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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेश यात्रा से लौटने पर खाद्य मंत्री राजपूत ने दी शुभकामनाएं

मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेंगे नए आयाम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई और स्पेन की सफल विदेश यात्रा के बाद मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पूर्व खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंत्री श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच और निर्णायक नेतृत्व से प्रदेश में वैश्विक निवेश के नए द्वार खुलेंगे। श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह ऐतिहासिक यात्रा प्रदेश में औद्योगीकरण को नई गति देगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 से 19 जुलाई 2025 तक दुबई और स्पेन के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने 'ग्लोबल डायलॉग 2025' के तहत मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को लेकर अनेक वैश्विक कंपनियों और संगठनों से मुलाकाते की। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, जेबेल अली फ्री जोन जैसे अंतर्राष्ट्रीय समूहों से मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा की। स्पेन में उन्होंने ला लीगा मुख्यालय, यूरोपीय टेक्सटाइल निर्माता संघ और स्पेनिश फिल्म आयोग के अधिकारियों से बैठक कर खेल, पर्यटन और फिल्म उद्योग में संभावनाओं को टटोला। मुख्यमंत्री डॉ यादव की विदेश यात्रा के बाद प्रदेश में 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की संभावनाएं बनी है, जिससे लगभग 14000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वैश्विक मंच पर चमकेगा मध्यप्रदेश मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की रणनीतिक पहल से आने वाले समय में प्रदेश में निवेशकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और इससे उद्योग, सेवा, खेल, पर्यटन, टेक्सटाइल व फिल्म सेक्टर में रोजगार और विकास के नए द्वार खुलेंगे। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। उनकी कार्यशैली और सोच ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।  

जम्मू-कश्मीर में मौसम का अलर्ट, बारिश के चलते स्कूलों पर ताला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पिछले 12 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जिला प्रशासन ने मंगलवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। यह निर्णय छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सुबह 9:30 बजे जारी एक आधिकारिक निर्देश में रियासी के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा, “खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल 22 जुलाई को बंद रहेंगे।” राजौरी जिले में भी हालात ऐसे ही हैं। भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है। धरहाली और साकतोह नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राजौरी के जिला मजिस्ट्रेट ने घोषणा की कि “खराब मौसम के कारण राजौरी जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल मंगलवार को बंद रहेंगे।” प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है, क्योंकि लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सांबा जिले में भी भारी बारिश के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है। सांबा के उपायुक्त ने लोगों से भूस्खलन और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि लोगों को उन क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए जहां भूस्खलन की आशंका ज्यादा है। यात्रा करने से बचना चाहिए और बहते हुए नालों, नदियों या जलमार्गों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। स्कूलों से कहा गया है कि यदि कोई स्कूल भवन असुरक्षित पाया जाता है, तो कक्षाएं स्थगित कर दी जाएं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में सड़कें ब्लॉक हो गई हैं और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है।  

सुंदर-स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है पौधरोपण – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में हुआ पौधरोपण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक वन संपदा विद्यमान है। वृक्ष ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ही धरा पर जीवन प्रदान करता है। सावन के महीने में पौधारोपण का संकल्प राजधानी की आने वाली पीढ़ियों को सुंदर, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को नगर निगम भोपाल और भोजपाल मित्र परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में सामूहिक वृहद् पौध-रोपण कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेल-पत्र का पौधा रोपा एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरुकता का संदेश देती पेंटिंग्स और प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने कहा कि अतीत में जो क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण करना आवश्यक है। पौधारोपण से प्रभावित क्षेत्र पुनः हरे-भरे और जीवंत हो उठेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य में समर्पित संस्थाओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। एक दिवसीय वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के तहत भोपाल शहर में 5100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।  

तिरंगे की शान को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने का अवसर है राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस की शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तिरंगे की आन-बान-शान को वैश्विक स्तर पर निरंतर बढ़ाने का पावन अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस पर देशवासियों को कर्तव्य निर्वहन के साथ देश की सेवा करने और तिरंगे का मान बढ़ाने का संकल्प लेने के लिए भी प्रेरित किया।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा

सुंदर-स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है पौधरोपण – मुख्यमंत्री डॉ. यादव पौधरोपण को बताया जीवन का रक्षा कवच, सीएम यादव ने दिए पर्यावरण संरक्षण के मंत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में हुआ पौधरोपण कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक वन संपदा विद्यमान है। वृक्ष ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं, कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ही धरा पर जीवन प्रदान करता है। सावन के महीने में पौधारोपण का संकल्प राजधानी की आने वाली पीढ़ियों को सुंदर, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को नगर निगम भोपाल और भोजपाल मित्र परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में सामूहिक वृहद् वृक्षारोपण कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेल-पत्र का पौधा रोपा एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरुकता का संदेश देती पेंटिंग्स और प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतीत में जो क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण करना आवश्यक है। पौधारोपण से प्रभावित क्षेत्र पुनः हरे-भरे और जीवंत हो उठेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य को समर्पित संस्थाओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। एक दिवसीय वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत भोपाल शहर में 5100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  

Tesla Model Y की बुकिंग लाइव: कश्मीर से कन्याकुमारी तक उमड़ी इलेक्ट्रिक कार की डिमांड, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

मुंबई एलन मस्‍क की कंपनी टेस्‍ला की भारत में एंट्री हो गई है. मुंबई के बीकेसी में खुला टेस्‍ला का शोरूम शहर की शोभा बढ़ा रहा है. कंपनी ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि टेस्‍ला की Y मॉडल कार यहां एवलेबल होगी. इसी के साथ कंपनी ने कीमतों का भी खुलासा कर दिया है. कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर बताया है कि टेस्‍ला के वाई मॉडल की कार की ऑन रोड प्राइस करीब 61 लाख रुपये से शुरू हो रही है. कंपनी ने कार की बुकिंग को लेकर भी जानकारी दी है. सबसे पहले जान लीजिए कि टेस्‍ला के Y मॉडल में किस वेरिएंट की कितनी कीमत होगी.      कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, ब्‍लैक कलर में रियर-व्‍हील ड्राइव की कीमत 59.89 लाख रुपये के करीब बताई जा रही है, जिसकी ऑन रोड प्राइस 61.07 लाख रुपये पड़ेगी.      इसी मॉडल में रेड वेरिएंट में लॉन्‍ग रेंज रियर-व्‍हील ड्राइव की कीमत 68.14 लाख रुपये के करीब बताई जा रही है, जिसकी ऑन रोड प्राइस 71.02 लाख रुपये पड़ेगी.  ₹22,220 देकर आज ही कर सकते हैं बुकिंग  कंपनी ने ऑनलाइन साइट पर टेस्‍ला कार की बुकिंग के लिए भी जानकारी दी है. इसके लिए आपको कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा और वहां लोकेशन इंडिया सेलेक्‍ट करना होगा. इसके बाद भारत में आपको Y मॉडल की कीमतें दिखने लगेंगी.      सबसे पहले https://www.tesla.com/ पर जाएं.      यहां आपको मॉडल में कार का Y Model सेलेक्‍ट करना होगा.     इसके बाद आपको लेफ्ट कॉर्नर में जाकर लोकेशन भारत (India-English) सेलेक्‍ट करना होगा.      अब आपको भारत में इस कार की कीमतें दिखनी शुरू हो जाएगी.      यहां आप अपनी पसंद के हिसाब से वेरिएंट और कलर चुन सकते हैं.      इसके बाद आपको Order Now पर क्लिक करना है.  यहां पर आप यूपीआई/कार्ड या अन्‍य पेमेंट माध्‍यम से बुकिंग अमाउंट पेड कर अपने लिए कार बुक कर पाएंगे. बुकिंग के लिए 22,220 रुपये देने पड़ेंगे और एक हफ्ते के भीतर ग्राहक को 3 लाख रुपये जमा करने होंगे.  टाइमलाइन: 10 साल पहले प्रयास, अब हुआ साकार     2016: टेस्ला ने मॉडल 3 के लिए प्री-ऑर्डर लेना शुरू किया, जो भारतीय बाजार में उनकी शुरुआती दिलचस्पी को दर्शाता है. हाल ही में (2025 में), कंपनी ने इन बुकिंग का रिफंड भी किया.     2017: एलन मस्क ने भारत में लग्जरी वाहनों पर 100% आयात शुल्क को टेस्ला के लिए बड़ी बाधा बताया.     2021: टेस्ला ने बेंगलुरु में अपनी इकाई पंजीकृत की. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि टेस्ला CBU (पूरी तरह से निर्मित इकाई) के माध्यम से परिचालन शुरू करेगी.     2022: मस्क ने भारत के उच्च आयात शुल्क को फिर से बाधा बताया. टेस्ला ने भारत में अपने चार मॉडलों के लिए होमोलोगेशन प्रक्रिया भी शुरू की.     2023: टेस्ला ने मुंबई में 13 भूमिकाओं के लिए स्थानीय भर्ती शुरू की और गुजरात या महाराष्ट्र में $2 बिलियन की फैक्ट्री की योजना पर विचार किया, लेकिन उच्च टैरिफ और स्थानीय विनिर्माण के दबाव के कारण बातचीत रुक गई.     मार्च 2024: भारत ने नई ईवी नीति (SPMEPCI) की घोषणा की, जिसमें कुछ शर्तों के साथ $35,000 से अधिक कीमत वाले ईवी पर आयात शुल्क घटाकर 15% कर दिया गया.     2025 की शुरुआत: टेस्ला ने मुंबई और दिल्ली में स्टोर मैनेजर, बिक्री और सेवा भूमिकाओं के लिए भर्ती में तेजी लाकर रिटेल ऑपरेशन की नींव रखी.     मिड 2025 : नई ईवी नीति के विवरण को अंतिम रूप दिया गया और रजिस्‍ट्रेशन विंडो खोली गईं; टेस्ला को छोड़कर कई वैश्विक कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई.

कलेक्टर ने स्वच्छता पेट्रोलिंग वाहन को दिखाई हरी झण्डी

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं निगग आयुक्त अमित कुमार ने आज यहां जिला कार्यालय परिसर से स्वच्छता पेट्रोल वाहन को हरी झण्डी दिखाई। उन्होंने कहा कि नगर निगम को स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद स्वच्छता की निरंतरता बनाये रखने की चुनौती रहेगी। इस चुनौती को पूर्ण करने में यह विशेष टीम काफी मददगार साबित होगी।नगर निगम क्षेत्र में यह पेट्रोलिंग वाहन शहर में घुम घुमकर सार्वजनिक स्थान एवं सड़कों पर कचरा फेंकने, गंदगी करने वालों को रोकने और जुर्माना लगाने का काम करेगी। इसके अलावा सड़कों पर ठेले, गुमटी अथवा अन्य तरीके से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। अस्वच्छता और सड़क अतिक्रमण के खिलाफ जारी जंग में इस नयी पहल से तेजी आने की संभावना है। लगभग 30 कर्मचारी इस बस में सवार होकर शहर के विभिन्न वार्डों का सतत् दौरा करेगें। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगी और कचरा नहीं फैलाने की समझाइश भी देगी। इस अवसर पर नगर निगम के स्वच्छता कर्मी एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित पशुओं की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करें

समन्वित प्रयासों से निराश्रित पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक : मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव माँगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही, गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही। नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

दुकानों पर लगाएं QR कोड, कांवड़ मार्ग पर योगी -धामी सरकार का आदेश SC ने माना सही

लखनऊ / देहरादून  कांवड़ यात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत का कहना है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों में क्यूआर कोड लगाने के फैसले के सही करार दिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से यह आदेश दिया गया था, जिसे प्रोफेसर अपूर्वानंद समेत कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसी पर अदालत का कहना है कि दुकानदारों को क्यूआर कोड और अपना लाइसेंस लगाना चाहिए। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इस तरह यूपी सरकार की ओर से जारी आदेश जारी रहेगा। हालांकि इस फैसले का अब कोई खास असर नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि बुधवार को कांवड़ यात्रा का महाशिवरात्रि के साथ समापन होना है। फिर भी अदालत का यह फैसला आने वाले सालों के लिए लागू हो सकता है। योगी सरकार ने बीते साल भी एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि दुकानदारों को अपना नाम बोर्ड पर लिखना होगा। इसे लेकर भी अदालत का रुख किया गया था और तब सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले को गलत करार दिया था। हालांकि तब भी फैसला आते-आते कांवड़ यात्रा का समापन हो गया था। फिर भी अदालत का आदेश ऐसे मामलों में भविष्य के लिए एक नजीर होता है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा, ‘हमें बताया गया है कि आज यात्रा का अंतिम दिन है. बहरहाल, निकट भविष्य में इसके समाप्त होने की संभावना है. इसलिए इस समय हम केवल यह आदेश पारित करेंगे कि सभी संबंधित होटल मालिक वैधानिक आवश्यकताओं के अनुसार लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदर्शित करने के आदेश का पालन करें. हम स्पष्ट करते हैं कि हम अन्य विवादित मुद्दों पर विचार नहीं कर रहे हैं. आवेदन समाप्त किया जाता है. पिछली सुनवाई में उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा 25 जून को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए झा ने कहा था, ‘नए उपायों में कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों पर क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य है जिससे मालिकों के नाम और पहचान का पता चलता हो। इस तरह उसी भेदभावपूर्ण तरीके से पहचान की बात हो रही है जिस पर पहले इस अदालत ने रोक लगा दी थी.’ याचिका में कहा गया था कि राज्य सरकार का निर्देश, जिसमें दुकान मालिकों को ‘‘कानूनी लाइसेंस आवश्यकताओं’’ के तहत धार्मिक और जातिगत पहचान बताने के लिए कहा गया है, दुकान, ढाबा और रेस्टोरेंट मालिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण महीने में शिवलिंगों का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगा और अन्य नदियों से जल लेकर आते हैं. कई श्रद्धालु इस महीने में मांसाहार से परहेज करते हैं. कई लोग तो प्याज और लहसुन युक्त भोजन भी नहीं खाते.

पंचायत उप निर्वाचन में हुआ 70.51 प्रतिशत मतदान, सागर और दमोह में हुआ आईपीबीएमएस से मतदान

भोपाल पंचायत उप निर्वाचन 2025 में त्रि-स्तरीय पंचायतों में रिक्त पद के लिये मंगलवार को मतदान हुआ। सरपंच पद के लिये 49 और जनपद पंचायत सदस्य के 5 पदों के लिये मतदान हुआ। कुल 70.51 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री अभिषेक सिंह ने बताया कि खास बात यही रही कि सागर जिले की 4 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिये 9 मतदान केन्द्रों और दमोह जिले के वार्ड-16 के जनपद सदस्य के निर्वाचन के लिये 9 मतदान केन्द्रों में मतदान इंटिग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीबीएमएस) से कराया गया। इन मतदान केन्द्रों की मतदान प्रक्रिया का लाइव प्रसारण भी किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय के सामने तथा सागर और दमोह में एक-एक स्क्रीन लगाई गई इसमें मतदान प्रतिशत सहित अन्य जानकारियां लोगों ने लाइव देखीं। सागर जिले में मतदान का प्रतिशत 74.61 रहा। मतदाताओं ने की पेपरलेस मतदान प्रक्रिया की सराहना सागर जिले के जनपद पंचायत जैसीनगर की ग्राम पंचायत अगरा, औरिया, जनपद पंचायत खुरई की ग्राम पंचायत मुहासा और जनपद पंचायत राहतगढ़ की ग्राम पंचायत सेमरा-लहरिया के मतदान केन्द्रों में इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान कराया गया। मतदाताओं ने पेपरलेस मतदान प्रक्रिया को बहुत अच्छा कदम बताया और कहा कि वोट डालने में कम समय लगा और आसानी से वोट डाल सके। आईपीबीएमएस प्रक्रिया के पर्यवेक्षण के लिये राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव डॉ. सुतेश शाक्य और श्री मुकुल गुप्ता के नेतृत्व में टीम भी गठित की गई थी। उप सचिव श्रीमती संजू कुमारी ने पूरी प्रक्रिया का सतत् पर्यवेक्षण कर जरूरी मार्गदर्शन दिया। इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पेपरलेस बूथ की नवीन पहल की गई है। इस प्रक्रिया में मतदान केन्द्रों में मतदाता और मतदानकर्मियों द्वारा किये जाने वाला पूरा काम डिजिटल माध्यम से किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस नवीन पहल के तहत वर्ष 2024 में भोपाल जिले के बैरसिया तहसील की ग्राम पंचायत रतुआ रतनपुर और रीवा जिले के अतरैला ग्राम पंचायत के सरपंच पद के लिये मतदान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जनपद पंचायत सदस्य निर्वाचन के लिये पहली बार इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम से मतदान करवाया गया।