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CM योगी का बड़ा आरोप: सोशल मीडिया पर जातीय संघर्ष भड़काने की साजिश

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर कुछ लोग जातियों को लड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा, "हमारी चुनौती ऐसी है कि कुछ लोग समाज के बीच लोगों को मुख्यधारा से अलग करने का काम करते हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष की स्थिति पैदा करते हैं। इनसे भी सख्ती से निपटा जा रहा है।" सीएम योगी ने कहा, "दो-तीन साल पहले ऐसी ही एक घटना हुई थी। एक आगजनी की घटना में एक व्यक्ति भगवा गमछा ओढ़े था और बीच में उसके मुंह से 'या अल्लाह' निकला था। ऐसे ही लोगों को चिन्हित करने की आवश्यकता है।" उन्होंने कहा कि सावन का महीना चल रहा है। इससे पहले मुहर्रम था और हमने नियम बना दिए थे कि ताजिये की लंबाई सीमित रखें। इससे बिजली और पेड़ की टहनी को नुकसान पहुंचता था। जौनपुर में एक घटना हुई और ताजिये को इतना ऊंचा किया कि लोग हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए। तीन लोग मारे गए और बाद में उपद्रव हुआ। तो मैंने कहा, 'लाठी मारो इनको, ये लातों के भूत हैं, बातों से नहीं मानेंगे।' इसका किसी ने विरोध नहीं किया।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "हमने तो यूपी में व्यवस्था बना रखी है कि कोई भी अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रदर्शन नहीं करेगा। नहीं तो हमेशा मोहर्रम का जुलूस आगजनी और उत्पात का कारण बनता था और बहन-बेटियां सड़क पर बाहर नहीं निकल पाती थीं। कोई उस समय नहीं बोलता था।" मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज कांवड़ यात्री भक्ति भावना से चलते हैं और 200, 300, और 400 किलोमीटर कांवड़ को कंधे पर लेकर चले जाते हैं। 'हर हर बम' बोलते हुए, लेकिन उनका भी मीडिया ट्रायल होता है। उन्हें उपद्रवी आतंकवादी तक बोला जाता है। यह वो मानसिकता है, जो हर प्रकार से भारत की विरासत और आस्था को अपमानित करने का काम करती है। यही लोग सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने का काम करते हैं।" इससे पहले, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस अफसरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फेक अकाउंट बनाकर माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।

रिलायंस के अधिग्रहण से केल्विनटर को मिलेगा नया जीवन, बाजार में फिर लौटेगा पुराना ब्रांड

मुंबई  केल्विनेटर (Kelvinator), एक समय भारतीय बाजार में इस कंपनी की तूती बोलती है, दौर था 1960-80 का. यानी करीब 50 साल पहले. फिलहाल भारतीय बाजार में ये कंपनी गुमनाम है. लेकिन अब कंपनी के दिन फिर सकते हैं. देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने इस कंपनी को खरीद लिया है.  दरअसल, रिलायंस रिटेल ने अमेरिका की मशहूर कंपनी केल्विनटर का अधिग्रहण कर लिया है. इस डील की घोषणा 18 जुलाई, 2025 की गई. हालांकि इसका खुलासा नहीं हुआ है कि कितने में ये सौदा हुआ है. Kelvinator कंपनी रिलायंस रिटेल के पास पहुंचने के बाद अब इसका पुनर्जन्म की संभावना है. क्या-क्या बनाती है Kelvinator कंपनी  केल्विनेटर कंपनी फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और किचन के सामान बनाती है. 1970 और 80 के दशक में इस कंपनी के प्रोडक्ट्स की भारत में खूब डिमांड थी. इसके प्रोडक्ट्स मजबूत और अच्छे होते थे. लोग इस पर भरोसा करते थे. आज से 50 साल पहले Kelvinator की पहचान एक बेहतरीन ब्रांड के तौर पर थी.  इस बड़ी डील के बाद रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, 'हमारा हमेशा से यह लक्ष्य रहा है कि हम हर भारतीय की जरूरत को पूरा करें. हम चाहते हैं कि हर किसी को अच्छी तकनीक मिले, जो उनके काम आए और भविष्य के लिए तैयार हो.' उन्होंने कहा कि केल्विनेटर को खरीदना हमारे लिए एक बहुत बड़ा कदम है. इससे हम देश के लोगों को और भी अच्छे प्रोडक्ट्स दे पाएंगे. क्योंकि हमारे पास दुकानों का एक बड़ा नेटवर्क है. रिलायंस अपने 19,340 स्टोर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के नेटवर्क के जरिये केल्विनेटर को फिर से घर-घर तक पहुंचाने का योजना बना रहा है. इसके अलावा रिलायंस की डिजिटल कॉमर्स रणनीति, जिसमें रिलायंस डिजिटल और जियोमार्ट शामिल हैं, ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दे सकती है.  Kelvinator का इतिहास केल्विनेटर की स्थापना 1914 में अमेरिका के नाथनियल बी. वेल्स और अर्नोल्ड एच. गोस ने की थी. यह ब्रांड रेफ्रिजरेशन तकनीक में अग्रणी रहा और इसका नाम वैज्ञानिक लॉर्ड केल्विन के नाम पर रखा गया था. भारत में केल्विनेटर ने 1963 में प्रवेश किया और अपने रेफ्रिजरेटरों की विश्वसनीयता और 'द कूलेस्ट वन' टैगलाइन के साथ घर-घर में लोकप्रिय हो गया.  केल्विनेटर ने 1970 और 1980 के दशक में भारत में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई, जब यह गोदरेज और ऑलविन के साथ बाजार में अग्रणी था. हालांकि, 1990 के दशक में उदारीकरण के बाद LG, Samsung और Whirlpool जैसे वैश्विक ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा के कारण इसकी चमक फीकी पड़ गई.  2000 के दशक में, केल्विनेटर उपस्थिति भारतीय मार्केट में कमजोर हुई, हालांकि अभी Kelvinator के पोर्टफोलियो में रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और माइक्रोवेव ओवन शामिल हैं. अब रियालंस इसे फिर से घर-घर तक पहुंचाने का प्लान बनाएगा. फिलहाल Kelvinator ये प्रोडक्ट्स बाजार में हैं… सिंगल-डोर रेफ्रिजरेटर: 95 लीटर से 201 लीटर (1-3 स्टार रेटिंग), कीमत 10,590 रुपये से 15,190 रुपये. डबल-डोर रेफ्रिजरेटर: 252 लीटर से 275 लीटर (2-3 स्टार), कीमत 22,490 रुपये से 23,490 रुपये. साइड-बाय-साइड रेफ्रिजरेटर: 500 लीटर, कीमत 75,600 रुपये।

रिलायंस के अधिग्रहण से केल्विनटर को मिलेगा नया जीवन, बाजार में फिर लौटेगा पुराना ब्रांड

मुंबई  केल्विनेटर (Kelvinator), एक समय भारतीय बाजार में इस कंपनी की तूती बोलती है, दौर था 1960-80 का. यानी करीब 50 साल पहले. फिलहाल भारतीय बाजार में ये कंपनी गुमनाम है. लेकिन अब कंपनी के दिन फिर सकते हैं. देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने इस कंपनी को खरीद लिया है.  दरअसल, रिलायंस रिटेल ने अमेरिका की मशहूर कंपनी केल्विनटर का अधिग्रहण कर लिया है. इस डील की घोषणा 18 जुलाई, 2025 की गई. हालांकि इसका खुलासा नहीं हुआ है कि कितने में ये सौदा हुआ है. Kelvinator कंपनी रिलायंस रिटेल के पास पहुंचने के बाद अब इसका पुनर्जन्म की संभावना है. क्या-क्या बनाती है Kelvinator कंपनी  केल्विनेटर कंपनी फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और किचन के सामान बनाती है. 1970 और 80 के दशक में इस कंपनी के प्रोडक्ट्स की भारत में खूब डिमांड थी. इसके प्रोडक्ट्स मजबूत और अच्छे होते थे. लोग इस पर भरोसा करते थे. आज से 50 साल पहले Kelvinator की पहचान एक बेहतरीन ब्रांड के तौर पर थी.  इस बड़ी डील के बाद रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा, 'हमारा हमेशा से यह लक्ष्य रहा है कि हम हर भारतीय की जरूरत को पूरा करें. हम चाहते हैं कि हर किसी को अच्छी तकनीक मिले, जो उनके काम आए और भविष्य के लिए तैयार हो.' उन्होंने कहा कि केल्विनेटर को खरीदना हमारे लिए एक बहुत बड़ा कदम है. इससे हम देश के लोगों को और भी अच्छे प्रोडक्ट्स दे पाएंगे. क्योंकि हमारे पास दुकानों का एक बड़ा नेटवर्क है. रिलायंस अपने 19,340 स्टोर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के नेटवर्क के जरिये केल्विनेटर को फिर से घर-घर तक पहुंचाने का योजना बना रहा है. इसके अलावा रिलायंस की डिजिटल कॉमर्स रणनीति, जिसमें रिलायंस डिजिटल और जियोमार्ट शामिल हैं, ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दे सकती है.  Kelvinator का इतिहास केल्विनेटर की स्थापना 1914 में अमेरिका के नाथनियल बी. वेल्स और अर्नोल्ड एच. गोस ने की थी. यह ब्रांड रेफ्रिजरेशन तकनीक में अग्रणी रहा और इसका नाम वैज्ञानिक लॉर्ड केल्विन के नाम पर रखा गया था. भारत में केल्विनेटर ने 1963 में प्रवेश किया और अपने रेफ्रिजरेटरों की विश्वसनीयता और 'द कूलेस्ट वन' टैगलाइन के साथ घर-घर में लोकप्रिय हो गया.  केल्विनेटर ने 1970 और 1980 के दशक में भारत में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाई, जब यह गोदरेज और ऑलविन के साथ बाजार में अग्रणी था. हालांकि, 1990 के दशक में उदारीकरण के बाद LG, Samsung और Whirlpool जैसे वैश्विक ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा के कारण इसकी चमक फीकी पड़ गई.  2000 के दशक में, केल्विनेटर उपस्थिति भारतीय मार्केट में कमजोर हुई, हालांकि अभी Kelvinator के पोर्टफोलियो में रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और माइक्रोवेव ओवन शामिल हैं. अब रियालंस इसे फिर से घर-घर तक पहुंचाने का प्लान बनाएगा. फिलहाल Kelvinator ये प्रोडक्ट्स बाजार में हैं… सिंगल-डोर रेफ्रिजरेटर: 95 लीटर से 201 लीटर (1-3 स्टार रेटिंग), कीमत 10,590 रुपये से 15,190 रुपये. डबल-डोर रेफ्रिजरेटर: 252 लीटर से 275 लीटर (2-3 स्टार), कीमत 22,490 रुपये से 23,490 रुपये. साइड-बाय-साइड रेफ्रिजरेटर: 500 लीटर, कीमत 75,600 रुपये।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा: धान खरीदी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर,  प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री साय की घोषणा: धान खरीदी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर,  प्रदेश के किसानों के लिए आज एक अत्यंत हर्ष और गर्व का दिन है। केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के अनुमान को 70 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन करने की ऐतिहासिक स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की मेहनत को नई पहचान और उनकी आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी जी के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की "डबल इंजन" प्रतिबद्धता का सजीव प्रमाण है, जिसमें किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा सोशल मीडिया 'एक्स' में पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 8 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त धान खरीदने की स्वीकृति, हमारे किसानों के परिश्रम को मान्यता देने वाला कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार किसानों के हित में काम कर रही है और केंद्र सरकार से समन्वय करते हुए उनके लिए हरसंभव सुविधा सुनिश्चित कर रही है। राज्य के धान उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य, समय पर भुगतान और सुगम खरीदी प्रक्रिया के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है। धान खरीदी सीमा में यह वृद्धि प्रदेश के किसानों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यह उनके परिश्रम और उत्पादन क्षमता में केंद्र की आस्था का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगठित बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। प्रदेश के अन्नदाताओं की समृद्धि के लिए सरकार लगातार नई योजनाएँ और उपाय लागू कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों के जीवन में खुशहाली और सम्मान लाना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के अन्नदाता नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ेंगे।

सोना-चांदी की कीमतों में आखिरी कारोबारी दिन हुई बढ़त दर्ज

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बढ़त दर्ज की गई। 24 कैरेट के सोने की कीमतों में 750 रुपए से ज्यादा का इजाफा हुआ है। वहीं, चांदी की कीमत एक बार फिर 1,12,000 रुपए के पार हो गई है। इससे पहले लगातार तीन दिनों से कीमती धातुओं की कीमत में गिरावट देखी जा रही थी। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा शाम को जारी की गई कीमतों के मुताबिक, 24 कैरेट के सोने की कीमत 790 रुपए बढ़कर 98,243 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि बीते गुरुवार को 97,453 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। 22 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत बढ़कर 89,991 रुपए हो गई है, जो कि पहले 89,267 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, 18 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम बढ़कर 73,682 रुपए हो गया है, जो कि पहले 73,090 रुपए प्रति 10 ग्राम था। आईबीजेए की ओर से सोने और चांदी की कीमतों को दिन में दो बार सुबह और शाम अपडेट किया जाता है। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी इजाफा देखने को मिला। चांदी की कीमत 1,12,700 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 1,11,000 रुपए प्रति किलो थी। चांदी की कीमत में 1700 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पहले चांदी ने बीते सोमवार को अपना ऑल टाइम हाई 1,13,867 छुआ था। वायदा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमत में तेजी दर्ज की जा रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 अगस्त 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.57 प्रतिशत बढ़कर 98,030 रुपए और चांदी के 5 सितंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.94 प्रतिशत बढ़कर 1,13,387 रुपए थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखी जा रही है। कॉमैक्स पर सोना करीब 0.46 प्रतिशत बढ़कर 3,360.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.09 प्रतिशत बढ़कर 38.72 डॉलर प्रति औंस पर थी।

सोना-चांदी की कीमतों में आखिरी कारोबारी दिन हुई बढ़त दर्ज

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बढ़त दर्ज की गई। 24 कैरेट के सोने की कीमतों में 750 रुपए से ज्यादा का इजाफा हुआ है। वहीं, चांदी की कीमत एक बार फिर 1,12,000 रुपए के पार हो गई है। इससे पहले लगातार तीन दिनों से कीमती धातुओं की कीमत में गिरावट देखी जा रही थी। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा शाम को जारी की गई कीमतों के मुताबिक, 24 कैरेट के सोने की कीमत 790 रुपए बढ़कर 98,243 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि बीते गुरुवार को 97,453 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी। 22 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत बढ़कर 89,991 रुपए हो गई है, जो कि पहले 89,267 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, 18 कैरेट के 10 ग्राम सोने का दाम बढ़कर 73,682 रुपए हो गया है, जो कि पहले 73,090 रुपए प्रति 10 ग्राम था। आईबीजेए की ओर से सोने और चांदी की कीमतों को दिन में दो बार सुबह और शाम अपडेट किया जाता है। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी इजाफा देखने को मिला। चांदी की कीमत 1,12,700 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 1,11,000 रुपए प्रति किलो थी। चांदी की कीमत में 1700 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पहले चांदी ने बीते सोमवार को अपना ऑल टाइम हाई 1,13,867 छुआ था। वायदा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमत में तेजी दर्ज की जा रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 अगस्त 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.57 प्रतिशत बढ़कर 98,030 रुपए और चांदी के 5 सितंबर 2025 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 0.94 प्रतिशत बढ़कर 1,13,387 रुपए थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की कीमत में तेजी देखी जा रही है। कॉमैक्स पर सोना करीब 0.46 प्रतिशत बढ़कर 3,360.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.09 प्रतिशत बढ़कर 38.72 डॉलर प्रति औंस पर थी।

न्यायपालिका पर उठते सवाल: CJI पर एक्शन की सीमाएं और जस्टिस वर्मा की 6 आपत्तियाँ

नई दिल्ली केंद्र सरकार की ओर से महाभियोग की तैयारी के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। 14 मार्च को उनके दिल्ली स्थित आवास पर बड़े पैमाने पर कैश पाए जाने की खबर मिली थी। इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित जांच समिति ने दोषी पाया था। उस रिपोर्ट के बाद उनका इलाहाबाद ट्रांसफर किया गया और राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी गई थी। अब इस रिपोर्ट के आधार पर ही महाभियोग चलाने की तैयारी है, लेकिन जस्टिस वर्मा ने रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इसके खिलाफ 6 अहम दलीलें दी हैं। 'मेरा मीडिया ट्रायल हुआ, छवि ही खराब हो गई' जस्टिस यशवंत वर्मा ने सबसे बड़ा आरोप मीडिया ट्रायल का लगाया है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से उन पर लगे आरोपों को सार्वजनिक किया गया और इसके चलते मेरा मीडिया ट्रायल हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे मेरी छवि खराब हुई है और मेरे करियर पर भी असर पड़ा है। जस्टिस वर्मा ने दलील दी है कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच की ओर से तय नियमों का भी इस तरह जानकारी सार्वजनिक करके उल्लंघन किया गया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में कमेटी की फाइनल रिपोर्ट छपी है और इस तरह गोपनीयत का उल्लंघन किया गया। इन हाउस जांच पर उठाए सवाल, बोले- कमजोर होती है संसद जस्टिस वर्मा ने एक तर्क यह भी दिया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1999 में न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतों से निपटने के लिए अपनाई गई इन-हाउस प्रक्रिया अनुचित रूप से आत्म-नियमन के निर्धारित दायरे से परे चली जाती है। याचिका में कहा गया है कि इससे एक समानांतर और असंवैधानिक तंत्र तैयार होता है। यह संविधान के अनुच्छेद 124 और 218 के तहत निर्धारित अनिवार्य ढांचे को कमजोर करती है, जिनके अनुसार न्यायाधीशों को हटाने का विशेष अधिकार केवल संसद को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से संसद का अधिकार कमजोर होता है। चीफ जस्टिस की पावर पर भी उठा दिए सवाल जस्टिस वर्मा ने अपनी अर्जी में चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट की पावर तक पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में कहीं भी सुप्रीम कोर्ट या चीफ जस्टिस को यह ताकत नहीं दी गई कि वह अपने जजों या फिर हाई कोर्ट के न्यायाधीशों के खिलाफ ऐक्शन ले। गवाहों के बयानों की रिकॉर्डिंग नहीं कराई, फुटेज पर भी सवाल उन्होंने एक दलील यह भी दी है कि मेरे खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। कुछ अप्रमाणित आरोपों के आधार पर ही मेरे खिलाफ जांच शुरू की गई। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि जांच समिति ने उन्हें पक्ष रखने का मौका नहीं दिया। इसके अलावा गवाहों के बयानों पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि इन गवाहों के बयानों के एक हिस्से को ही बताया गया, जबकि उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग करानी चाहिए थी। इसके अलावा जांच समिति की ओर से सीसीटीवी फुटेज आदि न जुटाने पर भी जस्टिस वर्मा ने सवाल उठाए हैं। 'मेरे घर से कैश मिला तो कितना था और किसका था, यह नहीं बताया गया' जस्टिस वर्मा ने यह भी कहा कि जब इस मामले का मुख्य आधार यही है कि मेरे घर से कैश पाया गया तो यह भी पता लगाना चाहिए था कि यह कितना था और कहां से आया था। उन्होंने कहा कि जांच समिति यह बताने में नाकाम रही है कि यह कैश कहां से आया था और कितना था। 'पहले मेरा पक्ष सुनते, फिर करनी थी महाभियोग की सिफारिश' उनकी एक दलील यह भी है कि फाइनल रिपोर्ट की समीक्षा करने के लिए मुझे वक्त नहीं मिला। जस्टिस वर्मा का कहना है कि मुझे हटाने की सिफारिश से पहले जवाब लेना चाहिए था। इसके लिए मुझे कोई वक्त ही नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मुझे चीफ जस्टिस या फिर वरिष्ठ जज के आगे पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए था। उसके बाद ही महाभियोग जैसी सिफारिश होनी चाहिए।  

50 लाख के लालच में अपहरण: प्रॉपर्टी डीलर को साथियों ने बनाया निशाना, जंगल में दी यातना

जयपुर राजधानी जयपुर में एक सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है। बुधवार शाम को रेस्टोरेंट में बैठे एक प्रॉपर्टी कारोबारी का उसके पूर्व पार्टनर और साथियों ने अपहरण कर लिया और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आदर्श नगर थाना पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते कारोबारी को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। रेस्टोरेंट से उठा ले गए कारोबारी पुलिस के अनुसार, अपहरण का शिकार हुआ कारोबारी सोनू शर्मा (30) दौसा जिले के लालसोट का निवासी है, जो जयपुर के दुर्गापुरा स्थित महारानी फॉर्म में अपने परिवार के साथ रहता है और प्रॉपर्टी कारोबार करता है। बुधवार शाम करीब पांच बजे वह अपने दोस्त हनी के साथ राजापार्क गली नंबर-4 स्थित एक रेस्टोरेंट में एक क्लाइंट से मिलने गया था। पूर्व पार्टनर ने किया हमला सोनू शर्मा के अनुसार रेस्टोरेंट में बातचीत के दौरान उसका पूर्व पार्टनर प्रकाश चंद अपने 5-6 साथियों के साथ वहां पहुंचा। आते ही उन लोगों ने कुर्सियों से हमला कर मारपीट शुरू कर दी और जबरन उसे कार में डालकर मौके से फरार हो गए। चलती कार में पिटाई, फिरौती की मांग सोनू को कार में बंधक बनाकर लालसोट के रामगढ़ क्षेत्र की ओर ले जाया गया, जहां सुनसान इलाके में लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। इस दौरान आरोपियों ने 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। पुलिस ने किया पीछा, अपहरणकर्ता भागे उधर, सोनू के दोस्त हनी ने अपहरण की सूचना तुरंत उसके परिजनों को दी। परिजनों ने आदर्श नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए लोकेशन ट्रेस की और अपहरणकर्ताओं का पीछा शुरू किया। रामगढ़ इलाके में पहुंची पुलिस टीम को देखते ही आरोपी सोनू को छोड़कर मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है और उनकी तलाश में दबिश दे रही है। शुरुआती जांच में यह मामला आपसी लेन-देन और पुराने विवाद से जुड़ा माना जा रहा है।

न्यूजीलैंड के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स जिम्बाब्वे दौरे से बाहर

हरारे  न्यूजीलैंड के बल्लेबाजी ऑलराउंडर ग्लेन फिलिप्स मेजर लीग क्रिकेट (MLC) फाइनल में अपनी दाहिनी कमर में चोट लगा बैठे। जिम्बाब्वे पहुंचने पर उनकी जाच की गई और तय हुआ कि उन्हें पुनर्वास के लिए कुछ हफ़्तों की जरूरत होगी। टिम रॉबिन्सन, जो MLC फाइनल के लिए कवर के तौर पर टीम में शामिल होने वाले खिलाड़ियों में पहले से ही शामिल थे, टी20 त्रिकोणीय श्रृंखला के बाकी मैचों के लिए टीम के साथ बने रहेंगे। माइकल ब्रेसवेल, फिलिप्स, मार्क चैपमैन और रचिन रवींद्र जैसे खिलाड़ी MLC फाइनल में खेल रहे थे, इसलिए उनकी जगह कई खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया था। फिलिप्स टेस्ट टीम का भी हिस्सा थे और आईसीसी के अनुसार, टीम में उनके प्रतिस्थापन की घोषणा समय आने पर की जाएगी। ब्लैक कैप्स के मुख्य कोच रॉब वाल्टर्स को फिलिप्स पर गहरा दुख हुआ। उन्होंने कहा, 'ग्लेन जैसी क्षमता वाले खिलाड़ी को खोना निश्चित रूप से निराशाजनक है। फिन (एलन) की तरह, हमें ग्लेन के लिए बहुत दुख है और हम इस सीरीज में उनके न खेलने से दुखी हैं। हम जानते हैं कि वह ब्लैक कैप्स के लिए मैदान पर उतरने के लिए उत्सुक थे, लेकिन दुर्भाग्य से वह इस सीरीज में ऐसा नहीं कर पाएंगे। हम जानते हैं कि वह मैदान पर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे, और मैं उस समय का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं जब ऐसा होगा।'  फिलिप्स, जिमी नीशम और मिच हे के साथ न्यूजrलैंड लौटेंगे, जो दोनों एमएलसी फाइनल में खेलने वाले खिलाड़ियों के कवर के तौर पर जिम्बाब्वे में थे। न्यूज़ीलैंड ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था, और टिम रॉबिन्सन के नाबाद 75 रनों और जैकब डफी तथा मैट हेनरी के तीन-तीन विकेटों की बदौलत 21 रनों से जीत हासिल की थी।