samacharsecretary.com

भारत-रूस तेल सौदा अमेरिका को नागवार: दी आर्थिक तबाही की धमकी

वाशिंगटन  नाटो चीफ के बाद अब  अमेरिका ने रूस से सस्ता तेल खरीदने वाले देशों को अब खुली धमकी दी है। अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर  लिंडसे ग्राहम  ने कहा है कि अगर भारत, चीन और ब्राजील ने रूस से तेल लेना बंद नहीं किया, तो अमेरिका उनकी अर्थव्यवस्था पर कड़ा प्रहार करेगा। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप  रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% आयात शुल्क (टैरिफ) लगा देंगे। इससे पहले  NATO महासचिव मार्क रूट ने सीधे चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ये देश अब भी रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं तो उन पर 100% सेकेंडरी सैंक्शंस  (अमेरिकी टैरिफ) लगाए जाएंगे। उन्होंने बेहद सख्त शब्दों में कहा था  “अगर आप चीन के राष्ट्रपति हैं, भारत के प्रधानमंत्री हैं या ब्राज़ील के राष्ट्रपति हैं तो तैयार रहिए। पुतिन पर दबाव डालिए कि वो शांति समझौता करें, नहीं तो भारी कीमत चुकानी होगी।”  ग्राहम की पुतिन को चेतावनी  मार्क रूट की तरह ही धमकाते हुए अमेरिका का कहना है कि भारत, चीन और ब्राजील जैसे देश रूस से सस्ता तेल खरीदकर  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन  को यूक्रेन पर हमला जारी रखने में मदद कर रहे हैं। ग्राहम के मुताबिक, रूस अपनी आधी से ज्यादा कमाई कच्चे तेल के निर्यात से ही करता है और इसमें से 80% से ज़्यादा तेल भारत, चीन और ब्राजील को ही जाता है। ग्राहम ने कहा कि पुतिन ने ट्रंप को कमजोर समझकर बहुत बड़ी गलती कर दी है। उन्होंने कहा- “हम यूक्रेन को और हथियार देंगे, ताकि पुतिन को पीछे हटने पर मजबूर किया जा सके। रूस की अर्थव्यवस्था पहले से ही बुरी हालत में है और अब इसे और नुकसान होगा।”     भारत-चीन-ब्राजील के लिए सख्त संदेश  ग्राहम ने साफ कहा कि इन तीनों देशों को अब तय करना होगा कि वे अमेरिका के साथ व्यापार चाहते हैं या रूस का सस्ता तेल। “अगर आप रूस से तेल खरीदते रहेंगे तो यह खून के पैसों जैसा है। आप पुतिन की जंग को जिंदा रख रहे हैं। हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे।” ग्राहम ने ट्रंप की तुलना एक बेहतरीन गोल्फ खिलाड़ी स्कॉटी शेफ़लर से करते हुए कहा- “डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राजनीति के स्कॉटी शेफ़लर हैं और अब वो अपने विरोधियों को सबक सिखाने वाले हैं।”*   यूक्रेन युद्ध से जुड़ा  विवाद 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था। इसके बाद अमेरिका और यूरोप ने रूस पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए। लेकिन भारत, चीन और ब्राजील ने सस्ता तेल खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी करनी जारी रखी हैं। अब अमेरिका चाहता है कि रूस को और कमजोर किया जाए ताकि युद्ध जल्द रुके।

मध्य क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को 1498.62 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी गई

भोपाल  ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली अटल गृह ज्योति योजना का प्रदेश में प्रभावी और पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल के दौरान मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 30 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं को करीब 1498 करोड़ 62 लाख रूपए से अधिक की सब्सिडी दी गई है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि वर्ष 2024- 25 में सबसे ज्यादा सब्सिडी भोपाल क्षेत्र के राजगढ़ वृत्‍त के उपभोक्‍ताओं की 115 करोड़ 63 लाख रूपए से अधिक की सब्सिडी प्रदान की गई है। इसी तरह से ग्‍वालियर क्षेत्र के शिवपुरी वृत्‍त के उपभोक्‍ताओं को सर्वाधिक 125 करोड़ 87 लाख रूपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। यह सब्सिडी घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को दी गई है। उपभोक्ताओं के बिल पर सब्सिडी का भी उल्लेख रहता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि दैनिक 5 यूनिट अधिकतम खपत एवं माह में 150 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ता इस योजना की पात्रता रखते हैं। इन्हें प्रथम सौ यूनिट तक बिजली 100 रूपए में प्रदान की जाती है। शेष 50 यूनिट का बिल मौजूदा टैरिफ की दर से तैयार होता है। 30 दिन में 150 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ता को माह विशेष में सब्सिडी की पात्रता नहीं रहती।  

मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने सांख्यिकी से समृद्धि के लिए डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को दी स्वीकृति मंत्रि-परिषद की मुहर: सांख्यिकी से समृद्धि की दिशा में बड़ा कदम, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंजूरी डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली हरी झंडी, 'सांख्यिकी से समृद्धि' पर सरकार का फोकस सटीक आंकड़े, सशक्त नीति: डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मंत्रिमंडल की स्वीकृति नीति निर्माण को मिलेगा मजबूती का आधार, डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को मिली कैबिनेट की स्वीकृति ‘सांख्यिकी से समृद्धि’ मिशन के तहत डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट, मंत्रि-परिषद ने दी मंजूरी गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत सांख्यिकी संबंधी आंकड़ों का समयावधि में संकलन (डाटा कलेक्शन) एवं विश्लेषण कर विभागों, आमजन एवं योजनाविदों के उपयोग के लिए आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में ''डाटा सुदृढ़ीकरण योजना'' की स्वीकृति प्रदान की गयी। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से "सांख्यिकी से समृद्धि" की दिशा में एक नई पहल कर रही है। योजना से सरकार को डाटा के आधार पर बेहतर और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही डाटा और उसका विश्लेषण समय पर मिलने से सरकार बेहतर नीति बना सकेगी। समस्त विभाग बिना किसी रुकावट के डाटा साझा कर सकेंगे, जिससे काम में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। स्वतंत्र शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को भी डाटा उपलब्ध होगा, जिससे नई योजनाओं का निर्माण आसान होगा। नागरिकों को भी डाटा की जानकारी मिल सकेगी, जिससे शासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। डाटा की उपलब्धता से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत संचालित (5×23) मेगावाट गांधीसागर एवं (4×43 मेगावाट) राणाप्रताप सागर जल विद्युत गृह के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए मध्यप्रदेश ‌द्वारा देय राशि का अनुमोदन प्रदान किया गया। निर्णय अनुसार गांधीसागर जल विद्‌युत गृह की पांचों इकाइयों (5×23 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की पुनरीक्षित अनुमानित लागत 464 करोड़ 55 लाख रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह की चारों इकाइयों (4×43 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की डी.पी.आर. में वर्णित अनुमानित लागत 573 करोड़ 76 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। दोनो परियोजनाओं की स्वीकृति परियोजना राशि पर निर्धारित अंशपूँजी को मध्यप्रदेश एवं राजस्थान राज्य द्वारा 50:50 अनुपात पर वित्त विभाग के परामर्श अनुसार मध्यप्रदेश की हिस्से की राशि 127 करोड़ 6 लाख रुपये को वर्षवार प्रदान किये जाने का अनुमोदन किया गया। मशीनरी बदलने के लिए राशि का व्यय होगा। परियोजना अगले 40 साल के लिए उपयोगी है दोनों प्रदेश कि विद्युत् उत्पादन कंपनियां अपने-अपने राज्य में स्थित परियोजना का क्रियान्वयन करेगी एवं कार्यों की लागत का लेखा-जोखा पारदर्शी रूप से संधारित कर एक दूसरे से साझा करेंगी तथा मौजूदा प्रथा के अनुसार वितीय खातों का तिमाही/वार्षिक मिलान कर समायोजित करेगी। विक्रमोत्सव व्यापार मेला उज्जैन मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद ने उज्जैन के विक्रमोत्सव व्यापार मेला वर्ष-2025 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 एवं 9 अप्रैल 2025 का अनुसमर्थन किया गया। निर्णय अनुसार ऐसे समस्त गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, निजी उपयोग के लिए ओमनी बस) तथा हल्के परिवहन यानों को, विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी, जिनका कि वर्ष 2025 में उज्जैन व्यापार मेला की मेला अवधि के दौरान विक्रय किया जाएगा। छूट केवल विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से स्थाई पंजीयन कराने पर ही प्रदान की जाएगी। उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा उज्जैन में मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपरांत ही वाहन विक्रय करने को अनुमत किया जाएगा। ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 का अनुसमर्थन किया गया। अधिसूचना में ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-25 के लिए शर्तों के आधार पर सहमति प्रदाय की गई थी। निर्णय अनुसार ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-2025 में गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, ओमनी बस निजी उपयोग के लिए) और हल्के परिवहन यानों को मेला अवधि के दौरान विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर से स्थाई पंजीयन करने पर ही छूट प्रदान की जाएगी। ग्वालियर के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर में व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के उपरांत मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर ही वाहन विक्रय कर सकेंगे।  

दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर हुआ हादसा- लैंड होते ही एयर इंडिया विमान में अचानक लगी आग

नई दिल्ली  दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे (IGI) पर मंगलवार को हादसा हो गया। आईजीआई पर लैंडिंग के ठीक बाद एयर इंडिया विमान के पीछे वाले हिस्से में अचानक आग लग गई। इस हादसे में विमान को कुछ नुकसान हुआ। यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से विमान से उतर गए। एयरलाइन के अनुसार, मंगलवार, 22 जुलाई को हांगकांग से दिल्ली जाने वाली उड़ान AI 315 में लैंडिंग और गेट पर पार्क होने के तुरंत बाद सहायक विद्युत इकाई (APU) में आग लग गई। एयर इंडिया ने कहा कि विमान को आगे की जांच के लिए रोक दिया गया है और नियामक को सूचित कर दिया गया है। लैंड करते ही एयर इंडिया के प्लेन की पॉवर यूनिट में लगी आग इस घटना को लेकर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि 22 जुलाई 2025 को हांगकांग से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली उड़ान AI 315 में लैंडिंग और गेट पर पार्क होने के तुरंत बाद सहायक विद्युत इकाई (APU) में आग लग गई। यह घटना तब हुई जब यात्री उतरने लगे थे। सिस्टम डिजाइन के अनुसार APU स्वचालित रूप से बंद हो गया।   यात्री और चालक दल सुरक्षित प्रवक्ता ने बताया कि इस हादसे में विमान को कुछ नुकसान हुआ है। हालांकि, यात्री और चालक दल के सदस्य सामान्य रूप से उतर गए और सुरक्षित हैं। विमान को आगे की जांच के लिए रोक दिया गया है और नियामक को सूचित कर दिया गया है। दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (DIAL) ने कहा कि आग बुझा दी गई है और मामले की जांच जारी है। आपको बता दें कि एयर इंडिया सोमवार को दो अलग-अलग विमान दुर्घटनाओं के कारण सुर्खियों में रही। कोलकाता जाने वाले एयर इंडिया के एक विमान को दिल्ली हवाई अड्डे पर तकनीकी खराबी के कारण उड़ान रद्द करनी पड़ी। वहीं एक अन्य घटना में कोच्चि से मुंबई जा रहा एयर इंडिया का विमान AI2744, मुंबई हवाई अड्डे पर भारी बारिश के बीच उतरते समय रनवे से फिसल गया। एयरलाइन के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, विमान सुरक्षित रूप से गेट तक पहुंच गया और सभी यात्री और चालक दल के सदस्य उतर गए। विमान को जाँच के लिए रोक दिया गया है।

शांति वार्ता का अगला दौर बुधवार को तुर्की में होगा, पुतिन बोले- जेलेंस्की सही नेता नहीं

तुर्की  यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से चल रही जंग को खत्म करने के लिए नई कोशिशें फिर शुरू होने वाली हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति  वलोडिमिर ज़ेलेंस्की  ने बताया कि यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तम उमरोव के हवाले से पुष्टि हुई है कि शांति वार्ता का अगला दौर बुधवार को तुर्की में होगा। जेलेंस्की ने अपने वीडियो संदेश में कहा,  “आज मैंने अपने प्रमुख नेता रुस्तम उमरोव के साथ कैदियों की अदला-बदली की तैयारी और रूसी पक्ष के साथ तुर्की में बैठक पर चर्चा की। उमरोव ने बताया कि बैठक बुधवार को तय है, और बाकी जानकारी कल दी जाएगी।”  रुस्तम उमरोव हाल ही में यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा परिषद के सचिव नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले वह देश के रक्षा मंत्री रह चुके हैं और रूस के साथ पहले दो दौर की शांति वार्ता का नेतृत्व भी कर चुके हैं। कीव में अपने राजनयिकों की बैठक में ज़ेलेंस्की ने साफ कहा था कि  “युद्ध खत्म करने के लिए हमें वार्ता में तेजी लानी होगी। हमारा एजेंडा बिलकुल साफ है  युद्धबंदियों की वापसी, रूस द्वारा अगवा किए गए बच्चों की घर वापसी और नेताओं की सीधी मुलाकात की तैयारी।” क्रेमलिन ने कहा है कि वह वार्ता की तारीख को लेकर सहमत होने का इंतजार कर रहा है, लेकिन दोनों पक्ष अब भी युद्ध खत्म करने के तरीके पर एक-दूसरे से काफी अलग हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहले जेलेंस्की के आमने-सामने मिलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। पुतिन का कहना है कि ज़ेलेंस्की को वह सही नेता नहीं मानते क्योंकि यूक्रेन ने उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद नया चुनाव नहीं कराया। यूक्रेन और रूस ने इस साल 16 मई और 2 जून को इस्तांबुल में दो दौर की वार्ता की थी। इसके बाद हजारों युद्धबंदियों और मृत सैनिकों के शवों का आदान-प्रदान किया गया। हालांकि संघर्ष विराम या शांति समझौते को लेकर अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं होता तो वह रूस और उसके तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 50 दिनों के भीतर नए कड़े प्रतिबंध लगा देंगे।

नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश शुरू? योगी और शीर्ष नेताओं की बैठक में हुई अहम चर्चा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर संगठन के भीतर बैठकों का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में पार्टी की एक अहम बैठक मुख्यमंत्री आवास पर हुई जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद थे। भाजपा के सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री आवास पर यह बैठक सोमवार दोपहर में हुई, जिसमें ये दोनों वरिष्ठ नेता मौजूद थे। तीनों अहम व्यक्तियों की यह मुलाक़ात कई मायनों में अहम मानी जा रही है।   नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की अटकलें तेज उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की अटकलें लगातार तेज हो गई हैं। बीजेपी के सूत्र बता रहे हैं कि इस बैठक में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति और उसके बाद होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री आवास पर यह बैठक करीब आधे घंटे तक चली और फिर धरमपाल सिंह और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वापस पार्टी कार्यालय आ गए। सूत्रों के मुताबिक़, इस अहम बैठक के बाद मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी दिल्ली जाएंगे। माना जा रहा है कि उनके साथ संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह भी दिल्ली जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से ये सप्ताह काफ़ी अहम होने वाला है। पीएम मोदी और अमित शाह से भी मिले योगी  गौरतलब है कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री योगी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की थी। इसके बाद वह लखनऊ लौट आए थे। उनके दौरे के बाद अब मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक और उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का दिल्ली दौरा काफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की कवायद चल रही है। इसी कड़ी में कई बड़े नाम शामिल हैं लेकिन इस दौड़ में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की दावेदारी सबसे ज़्यादा तगड़ी मानी जा रही है।       

उद्यानिकी फसल मार्केटिंग सलाहकार बोर्ड की बैठक 23 जुलाई को

भोपाल  उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में उद्यानिकी फसल मार्केटिंग सलाहकार बोर्ड की बैठक 23 जुलाई को दोपहर 12 बजे से मंत्रालय VB-2 के कक्ष क्रमांक 427 में होगी। बैठक में उद्यानिकी फसल मार्केटिंग बोर्ड गठन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की जायेगी। बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खादय प्रसंस्करण, सचिव कृषि विभाग, संचालक किसान कल्याण तथा कृषि प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम उपस्थित रहेंगे।  

मंत्री टेटवाल ने वीरगति प्राप्त जवान श्री नागर को दी श्रद्धांजलि, राजकीय सम्मान के साथ दी गई विदाई

भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने जम्मू-कश्मीर में देशसेवा के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए राजगढ़ जिले के ग्राम टूटियाहेड़ी निवासी भारतीय सेना के जवान हरिओम नागर को मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। मंत्री श्री टेटवाल ने स्व. नागर की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजन से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। मंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि हरिओम नागर जैसे साहसी और राष्ट्रनिष्ठ सपूतों के कारण ही भारत की आत्मा जीवित रहती है। उनका बलिदान समूचे राष्ट्र का गौरव है और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। राज्य सरकार शहीद के परिवार के साथ हर कदम पर खड़ी है। शहीद हरिओम नागर की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिये गांव में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। राजगढ़ जिले के पचोर नगर से टूटियाहेड़ी तक शहीद की अंतिम यात्रा में अपार जन सैलाब उमड़ा। 'भारत माता की जय' और 'शहीद हरिओम नागर अमर रहें' के नारों से गूंजते माहौल में पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि दी गई। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चों ने भावविभोर होकर नम आंखों से अंतिम दर्शन किए। ग्राम टूटियाहेड़ी में सेना की टुकड़ी द्वारा सैन्य परंपराओं के अनुसार शहीद नागर को अंतिम सलामी दी गई। तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। हवाई फायरिंग, राष्ट्रगान और मौन श्रद्धांजलि के साथ पूरे गांव ने शहीद हरिओम नागर को अंतिम विदाई दी। मंत्री श्री टेटवाल ने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि शहीदों का सम्मान केवल श्रद्धांजलि तक सीमित न हो, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को आत्मसात करते हुए हमें अपने कर्तव्यों और नागरिक उत्तरदायित्वों को भी निभाना चाहिए। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक श्री अमर सिंह, श्री ज्ञान सिंह गुर्जर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी और हजारों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

इजराइल को दुनिया का सख्त संदेश: अब युद्ध नहीं, गाजा में चाहिए अमन

गाजा  गाजा पट्टी में जारी खून-खराबे और मानवीय संकट को लेकर ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा समेत 28 देशों  ने मिलकर इजराइल को कड़ा संदेश दिया है। इन देशों ने साफ कहा है कि **गाजा में युद्ध अब तुरंत खत्म होना चाहिए**, ताकि मासूम नागरिकों और बच्चों की जान बचाई जा सके। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को एक साझा बयान जारी किया। उन्होंने कहा- “गाजा में नागरिकों की पीड़ा अब नए स्तर तक पहुंच गई है। वहां बच्चों और आम लोगों को पीने का पानी और खाना तक नहीं मिल पा रहा। राहत सामग्री बहुत धीमी गति से पहुंच रही है और लोग बेवजह मारे जा रहे हैं।” बयान में कहा गया कि इजराइल सरकार का राहत सामग्री वितरण मॉडल न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि इससे वहां की जनता को मानवीय सम्मान से जीने का हक  भी छिन जाता है। विदेश मंत्रियों ने आरोप लगाया कि इजराइल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन नहीं कर रहा है।इस बयान पर ब्रिटेन, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया के अलावा कई यूरोपीय देश जैसे फ्रांस, स्पेन, आयरलैंड और नॉर्वे ने हस्ताक्षर किए हैं।हालांकि,  अमेरिका और जर्मनी  ने इस बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए।   इजराइल ने दिया सख्त जवाब इजराइल सरकार ने इस आलोचना को तुरंत खारिज कर दिया। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बयान का ‘‘वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं’’  है और यह हमास जैसे आतंकी गुटों को गलत संदेश देता है।अमेरिका में इजराइल के राजदूत माइक हुकाबी ने तो इसे सोशल मीडिया ‘एक्स’ (पुराना ट्विटर) पर  ‘‘घृणित’’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया को इजराइल पर नहीं, बल्कि हमास पर दबाव डालना चाहिए जो ‘‘बर्बर और निर्दोष लोगों का हत्यारा’’ है। गाजा में हालात कितने गंभीर ?      गाजा पट्टी में इस समय 20 लाख से ज्यादा फिलीस्तीनी  एक भयानक मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं।     बड़ी संख्या में लोग  घर छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे हैं।      पानी, भोजन और दवाइयों की भारी कमी है।     गाजा  स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक इजराइली हमलों में 59,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।      इनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे  हैं। कैसे शुरु हुई जंग ?  7 अक्टूबर 2023 को हमास ने दक्षिणी इजराइल में बड़ा हमला कर दिया था।  इस हमले में करीब 1,200 इजराइली नागरिक मारे गए।  251 लोगों को बंधक बना लिया गया जिनमें अब भी करीब 50 बंधक हमास के कब्जे में हैं लेकिन माना जाता है कि आधे से भी कम अब जीवित हैं। इसके जवाब में इजराइल ने गाजा में भीषण सैन्य अभियान शुरू किया, जो अब तक जारी है। इन देशों ने इजराइल और हमास दोनों से  तुरंत युद्धविराम  की अपील की है। उन्होंने कहा कि वे इस क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए  राजनीतिक समाधान को समर्थन देने के लिए तैयार हैं।

ऑपरेशन के बाद भी रिश्तों में तल्ख़ी, भारत-पाक सीमा पर तनाव की नई परतें

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुई सीमा पार झड़पों के बाद दोनों देश फिर से एक-दूसरे के खिलाफ रणनीतिक ‘शैडो बॉक्सिंग’ कर रहे हैं। इसके तहत दोनों देशों ने अपनी-अपनी सीमाओं के पास एयरस्पेस रिजर्व करने के लिए  नोटम्स  (Notice to Airmen) जारी किए हैं ताकि वायुसेना अभ्यास किए जा सकें। भारतीय वायुसेना की दक्षिण पश्चिमी एयर कमान 23 जुलाई से 25 जुलाई के बीच राजस्थान-गुजरात के इलाके में, जो कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास है,  एयर कॉम्बैट ड्रिल यानी हवाई युद्धाभ्यास करने जा रही है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने अपने मध्य क्षेत्र के लिए 23 जुलाई तक और दक्षिणी क्षेत्र के लिए 22-23 जुलाई तक नोटम जारी किया है। गौरतलब है कि मई में दोनों देशों के बीच चार दिन तक तीव्र संघर्ष हुआ था। यह संघर्ष 7 मई को भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में  चार आतंकवादी ठिकानों और  पांच आतंकी अड्डों पर सटीक हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस ऑपरेशन को भारत ने  ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था। भारत ने साफ कहा था कि उसका मकसद केवल आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था, लेकिन पाकिस्तान ने इस पर पलटवार करते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए। पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के अड्डों, सैन्य ठिकानों और कुछ नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया।   इसके जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कम से कम नौ एयरबेस और  तीन रडार साइटों पर हमला किया। इनमें कुछ ठिकाने पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों और कमांड एंड कंट्रोल ढांचे के पास भी थे। भारतीय वायुसेना ने इसमें  Su-30MKI ,  राफेल और  मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमान इस्तेमाल किए। हमलों में  ब्रह्मोस,  क्रिस्टल मेज़-2,  रैम्पेज और  स्कैल्प जैसी सटीक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। ये हमले बहुत ही सटीक तरीके से, तय निशानों पर किए गए थे। अब दोनों देश फिर से सीमाओं के पास एयरस्पेस ब्लॉक कर हवाई अभ्यास कर रहे हैं, जिससे साफ है कि हालिया तनाव के बाद भी दोनों देश एक-दूसरे पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और अपनी रणनीतिक ताकत दिखा रहे हैं।