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मुंबई में यात्रियों की मुसीबतें बढ़ीं: Ola-Uber ड्राइवरों की ये हैं प्रमुख मांगें

मुंबई मुंबई में ओला  और उबर ड्राइवरों की हड़ताल आज लगातार चौथे दिन भी जारी रही, जिससे शहर के लाखों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र गिग वर्क्स मंच के नेतृत्व में चल रहे इस विरोध प्रदर्शन के कारण लगभग 90% ऐप-आधारित कैब सड़कों से नदारद हैं। इस हड़ताल से जूझ रहे ड्राइवर आज शुक्रवार, 18 जुलाई को सुबह 10 बजे मुंबई के ऐतिहासिक आज़ाद मैदान में धरना प्रदर्शन करने वाले हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों की सबसे ज़्यादा मुश्किल इस हड़ताल का सबसे बुरा असर मुंबई एयरपोर्ट पर देखने को मिल रहा है। यहां यात्रियों को अपनी फ्लाइट पकड़ने या घर पहुंचने के लिए लंबे इंतज़ार और बहुत ज़्यादा किराए का सामना करना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सोशल मीडिया पर एक यात्रा सलाह (Travel Advisory) जारी की है। इसमें यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और परिवहन के लिए कोई दूसरा इंतज़ाम करें। हड़ताल के कारण शहर भर में बसों, ऑटो-रिक्शा और मेट्रो सेवाओं में भीड़ बढ़ गई है। ओला-उबर ड्राइवर क्यों कर रहे हैं प्रदर्शन? जानें उनकी मुख्य मांगें मुंबई और महाराष्ट्र में ओला-उबर ड्राइवर उचित वेतन और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगें ये हैं: ➤ किराए में बराबरी: ड्राइवर चाहते हैं कि उनका किराया पारंपरिक काली-पीली टैक्सियों के बराबर हो। ➤ बाइक टैक्सियों पर प्रतिबंध: वे बाइक टैक्सी सेवाओं (जैसे रैपिडो) पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। ➤ परमिट की सीमा: ऑटो और टैक्सी परमिट की संख्या सीमित की जाए। ➤ कम कमीशन: कैब एग्रीगेटर (ओला-उबर) उनसे जो कमीशन लेते हैं, उसे कम किया जाए। ➤ कल्याण बोर्ड और एक्ट: वे ऐप-आधारित ड्राइवरों के लिए एक कल्याण बोर्ड बनाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए 'महाराष्ट्र गिग वर्कर्स एक्ट' लागू करने की भी मांग कर रहे हैं। सरकार से बातचीत विफल, हड़ताल जारी रहने के आसार राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ हाल ही में हुई बैठक के बावजूद, अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। टाइम्स नाउ न्यूज के अनुसार, सरनाईक ने कहा, "हमने सब कुछ समझाया, लेकिन विरोध अभी भी जारी है। यह सही नहीं है।"  

राहुल गांधी का आरोप- रॉबर्ट वाड्रा को राजनीतिक कारणों से बनाया गया निशाना

नई दिल्ली  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने जीजा रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ जारी कार्रवाई को लेकर पहली बार बोला है। उनके खिलाफ दाखिल की गई नई चार्जशीट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करार देते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों से रॉबर्ट वाड्रा को सरकार द्वारा लगातार निशाना बनाया जा रहा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने एक बयान में कहा, "मेरे बहनोई रॉबर्ट वाड्रा को इस सरकार ने पिछले दस वर्षों से लगातार प्रताड़ित किया है। अब जो नई चार्जशीट दायर की गई है, वह उसी राजनीतिक विद्वेष और बदले की भावना की अगली कड़ी है।" उन्होंने आगे कहा कि वे रॉबर्ट, प्रियंका गांधी और उनके बच्चों के साथ खड़े हैं और उन्हें इस तरह की मानहानिकारक और राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई से कोई भय नहीं है। राहुल गांधी ने कहा, “मैं जानता हूं कि वे सभी किसी भी तरह के उत्पीड़न को सहने के लिए पर्याप्त साहसी हैं और वे इसे गरिमा के साथ झेलते रहेंगे। अंततः सत्य की जीत होगी।” इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ धनशोधन के एक पुराने मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया है, जिसे कांग्रेस ने पहले ही राजनीति से प्रेरित बताया था। ईडी की चार्जशीट पर कोर्ट का संज्ञान रॉबर्ट वाड्रा और अन्य के खिलाफ ईडी द्वारा दाखिल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट पर शुक्रवार को राउस एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लिया। कोर्ट ने मामले को दस्तावेजों की जांच के लिए 24 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया है। विशेष न्यायाधीश सुषांत चंगोत्रा ने चार्जशीट को संज्ञान में लेते हुए अदालत के रिकॉर्ड कीपर को दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक एन. के. मट्टा ने अदालत में पेश होकर मामले की जल्द सुनवाई के लिए तारीख मांगी। क्या है मामला? प्रवर्तन निदेशालय ने 17 जुलाई को रॉबर्ट वाड्रा और 10 अन्य व्यक्तियों/कंपनियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दायर की थी। चार्जशीट में जिन लोगों/इकाइयों को आरोपी बनाया गया है उनमें रॉबर्ट वाड्रा, स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्रा. लि., कारेश्वर प्रॉपर्टीज प्रा. लि., सत्यनंद याजी, केवल सिंह विर्क सहित अन्य शामिल हैं। ईडी की शिकायत के अनुसार, यह मामला गुरुग्राम पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है। इसमें आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा ने अपनी कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी के माध्यम से वर्ष 2008 में गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव, सेक्टर 83 में 3.53 एकड़ भूमि फर्जी घोषणाओं और प्रभाव का दुरुपयोग करके खरीदी थी। जांच के तहत ईडी ने 16 जुलाई 2025 को एक अस्थायी अटैचमेंट आदेश जारी करते हुए वाड्रा और उनकी कंपनियों से जुड़ी लगभग 37.64 करोड़ की कीमत की 43 अचल संपत्तियां जब्त कर लीं। इन संपत्तियों का संबंध स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी सहित अन्य संबद्ध संस्थाओं से बताया गया है। ईडी का आरोप है कि वाड्रा ने व्यक्तिगत प्रभाव का उपयोग कर उक्त जमीन के लिए कॉमर्शियल लाइसेंस हासिल किया और यह सौदा पूरी तरह से धोखाधड़ी पर आधारित था। कांग्रेस ने भी जताई नाराजगी रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ ईडी की इस नई कार्रवाई की कांग्रेस पार्टी ने भी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।  

राजनीतिक भूचाल: संजय राउत बोले- महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था खत्म, लगे राष्ट्रपति शासन

मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार को भाजपा के विधायक गोपीचंद पडलकर और शरद पवार की एनसीपी के नेता जितेंद्र अव्हाड के समर्थकों में झड़प गई थी। इस हिंसक झड़प का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें दिखता है कि कई नेता मुक्के चला रहे हैं और दूसरे का कॉलर पकड़ा हुआ है। विधानसभा के अंदर इस तरह के बवाल से सवाल खड़े हुए हैं। आमतौर पर महाराष्ट्र की राजनीति को समन्वय और सद्भाव के लिए जाना जाता है। दूसरे दलों के नेताओं से भी लोग यहां बहुत सद्भाव से मिलते रहे हैं। ऐसे में इस तरह की झड़प की खूब चर्चा है। इस बीच विपक्ष ने राष्ट्रपति शासन की ही मांग कर दी है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना के नेता संजय राउत का कहना है कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। ऐसे में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। संजय राउत ने शुक्रवार को कहा, 'महाविकास अघाड़ी के नेता आज राज्यपाल से मिलेंगे और बताएंगे कि विधानसभा में क्या हुआ है। राज्य में राष्ट्रपति शासन ही लग जाना चाहिए। राज्यपाल को विधानसभा में हुई गैंगवार की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजनी चाहिए।' बता दें कि इस मामले में असेंबली के स्पीकर राहुल नार्वेकर फैसला सुनाने वाले हैं। उन्हें इस घटना की रिपोर्ट दी गई थी और अब वह दोपहर को 1:30 बजे फैसला देंगे। यही नहीं संजय राउत ने तो यहां तक कहा कि लोग हथियारों के साथ विधानसभा में घुसे और उनका इरादा गैंगवार का था। इस घटना से पूरी साजिश खुलकर आ गई है, जिसके तहत एनसीपी के विधायक जितेंद्र अव्हाड को ये लोग मार डालना चाहते थे। आखिर किन लोगों की मंजूरी से ये लोग विधानसभा के अंदर चले गए। राज्य में राष्ट्रपति शासन के लिए यह मामला काफी है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के शासन में महाराष्ट्र विधानसभा की स्थिति बेहद खराब हो गई है। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में झड़प की देश भर में चर्चा हो रही है और इसका वीडियो वायरल है। इस मामले में पुलिस अब तक दोनों विधायकों के एक-एक समर्थक को अरेस्ट कर चुकी है।  

टीम में वापसी से पहले सोचें पंत! शास्त्री ने जताई चिंता चौथे टेस्ट को लेकर

नई दिल्ली  भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे मैच में टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत चोटिल हो गए थे। उन्हें बाएं हाथ में गेंद लगी थी और चोट की वजह से काफी दर्द में दिखे। मैच में बल्लेबाजी करते समय भी उनके हाथ में कई बार गेंद लगी। चौथे टेस्ट में ऋषभ पंत के खेलने को लेकर संशय बरकरार है। भारत के सहायक कोच रेयान टेन डोएशे को उम्मीद है कि मैनचेस्टर में ट्रेनिंग के दौरान तक पंत बैटिंग के लिए फिट हो सकते हैं। हालांकि भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि अगर ऋषभ पंत मैनचेस्टर में होने वाले मुकाबले में विकेटकीपिंग के लिए फिट नहीं हो तो उन्हें ये मैच नहीं खेलना चाहिए।   भारतीय टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-2 से पीछे चल रही है। ऐसे में चौथा मैच सीरीज के निर्णय के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। रवि शास्त्री का मानना है कि अगर ऋषभ पंत खेलते हैं तो उनकी चोट गंभीर हो सकती है। पंत को चौथे मैच में आराम करना चाहिए और ओवल में होने वाले आखिरी मैच के लिए तैयार रहना चाहिए। पंत तीसरे टेस्ट में चोट लगने के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे लेकिन काफी दर्द में दिखे और कई गेंदों उनके ग्लव्स पर आकर भी लगी थी। रवि शास्त्री ने आईसीसी से कहा, ''उसे फील्डिंग करनी होगी और अगर वह ऐसा करता है तो दिक्कतें बढ़ेंगी। गल्व्स के साथ कम से कम कुछ सुरक्षा तो है। लेकिन बिना गल्व्स के अगर उन्हें वहां कोई चीज लगती है तो ये अच्छा नहीं होगा। इससे चोट और गहरा होगा। उसे विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी दोनों करनी होगी। वह दोनों में से एक नहीं कर सकता। अगर फ्रैक्चर है, तो उसे आराम करना चाहिए और ओवल के लिए तैयार होना चाहिए। लेकिन अगर नहीं, तो उसके पास ठीक होने के लिए लगभग नौ दिन हैं।" भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पहले टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाया थआ। पहली पारी में उन्होंने 178 गेंद में 134 और दूसरी पारी में 140 गेंद में 118 रन की पारी खेली थी। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने गुरुवार को ट्रेनिंग नहीं की, लेकिन टीम के साथ बेकेनहैम गए। डोएशे ने कहा, ‘‘तीसरे टेस्ट में उन्होंने काफी दर्द के साथ बल्लेबाजी की और हम उस स्थिति से दोबारा नहीं गुजरना चाहते जहां हमें पारी के बीच में विकेटकीपर बदलना पड़े। उन्होंने आज आराम किया। हम बस उन्हें यथासंभव आराम देने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि वह मैनचेस्टर में पहले ट्रेनिंग सत्र में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे। कीपिंग करना निश्चित रूप से इस प्रक्रिया का आखिरी चरण है। ’’  

देश और सनातन पर आए संकट में जनजातीय समाज सबसे आगे: योगी आदित्यनाथ

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश या सनातन धर्म के सामने जब कोई चुनौती आई तो भारत का जनजातीय समाज आगे बढ़कर खड़ा हुआ। भगवान राम के वनवास के 12 वर्ष कुशलतापूर्वक संपन्न हुए। उसके बाद माता सीता का अपहरण हो गया। तब राम के पास न तो अयोध्या न ही जनकपुर की सेना थी। तब जनजातीय समाज ने आगे बढ़कर उनका स्वागत और सहयोग किया। भगवान कृष्ण को भी सहयोग मिला। योगी शुक्रवार को वसंत महिला महाविद्यालय में आइसीएसएसआर के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का विषय बिरसा मुंडा की विरासत आदिवासी सशक्तीकरण और राष्ट्रीय आंदोलन है। योगी ने महाविद्यालय परिवार को बिरसा मुंडा की राष्ट्रीय संगोष्ठी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि महाविद्यालय के पास भी अपनी एक विरासत है। जिस प्रकार बिरसा मु़ंडा ने छोड़ा है। कृष्णमुर्ति फाउंडेशन इस महाविद्यालय के संचालन में अपनी भूमिका अदा करती है। जो एक विरासत है। उन्होंने एनी विसेंट के योगदान को भी याद किया। मदन मोहन मालवीय को याद करते हुए उनके द्वारा बीएचयू जैसी विरासत को छोड़ने का उल्लेख किया। कहा हम सभी को महापुरूषों की विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए। महाविद्यालय परिसर की तारीफ करते हुए कहा आप प्राकृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। जो जैसा दिखेगा वैसा बिकेगा का उल्लेख करते हुए कहा परिसर में प्रवेश करते ही लगा कि आपने भारत की गौरवशाली गुरुकुल परंपरा की स्मृतियों को ताजा करता है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता पद्म पुरस्कार विजेता अशोक भगत का उल्लेख करते हुए कहा कि आपने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन में जीवन जीया। उस क्षेत्र में गए जो लोग पिछड़े थे जहां तक सरकार नहीं पहुंच पाई। इसलिए इनका जीवन जनजातीय समाज की स्थिति, संघर्ष, उनकी विरासत आदि को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, श्रम व सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टांप मंत्री रवींद्र जायसवाल, विधायक डा. नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, एमएलसी धर्मेंद्र राय, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज, सतुआबाबा संतोषाचार्य महाराज, प्रबंधक एसएन दूबे, प्राचार्य अलका सिंह, कार्यक्रम कन्वेनर रंजना सिंह आदि मौजूद रहे। योगी दो दिवसीय काशी दौरे पर थे। वह गुरुवार को विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ ही कुछ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। आज सुबह कुछ विशिष्टजन से मिले। वह दोपहर 12 बजे के करीब हेलीकाप्टर से वापस चले गए।  

बहू बनी पिटाई की वजह: चारपाई से बांधकर ससुर को जमकर जड़े थप्पड़, सोशल मीडिया पर तहलका

इटावा  उत्तर प्रदेश के इटावा से एक शर्मसार करने वाला हादसा सामने आया है। यहां पर एक महिला ने अपने वृद्ध ससुर की जमकर पिटाई की है। उसने ससुर को चारपाई पर लिटाकर दोनों पकड़ लिए और फिर जमकर थप्पड़ मार रही है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।  वीडियो वायरल होने के बाद केस दर्ज  बता दें कि ये मामला थाना बकेवर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम राहतपुर का है। यहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला ने बजुर्ग ससुर को चारपाई पर लिटाकर उनके दोनों हाथ पकड़ लिए और उनपर लगातार थप्पड़ों की बौछार कर दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला अपने ससुर को जमकर थप्पड़ मार रही है। बहू का पिता भी वहीं खड़ा था और उसका मनोबल बढ़ा रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद बहू और उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।  चारपाई से बांधकर की पिटाई  पीड़ित ससुर ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उनकी बहू सुपत्रा की शादी उनके बेटे धर्मेंद्र के साथ एक साल पहले हुई थी। बहू ने अभी एक महीने पहले ही बच्चे को जन्म दिया है। उसके बाद वह अपने मायके ही रहने लगी। पीड़ित ने बताया कि उसकी बहू उसके बेटे के साथ अब नहीं रहना चाहती। उसने बताया कि वो प्रति महीने खर्च की मांग कर रही है, लेकिन हमारा कहना है कि अगर बहू हमारे घर रहे तो हम उसका खर्च उठाए। अचानक से वह अपने पिता के साथ मेरे घर पहुंची और चारपाई से बांधकर मेरी पिटाई करने लगी। गांव वालों ने आकर मुझे बचाया। वहीं, पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की।  

क्रिकेट की दुनिया में धोखा: युवा खिलाड़ी से रणजी और आईपीएल में जगह दिलाने के नाम पर ठगी

इंदौर  अंडर-19 क्रिकेटर से आईपीएल और रणजी टीम में सिलेक्शन के नाम पर धोखाधड़ी हो गई। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों से नजदीकी बताकर एक अन्य क्रिकेट खिलाड़ी ने पीड़ित से 12 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। लसूड़िया पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित ने कई युवाओं से ठगी की है। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक मानसरोवर नगर (इंदौर) निवासी एक क्रिकेटर की शिकायत पर आरोपित अभिषेक गैंगवार निवासी मानसरोवर कॉलोनी मुरादाबाद (उप्र) के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। आरोपित फिलहाल महालक्ष्मी अपार्टमेंट, सचिवालय कॉलोनी, केदारपुर, देहरादून (उत्तराखंड) में रहता है। पीडि़त ने पुलिस को बताया कि आरोपित अभिषेक से क्रिकेट मैच के दौरान नागपुर (महाराष्ट्र) में परिचय हुआ था। उसने प्रैक्टिस देखकर कहा कि तुम्हारा प्रदर्शन अच्छा है। वह आईपीएल और रणजी टीम में सिलेक्शन करवा सकता है। अभिषेक ने सिलेक्शन में खर्च करने का झांसा देकर किस्तों में 12 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। सिलेक्शन न होने और रुपये न लौटाने पर जानकारी निकाली तो पता चला अभिषेक सौराष्ट्र, उप्र, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई युवाओं से ठगी कर चुका है। उसके कोच भी इसी तरह की धोखाधड़ी में गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रीय खिलाड़ियों को वीडियो काल कर ठगता है आरोपित पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह अंडर-19 खेलता था। आरोपित भी क्रिकेट खिलाड़ी है। एक ही टीम में खेलने के दौरान दोस्ती हो गई थी। उसने कोविड के दिनों में कई दिनों तक झांसेबाजी की। वह उसके सामने ही राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट खिलाड़ियों से वीडियो कॉल पर बात करता था। इससे उसकी बातों पर आसानी से भरोसा हो गया। आरोपित ने पीड़ित से ऑनलाइन रुपये उसकी पत्नी आकांक्षा के खाते में जमा करवाए हैं।

महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामे पर कुणाल कामरा का कटाक्ष, बोले- “करेंगे दंगे चारों ओर”

मुंबई  महाराष्ट्र विधानसभा में हुए हंगामे और हाथापाई की घटना पर स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने चुटकी ली है। इसका मजाक उड़ाते हुए सोशल मीडिया पर उन्होंने एक वीडियो पोस्ट किया और इसके कैप्शन में 'लॉब्रेकर्स' लिखा। वीडियो में उन्होंने विधानसभा में हुई झड़प के क्लिप्स का इस्तेमाल किया और अपने विवादास्पद गाने 'हम होंगे कामयाब' को बैकग्राउंड में रखा। वीडियो में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के फुटेज भी शामिल किए गए हैं, जो सत्ताधारी महायुति गठबंधन पर कटाक्ष मालूम पड़ता है। कुणाल कामरा ने बीते मार्च में अपने स्टैंडअप शो 'हम होंगे कामयाब' वाला गाना गाया था, जिसमें एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' कहा गया था। इस शो के बाद भारी हंगामा मच गया। शिवसेना की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के खार इलाके में हेबिटेट कॉमेडी क्लब में तोड़फोड़ की, जहां कामरा का शो आयोजित हुआ था। मालूम हो कि भारी हंगामे के बावजूद उन्होंने माफी मांगने से इनकार किया था और हिंसा की निंदा की थी। अब कामरा का यह नया वीडियो उनकी राजनीतिक टिप्पणियों का ही हिस्सा माना जा रहा है। हाथापाई मामले में आव्हाड और पडलकर के समर्थक गिरफ्तार महाराष्ट्र विधान भवन परिसर हाथापाई मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक जितेंद्र आव्हाड और भाजपा के विधायक गोपीचंद पडलकर के एक-एक समर्थक को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार को विधान भवन के अंदर आव्हाड और पडलकर के समर्थकों के बीच विवाद हो गया था। इससे एक दिन पहले दोनों विधायकों के बीच तीखी बहस हुई थी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आव्हाड के समर्थक नितिन देशमुख और पडलकर के समर्थक ऋषिकेश टाकले को गिरफ्तार कर उनका बयान दर्ज कर लिया है। दोनों को दक्षिण मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों को बाद में अदालत में पेश किया जाएगा। दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।  

फतवे के घेरे में छांगुर बाबा, मौलाना रजवी ने की बहिष्कार की अपील

बरेली धर्मांतरण के धंधेबाज बलरामपुर के जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और उस जैसे अन्य लोगों के खिलाफ बरेलवी मसलक से जुड़े उलेमा ने फतवा जारी किया है। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाज के लोगों द्वारा पूछे गए सवालों पर जुबानी फतवा जारी किया है। इसमें छांगुर बाबा जैसे लोगों का बहिष्कार करने की अपील की गई है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा है कि छांगुर बाबा का प्रकरण पिछले दिनों से चर्चा में है। छांगुर बाबा ने लालच देकर के धर्मांतरण कराया और संयोजित तरीके से दूसरे धर्म की लड़कियों की दूसरे मजहब के लड़कों के साथ शादी कराता था। साथ ही अपने घर में अपने लिए एक कब्र बनवा रखी थी। उसके पास नोजवानों की एक फौज थी, उसके माध्यम से छांगुर बाबा लोगों पर दबाव बनाता था। इन तमाम बातों पर कई लोगों ने इस्लाम के नजरिए को समझने के लिए फतवा चाहा और प्रशन पूछें है। मौलाना ने बताया है कि इस्लामी दृष्टिकोण से और छांगुर बाबा के सम्बंध में जो चीजें सामने आई है उसके पेशे नजर जुबानी फतवा दिया है। जिसमें कहा है कि इस्लाम धर्म के हिसाब से किसी व्यक्ति के ऊपर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। पैगम्बरे इस्लाम की पूरी जीवनी पढ़ डालिए उन्होंने कभी भी किसी गैर मुस्लिम को लालच नहीं दिया। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी किसी गैर मुस्लिम पर इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए दबाव नहीं डाला। उनकी जीवनी पर लिखी गई हजारों किताबों में एक वक्या भी इस तरह का नहीं मिलेगा। वो मुस्लिमों और गैर मुस्लिमों दोनों के साथ अच्छा व्यवहार और अच्छा सलूक करते थे, वो सभी के मुश्किल समय में सहयोग के लिए खड़े हो जाते थे। धर्म का प्रचार प्रसार करना ठीक, धर्मांतरण कराना गलत मौलाना ने कहा कि धर्म के प्रचार-प्रसार की हर शख्स को इजाजत हासिल है। इस्लाम का प्रचारक अपने धर्म के प्रचार के किसी गैर धर्म के लोगों के सामने इस्लाम की खुबिया बयान तो कर सकता है, लेकिन उसे इस बात की बिल्कुल इजाजत नहीं है कि वो पहले से अपने धर्म पर अमल कर रहे उनका धर्मांतरण कराया जाए। मौलाना ने आगे कहा कि इस्लाम जब्र, दबाव, लालच का धर्म नहीं है बल्कि प्यार और मोहब्बत वाला धर्म है। जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने जो कुछ भी किया वो गैर कानूनी तो है ही साथ ही उन्होंने इस्लाम के वसूलों के खिलाफ भी काम किया। उनके द्वारा इस्लाम की छवि को धूमिल किया गया, बहुत सारे समाज के लोग मुसीबतों का शिकार हुए। इसलिए वो इस्लाम की नजर में मुजरिम है और गुनहगार है। मुस्लिम समाज ऐसे लोगों का बहिष्कार करें।

नियम तोड़ने पर पुलिस सख्त, मुजफ्फरनगर में कांवड़ियों की बाइकें जब्त

मुजफ्फरनगर यूपी के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने बिना साइलेंसर वाली बाइकों का इस्तेमाल करने वाले कांवड़ियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. शहर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि बिना साइलेंसर वाली और तेज आवाज करने वाली बाइकों का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी गई है. नियम तोड़ने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा.  मुजफ्फरनगर के एसपी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हनी नाम के एक दुकानदार को मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उसके पास से 12 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए हैं. वहीं, दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना साइलेंसर वाली 15 से ज़्यादा मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं.  इस बीच देर शाम मुजफ्फरनगर पहुंचे मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इसके साथ ही कांवड़ रूट पर हादसे रोकने के लिए पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है. डाक कांवड़ ले जाने वालों और अन्य श्रद्धालुओं को नियमों से अवगत कराया.  मीडिया से बात करते हुए एडीजी ने कहा- सभी श्रद्धालुओं और जनता से अनुरोध है कि वे ट्रैफिक रूल्स और पुलिस-प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें. पुलिस का सहयोग करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुगम और शांतिपूर्ण संपन्न हो सके. फिलहाल, यात्रा के दौरान ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए स्पेशल ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई है. सभी प्रमुख रूटों पर पुलिस की निगरानी है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह व्यवस्थाएं की गई हैं. नियम तोड़ने वालों पर भी नजर रहेगी.