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OTT और वेबसाइट्स पर सेंसर का शिकंजा, 40 ऐप्स पर एक साथ बैन

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सॉफ्ट पॉर्न और एडल्ट कंटेंट दिखाने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक करने का फैसला किया है। जिन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ ऐक्शन लिया गया है, उनमें उल्लू और ऑल्ट बालाजी (ALTT) जैसे कुछ चर्चित ओटीटी हैं। उल्लू के हाउस अरेस्ट शो के लेकर पिछले साल काफी बवाल भी हुआ था। सरकार की ओर से बताया गया कि यह ऐक्शन गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विधि मामलों के विभाग, उद्योग संगठनों (FICCI, CII) और महिला एवं बाल अधिकार विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने निर्देश जारी करके सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स से इन्हें ब्लॉक करने को कहा है। 'हाउस अरेस्ट' को लेकर हुआ था बवाल पिछले साल जुलाई-अगस्त में सरकार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ओर से उल्लू और ALTT प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। दूसरे प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ भी कई सार्वजनिक शिकायतें आई थीं। मंत्रालय द्वारा मई 2025 में हस्तक्षेप के बाद उल्लू ने ‘हाउस अरेस्ट’ वेब सीरीज को हटाया था। अश्लील कंटेट को लेकर दी गई थी चेतावनी सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस साल 19 फरवरी को सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को आईटी नियम, 2021 के तहत निर्धारित कोड ऑफ कंडक्ट और भारत में लागू अश्लीलता से संबंधित कानूनों का पालन करने की एडवाइजरी जारी की गई थी। इससे पहले सितंबर 2024 में सभी 25 प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया गया था। सरकार को दे रहे थे चकमा इसके बावजूद उन्होंने आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करना जारी रखा। इसके अलावा, पहले से ब्लॉक किए गए पांच प्लेटफॉर्म्स ने नए डोमेन पर फिर से अश्लील कंटेंट दिखाना शुरू कर दिया। सरकार की चेतावनी के बाद उल्लू से 100 से अधिक वेब सीरीज हटाई गईं, लेकिन यह पाया गया कि प्लेटफॉर्म उन्हें अस्थायी रूप से हटाकर बाद में फिर से बिना एडिट किए प्रसारित कर देता था। कहानी नहीं, सिर्फ अश्लीलता सरकार का कहना है कि इन साइट्स और ऐप्स पर सेक्सुअल सीन्स और कई जगहों पर नग्नता दिखाई जाती थी, जिससे यह पोर्नोग्राफिक श्रेणी में आता है। कंटेंट में किसी भी प्रकार की ठोस कहानी, सामाजिक संदेश या थीम की कमी थी। ऐसे सीन्स सिर्फ व्यूरशिप के लिए दिखाए जाते थे और इसी वजह से इन्हें बैन किया है। इंटरनेट सर्विस कंपनियों को निर्देश सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नोटिफिकेशन में इंटरनेट सर्विस देनी वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि प्रतिबंधित सामग्री होस्ट करने के लिए चिह्नित इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की ऐप्स-वेबसाइटों की सार्वजनिक पहुंच को प्रतिबंधित करें। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि आईटी ऐक्ट 2000 और इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी (इन्टर्मीडीएरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021 के तहत इन्टर्मीडीएरी यानी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स की जिम्मेदारी है कि वे अवैध जानकारी को हटाएं या उसकी पहुंच को बंद करें। इन ऐप्स पर लगा बैन सरकार ने जिन पर बैन लगाया है उनके नाम हैं- देसीफ्लिक्स, बूमेक्स, निऑनएक्स वीआईपी, नवरसा लाइट, गुलाब ऐप, कंगन ऐप, बुल ऐप, शो हिट, जलवा ऐप, वाउ एंटरटेनमेंट, लुक एंटरटेनमेंट, हिटप्राइम, फुगी, फेनेओ, शोएक्स, सोल टॉकीज, अड्डा टीवी, ऑल्ट बालाजी (ALTT), हॉटएक्स वीआईपी, हलचल ऐप,मूडएक्स, ट्राईफ्लिक्स, उल्लू और मोजफ्लिक्स।

रणवीर सिंह, श्रीलीला और बॉबी देओल की मेगा फिल्म का टाइटल जल्द होगा रिवील!

मुंबई, रणवीर सिंह, श्रीलीला और बॉबी देओल की आने वाली फिल्म के टाइटल की घोषणा जल्द की जा सकती है। रणवीर सिंह, श्रीलीला और बॉबी देओल के एक साथ आने की खबर ने सबको चौंका दिया है। यह तिकड़ी पहली बार किसी प्रोजेक्ट में साथ नजर आने वाली है, और फैंस में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर फिल्म का टाइटल क्या होगा। दिलचस्प बात यह है कि इसका ऐलान जल्द ही हो सकता है। इस मेगा प्रोजेक्ट को लेकर शुरू से ही जबरदस्त बज बना हुआ है। जब रणवीर सिंह को महबूब स्टूडियो में देखा गया, फिर उसके बाद बॉबी देओल और श्रीलीला भी वहीं नजर आए, तो फैंस की उत्सुकता और बढ़ गई। टाइटल से लेकर बाकी डीटेल्स तक हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है कि इन तीनों स्टार्स को साथ में स्क्रीन पर देखना कैसा धमाका करेगा।यह वाकई एक खास अनुभव होने वाला है जब ये तीनों दमदार परफॉर्मर एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। रणवीर सिंह की जबरदस्त एनर्जी और वैर्सेटिलिटी, श्रीलीला का शानदार चार्म और बॉबी देओल की दबदबा बनाने वाली स्क्रीन प्रेजेंस, इन सबके साथ ये प्रोजेक्ट साल के सबसे बड़े सिनेमाई धमाकों में से एक बनता जा रहा है।  

सही खानपान और नियमित जीवनशैली अपनाकर दिखें हमेशा जवां-जवां

खूबसूरत, खिली-खिली और जवां त्वचा का राज है-सही खानपान और नियमित जीवनशैली। अगर आपने इन पर संतुलन बनाना सीख लिया, तो उम्र की लहर आपको छू भी नहीं सकती। तेज जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण, जीवनशैली पर भौतिकता का प्रभाव और कार्य का स्वरूप और तनाव जैसी वजहों से छोटी उम्र में ही बढ़ती उम्र के निशान नजर आने लगते हैं। ऐसे में सिर्फ कॉस्मेटिक्स से त्वचा की देखभाल नहीं की जा सकती है। शोध से यह साबित हो चुका है कि फल-सब्जियों के अलावा ऐसे बहुत सारे फूड्स हैं, जिनमें एंटी-एजिंग तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। खान-पान का हमारे यहां पहले से ही बड़ा महत्व है। पौष्टिक और संतुलत भोजन हमारे पारंपरिक जीवन का अभिन्ना अंग है। इसकी जरूरत न सिर्फ स्वस्थ शरीर के लिए है, बल्कि खूबसूरत त्वचा के लिए भी है। अपनी त्वचा को युवा, लचीली और ग्लोइंग कैसे बनाएं इसके लिए त्वचा की ऊपरी देखभाल के साथ-साथ अपने खान-पान पर भी ध्यान देने की जरूरत है। यहां डर्मेटोलॉजिस्ट, डाइटीशियन एवं न्यूट्रिशनिस्टब बता रहे हैं खास एंटी एजिंग फूड आइटम्स के बारे में, जिन्हें आप अपने रोजमर्रा के भोजन में शामिल करके लंबे समय तक जवां रह सकती हैं। पालक: हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक व वॉटरक्रेस (जलकुंभी) में ल्यूटिन पर्याप्त मात्रा में होता है, जो उम्र के साथ होने वाली आंखों की बीमारियों और झुर्रियों को दूर करने में सहायक होता है। इससे न सिर्फ त्वचा बल्कि आंखों और बालों को भी पोषण मिलता है। ब्ल्यूबेरी: इसमें ओरैक प्रचुर मात्रा में होता है, जो त्वचा को ढीली पड़ने से बचाने में मदद करता है। स्ट्रॉबेरी, रॉस्पबेरी, प्लम और ब्लैकबेरी में भी एंथोसियानिंस होता है, जो हृदय रोग और कैंसर के खतरों से बचाव करता है। संतरा: कीवी फ्रूट, शिमला मिर्च, ब्रॉक्ली की तरह संतरा भी विटमिन सी युक्त होता है, जो क्षतिग्रस्त हुए फ्री रेडिकल्स की मरम्मत कर एजिंग से बचाव करने में सहायक होता है। ब्रिटेन में 40-74 साल की उम्र की 4, 025 स्त्रियों पर हुए एक शोध में पाया गया कि विटामिन सी झुर्रियों से छुटकारा दिलाने में 36 फीसद सहायक होता है। मेवे (नट्स): आमतौर पर सभी सूखे मेवे सेलेनियम के अच्छे स्रोत होते हैं। सेलेनियम एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है, जो एजिंग के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। काबुली चने: बींस और दालों में ऑरैक स्केल बहुत उच्च होता है। ज्यादातर दालों (विशेषकर चना दाल, मूंग दाल, राजमा और मसूर की दाल) और बींस में फाइटेट्स और फाइटोएस्ट्रोजेन नामक तत्व होता है, जो कुछ खास तरह के कैंसर से बचाव करने में सहायक होता है। बींस में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा होती है, इसी वजह से हमारी पारंपरिक थाली में बींस का खास स्थान है। दही: 150 ग्राम दही कैल्शियम की दैनिक जरूरत का 1/3 हिस्सा पूरा करता है। नियमित व्यायाम के साथ-साथ विटमिन डी और कैल्शियम युक्त दही का सेवन करते रहने से हड्डियां मजबूत बनती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा भी नहीं रहता। टमाटर: टमाटर में लाइकोपीन पर्याप्त मात्रा में होता है जो त्वचा में कसाव लाकर लकीरों से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है। एक शोध के मुताबिक अपने दैनिक आहार में 5 टेबल स्पून टमाटर का पेस्ट शामिल करने से त्वचा कांतिमय हो जाती है। उसमें कसाव आ जाता है। साथ ही यह त्वचा को हानिकारक यूवी किरणों से 33 प्रतिशत बचाता है। टमाटर को खाने के साथ-ही साथ त्वचा में कसाव के लिए लगाया भी जा सकता है। ऑयली फिश: मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है विशेषकर सालमन, टूना, सोल और बास मछली में। यह ब्लड कोलेस्ट्रॉल को निम्न रखने और हार्ट अटैक या स्ट्रोक के खतरों को कम करता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड याददाश्त कमजोर होने से बचाता है। साथ ही त्वचा पर नजर आने वाली लकीरों को कम करने में मदद करता है। शाकाहारियों के फ्लेकसीड्स और वॉलनट ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत माना जाता है। ओट्स: इसमें बीटाग्लूकैन नामक सॉल्युबल फाइबर होता है जो कोलेस्ट्रॉल को बॉडी से बाहर निकालने में मदद करता है। ओट्स सेलिसिक का एक अच्छा स्रोत है। ये ऐसे सेल्स का निर्माण करता है जो त्वचा के कोलेजेन और लचीलेपन को बढ़ाने में मदद करते हैं। ओट्स और दूध से बेहतर ब्रेकफॉस्ट कोई अन्य नहीं है। यह वजन कंट्रोल करने और घटाने में भी मदद करेगा। ऑलिव्स: एक शोध के मुताबिक जो लोग प्रतिदिन ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) का सेवन करते हैं उनमें 41 फीसद स्ट्रोक्स का खतरा कम होता है। ऑलिव ऑयल के अलावा कैनोला ऑयल भी काफी उपयोगी होता है। इसमें ऑलिव ऑयल की तुलना में कम सैचुरेटेड फैट होता है और यह ओमेगा 3 का एक बेहतरीन स्रोत है। इनसे बचें… न कहें सैचुरेटेड फैट को: एक डाइटरी स्टडी के मुताबिक असमय झुर्रियों का सबसे गहरा ताल्लुक मीट (विशेषकर प्रॉसेस्ड मीट मसलन सॉसेज और बर्गर), मक्खन, हार्ड फैट और फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स से होता है। बेहतरी इसी में है कि प्रोसेस्ड मीट, अधिक घी-तेल वाले भोजन और बार-बार उसी तेल के इस्तेमाल से बचें। एल्कोहॉल से करें तौबाः यह त्वचा की सतह के पास रक्तसंचार को बढ़ा देता है। साथ ही यह छोटी रक्त नलिकाओं को फैला देता है। कुछ समय बाद यह स्थायी तौर पर नष्ट हो जाती हैं और रक्त नलिकाओं के फट जाने के कारण त्वचा पर झुर्रियां साफ नजर आने लगती हैं। एल्कोहल शरीर को डीहाइड्रेट कर देता है। पानी की कमी से त्वचा पर असमय झुर्रियां हो जाती है। अगर आप लंबे समय तक जवां रहने की तमन्नाी रखती हैं तो एल्कोहल को हमेशा के लिए लिए दरकिनार करना जरूरी है। चीनी कमः चीनी के सेवन को कम करने से केवल आपका वजन ही नहीं कम होगा बल्कि आपकी त्वचा पर नजर आने वाली झुर्रियां भी कम होंगी। ब्रिटेन में हुए एक शोध के अनुसार 50 ग्राम अधिक कार्बोहाइड्रेट लेने से (250 मिली की दो सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा के बराबर) झुर्रियां होने का खतरा 28 फीसद तक बढ़ जाता है। चीनी और प्रोटीन से मिलकर बने अणु कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही त्वचा को स्वस्थ, एकसार और जवां बनाने में मदद करने वाले फाइबर को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इस कारण असमय … Read more

भाषा बनी हिंसा की वजह? तमिलनाडु में बंगाली युवकों से मारपीट, पश्चिम बंगाल में केस

तिरुवल्लुर महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद की आग अब तमिलनाडु में भी पहुंच गई है। राज्य के तिरुवल्लुर जिले में पश्चिम बंगाल के चार युवकों को पीटने का मामला सामने आया है। चार युवकों बंगाली में बात करने के लिए पीटा गया है। बंगाली में बात कर रहे स्थानीय लोगों ने इन युवकों को बांग्लादेशी समझा और बेरहमी से पीट दिया। इस संबंध में पीड़ितों के परिवार ने मुर्शिदाबाद जिले में 17 जुलाई को पुलिस शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के अनुसार, सुजान शेख, उनके भाई मिलन शेख, साहिल शेख और बाबू शेख तीन हफ्ते पहले चेन्नै गए थे। वहां पर वे निर्माण कार्य में लगे हुए थे। जहां उनकी पिटाई की गई। घटना 15 जुलाई की शाम की है, जब वे तिरुवल्लुर में थे। बंगाली में बात करते सुना तो पीट डाला सुजान के पिता द्वारा दर्ज शिकायत में कहा गया कि जब कुछ स्थानीय लोगों ने उनसे नाम और पता पूछा और बांग्ला में बात करते सुना, तो उन्होंने उन्हें बांग्लादेशी समझकर लोहे की छड़ों और लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। इस हमले में चारों घायल हो गए और सरकारी मेडिकल कॉलेज तिरुवल्लुर में प्राथमिक उपचार के बाद वे तुरंत मुर्शिदाबाद लौट आए। पीड़ित सुजान और मिलन के पिता आशाबुल शेख ने बताया कि मेरे छोटे बेटे का हाथ टूट गया। उसकी सर्जरी हुई है और वह अब भी नर्सिंग होम में भर्ती है। बड़े बेटे को भी गंभीर चोटें आई हैं और दोनों को कई हफ्तों तक बिस्तर पर रहना होगा। मजदूरी भी नहीं मिली इस हमले में घायल मिलन शेख ने बताया कि हम बहुत डरे हुए थे। हम पहली बार चेन्नै काम करने गए थे। 11 दिन की मजदूरी भी नहीं मिली। घर लौटने के लिए मैंने अपने पिता से 12 हजार रुपये मंगवाए। पीड़ितों के परिवार ने प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। षा युद्ध की बात कर माहौल बनाने लगीं ममता पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में अब करीब 10 महीने का ही समय बचा है। अगले साल अप्रैल-मई में राज्य में इलेक्शन होने वाले हैं। इससे ठीक पहले उन्होंने बांग्ला भाषा का मसला उठाना तेज कर दिया है। देश के कई हिस्सों में अवैध बांग्लादेशियों का मुद्दा उठाए जाने को उन्होंने बंगालियों के उत्पीड़न से जोड़ दिया है। गुरुवार को कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अब हमें फिर से एक भाषा आंदोलन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों को बांग्लादेशी कहकर हिरासत में लिया जा रहा है। उन्हें काम करने से रोका जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि यह स्थिति तो भाषाई आतंकवाद जैसी है। इस तरह भाषा को मुद्दा बनाना और एक नए आंदोलन की बात से ममता बनर्जी ने संदेश दे दिया है कि वह चुनाव तक इस मसले को खींचने की तैयारी में हैं। पहले भी ममता बनर्जी चुनावों में बांग्ला कार्ड चलती रही हैं। ऐसे में ममता बनर्जी का रुख एक बार फिर से उसी तरफ बढ़ता दिख रहा है। ममता दीदी ने कहा, 'बंगाली भाषा के खिलाफ जिस तरह का भाषायी आतंकवाद शुरू किया है, वह खतरनाक है। बंगाली भाषा दुनिया में 5वीं सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। देश में 30 करोड़ लोग बांग्लाभाषी हैं। फिर भी इन लोगों को जेल में डाला जा रहा है। हमें इसे स्वीकार नहीं कर सकते।' उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेरी ही बात नहीं है बल्कि तमाम बांग्ला भाषी लोगों की है। इस तरह हम लोगों की भाषा पर हमला नहीं हो सकता। बंगाल हम लोगों के लिए सब कुछ है और हम अपनी जमीन बचाने के लिए कुछ भी करेंगे। उन्होंने कहा कि बांग्ला भाषा के नाम पर किसी को हिरासत में रखे जाने को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। दरअसल हाल ही में एनसीआर के गुरुग्राम में बांग्ला भाषी कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। बता दें कि बांग्ला भाषी लोगों की आबादी बंगाल के अलावा बड़ी संख्या में असम, त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी है।

संदीप रेड्डी वांगा ने किया ‘सैयारा’ का समर्थन, मोहित सूरी ने कहा शुक्रिया

मुंबई, बॉलीवुड निर्देशक मोहित सूरी ने फिल्म सैयारा का समर्थन करने के लिये संदीप रेड्डी वांगा का शुक्रिया अदा किया है। मोहित सूरी के निर्देशन में बनी और वाईआरएफ के सीईओ अक्षय विधानी निर्मित सैयारा,18 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुयी है। फिल्म सैयारा बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुयी है।मोहित सूरी ने फिल्म सैयारा को सपोर्ट करने के लिए निर्देशक संदीप वांगा रेड्डी का शुक्रिया अदा किया है।   मोहित सूरी ने इंस्टाग्राम पर संदीप वांगा रेड्डी की एक तस्वीर शेयर की। उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'संदीप, सैयारा का खुलकर समर्थन करने और उसमें विश्वास दिखाने के लिए धन्यवाद। एक ऐसे फिल्ममेकर से यह सुनना मेरे लिए बहुत खास है, जिनके काम की मैं कद्र करता हूं।' मोहित सूरी ने लिखा, 'आपकी कहानियों की सच्चाई, निडरता और गहराई हमेशा मुझे प्रभावित करती है। यह मुझे याद दिलाता है कि हम क्यों लोगों को प्रेरित करने और उनसे जुड़ने का काम करते हैं। आपके जैसे कहानीकारों के साथ इस सफर में होने के लिए मैं आभारी हूं। और बेहतरीन सिनेमा के लिए और हमेशा आपका प्रशंसक।' ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म 'सैयारा ' भारतीय बाजार में सात दिन में 172 करोड़ रूपये से अधिक की कमाई कर चुकी है।  

खून की कमी को दूर करने का बेस्ट तरीका है अंगूर

अंगूर एक ऐसा फल है जिसे आप साबुत खा सकते हैं। इनसे न तो छिलका उतारने का झंझट और न ही बीज का निकालने का। वैसे स्वास्थ्य के लिहाज से इसके कई फायदे हैं। आमतौर पर अंगूर दो तरह के होते हैं, हल्के हरे रंग के और काले रंग के। लेकिन आकार के आधार पर भी आप इन्हें विभाजित कर सकते हैं। अंगूर को एक विशेष प्रक्रिया के तहत सुखाकर किशमिश का रूप भी दिया जाता है। अंगूर में पर्याप्त मात्रा में कैलोरी, फाइबर और विटामिन सी, ई पाया जाता है।   अंगूर के लाजवाब स्वाद से तो हम सभी परिचित हैं लेकिन कम ही लोगों को पता होता है कि ये सेहत का खजाना भी है।   1. खून की कमी को दूर करने के लिए एक गिलास अंगूर के जूस में 2 चम्मच शहद मिलकार पीने से खून की कमी दूर हो जाती है। यह हीमोग्लोबिन को भी बढ़ाता है।   2. अगर आपको भूख नहीं लगती है और इस वजह से ही आपका वजन नहीं बढ़ पा रहा है तो भी आप अंगूर के रस का सेवन कर सकते हैं. इसके सेवन से कब्ज की समस्या तो दूर होती ही है, साथ ही भूख भी लगने लग जाती है।   3. हाल में हुए एक शोध के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम में अंगूर का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। इसके अलावा दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए भी ये विशेष रूप से फायदेमंद है।   4. माइग्रेन के दर्द से जूझ रहे लोगों के लिए अंगूर का रस पीना बहुत फायदेमंद होता है. कुछ समय तक अंगूर के रस का नियमित सेवन करने से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।   5. मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भी अंगूर बेहद फायदेमंद है। ये ब्लड में शुगर के लेवल को कम करने का काम करता है। इसके अलावा ये आयरन का भी एक बेहतरीन माध्यम है।   6. अंगूर में ग्लूकोज, मैग्नीशियम और साइट्रिक एसिड जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। कई बीमारियों में राहत के लिए अंगूर का सेवन करना फायदेमंद होता है। टीबी, कैंसर और ब्लड-इंफेक्शन जैसी बीमारियों में ये मुख्य रूप से फायदेमंद होता है।  

ग्रामोद्योग इकाइयों का बोर्ड अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने किया निरीक्षण

रायपुर, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने बीते बुधवार को विकासखंड कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत नारी और कोकड़ी का भ्रमण कर वहां संचालित ग्रामोद्योग इकाइयों की गतिविधियों का निरीक्षण किया।    निरीक्षण के दौरान पांडेय ने हथकरघा, माटीकला, रेशम धागाकरण सहित विभिन्न पारंपरिक एवं लघु उद्योगों के संचालन को देखा और सराहना की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, नवाचार और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ग्रामोद्योग द्वारा किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताया। पांडेय ने कहा कि ग्रामोद्योग से न केवल ग्रामीणों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक ग्रामोद्योग इकाई स्थापित हो, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।     निरीक्षण के दौरान ग्रामोद्योग विभाग रायपुर के उप संचालक पंकज अग्रवाल, पंचायत विभाग धमतरी के उप संचालक, जनपद पंचायत कुरूद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष को ग्राम स्तर पर चल रही गतिविधियों, समूहों की भागीदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा उत्पाद विपणन की जानकारी दी। पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के अन्य ग्रामों में भी इसी तर्ज पर इकाइयां विकसित की जाएं और स्व-सहायता समूहों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आने वाले समय में धमतरी जिले में कई नई ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना की संभावना जताई, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया जा सकेगा।    यह निरीक्षण न केवल वर्तमान कार्यों की समीक्षा का अवसर रहा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को आकार देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

ग्रामोद्योग इकाइयों का बोर्ड अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने किया निरीक्षण

रायपुर, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने बीते बुधवार को विकासखंड कुरूद अंतर्गत ग्राम पंचायत नारी और कोकड़ी का भ्रमण कर वहां संचालित ग्रामोद्योग इकाइयों की गतिविधियों का निरीक्षण किया।    निरीक्षण के दौरान पांडेय ने हथकरघा, माटीकला, रेशम धागाकरण सहित विभिन्न पारंपरिक एवं लघु उद्योगों के संचालन को देखा और सराहना की। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, नवाचार और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में ग्रामोद्योग द्वारा किए जा रहे कार्यो को महत्वपूर्ण बताया। पांडेय ने कहा कि ग्रामोद्योग से न केवल ग्रामीणों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक ग्रामोद्योग इकाई स्थापित हो, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।     निरीक्षण के दौरान ग्रामोद्योग विभाग रायपुर के उप संचालक पंकज अग्रवाल, पंचायत विभाग धमतरी के उप संचालक, जनपद पंचायत कुरूद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बोर्ड अध्यक्ष को ग्राम स्तर पर चल रही गतिविधियों, समूहों की भागीदारी, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा उत्पाद विपणन की जानकारी दी। पांडेय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के अन्य ग्रामों में भी इसी तर्ज पर इकाइयां विकसित की जाएं और स्व-सहायता समूहों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और विपणन के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने आने वाले समय में धमतरी जिले में कई नई ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना की संभावना जताई, जिससे विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया जा सकेगा।    यह निरीक्षण न केवल वर्तमान कार्यों की समीक्षा का अवसर रहा, बल्कि भविष्य की योजनाओं को आकार देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Elon Musk की इंटरनेट सेवा ‘फेल’, ढाई घंटे तक दुनिया भर में कनेक्टिविटी ठप

वॉशिंगटन Elon Musk की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्‍टारलिंक, जिसके आने का इंतजार भारत में बेसब्री से किया जा रहा है, गुरुवार को आउटेज का शिकार हो गई। करीब ढाई घंटों तक हजारों की संख्‍या में स्‍टारलिंक के सब्‍सक्राइबर्स इंटरनेट नहीं चला सके। तमाम देशों में यह आउटेज रिपोर्ट किया गया। कुछ लोगों ने इस बात पर निश्‍चिंतता जताई कि उनके पास 5जी नेटवर्क है। सैटेलाइट इंटरनेट को ब्रॉडबैंड और 5जी नेटवर्क से ज्‍यादा भरोसेमंद माना जाता है, खासतौर पर आपदा की स्‍थ‍िति में। ऐसे में उसका बंद होने सवाल पैदा करता है। स्‍टारलिंक में यह आउटेज क्‍यों आया, इसकी वजह भी आपको जाननी चाहिए। क्‍या है स्‍टारलिंक आउटेज रिपोर्टों के अनुसार, स्‍टारलिंक नेटवर्क में गुरुवार को दिक्‍कत आ गई थी। इसके चलते लोग इंटरनेट नहीं चला सके। हजारों की संख्‍या में लोग परेशान हुए। रिपोर्टों के अनुसार, इस तरह के आउटेज को रिपोर्ट करने वाली वेबसाइट डाउनड‍िटेक्‍टर पर 55 हजार से ज्‍यादा रिपोर्ट आईं। यानी काफी ज्‍यादा संख्‍या में लोग इंटरनेट नहीं चला पा रहे थे। कंपनी ने इस आउटेज की बात स्‍वीकार की। कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि दोबारा से ऐसा नहीं हो। एलन मस्‍क भी इस आउटेज को लेकर व्‍यथ‍ित दिखाई दिए। एलन मस्‍क ने मांगी माफी स्‍टारलिंक की सर्विस में आई रुकावट पर एलन मस्‍क ने भी माफी मांगी। उन्‍होंने कहा कि स्‍पेसएक्‍स सुनिश्चित करेगी कि आगे से इस तरह की रुकावट ना आए। कंपनी दुनिया के 130 से ज्‍यादा देशों में अपनी सर्विस देती है। सर्विस में रुकावट की कंप्‍लेंट दुनियाभर से आई। यूरोपीय देश जर्मनी हो या फ‍िर जिम्‍बॉब्‍वे, स्‍टारलिंक के सब्‍सक्राइबर्स कई घंटों तक रुकावट झेलते रहे। स्‍टारलिंक की सर्विस में क्‍या थी परेशानी स्‍टारलिंक के वीपी ऑफ इंजीनियरिंग Michael Nicolls ने एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में बताया कि लगभग 2.5 घंटे तक चले नेटवर्क आउटेज को ठीक कर लिया गया है। उन्‍होंने ल‍िखा कि आउटेज, कोर नेटवर्क को ऑपरेट करने वाले प्रमुख इंटरनल सॉफ्टवेयर सर्विस के फेलियर के कारण हुआ था। Michael Nicolls ने इसके लिए माफी मांगी और कहा कि इस समस्‍या की तह तक जाकर उससे निपटा जाएगा ताकि भविष्‍य में ऐसा ना हो। यूजर ने कहा, किस्‍मत है क‍ि 5जी है स्‍टारलिंक इंटरनेट के बाधित होने पर यूजर्स की खीझ भी सामने आई। सोशल मीडिया पर लोग अपना पक्ष रखते हुए दिखे। एक यूजर ने लिखा कि वे भाग्यशाली हैं कि उनके पास 5G की सर्विस है। यूजर ने लिखा कि स्‍टारलिंक की सबसे अहम कमी यह है कि इसके बंद होने से यूजर के पास सिर्फ फोन का नेटवर्क ही बचता है। गौरतलब है कि स्‍टारलिंक का नेटवर्क पूरी दुनिया में फैला हुआ है। कंपनी अपनी सर्विस को ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए अभी तक 7800 से ज्‍यादा सैटेलाइट्स लॉन्‍च कर चुकी है।

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वॉशिंगटन Elon Musk की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्‍टारलिंक, जिसके आने का इंतजार भारत में बेसब्री से किया जा रहा है, गुरुवार को आउटेज का शिकार हो गई। करीब ढाई घंटों तक हजारों की संख्‍या में स्‍टारलिंक के सब्‍सक्राइबर्स इंटरनेट नहीं चला सके। तमाम देशों में यह आउटेज रिपोर्ट किया गया। कुछ लोगों ने इस बात पर निश्‍चिंतता जताई कि उनके पास 5जी नेटवर्क है। सैटेलाइट इंटरनेट को ब्रॉडबैंड और 5जी नेटवर्क से ज्‍यादा भरोसेमंद माना जाता है, खासतौर पर आपदा की स्‍थ‍िति में। ऐसे में उसका बंद होने सवाल पैदा करता है। स्‍टारलिंक में यह आउटेज क्‍यों आया, इसकी वजह भी आपको जाननी चाहिए। क्‍या है स्‍टारलिंक आउटेज रिपोर्टों के अनुसार, स्‍टारलिंक नेटवर्क में गुरुवार को दिक्‍कत आ गई थी। इसके चलते लोग इंटरनेट नहीं चला सके। हजारों की संख्‍या में लोग परेशान हुए। रिपोर्टों के अनुसार, इस तरह के आउटेज को रिपोर्ट करने वाली वेबसाइट डाउनड‍िटेक्‍टर पर 55 हजार से ज्‍यादा रिपोर्ट आईं। यानी काफी ज्‍यादा संख्‍या में लोग इंटरनेट नहीं चला पा रहे थे। कंपनी ने इस आउटेज की बात स्‍वीकार की। कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि दोबारा से ऐसा नहीं हो। एलन मस्‍क भी इस आउटेज को लेकर व्‍यथ‍ित दिखाई दिए। एलन मस्‍क ने मांगी माफी स्‍टारलिंक की सर्विस में आई रुकावट पर एलन मस्‍क ने भी माफी मांगी। उन्‍होंने कहा कि स्‍पेसएक्‍स सुनिश्चित करेगी कि आगे से इस तरह की रुकावट ना आए। कंपनी दुनिया के 130 से ज्‍यादा देशों में अपनी सर्विस देती है। सर्विस में रुकावट की कंप्‍लेंट दुनियाभर से आई। यूरोपीय देश जर्मनी हो या फ‍िर जिम्‍बॉब्‍वे, स्‍टारलिंक के सब्‍सक्राइबर्स कई घंटों तक रुकावट झेलते रहे। स्‍टारलिंक की सर्विस में क्‍या थी परेशानी स्‍टारलिंक के वीपी ऑफ इंजीनियरिंग Michael Nicolls ने एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में बताया कि लगभग 2.5 घंटे तक चले नेटवर्क आउटेज को ठीक कर लिया गया है। उन्‍होंने ल‍िखा कि आउटेज, कोर नेटवर्क को ऑपरेट करने वाले प्रमुख इंटरनल सॉफ्टवेयर सर्विस के फेलियर के कारण हुआ था। Michael Nicolls ने इसके लिए माफी मांगी और कहा कि इस समस्‍या की तह तक जाकर उससे निपटा जाएगा ताकि भविष्‍य में ऐसा ना हो। यूजर ने कहा, किस्‍मत है क‍ि 5जी है स्‍टारलिंक इंटरनेट के बाधित होने पर यूजर्स की खीझ भी सामने आई। सोशल मीडिया पर लोग अपना पक्ष रखते हुए दिखे। एक यूजर ने लिखा कि वे भाग्यशाली हैं कि उनके पास 5G की सर्विस है। यूजर ने लिखा कि स्‍टारलिंक की सबसे अहम कमी यह है कि इसके बंद होने से यूजर के पास सिर्फ फोन का नेटवर्क ही बचता है। गौरतलब है कि स्‍टारलिंक का नेटवर्क पूरी दुनिया में फैला हुआ है। कंपनी अपनी सर्विस को ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए अभी तक 7800 से ज्‍यादा सैटेलाइट्स लॉन्‍च कर चुकी है।