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UPI ट्रांजैक्शन पर आए नए नियम, 1 अगस्त से ये 3 बदलाव होंगे लागू

 नई दिल्ली  1 अगस्त 2025 से UPI से जुड़े नए नियम लागू हो रहे हैं। अगर आप रोज Paytm, PhonePe, GPay या किसी और UPI ऐप से पेमेंट करते हैं, तो ये बदलाव आपके लिए जरूरी हैं। UPI सिस्टम को मैनेज करने वाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ये लिमिट्स इसीलिए तय की हैं ताकि सिस्टम पर दबाव कम हो और ट्रांजैक्शन फेल या डिले जैसी दिक्कतें घटें। ये बदलाव जरूरी ट्रांजैक्शन्स को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन बैलेंस चेक, स्टेटस रीफ्रेश जैसी चीजों पर लिमिट जरूर लगाई जा रही है। NPCI का कहना है कि इससे UPI ज्यादा स्मूद और भरोसेमंद बनेगा, खासतौर पर उस वक्त जब ज्यादा लोग एक साथ ट्रांजैक्शन करते हैं। 1 अगस्त से UPI पर क्या नई लिमिट्स लगेंगी? अगले महीने से UPI यूजर्स सिर्फ 50 बार ही अपना अकाउंट बैलेंस चेक कर पाएंगे। इसके अलावा, जो यूजर्स अपने मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट्स को बार-बार चेक करते हैं, वो भी अब सिर्फ 25 बार ही ऐसा कर सकेंगे। ये लिमिट्स इसीलिए लाई गई हैं ताकि बिना जरूरत के सिस्टम पर लोड ना पड़े, जिससे अक्सर स्पीड स्लो हो जाती है या ट्रांज़ैक्शन फेल हो जाते हैं। नए नियमों की वजह क्या है? NPCI यानी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने बताया कि अप्रैल और मई 2025 में UPI प्लेटफॉर्म पर काफी लोड देखा गया। इसका सबसे बड़ा कारण था लोग बार-बार बैलेंस चेक करते रहे या फिर एक ही ट्रांजैक्शन का स्टेटस बार-बार रिफ्रेश करते रहे। इससे सर्वर पर दबाव बढ़ा और कई बार लेन-देन में देरी या फेल होने की स्थिति आ गई। इसी वजह से अब नए नियम लाए जा रहे हैं ताकि सिस्टम बेहतर और फास्ट बना रहे। कौन-कौन से बदलाव होंगे? एक दिन में अधिकतम 50 बार ही बैलेंस चेक कर सकेंगे। आप अपने मोबाइल नंबर से जुड़े बैंक अकाउंट की डिटेल्स दिन में 25 बार से ज्यादा नहीं देख पाएंगे। कोई एक ट्रांजैक्शन का स्टेटस सिर्फ 3 बार चेक किया जा सकेगा, वो भी हर बार कम से कम 90 सेकंड का अंतर होना जरूरी होगा। Netflix, EMI, बिजली बिल जैसे ऑटो डेबिट पेमेंट्स अब सिर्फ निर्धारित समय पर ही प्रोसेस होंगे। ऑटो पेमेंट्स पर भी असर पड़ेगा जो व्यापारी या कंपनियां ऑटो पेमेंट के जरिए ग्राहकों से पेमेंट लेती हैं, उन्हें अब NPCI द्वारा तय किए गए टाइम स्लॉट्स के अनुसार भुगतान प्राप्त करना होगा। इससे पेमेंट सिस्टम और ज़्यादा व्यवस्थित हो सकेगा। हालांकि आम यूजर्स को इससे कोई खास दिक्कत नहीं होगी। UPI बना डिजिटल इंडिया की रीढ़ आज UPI सिर्फ एक ऐप नहीं बल्कि हर गली, मोहल्ले और चाय की दुकान तक पहुंच चुका है। "भैया QR स्कैन कर दूं?" जैसे वाक्य अब आम सुनाई देते हैं। NPCI का यह कदम UPI नेटवर्क को और ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए उठाया गया है। बदलाव जरूरी हैं सुविधा बनाए रखने के लिए जैसे-जैसे डिजिटल पेमेंट की सुविधा बढ़ रही है, वैसे-वैसे सिस्टम को स्मार्ट और टिकाऊ बनाने के लिए ऐसे बदलाव जरूरी हो जाते हैं। इन छोटे लेकिन असरदार नियमों के जरिए हर यूजर को बिना किसी रुकावट के पेमेंट करने में आसानी मिलेगी।  

वैष्णो देवी यात्रा के लिए राहत: जबलपुर-कटरा स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल जारी

जबलपुर अमरनाथ व वैष्णो देवी के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जबलपुर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच अगस्त महीने में विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सीमित दो फेरों के लिए चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा और सीधा कनेक्शन मिलेगा। स्पेशल ट्रेन का संचालन – तारीख और समय रेलवे के अनुसार, यह ट्रेन 01707 और 01708 नंबर से संचालित होगी। ट्रेन नंबर 01707 – जबलपुर से 4 अगस्त और 11 अगस्त को रवाना होगी। ट्रेन सुबह 5:25 बजे जबलपुर से चलेगी और अगले दिन शाम 6:00 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पहुंचेगी। रास्ते में यहां प्रमुख ठहराव होंगे-     कटनी मुड़वारा – सुबह 6:45 बजे     दमोह – 8:10 बजे     सागर – 9:15 बजे झांसी, ग्वालियर, मुरैना आदि रास्तों से होकर ट्रेन कटरा पहुंचेगी। ट्रेन नंबर 01708 – वापसी में 5 अगस्त और 12 अगस्त को कटरा से रात 9:15 बजे प्रस्थान करेगी और तीसरे दिन सुबह 9:35 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वापसी मार्ग में यहां प्रमुख ठहराव होंगे-     सागर – तड़के 3:30 बजे     दमोह – 4:50 बजे     कटनी मुड़वारा – 7:15 बजे 25 जुलाई से शुरू होगा आरक्षण इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए टिकटों का आरक्षण 25 जुलाई से शुरू होगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते बुकिंग कर लें क्योंकि सीमित फेरे होने के कारण सीटें जल्दी भर सकती हैं।

भोपाल: होम्योपैथिक कॉलेज में पोस्ट ग्रेजुएट स्टडी को मिली हरी झंडी

भोपाल  स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और विशेषज्ञता बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, भोपाल को दो नए स्नातकोत्तर (पीजी) कोर्स शुरू करने की मंजूरी दे दी है। अब यह महाविद्यालय त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी) और कम्युनिटी मेडिसिन जैसे दो अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों में भी पीजी डिग्री प्रदान करेगा। यह दोनों कोर्स शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होंगे। फिलहाल महाविद्यालय में सात विषयों — प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन, पीडियाट्रिक, साइकियाट्रिक, फार्मेसी, मेडिसिन और रेस्पिरेटरी में पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं। नए कोर्स जुड़ने से यह संख्या नौ हो जाएगी। अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीता तोमर ने जानकारी दी कि वर्तमान समय में प्रदूषण, अस्वस्थ खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली के चलते त्वचा रोगों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसी तरह जनस्वास्थ्य की चुनौतियों, नई बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। इस निर्णय से न केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि आमजन को बेहतर होम्योपैथिक इलाज भी मिल सकेगा। साथ ही यह कदम प्रदेश में जनस्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त करने में भी सहायक होगा। फार्मेसी छात्रों के लिए डिजीलाकर जरूरी, घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में बी-फार्मा और एम-फार्मा करने वाले छात्रों के लिए अब रजिस्ट्रेशन से पहले डिजीलाकर पर खाता बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। फार्मेसी काउंसिल की रजिस्ट्रार भव्या त्रिपाठी के अनुसार जल्द ही पंजीयन की प्रक्रिया एक विशेष डिजिटल सॉफ्टवेयर के माध्यम से शुरू की जाएगी, जिससे छात्रों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बार-बार भोपाल नहीं आना पड़ेगा। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से छात्रों के स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, 10वीं-12वीं की मार्कशीट, डिग्री/डिप्लोमा, फोटो व अन्य जरूरी दस्तावेजों का समग्र आईडी और डिजीलाकर के जरिए स्वतः सत्यापन किया जाएगा। अब तक यह प्रक्रिया मैन्युअल थी, जिससे रजिस्ट्रेशन में देरी हो रही थी और लगभग 10,500 आवेदन पेंडिंग हो गए थे। अधिकारियों के मुताबिक लगभग 70 प्रतिशत आवेदन फार्म में गलतियां पाई गईं। सबसे ज्यादा गलती अंग्रेजी में नाम, पिता/पति का नाम और जन्मतिथि में हुई। इन समस्याओं से निपटने के लिए अब फार्मेसी काउंसिल पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर रही है, जिससे छात्र घर बैठे आवेदन और वेरिफिकेशन कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी नई प्रक्रिया के तहत जब तक दस्तावेजों का वेरिफिकेशन पूरा नहीं होगा, तब तक रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जाएगी। इससे पहले एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पहले फीस ली जाती थी, बाद में वेरिफिकेशन होता था। अब ऐसा नहीं होगा। रजिस्ट्रार के मुताबिक, मई तक 10,500 आवेदन लंबित थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब तक करीब 2,500 छात्रों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 7,500 आवेदन अभी भी पेंडिंग हैं। इनमें से 4,000 आवेदनों को दस्तावेजों की गलतियों के कारण लौटा दिया गया है। छात्रों को इन फार्मों के लिए नई प्रक्रिया के अनुसार दोबारा आवेदन करना होगा।

Regional Tourism Conclave का मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन, अभिनेता मुकेश तिवारी व अभिनेत्री सान्विका सिंह भी शामिल होंगी

 रीवा  मध्य प्रदेश सरकार विंध्य के औद्योगिक विकास के लिए शनिवार को रीवा में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में शनिवार को उद्घाटन करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। निवेशकों को सम्मानित किया जाएगा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू चित्रकूट घाट में स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फार टूरिस्ट्स) का उद्घाटन किया जाएगा। मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिए एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया जाएगा। वन पथों से विरासत की कहानियों तक रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण मध्य प्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण और मध्य प्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर विषय पर सत्र होंगे। कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (फेम टूर) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।

यूपी में 5 लाख किसानों को तगड़ा झटका, पीएम किसान की किस्त नहीं मिलेगी, उलटे पैसे लौटाने होंगे

लखनऊ  किसानों की आर्थिक मदद के लिए चलाई जा रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। कुछ ही दिन पहले राजस्थान के जालोर में 33638 फर्जी किसानों के खाते में करोड़ों रुपये की राशि जाने का मामला सामने आया था। अब उत्तर प्रदेश से वेरिफिकेशन ड्राइव में पात्र नहीं होने के बावजूद पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने का मामला सामने आ आया है। यूपी में 5 लाख से ज्यादा ऐसे किसानों के नाम सामने आए हैं, जिनके नाम पीएम किसान सम्मान योजना से कटने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक इन अपात्र किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त का पैसा नहीं आएगा। जांच में यह बात सामने आई है कि यूपी में 5 लाख से ज्यादा ऐसे परिवार हैं, जहां पति और पत्नी दोनों ही पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा ले रहे थे। जबकि नियम के मुताबिक किसी एक को ही इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। सबसे ज्यादा मामले प्रतापगढ़ से सामने आए हैं। जांच में ऐसे खुला मामला प्रशासन लगातार अपात्र किसानों के नाम हटाने के लिए वेरिफिकेशन करने में लगा हुआ है। इसी दौरान जब यूपी कृषि विभाग ने राशन कार्ड का डाटा आधार कार्ड और बैंकों से मिलान किया तो सच्चाई सामने आई। प्रतापगढ़ में 37 हजार से ज्यादा पति-पत्नी इस योजना का लाभ ले रहे थे। वहीं प्रयागराज में भी 29 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर सीतापुर और चौथे नंबर पर संभल है। सबसे कम अपात्र किसान गाजियाबाद जिले से मिले हैं। खाते में नहीं आएगी अगली किस्त, वसूली भी होगी इन अपात्र किसानों के खाते में अब पीएम किसान सममान योजना की अगली किस्त नहीं आएगी। यही नहीं प्रशासन इनसे वसूली की भी तैयारी में है। अगर कोई परिवार पहली किस्त से ही योजना का लाभ ले रहा है, तो उसे अब मोटा पैसा चुकाना पड़ सकता है। अगर सरकार 19 किस्तों की वसूली की तैयारी करती है तो 38000 रुपये लौटाने होंगे। पक्की नौकरी फिर भी ले रहे 2000 आधार कार्ड से वेरिफिकेशन करने के बाद और भी कई खुलासे हो रहे हैं। 3000 से ज्यादा मामले ऐसे हैं, जिनके पास पक्की नौकरी या खुद का बिजनेस है। फिर भी पीएम किसान सम्मान योजना का लाभ ले रहे थे। इन लोगों के नाम भी लिस्ट से हटा दिए गए हैं। फार्मर आईडी नहीं बनवाने वालों को भी नुकसान यूपी में अभी भी बड़ी संख्या में किसानों ने फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। ऐसे में उनके खाते में 20वीं किस्त आने की संभावना बहुत ही कम है। यूपी के कृषि विभाग की वेबसाइट upfr.agristack.gov.in के मुताबिक अभी तक महज 49.78 किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि राज्य में करीब 2.88 किसान पीएम किसान योजना से जुड़े हुए हैं। पीएम किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त कब आएगी प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त का इंतजार सभी को है। अभी पीएम नरेंद्र मोदी विदेश दौरे पर हैं। 2 अगस्त को यूपी के वाराणसी में उनका कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि इस दिन किसानों के खाते में 2000 रुपये आ सकते हैं। हालांकि PMO, PIB या कृषि मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।  

‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री लोधी भी होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का आज शनिवार को करेंगे शुभारंभ विंध्य के वैभव को मिलेगा नया आयाम : रीवा में आज 26-27 जुलाई को होगा ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’  ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल और पर्यटन व संस्कृति राज्य मंत्री  लोधी भी होंगे शामिल निवेशक, पर्यटन व्यवसायी, टूर ऑपरेटर्स, होटल इंडस्ट्री के हितधारक होंगे सम्मिलित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में आज  शनिवार 26 जुलाई को शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को बढ़ाने के लिए रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध अभिनेता श्री मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। डिजिटल पहल, एमओयू, आधारशिला कार्यक्रम एवं अनुबंध आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू  चित्रकूट घाट में 'स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस' परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा। शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फॉर टूरिस्ट्स) का उद्घाटन मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिये एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों—मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे। वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र पर आधारित विभिन्न सत्र होंगे। मध्यप्रदेश में वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, पर्यटन अनुभव और निवेश पर मंथन होगा। इसमें “वन पथों से विरासत की कहानियों तक : रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण”, “मध्यप्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण” और “मध्यप्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर” विषय पर सत्र होंगे। हितधारकों पर्यटन व्यवसाय में निवेश की संभावनाओं पर करेंगे चर्चा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। प्रदर्शनी में दिखेगा मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक गौरव रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटिलिटी ब्रांड्स, होमस्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडीक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति भी होगी। फैम टूर का आनंद लेंगे हित-धारक एवं निवेशक रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (FAM Tour) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।  

महाकुंभ 2028 से पहले उज्जैन में पंढरपुर-मथुरा जैसी सुविधाएं, फैसिलिटी हब पर काम शुरू

 उज्जैन  साल 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां नई दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उज्जैन प्रशासन का लक्ष्य इस बार सिर्फ परंपराओं का पालन नहीं बल्कि तीर्थ व्यवस्थाओं को एक आधुनिक, सुविधाजनक और यादगार अनुभव में बदलना है। प्रशासन अब महाराष्ट्र के पंढरपुर और उत्तर प्रदेश के मथुरा जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों से प्रेरणा लेकर सिंहस्थ के लिए अत्याधुनिक फैसिलिटी सेंटर तैयार करने की योजना बना रहा है। पंढरपुर की प्रसिद्ध वारी यात्रा और मथुरा की ब्रज परिक्रमा में हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इन तीर्थस्थलों पर विकसित फैसिलिटी सेंटर श्रद्धालुओं को छाया, पीने का पानी, स्नानघर, शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा, विश्राम स्थल और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था प्रदान करते हैं। इसी तर्ज पर अब उज्जैन में भी स्थायी, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल फैसिलिटी सेंटर बनाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ 2028 में अब केवल अस्थायी टेंट या पारंपरिक पड़ाव नहीं होंगे, बल्कि फैसिलिटी सेंटर श्रद्धालुओं के लिए एक समग्र अनुभव का केंद्र बनेंगे। यहां डिजिटल सूचना पटल, छायादार विश्राम क्षेत्र, पुरुष व महिलाओं के लिए पृथक स्नानगृह, ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, जल वितरण केंद्र और चिकित्सा सहायता केंद्र जैसे अत्याधुनिक इंतजाम होंगे। इन स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल नेविगेशन सिस्टम भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कहा 'सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं की कसौटी है। हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को एक प्रेरक, सुरक्षित और सुविधा युक्त अनुभव मिले। पंढरपुर और मथुरा जैसे तीर्थस्थलों की परंपराओं और अनुभवों से प्रेरणा लेकर उज्जैन को एक स्मार्ट तीर्थ मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।' गौरतलब है कि सिंहस्थ महाकुंभ विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं। इस विशाल भीड़ को सुचारु रूप से संभालने और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए स्थायी फैसिलिटी सेंटर न केवल सहूलियत देंगे, बल्कि उज्जैन को तीर्थ व्यवस्थाओं का आदर्श मॉडल भी बनाएंगे।

क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more

क्या क्रिकेट का सिस्टम तैयार है ऐसे हादसों के लिए? पंत की चोट ने किया खुलासा, विवादों में घिरा सब्स्टीट्यूट नियम

मैनचेस्टर भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल ट्रैफर्ड में खेले जा रहे टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को गंभीर चोट लगी. ऋषभ पंत को यह चोट पहले दिन के खेल के दौरान दाएं पैर के अंगूठे में लगी थी, तब वो क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप मारने की कोशिश कर रहे थे. ऋषभ काफी दर्द में दिखे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. हालांकि ऋषभ पंत ने अगले दिन फिर से बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ने भी कामयाब रहे. हालांकि पंत इस मैच में विकेटकीपिंग करने की हालत में नहीं हैं. ऐसे में उनकी जगह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल निभा रहे हैं. एक बात गौर करने वाली है कि जुरेल सिर्फ कीपिंग कर सकते हैं, वो आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियमानुसार बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर पाएंगे. मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए तो उसकी जगह आने वाला सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सिर्फ फील्डिंग कर सकता है, लेकिन वो खिलाड़ी बैटिंग या बॉलिंग नहीं कर सकता. लेकिन यदि खिलाड़ी को सिर या आंख में चोट लगती है और वो कन्कशन टेस्ट में फेल हो जाता है, तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट का इस्तेमाल किया जा सकता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूट गेंदबाजी, बल्लेबाजी या फील्डिंग कर सकता है. पंत की चोट ने खोल दी क्रिकेट के सिस्टम की पोल, सब्स्टीट्यूट रूल बना व‍िवाद  भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में टूटे पैर के साथ बल्लेबाजी कर अद्भुत साहस दिखाया और अर्धशतक पूरा किया. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में मेडिकल सब्स्टीट्यूट (चोटिल खिलाड़ियों की जगह किसी और को लाने की अनुमति) की इजाजत न देना दिखाता है कि क्रिकेट अब भी पुराने जमाने के नियमों में फंसा है. दरअसल, मैनचेस्टर टेस्ट मैच में ऋषभ पंत ने टूटे पैर के साथ बहादुरी दिखाते हुए बल्लेबाजी की. पहले दिन चोटिल होकर रिटायर होने के बाद अगले दिन वह फिर मैदान पर उतरे… 37 रनों से अपनी पारी आगे बढ़ाई और अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने इस दौरान 28 गेंदों का सामना किया और 17 रन बनाए. वॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा, 'टूटा पैर लेकर बल्लेबाजी करते देखना जबरदस्त था. उन्होंने हिम्मत और स्किल दोनों दिखाई, लेकिन वे ठीक नहीं थे. दौड़ नहीं पा रहे थे, और इससे उनकी चोट और बढ़ सकती थी.' उन्होंने कहा कि विकेटकीपर की जगह तो सब्स्टीट्यूट खेलने आता है, लेकिन बैटिंग या बॉलिंग के लिए नहीं- यह नियम बिल्कुल अजीब और गलत है. क्रिकेट ही अकेला खेल है जिसमें ऐसी स्थिति में खिलाड़ी नहीं बदला जा सकता. इससे यह पता चलता है कि क्रिकेट अब भी अंधकार युग में जी रहा है. वॉन का मानना है कि चोट लगने पर खिलाड़ी को हटाकर किसी समान स्तर के खिलाड़ी को लाने की अनुमति मिलनी चाहिए- जैसे बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज या स्पिनर के बदले स्पिनर.अगर किसी खिलाड़ी को हड्डी टूटने जैसी गंभीर चोट लगे और डॉक्टर या स्कैन से वह साबित हो जाए, तो उस खिलाड़ी की जगह किसी और को आने देना चाहिए.' उन्होंने सुझाव दिया कि मैच से पहले हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप प्लेयर तय कर लिया जाए. दोनों टीमें उसे मंजूरी दें. मैच रेफरी इसकी निगरानी करे. वॉन ने यह भी कहा, 'कंन्कशन (सिर की चोट) के लिए तो सब्स्टीट्यूट मिल जाता है, लेकिन बाकी चोटों के लिए नहीं- यह समझ से बाहर है.'  उनका मानना है कि पुराने नियमों पर अड़े रहने से जानबूझकर खेल का प्रभाव कम किया जा रहा है क्योंकि एक टीम को इसके कारण मैच के चार दिनों तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ रहा है.' वॉन ने पंत के पहले दिन क्रिस वोक्स के खिलाफ खेले गए रिवर्स स्वीप शॉट को 'मूर्खतापूर्ण' बताया, और कहा कि पंत को इसे अधिक पारंपरिक ढंग से खेलना चाहिए था. वॉन ने कहा, 'पंत जैसा खिलाड़ी कभी देखा नहीं गया. वे अलग हैं. चोट खुद की गलती हो सकती है, लेकिन फिर भी उन्होंने जो साहस दिखाया, वो काबिल-ए-तारीफ था.वे लंगड़ाते हुए मैदान पर आए, उनका एक जूता बड़ा और मोटा था, फिर भी उन्होंने बेन स्टोक्स की तेज गेंदबाजी में बल्लेबाजी की- आम खिलाड़ी ऐसा करने से डर जाते. इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट के दूसरे दिन, टूटी हुई पैर की हड्डी (फ्रैक्चर) के बावजूद ऋषभ पंत ने जो जुझारू पारी खेली, उसने पूरे क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया. उनके इस जज्बे की रवि शास्त्री, चेतेश्वर पुजारा, दिनेश कार्तिक समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने खुलकर सराहना की. रवि शास्त्री (पूर्व कोच) – ऐसा करने के लिए सिर्फ जज्बा नहीं, उससे कहीं ज्यादा हिम्मत चाहिए. जिसने कभी सोचा कि पंत 'टीम मैन' नहीं हैं, उन्हें अब जवाब मिल गया है. चेतेश्वर पुजारा (पूर्व बल्लेबाज) – इतना दर्द सहकर भी पंत ने जो साहस दिखाया, वह असाधारण है. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो कठिन समय में आगे आएं. दिनेश कार्तिक (पूर्व विकेटकीपर) – जब वह मैदान पर थे, लगा कि यह लम्हा हमेशा के लिए यादगार बन गया. इंग्लैंड को पंत से लगाव है और अब वजह भी है. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर नासिर हुसैन ने 'स्काई स्पोर्ट्स' पर कहा, ‘उन्होंने बहुत जोखिम उठाया. उनमें प्रतिभा तो है ही, साथ ही उनका दिल भी बहुत बड़ा है.’ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन ने कहा, ‘पंत ने इस सीरीज में बहुत कुछ दिया है. लीड्स में दो शतक, शानदार जश्न, लेग साइड में शॉट लगाने के लिए बल्ला फेंकना और अब एक पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद अर्धशतक बनाना. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह किसी उद्देश्य के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे.’ आईसीसी करेगी नियमों में बदलाव? अब ऋषभ पंत की इंजरी के बाद आईसीसी सब्स्टीट्यूट नियमों में बदलाव कर सकता है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में बाहरी चोटों के लिए भी टीमों को रिप्लेसमेंट की अनुमति दी जा सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आईसीसी इसे लेकर पहले से ही चर्चा कर रहा है. आईसीसी की क्रिकेट समिति की अगली बैठक में इस पर मुहर लग सकती है. आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, 'इस बात की संभावना है कि गंभीर बाहरी चोटों लगने की स्थिति में टीमों … Read more