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यूपी में डिजिटल अरेस्ट केस में पहली सजा, 7 साल की कैद से शुरू हुआ नया अध्याय

लखनऊ उत्तर प्रदेश में डिजिटल अरेस्ट मामले में पहली बार सजा सुनाई गई. राजधानी लखनऊ में महिला डॉक्टर से 85 लाख ठगने वाले एक ठग को कोर्ट द्वारा 7 साल की सजा दी गई. आपको बता दें कि खुद को CBI अधिकारी बताकर केजीएमयू की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सौम्या गुप्ता से 85 लाख रुपये ठगने वाले साइबर अपराधी देवाशीष को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है. यह ऐतिहासिक फैसला स्पेशल सीजेएम कस्टम अमित कुमार ने सुनाया.  मामले की विवेचना साइबर थाना लखनऊ ने की थी और इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव द्वारा कोर्ट में ठोस साक्ष्य पेश किए गए. साइबर क्राइम के इतिहास में यह देश का पहला मामला है जिसमें डिजिटल अरेस्ट के आरोप में 14 महीने के भीतर कोर्ट से सजा सुनाई गई है. जानिए पूरा मामला  अभियोजन अधिकारी मषिन्द्र ने बताया कि 15 अप्रैल 2024 को डॉ. सौम्या गुप्ता केजीएमयू में अपनी ड्यूटी कर रही थीं. तभी आरोपी देवाशीष ने उन्हें कॉल कर खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि वह दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से बोल रहा है. उसने दावा किया कि डॉ. गुप्ता के नाम से एक कार्गो बुक है जिसमें जाली पासपोर्ट, एटीएम कार्ड और 140 ग्राम एमडीएम मिला है. इसके बाद देवाशीष ने कॉल को ट्रांसफर कर खुद को फर्जी CBI अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से बात करवाई, जिसने डॉ. गुप्ता को धमकाया कि उन्हें सात साल की जेल हो सकती है. डर के चलते डॉक्टर ने अपनी पर्सनल जानकारी जैसे- बैंक खाता, पैन नंबर और संपत्ति विवरण साझा कर दिया.  आरोपियों ने डर और धमकी के माध्यम से डॉक्टर को 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और अलग-अलग चार बैंक खातों में कुल 85 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए. जांच-पड़ताल के क्रम में आरोपी की पहचान देवाशीष के रूप में हुई जिसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया. मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उसे सात साल की सजा और जुर्माना भी लगाया. देवाशीष आजमगढ़ के अजमतगढ़ क्षेत्र के मसौना गांव का रहने वाला है.  

जैसलमेर में छाया सन्नाटा, 39 डिग्री के पार पारा

जैसलमेर सीमावर्ती जिले जैसलमेर में इन दिनों प्रचंड गर्मी और भीषण उमस ने आमजन का जीना दूभर कर दिया है। पिछले कई दिनों से तापमान लगातार 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है और इसके साथ ही उमस ने हालात और भी खराब कर दिए हैं। दिन चढ़ने के साथ ही शहर में गर्म हवाएं और चिपचिपी गर्मी का ऐसा असर देखने को मिल रहा है कि पंखे और कूलर तक बेअसर साबित हो रहे हैं। दोपहर के समय शहर की सड़कें सूनी नजर आ रही हैं, लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। वातावरण में उमस और तपन का ऐसा मेल बना हुआ है कि घरों के भीतर भी रहना मुश्किल होता जा रहा है। लगातार गर्म रातों ने लोगों की नींद तक छीन ली है। बिजली की खपत में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे आमजन की परेशानियां और बढ़ गई हैं। मानसून का इंतजार बना चिंता का कारण हालांकि प्रदेश के कई जिलों में मानसून सक्रिय हो चुका है और अच्छी बारिश दर्ज की गई है, लेकिन जैसलमेर अब भी सूखा ही नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने 15 से 17 जुलाई तक के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया था और 16-17 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन आसमान ने रुख नहीं बदला। हल्के बादलों की आवाजाही जरूर दिखी, लेकिन बारिश की एक भी बूँद नहीं गिरी। किसानों की बढ़ी चिंता, वैज्ञानिक ने जताई उम्मीद बारिश नहीं होने से आमजन के साथ-साथ किसान भी चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि अगर समय पर बरसात नहीं हुई तो खरीफ की फसलों पर असर पड़ेगा। इस बीच कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल गालव ने उम्मीद जताई है कि आने वाले एक-दो दिनों में मानसून जिले में सक्रिय हो सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि यह राहत अस्थायी हो सकती है क्योंकि इसके बाद मौसम फिर से साफ रहने की आशंका है। गर्मी और उमस ने तोड़े रिकॉर्ड, जनजीवन अस्त-व्यस्त जैसलमेर में हर साल जून-जुलाई में गर्मी का कहर आम बात होती है, लेकिन इस बार उमस ने हालात रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिए हैं। दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान में गिरावट नहीं आ रही है, जिससे लोग पूरी तरह से परेशान हो गए हैं। दुकानों पर ग्राहकों की संख्या कम हो गई है और सार्वजनिक स्थानों पर भी सन्नाटा छाया हुआ है। अब पूरा शहर आसमान की ओर निहार रहा है और राहत की बारिश का इंतजार कर रहा है। फिलहाल शहरवासी तेज धूप और भीषण उमस के दोहरे प्रकोप से जूझ रहे हैं। हर किसी को बस इस बात की उम्मीद है कि जल्द ही मानसून की मेहरबानी होगी और जैसलमेर को गर्मी से राहत मिलेगी।

आंध्र प्रीमियर लीग 2025: नितीश कुमार रेड्डी को भीमावरम बुल्स की कमान

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को बड़ी सफलता हाथ लगी है. उन्होंने टीम इंडिया के लिए पहले टी20 और फिर टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. वो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए भी उम्दा प्रदर्शन कर चुके हैं. अब उन्हें इसका इनाम मिला है. नीतीश कुमार रेड्डी को आंध्र प्रीमियर लीग 2025 के लिए भीमावरम बुल्स ने अपना कप्तान नियुक्त किया है. नीतीश को सिर्फ 22 साल की उम्र में आंध्र प्रीमियर लीग में कप्तानी करने का जिम्मा मिला है. इसके साथ ही वो आंध्र प्रीमियर लीग में कप्तानी करने वाले सबसे कम उम्र के दूसरे कप्तान बन गए हैं. इस लीग में सबसे कम उम्र में कप्तानी करने की लिस्ट में सबसे ऊपर शेख रशीद का नाम शामिल है. वो 19 साल की उम्र कप्तान नियुक्त किए गए थे. वो चेन्नई सुपर किंग्स का भी हिस्सा रह चुके हैं. आंध्र प्रीमियर लीग 2025 में कुल 7 टीम हिस्सा लेने वाली हैं. इसमें अमरावती रॉयल्स, भीमावरम बुल्स, काकीनाडा किंग्स, रॉयल्स ऑफ रायलसीमा, वाइजैक लायंस, तुंगभद्रा वॉरियर्स और विजयवाड़ा सनशाइनर्स शामिल हैं. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 8 अगस्त, 2025 को होगी. ये पूरा टूर्नामेंट लगभग 2 सप्ताह तक खेला जाएगा. इसका फाइनल 24 अगस्त, 2025 को होगा. इसके साथ ही टूर्नामेंट का समापन हो जाएगा. राउंड रॉबिन फॉर्मेट में होने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 19 मैच होंगे. ये सभी मैच विशाखापट्टनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 2022 में हुई थी. 2023 और 2024 को मिलाकर इसके तीन संस्करण हो चुके हैं. अब तक कोस्टल राइडर्स, रायलसीमा किंग्स और वाइजैग वॉरियर्स ने ही खिताब अपने नाम किया है. इस बार नीतीश की टीम भी चैंपियन बनना चाहेगी. नीतीश रेड्डी के अलावा हनुमा विहारी, केएस भरत, शेख रशीद, रिकी भुई और अश्विन हेब्बार इस सीजन कप्तानी करते हुए नजर आएंगे. नीतीश इन दिनों इंडियन टेस्ट टीम का हिस्सा है जो इंग्लैंड ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के तहत पांच मैचों की सीरीज खेल रही है. 

आम आदमी पार्टी की नई राह, INDIA गठबंधन से किया किनारा, AAP ने छोड़ा गठबंधन

 नई दिल्ली विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक की होने जा रही अगली महत्वपूर्ण बैठक से आम आदमी पार्टी (AAP) ने खुद को अलग कर लिया है. पार्टी की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि वह इस बैठक में हिस्सा नहीं लेगी. पार्टी ने खुद को इंडिया गठबंधन से अलग कर दिया है. आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी इंडिया ब्लॉक से बाहर हो चुकी है. क्या बोले संजय सिंह? आज तक से बातचीत में उन्होंने कहा, "इंडिया ब्लॉक लोकसभा चुनाव के लिए था. लोकसभा चुनाव के बाद हमने हरियाणा और दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़े. इसके अलावा पंजाब और गुजरात में उपचुनाव भी हमने अकेले लड़े. आप अब इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं है. हमारे पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम इंडिया ब्लॉक से बाहर हैं." संसद में रणनीति के बारे में उन्होंने कहा, "संसदीय मुद्दों पर हम टीएमसी, डीएमके जैसी विपक्षी पार्टियों का समर्थन लेते हैं और वे भी हमारा समर्थन लेते हैं." बीजेपी पर कसा तंज आप नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पर संजय सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, "बीजेपी कायरों की पार्टी है. वे केवल एजेंसियों का इस्तेमाल हमारे खिलाफ कर सकते हैं. हम झुकने वाले नहीं हैं." वहीं. रॉबर्ट वाड्रा के मुद्दे पर संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा, "पिछले 10 सालों से बीजेपी 'जीजाजी' चिल्ला रही है. अगर इतने सालों में वे कोई नतीजे पर नहीं पहुंचे, तो यह उनकी नाकामी है."

रोहित को नहीं हटाना था’, पूर्व चयनकर्ता का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरे से पहले ही रोहित शर्मा ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में खेला था। तब वह टीम के कप्तान थे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से दौरान वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इस वजह से उन्होंने सिडनी में हुए ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में खुद को ही ड्रॉप कर दिया था। पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने अब कहा है कि वह रोहित के फैसले से थोड़ा निराश हुए थे। अगर वह सिडनी टेस्ट खेले होते तो भारत सीरीज बराबर कर सकता था। सायरस ब्रोचा के साथ 'अ सेंचुरी ऑफ स्टोरीज' पॉडकास्ट में परांजपे ने बताया कि रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से खास लगाव है। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है वह भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे थे। जब मैंने उनसे बात की तब उन्होंने कहा- जतिन, मैंने क्रिकेट खेलना ही रेड बॉल से शुरू किया है। आप कैसे कह सकते हैं कि मेरी टेस्ट क्रिकेट में रुचि नहीं हैं?' परांजपे ने आगे कहा, 'उन्होंने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट के लिए जीते हैं। मुझ लगता है कि रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट में और भी ज्यादा कर सकते थे। मुझे तब थोड़ी बहुत निराशा हुई थी जब उन्होंने सिडनी टेस्ट में खुद को ड्रॉप कर दिया क्योंकि हम सीरीज की बराबरी कर सकते थे।' भारत सिडनी टेस्ट हार गया था और उसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शिकस्त झेलनी पड़ी थी। परांजपे ने कहा कि सिडनी टेस्ट जब चल रहा था तब रोहित शर्मा ने कहा कि वह 'कहीं नहीं जा रहे' लेकिन कुछ ही महीने बाद आखिरकार उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा ही कह दिया। परांजपे ने टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा के उभार का श्रेय रवि शास्त्री को दिया। उन्होंने खुलासा किया कि जब वह चयन समिति में थे तब शास्त्री ने रोहित को भारत के लिए ओपनिंग करने के बारे में पूछा था। शास्त्री तब हेड कोच थे। रोहित शर्मा ने भारत के लिए 67 टेस्ट खेले जिसमें उन्होंने 40.57 की औसत से 4301 रन बनाए। उन्होंने 2019 में टेस्ट में ओपनिंग शुरू की और तब से वह क्रिकेट के इस सबसे लंबे फॉर्मेट में भारत के अहम बल्लेबाज बन गए। 2020 से 2024 तक वह टेस्ट में भारत के सबसे कंसिस्टेंट परफॉर्मर थे। हालांकि, सितंबर 2024 में उनका मुश्किल वक्त आया और बल्ले से रन बनाने के लिए जूझने लगे। फिर उन्होंने संन्यास ही ले लिया।  

रेल यातायात बाधित: जोधपुर मंडल में डिरेलमेंट के बाद बदले गए कई ट्रेनों के रास्ते

जोधपुर उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में मेड़ता रोड-फुलेरा रेलखंड के गच्छीपुरा स्टेशन के पास शुक्रवार सुबह 10:15 बजे मालगाड़ी के इंजन सहित सात डिब्बे पटरी से उतर गए। इस दुर्घटना से रेल यातायात बाधित हुआ और जोधपुर-जयपुर रेल मार्ग पर कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्गों से चलाया जा रहा है। घटना सुबह 10:15 बजे की है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि जोधपुर मंडल के मेड़ता रोड से फुलेरा के बीच गच्छीपुरा स्टेशन के पास मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इस हादसे में इंजन के अलावा साथ और डब्बे पटरी से उतर गए। सूचना मिलते ही रेलवे अलर्ट हो गया। सूचना के बाद आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेल मार्ग को दुरुस्त करवाने के प्रयास शुरू किए गए हैं। बारिश के कारण आ रही दिक्कतें जोधपुर में और आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश का दौर जारी है। कुछ एक इलाकों में तेज तो कुछ एक इलाकों में रिमझिम बारिश हो रही है, जिसके चलते रेल मार्ग दुरुस्त करने के लिए रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। मालगाड़ी के इंजन के अलावा सात डब्बे पटरी से उतर जाने के बाद रेल यातायात प्रवाहित हुआ है। कुछ एक रेलों को डायवर्ट किया गया है जोधपुर और जयपुर के बीच रेल यातायात प्रभावित हुआ है। मालगाड़ी के पटरी से उतर जाने के बाद ट्रेन संख्या 14814 ,14865 ओर 14813 प्रभावित हुई है इन ट्रेनों को परिवर्तित मार्गो से चलाया जा रहा है। उपरोक्त कारण से निम्न रेलसेवाएं मार्ग परिवर्तित रहेगी     गाड़ी संख्या 14814, भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा जो दिनांक 17.07.25 को भोपाल से प्रस्थान की है, वह परिवर्तित मार्ग वाया फुलेरा-अजमेर-मारवाड जं.-लूनी होकर जायेगी।     गाड़ी संख्या 14865, वाराणसी सिटी-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा जो दिनांक 17.07.25 को वाराणसी सिटी से प्रस्थान की है, वह परिवर्तित मार्ग वाया फुलेरा-अजमेर-मारवाड जं.-लूनी होकर जायेगी।     गाड़ी संख्या 14813, जोधपुर- भोपाल एक्सप्रेस रेलसेवा जो दिनांक 18.07.25 को जोधपुर से प्रस्थान की है, वह परिवर्तित मार्ग वाया डेगाना-रतनगढ- चूरू-सीकर-रींगस-जयपुर होकर जायेगी।  

जॉर्डन कॉक्स की हैरतअंगेज पारी: T20 ब्लास्ट में गेंदबाज़ों की उड़ाईं धज्जियाँ

नई दिल्ली T20 ब्लास्ट में इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स का ऐसा तूफान आया कि सामने वाली टीम के परखच्चे उड़ गए। टी20 ब्लास्ट 2025 में एसेक्स और हैम्पशायर के बीच साउथ ग्रुप मैच में जॉर्डन कॉक्स ने अपना पहला टी20 शतक लगाया, जो वाकई में कमाल था। अपनी 139 रनों की पारी में उन्होंने 100 से ज्यादा रन तो चौके-छक्कों से बनाए। जॉर्डन कॉक्स की इसी पारी की बदौलत एसेक्स की टीम ने 221 रनों के लक्ष्य को चार गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम वहां तक शायद ना पहुंचे, लेकिन जॉर्डन कॉक्स ने ऐसा होने नहीं दिया। 60 गेंदों में 11 चौके और 11 छक्कों की मदद से जॉर्डन कॉक्स ने 139 रनों की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 231.66 का था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी एसेक्स की टीम की ओर से दूसरा सबसे बड़ा निजी स्कोर 23 रन था, जो ओपनर माइकल पेपर ने बनाया था। इस तरह अकेले दम पर जॉर्डन कॉक्स ने टीम को जीत दिलाई। बड़े स्कोर का पीछा करते हुए तीसरे ओवर में ही जॉर्डन कॉक्स को बल्लेबाजी के लिए उतरना पड़ा, क्योंकि पहला विकेट 33 रनों के कुल स्कोर पर गिर गया था। ऐसे में कॉक्स के सामने एक विशाल लक्ष्य था। शुरुआती कुछ गेंदों पर शांत रहने के बाद कॉक्स ने जेम्स फुलर के पहले ओवर में ताबड़तोड़ 19 रन बनाए। उन्होंने बेनी हॉवेल के पहले ओवर में भी इतने ही रन बनाए और आठवें ओवर के अंत तक 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। जॉर्डन कॉक्स ने दूसरे ओवर में भी हॉवेल पर कोई रहम नहीं दिखाया और लगातार तीन छक्के जड़कर 80 के पार पहुंच गए। उन्होंने 17वें ओवर की पहली गेंद पर अपना शतक पूरा किया। 44 गेंदों में वे टी20 क्रिकेट में अपने पहले शतक तक पहुंचे। एसेक्स को अभी भी तीन ओवरों में 41 रनों की जरूरत थी और उसने छह विकेट खो दिए थे। दूसरे छोर पर कॉक्स के जोड़ीदार साइमन हार्मर ने पारी के 18वें और 19वें ओवर में केवल दो गेंदों का सामना किया। आखिरी ओवर में एसेक्स को जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। ऐसे में 24 वर्षीय इस बल्लेबाज ने शुरुआती दो गेंदों पर ही दो गगनचुंबी छक्के जड़कर शानदार अंदाज में मैच को फिनिश किया और एसेक्स को एक यादगार जीत दिलाई। हालांकि, ये सीजन एसेक्स के लिए अच्छा नहीं रहा, क्योंकि 13 मैचों में टीम की ये तीसरी जीत थी। वे 9 मुकाबले बार चुके हैं और एक मुकाबला बेनतीजा रहा था। इस सीजन सिर्फ एक ही मैच अब इस टीम का बाकी है।  

सीएम यादव की स्पेन यात्रा: निवेश और सांस्कृतिक साझेदारी की ओर कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेन में की निवेश, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग की नई पहल स्पेन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की बड़ी पहल, निवेश-शिक्षा-संस्कृति को मिलेगी नई दिशा सीएम यादव की स्पेन यात्रा: निवेश और सांस्कृतिक साझेदारी की ओर कदम स्पेन में डॉ. यादव की तीन मोर्चों पर पहल, निवेश, शिक्षा और संस्कृति पर खास फोकस कैटलोनिया के विदेश मंत्री जैम डच गुइलोट के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक अकादमिक साझेदारी की दिशा में नया संवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पेन यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में कैटलोनिया सरकार के विदेश मंत्री जैम डच गुइलोट से भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान आईआईटी इंदौर और IISER भोपाल को बार्सिलोना के विश्वविद्यालयों से जोड़ते हुए अकादमिक और शोध सहयोग को बढ़ाने की बात कही। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विश्वस्तरीय अनुसंधान और नवाचार केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कैटलोनिया की अग्रणी कंपनियों को मध्यप्रदेश में निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए आमंत्रण दिया। उन्होंने प्रदेश की नई औद्योगिक नीति, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और युवा शक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सही समय है जब यूरोपीय कंपनियाँ मध्यप्रदेश को अपने निवेश गंतव्य के रूप में देखें। खेल, पर्यटन और संस्कृति में साझेदारी के नए आयाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफसी बार्सिलोना फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ मिलकर खेल, नेतृत्व और जीवन कौशल पर आधारित कार्यक्रमों की साझेदारी की संभावनाएं साझा कीं। साथ ही मध्यप्रदेश के विश्व धरोहर स्थलों साँची, खजुराहो और भीमबेटका को यूरोप में प्रमोट करने के लिए संयुक्त पर्यटन अभियान पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी सुझाव दिया कि दोनों सरकारें प्रदर्शन कला, सिनेमा, साहित्य और संग्रहालयों के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद को और सशक्त बनाएं। तकनीकी सहयोग और नीति-स्तरीय समन्वय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मार्ट सिटी, ग्रीन बिल्डिंग्स और शहरी परिवहन में कैटलोनिया की विशेषज्ञता का लाभ लेने के लिए तकनीकी सहयोग प्रस्तावित किया। उन्होंने दोनों सरकारों के बीच एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने की बात कही, जो प्रमुख परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें लागू करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा। वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मुलाकात को प्रदेश की वैश्विक रणनीति का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब निवेश, शिक्षा, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए तैयार है, और स्पेन यात्रा प्रदेश के विकास में नए अध्याय जोड़ेगी।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 23 जुलाई को समीक्षा बैठक

भोपाल सड़क दुर्घटना पीड़ितों का नकदी रहित उपचार स्कीम, 2025 एवं राह-वीर योजना  की प्रगति की समीक्षा बैठक 23 जुलाई 2025 को मुख्य सचिव की अघ्यक्षता में आयोजित की जायेगी। बैठक में परिवहन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोनों योजनाओं के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया जायेगा

मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती ए आजम का खत, मुस्लिम समाज से बोले दस्तावेज रखें तैयार- जानें पूरा मामला

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुफ्ती-ए-आजम का एक खत वायरल हो रहा है, जिससे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का मुद्दा फिर उठता दिख रहा है. मुफ़्ती-ए-आजम ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील की है कि अपने सभी दस्तावेज तैयार कर लें.  दरअसल, मध्य प्रदेश मुफ्ती-ए-आजम डॉ. मौलाना मोहम्मद मुजाहिद रज़ा पत्र जारी कर मुसलमानों से आग्रह किया है कि सभी देश की नागरिकता साबित करने संबंधित और अपनी पहचान संबंधित सभी दस्तावेज चेक कर लें और कोई चूक है तो उसे सुधरवा लें.  मुस्लिम समाज को दस्तावेजी तैयारी के नसीहत वाला मुस्लिम धर्मगुरु का पत्र चर्चा में है। जिसमें उन्होंने अपनी पहचान से जुड़े पेपर तैयार कराने के लिए कहा है। मुफ्ती ए आजम मप्र डॉ. मौलाना मुशाहिद रजा कादरी की ओर से जारी इस पत्र में यह चिंता साफ नजर आ रही है। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 16 जुलाई के इस पत्र में कहा गया है कि सभी मुसलमानों को देश की नागरिकता सिद्ध करने वाले तमाम कागजात पहले से दुरुस्त कर लेने चाहिए। क्योंकि एनआरसी की पड़ताल बहुत जोरों से चल रही है। एनआरसी, सीएए और एनपीआर के मुद्दों को लेकर भाजपा हुकूमत बहुत उत्सुकता से गौर फिक्र कर रही है। यह बात अच्छे से अपने दिमाग में बैठा कर सोच फिक्र रखना होगा, क्योंकि हमारा नाम हर लिस्ट में नं 01 पर रखा गया है। एनआरसी किसी भी समय हमारे सूबे मध्य प्रदेश में शुरू हो जाएगी। जिससे पहले हमें अपनी नागरिकता को भारतीय साबित करने के लिए कागजात की तैयारी पूरी करना होगा। उन्होंने मूल निवास, आधार, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, राशनकार्ड सहित पासपोर्ट व दूसरे दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, निकाहनामा व प्रॉपर्टी के रेकॉर्ड भी शामिल है। उसे अपने पास दुरुस्त कराकर रखने की ताकीद की है। कोई शाब्दिक त्रुटि हो तो ठीक करवा लें। 'एमपी सरकार शुरू कर सकती है NRC' उन्होंने कहा कि जन्म, जाति, शादी, संपत्ति, निवासी, मृत्यु से संबंधित सभी दस्तावेज मुसलमानों को अब तैयार कर लेने चाहिए, क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार कभी भी NRC शुरू कर सकती है. Mufti-e-Azam MP : उनका कहना है- आमजनों को शासकीय कार्यवाहियों में जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की गुजारिश की है। यह पत्र जागरूकता के लिए जारी किया गया है।     मौलाना मुशाहिद रजा कादरी,मुफ्ती-ए-आजम मप्र   NRC और NPR क्या है, CAA के बाद क्यों चल रही चर्चा केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 11 मार्च 2024 को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसके साथ ही सीएए के नियम देशभर में लागू हो गए। सीएए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जहां लोग पोर्टल के माध्यम से सीएए के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सीएए को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता (संशोधन) कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि देश में धर्म के आधार पर कानून नहीं बनाया जा सकता। सीएए को एनआरसी और एनपीआर के साथ जोड़कर देखने की जरूरत है। भाजपा का मुख्य उद्देश्य देश में एनपीआर और एनआरसी लागू करना है। आइए जानते हैं क्या होता है एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर)। एनपीआर क्या है? What is NPR Bill Meaning एनपीआर की फुल फॉर्म राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर है। एनपीआर देश के सामान्य निवासियों की एक सूची है। भारत के प्रत्येक सामान्य निवासी के लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसमें भारतीय नागरिक और विदेशी नागरिक दोनों शामिल हैं। एनपीआर का उद्देश्य देश के प्रत्येक सामान्य निवासी का डेटाबेस बनाना है। इसे नागरिकता अधिनियम 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम 2003 के प्रावधानों के तहत स्थानीय (गांव/उप-नगर), उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए डेटा पहली बार 2010 में भारत सरकार द्वारा एकत्र किया गया था और इसे हर 10 साल में दोहराया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के प्रत्येक सामान्य निवासी का एक व्यापक पहचान डेटाबेस बनाना है। डेटाबेस में जनसांख्यिकीय के साथ-साथ बायोमेट्रिक विवरण भी शामिल होंगे। एनपीआर के लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि जनसंख्या रजिस्ट्रार में डेटा प्रविष्टि के लिए स्व-घोषणा को पर्याप्त माना जाएगा। सीएए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम पर चल रहे विवाद के बीच लोगों की मन में बहुत विभ्रांति उत्पन्न हो गई है, बहुत से लोग नहीं जान पा रहे हैं कि आखिर यह राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर यानी एनपीआर क्या है और उसे क्यों अपडेट किया जा रहा है? हम आपको समझते हैं कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर क्या है? एनपीआर देश के सभी नागरिकों की जनसंख्या विवरण का डेटा है। सभी नागरिकों के लिए एनपीआर में पंजीकरण और सरकार को सही विवरण बताना अनिवार्य है। भारत में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत कारगिल समीक्षा समिति ने गैर नागरिकों और नागरिकों के अनिवार्य पंजीकरण सिफारिश को 2001 में स्वीकार किया गया था। वर्तमान में प्रक्रिया असम को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी। दरअसल केंद्र और राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाएं बनती है, लेकिन सरकार को कोई योजना बनाने से पहले यह जानना जरूरी होता है कि जिन लोगों के लिए कोई योजना बनाई जा रही है उन लोगों की संख्या कितनी है? उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है? उनकी क्या आवश्यकता है? इत्यादि। एनपीआर का मूल उद्देश्य क्या है? What is NPR Objective जनगणना आयोग के अनुसार, एनपीआर का उद्देश्य प्रत्येक सामान्य निवासी का एक व्यापक पहचान डेटाबेस तैयार करना है। एनपीआर में किस तरह का डेटा शामिल किया जाएगा?     राष्ट्रीयता घोषित व्यक्ति का नाम     जन्म तिथि     जन्म स्थान     मां का नाम     पिता का नाम     लिंग     वैवाहिक स्थिति     पति का नाम यदि विवाहित है तो     स्थाई आवासीय पता     शैक्षिक योग्यता     व्यवसाय वर्तमान पता पर रहने की अवधि     सामान्य निवास का पता     घर के मुखिया से संबंध आदि एनपीआर की वर्तमान स्थिति क्या है? राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए डेटा 2010 में भारत की जनगणना 2011 के साथ एकत्र किया गया था। जनगणना के दौरान एकत्र किए गए डेटा को 2015 में … Read more