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राजस्व मंत्री का बड़ा ऐलान: 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर रोक, शहरी क्षेत्र बाहर

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक-2025 पारित हो गया है. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने विधेयक पेश किया, जिसे चर्चा के बाद पारित किया गया. इस विधेयक में वर्तमान भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें 5 डिसमिस से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री की अनुमति थी. विधानसभा में राजस्व मंत्री वर्मा ने विधेयक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि “धारा 70 में पूर्व में भाजपा सरकार में 5 डिसमिल के नीचे की जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद धड़ल्ले से 5 डिसमिल से नीचे की जमीन की रजिस्ट्री करवायी गई, जिसके कारण पूरे प्रदेश में अवैध प्लॉटिंग शुरू हो गई. उन्होंने कहा कि इससे जगह-जगह समस्याएं उत्पन्न हो गई.” अभी धारा में जो संशोधन किया जा रहा है, उसके अनुसार 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी. मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह शहरों में लागू नहीं होगा, क्योंकि शहर वैसे भी कृषि भूमि से बाहर हैं. शहर में डायवर्टेड भूमि जो व्यवसायिक एवं आवासीय होता है, उसकी रजिस्ट्री हो जाती है. धारा 107 में जो संशोधन है, वह जियो रिफरेन्सिंग बेस्ड नक्शे तैयार किए जा रहे हैं. इसके आने से सीमांकन व बटांकन के सारे विवाद समाप्त हो जाएंगे. जियो रिफेरेन्सिंग से बने डिजिटल मैप को मिली कानूनी मान्यता उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में जियो रिफरेन्सिंग का काम चल रहा है, लेकिन विधिक मान्यता नहीं थी. इसलिए विधेयक लाया गया है, इस विधेयक के माध्यम से जियो रिफेरेन्सिंग का डिजिटल मैप को मान्यता मिलेगी, उसके हिसाब से काम होगा, भविष्य में नक्शा बंटाकन में कोई गड़बड़ी नहीं होगी. राजस्व मंत्री वर्मा ने विधेयक के धारा 110 की उपधारा 7 में रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया की जानकारी दी और साथ ही साथ ही दान की भूमि का नए प्रावधान बताए. अब रोड, गार्डन, मंदिर के लिए छोड़ी जमीन नहीं बेच पाएंगे बिल्डर इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि जो कॉलोनी डेवलपर बहुमंजिला भवन बनाते हैं और फ्लैट्स बेचते हैं. फ्लैट तो क्रेता के नाम पर होता है, लेकिन जमीन बिल्डर के नाम पर होती है. इसमें भी संशोधन किया गया है. अब फ्लैट मालिकों के साथ 10 हजार वर्गफुट जमीन भी सामानुपातिक रूप से उन क्रेताओं के नाम पर रहेगी. चाहे वह गार्डन हो, मनोरंजन का स्थान हो, भवन हो, उस एरिया में जितनी जमीन रहेगी, वह सभी समानुपातिक रूप से वहां पर बसने वाले क्रेताओं के नाम पर दर्ज होगी. अब तक रोड, गार्डन के लिए छोड़ी हुई जगह पर कॉम्पलेक्स बना देते थे और रोड को बेच देते थे, यह सभी समस्याएं संशोधन में ठीक हो जाएंगी. पट्टा अधिकार को लेकर हितग्राही की वार्षिक आय में वृद्धि राजस्व मंत्री वर्मा ने भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2025 के अलावा एक और विधेयक छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किया, जिसे चर्चा के बाद पारित कर दिया गया. इस विधेयक के तहत बीएलसी के अंतर्गत नगरीय निकाय क्षेत्र में निवासरत पात्र हितग्राही ईडब्ल्यूएस श्रेणी की वार्षिक अधिकतम आय 3 लाख रुपए निर्धारित की गई है, जबकि छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों के आवास व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार अधिनियम 2023 की कंडिका 2(ख) पात्र व्यक्ति की वार्षिक आय ढाई लाख रूपए से अधिक न हो, का प्रावधान है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा विहित किया जाए का संशोधन कर रही है.

इंग्लैंड दौरे से बाहर हुए युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी, अंगूठे में लगी गंभीर चोट

नई दिल्ली  स्टार बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी चोटिल होने की वजह से इंग्लैंड दौरे पर मैच नहीं खेल पाएंगे। रघुवंशी मुंबई की एमर्जिंग टीम के इंग्लैंड दौरे से बाहर हो गए हैं। अंगकृष रघुवंशी को अंगूठे में गंभीर चोट लगी है। उनके दाहिने हाथ के अंगूठे में फ्रैक्चर हुआ और इस वजह से उन्हें वापस घर लौटना पड़ रहा है। सूर्यांश शेड़गे के नेतृत्व में मुंबई की एमर्जिंग टीम ने 28 जून को दौरे की शुरुआत की थी। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने युवा खिलाड़ियों को अपनी कला को निखारने और विदेशी अनुभव प्राप्त करने में सहायता करने के लिए इस यात्रा का आयोजन किया।   टीओआई के मुताबिक मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने अभी तक अंगकृष रघुवंशी के रिप्लेसमेट की घोषणा नहीं की है। दौरे के दौरान लगी चोट के कारण वह आगे नहीं खेल पाएंगे। अंगकृष रघुवंशी ने काफी कम उम्र में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। वह मुंबई और आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए 22 आईपीएल मैचों में 29 के औसत से 463 रन बनाए हैं। मुंबई की टीम में बल्लेबाजी ऑलराउंडर मुशीर खान, अंगकृष रघुवंशी और युवा स्पिनर हिमांशु सिंह भी शामिल हैं। यह टीम इंग्लैंड की विभिन्न टीमों के खिलाफ पांच दो दिवसीय मैच और चार एकदिवसीय मैच खेल रही है। इस दौरे पर टीम नॉटिंघमशर, काउंटी की समग्र टीम (चैलेंजर्स), वॉर्सेस्टरशर और ग्लूस्टरशर सहित अन्य टीमों के खिलाफ खेल रही है। दौरे पर गए दल के कुछ सदस्य पहले ही रणजी ट्रॉफी में मुंबई का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। दल में छह सदस्यीय प्रबंधन स्टाफ भी शामिल है, जिसमें मुंबई के पूर्व खिलाड़ी किरण पोवार मुख्य कोच और एमसीए कोषाध्यक्ष अरमान मलिक मैनेजरहैं। टीम: सूर्यांश शेडगे (कप्तान), वेदांत मुरकर (उप-कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, आयुष वर्तक, आयुष जिमारे, हिमांशु सिंह, मनन भट्ट, मुशीर खान, निखिल गिरी, प्रग्नेश कनपिल्लेवार, प्रतीककुमार यादव, प्रेम देवकर, प्रिंस बदियानी, जैद पाटणकर, हृषिकेश गोरे, हर्षल जाधव।  

बेन स्टोक्स की जिद पर बोले जो रूट- कप्तान रहते भी नहीं मना पाया!

नई दिल्ली लॉर्ड्स टेस्ट में भारत के खिलाफ इंग्लैंड को मिली 22 रनों की जीत में कप्तान बेन स्टोक्स का अहम रोल रहा। स्टोक्स ने चोट की परवाह किए बिना आखिरी दिन लगभग 10-10 ओवर के दो स्पेल डाल इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई। जबकि पिछले एक साल में वह दो बार हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार बन चुके हैं। मैनचेस्टर में होने वाले अगले टेस्ट मैच से पहले जब पूर्व कप्तान जो रूट से बेन स्टोक्स के वर्कलोड के बारे में पूछा तो उन्होंने खुलासा किया कि जब वह कप्तान थे तो भी बेन स्टोक्स उनकी नहीं सुना करते थे। रूट ने कहा, "आप कोशिश कर सकते हैं, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने पाँच साल तक कोशिश की। मैंने उन्हें यह बताया, लेकिन वह हमेशा मेरी बात नहीं सुनते। जब मैं कप्तान था, तब भी उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी।" उन्होंने आगे कहा, “अब यह उसका फैसला है। ऐसा कर पाना एक अविश्वसनीय प्रयास था, लेकिन मुझे लगता है कि वह इसी तरह का इंसान है। वह बस एक ऐसा इंसान बनने और चीजों को अंजाम देने के लिए बेताब है। यह हमारे लिए आगे बढ़ने का एक अच्छा संकेत है, सचमुच, क्योंकि वह अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में वापस आ गया है।” हालांकि बेन स्टोक्स को इस मेहनत का फल इंग्लैंड की जीत और प्लेयर ऑफ द मैच के रूप में मिला। स्टोक्स ने भारत की आखिरी पारी में सर्वाधिक 24 ओवर डाले थे, वहीं अन्य तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और ब्रयडन क्रॉस 16-16 ओवर से आगे नहीं बढ़े थे। रूट ने कहा, “उनमें वह मानसिकता और खेल जीतने की इच्छा है और हम भाग्यशाली हैं कि वह हमारे लीडर हैं। मुझे बस यह डर था कि कुछ गंभीर चोटों के बाद वह खेल में आगे नहीं बढ़ पाएंगे, लेकिन अब उन्हें अपने शरीर पर पूरा भरोसा है। वह जानते हैं कि वह क्या कर रहे हैं और उन्हें अपनी शारीरिक स्थिति पर अच्छी पकड़ है।” इंग्लैंड 5 मैच की इस सीरीज में 2-1 से आगे चल रही है। सीरीज का चौथा मैच 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाना है। स्टोक्स की नजरें इस मैच को भी जीतकर सीरीज में अजेय बढ़त बनाने पर होगी। वहीं भारत मैनचेस्टर में जीत दर्ज कर सीरीज में रोमांच का तड़का लगाना चाहेगा।  

अमरनाथ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा: ट्रक की टक्कर से यात्री गंभीर रूप से घायल

ऊधमपुर ऊधमपुर से करीब 5 किलोमीटर दूरी पर स्थित बट्टल बालियां चैक के समीप एक तेज गति से चल रहे ट्रक द्वारा अनियंत्रित होकर एक अमरनाथ यात्रा पर जा रही इनोवा गाड़ी को हिट कर देने से गाड़ी में सवार 5 श्रद्धालु घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जीएमसी ऊधमपुर में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार ऊधमपुर से तेज गति जा रहा एक ट्रक जैसे ही बट्टल बालियां चैक पर पहुंचा कि चालक द्वारा उस पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे ट्रक दूसरे साइड से अमरनाथ यात्रा पर जा रही एक इनोवा गाड़ी नंबर (यू.पी,81,वी.एन-3701) को हिट कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया तथा खुद एक साथ लगते घर का गेट तोड़ घर में घुस गया। गनीमत यह रही उस समय घर के बाहर कोई नहीं था। वहीं इनोवा गाड़ी में सवार 08 श्रद्धालुओं में से 05 श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आईं जोकि उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जिन्हें तुरंत पुलिस व सीआरपीएफ की मदद से जीएमसी में भर्ती करवाया गया, जहां पर घायलों का उपचार जारी था। वहीं पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है तथा इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई आरंभ कर दी है। 

गठबंधन में नेतृत्व को लेकर खींचतान, ममता बनर्जी ने फिर जताई अपनी अहमियत, शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई

नई दिल्ली INDIA ब्लॉक पूरी तरह तो नहीं, लेकिन काफी हद तक संसद में एकजुट नजर आ सकता है. कांग्रेस नेतृत्व की कोशिशों से तो ऐसा ही लग रहा है. 19 जुलाई को इंडिया ब्लॉक की ऑनलाइन मीटिंग होने जा रही है. मुद्दा तो स्वाभाविक है,  ऑपरेशन सिंदूर से लेकर बिहार में चल रहा SIR तक सब कुछ होगा, लेकिन ज्यादा महत्वपूर्ण मीटिंग में ममता बनर्जी भागीदारी मानी जा रही है.   कांग्रेस सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि विपक्षी गठबंधन के करीब करीब सभी प्रमुख नेता मीटिंग में शामिल होने रहे हैं – और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस की तरफ से भी ऐसे ही सकारात्मक संकेत मिले हैं.  2019 के आम चुनाव के समय से ही ममता बनर्जी अपनी अहमियत का एहसास कराती रही हैं. विशेष रूप से कांग्रेस को, जब मामला पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ा हो.  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद तो ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक की मौजूदा लीडरशिप पर भी सवाल उठाने लगीं, और कहने लगीं कि वो विपक्ष के नेतृत्व के लिए तैयार हैं, लेकिन कोलकाता में रहकर ही. विपक्ष के कुछ नेताओं का समर्थन भी ममता बनर्जी को मिल गया.  सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व कांग्रेस के पास है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी तो लोकसभा में विपक्ष के नेता भी हैं. राज्यसभा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मोर्चा संभाले हुए हैं.  मॉनसून सत्र में साथ आया इंडिया ब्लॉक दिल्ली चुनाव के दौरान ही ये चर्चा होने लगी थी कि नतीजे आने के बाद इंडिया ब्लॉक का अस्तित्व खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ – और, मॉनसून सत्र से पहले विपक्षी गठबंधन के नेता एक बार फिर उस मीटिंग में हिस्सा लेने जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की जाने वाली है.  पहले ये मीटिंग दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर कराने की कोशिश हुई, लेकिन जब कुछ नेताओं ने कम समय में दिल्ली पहुंचने में असमर्थता जताई तो फॉर्मेट बदलना पड़ा. विपक्ष के ज्यादा से ज्यादा नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अब ये मीटिंग ऑनलाइन होने जा रही है.  कांग्रेस सूत्रों की मानें, तो विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के लगभग सभी नेताओं ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है – और उनमें तृणमूल कांग्रेस भी है.  शिवसेना-यूबीटी प्रवक्ता संजय राउत ने तो बताया है कि उद्धव ठाकरे दिल्ली भी जा सकते हैं, क्योंकि केसी वेणुगोपाल का फोन आया था. लेकिन समाजवादी  पार्टी के नेता अखिलेश यादव, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही जुड़ने की बात कही गई है.  तृणमूल कांग्रेस की तरफ से भी ममता बनर्जी या उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होने की संभावना जताई गई है.  ये साफ नहीं है कि अरविंद केजरीवाल के आम आदमी पार्टी शामिल होगी या नहीं. बीते घटनाक्रमों के हिसाब से देखें तो ऐसी कोई संभावना बनती नहीं है. और, शरद पवार की तरफ से भी दूरी बनाई जा सकती है.  असल में ऑपरेशन सिंदूर पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की कांग्रेस की मांग का शरद पवार ने विरोध किया था. विशेष सत्र को लेकर पहले तो समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने भी हाथ खींच लिये थे, लेकिन बाद में 16 राजनीतिक दलों की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गये संयुक्त पत्र में शामिल हो गये थे. लेकिन शरद पवार और अरविंद केजरीवाल की पार्टियों ने डिमांड वाले पत्र से दूरी बना ली थी. ममता बनर्जी का शामिल होना अहम क्यों खास बात ये है कि कांग्रेस से लेकर तृणमूल कांग्रेस तक सभी को अपनी हैसियत अच्छी तरह मालूम है. ये भी पता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ पाता, लेकिन ईगो भी तो कुछ होता है.  किसी को विचारधारा का गुरूर है, तो किसी को क्षेत्रीय राजनीति में अपने दबदबे का. कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने अखिल भारतीय नेटवर्क की बदौलत क्षेत्रीय दलों पर गुर्राते हैं, तो क्षेत्रीय दलों के ममता बनर्जी और अखिलेश यादव जैसे नेता अपने इलाके में धौंस दिखाने लगते हैं. जब केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी से टकराने की बात आती है तो मजबूरी में सब एक हो जाते हैं, नहीं तो पूरे वक्त आपस में झगड़ते रहते हैं.  साझा मुद्दों पर भी अलग अलग पसंद और नापसंदगी है. राहुल गांधी को अडानी का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण लगता है, तो ममता बनर्जी आंख दिखाने लगती हैं. ममता बनर्जी की अहमियत ऐसी है कि 2019 के चुनाव नतीजे आने के बाद जब लोकसभा स्पीकर के चुनाव में कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित कर दिया तो ममता बनर्जी नाराज हो गईं. लेकिन, फिर राहुल गांधी के फोन करके मनाने पर मान भी गईं – तब से लेकर अभी तक हर मुद्दे पर ममता बनर्जी तेवर दिखा ही देती हैं.  INDIA ब्लॉक का ट्रैक रिकॉर्ड को देखें तो ममता बनर्जी का इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में शामिल होना, संसद की कार्यवाही के दौरान भी पूरे विपक्ष, खासकर कांग्रेस, के साथ बने रहने की कोई गारंटी नहीं है.

ICC का एक्शन: भारत-इंग्लैंड खिलाड़ियों पर जुर्माना, जानें क्या थी वजह

नई दिल्ली भारत और इंग्लैड की महिला टीमों के बीच खेले गए पहले वनडे मैच के बाद आईसीसी ने भारतीय बल्लेबाज और इंग्लैंड की पूरी टीम पर फाइन लगाया है। भारतीय बल्लेबाज प्रतिका रावल को इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे इंटरनेशनल मैच के दौरान आईसीसी की आचार संहिता के लेवल 1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया और उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। वहीं, इंग्लैंड की महिला टीम को स्लो ओवर रेट का दोषी पाया गया है। ऐसे में इंग्लैंड की टीम पर 5-5 फीसदी मैच का फीस का जुर्माना ठोका गया है।   भारतीय सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल को थोड़े समय के अंतराल में हुई दो अलग-अलग घटनाओं के लिए दंडित किया गया है। 18वें ओवर में सिंगल लेते समय उन्होंने गेंदबाज लॉरेन फाइलर के साथ बॉडी कॉन्टेक्ट किया, जिससे बचना संभव था और अगले ओवर में आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम लौटते समय उन्होंने गेंदबाज सोफी एक्लेस्टोन के साथ भी ऐसा ही बॉडी कॉन्टेक्ट बनाया, जिससे बचना संभव था। 10 फीसदी मैच फीस के अलावा रावल के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ दिया गया है। 24 महीने की अवधि में यह उनका पहला अपराध था। वहीं, इंग्लैंड की टीम पर स्लो ओवर रेट के लिए मैच फीस का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि समय सीमा का उन्होंने ध्यान नहीं रखा और तय सीमा के बाद उन्होंने एक ओवर देरी से किया। प्लेयर्स एंड प्लेयर्स सपोर्ट स्टाफ के लिए आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.22 के अनुसार, जो न्यूनतम ओवर गति अपराधों से संबंधित है, खिलाड़ियों पर निर्धारित समय में प्रत्येक ओवर कम फेंकने पर उनकी मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है। प्रतिका रावल और इंग्लैंड की कप्तान नैट साइवर ब्रंट ने अपने अपराधों को स्वीकार कर लिया है। ऐसे में इसमें सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है।  

एक पेड़, एक ज़िंदगी अभियान को उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सराहा

भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि विकास और पर्यावरण संतुलन एक साथ आवश्यक हैं। सुखद, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के पुनीत कार्य में सभी की सहभागिता ज़रूरी है। पौधारोपण व्यक्ति को जीवन और प्रकृति के बीच आत्मीय संबंध की गहरी अनुभूति भी कराता है। प्रदेश में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनचेतना के लिए मीडिया समूह के “एक पेड़, एक ज़िंदगी” अभियान की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सराहना की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि यह अभियान हरियाली बढ़ाने में सहायक होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मीडिया समूह द्वारा जनसामान्य को तुलसी के बीज वितरित कर आयुर्वेदिक परंपरा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच के संबंध को भी सशक्त किया जा रहा है। यह नवाचार न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि प्रेरणादायक भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली भूमिका निभाई है। मध्यप्रदेश में “जल-गंगा संवर्धन अभियान”, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति वृक्षारोपण को अपनी भावनाओं और स्मृतियों से जोड़ता है, तो उसका संरक्षण भी स्वाभाविक रूप से होता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पर्यावरण और विकास विरोधी तत्व नहीं, बल्कि एक दूसरे के पूरक हैं। जितना आवश्यक अधोसंरचना, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विकास है, उतना ही महत्वपूर्ण स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली को संरक्षित रखना भी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों से जुड़ें और अपने आसपास हरियाली बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

मेयर पुष्यमित्र का दावा: इंदौर लगातार 9वीं बार बनेगा स्वच्छता चैंपियन

इंदौर  स्वच्छता लीग में शीर्ष अंक हासिल करने के बाद मेयर पुष्य मित्र भार्गव, निगमायुक्त शिवम वर्मा शुक्रवार को दिल्ली से इंदौर लौटे। अवार्ड मिलने की खुशी में इंदौर में जश्न मनाया गया। एयरपोर्ट से राजवाड़ा तक निकली रैली का जगह-जगह स्वागत शहरवासियों ने किया। इस मौके पर राजवाड़ा पर आयोजित कार्यक्रम में मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि स्वच्छता अब हमारा संस्कारों में शामिल हो गई है। हमने सफाई में अष्ठसिद्धि प्राप्त की। अब नौवीं बार भी हम स्वच्छता के शीर्ष पर होंगे। स्वच्छता में अब हम और भी नवाचार करने जा रहे है। शहरवासी एप के माध्यम से कचरा वाहन घर पर बुलवा सकेंगे। मेयर ने कहा कि सफाईकर्मियों के लिए भी सुविधाएं बढ़ाने का काम नगर निगम करेगा। तनख्वाह में एक हजार रुपये की बढ़ौत्री की मांग हमने सरकार से की है। दिल्ली से मिली ट्राॅफी के साथ महापौर परिषद सदस्यों व पार्षदों ने फोटों खिंचावाई। नाचकर मनाया जश्न राजवाड़ा पर नगर निगम कर्मचारी, सफाई मित्रों ने ढोलक की थाप पर नाच कर अपनी खुशी का इजहार किया। इसके अलावा मिठाई भी बांटी गई। एयरपोर्ट से जब मेयर का काफिला निकाला तो कालानी नगर चौराहे पर भी स्वागत हुआ। इसके अलावा अन्य जगह भी मंच लगे हुए थे। राजवाड़ा के बाद दिल्ली से मिले अवार्ड को नगर निगम परिसर में गया। उधर गुरुवार रात को प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी इंदौर आए थे तो उनका भी भाजपा समर्थकों ने राजवाड़ा पर स्वागत किया।  

18 टीमों की छानबीन, 14 ठिकानों पर छापे: छांगुर बाबा के ठिकानों से करोड़ों की बरामदगी

बलरामपुर लखनऊ और बलरामपुर समेत कई जिलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला नेटवर्क से जुड़े मामलों में बड़ा एक्शन लिया है. छांगुर बाबा और उसके नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए ईडी की 18 टीमों ने एक साथ 14 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई सुबह 6 बजे एक साथ शुरू की गई, ताकि किसी को भागने का मौका न मिले. बलरामपुर, उतरौला, लखनऊ, पुणे समेत अन्य स्थानों पर चली इस कार्रवाई में कई चौंकाने वाले सुराग हाथ लगे हैं. बलरामपुर में कार्रवाई लगभग 13 घंटे तक चली, 100 करोड़ की संपत्तियों की जांच हुई. यहां जमीनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों के घरों पर भी दबिश, लेनदेन का ब्योरा जुटाया गया. वहीं लखनऊ के चिनहट में बलरामपुर CGM कार्यालय के बाबू राजेश उपाध्याय के घर भी छापा मारा गया. बलरामपुर के उतरौला में एटीएस ने जहां जांच की थी, उन जगहों को भी ईडी ने खंगाला. कार्रवाई में सोना, नकदी, लग्जरी गाड़ियां और संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए.  इसके अलावा दुबई, यूएई और नेपाल से फंडिंग के सुराग भी मिले हैं. ईडी ने नीतू और नवीन की संपत्तियों की भी जांच की है. उतरौला में सुबह 6 बजे से छापेमारी की गई. यहां एक कॉम्प्लेक्स जो नीतू के नाम था, उसमें भी छानबीन की गई. दुकान में रखे सामान, रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की गहराई से जांच हुई है. मधपुर स्थित छांगुर के मकान में पुलिस ने कमरों के ताले खुलवाए और अंदर की बारीकी से जांच की गई. प्रशासन द्वारा ढहाई गई कोठी की भी जानकारी ली गई है. पूर्व प्रधान जुम्मन सहित कई लोगों से पूछताछ हुई, जिन्होंने छांगुर से पैसे लिए या जमीन के सौदों में शामिल रहे. बेनामी और नामी संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है. अधिकारियों ने जब पूछताछ की तो इस दौरान कई लोगों की जुबान लड़खड़ाई, माथे पर चिंता की लकीरें दिखीं. ईडी ने किसी को बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी. रेहरामाफी गांव और रफीनगर जैसे स्थानों पर भी छापेमारी की गई और लोगों से पूछताछ हुई. छापामारी सुबह 6 बजे की गई, ताकि कोई भाग न सके. एसटीएफ की टीम ने उतरौला में सबरोज नाम के युवक से पूछताछ की, कोई संबंध नहीं मिलने पर छोड़ दिया गया. छांगुर के भतीजे सोहराब और उसके सहयोगी रशीद की तलाश में ATS जुटी है. इसके अलावा पुणे के लोनावला में 16 करोड़ की संपत्ति की जांच की जा रही है, जिसमें छांगुर बाबा, नवीन रोहरा और मोहम्मद अहमद के नाम शामिल हैं. संगीता देवी का नाम भी इस संपत्ति से जोड़ा जा रहा है. ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत जुटाने में लगी है.

शमी की पत्नी और बेटी पर केस दर्ज, हत्या की साजिश में दोनों पर लगे आरोप

 बीरभूम भारतीय स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी की अलग हो चुकीं पत्नी हसीन जहां नए विवाद में फंसती नजर आ रही हैं। खबरें हैं कि उनके और बेटी अर्शी जहां के खिलाफ हत्या की प्रयास का केस दर्ज कराया गया है। हालांकि, इस पर हसीन की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। उनपर पड़ोसी पर हमला करने के आरोप हैं। एक वीडियो के जरिए ऐसा दावा किया जा रहा है। एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि हसीन जहां अपने पड़ोसियों से झगड़ा कर रही हैं। वीडियो पश्चिम बंगाल के बीरभूम का बताया जा रहा है। खबरें हैं कि हसीन जहां और उनकी बेटी अर्शी जहां ने एक जमीन विवाद में पड़ोसियों के साथ मारपीट भी की। दावा किया जा रहा है कि हसीन जहां गैर कानूनी ढंग से जमीन पर कब्जा करना चाहती हैं, जिसका पड़ोसी विरोध कर रहे थे। NCMIndiaa की तरफ से एक्स पर वीडियो शेयर किया गया है। इसमें कहा गया है, 'BNS की धाराओं 126(2), 115(2), 117(2), 109, 351(3) और 3(5) के तहत मोहम्मद शमी की अलग हो चुकीं पत्नी हसीन जहां और उनकी पहली शादी से हुई बेटी अर्शी जहां के खिलाफ पड़ोसी डालिया खातून ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के सूरी टाउन में केस दर्ज कराया है।' आगे कहा गया, 'झगड़ा तब शुरू हुआ, जब हसीन जहां ने सूरी के 5 नवंबर वार्ड में विवादित प्लॉट पर निर्माण शुरू किया। यह कथित तौर प उनकी बेटी के नाम पर है। आरोप हैं कि हसीन और उनकी बेटी ने डालिया खातून के साथ बेरहमी से मारपीट की है।' मोहम्मद शमी से विवाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी को मंगलवार को निर्देश दिया कि वह अपनी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां और बेटी को कानूनी लड़ाई के दौरान हर महीने चार लाख रुपये गुजारा भत्ता दें। जहां ने जिला सत्र अदालत के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था, जिसमें क्रिकेटर को 2023 में अपनी पत्नी को 50,000 रुपये और अपनी बेटी को 80,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।