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कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड से इलाज के मामले में दगोरी अस्पताल की प्रशंसा, टीबी मरीजों की मदद के लिए निक्षय मित्र बनने की अपील

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक आज आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित तमाम हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा कर उनमें और तेज गति से काम करने के निर्देश दिए। व्यापक संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद कई स्वास्थ्य सूचकांकों में जिले के नीचले पायदान में रहने पर कलेक्टर ने अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब बोलने का नहीं बल्कि तेजी काम करने का समय आ गया हैं। किसी तरह की कोताही अथवा हीला-हवाला बर्दाश्त नहीं की जायेगी। सभी लोग एक निश्चित कार्य-योजना बनाकर निरंतर काम पर अपेक्षित परिणाम दें।              कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड के लिए विभाग को प्रतिदिन 5 हजार कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया। अब तक कार्ड निर्माण में शिथिलता पाई गई। पिछले दो माह में केवल 32 हजार कार्ड बनाये गये। जिले में अब तक केवल 74 प्रतिशत लोगों के कार्ड बने हैं। जबकि राज्य का औसत 88.2 प्रतिशत हैं। रैकिंग में राज्य के सभी जिलों में से आखिरी 33 वें नम्बर पर है। आयुष्मान कार्ड से इलाज करने में भी सरकारी अस्पताल पीछे हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों को भर्ती कर उपचार करने के निर्देश दिए। पीएचसी दगौरी जैसे छोटे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा 42 लाख रूपये का भुगतान दावा किये जाने पर उसकी सराहना की गई। उनके द्वारा 615 लोगों का इलाज किया गया है। कलेक्टर ने हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनकी सतत् निगरानी करते रहने के निर्देश दिए ताकि किसी भी महिला का प्रसव के दौरान मृत्यु न हो। उन्होंने कहा कि हर गर्भवती माता का पंजीयन होना चाहिए ताकि सभी प्रकार के टीके उन्हें लग सके। एक भी महिला पंजीयन से छूटना नहीं चाहिए। प्रसव के उपरांत प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का लाभ भी दिलाया जाए।प्रथम प्रसव में दो किश्तों में 5 हजार और दूसरे प्रसव में लड़की होने पर 6 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। शिशु मृत्यु की रिपोर्टिग में त्रुटि होने पर इसे सुधारने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में एक भी बेड रिक्त नहीं रहने चाहिए। स्वास्थ्य के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की भी जिम्मेदारी इसमें बनती है। पिछले 3 माह में 198 कुपोषित बच्चों को इसमें भर्ती कर लाभान्वित किया गया है।       कलेक्टर ने एनीमिया मुक्त अभियान के अंतर्गत हाई स्कूल की सभी बच्चियों की जांच करने और दवाईयां देने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षय रोग उपचार के लिए ज्यादा से ज्यादा निक्षय मित्र बनाने को कहा है। फिलहाल 1,624 क्षय रोगियों का इलाज चल रहा है। कलेक्टर ने मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि अब तक जिले में 38 प्रकरण आये हैं। कोटा क्षेत्र में इस बीमारी के केस मिलते हैं। उन्होंने कहा कि मलेरिया से एक भी मरीज की मृत्ये न हो इसके लिए सभी उपाय सुनिश्चित करें। उन्होंने मच्छरदानी एवं मास्क्विटो रिपेलेन्ट के लिए प्रस्ताव देने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि चिरायु योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी एवं स्कूलों में नियमित रूप से डॉक्टरों की टीम पहुंचे। एक भी बच्चा स्वास्थ्य जांच से वंचित नहीं होना चाहिए। गंभीर बीमारी की समय पूर्व सूचना मिल जाने पर आगे उनका मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जायेगा। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, सीएमएचओ डॉ0 शुभा गढ़ेवाल, सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता, जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. यशवंत धु्रव, डीपीओ सुरेश सिंह, डीपीएम पियुली मजूमदार सहित सहित स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ और विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे।

बवाल के बीच पी.सी. मोदी को मिली अहम जिम्मेदारी, चुनाव अधिकारी नियुक्त

नई दिल्ली देश में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद तेजी से आगे बढ़ रही है. चुनाव आयोग ने राज्यसभा महासचिव पी. सी. मोदी को आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया है. इसके साथ ही राज्यसभा सचिवालय में संयुक्त सचिव गरिमा जैन और निदेशक विजय कुमार को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया है. निर्वाचन प्रक्रिया के तहत, लोकसभा और राज्यसभा के महासचिवों को बारी-बारी से निर्वाचन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाता है. पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा के महासचिव इस भूमिका में थे. हालांकि, पी.सी. मोदी की नियुक्ति के साथ उनके अतीत को लेकर कुछ विवाद भी उठे हैं, जिसने इस नियुक्ति को चर्चा का विषय बना दिया है. कौन हैं पी.सी. मोदी? पी.सी. मोदी एक अनुभवी नौकरशाह हैं, जिन्हें नवंबर 2021 में राज्यसभा के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया. उनकी नियुक्ति पर विपक्ष ने सवाल उठाए, खासकर तब जब उनके पूर्ववर्ती पीपीके रामाचर्युलु को केवल दो महीने बाद हटा दिया गया. रामाचर्युलु राज्यसभा सचिवालय के पहले अधिकारी थे, जिन्होंने इस पद को संभाला था, और उनकी अचानक विदाई ने विपक्षी दलों में असंतोष पैदा कर दिया. विपक्ष ने उठाए सवाल विपक्ष ने यह सवाल उठाया कि रामचर्युलु को हटाकर मोदी को यह जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय क्यों लिया गया. यह परिवर्तन 2021 के मॉनसून सत्र के दौरान हुआ, जिसने इस नियुक्ति को और अधिक संदिग्ध बना दिया. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि यह निर्णय चौंकाने वाला है, क्योंकि सत्र पहले से ही बुलाया जा चुका था. ऐसे में अचानक बदलाव की वजह और इसके पीछे की मंशा को समझना आवश्यक है. खरगे ने यह भी उल्लेख किया कि आमतौर पर राज्यसभा के महासचिव पद के लिए कानून के विशेषज्ञों को चुना जाता है, जबकि पी. सी. मोदी भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 1982 बैच के अधिकारी हैं, जिन्होंने मई 2021 में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अध्यक्ष पद से रिटायरमेंट लिया था. कांग्रेस के राज्यसभा में मुख्य व्हिप जयराम रमेश ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि डॉ. पी. पी. रामाचर्युलु एक पेशेवर, निष्पक्ष और पूरी तरह से योग्य व्यक्ति हैं, और मोदी शासन में यही तीन बातें सबसे बड़ी समस्याएं मानी जाती हैं. अन्य विपक्षी दल भी हैरान तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस बदलाव पर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं. टीएमसी के मुख्य व्हिप सुखेंदु शेखर रॉय ने सवाल उठाया कि केवल 73 दिन पहले नियुक्त व्यक्ति को अचानक एक आईआरएस अधिकारी से क्यों बदला गया. वहीं, राजद के राज्यसभा नेता मनोज झा ने बताया कि रामाचर्युलु पिछले सत्र में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि उनकी नियुक्ति उस सत्र के बाद हुई थी. नए सत्र से ठीक पहले किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पी. सी. मोदी के खिलाफ लग चुके गंभीर आरोप पी. सी. मोदी का नाम पहले भी कई विवादों में आ चुका है. मुंबई के पूर्व मुख्य आयकर आयुक्त ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक शिकायत भेजी थी, जिसमें उन पर एक “संवेदनशील मामला” दबाने का निर्देश देने का आरोप लगाया गया था. इसके अलावा, शिकायत में यह भी कहा गया कि सीबीडीटी के अध्यक्ष के रूप में मोदी ने मुख्य आयुक्त को बताया था कि एक विपक्षी नेता के खिलाफ “सफल तलाशी” कार्रवाई के चलते उन्होंने अपना पद “सुरक्षित” कर लिया है. इस शिकायत के दो महीने बाद, सरकार ने उन्हें एक साल का सेवा विस्तार दिया, और इसके बाद प्रमुख कर निकाय के प्रमुख के रूप में दो और कार्यकाल विस्तार भी दिए गए. उप-राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है? संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार, उप-राष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों द्वारा किया जाता है. यह चुनाव एकल संक्रमणीय मत पद्धति के तहत आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से और गुप्त मतदान के माध्यम से संपन्न होता है. रिटर्निंग ऑफिसर चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया की देखरेख करता है, जिसमें चुनाव की अधिसूचना जारी करना, नामांकन पत्रों को स्वीकार करना, जमानत राशि की जमा राशि, नामांकन की जांच, नाम वापसी की प्रक्रिया और अंत में मतगणना शामिल है. अब जबकि चुनाव आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति कर दी है, उप-राष्ट्रपति चुनाव की तिथियों की घोषणा की उम्मीद की जा रही है. जगदीप धनखड़ का अचानक इस्तीफा जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का उल्लेख किया. हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस निर्णय के पीछे कई अन्य संभावित कारणों पर चर्चा हो रही है. सूत्रों के अनुसार, विपक्ष द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार करना सरकार के लिए अप्रिय था. यह प्रस्ताव विपक्ष ने लगभग 3 बजे प्रस्तुत किया, और धनखड़ ने इसे तुरंत स्वीकार कर लिया, जिससे सरकार की लोकसभा में इसी तरह के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की योजना प्रभावित हुई. धनखड़ का कार्यकाल कई विवादों से घिरा रहा. विपक्ष ने उन पर सरकार के पक्ष में पक्षपात करने का आरोप लगाया, जिसके चलते दिसंबर 2024 में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया. इसके अलावा, धनखड़ ने अपने कार्यकाल के दौरान विपक्षी सांसदों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की, जिससे उनके और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ गया.

महावतार नरसिम्हा ने रचा इतिहास, आईएमडीबी और बुक माय शो पर हासिल की रिकॉर्ड तोड़ रेटिंग

मुंबई, होम्बले फिल्म्स और क्लीम प्रोडक्शन्स की फिल्म महावतार नरसिम्हा ने आईएमडीबी और बुक माय शो पर रिकॉर्ड तोड़ रेटिंग हासिल की है। फिल्म 'महावतार नरसिम्हा', सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।शानदार दृश्य, बड़ा पैमाना और दिलचस्प कहानी के साथ यह फिल्म एक ज़बरदस्त कामयाबी के रूप में सामने आई है, जो भारतीय संस्कृति और परंपरा की खूबसूरती को अच्छे तरीके से दिखाती है। ‘महावतार नरसिम्हा’ एक शानदार सिनेमाई अनुभव से कम नहीं है, जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। फिल्म को मिल रही जबरदस्त सराहना के बीच इसकी रेटिंग्स भी रिकॉर्ड तोड़ रही हैं ।बुक माय शो पर 9.8/10, गूगल पर 5/5 और आईएमडीबीपर 9.8/10। ये रेटिंग्स किसी भी भारतीय फिल्म के लिए अब तक की सबसे ऊंची मानी जा रही हैं, जो दर्शकों से मिल रहे अपार प्यार और सम्मान को साफ दिखाती हैं। महावतार नरसिम्हा का निर्देशन अश्विन कुमार ने किया है, और इसे शिल्पा धवन, कुशल देसाई, और चैतन्य देसाई ने क्लीम प्रोडक्शंस के तहत प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 3डी और पांच भारतीय भाषाओं में रिलीज़ की गयी है।  

बीजेपी-कांग्रेस पर बरसीं मायावती: OBC आरक्षण पर दोनों की नीयत पर उठाए सवाल

  लखनऊ बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा और कांग्रेस ओबीसी वर्ग के लोगों को लेकर की जा रही राजनीति पर करारा हमला किया है. मायावती ने दोनों पार्टियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक ही थाली के चट्टे-बट्टे बताया है. मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा-कांग्रेस पर निशाना साधा है. मायावती ने एक्स पर लिखा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा यह स्वीकार करना कि देश के विशाल आबादी वाले अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) समाज के लोगों की राजनीतिक व आर्थिक आशा, आकांक्षा व आरक्षण सहित उन्हें उनका संवैधानिक हक़ दिलाने के मामलों में कांग्रेस पार्टी खरी व विश्वासपात्र नहीं रही है कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह दिल में कुछ व जुबान पर कुछ और जैसी स्वार्थ की राजनीति ज़्यादा लगती है. आगे मायावती ने ये भी कहा, वास्तव में उनका यह बयान उसी तरह से जगज़ाहिर है, जैसाकि देश के करोड़ों शोषित, वंचित व उपेक्षित एससी-एसटी समाज के प्रति कांग्रेस पार्टी का ऐसा ही दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण रवैया लगातार रहा है और जिस कारण ही इन वर्गों के लोगों को फिर अन्ततः अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान तथा अपने पैरों पर खड़े होने की ललक के कारण अलग से अपनी पार्टी बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) यहाँ बनानी पड़ी है. आगे मायावती ने कहा, कुल मिलाकर इसके परिणामस्वरूप कांग्रेस पार्टी यूपी सहित देश के प्रमुख राज्यों की सत्ता से लगातार बाहर है और अब सत्ता गंवाने के बाद इन्हें इन वर्गों की याद आने लगी है, जिसे इनकी नीयत व नीति में हमेशा खोट रहने की वजह से घड़ियाली आंसू नहीं तो और क्या कहा जाएगा, जबकि वर्तमान हालात में बीजेपी के एनडीए का भी इन वर्गों के प्रति दोहरे चरित्र वाला यही चाल-ढाल लगता है. वैसे भी एससी-एसटी वर्गों को आरक्षण का सही से लाभ व संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारतरत्न की उपाधि से सम्मानित नहीं करने तथा देश की आज़ादी के बाद लगभग 40 वर्षों तक ओबीसी वर्गों को आरक्षण की सुविधा नहीं देने तथा सरकारी नौकरियों में इनके पदों को नहीं भरकर उनका भारी बैकलॉग रखने आदि के जातिवादी रवैयों को भला कौन भुला सकता है, जो कि इनका यह अनुचित जातिवादी रवैया अभी भी जारी है. आगे मायावती ने कहा, इतना ही नहीं बल्कि इन सभी जातिवादी पार्टियों ने आपस में मिलकर एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण को किसी ना किसी बहाने से एक प्रकार से निष्क्रिय एवं निष्प्रभावी ही बना दिया है. इस प्रकार दलितों, आदिवासियों व अन्य पिछड़ों इन बहुजन समाज को सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक तौर पर गुलाम व लाचार बनाए रखने के मामलों में सभी जातिवादी पार्टियाँ हमेशा से एक ही थैली के चट्टे-बट्टे रहे हैं, जबकि अम्बेडकरवादी पार्टी बी.एस.पी. सदा ही इन वर्गों की सच्ची हितैषी रही है और यूपी में चार बार बी.एस.पी. के नेतृत्व रही सरकार में सर्वसमाज के ग़रीबों, मज़लूमों के साथ-साथ बहुजन समाज के सभी लोगों के जान-माल व मज़हब की सुरक्षा व सम्मान तथा इनके हित एवं कल्याण की भी पूरी गारंटी रही है. अर्थात देश के बहुजनों का हित केवल बी.एस.पी. की आयरन गारंटी में ही निहित है. ख़ासकर दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी समाज) के लोग ख़ासकर कांग्रेस, सपा आदि इन विरोधी पार्टियों के किसी भी बहकावे में नहीं आयें, यही उनकी सुख, शान्ति व समृद्धि के लिए बेहतर है.

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल बोले – महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

एनआईटी रायपुर और विकास तरंगिणी द्वारा किया गया नि:शुल्क महिला स्वास्थ्य जागरूकता एवं जाँच शिविर का आयोजन रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर एवं विकास तरंगिणी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज महिलाओं के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जागरूकता एवं जाँच शिविर का एनआईटी परिसर में आयोजन किया गया। यह जांच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम विशेषतः सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए आयोजित किया गया। शिविर के माध्यम से महिलाओं को नि:शुल्क जाँच, परामर्श और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शिविर में शामिल हुए और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा महिलाओं की जांच की गई और नि:शुल्क जांच, परामर्श और दवाइयां प्रदान किया गया। महिलाओं की बड़ी संख्या ने इस पहल में भाग लेते हुए स्वास्थ्य जांच कराई और स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता से लाभ प्राप्त किया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि ऐसे शिविर महिलाओं को समय पर बीमारियों की जांच के लिए प्रेरित करते हैं और उनके स्वास्थ्य की रक्षा में बड़ा योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि आज अनेक बीमारियाँ हमारी बदलती जीवनशैली, रासायनिक उत्पादों के अत्यधिक उपयोग तथा पारंपरिक जीवन मूल्यों से दूर होने के कारण उत्पन्न हो रही हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा योग जैसे भारतीय आचार-विचार को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के सिद्धांत को अपनाने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल रोगों की समय पर पहचान में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में भी एक अच्छा कदम है। यह स्वस्थ नारी और सशक्त समाज की ओर बढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने कहा कि यह शिविर शिक्षा और स्वास्थ्य के मध्य एक सेतु का कार्य करेगा।

ग्रीन कॉफी के गजब फायदे: दिल से लेकर वजन तक करेगा फिट

 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का सही तरीके से ख्‍याल नहीं रख पा रहे हैं। इससे उन्‍हें कई तरह की समस्‍याएं हाे रही हैं। मोटापा तो बढ़ ही रहा है, साथ ही डायब‍िटीज और द‍िल की बीमार‍ियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इन सभी से बचने के ल‍िए जरूरी है क‍ि आपकी डाइट सही हो। दरअसल, आप जो भी कुछ खाते पीते हैं, उसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। कई लोग ग्रीन टी पीते हैं। इससे उनकी सेहत काे जबरदस्‍त फायदे म‍िलते हैं। इन द‍िनों सोशल मीड‍िया पर ग्रीन कॉफी का ट्रेंड देखने को म‍िल रहा है। आपने भी सोशल मीडिया या किसी हेल्थ कॉर्नर में इसका नाम जरूर सुना होगा। दिखने में ये आम कॉफी से थोड़ी अलग होती है, लेकिन अब लोग इसे रूटीन का ह‍िस्‍सा बना रहे हैं। जो लोग फ‍िटनेस का ध्‍यान रखते हैं, उनमें ग्रीन कॉफी पीने का चलन ज्‍यादा देखा गया है। नॉर्मल कॉफी से अलग, ग्रीन कॉफी का स्वाद हल्का होता है। कई लोग इसे डिटॉक्स ड्रिंक की तरह भी इस्तेमाल करते हैं। लोग इसे अपने मॉर्निंग रूटीन में शामिल कर रहे हैं। आपको बता दें क‍ि ये आपको सेहतमंद रखने का काम करता है। आज का हमारा लेख इसी व‍िषय पर है। हम आपको बताएंगे क‍ि ग्रीन कॉफी पीने से आपकी सेहत को कौन-कौन से फायदे म‍िलते हैं। आइए जानते हैं व‍िस्‍तार से – वेट लॉस में फायदेमंद आपको बता दें क‍ि ग्रीन कॉफी में क्लोरोजेनिक नाम का तत्‍व पाया जाता है। ये मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने का काम करता है। अगर आप इसे पीना शुरू कर देते हैं तो तेजी से कैलोरी बर्न होती है। इस कारण वजन कम करना आसान हाे जाता है। डायबिटीज में फायदेमंद अगर आपको डायब‍िटीज है तो आप ग्रीन कॉफी का सेवन कर सकते हैं। ग्रीन कॉफी पीने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। साथ ही इसमें मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है। इससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। बॉडी को करे ड‍िटॉक्‍स ग्रीन कॉफी पीने से शरीर की सफाई होती है। ये बॉडी को डिटॉक्स करने में मददगार है। एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण ये स्किन, हेयर और ओवरऑल हेल्थ को सुधारने का काम करता है। द‍िल को रखे दुरुस्‍त ग्रीन कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इससे सूजन को कम करके ब्लड वेसेल के काम को सही रखा जा सकता है। जब ब्‍लड वेसेल्‍स दुरुस्‍त रहेंगे तो दिल से जुड़ी बीमारि‍यों का खतरा भी कम होगा। द‍िमाग को रखे हेल्‍दी ग्रीन कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपके द‍िमाग को हेल्‍दी बनाए रखने में मददगार होते हैं। इससे द‍िमागी बीमारी का खतरा कम हो सकता है। आपको रोज सुबह खाली पेट एक कप ग्रीन कॉफी पीना चाह‍िए।

बीडीएस छात्र की आत्महत्या का मामला: दो शिक्षकों को हटाया गया

उदयपुर, उदयपुर के पैसिफिक डेंटल कॉलेज और हॉस्पिटल में फाइनल ईयर की 25 वर्षीय छात्रा श्वेता सिंह की कथित आत्महत्या के बाद दो शिक्षकों को कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है। श्वेता ने गुरुवार रात करीब 11 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उनकी रूममेट ने उन्हें इस हालत में देखा था। तुरंत चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्वेता जम्मू-कश्मीर की रहने वाली थीं, और उनके पिता एक पुलिस कांस्टेबल हैं। पुलिस को मौके से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट मिला, जिसमें श्वेता ने दो शिक्षकों (माही मैम और भगवत सर) पर दो साल तक मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न का आरोप लगाया। नोट में श्वेता ने दावा किया कि कॉलेज प्रशासन ने आंतरिक परीक्षाओं में देरी की, मेहनती छात्रों को फेल किया, और रिश्वत देने वालों को पास किया। श्वेता की मौत के बाद शुक्रवार सुबह सैकड़ों छात्र कॉलेज परिसर में जमा हुए और मुख्य द्वार को ब्लॉक कर धरना दिया। उन्होंने दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की गहन जांच की मांग की। बढ़ते तनाव को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने सुसाइड नोट में नामित दोनों शिक्षकों को निष्कासित कर दिया। कॉलेज संचालक राहुल अग्रवाल ने प्रिंसिपल रवि कुमार को फटकार लगाई और छात्रों को आश्वासन दिया कि दो से तीन महीने में समाधान कर लिया जाएगा। सुखेर पुलिस स्टेशन ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में जुटी है। श्वेता के सहपाठियों के अनुसार, वह “ऑड बैच” में थीं, जिसमें वे छात्र शामिल होते हैं जो परीक्षा छूटने या 75 प्रतिशत उपस्थिति की कमी के कारण पिछड़ जाते हैं। नियमों के अनुसार, ऐसे छात्रों की छह महीने में दोबारा परीक्षा होनी चाहिए, लेकिन श्वेता की बार-बार गुहार के बावजूद उनकी लंबित परीक्षा आयोजित नहीं की गई। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता और देरी ने श्वेता के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला था।  

बीडीएस छात्र की आत्महत्या का मामला: दो शिक्षकों को हटाया गया

उदयपुर, उदयपुर के पैसिफिक डेंटल कॉलेज और हॉस्पिटल में फाइनल ईयर की 25 वर्षीय छात्रा श्वेता सिंह की कथित आत्महत्या के बाद दो शिक्षकों को कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है। श्वेता ने गुरुवार रात करीब 11 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उनकी रूममेट ने उन्हें इस हालत में देखा था। तुरंत चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई गई लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्वेता जम्मू-कश्मीर की रहने वाली थीं, और उनके पिता एक पुलिस कांस्टेबल हैं। पुलिस को मौके से एक हस्तलिखित सुसाइड नोट मिला, जिसमें श्वेता ने दो शिक्षकों (माही मैम और भगवत सर) पर दो साल तक मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न का आरोप लगाया। नोट में श्वेता ने दावा किया कि कॉलेज प्रशासन ने आंतरिक परीक्षाओं में देरी की, मेहनती छात्रों को फेल किया, और रिश्वत देने वालों को पास किया। श्वेता की मौत के बाद शुक्रवार सुबह सैकड़ों छात्र कॉलेज परिसर में जमा हुए और मुख्य द्वार को ब्लॉक कर धरना दिया। उन्होंने दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की गहन जांच की मांग की। बढ़ते तनाव को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने सुसाइड नोट में नामित दोनों शिक्षकों को निष्कासित कर दिया। कॉलेज संचालक राहुल अग्रवाल ने प्रिंसिपल रवि कुमार को फटकार लगाई और छात्रों को आश्वासन दिया कि दो से तीन महीने में समाधान कर लिया जाएगा। सुखेर पुलिस स्टेशन ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है और आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में जुटी है। श्वेता के सहपाठियों के अनुसार, वह “ऑड बैच” में थीं, जिसमें वे छात्र शामिल होते हैं जो परीक्षा छूटने या 75 प्रतिशत उपस्थिति की कमी के कारण पिछड़ जाते हैं। नियमों के अनुसार, ऐसे छात्रों की छह महीने में दोबारा परीक्षा होनी चाहिए, लेकिन श्वेता की बार-बार गुहार के बावजूद उनकी लंबित परीक्षा आयोजित नहीं की गई। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की उदासीनता और देरी ने श्वेता के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला था।  

क्रेडिट कार्ड से LPG तक 1 अगस्त से बदलेंगे 6 अहम नियम, जेब पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली हर महीने की तरह अगस्‍त 2025 में भी कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जो आम आदमी की जेब पर असर डाल सकते हैं. क्रेडिट कार्ड के नियम, LPG के दाम में बदलाव देखने को मिल सकता है तो वहीं UPI को लेकर भी कई चेंजेज होने वाले हैं. यह 6 बदलाव आपकी जेब पर बोझ डाल सकते हैं और आपके बजट को प्रभावित कर सकते हैं. आइए जानते हैं अगले महीने से कौन-कौन से नियम बदल रहे हैं.  पहला- क्रेडिट कार्ड में बदलाव  अगर आप SBI Card होल्‍डर्स हैं तो आपको एक बड़ा झटका लग सकता है, क्‍योंकि 11 अगस्‍त से एसबीआई ने कई को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाले फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बंद करने जा रहा है. अभी तक SBI- UCO बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएसबी, करूर वैश्य बैंक, अलाहाबाद बैंक के साथ मिलकर कुछ ELITE और PRIME कार्ड्स पर 1 करोड़ रुपये या 50 लाख रुपये का कवर देता था.  दूसरा- LPG के दाम में बदलाव  हर महीने की तरह ही इस महीने भी रसोई गैस या कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हो सकता है. 1 जुलाई को 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव किया गया था और इसे 60 रुपये सस्‍ता कर दिया गया था. कई बाद कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हुआ है, लेकिन रसोई गैस सिलेंडर के दाम में अभी तक बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में 1 अगस्‍त से रसोई गैस के दाम में कटौती की उम्‍मीद की जा रही है.  तीसरा- UPI के बदल रहे ये नियम  1 अगस्‍त से UPI को लेकर कई नए नियम लागू होंगे. अगर आप नियमित तौर पर Paytm, PhonePe, GPay या किसी अन्‍य पेमेंट थर्ड प्‍लेटफॉर्म का यूज करते हैं तो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने आपके लिए दबाव कम करने और बेहतर पेमेंट सुविधा देने के लिए कई नियम बदले हैं. NPCI ने कुछ नए लिमिटेशन लगाई हैं, जो आपके पेमेंट को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन बैलेंस चेक, स्टेटस रिफ्रेश और अन्य चीजों पर लिमिट लगाते हैं.      अब आप एक दिन में अपने यूपीआई ऐप से सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर पाएंगे.      अब आप मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट्स को दिन में सिर्फ 25 बार चेक कर पाएंगे.       AutoPay ट्रांजेक्‍शन जैसे नेटफ्लिक्स या म्यूचुअल फंड की किसत अब सिर्फ 3 समय स्‍लॉट में प्रॉसेस होंगे. सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे और रात 9.30 बजे के बाद.      अब आप फेल ट्रांजेक्‍शन का स्‍टेटस सिर्फ 1 दिन में 3 बार चेक कर पाएंगे और हर चेके बीच में 90 सेंकेड का अंतर होगा.  चौथा- CNG, PNG के दाम में बदलाव  अक्‍सर देखा जाता है कि तेल कंपनियां सीएनजी और पीएनजी के दाम में भी हर महीने बदलाव करती हैं, लेकिन अप्रैल के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. आखिरी बार 9 अप्रैल को सीएनजी-पीएनजी के दाम में बदलाव हुआ था. तब मुंबई में सीएनजी ₹79.50/किलोग्राम और पीएनजी ₹49/यूनिट हुई थी. यह बढ़ोतरी छह महीने में चौथी बार की गई थी.  पांचवा- बैंक हॉलिडे  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने बैंकों की हॉलिडे लिस्‍ट जारी करता है. वीकेंड को छोड़कर त्‍योहार और अन्‍य जरूरी डेट पर आरबीआई बैंकों को बंद करने के लिए निर्देश देता है. हालांकि ये अवकाश अलग-अलग जगहों के लिए अलग-अलग डेट पर हो सकती हैं.  छठवां- ATF के दाम  1 अगस्‍त से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम में भी बदलाव हो सकता है, क्‍योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों महीने की पहली तारीख को LPG Price ही नहीं, बल्कि एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव यात्री के टिकट के दामों पर सीधा पड़ता है.  

दिलजीत दोसांझ ने फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की शूटिंग पूरी की

मुंबई, मशहूर पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने अपनी आने वाली फिल्म 'बॉर्डर 2' की शूटिंग पूरी कर ली है। जेपी दत्ता निर्देशित वर्ष 1997 में प्रदर्शित फिल्म बार्डर में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार अहम भूमिका में थे। अब फिल्म बॉर्डर का सीक्वल बनाया जा रहा है। फिल्म बार्डर 2 में सनी देओल, वरुण धवन ,दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की अहम भूमिका होगी। दिलजीत दोसांझ ने बार्डर 2 की शूटिंग पूरी कर ली है। फिल्म 'बॉर्डर 2' की शूटिंग पूरी होने पर दिलजीत जश्न मना रहे हैं। दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह अपने साथियों और दोस्तों को मिठाई खिला रहे हैं और जश्न मना रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए दिलजीत दोसांझ ने इसके कैप्शन में लिखा 'बॉर्डर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी है। फिल्म बॉर्डर 2 का निर्देशन अनुराग सिंह कर रहे हैं,वहीं इस फिल्म को जेपी दत्ता, निधि दत्ता, भूषण कुमार और किशन कुमार प्रोड्य़ूस कर रहे हैं।यह फिल्म 23 जनवरी 2026 को रिलीज होगी।