एसआईटी का गठन कर राज्य सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि कम समय में भजनलाल शर्मा ने सहकारिता और प्रशासनिक मोर्चों पर सराहनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों पर रिसर्च चल रही है, जो आने वाले समय में चिकित्सा और पोषण के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगा। कार्यक्रम के दौरान शाह ने राजस्थान पुलिस के 100 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सहकार उत्पादों की प्रदर्शनी भी देखी। शाह ने अपने भाषण की शुरुआत भारत माता की जय के उद्घोष के साथ की। उन्होंने युवाओं और किसानों से हाथ उठाकर देशभक्ति का संकल्प दिलवाया और राजस्थान की वीरभूमि को प्रणाम किया। समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य में अब तक 5 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि 28 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 4 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। समारोह के मुख्य बिंदु संक्षेप में इस प्रकार हैं- 2 लाख पीएसीएस निर्माण की योजना शुरू, 40 हजार पहले ही बन चुकी हैं, सभी का कम्प्यूटरीकरण पूर्ण पेपरलीक पर एसआईटी गठित कर भजनलाल सरकार ने लिया बड़ा निर्णय 5 हजार युवाओं को नौकरी, 28 हजार नई भर्तियों की तैयारी ऊंटनी के दूध पर औषधीय अनुसंधान जारी 100 पुलिस वाहन बेड़े में शामिल शाह ने सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया। अमित शाह ने 500 मीट्रिक टन के 24 अनाज गोदाम और 64 मिलेट्स केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन किया। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1400 गोपालकों को 12 करोड़ के लोन वितरित किए गए।