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बम धमकी से मेरठ में सनसनी, 10 स्कूलों को बनाया गया निशाना

  मेरठ,  उत्तर प्रदेश के मेरठ में बुधवार सुबह कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ईमेल के माध्यम से स्कूलों को धमकी भेजी गई है। दावा किया गया है कि स्कूल परिसर में कई जगह विस्फोटक छिपाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, मेरठ के 10 स्कूलों को बुधवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल आया था, जिनमें सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल, केएल इंटरनेशनल स्कूल और मेरठ पब्लिक स्कूल सहित 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल में दावा किया गया कि स्कूल परिसर में कई जगह विस्फोटक छिपाए गए हैं। साथ ही उन्होंने स्कूल को ‘खूनी मंजर’ में बदलने की धमकी दी। मेरठ स्कूल फेडरेशन के सचिव अनुज शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि एक धमकी भरा ईमेल आया था। इसके बाद हमने पुलिस को धमकी की जानकारी दी और उन्होंने मौके पर जांच की। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद हमने राहत की सांस ली। मुझे लगता है कि ये शरारती तत्वों का काम है। उन्होंने कहा, “कुछ स्कूलों के पास बुधवार सुबह ईमेल आया था, लेकिन अभी कांवड़ यात्रा की वजह से स्कूल बंद हैं।” इससे पहले, बुधवार सुबह आगरा के भी दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। धमकी भरा ईमेल अंग्रेजी में था, जिसमें दावा किया गया कि कुछ ही देर में स्कूलों में विस्फोट कर दिया जाएगा। इस खबर से स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में दहशत फैल गई। स्कूलों ने तुरंत छुट्टी घोषित कर बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया। दोनों स्कूलों के प्रबंधन ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने स्कूलों की तलाशी ली, लेकिन उन्हें स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इससे पहले ताजमहल, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों को भी बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन जांच में ऐसी कोई वस्तु नहीं मिली। फिलहाल प्रशासन द्वारा स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजने वाले सोर्स के बारे में पता लगाया जा रहा है।  

जाड़े के मौसम में लापरवाही ना बरते, पौष्टिक संतुलित भोजन लें…

जाड़े के मौसम में के मौसम में सेहत के प्रति जरा-सी लापरवाही परेशानी का कारण बन सकती है। इस मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है इसीलिये संतुलित भोजन करना आवश्यक है जिसमें शरीर के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्व हों, साथ ही भोजन रुचिकर, सस्ता व पौष्टिक भी हो। भोजन से शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है, शरीर की रोगों से रक्षा होती है व शरीर के निर्माण और क्षयग्रस्त कोषों की मरम्मत के लिए जरूरी तत्व भी भोजन से ही मिलते हैं। खाद्य पदार्थों को तीन हिस्सो में बांटा जा सकता है। ऊर्जादायक भोजन यानि कार्बोहाईड्रेट पूर्ण- इनमें सभी प्रकार के अनाज, गेहूं, चावल, जौ, बाजरा, मकई, घी, तेल, गुड़, शकर, मक्खन, आलू, शकरकंद, जमींकंद आदि आते हैं। शरीर निर्माणकारीया प्रोटीन युक्त भोजन- इसमें प्रोटीन से भरपूर मेवे, दालें, दूध आदि आते हैं। रक्षाकारी या इम्यूनिटी प्रदान करने वाला भोजन- शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए विटामिनों व खनिज लवणों और प्रोटीन से युक्त दूध, पनीर, फल, सब्जियां आदि चीजें शामिल हैं। अनाज- अनाज की अपनी विशेषता है। गेहूं, चावल, बाजरा, मक्का आदि अनाज के आटे में से चोकर न निकालें। बिना पॉलिश किए चावल का प्रयोग करें। चावल की परत में विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स होता है। दालें- शाकाहारी लोगों के लिए दालें अत्यंत आवश्यक हैं। दालें बलवर्द्घक व प्रोटीन से भरपूर होती हैं। मूंग की दाल सुपाच्य है और बुजुर्गों के लिए उत्तम आहार है। घी या तेल- मूंगफली, सरसों, तिल या घी इनमें पौष्टिकता की दृष्टि से कोई अंतर नहीं है। भोजन में वनस्पति घी का प्रयोग न करें। शुद्घ देशी घी या तेल खाना स्वास्थ्य की दृष्टि से ज्यादा अच्छा है। ताजी सब्जियां और फल- सब्जियां खनिज लवण से भरपूर होती हैं। मौसमी सब्जियों को भोजन में अवश्य शामिल करें। मूली, मैथी, गाजर, पालक को कच्चा भी सलाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। कम से कम 100 ग्राम सब्जी नियमित खाना चाहिए। फल भी विटामिन से भरपूर होते हैं। आवश्यक नहीं कि आप महंगे फल ही खाएं। मौसम के अनुसार अमरूद, आंवला, केला, खीरा, खरबूज, तरबूज आदि अत्यंत लाभदायक हैं। गुड़ अथवा चीनी- शक्कर की अपेक्षा गुड़ में अधिक पोषक तत्व होते हैं। इसमें लोहा, विटामिन एवं अन्य खनिज लवण हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से सफेद चीनी अत्यंत हानिकारक है और प्राकृतिक चिकित्सा में इसे श्वेत विष की संज्ञा दी गई है। पशुजन्य प्रोटीन- सभी आयु वर्ग के लोगों के भोजन में दूध, दही, लस्सी आदि की आवश्यकता है। सप्रेटा दूध में भी सभी आवश्यक तत्व हैं। अतः इसे भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस प्रकार आसानी से मिलने वाले अनाज, दालें, मौसमी फल, सब्जियां तेल, गुड़ को अपने भोजन में शामिल कर संतुलित भोजन किया जा सकता है। सर्दी के रोगों के घरेलू नुस्खे:- -हल्के गर्म पानी के साथ एक चम्मच शहद खाली पेट लेना फायदेमंद है। इससे शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। -गर्म पानी में एक चुटकी काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से सर्दी के मौसम में होने वाली खांसी में राहत मिलती है। -वायरल संक्रमण में एक-एक चुटकी अदरक का पाउडर, काली मिर्च और हल्दी पाउडर दूध में उबाल कर पीने से आराम मिलता है। -तुलसी और अदरक के रस को शहद के साथ मिला कर लेना फायदेमंद है। -वायरल होने पर संतरा, मौसमी जैसे विटामिन सी से भरपूर फल खाना उपयोगी है। -सर्दी-जुकाम होने पर चुटकी-भर हल्दी मिला कर गर्म दूध पीना बहुत फायदेमंद है।  

सरकारी आवास का किराया नहीं चुकाया, किरण खेर को 13 लाख चुकाने का आदेश

मुंबई मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस और चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद किरण खेर हाल ही में बड़ा झटका लगा है। किरण को सरकारी मकान के बकाया किराए को लेकर नगर प्रशासन की ओर से एक नोटिस भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, किरण खेर पर करीब ₹13 लाख का बकाया बनता है, जिसमें 12% वार्षिक ब्याज भी शामिल है।  दरअसल,  किरण खेर पर सेक्टर 7 स्थित उनके सरकारी आवास का लगभग 13 लाख रुपये का किराया बकाया है। किरण को सेक्टर 8-ए स्थित उनके आवास संख्या 65 के सहायक किराया नियंत्रक ने 24 जून, 2025 को एक नोटिस भेजा था। इसमें उन्हें तत्काल राशि जमा कराने को कहा गया है। यदि वह राशि जमा नहीं कराती हैं, तो बकाया राशि पर 12% ब्याज लगाया जाएगा। गौरतलब है कि प्रशासन ने पूर्व सांसद को ₹12,76,418 का नोटिस भेजा है। यह राशि सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास टी-6/23 के बकाया लाइसेंस शुल्क (किराया) और जुर्माने की है, जिसके कुछ हिस्सों पर 100% से 200% तक का जुर्माना लगाया गया है। यह नोटिस प्रशासन द्वारा किरण खेर के सेक्टर-8ए स्थित घर पर 24 जून 2025 को भेजा गया था। नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो प्रति वर्ष 12% का अतिरिक्त ब्याज लगाया जाएगा।  इस मामले में किरण खेर की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि वह बकाया राशि का भुगतान समय पर नहीं करती हैं, तो प्रशासन आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकता है।

जनहित के कार्य समयसीमा में पूर्ण कराएं: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

  विकास कार्यों की समीक्षा की, सरयू सरोवर पार्क की मरम्मत और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने के निर्देश भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को मंत्रालय में विभिन्न विकासकार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों के कारण आमजन को असुविधा होती है, जिसे किसी भी स्थिति में नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। अधूरे कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने आईटीआई रहवासी परिसर, गौतम नगर बस्ती, गायत्री नगर समेत अनेक कॉलोनियों के विकास कार्यों का प्राक्कलन शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई, विद्युत पोलों की शिफ्टिंग और अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की स्थापना कर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने पर बल दिया। सरयू सरोवर पार्क का सौंदर्यीकरण और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई होगी राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने सरयू सरोवर पार्क की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्क में खराब फव्वारे और झूलों की मरम्मत शीघ्र कराई जाए। पाथवे निर्माण, पार्क का समुचित रख-रखाव, हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था एवं वाचनालय की बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही अयोध्या नगर क्षेत्र में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का सर्वे कर उन्हें पुनः चालू करने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्री लव-कुश यादव, पार्षद श्रीमती शिरोमणि शर्मा, श्रीमती उर्मिला मौर्य समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

मुंबई फिर बारिश की मार में! हादसों की झड़ी और जलभराव, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले 24 घंटे से लगातार मूसलधार बारिश हो रही है, जिसने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलजमाव हो गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह ट्रैफिक जाम और लोकल ट्रेन सेवाओं में देरी की खबरें भी सामने आ रही हैं, जिसने मुंबईकरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 24 घंटे में 20 मॉनसून से जुड़े हादसे बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में मुंबई शहर में 47.77 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 33.1 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 53.92 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस दौरान शहर में 20 मॉनसून से जुड़े हादसे भी सामने आए हैं, जिनमें 7 शॉर्ट सर्किट की घटनाएँ, 11 पेड़ या उनकी शाखाएँ गिरने की घटनाएँ और 2 मकान के हिस्से गिरने की घटनाएँ शामिल हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि BMC ने बताया है कि इन सभी घटनाओं में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है, जिससे एक बड़ी राहत मिली है। अगले 4-5 दिन भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले 24 घंटे में मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। IMD ने यह भी संभावना जताई है कि अगले 4-5 दिनों तक मुंबई और MMR (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन) क्षेत्र में बारिश जारी रह सकती है। BMC की नागरिकों से अपील बिगड़ते मौसम को देखते हुए BMC ने नागरिकों से खास अपील की है कि वे केवल अत्यधिक आवश्यक होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। साथ ही, जलभराव वाले इलाकों से बचकर चलने की सलाह भी दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में, नागरिक BMC की आपात सेवा पर संपर्क कर सकते हैं, जिसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी

पेसा अधिनियम बना जनजातीय समुदाय के लिए वरदान : चौपाल लगाकर सुलझा रहे हैं आपसी विवाद लगभग 8 हजार से अधिक प्रकरणों को जनजातीय समुदाय ने आपसी विमर्श में सुलझाया थाने में शिकायत किए बिना सुलझाए मामले भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय समुदाय के लिये राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। प्रदेश के 88 ट्राइबल ब्लॉक्स में लागू पेसा अधिनियम जनजातीय समुदाय के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अधिनियम के अंतर्गत जनजातीय समुदाय आपसी विवादों का समाधान थानों में शिकायत दर्ज कराए बिना ही चौपालों के माध्यम से कर रहे हैं। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में मध्यप्रदेश न केवल अग्रणी है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। जनजातीय समुदाय ने अब तक लगभग 8 हजार से अधिक विवाद प्रकरणों का चौपाल के माध्यम से निराकरण कर मिसाल पेश की है। इन मामलों में पारिवारिक जमीन संबंधी विवाद शामिल है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए पेसा एक्ट का उद्देश्य भी यही है कि जनजातीय समुदाय के लोगों को छोटे-छोटे विवाद में पुलिस थाना का चक्कर ना लगाना पड़े और आपस में बैठकर ही मामले की सुलह कर लें। साथ ही उनकी परंपरा, कला संस्कृति की भी रक्षा की जा सके। पेसा अधिनियम के अंतर्गत 3 प्रकार की समितियां कर रहीं हैं काम पेसा अधिनियम के तहत प्रदेश के 88 विकासखंडों में तीन प्रकार की समितियां काम रही है। इसमें शांति और विवाद निवारण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति और वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति शामिल है। प्रदेश में शांति और विवाद निवारण समिति की संख्या 11 हजार 639 है। वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति की संख्या 11 हजार 331 है, जबकि सहयोगिनी मातृ निवारण समिति की संख्या 21 हजार 887 है। देश के 10 राज्य में हो रहा है पेसा एक्ट का क्रियान्वयन, मध्यप्रदेश है अग्रणी देश के 10 राज्यों में पेसा एक्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सफलता की कहानियों को लेकर एक पुस्तिका भी निकाली गई है जिसमें मध्यप्रदेश की दो कहानियों को शामिल किया गया है। इस वजह से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। 5133 ग्राम पंचायतों में लागू है पेसा अधिनियम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य वाले प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंड की 5133 ग्राम पंचायतों के 11 हजार 596 ग्रामों में पेसा एक्ट लागू किया गया है। वर्तमान में 4850 पेसा मोबलाइजर कार्य कर रहे हैं। पेसा कानून में सबसे महत्वपूर्ण विषय वित्तीय प्रबंधन है, जिसके तहत राज्य में अब तक 11 हजार 538 खाते खोले गये है।  

हेलन, रेखा और माधुरी से मिली शिल्पा शेट्टी को खास प्रेरणा, कहा- इनको देखकर ही सीखा सबकुछ

मुंबई,  सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का लोकप्रिय डांस रियलिटी शो ‘सुपर डांसर’ करीब 4 साल बाद फिर से वापस आ गया है। इस बार शो में और भी ज्यादा जोश और उत्साह देखने को मिलेगा। इस सीजन में देशभर से चुने गए 12 टैलेंटेड बच्चे हिस्सा ले रहे हैं, जो स्टेज पर धमाकेदार डांस परफॉर्मेंस देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ये कंटेस्टेंट न सिर्फ शो के जजों को बल्कि लाइव ऑडियंस को भी अपने डांस से इंप्रेस करेंगे। इस शो के दौरान जज और एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में खुलकर बात की और कुछ इमोशनल बातें भी शेयर कीं। उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी और करियर में तीन खास महिलाओं ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया है। शिल्पा शेट्टी ने कहा, ”मेरी जिंदगी में हमेशा तीन ऐसी महिलाएं रही हैं, जिन्होंने मुझे प्रेरित किया है। ये तीन महिलाएं हेलेन जी, रेखा जी और माधुरी दीक्षित जी हैं। हेलेन जी की खासियत यह थी कि वो चाहे कुछ भी पहनें या कोई भी डांस करें, वो कभी भी बुरा नहीं लगता था। रेखा जी की आंखों में इतना असर था कि वो सिर्फ अपनी नजरों से बहुत कुछ कह देती थीं। उनका लिप-सिंक और एक्सप्रेशन कमाल के थे।” उन्होंने आगे कहा, ”माधुरी दीक्षित जी के हर परफॉर्मेंस में एक अलग ही अंदाज होता है। मैंने डांस करना माधुरी दीक्षित के वीडियो को देखकर ही सीखा है। ये तीनों कलाकार हमेशा से मेरी एक बड़ी प्रेरणा रही हैं।” अपनी मां के बारे में बात करते हुए शिल्पा भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि आज वो जिस मुकाम पर हैं, उसका सबसे बड़ा श्रेय उनकी मां को जाता है, क्योंकि उनकी मां ने हमेशा उनका बिना शर्त साथ दिया और हर मोड़ पर उनका हौसला बढ़ाया। शिल्पा ने कहा, ”मेरी मां ने मेरे लिए बहुत कुछ किया है, जितना कोई सोच भी नहीं सकता। जब मैं 17 साल की थी, तब बहुत मासूम थी और ज्यादा कुछ नहीं जानती थी। उस वक्त मेरी मां मेरे साथ घूमती थीं, और करीब 10 साल तक उन्होंने इस तरह से मेरा पूरा साथ दिया। उन्होंने मुझे सबसे पहले रखा। वह मेरी मां ही नहीं, बल्कि मेरी मैनेजर, सलाहकार और सबसे बड़ी आलोचक भी थीं। मैं जो कुछ भी आज हूं, वो सब अपनी मां की वजह से हूं।” इस सीजन में फिर से जजों की तिकड़ी में शिल्पा शेट्टी, गीता कपूर, और मर्जी पेस्तोंजी शो में नजर आएंगे। ‘सुपर डांसर चैप्टर 5’ हर शनिवार और रविवार रात 8 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर प्रसारित होगा।  

खरगौन : 12 कॉलोनियों के 85 मकान घोषित असुरक्षित, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई

खरगौन खरगौन शहर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में हुए अवैध निर्माण पर 85 मकान मालिकों को अतिक्रमण हटाने के लिये नोटिस जारी किये गये हैं। उल्लेखनीय है कि खरगौन में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की 132 के.व्ही. से लेकर 220 के.व्ही. तक की छह प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों के समीप मानव जीवन के लिये घातक और विद्युत सुरक्षा मानकों के विरूद्ध अनाधिकृत निर्माण कर लिये गये है। ट्रांसमिशन लाइनो की प्रतिबंधित सीमा में हुये निर्माण खरगौन के अनेक क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइनो के प्रतिबंधित सीमा में अनाधिकृत निर्माण किये गये है, जिनमें विद्युत मानकों के अनुरूप न्यूनतम सुरक्षा दूरी का उल्लंघन किया गया है। यहां के ओंकार दत्त रेजिडेंसी, निमरानी, द्वारका धाम कॉलोनी, साकेत नगर, जेतपुरा, यमुना नगर कॉलोनी, खरगोन मोतीपुरा, हिंगलाज नगर, स्मार्ट पार्क टाउनशिप, माँ रेवा विन्यास कॉलोनी, पानवा एवं भीलगांव आदि क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइन और निर्माण के बीच बेहद कम क्लियरेंस पाया गया है। यह अति उच्च वोल्टेज की बिजली से जुड़े संभावित करंट, स्पार्किंग, और अग्निकांड जैसे गंभीर खतरे उत्पन्न कर सकता है। इन ट्रांसमिशन लाइनों के समीप हुये निर्माण खरगौन जिले में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की छह ट्रांसमिशन लाइने हैं जिनके समीप विद्युत सुरक्षा मानकों के विरूद्ध निर्माण कर लिये गये हैं। इन ट्रांसमिशन लाइनों में 132 के.व्ही. भीकनगांव-खरगोन डी.पी. लाइन, 132 के.व्ही. बिस्टन-लिलो लाइन, 132 के.व्ही. निमरानी-कसरावद लाइन, 220 के.व्ही. निमरानी-छैःगांव लाइन, 220 के.व्ही. निमरानी-ओंकारेश्वर लाइन एवं 220 के.व्ही. महेश्वर-पीथमपुर लाईन शामिल हैं। जरूरी है 27 मीटर का कॉरिडोर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, 132 के.व्ही. या इससे अधिक वोल्टेज की ट्रांसमिशन लाइन के नीचे कम से कम 27 मीटर की सुरक्षित दूरी आवश्यक है, ताकि हवा में झूलते तारों से संपर्क न हो और दुर्घटना टाली जा सके। 600 से 950 गुना अधिक रहता है ट्रांसमिशन लाइनों से जान का खतरा आम घरों में उपयोग होने वाली विद्युत आपूर्ति की तीव्रता मात्र 230 वोल्ट होती है। यह स्तर भी इतना अधिक होता है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से इसके संपर्क में आ जाए तो गंभीर रूप से घायल हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है लेकिन इससे भी कहीं अधिक खतरनाक होती हैं। शहर भर में क्रियाशील एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनें, जिनमें विद्युत तीव्रता 132 के.व्ही. (यानी 132,000 वोल्ट) एवं 220 के.व्ही. (यानी 2,20,000 वोल्ट) होती है। यह घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक रहती है। यह अंतर दर्शाता है कि अगर मात्र 230 वोल्ट के संपर्क में आने से जान को खतरा हो सकता है, तो 132 या 220 के.व्ही. की ट्रांसमिशन लाइनों के पास रहने या निर्माण करने से कितना बड़ा जोखिम हो सकता है। ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण करना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह जानलेवा जोखिम भी उत्पन्न करता है। h

बारिश में डूबी दिल्ली: BJP की पीठ ठोकने पर AAP ने दिखाई सड़कों की सच्चाई

नई दिल्ली दिल्ली में जोरदार बारिश के बाद अलग-अलग इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, खास बात रही कि इस बार मिंटो ब्रिज पर बारिश का पानी नहीं भरा। इसको लेकर बीजेपी ने दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार की तारीफ की। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मिंटो ब्रिज के दृश्य साझा किए। मिंटो ब्रिज पर बुधवार को बारिश के बीच वाहन बिना किसी परेशानी के गुजरते देखे गए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के अन्य हिस्सों में जलभराव की तस्वीरों के जरिये बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी का कहना था कि लोग सड़कों पर तैर रहे हैं। बीजेपी ने ठोकी अपनी पीठ मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारी बारिश के बावजूद, मिंटो ब्रिज पर ट्रैपिक सुचारू रूप से चल रहा है, जो कभी हल्की सी बारिश में भी जलमग्न होने वाला पहला ब्रिज था। बीजेपी सरकार के तहत दिल्ली में कुछ ही महीनों में यही बदलाव देखने को मिल रहा है! जलभराव वाली सड़कों से लेकर सुचारू ट्रैफिक तक, अव्यवस्था से व्यवस्था तक – एक वास्तविक परिवर्तन शुरू हो गया है। उन्होंने आगे लिखा कि दिल्ली अब वो राजधानी बनेगी जिसकी भारत को सचमुच हक है। अरविंद केजरीवाल ने इसे कूड़ेदान में बदल दिया था। बीजेपी इस गंदगी को साफ कर भविष्य का पुनर्निर्माण कर रही है। दिल्ली के अन्य इलाकों में भरा पानी इस बीच, राजधानी के कई निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव और ट्रैफिक में परेशानी के कारण दिल्ली के कई हिस्से प्रभावित हुए। इनमें दक्षिण दिल्ली, दक्षिण पूर्व दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, आईटीओ, साउथ एक्सटेंशन, एनएच-8, महरौली-गुड़गांव रोड, नेहरू प्लेस, ईस्ट ऑफ कैलाश, कॉलोनी रोड और कई अन्य इलाके शामिल हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार पर जलभराव की समस्या से निपटने के बारे में मीडिया में झूठे दावे करने का आरोप लगाया। आप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज सुबह हुई बारिश के बाद पश्चिमी विनोद नगर इलाके में एनएच-24 पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सीएम रेखा गुप्ता जी, आपकी सही योजना कहां है? आपने मीडिया में जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आज पूरी दिल्ली जलमग्न है और आप अपने आलीशान महल में आराम फरमा रही हैं। इसमें कहा गया है कि जनता अब सड़कों पर तैर रही है और सभी भाजपा नेताओं को तैरने के लिए आमंत्रित कर रही है। दिल्ली में कहां कितनी बारिश? भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच 5.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य स्टेशनों ने अधिक मात्रा की सूचना दी। मौसम विभाग के अनुसार प्रगति मैदान में 16.6 मिमी, पूसा में 10 मिमी, जनकपुरी में 9.5 मिमी और नजफगढ़ में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने लोगों को घर के अंदर रहने, यात्रा से बचने, ट्रैफिक अपडेट का पालन करने, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने तथा पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है। आगे कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम आईएमडी ने आने वाले दिनों में लगातार बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों तक आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली कड़कने की संभावना है। अधिकारियों ने निवासियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक मौसम एवं यातायात सलाह के माध्यम से अपडेट रहने का आग्रह किया है।

बारिश में डूबी दिल्ली: BJP की पीठ ठोकने पर AAP ने दिखाई सड़कों की सच्चाई

नई दिल्ली दिल्ली में जोरदार बारिश के बाद अलग-अलग इलाकों में जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, खास बात रही कि इस बार मिंटो ब्रिज पर बारिश का पानी नहीं भरा। इसको लेकर बीजेपी ने दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार की तारीफ की। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मिंटो ब्रिज के दृश्य साझा किए। मिंटो ब्रिज पर बुधवार को बारिश के बीच वाहन बिना किसी परेशानी के गुजरते देखे गए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के अन्य हिस्सों में जलभराव की तस्वीरों के जरिये बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी का कहना था कि लोग सड़कों पर तैर रहे हैं। बीजेपी ने ठोकी अपनी पीठ मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारी बारिश के बावजूद, मिंटो ब्रिज पर ट्रैपिक सुचारू रूप से चल रहा है, जो कभी हल्की सी बारिश में भी जलमग्न होने वाला पहला ब्रिज था। बीजेपी सरकार के तहत दिल्ली में कुछ ही महीनों में यही बदलाव देखने को मिल रहा है! जलभराव वाली सड़कों से लेकर सुचारू ट्रैफिक तक, अव्यवस्था से व्यवस्था तक – एक वास्तविक परिवर्तन शुरू हो गया है। उन्होंने आगे लिखा कि दिल्ली अब वो राजधानी बनेगी जिसकी भारत को सचमुच हक है। अरविंद केजरीवाल ने इसे कूड़ेदान में बदल दिया था। बीजेपी इस गंदगी को साफ कर भविष्य का पुनर्निर्माण कर रही है। दिल्ली के अन्य इलाकों में भरा पानी इस बीच, राजधानी के कई निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव और ट्रैफिक में परेशानी के कारण दिल्ली के कई हिस्से प्रभावित हुए। इनमें दक्षिण दिल्ली, दक्षिण पूर्व दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, आईटीओ, साउथ एक्सटेंशन, एनएच-8, महरौली-गुड़गांव रोड, नेहरू प्लेस, ईस्ट ऑफ कैलाश, कॉलोनी रोड और कई अन्य इलाके शामिल हैं। आम आदमी पार्टी ने सरकार पर जलभराव की समस्या से निपटने के बारे में मीडिया में झूठे दावे करने का आरोप लगाया। आप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज सुबह हुई बारिश के बाद पश्चिमी विनोद नगर इलाके में एनएच-24 पूरी तरह जलमग्न हो गया है। सीएम रेखा गुप्ता जी, आपकी सही योजना कहां है? आपने मीडिया में जलभराव से निपटने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन आज पूरी दिल्ली जलमग्न है और आप अपने आलीशान महल में आराम फरमा रही हैं। इसमें कहा गया है कि जनता अब सड़कों पर तैर रही है और सभी भाजपा नेताओं को तैरने के लिए आमंत्रित कर रही है। दिल्ली में कहां कितनी बारिश? भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 5:30 से 8:30 बजे के बीच 5.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अन्य स्टेशनों ने अधिक मात्रा की सूचना दी। मौसम विभाग के अनुसार प्रगति मैदान में 16.6 मिमी, पूसा में 10 मिमी, जनकपुरी में 9.5 मिमी और नजफगढ़ में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों ने लोगों को घर के अंदर रहने, यात्रा से बचने, ट्रैफिक अपडेट का पालन करने, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने तथा पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है। आगे कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम आईएमडी ने आने वाले दिनों में लगातार बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों तक आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बिजली कड़कने की संभावना है। अधिकारियों ने निवासियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और आधिकारिक मौसम एवं यातायात सलाह के माध्यम से अपडेट रहने का आग्रह किया है।