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गेहूँ का अधिकतम स्टॉक 3 हजार मीट्रिक टन रख सकते हैं व्यापारी : खाद्य मंत्री राजपूत

 भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि भारत सरकार द्वारा व्यापारियों के लिए 31 मार्च, 2026 तक के लिये गेहूँ के स्टॉक की सीमा निर्धारित कर दी गयी है। व्यापारी/थोक विक्रेता 3 हजार मीट्रिक टन तक और रिटेलर 10 मीट्रिक टन तक गेहूँ का भण्डारण कर सकते हैं। इसी तरह चेन रिटेलर के प्रत्येक आउटलेट के लिये 10 मीट्रिक टन की सीमा इस आधार पर निर्धारित की गई है कि सभी आउटलेट पर अधिकतम मात्रा आउटलेटों की कुल संख्या के 10 गुना मीट्रिक टन से अधिक भण्डारित नहीं होना चाहिये। प्रोसेसर के लिये स्टॉक की मात्रा उसकी मासिक स्थापित क्षमता के 70 प्रतिशत मात्रा को वर्ष 2025-26 के शेष महीनों से गुणा करने पर आने वाली मात्रा से अधिक नहीं होना चाहिये।  

जस्टिस वर्मा पर कार्रवाई तय! सभी राजनीतिक दलों ने जताई एकराय: रिजिजू

नई दिल्ली  केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने शुक्रवार को कहा है कि जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दल एकमत हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा है कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियां से बातचीत जारी है और इसकी पहल अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों ने की है जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। गौरतलब है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर एक स्टोर में 14 मार्च की रात लगी आग में 500 करोड रुपए के सैकड़ो और जले हुए नोटों की गाड़ियां मिली थीं। जस्टिस वर्मा ने इस मामले में निर्दोष होने का दावा किया है। हालांकि उच्चतम न्यायालय की आंतरिक जांच समिति ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाए जाने की सिफारिश की है। सांसदों ने की है पहल- रिजिजू रिजिजू ने पीटीआई को दिये एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने विभिन्न राजनीतिक दलों के सभी वरिष्ठ नेताओं से बात की है। मैं एकमात्र सांसद वाले कुछ दलों से भी संपर्क करुंगा, क्योंकि मैं किसी भी सदस्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहता। ताकि यह भारतीय संसद की एक संयुक्त राय के रूप में सामने आए।’’ केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि जस्टिस वर्मा को हटाने का प्रस्ताव लाने की पहल सरकार की नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने की है, जिनमें कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं। न्यायपालिका में भ्रष्टाचार गंभीर मसला केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मामला गंभीर है। उन्होंने कहा, ‘‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार एक अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है, क्योंकि न्यायपालिका ही वह जगह है जहां लोगों को न्याय मिलता है। अगर न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है, तो यह सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसी कारण न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को हटाने का प्रस्ताव सभी राजनीतिक दलों द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा।’’ रिजिजू ने कहा कि उन्हें खुशी है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मामले की गंभीरता को समझा है और इस मुद्दे पर साथ देने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि उसने चीजों को वैसे ही समझा जैसा उसे समझना चाहिए, क्योंकि कोई भी पार्टी भ्रष्ट न्यायाधीश के साथ खड़ी या भ्रष्ट न्यायाधीश को बचाती हुई नजर नहीं आ सकती।’’ रिजिजू ने कहा, ‘‘जब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात आती है, तो हमें एकजुट होना होगा। इसमें पार्टी के आधार पर रुख नहीं होना चाहिए और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।’’ बता दें कि कांग्रेस ने कहा है कि उसके सभी सांसद जस्टिस वर्मा के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। रिजिजू ने बताई आगे की प्रक्रिया रिजिजू ने आगे बताया कि किसी न्यायाधीश को हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के नोटिस पर लोकसभा में कम से कम 100 सदस्यों और राज्यसभा में 50 सदस्यों के हस्ताक्षर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि नोटिस लोकसभा में लोकसभा अध्यक्ष को और राज्यसभा में सभापति को प्रस्तुत किया जाएगा, जो सदन को सूचित करेंगे, न्यायाधीश जांच अधिनियम के अनुसार जांच समिति गठित करेंगे तथा तीन महीने में रिपोर्ट प्राप्त करेंगे। रिजिजू ने कहा, ‘‘तीन महीने की अवधि की आवश्यकता पूरी करनी होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी और दोनों सदनों में इस पर चर्चा होगी।’’ पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा जस्टिस वर्मा और इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर यादव के बीच तुलना करने संबंधी टिप्पणी पर रिजिजू ने कहा कि संसद को एक वकील-सांसद के निजी एजेंडे से निर्देशित नहीं किया जा सकता। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिब्बल सिर्फ अपने निजी एजेंडे से प्रेरित हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘वह एक बहुत ही साधारण वकील हैं। वह भारत की संसद का मार्गदर्शन नहीं कर सकते। भारत की संसद का मार्गदर्शन सभी सांसदों द्वारा किया जाएगा।’’  

ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे बने मकान के मालिकों को नोटिस जारी

भोपाल इंदौर शहर की नई कॉलोनियों सहित कई इलाकों में कई मकान एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित दायरे में बन गये हैं। यह निर्माण वर्षों पहले स्‍थापित ट्रांसमिशन लाईनों के समीप किए गए जो न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। एम.पी. ट्रांसको ने पिछले तीन वर्षों में ऐसे 892निर्माणों के लिये नोटिस जारी किए हैं। एम.पी. ट्रांसको द्वारा अपने स्तर पर इन्हें हटाने के कई प्रयास समय-समय पर किए जाते हैं, साथ ही जिला प्रशासन की मदद से भी अभियान चलाया जाता है। वर्षों पहले स्थापित हुई इन एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे बसे रहवासी मकान न केवल विद्युत सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि यह जनजीवन को गंभीर खतरे में डाल रहे हैं। खतरनाक स्थिति वाले क्षेत्र इंदौर के लिंबोदी, मुसाखेड़ी, खजराना, मुखर्जी नगर, बाणगंगा, नेमावर रोड, सुखलिया, देवास नाका, खंडवा रोड आदि क्षेत्र ऐसे हैं जहां न्यूनतम सुरक्षा दूरी नहीं है और दुर्घटना की आशंका अधिक है। जागरूकता अभियान जारी एम.पी. ट्रांसको  इंदौर की कार्यपालन अभियंता श्रीमती नम्रता जैन ने बताया कि इंदौर के ऐसे सभी क्षेत्र जहां पहले से ही ट्रांसमिशन लाइनें क्रियाशील है, फिर भी विद्युत सुरक्षा मापदंड़ों को नजर अंदाज कर उनके समीप अनाधिकृत निर्माण कर लिये गये है, उन क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों से दुर्घटना एवं जनहानि होने की आंशका के मद्देनजर वहां कंपनी द्वारा सुरक्षा नियमों की जानकारी घर-घर चस्पा की जा रही है।कर्मचारी लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाये रखने के लिए अनाउसमेंट भी कर रहे है। जागरूकता एवं जनसुरक्षा के लिये ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आने से संभावित खतरों से सचेत भी कराया जा रहा है। क्यों जरूरी है 27 मीटर का कॉरिडोर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अनुसार, 132 केवी या इससे अधिक वोल्टेज की ट्रांसमिशन लाइन के नीचे कम से कम 27 मीटर की सुरक्षित दूरी आवश्यक है, जिससे हवा में झूलते तारों से संपर्क न हो और दुर्घटना टाली जा सके। जनवरी 2025 से अब तक इंदौर में ट्रांसमिशन लाइनों में 33 बार व्यवधान हुआ, जिसमें 16 बार ट्रिपिंग की वजह ट्रांसमिशन जोन में व्यक्ति या वस्तु का प्रवेश पाया गया है। 600 से 950 गुना अधिक रहता है ट्रांसमिशन लाइनों से जान का खतरा आम घरों में उपयोग होने वाली विद्युत आपूर्ति की तीव्रता मात्र 230 वोल्ट होती है। यह स्तर भी इतना अधिक होता है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से इसके संपर्क में आ जाए तो गंभीर रूप से घायल हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है। एक्स्ट्रा हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइनें, जिनमें विद्युत तीव्रता 132 केव्‍ही (यानी 132,000 वोल्ट)  एवं 220 केवी (यानी 2,20,000 वोल्ट) होती है — जो कि घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक रहती है। यह अंतर दर्शाता है कि अगर मात्र 230 वोल्ट के संपर्क में आने से जान को खतरा हो सकता है, तो 132 या 220 केवी की ट्रांसमिशन लाइनों के पास रहने या निर्माण करने से कितना बड़ा जोखिम हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह जानलेवा जोखिम भी उत्पन्न करता है।

नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाएं रखें : : राज्यमंत्री गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र के वार्ड 56, 60 और 61 के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में नागरिक सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साकेत नगर के रहवासियों द्वारा पाले गए दर्जनों कुत्तों के कारण क्षेत्र में फैली गंदगी और विवाद की स्थिति गंभीर है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। रहवासी क्षेत्रों में इस प्रकार की गतिविधियां आमजन के लिए परेशानी का कारण बनती हैं और समय रहते इन पर रोक आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राजधानी के अन्य इलाकों से भी कुत्तों के काटने से जुड़ी दुर्घटनाओं और असुविधा की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए ये निर्देश जारी किए गए हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती गौर ने मानसून को ध्यान में रखते हुए तीनों वार्डों में नाली, सीवेज, स्ट्रीट लाइट और जल निकासी की व्यवस्थाओं का तत्काल निरीक्षण कर समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए, ताकि जनहानि और असुविधा से बचा जा सके। विकासकार्यों में न हो लापरवाही: राज्यमंत्री श्रीमती गौर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने वार्ड 56 स्थित शंकर नगर हनुमान मंदिर के पास आम रास्ता बंद करने वाले पेट्रोल पंप मालिक पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंदिर के पास अतिक्रमण कर संचालित मांस-मदिरा दुकानों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने आनंद विहार कॉलोनी में अवैध कालोनियों पर कार्रवाई और पेयजल हेतु सम्पवेल निर्माण करने के लिए भी निर्देशित किया। वार्ड 61 की कॉलोनियों में पेयजल पाइपलाइन, सीवेज, हाईमास्ट लाइट, पार्क विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए और वार्ड 60 की आजाद नगर, प्रगति नगर, अवंतिका एवेन्यू फेस सहित एक दर्जन कॉलोनियों में आंगनवाड़ी भवन, नाली निर्माण, नाला सफाई, चौड़ीकरण व पाइपलाइन कार्य करने की बात कही। बैठक में पार्षद श्रीमती मधु शिवनानी, श्री बी. शक्ति राव, श्री नीरज सिंह, श्री सुरेंद्र घोटे, श्री प्रताप सिंह बैंस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।  

जम्मू-कश्मीर में बनी देसी व्हिस्की को अमेरिका में मिला डबल अवॉर्ड, जानें क्यों है खास

जम्मू कश्मीर  जम्मू की धरती से निकली एक खास सिंगल माल्ट व्हिस्की "ज्ञानचंद अम्बरा" ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर धमाल मचा दिया है। डेवन्स मॉडर्न ब्रुअरीज की इस नई पेशकश को इंटरनेशनल व्हिस्की कॉम्पिटिशन (IWC) 2025 में "बेस्ट इंडियन सिंगल माल्ट" और "बेस्ट इंडियन व्हिस्की" का खिताब मिला है। अमेरिका में मुकाबला, दुनियाभर की व्हिस्कियों को पीछे छोड़ा यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता अमेरिका के लास वेगास में हुई, जिसमें दुनियाभर की बेहतरीन व्हिस्कियों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता की खास बात यह है कि सभी ब्रांड्स का स्वाद ब्लाइंड टेस्टिंग के ज़रिए परखा जाता है। यानी जज को यह नहीं बताया जाता कि वे किस ब्रांड की व्हिस्की चख रहे हैं। हर कैटेगरी में केवल तीन पुरस्कार – गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज दिए जाते हैं। ऐसे में ज्ञानचंद अम्बरा का दो शीर्ष अवॉर्ड जीतना भारत के लिए गर्व की बात है। जम्मू में बनी, दुनिया में छाई ज्ञानचंद अम्बरा को जम्मू की डिस्टिलरी में तैयार किया गया है। यह डेवन्स की पहली अनपीटेड सिंगल माल्ट व्हिस्की है, जिसे अमेरिकी बॉर्बन बैरल्स में परिपक्व किया गया है। इसका गहरा एंबर रंग, और शहद, सूखी खुबानी और भुने हुए मसालों जैसे स्वाद इसे खास बनाते हैं। डेवन्स के चेयरमैन प्रेम देवान ने इस जीत को परंपरा और आधुनिक सोच का मेल बताया। उन्होंने कहा कि ज्ञानचंद अम्बरा दशकों के अनुभव और अंतरराष्ट्रीय स्वाद को ध्यान में रखकर बनाई गई है।   विश्व प्रसिद्ध समीक्षक भी हुए प्रभावित दुनिया के मशहूर व्हिस्की समीक्षक जिम मरे, जिन्होंने व्हिस्की बाइबल (Whisky Bible) जैसी प्रसिद्ध किताब लिखी है, उन्होंने इसे चखने के बाद हैरानी जताते हुए कहा, "क्या यह सच में भारतीय व्हिस्की हो सकती है?" ज्ञानचंद अम्बरा को मिला यह सम्मान सिर्फ एक ब्रांड की जीत नहीं, बल्कि पूरी भारतीय स्पिरिट इंडस्ट्री की उपलब्धि है। इससे साफ है कि अब भारतीय व्हिस्की को भी वैश्विक मंचों पर गंभीरता से लिया जा रहा है।

विकास के साथ कला और संस्कृति का समानांतर उत्थान आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए भौतिक अधोसंरचना के साथ-साथ कला और संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन भी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि रीवा स्थित राजकपूर ऑडिटोरियम जैसे मंचों पर स्थानीय एवं राष्ट्रीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलना एक सकारात्मक पहल है, जिससे समाज में ऊर्जा और जीवंतता का संचार होता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने शान-ए-विन्ध्य सम्मान समारोह में यह बात कही। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हंसाने वाले लोग समाज में विरले होते हैं। श्री एहसान कुरैशी ने अपनी कला से लोगों को गुदगुदाया, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि युवाओं में भी रचनात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। उन्होंने समारोह के आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि शान-ए-विन्ध्य जैसे आयोजन कलाकारों को प्रोत्साहन देने के साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी समृद्ध करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तियों एवं कलाकारों को सम्मानित भी किया। समारोह में देश के सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार श्री एहसान कुरैशी सहित अन्य कलाकारों ने अपनी हास्य प्रस्तुतियों से उपस्थितों को आनंदित किया। सांसद श्री जनार्दन मिश्र, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित थे।  

आस्था की नगरी उज्जैन तैयार, जुलाई के अंतिम 3 दिन होंगे त्योहारों से सराबोर

उज्जैन जुलाई के आखिरी तीन दिन उज्जैन में आस्था का महा सैलाबल देखने को मिलेगा। 27 जुलाई को रविवार होने के कारण छुट्टी का लाभ उठाते हुए देशभर से श्रद्धालुओं की भीड़ उज्जैन(Mahakal Temple Crowd) में उमड़ेगी। । 28 जुलाई को श्रावण मास में भगवान महाकाल की तीसरी सवारी निकलेगी, इसी दिन रात 12 बजे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट भी खुलेंगे। 29 जुलाई को नागपंचमी होने से देशभर से हजारों भक्त भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए आएंगे। महाकाल व नागचंद्रेश्वर के लिए अलग कतार नागपंचमी पर दर्शन व्यवस्था का प्लान तैयार किया जा रहा है। भीड़ नियंत्रण के लिए महाकाल( Darshan Arrangements Ujjain) और नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए अलग-अलग कतारें रहेंगी। यह निर्णय इसलिए लिया जा रहा है ताकि भक्तों को कम समय में सुविधा से भगवान के दर्शन हो सकें। एक-दो दिन में नागपंचमी की व्यवस्था संबंधी बैठक में दर्शन व्यवस्था पर अंतिम मुहर लग जाएगी।   दो दिन में 10 लाख से अधिक भक्तों के आने का अनुमान 28 जुलाई को श्रावण का तीसरा सोमवार और 29 जुलाई को नागपंचमी(Nag Panchami Ujjain) होने से प्रशासन को इन दो दिनों में 10 लाख से अधिक भक्तों के भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन(Nagchandreshwar Darshan) के लिए उज्जैन पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचने का सिलसिला 27 जुलाई, रविवार से शुरू हो जाएगा। तीन दिन के लिए शहर की होटलें, यात्रीगृह और होमस्टे में यात्रियों को जगह मिलना मुश्किल रहेगा। महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल का कहना है कि “नागपंचमी को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। व्यवस्था के लिए विभिन्न विभागों को पत्र लिखा गया है। एक-दो दिन में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें दर्शन व्यवस्था सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए जाएंगे।” 

प्रयागराज में कांवड़ियों पर हमला, धार्मिक तनाव के बीच मारपीट और लूट का माहौल

प्रयागराज सरायं ख्वाजा मऊआइमा के पास शुक्रवार को कांवड़िए और नमाजियों में भिड़ंत हो गई. जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है. आरोप है कि नमाजियों ने लाठी-डंडे और तलवार से कांवड़ियों पर हमला किया, जिसमें कई कांवड़ियों के घायल होने की जानकारी है. बताया जा रहा है कि विवाद DJ बजाने को लेकर हुआ था. मुस्लिम पक्ष ने DJ की आवाज कम करने को कहा था. घटना की जानकारी मिलते ही दो थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची. पुलिस के सामने भी नमाजी और कांवड़ियों में धक्कामुक्की हुई है. पुलिस ने किसी तरह हालात संभाला. इधर पीड़ित पक्ष ने 15 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ शिकायत दी है. कांवड़ यात्रा में शामिल महेंद्र कुमार ने मऊआइमा थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है. फिलहाल कड़ी सुरक्षा के बीच कांवड़ियों को मुस्जिद के पास से निकाला गया है. घटना के दौरान महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप है. एक महिला को घसीटते हुए कपड़े तक फाड़ दिए गए. यात्रियों के मोबाइल फोन तोड़ दिए गए, भगवा झंडा फाड़ दिया गया और कई श्रद्धालुओं से पैसे और जेवर भी छीन लिए गए. ये भी आरोप है कि आरोपियों ने ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि अगर गांव से फिर कभी कोई धार्मिक यात्रा निकली तो वह उसे जानलेवा हमला करके रोक देंगे.

नया ग्लोबल ग्रोथ इंजन बन रहा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

वर्ष 2026 भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा सबमर टेक्नोलॉजीस से चर्चा के 24 घंटे के अंदर हुआ एमओयू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बार्सिलोना में दिया निवेश का आमंत्रण वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना के साथ मध्यप्रदेश विकास का नया केंद्र बनेगा मुख्यमंत्री ने बार्सिलोना में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निवेशकों की जरूरतों को हम अच्छी तरह से जानते हैं। निवेशकों को प्रॉपर्ली फेसिलिटेट करना ही हमारी नीति है। हमारी डेडिकेटेड इन्वेस्टर्स फ्रेंडली 18 औद्योगिक नीतियों के जरिए हमने सबके लिए निवेश के द्वार खोल दिए हैं। मध्यप्रदेश आईए, हमारी नीतियों और उपलब्धियों का अवलोकन कीजिए और निवेश कीजिए। उन्होंने कहा कि भारत और स्पेन के बीच पुराने संबंध हैं। हम उन्हीं संबंधों को और भी प्रगाढ़ करने यहां आए हैं। हम यहां से सिर्फ निवेश नहीं, दीर्घ साझेदारी चाहते हैं। हमारी सरकार अगले वर्ष 2026 को भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष के रूप में मनाएगी। इसके अंतर्गत कला, संस्कृति, साहित्य और फिल्म आधारित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और स्पेन के बीच फिल्म को-प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। हमने स्पेन फिल्म आयोग के साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को यूरोप यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम मीट को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सबमर टेक्नोलॉजी स्पेन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह बार्सिलोना ने नवाचार, संस्कृति और आर्थिक समावेशन के जरिए विकास का अनूठा मॉडल प्रस्तुत किया है, उसी तरह मध्यप्रदेश भी विरासत से विकास की परंपरा को और आगे बढ़ाते हुए अब तेजी से ग्लोबल ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूरोप को विज़न देने वाले बार्सिलोना को मध्यप्रदेश की ओर से अभिनंदन है। बार्सिलोना नवाचारों और सपनों का शहर है, जिस पर मां सरस्वती की कृपा है। यहां के लोग अपने अतीत को साथ रखना चाहते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विरासत के साथ विकास के मंत्र को स्पेन भी चरितार्थ करता है। बार्सिलोना ने विकास और नवाचार का नया मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी स्थिर शासन और सरल प्रक्रियाओं और तेज निर्णयों के मामले में दुनिया का विश्वास जुटाते हुए आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। भारत और स्पेन लोकतांत्रिक मूल्यों और नवाचारों के साथ खड़े हुए दिखाई देते हैं। दोनों के बीच 9 बिलियन डॉलर से अधिक द्विपक्षीय व्यापार है। रक्षा क्षेत्र में भी बड़ी साझेदारी है। उन्होंने कहा कि स्पेन में निवेशकों से मिलकर सबसे अधिक आनंद की अनुभूति हुई है। यहां दुनिया की सबसे बड़ी कॉटन कम्पनी 'इंडिटेक्स' के विजिट के बाद पता लगा कि मध्यप्रदेश का कॉटन और यहां की टेक्निक मिलकर विकास का नया अध्याय लिख सकते हैं। धन कमाने में मानवीय मूल्यों को भूल जाते हैं। इंडिटेक्स के अधिकारियों ने बताया कि 30 से 40 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में कुल ऊर्जा उत्पादन का लगभग आधे से ज्यादा नवकरणीय ऊर्जा है। प्रदेश ज्यादा से ज्यादा ग्रीन एनर्जी के उत्पादन के लिये ठोस कदम उठा रहा है। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश दुनिया के लिये आदर्श राज्य की स्थापना की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है। यहां पर जैविक कपास के साथ-साथ फसल उत्पादन और अन्य सभी क्षेत्रों में भी मध्यप्रदेश ने अपनी गति बढ़ाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडिटेक्स टेक्सटाइल में मध्यप्रदेश के कॉटन से गारमेंट्स सेक्टर में बार्सिलोना बेताज बादशाह बना है, जिससे लगता है कि मध्यप्रदेश और बार्सिलोना जुड़वाँ भाईयों की तरह हैं। बार्सिलोना ग्रीन एनर्जी के इस्तेमाल को आगे बढ़ा रहा है। मध्यप्रदेश भी अपने किसानों को 32 लाख से अधिक सोलर इरिगेशन पंप बांटकर ग्रीन एनर्जी सेक्टर में देश-दुनिया में अपना शीर्ष स्थान बनाना चाहता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी यूरोपियन देशों की आबादी करीब 74 करोड़ है और आप हैरत करेंगे कि हमारे यहां 80 करोड़ से अधिक लोगों को भारत सरकार द्वारा नि:शुल्क खाद्य सामग्री बांटी जा रही है। स्पेन की आबादी के बराबर लोगों को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नि:शुल्क पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। यहां पर जरूरतमंद लोगों को आवास, भोजन, शिक्षा सहित अन्य सभी आधारभूत सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है। भारतीय संस्कृति 'जियो और जीने दो' पर विश्वास करती है। उन्होंने इकबाल की पंक्तियों को उदधृत करते हुए कहा कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नही हमारी। भारत यूरोपियन देशों के साथ साझेदारी के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मध्यप्रदेश भी इसी भावना से आगे बढ़ते हुए फूड, टैक्सटाईल, फार्मास्युटिकल, पॉवर सेक्टर सहित अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आज डेटा सेंटर के लिए हमारा एमओयू साइन हुआ है, जिससे हमारे संबंध अब और पक्के हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी यूरोप यात्रा न केवल यहां के निवेशकों का विश्वास जीत रही है, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक कद, मध्यप्रदेश की कुशल औद्योगिक नीतियों और हमारे विज़न को वैश्विक मंचों पर प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करने का माध्यम भी बन रही है।  

नई सरकारी स्कीम 1 अगस्त से होगी शुरू, निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा

धूरी इम्प्लॉईज प्रोविडैंट फंड ऑर्गनाइजेशन (ई.पी.एफ.ओ.) के सहायक आयुक्त मनोज पटेल और इनफोर्समैंट अधिकारी दिनेश गर्ग ने बताया कि केंद्र सरकार ने निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री ई.एल.आई. स्कीम शुरू की है।  यह स्कीम पूरे भारत में 1 अगस्त से लागू हो जाएगी। उन्होंने यह जानकारी औद्योगिक इकाई के.आर.बी.एल., भसौड़ (धूरी) में आयोजित एक जागरूकता सेमिनार में दी। मनोज पटेल और दिनेश गर्ग ने बताया कि यह स्कीम औद्योगिक इकाइयों पर चार साल और अन्य नियोक्ताओं पर 2 साल के लिए लागू होगी। उन्होंने कहा कि ई.पी.एफ.ओ. के पूरे देश में 7.83 करोड़ पी.एफ. खाताधारक हैं, जिन्हें करीब 150 कार्यालयों के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन 1 अगस्त से शुरू होकर 31 जुलाई 2027 तक चलेगी। यह स्कीम 1 लाख रुपए महीना वेतन प्राप्त करने वालों पर भी लागू होगी, लेकिन उन्हें मिलने वाली 15 हजार रुपए की राशि सालाना 2 किश्तों में दी जाएगी। यह स्कीम कर्मचारियों के साथ-साथ उत्पादकों (नियोक्ताओं) के लिए भी है। इसके तहत, 10 हजार रुपए तक वेतन वाले कर्मचारियों के मालिकों को 1 हजार रुपए प्रति महीना, 10,001 से 20,000 रुपए तक वेतन वालों के लिए 2 हजार रुपए, और 20,001 से 1 लाख रुपए तक वेतन वालों के लिए 3 हजार रुपए प्रति महीना नियोक्ताओं को दिया जाएगा। अधिकारियों ने कर्मचारियों और उद्योगपतियों से इस स्कीम का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय बजट रखा गया है और इसके माध्यम से करीब साढ़े 3 करोड़ नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है। इस अवसर पर संस्थान के जनरल मैनेजर सागर सिद्धू द्वारा ई.पी.एफ.ओ. अधिकारियों को सम्मानित किया गया।