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भोपाल में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बड़ा फैसला: ई-रिक्शा 12 मार्गों से बाहर, पार्किंग पर भी रोक

भोपाल   राजधानी भोपाल की स्कूलों के बाद आज से शहर के 12 व्यस्ततम और अहम वीवीआईपी जगहों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्किंग पर प्रतिबंध है। दरअसल 27 जून को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया था। पहले 7 दिन दी जाएगी समइाइश इन सभी मार्गों को भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने दो पैमानों पर तय किया है। पहला ये कि इन सभी मार्गो पर नगर सेवा बाहन पहले से संचालित है। दूसरा यह कि इन सड़कों पर ई-रिक्शा की ज्यादा संख्या होने के कारण ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं। दो दिन पहले ई-रिक्शा से स्कूली छात्र-छात्राओं के परिवहन पर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने प्रतिबंध लगाया था। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अगले सात दिनों तक प्रतिबंधित मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने और पार्क करने वाले चालकों को समइाइश दी जाएगी। इसके बाद चालान होंगे। यहां ई-रिक्शा व उसकी पार्किंग प्रतिबंधित -राजभवन से पॉलिटेक्निक चौराहा – पॉलिटेक्निक चौराहा से स्टेट हैंगर – बोट क्लब – हमीदिया रोड-अल्पना से भोपाल टॉकीज -अपेक्स बैंक से रोशनपुरा – लिंक रोड-1 बोर्ड ऑफिस चौराहा से अपेक्स बैंक तक – काटजू अस्पताल तिराहा से रंगमहल तिराहा तक – वन्दे मातरम से 10 नंबर स्टॉप तक -10 नंबर से नेशनल अस्पताल तक – 10 नंबर से साढ़े 10 नंबर तक – सेंटर प्वाइंट से रोशनपुरा तक – जीजी फ्लाईओवर  सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला यातायात पुलिस के अनुसार, भोपाल की इन सड़कों पर वीआईपी मूवमेंट और उच्च यातायात घनत्व अधिक होता है। आम नागरिकों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। ई-रिक्शा की धीमी गति और बेतरतीब पार्किंग व्यवस्था कई बार दुर्घटनाओं और जाम का कारण बनती है। स्कूली बच्चों को ले जाने पर भी सख्त रोक भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 20 जुलाई 2025 को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, स्कूली छात्रों को अब ई-रिक्शा से नहीं ले जाया जा सकता। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस इस विषय पर जागरूकता अभियान भी चला रही है। भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित भोपाल क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के मुताबिक, भोपाल में 7,000 से अधिक ई-रिक्शा संचालित हैं। इनमें से ज्यादातर बिना परमिट के संचालित हैं। भोपाल टॉकीज़ से करोंद चौराहा और अयोध्या बाईपास तक ई रिक्शा के चलते भारी ट्रैफ़िक जाम लगता है। भोपाल आरटीओ ने यह आंकड़े पिछले साल जारी किए थे। अब इनकी संख्या और बढ़ गई होगी।  स्कूलों में ई-रिक्शा पर प्रतिबंध लगेगा, बच्चों की सेफ्टी  …….  शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एक मीटिंग हुई। सांसद आलोक शर्मा ने जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। मीटिंग में लेफ्ट-टर्न को सुधारने, ई-रिक्शा पर नियंत्रण रखने, ट्रांसफार्मर हटाने और पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को उनके अधूरे प्लान के लिए फटकार लगाई गई और उन्हें एक हफ्ते में ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर लेफ्ट टर्न सुधार का प्लान पेश करने का निर्देश दिया गया। शहर के 42 चौराहों पर लेफ्ट टर्न की समस्या को दूर करने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। ई-रिक्शा पर रोक ई-रिक्शा के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई गई और कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को ई-रिक्शा में स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। इसलिए स्कूलों में ई-रिक्शा को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। मीटिंग में सड़कों से अतिक्रमण हटाने और कंडम वाहनों को हटाने पर भी बात हुई। सांसद शर्मा ने ट्रांसफार्मर और खंभों को हटाने की बात कही और पार्किंग व्यवस्था को आम लोगों के लिए आसान बनाने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार सांसद आलोक शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार भी लगाई। दरअसल, पीडब्ल्यूडी अधिकारी बिना किसी वर्किंग प्लान के मीटिंग में पहुंच गए थे। इस पर सांसद ने नाराजगी जताई। मीटिंग में संबंधित विभागों को कुछ निर्देश दिए गए। उन्हें मैनिट के ट्रैफिक विशेषज्ञों की मदद से सभी 42 चौराहों की समीक्षा रिपोर्ट और एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। इससे जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। ऐसा करने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और लोगों का आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही, चौराहों की सुरक्षा और दृश्यता भी बेहतर हो जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय चंद्रशेखर आजाद को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की माटी के गौरव, स्वतंत्रता संग्राम के नायक श्रद्धेय चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मात्र 13 साल की उम्र में स्कूल के बाहर धरना देते गिरफ्तार किए गए चंद्रशेखर ने अपना नाम 'आजाद' और पिता का नाम 'स्वाधीनता' बताया था। उन्होंने कहा कि वे सच्चे राष्ट्रवादी थे। मां भारती के ऐसे सपूत के ऋण से राष्ट्र कभी उऋण न हो सकेगा।  

बुधादित्य योग लाएगा सफलता और समृद्धि, जानिए किन 5 राशियों को होगा सबसे बड़ा फायदा

1 अगस्त 2025 को एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है। इस सूर्य और बुध के मिलन से बुधादित्य योग बनेगा। वैदिक ज्योतिष में यह योग बहुत शुभ और शक्तिशाली माना गया है, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर होगा। इस योग के बनने से व्यक्ति में बुद्धिमत्ता, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और प्रशासनिक योग्यता की क्षमता आती है। सूर्य आत्मा, आत्मविश्वास और अधिकार का प्रतिनिधित्व करता है। बुध बुद्धि, तर्कशक्ति और वाणी का कारक है। दोनों ग्रहों की युति से दृष्टि योग बनता है, जो पांच राशियों के लिए लाभकारी है। आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में, जिन्हें इस युति से अधिकतम लाभ होगा… मिथुन राशि मिथुन राशि के लिए बुध-सूर्य की युति धमाल मचाने वाली रहेगी। दरअसल, मिथुन राशि के स्वामी बुध है, जिनकी सूर्य के साथ युति होने पर शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में यह मिथुन राशि के जातकों को नई ऊंचाइयां पर पहुंचा देगी। व्यवसाय में लाभ मिलेगा। तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य देना लाभदायक होगा। कन्या राशि बुध-सूर्य की युति से कन्या राशि वालों के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन आएंगे। इस राशि में बुध उच्च के होने से सूर्य के साथ मिलकर बुधादित्य योग मजबूत बनता है। यह नौकरी में सफलता दिलाता है। निवेश में लाभ मिलेगा। गया को हरा चारा खिलाना शुभ रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि के लिए बुध-सूर्य की युति शुभ समाचार लेकर आएगी। सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, इसलिए यह युति आत्विश्वास बढ़ाएगी। नेतृत्व क्षमता में निखार आएगा, जिससे व्यापार व कार्यक्षेत्र में लाभ मिलेगगा। “ॐ घृणिः सूर्याय नमः” मंत्र का 108 बार जप करने से विशेष लाभ मिलेगा। तुला राशि सूर्य-बुध की युति से तुला राशि वालों को आर्थिक तंगी से निजात मिलेगा। बिजनेस में लाभ के संकेत हैं। बिजनेस पार्टनर के साथ तालमेल बेहतर होंगे। इस दौरान सफेद वस्त्र धारण कर शुद्ध घी का दीपक जलाएं। मकर राशि मकर राशि वालों के लिए सूर्य-बुध की युति जीवन में सफलता का कारण बनेगी। इस दौरान सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यस्थल पर योजनाएं सफल होंगी, जिससे सीनियर्स से सम्मान मिलेगा। कारोबार में सब अच्छा होगा, जिससे आर्थिक लाभ होगा। 

समन्वित प्रयासों से निराश्रित पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक : मुख्यमंत्री

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को त्वरित, ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री साय ने पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने राज्य में संचालित गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं काउ-कैचर (Cow-Catcher) जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता, क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव माँगे। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है, अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही, गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिए सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही। नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिए काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेशभर की गौठानों, गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

शिवभक्ति में डूबेगा रायपुर: पश्चिम क्षेत्र से निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

रायपुर  3 अगस्त रविवार की सुबह रायपुर पश्चिम विधानसभा से प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में होने जा रहा है जिसकी तैयारिया को लेकर पश्चिम विधायक राजेश मूणत के नेतृत्व में जिला भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया जहां आगामी 3 अगस्त को होने वाली कावड़ यात्रा के संबंध में सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओ को दिशानिर्देश दिए गए एवं प्रदाय जिम्मेदारियों का जायजा भी लिया गया राजेश मूणत ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा की प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी हमारे द्वारा विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन रायपुर पश्चिम में किया जाना है जिसके संदर्भ में यह बैठक आहूत की गई है । रायपुर के सभी जिला एवं मंडल पदाधिकारियों को यात्रा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौपी गई है कावड़ यात्रा का यह कार्यक्रम अपनी भव्यता के लिए सदैव राजधानी सहित आसपास चर्चित रहा है , और यह आप सभी के परिश्रम और सहयोग से यह संभव हुआ है । विभिन्न क्षेत्रों से आई झांकियां और बाजे गाजे होंगे मुख्य आकर्षण राजेश मूणत ने आगे कहा इस वर्ष कावड़ यात्रा को और भी अधिक भव्यता और वैभव प्रदान करने हमने स्थानीय लोक कलाकारों के अलावा अन्य प्रदेशों के कलाकारों को भी अपनी प्रस्तुति देने निमंत्रित किया है जैसे की उज्जैन मध्यप्रदेश में बाबा महाकाल की सवारी में डमरू और ढोल बजाने वाली टीम , उत्तर प्रदेश से अघोरी नृत्य की प्रस्तुति देने वाली टीम , उत्तर प्रदेश से ही युवतियों द्वारा मां काली की जीवंत झांकी का प्रदर्शन , उड़ीसा के बाहुबली कट्टपा की वेशभूषा में संबलपुरी बाजे में प्रस्तुति देने वाले चर्चित कलाकारों की टीम , छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध नृत्य कलाकारों जैसे आदिवासी नृत्य , पंथी नृत्य और राउत नाचा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का दल , भगवान भोलेनाथ की चलित झांकी और प्रदेश के प्रमुख ढोल धुमाल पार्टी अपनी अपनी प्रस्तुति देंगे जो कावड़ यात्रा का मुख्य आकर्षण होगा । सुबह बाबा हटकेश्वरनाथ को अर्पित किया आमंत्रण पत्र 3 अगस्त को होने जा रही भव्य कावड़ यात्रा हेतु सभी सनातनियों हेतु आमंत्रण पत्रक भी छपवाए गए हैं जिसकी प्रथम प्रति आज 22 जुलाई को सुबह, विधायक राजेश मूणत ने महादेवघाट तीर्थ पहुंचकर बाबा हटकेश्वरनाथ, माँ महाकाली, और मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं को कांवड़ यात्रा का विशेष आमंत्रण पत्र अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से प्रार्थना की कि रायपुर शहर के नागरिकों पर सदैव उनका आशीर्वाद बना रहे।  रायपुर के सनातनी समाज से कावड़ यात्रा में शामिल होकर भव्यता प्रदान करने और धर्म लाभ लेने की अपील रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने बाबा हटकेश्वर नाथ में जलाभिषेक हेतु निकाली जा रही कांवड़ यात्रा के संदर्भ में रायपुर में निवासरत सभी सनातन बंधुओं से सार्वजनिक अपील करते हुए कहा कि । “यह यात्रा सामाजिक समरसता, शिवभक्ति और नगर की संस्कृति का उत्सव है। सभी शिवभक्तों से आग्रह है कि समय पर उपस्थित होकर यात्रा का हिस्सा बनें और शहर की धार्मिक गरिमा , सनातन धर्म प्रेमी शिवभक्ति में लीन होकरधर्म लाभ ग्रहण करें । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ,विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह सहित सभी प्रमुख नेता रहेंगे उपस्थित :- राजेश मूणत उन्होंने आगे कहा की कावड़ यात्रा का आयोजन विशुद्ध रूप से गैर राजनैतिक कार्यक्रम है इसमें पूरे रायपुर शहर के समस्त सनातनी बंधु बांधव सादर आमंत्रित हैं ऐसे में आप सभी की महती जिम्मेदारी है की आप सभी को इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने आ रहे समस्त सनातनी धार्मिक बंधुओं माताओं बहनों भोले भक्तों के लिए कावड़ सहित समस्त व्यवस्थाएं श्रेष्ठता से करनी है चूंकि कावड़ यात्रा में अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय , पूर्व मुख्यमंत्री विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह , रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल , रायपुर जिले के सभी 7 विधानसभाओं के विधायक एवं अन्य सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओ सहित सामाजिक संस्थाओं और सनातन धर्म के प्रमुख साधु संतो महात्माओं की सम्मानित उपस्थिति रहेगी ऐसे में कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखना एवं सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तरीय रखना हम सभी की जिम्मेदारी है मैं इस मंच और मीडिया के माध्यम से राजधानी रायपुर सहित आसपास के सभी शिवभक्तों सनातन धर्म प्रेमियों को कावड़ यात्रा में सम्मिलित होकर कावड़ यात्रा में धर्म लाभ लेने निमंत्रित करता हूं । मंचन संचालन कर रहे कार्यक्रम प्रभारी ओंकार बैस ने आगे की जानकारी देते हुए बताया की झांकियों और बाजे गाजे डीजे के साथ ही निकाली जा रही कावड़ यात्रा का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे गुढ़यारी स्थित हनुमान मंदिर से किया जाएगा जहां से यात्रा प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग गुढ़यारी से होते हुए पड़ाव, शुक्रवारी बाजार , खाल बाड़ा , रामनगर से ओवर ब्रिज तेलघानी नाका से अग्रसेन चौक मार्ग होते हुए अमापारा , लाखेनगर , अश्वनी नगर मुख्य मार्ग से बाबा हाटकेश्वर नाथ मंदिर पहुंच कर भक्तगण जल अर्पण करेंगे जहां अलग अलग स्थान पर पुश्पवर्षा , आतिशबाजी और भंडारे की भी व्यवस्था की जाएगी । बैठक में प्रमुख रूप से महापौर श्रीमती मीनल चौबे , जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर , ओंकार बैस,अशोक पांडेय, अमित मैशरी गोवेर्धन खंडेलवाल, बी. श्रीनिवास राव, प्रीतम ठाकुर, अनिल सोनकर, भूपेंद्र ठाकुर, विनोद अग्रवाल, राजेश ठाकुर, भोला साहू, रजयंत ध्रुव, गज्जू साहू, पुरुषोत्तम देवांगन, सुनील चंद्राकर, कमलेश्वरी बसंत वर्मा, अमर बंसल, दीपक जायसवाल , मंडल एवं बूथ के के वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पाकिस्तान की बड़ी चूक! न्यूक्लियर ज़ोन के पास गिरी खुद की मिसाइल, शाहीन-3 टेस्ट में खामी

 बलूचिस्तान  पाकिस्तान की सेना ने हाल ही में अपनी शाहीन-3 मिसाइल का टेस्ट किया, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. लेकिन ये टेस्ट बुरी तरह नाकाम रहा. मिसाइल निशाना चूक गई और डेरा गाजी खान (पंजाब प्रांत) में एक परमाणु केंद्र के पास धमाका हुआ. इसका मलबा बलूचिस्तान के डेरा बुगटी जिले में गिरा, जो नागरिक बस्तियों के बेहद करीब था. इस घटना ने न सिर्फ पाकिस्तान की सैन्य क्षमता पर सवाल उठाए, बल्कि बलूचिस्तान के लोगों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया. 22 जुलाई 2025 को हुए इस हादसे के बाद पाकिस्तानी सेना ने इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया, मीडिया को रोका और लोगों को घरों में रहने को कहा.  शाहीन-3 मिसाइल क्या है? शाहीन-3 पाकिस्तान की सबसे ताकतवर मिसाइलों में से एक है. ये एक सतह से सतह (सरफेस-टू-सरफेस) बैलिस्टिक मिसाइल है, जो 2750 किलोमीटर तक मार कर सकती है. यानी ये भारत के कई शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु तक पहुंच सकती है. इसकी खासियतें हैं…     परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता: ये 20-25 से 300-500 किलोटन तक के परमाणु हथियार ले जा सकती है.     सॉलिड फ्यूल: ये ठोस ईंधन पर चलती है, जो इसे जल्दी लॉन्च करने में मदद करता है.     चीन की मदद: पाकिस्तान ने इसे 2000 के दशक में चीन की तकनीकी मदद से बनाना शुरू किया. पाकिस्तान इसे अपनी रक्षा रणनीति का हिस्सा मानता है, खासकर भारत की सैन्य ताकत का जवाब देने के लिए. लेकिन बार-बार टेस्ट फेल होने से इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं. क्या हुआ 22 जुलाई 2025 को? 22 जुलाई 2025 को पाकिस्तान ने डेरा गाजी खान के राखी इलाके से शाहीन-3 मिसाइल का टेस्ट किया. लेकिन मिसाइल अपने निशाने से भटक गई. बलूचिस्तान के डेरा बुगटी जिले में मट्ट इलाके में जा गिरी. ये जगह नागरिक बस्तियों से सिर्फ 500 मीटर दूर थी. लूप सेहरानी लेवी स्टेशन के पास ग्रेपन रवाइन में मलबा गिरा, जिससे बड़ा धमाका हुआ.     धमाके की आवाज: धमाका इतना जोरदार था कि 20-50 किलोमीटर दूर तक सुनाई दिया, जिसमें बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के इलाके भी शामिल थे.     सोशल मीडिया पर हंगामा: कुछ वीडियो में लोग डरकर भागते दिखे. कुछ ने दावा किया कि मिसाइल डेरा गाजी खान के परमाणु केंद्र पर गिरी, तो कुछ ने कहा कि ये किसी दुश्मन ड्रोन का हमला था.     पाकिस्तानी सेना की प्रतिक्रिया: सेना ने तुरंत इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया, मीडिया को रोका और लोगों को घरों में रहने को कहा.     DG खान कमिश्नर के प्रवक्ता मझर शीरानी ने कहा कि ये शायद किसी फाइटर जेट की सोनिक बूम (ध्वनि की दीवार टूटने की आवाज) थी, लेकिन पक्की जांच का इंतजार है.  रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान नाम के संगठन ने इस टेस्ट की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि मिसाइल टेस्ट ने बलूचिस्तान के लोगों की जान खतरे में डाली. अगर मलबा थोड़ा और इधर-उधर गिरता, तो सैकड़ों लोग मारे जा सकते थे. डेरा गाजी खान क्यों खास है? डेरा गाजी खान पाकिस्तान का सबसे बड़ा परमाणु केंद्र है. यहां यूरेनियम का भंडारण और प्रोसेसिंग होती है. 1970 में पाकिस्तान एटॉमिक एनर्जी कमीशन (PAEC) ने यहां एक पायलट प्लांट बनाया था, जो रोजाना 10,000 पाउंड यूरेनियम प्रोसेस करता है. ये जगह पाकिस्तान के परमाणु हथियार प्रोग्राम का दिल है. अगर मिसाइल सचमुच इस केंद्र पर गिरी, तो ये बहुत बड़ा हादसा हो सकता था. लेकिन अधिकारियों ने दावा किया कि कोई नुकसान नहीं हुआ. पहले भी हुए हैं ऐसे हादसे ये पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान का मिसाइल टेस्ट फेल हुआ. पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है…     2023 में डेरा गाजी खान: अक्टूबर 2023 में भी शाहीन-3 का टेस्ट फेल हुआ था. उस बार भी धमाका डेरा गाजी खान के पास हुआ, जिसकी आवाज 30-50 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. कुछ ने दावा किया कि मिसाइल परमाणु केंद्र पर गिरी, लेकिन सरकार ने इसे सोनिक बूम बताया.     2021 में डेरा बुगटी: जनवरी 2021 में शाहीन-3 का टेस्ट फेल हुआ और मिसाइल डेरा बुगटी के नागरिक इलाके में गिरी. कई घर तबाह हुए और लोग घायल हुए. बलूच रिपब्लिकन पार्टी ने इसे बलूचिस्तान को पाकिस्तानी सेना की प्रयोगशाला बनाने का सबूत बताया.     2020 में बाबर-II मिसाइल: बाबर-II मिसाइल, जो जमीन और समुद्र से लॉन्च हो सकती है, बलूचिस्तान में टेस्ट के दौरान क्रैश हो गई.     2022 में जमशोरो: एक अज्ञात मिसाइल सिंध के जमशोरो शहर में गिरी. कुछ का दावा था कि ये भारत के ब्रह्मोस मिसाइल हादसे का जवाब देने की कोशिश थी. ये हादसे दिखाते हैं कि पाकिस्तान की मिसाइल तकनीक में अभी भी खामियां हैं. बलूचिस्तान का गुस्सा रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान और स्थानीय लोग इस टेस्ट से बहुत नाराज हैं. उनका कहना है… बलूचिस्तान को प्रयोगशाला बनाया जा रहा है: पाकिस्तानी सेना बार-बार बलूचिस्तान में मिसाइल और परमाणु टेस्ट करती है, जिससे वहां के लोग खतरे में रहते हैं. 1998 में छागाई में हुए परमाणु टेस्ट की वजह से आज भी वहां कैंसर और त्वचा रोग जैसी बीमारियां फैली हैं. जबरन विस्थापन: सेना टेस्ट से पहले बलूच लोगों को उनके घरों से निकाल देती है. डेरा बुगटी और काहन जैसे इलाकों में ये आम बात हो गई है. इसका मकसद वहां के प्राकृतिक संसाधनों (जैसे गैस और खनिज) का दोहन करना बताया जाता है. सुरक्षा की कमी: मिसाइल टेस्ट के दौरान नागरिकों को पहले से नहीं बताया जाता, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ती है. बलूच रिपब्लिकन पार्टी के प्रवक्ता शेर मोहम्मद बुगटी ने कहा कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान को अपनी हथियारों की प्रयोगशाला बना दिया है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इसकी जांच करने की मांग की. पाकिस्तान का परमाणु प्रोग्राम पाकिस्तान दुनिया के उन नौ देशों में शामिल है, जिनके पास परमाणु हथियार हैं. 2025 तक उसके पास 170 परमाणु हथियार होने का अनुमान है, जो 2026 तक 200 तक पहुंच सकते हैं. पाकिस्तान की नीति न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोध (मिनिमम क्रेडिबल डिटरेंस) की है, यानी वो भारत जैसे पड़ोसियों के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है.     शाहीन सीरीज: ये मिसाइलें 1250 से 2750 … Read more

राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया ज़ोर, बोले–बीमारी से लड़ने से पहले जानना ज़रूरी

जेके हॉस्पिटल में ‘डेंटल केयर अवेयरनेस कैंपेन 2025’ का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने की पहल, बोले – इलाज से पहले जागरूकता जरूरी उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला की पहल: कहा—इलाज से पहले जरूरी है जागरूकता राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया ज़ोर, बोले–बीमारी से लड़ने से पहले जानना ज़रूरी भोपाल  राजधानी भोपाल स्थित एलएन मेडिकल कॉलेज और जेके हॉस्पिटल परिसर में आज 22 जुलाई को 'मास्टर हेल्थ प्रो' (Master Health Pro) के तत्वावधान में ‘डेंटल केयर अवेयरनेस कैंपेन 2025’ का शुभारंभ हुआ। इस जनहितैषी कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ला ने कहा,“हमारी सरकार इलाज से ज्यादा रोकथाम व जनजागरूकता को प्राथमिकता दे रही है। दांतों की सेहत केवल मुख तक सीमित नहीं, यह पूरे शरीर की सेहत से जुड़ी होती है। हमें लोगों को बचपन से ही दंत स्वच्छता की शिक्षा देनी होगी।”देशभर के डेंटल विशेषज्ञ और छात्र हुए शामिल कार्यक्रम में देशभर से आए डेंटल सर्जन्स, एक्सपर्ट्स और सैकड़ों डेंटल स्टूडेंट्स ने सहभागिता की। विशेषज्ञों ने मौखिक स्वच्छता, बच्चों में दांतों की समस्याएं, आधुनिक जीवनशैली और खानपान के प्रभाव जैसे विषयों पर ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की। डॉ. अनुपम चौकसे का विज़न: हर नागरिक तक पहुँचे मौखिक स्वास्थ्य का संदेश एलएनसीटी ग्रुप के सचिव डॉ. अनुपम चौकसे ने अपने संबोधन में कहा – “इस जागरूकता अभियान से प्रदेश की आम जनता को न केवल दंत चिकित्सा की जानकारी मिलेगी, बल्कि वे समय रहते मुंह व दांतों से जुड़ी बीमारियों से बचाव भी कर सकेंगे। हमारा लक्ष्य है कि हम इस अभियान को गांव-गांव और स्कूल-स्कूल तक पहुँचाएं, ताकि दंत स्वच्छता को हम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का हिस्सा बना सकें।” उन्होंने यह भी कहा कि एलएनसीटी ग्रुप शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा को भी अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानता है। उनका विज़न है कि बच्चों को स्कूल स्तर से ही डेंटल हाइजीन की शिक्षा दी जाए, ताकि एक स्वस्थ व जागरूक भारत का निर्माण हो सके। कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां: मुफ्त मौखिक परीक्षण शिविर स्कूली छात्रों के लिए डेंटल हाइजीन वर्कशॉप डेंटल अवेयरनेस मोबाइल वैन का शुभारंभ विशेष डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण गौरवशाली उपस्थिति ने कार्यक्रम को बनाया विशेष: कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे – डॉ. गिरीश चंद्र वर्मा, चेयरमैन, महार्षि ग्रुप डॉ. अनुपम चौकसे, सचिव, एलएनसीटी ग्रुप धर्मेंद्र गुप्ता, डायरेक्टर, एलएनसीटी ग्रुप डॉ. चंद्रेश शुक्ला, अध्यक्ष, मप्र राज्य डेंटल काउंसिल डॉ. सुरेश एलांगोवन, चेयरमैन, मास्टर हेल्थ प्रो इंडिया प्रा. लि. इन सभी अतिथियों ने दंत स्वास्थ्य शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने पर बल दिया और भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने की बात कही।

घरेलू शोषण की हदें पार: अधिकारी ने पत्नी की जासूसी कर किया मानसिक उत्पीड़न

पुणे महाराष्ट्र के पुणे में एक क्लास वन अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं. उसने कथित तौर पर अपनी पत्नी के निजी पलों को गुप्त रूप से रिकॉर्ड करने और उसे ब्लैकमेल करने की धमकी देने के लिए बाथरूम सहित अपने घर के अंदर कई स्पाई कैमरे लगाए थे.पीड़ित महिला, जो खुद भी एक क्लास वन की अधिकारी है, ने अंबेगांव पुलिस स्टेशन में अपने पति और उसके परिवार के सात सदस्यों पर उत्पीड़न, ब्लैकमेल और निजता के हनन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस के अनुसार, कपल की शादी 2020 में हुई थी. कुछ सालों के बाद, पति को कथित तौर पर अपनी पत्नी के चरित्र पर शक हो गया और उसने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. उस पर नज़र रखने के लिए, उसने कथित तौर पर पूरे घर में जासूसी कैमरे लगा दिए थे. यहां तक कि काम के दौरान भी, वह उसकी गतिविधियों पर नजर रखता था. शिकायत में आगे कहा गया है कि आरोपी ने बार-बार धमकी दी थी कि अगर वह कार और होम लोन की ईएमआई चुकाने के लिए अपने मायके से 1.5 लाख रुपये नहीं लाएगी, तो वह उसके नहाते हुए वीडियो ऑनलाइन लीक कर देगा. महिला ने अपनी सास, ससुर, देवर, ननद और अन्य ससुराल वालों पर शादी के बाद से ही लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने और अपने माता-पिता से पैसे और कार लाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है. पुलिस ने पति और सात ससुराल वालों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, घरेलू हिंसा, शोषण और निजता के हनन के लिए बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. जांचकर्ता घर से बरामद जासूसी कैमरों और वीडियो फुटेज की जांच कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, श्रद्धेय लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण कर शत-शत नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रृद्धेय तिलक ने ही पहली बार सम्पूर्ण स्वराज की आवाज बुलंद की थी और देशभक्ति से ओत-प्रोत विचारों से पूरे राष्ट्र को स्वतंत्रता पाने के लिए जागृत किया था। राष्ट्र जागरण में उनका योगदान अमिट रहेगा।  

ढाका विमान हादसा: भारत से पहुंची बर्न एक्सपर्ट टीम, घायलों का होगा विशेष इलाज

नई दिल्ली बांग्लादेश में जेट हादसे में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें 25 बच्चे शामिल हैं. इस हादसे में कई बच्चे दर्दनाक रूप से जल गए हैं. ढाका में उनका उचित इलाज नहीं पो रहा है. अब भारत ने ऐसे गंभीर रूप से जल चुके मरीजों के इलाज के लिए दिल्ली से बर्न स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और नर्स की एक टीम ढाका जा रही है. भारत ऐसे मरीजों के इलाज में काम आने वाले जरूरी मेडिकल उपकरणों को भी भेज रहा है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है.  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दुखद हवाई दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि पर गहरा शोक जाहिर किया. तब पीएम मोदी ने बांग्लादेश को सहायता का आश्वासन दिया था. बता दें कि सोमवार को वायुसेना के एफ-7 बीजीआई ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट ने स्थानीय समय के अनुसार दोपहर 1 बजकर 6 मिनट पर उड़ान भरी थी. करीब डेढ़ बजे एयरक्राफ्ट ढाका के उत्तरा स्थित माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज की इमारत से टकरा गया था. इस भयावह हादसे के बाद स्कूल में आग लग गई थी.  विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आवश्यक चिकित्सा सहायता के साथ बर्न स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और नर्सों की एक टीम पीड़ितों का इलाज करने के लिए ढाका जा रही है.  विदेश मंत्रालय के अनुसार अगर जरूरत पड़ी तो ऐसे मरीजों के इलाज के लिए उन्हें भारत भी लाया जा सकता है. एक बयान में कहा गया, "वे मरीजों की स्थिति का आकलन करेंगे और आवश्यकतानुसार भारत में आगे के इलाज और विशेष देखभाल की सिफारिश करेंगे." विदेश मंत्रालय  ने कहा कि प्रारंभिक आकलन और उपचार के आधार पर और भी चिकित्सा दल भी भेजे जा सकते हैं.  बताया जा रहा है कि बांग्लादेश भेजी जा रही टीम में दिल्ली के दो डॉक्टर शामिल हैं. इनमें एक राम मनोहर लोहिया अस्पताल से और दूसरा सफदरजंग अस्पताल से है. इसके अलावा बर्न डिपार्टमेंट की विशेषज्ञ नर्सें भी ढाका जा रही हैय बांग्लादेश वायु सेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है.  सोमवार को इस हादसे के बाद पीएम मोदी ने गहरी संवेदना जताई थी. उन्होंने कहा था कि भारत इस संकट में बांग्लादेश के साथ खड़ा है और हर संभव मदद देने के लिए तैयार है. ढाका के अस्पतालों में दर्दनाक दृश्य बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार के अनुसार ढाका के अस्पतालों में नाउम्मीदी की हालत है. कई परिवार जिनके बच्चे आईसीयू में थे वे उम्मीद भरी निगाहों से अपडेट का इंतज़ार कर रहे थे. कुछ कम भाग्यशाली लोग अपने बच्चों के शवों की तलाश में एक मुर्दाघर से दूसरे मुर्दाघर भटक रहे थे.  सोमवार को सैकड़ों लोगों ने 500 बिस्तरों वाले अस्पताल में हंगामा किया. इसके बाद अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. मंगलवार को अधिकारियों ने केवल मरीजों उनके रिश्तेदारों और अस्पताल के कर्मचारियों को ही अस्पताल के अंदर जाने दिया. सेना के जवानों को अस्पताल के एंट्री गेट पर पहरा देते देखा गया. द डेली स्टार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि आईसीयू के बाहर अपने प्रियजनों की खबर के लिए परेशान परिवारों के इंतजार के दर्दनाक दृश्य देखे. "मकिन के बारे में कोई खबर?" सलेहा नाज़नीन अपने पति मोहम्मद मोहसिन से हर बार जब कोई आईसीयू से बाहर निकलता बार-बार पूछती थीं. उनका बेटा अब्दुर मुसब्बिर मकिन, जो कक्षा 7 का छात्र है, इस हादस में गंभीर रूप से जल गया था. "कृपया, मेरे मकिन को मेरे पास लाओ," वह बार-बार यही कहती रहीं. जबकि उनका बेटा अंदर अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था. मोहसिन ने बताया कि उनका सबसे छोटा बेटा दोपहर 1:00 बजे स्कूल का समय समाप्त होने के बाद एक एक्स्ट्रा क्लास के लिए रुका था. "वह ठीक नहीं है. उसे वेंटिलेशन पर रखा गया है," उन्होंने आंसु रोकने की कोशिश करते हुए कहा. बांग्लादेश में जो प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुआ है वो F-7BGI बांग्लादेश एयरफोर्सका मल्टीरोल फाइटर जेट है. यह प्लेन चीन के चेंगदू J-7 फाइटर का एडवांस वर्जन है. इसे सोवियत यूनियन के MiG-21 की तर्ज पर बनाया गया था. इस हादसे के बाद बांग्लादेश में इस विमान पर प्रश्न उठ रहे हैं.