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कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैफे ‘कैप्स कैफे’ पर फिर से चलीं गोलियों

मुंबई  कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैफे 'कैप्स कैफे' पर गुरुवार के दिन फिर से गोलियों चलीं। यह घटना एक महीने के अंदर दूसरी बार हुई है। राहत की बात ये है कि जब फायरिंग हुई तब कैफे बंद था इसलिए किसी के भी घायल होने की खबर नहीं आई है। इस हमला की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने ली है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ अपना संबंध बताते हैं। गोल्डी ढिल्लों का पोस्ट गोल्डी ढिल्लों ने ऑनलाइन एक पोस्ट के माध्यम से कहा, “जय श्री राम। सत श्री अकाल, राम राम सभी भाइयों को। आज सरे में कपिल शर्मा के 'कैप्स कैफे' पर हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी हम लेते हैं। हमने इसको कॉल करने किया था, लेकिन इसको फोन की रिंग नहीं सुनाई दी इसलिए हमें कार्रवाई करनी पड़ी। अगर इसको दोबारा फोन की रिंग सुनाई नहीं देगी तो अगली कार्रवाई मुंबई में होगी।” पुलिस कर रही है जांच कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर की पुलिस ने दोनों हमलों की जांच शुरू कर दी है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा, तलाशी, गवाहों और कैफे के कर्मचारियों से पूछताछ शामिल है। बता दें, ये कपिल शर्मा का पहला अंतरराष्ट्रीय रेस्टोरेंट है और यह पिछले साल ही खुला था। 10 जुलाई के दिन हुआ था पहला हमला इससे पहले 10 जुलाई के दिन कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ पर फायरिंग हुई थी। इसकी जिम्मेदारी खालिस्तानी आतंकवादी हरजीत सिंह लाडी ने ली थी। हरजीत सिंह नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की लिस्ट में मोस्ट वांटेड आतंकवादियों में शामिल है और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़ा है।  

जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड में सीरीज के दौरान नंबर एक गेंदबाज होने के मानकों पर खरे नहीं उतरे: इरफान पठान

नई दिल्ली  भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज में सिर्फ तीन मैच खेले थे। कार्यभार प्रबंधन के कारण दो टेस्ट मैचों में जसप्रीत बुमराह नहीं खेले थे। तीन टेस्ट खेलने के बावजूद वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले चौथे गेंदबाज रहे। हालांकि सीरीज के दौरान वह कुछ पारियों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और विकेट लेने के लिए जूझते नजर आए और इसी वजह से भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने कहा है कि जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड में सीरीज के दौरान नंबर एक गेंदबाज होने के मानकों पर खरे नहीं उतरे।   पूर्व भारतीय क्रिकेटर से कमेंटेटर बने इरफान पठान ने कहा है कि जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड में सीरीज के दौरान नंबर एक गेंदबाज होने के मानकों पर खरे नहीं उतरे। जसप्रीत बुमराह ने पांच मैचों की टेस्ट के तीन मैच में 5 पारियों में 14 विकेट लिए। बुमराह ने तीन टेस्ट में 119.4 ओवर डाले। चौथे टेस्ट में मैनचेस्टर में उन्होंने अपने करियर में पहली बार 100 से ज्यादा रन दिए। इरफान ने कहा कि भले ही उनका नाम सम्मान बोर्ड पर दर्ज हो गया, लेकिन वह नंबर एक गेंदबाज की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''ईमानदारी से कहूं तो जब वह खेलते हैं, तो उन्होंने प्रदर्शन किया है। उन्होंने पांच विकेट हॉल लिया और उसका नाम लॉर्ड्स के सम्मान बोर्ड पर दर्ज हो गया। लेकिन जब आप नंबर वन गेंदबाज हो, उनसे नंबर एक लेवल के प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है और मुझे लगता है कि वह उस पर खरा नहीं उतर पाए।" उन्होंने आगे कहा, ''मैच के दौरान कुछ पल ऐसे थे, जब छठे ओवर की जरूरत थी, मैंने ये कमेंट्री के दौरान ये भी कहा। जो रूट को उन्होंने 11 बार आउट किया और लॉर्ड्स टेस्ट में बुमराह ने पांच ओवर डाले, बस एक और ओवर, छठा, और जोर लगाया जा सकता था। मुझे लगा कि उन्होंने वहां थोड़ा संयम बरता। कुछ चुनिंदा विकल्प भी थे, जिनके मैं हमेशा से खिलाफ रहा हूं, और वो भी साफ दिख रहा था।'' बुमराह की गैरमौजूदगी में सिराज ने दमदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टेस्ट में भारत को छह रन से जीत दिलाकर सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाने वाले सिराज ने आखिरी मैच में नौ और सीरीज में 23 विकेट लिये। उन्होंने पांच टेस्ट में 185.3 ओवर डाले।  

शाकाहारी भी पा सकते हैं पूरा पोषण

मांसाहारियों को काफी हद तक उनके भोजन से पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती हैं। लेकिन इस मामले में कई बार शाकाहारी पीछे छूट जाते हैं। कई ऐसे पोषक तत्वों की इनमें कमी पाई जाती है। ऐसा नहीं है कि शाकाहारी भोजन से पूर्ण पोषण नहीं पा सकते, बस जरूरत होती है अपने भोजन को सही अनुपात और तरीके से लेने की। प्रोटीन का पोषण महिलाओं को प्रतिदिन 46 ग्राम और पुरुषों को 56 ग्राम प्रोटीन हर दिन आवश्यक होता है। वैसे यह मात्रा व्यक्ति की उम्र, हाइट और वजन पर निर्भर करती है। ये हैं प्रोटीन के स्रोतः एक कप साबुत अनाज जैसे ज्वार या बार्ली जैसे अनाज में 18 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है, एक कप टोफू में 18 से 20 ग्राम प्रोटीन, काबुली मटर, मटर और सोयाबीन में काफी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, एक कप बीन्स में लगभग 15 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है साथ ही दालों में भी बड़ी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, दही पचाने में काफी आसान होता है और यह शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है। विटामिन डी का पोषण कमजोर मांसपेशियां और खराब बोन डेंसिटी विटामिन डी की डिफिशिएंसी के प्रमुख लक्षणों में से एक हैं। लेकिन इस विटामिन की कमी से बच्चों में अस्थमा, वृद्धावस्था में कॉग्नेटिव इम्पेयरमेंट, इंटोलरेंस और मल्टीपल स्केलरोसिस की समस्या भी हो सकती है। वैसे इन समस्याओं को समय रहते सुधारा जा सकता है। कितनी मात्रा में चाहिए 1-70 साल के बीच की उम्र वालों को 15 माइक्रोग्राम प्रतिदिन की आवश्यकता होती है। इससे अधिक उम्र वालों को प्रतिदिन 20 माइक्रोग्राम की जरूरत होती है। ये हैं विटामिन डी के स्रोतः सोया से तैयार उत्पाद जैसे टोफू और सोया बड़ी, ओट्स, मशरूम, सूरज की रोशनी, ऑरेंज जूस, फोर्टिफाइड अनाज विटामिन डी के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। विटामिन बी12 का पोषण इस विटामिन की कमी से एनीमिया, नर्व डैमेज, थकान और खराब स्मरणशक्ति की परेशानियां हो सकती हैं। विटामिन बी12 से रक्त के निर्माण और कोशिकाओं के डिविजन में मदद मिलती है। कितनी मात्रा में चाहिए वयस्कों को 1.9-2.4 माइक्रोग्राम की जरूरत होती है। वहीं गर्भवतियों को 2.6 माइक्रोग्राम, स्तनपान करा रही महिलाओं को 2.8 माइक्रोग्राम विटामिन बी12 की आवश्यकता प्रतिदिन होती है। ये हैं विटामिन बी 12 के स्रोतः चीज, अंडे, दही, व्हे पावडर, फोर्टिफाइड अनाज, लो फैट दही, ड्राय फ्रूट्स एवं नट्स इसके कुछ प्रमुख स्रोत हैं।  

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री साय

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही। मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री दयाल दास बघेल, लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं बसव राजू, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, रोहित यादव, कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

कुबेरेश्वर धाम हादसा: भीड़ और शोर बना काल, प्रशासन ने 8 डीजे ऑपरेटरों पर दर्ज किया केस

सीहोर कुबेरेश्वर धाम से एक 40 वर्षीय युवक अनिल पिता महावीर को अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। मृतक अस्थमा का मरीज भी था। मृतक ग्राम खेड़ा कला, दिल्ली निवासी हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान तीन दिन में सात मौत हो चुकी हैं। छठे मृतक की पहचान उपेन्द्र गुप्ता पिता प्रेम गुप्ता उम्र 22 निवासी जिला गोरखपुर तहसील पिपराइच बड़ा टोला उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। कुबेरेश्वर धाम पर अब तक हुई 7 लोगों की मौत में दो महिलाओं की मौत धक्का मुक्की के दौरान हुई थी। चार लोगों की मौत प्राकृतिक तौर पर हुई है। गुरुवार को ही दूसरी और अब तक सातवीं मौत अनिल पिता महावीर की हुई है।   8 डीजे संचालकों पर सीहोर पुलिस की कार्रवाई 6 अगस्त को कोतवाली पुलिस सीहोर द्वारा बिना अनुमति के तेज आवाज में डीजे बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले व वाहनों पर उनके आकार से कई अधिक बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर राजमार्ग अवरुद्ध कर यातायात बाधित करने वाले आठ डीजे संचालकों पर कार्रवाई की गई है। 6 अगस्त को सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा सीवन नदी सीहोर से जल भरकर कुबरेश्वर धाम तक कावड़ यात्रा निकाली जा रही थी, जिसके कारण सीहोर से लेकर कुबरेश्वर धाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ थी जो पैदल-पैदल कांवड़ लेकर जा रहे थे, जिसके कारण हाईवे पर अधिक ट्रैफिक था। ऐसे में कुछ डीजे संचालक ध्वनि तीव्रता की निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजा रहे थे व वाहनों पर उनके आकार से कई अधिक बड़े-बड़े साउंड सिस्टम लगाकर यातायात बाधित कर रहे थे, जिसकी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रविंद्र यादव के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा अलग-अलग जगह से आठ डीजे जब्त कर उनके विरुद्ध मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया। इन वाहनों को किया गया जब्त जब्त किए गए डीजे में वाहन क्रमांक एमपी 14 एच बी 0125 त्रिनेत्र डीजे संचालक निखिल कुमार पिता सुरेश परमार आयु 25 साल निवासी बड़ोदरा गुजरात एमपी 09एचएफ9586 नटराज डीजे कुशवाहा पिता राजाराम कुशवाहा निवासी मुबारकपुर भोपाल, यूपी 78 सीटी 6178 कसाना डीजे संचालक राजा सोलंकी पिता कन्हैयालाल सोलंकी निवासी पटेल कॉलोनी बढ़िया खेड़ी सीहोर, सीजी 07 सीएन 3589 संचालक स्वदेश छीरेले पिता राम नारायण छीरेले निवासी कैंप भिलाई दुर्ग छत्तीसगढ़, एमपी 04 एच ई 1058 बाबा डीजे संचालक कमलेश कुशवाह पिता कैलाश कुशवाहा निवासी मोती बाबा मंदिर के पास सीहोर, एमपी 13 एच 2008 प्रशांत डीजे संचालक अश्विन काटने पिता गौतम कथा ने निवासी सर्वदा कॉलोनी कोलार रोड सी सेक्टर भोपाल, एमपी 09 एच जे 8861 संचालक बाबूलाल पिता ब्रिजी मातो निवासी ग्राम बगला थाना चंदनक्यारी जिला बोकारो झारखंड, यूपी 53 ईटी 2782 संचालक राजेंद्र प्रताप प्रेमचंद उम्र 27 साल निवासी अंबेडकर नगर थाना अरहवली जिला उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

भारत ने मानी अमेरिका की बात? सरकारी तेल कंपनियों ने रूस से डील रोकी

नई दिल्ली  रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। अब अमेरिकी दबाव के बीच भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल रूसी कच्चे तेल की स्पॉट खरीद को रोकने का फैसला लिया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) जैसी कंपनियों ने अक्टूबर लोडिंग के लिए रूस के उरल्स ग्रेड तेल की खरीद से फिलहाल दूरी बना ली है। यह फैसला तब तक प्रभावी रहेगा जब तक केंद्र सरकार इस पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं देती। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के सभी निर्यातों पर दोगुना टैरिफ लगा दिया है। माना जा रहा है कि यह निर्णय भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद जारी रखने की "सीधी सजा" है। ट्रंप सरकार के इस कदम का उद्देश्य रूस पर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का दबाव बनाना है। भारत सरकार ने औपचारिक रूप से तेल कंपनियों को रूस से तेल खरीदने से मना नहीं किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने कंपनियों से यह जरूर कहा है कि वे गैर-रूसी विकल्पों की योजना तैयार रखें। भारतीय तेल कंपनियां आमतौर पर 1.5 से 2 महीने पहले के शॉर्ट-टर्म साइकिल में तेल की खरीद करती हैं, जिससे समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इस चक्र में फिलहाल अक्टूबर के लिए खरीद योजनाएं बन रही हैं। हालांकि यह संभावना नहीं है कि भारत की ओर से अक्टूबर लोडिंग वाले उरल्स की खरीद पूरी तरह रुक जाएगी, लेकिन खरीद में कमी जरूर आ सकती है। इससे अमेरिका, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के अन्य कच्चे तेल ग्रेड्स की मांग बढ़ सकती है। व्यापारियों का मानना है कि रूस अब चीन को और अधिक डिस्काउंट पर तेल बेच सकता है, हालांकि चीन उरल्स ग्रेड ज्यादा नहीं लेता। उरल्स ग्रेड तेल रूस से निर्यात किया जाने वाला एक प्रकार का कच्चा तेल है, जो मुख्य रूप से यूराल और वोल्गा क्षेत्रों के तेल क्षेत्रों से प्राप्त होता है। यह मध्यम-भारी और उच्च सल्फर युक्त कच्चा तेल है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से रिफाइनरियों में डीजल, गैसोलीन और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन के लिए किया जाता है। गौरतलब है कि जुलाई के अंत में सितंबर लोडिंग के लिए उरल्स की खरीद में भी गिरावट देखी गई थी क्योंकि कीमतें अधिक थीं। इसके बाद सरकारी कंपनियों ने अन्य क्षेत्रों से स्पॉट टेंडर के जरिए तेल खरीदा है। वहीं निजी कंपनियां रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। नायरा एनर्जी को यूरोपीय यूनियन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण उत्पादन दर में गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। रूस का उरल्स ग्रेड कच्चा तेल पश्चिमी रूस से आता है। अगस्त और सितंबर लोडिंग वाले कार्गो भारत को सामान्य रूप से डिलीवर होने की संभावना है, जब तक कि भारत सरकार से कोई नया निर्देश नहीं आता। कुछ टैंकरों ने हाल के दिनों में भारतीय बंदरगाहों पर कार्गो उतारा है, हालांकि कुछ मामूली देरी जरूर हुई है। यूक्रेन युद्ध से पहले भारत लगभग शून्य के बराबर रूसी तेल खरीदता था, लेकिन युद्ध के बाद यह आंकड़ा 20 लाख बैरल प्रतिदिन से भी ऊपर पहुंच गया था। भारत पेट्रोलियम के पूर्व रिफाइनरी निदेशक आर. रामचंद्रन के अनुसार, “कुछ समय के लिए परिचालन में बाधा जरूर आएगी, लेकिन तेल की मांग और आपूर्ति में संतुलन बन जाएगा। यदि रूसी सप्लाई मुश्किल होती है, तो मध्य-पूर्वी देशों विशेषकर सऊदी अरब और इराक से कच्चा तेल बेहतर विकल्प हो सकता है।” इस घटनाक्रम ने वैश्विक बाजार को भी झटका दिया है। ब्रेंट क्रूड के दाम फिलहाल 67 डॉलर प्रति बैरल के पास स्थिर हैं, जो लगातार पांच दिनों की गिरावट के बाद देखी गई स्थिति है। व्यापारी इस बात का आकलन कर रहे हैं कि अगर भारत रूस से तेल खरीद कम करता है तो वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर क्या असर पड़ेगा।  

विंडोज के लिए बेस्टी हैं ये फ्री एंटीवायरस प्रोग्राम

अगर आप विंडोज कम्प्यूटर यूजर हैं तो आपको एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर की जरूरत पड़ेगी। विंडोज के तमाम सुरक्षा दावों के बावजूद अपडेशन के दौरान कोई न कोई वायरस आपके कम्प्यूटर में आ ही जाता है। यदि आपके कम्प्यूटर में एक अच्छाद एंटी वायरस प्रोग्राम हो तो यह उस सुरक्षित रखता है। एक अच्छा एंटी वायरस न केवल वायरस वाली फाइलो को रोकता है बल्कि नए-नए वायरसों से निपटने के लिए अपडेशन भी इंस्टॉशल करता रहता है। जब भी आप नया कम्प्यूटर खरीदते हैं तो डीलर आपको एंटी वायरस प्रोग्राम खरीदने के लिए भी कहता है। हालांकि अधिकांश यूजर फ्री एंटी वायरस प्रोग्राम डाउनलोड करना पसंद करते हैं। जिसके साथ एंटी मालवेयर प्रोग्राम भी मिल जाता है। यूजर्स से मिले फीडबैक और एंटी वायरस की क्षमताओं के आधार पर हम आपको कुछ ऐसे प्रोग्राम्सि की जानकारी दे रहे हैं, जो विंडोज की सुरक्षा के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं: एवेस्टी 2015 फ्री एंटीवायरस एवेस्टी एक आसान एंटीवायरस प्रोग्राम है। जो काफी आसान तरीके से यूजर को समस्याओं की जानकारी देता है। यह वायरस काफी आसान है और वायरस लिस्ट के अनुसार अपनी डेफिनेशन को अपडेट करता रहता है। इसमें अनाउंसमेंट को साइलेंट भी किया जा सकता है। पांडा फ्री एंटीवायरस 2015 एवेस्टम की ही तरह पांडा भी वायरस प्रोटेक्शान के मामले में काफी अच्छार एंटी वायरस प्रोग्राम माना जाता है। इसका इंटरफेस देखने में तो आकर्षक है, एवेस्टं की तरह लेकिन यूजर फ्रेंडली नहीं है। इसमें एक अच्छा फीचर है और वो है यूएसबी वैक्सीइन। इस फंक्शैन पेन ड्राइव से आने वाले इंफेक्शीन और वायरस से आपके कम्यूाना टर को बचाता है। बिटडिफेंडर एंटी वायरस फ्री एडिशन बिटडिफेंडर की खासियत है कि यह प्रोग्राम डिफॉल्टस तरीके से बैकग्राउंड में चलता रहता है। यह यूजर को तब तक किसी भी तरह से परेशान नहीं करता है, जब तक कि उसे कोई इंफेक्शंन या दूसरा एंटी वायरस प्रोग्राम न मिले। यदि आपका पीसी वायरस इंफेक्टेड हो ऊपर बताए गए वायरस तभी कारगर साबित होंगे, जब उन्हेंह बिना किसी इंफेक्शेन के इंस्टॉसल किया गया हो। यदि इंफेक्शंन के बाद इंस्टॉिल किया जाएगा तब भी ये कारगर तो होंगे, लेकिन उस समय एंटीवायरस के बजाय मालवेयर ज्याकदा उपयोगी होता है।  

AAP की मुश्किलें बढ़ीं! ‘फांसी घर’ केस में केजरीवाल समेत कई नेताओं को नोटिस का अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली में इस समय विधानसभा परिसर में फांसी घर पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच रार छिड़ी हुई है। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता इसे इतिहास का हवाला देकर गलत ठहरा चुके हैं। बीते तीन दिनों से दिल्ली विधानवसभा में इसे लेकर बहस जारी है। इसी सिलसिले में आज एक कदम और आगे बढा़ते हुए स्पीकर ने इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ी तो इसके लिए अरविंद केजरीवाल को भी समन किया जा सकता है। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पहले सदन को बताया था कि जिस संरचना का 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल की ओर से फांसी घर के रूप में नवीनीकरण और उद्घाटन किया गया था, वह वास्तव में रिकॉर्ड के अनुसार एक टिफिन रूम था। विधानसभा परिसर का 1912 का नक्शा दिखाते हुए, उन्होंने बुधवार को कहा था कि ऐसा कोई दस्तावेज या सबूत नहीं है जो यह दर्शाता हो कि उस जगह का इस्तेमाल फांसी देने के लिए किया गया था। गुरुवार को इस मामले पर निर्देश देते हुए गुप्ता ने कहा कि उन्होंने इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेजा है। उन्होंने कहा, "समिति पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को तलब करेगी।" उन्होंने अपने आरोप को दोहराया कि फांसी घर के नाम पर झूठ फैलाया गया और इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा गया। उन्होंने सदन में कहा कि फांसी घर के बाहर लगी केजरीवाल के नाम वाली पट्टिका हटाई जाएगी। इसे टिफिन रूम दर्शाने वाला 1912 का नक्शा भी प्रदर्शित किया जाएगा।  

रक्षाबंधन पर बालिकाओं ने दिखाई आत्मनिर्भरता की मिसाल

वल्लभ भवन में बालिका गृह की बालिकाओं ने लगाया हस्तनिर्मित राखियों का स्टॉल भोपाल  रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व को आत्मनिर्भरता और रचनात्मकता से जोड़ते हुए शासकीय बालिका गृह, नेहरू नगर, भोपाल की बालिकाओं ने एक प्रेरणास्पद पहल की है। बालिकाओं द्वारा स्वयं निर्मित आकर्षक राखियों का स्टॉल राजधानी के प्रशासनिक केन्द्र वल्लभ भवन में लगाया गया, जिसने न केवल सभी का ध्यान आकर्षित किया बल्कि उन्हें भावनात्मक रूप से भी जोड़ा। यह स्टॉल वल्लभ भवन-2 के गेट क्रमांक 8 एवं वल्लभ भवन-3 के गेट क्रमांक 13 पर स्थापित किया गया। अपर मुख्य सचिव महिला बाल विकास श्रीमती रश्मि अरुण शमी तथा सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि ने स्टाल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बालिकाओं की कलात्मक प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की और राखियाँ खरीदकर उनके आत्मविश्वास को प्रोत्साहन प्रदान किया। स्टॉल पर पहुंचे विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी बालिकाओं की मेहनत और लगन को सराहा तथा राखियाँ खरीदकर उनके प्रयास को सफल बनाया। बालिकाओं में आत्मनिर्भरता का आत्मविश्वास और उनके चेहरों पर रचनात्मक सफलता की मुस्कान, इस आयोजन को विशेष बना गई। इस पहल ने न केवल बालिकाओं में हस्तकला, स्वावलंबन और सामाजिक सहभागिता की भावना को सशक्त किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि जब अवसर और मंच मिले, तो हर बालिका अपनी प्रतिभा से समाज को दिशा दे सकती है।

फेस वॉश करते हुए ना करें ये गलतियां

अगर आप बिना सोचे-समझे लापरवाही के साथ जब तब अपना चेहरा धोते हैं तो इन बातों का रखें ध्यान। ज्यादा चेहरा धोने से भी आपकी स्किन जल्दी एज करेगी। दिनभर में दो बार से ज्यादा चेहरा ना धोएं। हां! अगर वर्कआउट करते हैं तो पोस्ट-वर्कआउट एक बार धोना ठीक है। साबुन हटा दें। यह आपकी स्किन के नैचरल ऑइल खींच लेता है और इरिटेशन भी पैदा करता है। अगर स्किन सेंसिटिव है तो नॉन-सोप क्लेंजर यूज करें। ऐसे क्लेंजर चुनें जिनमें ग्रीन-टी जैसे इंग्रेडिएंट्स हों जिससे आपकी स्किन सॉफ्ट और स्मूद बनी रहेगी। अगर आपकी स्किन ऑइली है तो सैलिसैलिक एसिड वाला फेस वॉश यूज करें। एक्सफोलीएटर यूज करने से आपकी स्किन का टेक्स्चर और टोन सुधरता है। जैसे-जैसे उम्र ढलती जाती है हमारे स्किन के वो एन्जाइम्स जो नैचरल एक्सफोलीएटर होते हैं, वो कम होते जाते हैं। इसलिए कॉम्प्लेक्शन रफ और डल हो जाता है। रात में सोने से पहले एक्सफोलिएट करें। उस वक्त स्किन रिन्युअल मोड में होती है और नए स्किन सेल्स बनाती है। ध्यान रखें कि हफ्ते में दो बार से ज्यादा एक्सफोलिएट नहीं करें। मेकअप लगाने के बाद रात में देर हो जाने पर बिना चेहरा धोए नहीं सोना चाहिए। इससे आपका कॉम्प्लेक्शन हमेशा के लिए बिगड़ सकता है। मेकअप पोर्स पूरी तरह से बंद कर देता है। आंखों का मेकअप उतारना भी बेहद जरूरी है वरना इन्फेक्शन का रिस्क रहता है। सर्दियों में इस बात का ज्यादा ख्याल रखें क्योंकि तब स्किन सबसे ज्यादा ड्राय होती है। गर्म पानी आपकी स्किन और ज्यादा ड्राय कर देता है। चेहरा सिंक में धोएं शॉवर में नहीं। ऐसे में आप गुनगुना या ठंडा पानी यूज कर सकते हैं। मेकअप हटाने के लिए या जब आप जल्दी में हों तो क्विक क्लेंजिंग के लिए फेशियल वाइप्स अच्छे हैं, लेकिन इन्हें अपने रेग्युलर क्लेंजर की जगह यूज नहीं करें। पोर्स की अंदर तक सफाई के लिए घर पर स्क्रब और क्लेंजर ही यूज करें।