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शरीर में B12 की कमी? जानें इसे नैचुरली बूस्ट करने के 5 असरदार घरेलू उपाय

नई दिल्ली सेहतमंद रहने के लिए शरीर में सभी पोषक तत्वों का होना बेहद जरूरी है। यह पोषक तत्व शरीर को हेल्दी और दुरुस्त बनाने में मदद करते हैं। विटामिन-बी12 इन्हीं में से एक है, जो शरीर में कई सारे फंक्शन करता है। यह डीएनए सिंथसिस, रेड ब्लड सेल्स प्रोडक्शन और नर्वस सिस्टम के काम को बेहतर बनाने में मदद करता है। ऐसे में शरीर के अंदर इसकी कमी कई गंभीर समस्याओं की वजह बन सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि समय रहते इसकी कमी की पहचान की जाए और इसे पूरा करने के लिए सही डाइट फॉलो करे। अक्सर नॉनवेज फूड्स को इसका अच्छा सोर्स माना जाता है और कई लोग इसकी कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स की मदद लेते हैं। अगर आप भी इसकी कमी से जूझ रहे हैं, तो आप बिना सप्लीमेंट्स भी इसकी कमी दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बिना सप्लीमेंट्स दूर करें इसकी कमी- प्रोबायोटिक दही होगा मददगार बिना सप्लीमेंट विटामिन-बी12 बढ़ाने के लिए आप प्रोबायोटिक दही डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके लिए आप लैक्टोबैसिलस स्ट्रेन वाला दही चुनें। इसमें मौजूद हेल्दी बैक्टीरिया नेचुरली विटामिन B12 के प्रोडक्शन और गट हेल्थ को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं। फर्मेंटेड इंडियन फूड खाएं अगर आप वेजिटेरियन हैं और इस विटामिन की कमी को दूर करना चाहते हैं, तो फर्मेंटेड इंडियन फूड्स आपकी मदद कर सकते हैं। इडली, डोसा, ढोकला और घर का बना दही गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं, जिससे विटामिन B12 का अब्जॉर्प्शन आसान हो जाता है। डेयरी प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल करें विटामिन-बी12 की कमी को दूर करने के लिए अपनी डाइट में दूध, दही, पनीर और चीज को शामिल करें। ये फूड्स आइटम्स नेचुरली विटामिन B12 से भरपूर होते हैं। इसलिए बेहतर नतीजों के लिए रोजाना इसे डाइट में शामिल करें। फोर्टिफाइड फूड्स आप शरीर में विटामिन B12 की कमी को पूरा करने के लिए फोर्टिफाइड अनाज, सोया या बादाम का दूध आदि शामिल कर सकते हैं, जो इस विटामिन का बेहतरीन सोर्स होते हैं। गट हेल्थ बेहतर बनाएं विटामिन-बी12 के अब्जॉर्प्शन के लिए गट हेल्थ का हेल्दी रहना बेहद जरूरी है। इसलिए आप अपनी गट हेल्थ को बेहतर बनाने की कोशिश करें। हेल्दी गट विटामिन B12 का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए फाइबर खाएं, जंक फूड से बचें, छाछ पिएं और रात में त्रिफला का सेवन करें।  

शरीर में B12 की कमी? जानें इसे नैचुरली बूस्ट करने के 5 असरदार घरेलू उपाय

नई दिल्ली सेहतमंद रहने के लिए शरीर में सभी पोषक तत्वों का होना बेहद जरूरी है। यह पोषक तत्व शरीर को हेल्दी और दुरुस्त बनाने में मदद करते हैं। विटामिन-बी12 इन्हीं में से एक है, जो शरीर में कई सारे फंक्शन करता है। यह डीएनए सिंथसिस, रेड ब्लड सेल्स प्रोडक्शन और नर्वस सिस्टम के काम को बेहतर बनाने में मदद करता है। ऐसे में शरीर के अंदर इसकी कमी कई गंभीर समस्याओं की वजह बन सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि समय रहते इसकी कमी की पहचान की जाए और इसे पूरा करने के लिए सही डाइट फॉलो करे। अक्सर नॉनवेज फूड्स को इसका अच्छा सोर्स माना जाता है और कई लोग इसकी कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स की मदद लेते हैं। अगर आप भी इसकी कमी से जूझ रहे हैं, तो आप बिना सप्लीमेंट्स भी इसकी कमी दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे बिना सप्लीमेंट्स दूर करें इसकी कमी- प्रोबायोटिक दही होगा मददगार बिना सप्लीमेंट विटामिन-बी12 बढ़ाने के लिए आप प्रोबायोटिक दही डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसके लिए आप लैक्टोबैसिलस स्ट्रेन वाला दही चुनें। इसमें मौजूद हेल्दी बैक्टीरिया नेचुरली विटामिन B12 के प्रोडक्शन और गट हेल्थ को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं। फर्मेंटेड इंडियन फूड खाएं अगर आप वेजिटेरियन हैं और इस विटामिन की कमी को दूर करना चाहते हैं, तो फर्मेंटेड इंडियन फूड्स आपकी मदद कर सकते हैं। इडली, डोसा, ढोकला और घर का बना दही गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं, जिससे विटामिन B12 का अब्जॉर्प्शन आसान हो जाता है। डेयरी प्रोडक्ट्स को डाइट में शामिल करें विटामिन-बी12 की कमी को दूर करने के लिए अपनी डाइट में दूध, दही, पनीर और चीज को शामिल करें। ये फूड्स आइटम्स नेचुरली विटामिन B12 से भरपूर होते हैं। इसलिए बेहतर नतीजों के लिए रोजाना इसे डाइट में शामिल करें। फोर्टिफाइड फूड्स आप शरीर में विटामिन B12 की कमी को पूरा करने के लिए फोर्टिफाइड अनाज, सोया या बादाम का दूध आदि शामिल कर सकते हैं, जो इस विटामिन का बेहतरीन सोर्स होते हैं। गट हेल्थ बेहतर बनाएं विटामिन-बी12 के अब्जॉर्प्शन के लिए गट हेल्थ का हेल्दी रहना बेहद जरूरी है। इसलिए आप अपनी गट हेल्थ को बेहतर बनाने की कोशिश करें। हेल्दी गट विटामिन B12 का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए फाइबर खाएं, जंक फूड से बचें, छाछ पिएं और रात में त्रिफला का सेवन करें।  

Redmi का नया धमाका: अब सिर्फ 1% बैटरी में चलेगा फोन 7.5 घंटे!

नई दिल्ली स्मार्टफोन बनाने वाली मशहूर कंपनी Redmi ने भारत में अपने 11 साल पूरे होने की खुशी में दो नए फोन लॉन्च करने का इशारा दिया है. कंपनी ने अभी तक इन फोन के नाम या पूरी जानकारी तो नहीं दी है, लेकिन टीज़र से इतना साफ है कि इस बार कुछ खास आने वाला है. Xiaomi India की वेबसाइट पर एक नया पेज लाइव हुआ है, जिसमें “Power Revolution” नाम की टैगलाइन के साथ एक टीजर दिखाया गया है. इसमें बताया गया है कि सिर्फ 1% बैटरी पर भी फोन 7.5 घंटे तक ऑन रह सकता है. ये सुनकर कोई भी यूजर हैरान रह जाएगा. Redmi ने इस अपकमिंग फोन की कुछ झलक भी दिखाई है. फोन का साइड प्रोफाइल साफ़ नजर आता है — जिसमें पावर बटन और वॉल्यूम बटन बाईं तरफ दिए गए हैं. पीछे की तरफ डुअल कैमरा सेटअप दिखाई दे रहा है, लेकिन पूरी डिजाइन अभी सामने नहीं आई है. Amazon पर भी हुआ लिस्ट इस नए Redmi फोन के लिए Amazon India पर भी एक माइक्रोसाइट एक्टिव हो गई है. इसका मतलब है कि फोन की बिक्री Xiaomi की वेबसाइट के साथ-साथ Amazon पर भी होगी. रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी Redmi 15 5G और Redmi 15C नाम के दो मॉडल ला सकती है. कुछ लीक और टेक रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि:     Redmi 15C में 6,000mAh बैटरी और 50MP का डुअल कैमरा सेटअप होगा.     Redmi 15 5G में 7,000mAh की बैटरी, Snapdragon 6s Gen 3 प्रोसेसर और 8GB RAM के साथ 256GB स्टोरेज दिया जा सकता है.     यह फोन Android 15-बेस्ड HyperOS 2.0 पर चलेगा और इसमें 33W फास्ट चार्जिंग भी मिलेगी.     डिजाइन की बात करें तो यह फोन IP64 रेटिंग के साथ आएगा, यानी धूल और पानी के छींटों से भी सुरक्षित रहेगा.     डिस्प्ले हो सकता है 6.9 इंच का Full HD+ LCD स्क्रीन, जिसमें 144Hz रिफ्रेश रेट मिलेगा. कब होगा लॉन्च? हालांकि Redmi ने अब तक लॉन्च की तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन टीज़र से अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह फोन बहुत जल्द भारतीय बाजार में आ सकता है.

बारिश की मस्ती न पड़े सेहत पर भारी: इन खतरनाक बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके

मानसून ने एक बार फिर ग्वालियर में दस्तक दी है। बुधवार को दिनभर रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। हालांकि यह बारिश मौसम को सुहाना बना रही है, लेकिन इसके साथ ही त्वचा रोगों का खतरा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। शहर के जेएएच अस्पताल में रैशेज, खुजली और स्किन इंफेक्शन की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप शर्मा बताते हैं कि मानसून के मौसम में लंबे समय तक भीगे रहना, पसीना और गीले कपड़े पहनना फंगल व बैक्टीरियल इंफेक्शन का मुख्य कारण बनता है। खासकर शरीर के मोड़ जैसे गर्दन, बगल, कमर और जांघों के बीच की त्वचा नाजुक होती है। जब ये क्षेत्र लंबे समय तक गीले रहते हैं और वहां हवा नहीं लगती, तो रैशेज और संक्रमण जल्दी हो जाता है। डॉ. शर्मा का कहना है कि सामान्य से दिखने वाले रैशेज अगर समय रहते नहीं संभाले जाएं, तो वे गंभीर फंगल संक्रमण में बदल सकते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में त्वचा की साफ-सफाई और सूखेपन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बारिश में रैशेज से बचने के आसान उपाय 1. हमेशा सूती और ढीले कपड़े पहनें, जिससे हवा लगती रहे और त्वचा सूखी रहे। 2. भीगने के तुरंत बाद कपड़े बदलें और शरीर को अच्छे से पोंछें। 3. नहाने के बाद शरीर को पूरी तरह सुखाएं, खासकर पसीने वाले हिस्सों को। 4. दिन में दो बार एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल करें, विशेषकर गर्दन, बगल और कमर में। 5. त्वचा पर खुजली, जलन या रैशेज दिखने पर देरी न करें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 6. एंटीफंगल क्रीम या लोशन डॉक्टर की सलाह से लगाएं। 7. गीले जूते-मोजे या कपड़े ज्यादा देर तक न पहनें।

कांवड़ियों को ‘गुंडा’ कहने पर भड़के हिंदू संगठन, स्वामी प्रसाद मौर्य के घर के बाहर हंगामा

लखनऊ राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के कांवड़ियों पर दिए बयान पर बवाल मच गया है। विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने उनके बयान पर आपत्ति दर्ज कराई और उनके लखनऊ स्थित घर का "जलाभिषेक" करने की बात कही है। इसे देखते हुए बृहस्पतिवार को स्वामी प्रसाद के घर के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। वहीं, सुबह विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कई नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के घर के बाहर हंगामा करने पहुंच गए। हालांकि, यहां पर पहले से ही पुलिसकर्मी तैनात हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य ने बयान दिया था कि भगवान शिव को इतने भोले हैं कि उन्हें भोलेबाबा कहा जाता है और ये कांवड़िये उनके नाम पर तोड़फोड़ और उपद्रव कर रहे हैं। ये कांवड़िये नहीं बल्कि सत्ता संरक्षित गुंडे हैं। सरकार को इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे लोगों के पोस्टर लगाए जाएंगे। स्वामी ने कहा कि कांवड़ियों के कारनामों की सारी रिकॉर्डिंग है। उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए लेकिन नहीं की जा रही है क्योंकि ये कांवड़िये नहीं सत्ता संरक्षित गुंडे हैं। उनके इस बयान पर बवाल मच गया है।   बता दें कि इसके पहले सीएम योगी बयान दिया था कि कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। जो लोग भी उपद्रव कर रहे हैं उनके पोस्टर लगाए जाएंगे और यात्रा समाप्त होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

24 घंटे में 4.5 इंच बारिश का अनुमान, जबलपुर सहित 20 जिलों में रेड अलर्ट, मड़ीखेड़ा डैम से छोड़ा जा रहा पानी

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। आज जबलपुर समेत 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भारी बारिश का दौर बना रहेगा। अगले 24 घंटे में इन जिलों में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इससे पहले बुधवार को नर्मदापुरम के इटारसी में बाढ़ जैसे हालात रहे। भोपाल, इंदौर समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। अगले चार दिन तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग कि सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच बारिश बुधवार को छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच पानी गिर गया। वहीं, गुना में 1.8 इंच, नर्मदापुरम-ग्वालियर में 1.5 इंच, शाजापुर में 1.2 इंच और शिवपुरी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, दतिया, इंदौर, शिवपुरी, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर के नौगांव, टीकमगढ़, बालाघाट के मलाजखंड, श्योपुर, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा समेत कई जिलों में बारिश का दौर चला। सीजन में अब तक औसतन 21.1 इंच बारिश हुई मध्यप्रदेश में इस सीजन में औसत 21.1 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 14.1 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिले भी बेहतर स्थिति में हैं। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।  मौसम विभाग ने आज जबलपुर समेत 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भारी बारिश का दौर बना रहेगा। अगले 24 घंटे में इन जिलों में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में अभी मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। अगले चार दिन तक कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। पचमढ़ी में 3.4 इंच बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान पचमढ़ी में 3.4 इंच पानी गिर गया। छिंदवाड़ा में 2.6 इंच, गुना में 2.3 इंच, बालाघाट के मलाजखंड में 2.1 इंच, नर्मदापुरम में 1.8 इंच, ग्वालियर में 1.5 इंच, श्योपुर में 1.1 इंच, मंडला में 1 इंच बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, उमरिया, सिवनी, खजुराहो, जबलपुर, नौगांव, सागर, बैतूल, सीधी, रायसेन, दमोह, शिवपुरी में भी बारिश का दौर रहा। इस बार 7 इंच बारिश ज्यादा मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21.1 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 14.1 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिले भी बेहतर स्थिति में हैं। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। 10 साल में बारिश का ट्रेंड, पहले भोपाल के बारे में जानिए भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 में हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। साल 2024 में पूरे जुलाई महीने में 15.70 इंच बारिश हुई थी। भोपाल में जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है यानी हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है। अगले चार दिन ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, मध्यप्रदेश में मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसलिए बारिश हो रही है। अगले चार दिन तक मौसम ऐसा ही रहेगा। कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को भी 20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में गिरा पानी रायसेन, उज्जैन, डिंडौरी , नर्मदापुरम, सिवनी मालवा सहित कई जिलों में बुधवार को अच्छी बारिश हुई। उज्जैन में तेज पानी गिर। भोपाल में बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। इटारसी में बाजार और सरकारी रेस्ट हाउस में पानी भर गया। जमानी गांव का बिजली सब स्टेशन डूब गया। सिवनी मालवा तहसील के ग्रामीण इलाकों में खेत और रास्ते डूबे रहे। छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच पानी गिर गया। गुना में 1.8 इंच, नर्मदापुरम-ग्वालियर में 1.5 इंच, शाजापुर में 1.2 इंच और शिवपुरी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल पहुंचा। फिर कर्नाटक में दस्तक दी। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। तब से सूबे में झमाझम बारिश हो रही है। अब तक 537 मिमी पानी बरस चुका है। यह सामान्य वर्षा 359 मिमी से 49 फीसदी ज्यादा है। निवाड़ी में सबसे ज्यादा 225 फीसदी पानी बरसा। छतरपुर में 177, मंडला 102, टीकमगढ़ 165, अशोकनगर 116, ग्वालियर 142, मुरैना 131, श्योपुर 191 और शिवपुरी में 141 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। 

उज्जैन में युवक को आया हार्टअटैक, डॉक्टरों ने 12 शॉक और CPR से किया जीवनदान

उज्जैन अगर समय रहते कोशिश की जाए, तो किसी की जान बचाई जा सकती है. सवाल केवल अपनी सतर्कता का है. उज्जैन जिले के नागदा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला, जहां हार्ट अटैक के बाद अस्पताल के स्टाफ की तत्परता ने युवक की जान बचा ली.  उज्जैन में नागदा के एक प्राइवेट अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक को अस्पताल की ओपीडी में चेकअप के दौरान अचानक हार्ट अटैक आ गया. युवक अस्पताल की कुर्सी पर बैठे-बैठे ही नीचे गिर पड़ा और उसकी धड़कनें बंद हो गईं. लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी. यह पूरा घटनाक्रम अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय सनी गेहलोत निवासी ग्राम रूपेटा सीने में दर्द की शिकायत के बाद नागदा के चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में चेकअप कराने आया था. डॉक्टर उसकी ब्लड प्रेशर जांच कर ही रहे थे कि तभी वह अचानक बेहोश होकर गिर गया. डॉक्टरों ने तुरंत जांच की तो उसकी पल्स और बीपी नहीं मिल रहा था. स्थिति को भांपते हुए डॉक्टरों ने तत्काल CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी देना शुरू किया. सीने में दर्द होने की शिकायत लिए 30 साल का एक युवक सनी गेहलोत नागदा के चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचा था. डॉक्टर उनका ब्लड प्रेशर जांच रहे थे, तभी वह कुर्सी पर बैठे-बैठे अचेत होकर गिर पड़ा. जांच में न तो उसकी पल्स मिली और न ही ब्लड प्रेशर. तुरंत डॉक्टरों ने सीपीआर और इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी देने का निर्णय लिया और उपचार शुरू किया.  मरीज को तत्काल आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां उसे लगातार सीपीआर दी गई. डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और युवक की जान बच गई. यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जो अब वायरल हो रही है.  डॉ. सुनील चौधरी ने बताया कि करीब 40 मिनट तक सीपीआर और इलेक्ट्रिक शॉक दिए गए, जिसके बाद युवक की धड़कन शुरू हुई. प्राथमिक उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है.यह घटना मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे की है.  जानकारी के अनुसार, ग्राम रूपेटा निवासी सनी गेहलोत सीने में दर्द की शिकायत लेकर चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचा था. ओपीडी में डॉक्टर उसे देख रहे थे, तभी अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वह कुर्सी पर बैठे-बैठे गिर गया. इस दौरान उसे लगभग 12 बार शॉक और 40 मिनट तक सीपीआर दिया गया, जिससे उसकी जान बच सकी. 40 मिनट तक चला CPR, 12 बार दिए गए इलेक्ट्रिक शॉक डॉ. सुनील चौधरी ने बताया कि सनी को ICU में शिफ्ट कर 40 मिनट तक CPR दिया गया और 12 बार इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी दी गई. आखिरकार डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और युवक की धड़कनें फिर से चलने लगीं. प्रारंभिक इलाज के बाद युवक को इंदौर रेफर कर दिया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. अस्पताल के OPD में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है. फुटेज में साफ दिखता है कि कैसे युवक कुर्सी से गिरा और कैसे डॉक्टरों ने बिना देरी किए CPR शुरू किया.

नदी में नहाना बना जानलेवा: खारून में डूबे दो किशोर, एक की लाश बरामद

दुर्ग अमलेश्वर थाना क्षेत्र में खारून नदी में 2 नाबालिग डूब गए. घटना बुधवार की है जब 6 दोस्त नदी में नहाने उतरे थे. इस दौरान अचानक तेज बहाव और भंवर में फंसने के बाद 2 युवक डूब गए. SDRF के टीम ने गुरुवार को एक 16 वर्षीय नाबालिग के शव को गुरुवार सुबह बरामद किया. जबकि दूसरे 15 वर्षीय युवक की तलाश अब भी जारी है. जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान आशीष सरोज (16 वर्ष), पिता पंकज सरोज, बजरंग नगर वार्ड 37 निवासी के रूप में हुई है. वह बीते दिन ग्राम जमराव के 5 नाबालिग दोस्तों के साथ अमलेश्वर थाना क्षेत्र में खारून नदी में नहाने गया था. नहाते समय पानी के तेज बहाव और भंवर में फंस जाने से आशीष और उसका दोस्त यशवंत हरपाल (15 वर्ष) बह गए. उन्हें डूबता देखकर बाकी 4 दोस्तों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया. लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी और डूबते नाबालिगों को ढूंढने और बचाने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे. डीप डाइविंग से निकाला गया शव SDRF की टीम ने पूरी रात आठ घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. लेकिन दोनों को नहीं ढूंढा जा सका था. वहीं आज गुरुवार सुबह डीप डाइविंग के अनुभवी जवान इंद्रपाल यादव और राजकुमार यादव ने दो घंटे की मेहनत के बाद आशीष का शव नदी से बाहर निकाला और पुलिस के सुपुर्द किया. लेकिन यशवंत अब तक नहीं मिल सका है. यशवंत की तलाश अब भी जारी है. पुलिस ने आशीष के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भिजवाया है. घटना से गांव और परिजनों में शोक की लहर है.

होटल ले जाने के मामले में टीचर को मिली जमानत, कोर्ट ने सहमति का किया उल्लेख

मुंबई  नाबालिग छात्र के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार हुईं मुंबई की एक शिक्षिका को जमानत मिल गई है। मुंबई की एक कोर्ट ने सबूतों के आधार पर कहा कि दोनों के बीच सहमति से संबंध बने थे। टीचर पर आरोप थे कि उसने कई मौकों पर फाइव स्टार होटल ले जाकर नाबालिग छात्र का यौन शोषण किया है। अदालत ने जमानत देते समय आरोपी शिक्षिका पर पीड़ित से किसी तरह का संबंध नहीं साधने की शर्तें लगाई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आदेश में कहा है कि सबूत दिखाते हैं दोनों के बीच सहमति से संबंध थे। स्पेशल जज सबीना मलिक ने कहा, 'आरोपी ने स्कूल से इस्तीफा दे दिया था, तो छात्र और शिक्षिका के बीच संबंध की बात नहीं है। ऐसे में प्रभाव उतना नहीं है।' जज ने कहा कि ट्रायल पूरा होने में समय लगेगा और आरोपी को तब तक हिरासत में रखने से कुछ नहीं मिलेगा। इधर, पीड़ित ने जमानत याचिका का विरोध किया है। पक्ष का कहना है कि अगर महिला को जमानत मिलती है, तो वह एक बार फिर छात्र को डराने धमकाने के रास्ते खोज लेगी। साथ ही कहा गया है कि वह सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ कर सकती है। इसपर जज ने कहा कि जरूरी शर्तें लगाई जा सकती हैं, जिनके जरिए ऐसी आशंकाओं को दूर किया जा सकेगा। जज ने कहा कि आरोपी किसी भी तरह से पीड़ित से संपर्क नहीं करेगी। किसी भी गवाह या पीड़ित को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उकसाने, डराने या किसी चीज का वादा करने की रोक लगाई जाती है। जज ने यह भी साफ किया है कि इन शर्तों का उल्लंघन करने से जमानत तुरंत रद्द हो जाएगी। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की तरफ से दिए गए आवेदन में महिला ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। साथ ही उसका कहना है कि यह मामला झूठा और लड़के की मां के कहने पर किया गया है, क्योंकि वह उनके रिश्ते के खिलाफ थीं। महिला ने याचिका में लड़के से बातचीत के सबूत पेश किए और कहा है कि उसके पैरेंट्स को रिश्ते के बारे में पता था। वह इसके खिलाफ थे। क्या था केस पुलिस का दावा है कि शिक्षा नाबालिग छात्र के प्रति दिसंबर 2023 में आकर्षित हुई थी। उसने कथित तौर पर जनवरी 2024 में पहली बार यौन संबंधों की पेशकश की। FIR में कहा गया है कि शिक्षिका नाबालिग छात्र को बड़े होटलों में ले जाती थी, जहां कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया जाता था। खबरें हैं कि टीचर ने कई बार शोषण करने से पहले छात्र को नशीला पदार्थ दिया।

मेरठ में मंदिर में पूजा करता मिला कासिम उर्फ कृष्ण, पिता हैं बिहार में मौलवी

मेरठ  उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां बिहार के एक मौलवी का बेटा मोहम्मद कासिम खुद को कृष्ण बताकर मंदिर में रह रहा था और पूजा-पाठ कर रहा था. एक साल तक पहचान छिपाकर मंदिर में रह रहे इस युवक का खुलासा उस वक्त हुआ जब मंदिर परिसर में आए कुछ लोगों को उस पर शक हुआ. पूछताछ में उसने सच स्वीकार कर लिया. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. जब कुछ ग्रामीणों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ तो उससे पहचान के लिए आधार कार्ड मांगा गया, तो वह पहले तो बहानेबाजी करता रहा. फिर कुछ समय के लिए गांव से गायब हो गया. बाद में अचानक मंदिर में दोबारा आकर रहने लगा. इसी दौरान एक बार फिर उसके व्यवहार पर लोगों को शक हुआ और अंततः उसकी असलियत सामने आ गई. मंदिर में ऐसे घुसा  दरअसल, मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर लंबे समय से पुजारी नहीं थे. एक साल पहले एक युवक गांव में पहुंचा और खुद को कृष्ण पुत्र संतोष, निवासी दिल्ली बताकर मंदिर में रहने की अनुमति मांगी. ग्रामीणों को कोई आपत्ति नहीं हुई, क्योंकि मंदिर की देखरेख करने वाला कोई नहीं था. उन्होंने युवक को  अनुमति दे दी. कृष्ण के रूप में पहचाने गए इस युवक ने मंदिर में रहकर न केवल पूजा-पाठ शुरू किया, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों का विश्वास भी धीरे-धीरे हासिल कर लिया. सुबह-शाम पूजा, प्रसाद वितरण, हवन जैसे धार्मिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता था. इसके अलावा वह हस्तरेखा और ज्योतिष से जुड़ी बातें भी करने लगा, जिससे ग्रामीण उसे धर्मगुरु की तरह मानने लगे. पहचान पर उठे सवाल और फिर… कुछ समय बाद गांव के कुछ लोगों को उसकी भाषा, व्यवहार और व्यक्तित्व में कुछ अलग नजर आया. जब उससे उसके पहचान पत्र की मांग की गई, तो वह टालमटोल करने लगा और आधार कार्ड लाने के बहाने 15 दिन के लिए गायब हो गया. इससे ग्रामीणों का शक गहरा गया. कई दिनों बाद वह पुनः मंदिर में आकर रहने लगा. इसके कुछ दिन बाद, जब मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया, वह वहां भी पहुंचा और मंदिर के एक कमरे से कुछ सामान निकालने लगा. इसी दौरान वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और पूछताछ शुरू की. बात बढ़ते-बढ़ते इतनी गंभीर हो गई कि कुछ लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को बुला लिया. पुलिस जांच में खुली असलियत पुलिस मौके पर पहुंची और युवक से सख्ती से पूछताछ की. शुरुआती पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद कासिम बताया और स्वीकार किया कि वह मूलतः बिहार का रहने वाला है. यही नहीं, उसने यह भी स्वीकारा कि उसके पिता का नाम अब्बास है जो कि बिहार में मौलवी हैं. पुलिस के मुताबिक, कासिम कई महीनों से मंदिर में रह रहा था और दान-पुण्य की राशि को भी अपने व्यक्तिगत उपयोग में ला रहा था. एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम सिंह ने  बताया कि थाना दौराला क्षेत्र स्थित एक मंदिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति स्वयं को हिंदू बताकर पुजारी के रूप में रह रहा है. मौके पर पहुंचकर पूछताछ की गई तो व्यक्ति की पहचान मोहम्मद कासिम, निवासी बिहार के रूप में हुई. उसने अपना नाम बदलकर कृष्ण रख लिया था और मंदिर में रहकर पूजा-पाठ के नाम पर दान-दक्षिणा भी एकत्र कर रहा था. पुलिस ने बताया कि मंदिर से दान की गई राशि के गलत इस्तेमाल और धार्मिक पहचान छिपाकर आस्था से खिलवाड़ करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. बिहार से सत्यापन जारी पुलिस ने आरोपी के दावों की पुष्टि के लिए बिहार पुलिस से संपर्क साधा है और उसके निवास की जांच कराई जा रही है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह कोई सुनियोजित साजिश थी या किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए की गई धोखाधड़ी. एसपी सिटी ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में कोई और व्यक्ति भी संलिप्त पाया गया या अगर कोई संगठित प्रयास नजर आता है, तो उस दिशा में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.