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मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में बहनों से बंधवाई राखी और दिये उपहार

पीकेसी नदी जोड़ो परियोजना से आगर-मालवा भी होगा लाभान्वित जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को आगर-मालवा जिले को मिले दो आईएसओ प्रमाण-पत्र दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण मुख्यमंत्री आगर मालवा जिले में रक्षाबंधन पर्व में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, सम्मान हैं, अभिमान हैं। बहनों के बिना यह संसार सूना है। उन्होंने कहा कि जीवन तो नश्वर है, पर भाई-बहन का ये स्नेहिल रिश्ता शाश्वत है और आगे भी रहेगा। जब तक संसार है, यह अनमोल और अटूट रिश्ता भी अजर-अमर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने बहनों को उनका हर वाजिब हक दिलाया है। बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबकी राखी स्वीकार की और कहा कि आप सबके आशीर्वाद से ही मुझे प्रदेश के विकास के लिए प्राण-प्रण से जुटे रहने की असीम ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आगर मालवा जिले के बाबा बैजनाथ महादेव धाम में श्रावण पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बहनों और दिव्यांगजनों के प्रति गहरा स्नेह, सम्मान और इनके प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों से राखी बंधवाई, उन्हें मिठाई खिलाई, उपहार दिए, सावन के झूले में झूलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को श्रावण एवं रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देवी अहिल्या नारी शक्ति कल्याण मिशन चलाया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारी सरकार मिशन मोड पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे दिव्यांगजन परमात्मा के दिव्य अंश हैं। इन्हें परमेश्वर ने विशेष शक्तियों से नवाजा है। इन्हें सिर्फ़ प्रोत्साहन की जरुरत है और हमारी सरकार हर कदम पर इनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शैक्षणिक मदद, पेंशन राशि या शासकीय सेवा में आरक्षण देने की बात हो, हमारी सरकार ने इनके समग्र कल्याण के लिए सभी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। आने वाला समय महिलाओं का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें चिंता न करें, आने वाला समय महिलाओं का ही है। राज्य की विधानसभा हो या देश की लोकसभा सबमें महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय तीज-त्यौहारों में एक संदेश छूपा होता है, जो समझने की जरूरत है। हम कुटुंब परम्परा के संवाहक है। भाई-बहन इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हैं। बहनों के आशीष से हर घर में बरकत है। हमारे आनंद के मूल में बहनें ही हैं। बहनें दो घरों को रोशन करती हैं। वे दो कुलों को जोड़ती हैं, उन्हें पालती-पोसती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरोधी लोगों की बातों में कभी न आएं। प्रदेश की कोई भी जनकल्याणकारी योजना बंद नहीं होगी। अभी बहनों को हर महीने 1250 रूपए मिल रहे हैं। इसी रक्षाबंधन को 250 रूपए शगुन के रूप में दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रूपए दिए जाएंगे। इसी तरह साल दर साल राशि बढ़ाते हुए वर्ष 2028 तक हमारी सरकार बहनों को 3000 रूपए महीने देगी। उन्होंने कहा कि बहनों के लिए सब कुर्बान है, बहनों के लिए हम कोई कमी नहीं कखेंगे। आगर-मालवा में हो रहा 4 हजार करोड़ रूपए का निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले की तकदीर और तस्वीर जल्दी बदलने वाली है। यहां करीब 4 हजार करोड़ की बड़ी राशि का निवेश हो रहा है। यहां आलू से जुड़े उत्पादों का बड़ा कारखाना स्थापित होने वाला है। इससे यहीं के लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों को उनके द्वारा उगाए जा रहे आलू की लागत से चार गुना ज्यादा कीमत मिलेगी। पीकेसी के बड़े लाभ का हिस्सा बनेगा आगर-मालवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का बड़ा लाभ आगर-मालवा जिले को भी मिलेगा। इससे जिले के हर एक गांव और कस्बे को पीने का पानी मिलेगा साथ ही यहां के एक-एक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा हुई है। आगर-मालवा जिले को भी जल्द ही रेल की सौगत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में मेट्रो रेल शुरू हो चुकी है, भोपाल में जल्द ही शुरू होने वाली है। इससे पहले रायसेन जिले में वंदे भारत और मेट्रो रेल के कोच बनाने की बीईएमएल की रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री का भूमिपूजन होने जा रहा है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री 10 अगस्त को इस फैक्ट्री का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताया कि आगर-मालवा जिले के थाना आगर-मालवा और एसडीओपी ऑफिस आगर-मालवा को आईएसओ प्रमाण-पत्र मिला है। कार्यक्रम में विधायक आगर-मालवा श्री माधौसिंह गेहलोत, शाजापुर विधायक श्री अरूण भीमावद, श्री ओम मालवीय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में जिले के स्व-सहायता समूहों, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्थान की बहनें, खिलाड़ी बहनें और स्कूल की बेटियां/बहनें भी उपस्थित थीं।  

आरजी कर मामले में पुलिस की बदसलूकी, रेप पीड़िता की मां ने उठाए गंभीर सवाल

कोलकाता महानगर के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दुष्कर्म व हत्या की पीड़िता डॉक्टर की मां ने शनिवार को आरोप लगाया कि जब वह अपनी बेटी के दुष्कर्म और हत्या की बरसी पर नवान्न (राज्य सचिवालय) की ओर एक मार्च में शामिल होने जा रही थीं, तो महिला पुलिसकर्मियों ने बिना उकसावे के उनके साथ धक्का-मुक्की की। इस दौरान शंख से बनी पारंपरिक चूड़ियां टूट गईं और उनके सिर पर चोट भी लगी। पीड़िता की मां ने क्या कहा? पीड़िता की मां ने कहा कि हमें इस तरह क्यों रोका जा रहा है? हम बस नवान्न पहुंचकर अपनी बेटी के लिए न्याय मांगना चाहते हैं। रैली में शामिल लोगों ने यह कहते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की कि वह महिलाओं की सुरक्षा करने में नाकाम रही हैं। वहीं, पीड़िता के पिता ने भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके परिवार को डोरिना क्रॉसिंग तक पहुंचने से रोका, जहां से उन्हें मार्च में शामिल होना था। जबकि, कोर्ट ने शांतिपूर्ण रैली की अनुमति दी थी। धरना के दौरान पीड़िता की मां हुई बीमार पीड़िता की मां रेसकोर्स के बगल वाले बैरिकेड के निकट धरना देने के दौरान बीमार हो गईं। कथित तौर पर, जब उन्होंने पुलिस से पानी मांगा तो उन्होंने नहीं दिया। बाद में, वहां मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने पानी लाया। लेकिन पानी देने और चेहरे पर पानी डालने के बाद भी पीड़िता की मां की तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पार्क स्ट्रीट बैरिकेड के निकट धरना पर बैठे नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने शिकायत की कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस घटना में 100 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए। कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया। विपक्षी नेता ने कहा कि मैं पीड़िता की मां को देखने अस्पताल जाऊंगा। पीड़िता के पिता का आरोप इससे पहले पीड़िता के पिता बैरिकेड से नीचे उतरे और बैरिकेड में एक गैप से पुलिस से बात करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "हाई कोर्ट ने हमें इजाजत दी है, आप मुझे क्यों रोक रहे हैं? हम शांतिपूर्वक जा रहे हैं। मुझे जाने दीजिए।" पुलिस से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर पीड़िता के माता-पिता कई प्रदर्शनकारियों के साथ वहीं पर बैठ गए थे।  

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक: मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री साय को जशपुर की बहनों ने बांधी राखी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह ग्राम बगिया स्थित कैंप कार्यालय में रक्षाबंधन के अवसर पर विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित बहनों ने राखी बांधकर आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना की हितग्राही दीदियों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएँ, मितानिन और स्व-सहायता समूह की बहनों ने भी मुख्यमंत्री श्री साय की कलाई पर राखी बांधी और उनके दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के अटूट रिश्ते, स्नेह और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और मोदी जी की गारंटी का अर्थ है—वादा पूरा होने की गारंटी। मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी एवं उद्यानिकी कॉलेज, 200 बिस्तरों का अस्पताल और बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए हर्राडांड (कुनकुरी) में प्रदेश का पाँचवाँ पावर प्लांट स्थापित करने की स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जशपुर के विकास में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। इस अवसर पर श्री उपेंद्र यादव, श्री सुनील गुप्ता, सरगुजा कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण, स्व-सहायता समूह की दीदियाँ और हितग्राही महिलाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।

दंतेश्वरी फाइटर्स बहनों का शौर्य अन्य बहनों के लिए अनुकरणनीय: उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री को ‘दंतेश्वरी फाइटर्स’ आत्मसमर्पित माओवादी बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ने वाली बहनों को सुरक्षा-सम्मान देने के लिए शासन प्रतिबंध: उप मुख्यमंत्री शर्मा दंतेश्वरी फाइटर्स बहनों का शौर्य अन्य बहनों के लिए अनुकरणनीय: उप मुख्यमंत्री शर्मा विकास की मुख्यधारा से जुड़ने वाली बहनों को सुरक्षा-सम्मान देने के लिए शासन प्रतिबंध रायपुर रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज सर्किट हाउस परिसर दंतेवाड़ा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप को ‘दंतेश्वरी फाइटर’ एवं आत्मसमर्पित माओवादी बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया।  मंत्री द्वय ने इस मौके पर कहा कि हम सब यहाँ एक ऐसे अद्भुत और प्रेरणादायी क्षण के साक्षी हैं, जहाँ हमारी बहनों ने नक्सलवाद के रास्ते को छोड़कर विकास की मुख्यधारा का मार्ग अपनाया है। ये वही बहनें हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों और संघर्षों को पार करते हुए, समाज में सम्मान और शांति के साथ जीवन यापन का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि आज, इन बहनों ने हमारे अलावा यहां उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, सचिव, कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत सीईओ और वरिष्ठ अधिकारियों को रक्षा सूत्र बांधकर यह विश्वास जताया है कि भाई-बहन का यह बंधन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्नेह और सम्मान का वचन है।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो भी बहनें आज भी भटकाव के उस रास्ते पर हैं, यदि वे मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लेंगी, तो पूरा समाज उन्हें खुले हृदय से अपनाएगा। हम उन्हें बहन का स्थान देंगे, उनकी सुरक्षा और सम्मान की पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे, और उनके जीवन यापन के लिए हर संभव सहायता करेंगे। रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, अपनापन और एक-दूसरे की सुरक्षा का संकल्प है। आज इन बहनों ने जो स्नेह और सम्मान दिया है, वह मेरे लिए अविस्मरणीय है। सरकार इन बहनों और बस्तर के हर नागरिक के जीवन में शांति, सम्मान और समृद्धि लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेगी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री और जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों सर्किट हाउस परिसर में पौधरोपण भी किया। साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा हर घर तिरंगा हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव स्वच्छता के संग अभियान अंतर्गत स्वच्छता जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।  इस अवसर पर विधायक चौतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक गौरव रॉय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण उपस्थित थे।

उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेंगी अच्छी पुस्तकें, युवाओं के करियर निर्माण में अहम साबित होंगी सेंट्रल लाइब्रेरी

रायपुर : युवाओं के सपनों को लगेंगे पर, बनेंगे 34 नए नालंदा परिसर नगरीय प्रशासन विभाग ने नालंदा परिसरों के लिए मंजूर किए हैं 237.58 करोड़ सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे दूरस्थ शहरों में भी खुलेंगी सेंट्रल लाइब्रेरी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अच्छा माहौल उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिलेंगी अच्छी पुस्तकें, युवाओं के करियर निर्माण में अहम साबित होंगी सेंट्रल लाइब्रेरी नगरीय प्रशासन विभाग ने नालंदा परिसरों के लिए मंजूर किए हैं 237.58 करोड़ रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सपनों को पर देने 34 नए नालंदा परिसर बना रही है। ये नालंदा परिसर केवल रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, रायगढ़ जैसे बड़े शहरों में ही नहीं बन रहे, बल्कि दूरस्थ वनांचलों के सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर, पेंड्रा जैसे शहरों में भी बन रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नए नालंदा परिसरों के लिए राशि स्वीकृत की है। वहीं रायगढ़ में सीएसआर से 700 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी का काम प्रगति पर है। इसके लिए रायगढ़ नगर निगम और एनटीपीसी (National Thermal Power Corporation) के बीच 42 करोड़ 56 लाख रुपए का करार हुआ है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर होगा।  इन सेंट्रल लाइब्रेरीज-सह-रीडिंग जोन्स से प्रदेशभर के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अच्छा माहौल मिलेगा। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अच्छी पुस्तकें भी मिलेंगी। प्रदेश के हर वर्ग के युवाओं के करियर निर्माण में ये लाइब्रेरीज काफी मददगार और अहम साबित होंगे। इन सर्वसुविधायुक्त, अत्याधुनिक लाइब्रेरीज में युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने पिछले दो वर्षों में 33 नालंदा परिसरों के लिए 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17 नगरीय निकायों में 18 नालंदा परिसरों के लिए 125 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। वहीं पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में अलग-अलग शहरों में 15 नालंदा परिसरों के लिए 111 करोड़ 70 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इनमें से 11 नालंदा परिसरों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर संबंधित निर्माण एजेंसीज को कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं। ये जल्द ही आकार लेना शुरू कर देंगे।  नगरीय प्रशासन विभाग ने 11 नालंदा परिसरों के लिए जारी किए 19.15 करोड़ उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने 11 नगरीय निकायों में नालंदा परिसरों के निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में कुल 19 करोड़ 14 लाख 87 हजार रुपए इसी महीने जारी किए हैं। विभाग द्वारा दुर्ग, राजनांदगांव और अंबिकापुर नगर निगम को प्रत्येक को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की प्रथम किस्त जारी की गई है। वहीं बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, कांकेर और जांजगीर नगर पालिका तथा कुनकुरी नगर पंचायत को प्रत्येक को एक करोड़ दस लाख 37 हजार रुपए प्रथम किस्त के रूप में जारी किए गए हैं। नालंदा परिसर के निर्माण के लिए जशपुर नगर पालिका को दो करोड़ 85 लाख 57 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की गई है।  दस शहरों में 500 सीटर और 22 में 250 सीटर लाइब्रेरी बनेंगी राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के अनुकूल माहौल देने के लिए दस नगरीय निकायों में 500 सीटर और 22 शहरों में 250 सीटर लाइब्रेरी बनाए जाएंगे। दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, बिलासपुर और भिलाई नगर निगम तथा जशपुर, लोरमी एवं गरियाबंद नगर पालिका में 500-500 सीटर नालंदा परिसरों का निर्माण किया जाएगा। वहीं धमतरी और चिरमिरी नगर निगम, कवर्धा, जांजगीर-नैला, बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कांकेर, नारायणपुर, बलरामपुर, मुंगेली, खैरागढ़, सक्ती, पेंड्रा, सारंगढ़, सूरजपुर, बैकुंठपुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा नगर पालिका तथा कुनकुरी, बसना और अंबागढ़-चौकी नगर पंचायत में 250-250 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन बनाए जाएंगे।   रायपुर में अभी तीन लाइब्रेरी संचालित, दो और बनेंगे राजधानी रायपुर में अभी तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित हैं। इनमें एक हजार सीटर नालंदा परिसर-सह-ऑक्सी रीडिंग जोन, 800 सीटर तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-स्मार्ट रीडिंग जोन और 500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी शामिल हैं। पिछले पांच वर्षों में नालंदा परिसर में पढ़ाई करने वाले 400 युवाओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर न केवल अच्छी नौकरियां हासिल की हैं, बल्कि प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश भी प्राप्त किया है। रायपुर में जल्दी ही एक हजार सीटर और 500 सीटर नई लाइब्रेरी का काम प्रारंभ होगा। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इनके लिए क्रमशः 22 करोड़ 80 लाख रुपए और 11 करोड़ 28 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के नालंदा परिसर की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को उड़ान देने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिले, इसके लिए हम अलग-अलग क्षेत्र के शहरों में नालंदा परिसरों का निर्माण कर रहे हैं। सुकमा से लेकर सूरजपुर और रायगढ़ से लेकर कवर्धा तक – हर कोने में अत्याधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन खोले जा रहे हैं। ये नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं।  छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने प्रतिबद्ध – अरुण साव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेशभर में नालंदा परिसरों के विस्तार के बारे में कहा कि सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने सभी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वसुविधायुक्त ये लाइब्रेरियां उच्च शिक्षा हासिल कर रहे तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के साथ ही उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री भी प्रदान करेंगी। राज्य के युवाओं की मेहनत को उनके इच्छित मुकाम तक पहुंचाने में नालंदा परिसर बड़ी भूमिका निभाएंगे। यहां वे पूरे फोकस, लगन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

युवाओं के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में 34 नए नालंदा परिसर और सेंट्रल लाइब्रेरी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए अब अपने ही शहर में बेहतरीन पढ़ाई का माहौल मिलने वाला है। राज्य सरकार 34 नए नालंदा परिसर बनाने जा रही है, जहां आधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन की सुविधा होगी। खास बात यह है कि ये लाइब्रेरियां सिर्फ रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई जैसे बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, पेंड्रा, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर जैसे दूरस्थ इलाकों में भी खुलेंगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा होंगी इन लाइब्रेरियों में युवाओं को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी किताबें मिलेंगी। साथ ही यहां ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा होगी, ताकि छात्र अपने लक्ष्य पर फोकस कर सकें। रायगढ़ में बनने वाली 700 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी राज्य की सबसे बड़ी होगी, जो एनटीपीसी के सीएसआर फंड से तैयार हो रही है। 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए स्वीकृत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले दो सालों में 33 नालंदा परिसरों के लिए 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17 नगरीय निकायों में 18 नालंदा परिसरों के लिए 125 करोड़ 88 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं, 2024-25 में 15 नालंदा परिसरों के लिए 111 करोड़ 70 लाख रुपए स्वीकृत हुए, जिनमें से 11 के निर्माण का कार्यादेश जारी हो चुका है। हाल ही में विभाग ने 11 नगरीय निकायों में निर्माण के लिए 19 करोड़ 14 लाख 87 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की है। यहां बनेगी 500 सीटों की क्षमता वाली लाइब्रेरी स्थान सीटों की संख्या दुर्ग 500 राजनांदगांव 500 अंबिकापुर 500 जगदलपुर 500 बिलासपुर 500 भिलाई 500 जशपुर 500 लोरमी 500 गरियाबंद 500 यहां बनेगी 250 सीटों की क्षमता वाली लाइब्रेरी स्थान सीटों की संख्या धमतरी 250 चिरमिरी 250 कवर्धा 250 जांजगीर-नैला 250 बालोद 250 बलौदा बाजार 250 बेमेतरा 250 कांकेर 250 नारायणपुर 250 बलरामपुर 250 मुंगेली 250 खैरागढ़ 250 सक्ती 250 पेंड्रा 250 सारगंगढ़ 250 सूरजपुर 250 दंतेवाड़ा 250 कुनकुरी 250 बसना 250 अंबागढ़ चौकी 250   रायपुर में तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित राजधानी रायपुर में वर्तमान में तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित हैं। 1000 सीटर नालंदा परिसर, 800 सीटर तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी और 500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी। पिछले पांच सालों में इनसे पढ़ाई करने वाले 400 युवाओं ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई है। जल्द ही रायपुर में 1000 सीटर और 500 सीटर नई लाइब्रेरियों का निर्माण भी शुरू होगा। युवाओं के भविष्य की बुनिया नालंदा: सीएम साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, यह युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र का युवा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर पाए। हर सुविधा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – डिप्टी CM डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पढ़ाई की हर सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरियां उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री और शांत माहौल उपलब्ध कराएंगी, जिससे वे पूरे फोकस और लगन से अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकेंगे। इन नए नालंदा परिसरों के निर्माण से न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी बड़े शहरों के बराबर अवसर मिलेंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ के शिक्षा ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमहाकाल मंदिर में सपत्नीक पूजा कर जताई श्रद्धा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक शनिवार को सावन पूर्णिमा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उत्तम जल वृष्टि के निमित्त पर्जन्य अनुष्ठान में शामिल होकर पूजन-अर्चन किया। उन्होंने भगवान श्रीमहाकाल के दर्शन कर अभिषेक किया। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उत्तम जल वृष्टि की कामना के लिए 66 पंडितों के द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ पर्जन्य अनुष्ठान किया गया। अनुष्ठान पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल मंदिर में दर्शन के पहले भेरूगढ़ स्थित श्री केशरिया नाथ मणिभद्र तीर्थ धाम पहुंचकर भगवान श्री पार्श्वनाथ, भगवान महावीर स्वामी और भगवान मणिभद्र के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर चातुर्मास कर रहे संत परम पूजनीय श्री अशोक सागरसूरीश्वर जी महाराज की चरण वंदन की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कलेक्टर एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रौशन कुमार सिंह ने शॅाल-श्रीफल प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, श्री संजय अग्रवाल, श्री ओम जैन, आदि उपस्थित थे।     पॉवर लिफ्टर श्री जोशी का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  एशिया पेसिफिक पॉवर लिफ्टिंग चैंपियनशिप जापान में  स्वर्ण पदक अर्जित करने पर उज्जैन के पॉवर लिफ्टर श्री मयंक जोशी का अभिनंदन किया। इस अवसर पर कोच श्री शैलेन्द्र व्यास एवं जितेंद्र कुशवाह आदि उपस्थित थे।

खरगा की पूनम की मुस्कान में झलकता सुनहरे भविष्य का सपना

युक्तियुक्तकरण से बदला छोटे से गाँव का शैक्षिक परिदृश्य रायपुर बिलासपुर जिला के कोटा ब्लॉक का छोटा सा ग्राम खरगा अब शिक्षा की नई रोशनी से जगमगा रहा है। इस गाँव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय की छात्रा पूनम धृतलहरे की आंखों में अब आत्मविश्वास और उम्मीद दोनों चमकते हैं। मेहनती और होशियार पूनम शुरू से पढ़ाई में आगे रही है, लेकिन लंबे समय से यह विद्यालय एकल शिक्षकीय था, जिससे उसकी और उसके साथियों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। कठिन सवालों के उत्तर न मिल पाने से बच्चे धीरे-धीरे उत्साह खोने लगे थे और कुछ तो स्कूल छोड़ने की सोच भी रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण ने इस गाँव के बच्चों की जिंदगी में नई दिशा दी। विद्यालय में पहले से कार्यरत शिक्षक श्री संतोष कुमार खांडे के साथ अब श्री मुकेश कुमार यादव की नियुक्ति होने से कक्षाओं में नई ऊर्जा और बेहतर शिक्षण वातावरण आया। दो शिक्षकों की मौजूदगी ने न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारी, बल्कि बच्चों का स्कूल से जुड़ाव भी बढ़ाया। पूनम और उसके सहपाठियों का कहना है कि अब वे कठिन से कठिन प्रश्न हल करना सीख गए हैं और पढ़ाई में मजा आने लगा है। पालकों ने भी मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि अब उनके बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे वे भी शहर के बच्चों की तरह बड़े सपने देख और पूरे कर सकेंगे। खरगा जैसे छोटे गाँवों में जब शिक्षक समय पर पहुँचते हैं, तो यह बदलाव केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे गाँव के भविष्य को दिशा देता है। आज पूनम और उसके साथी न सिर्फ मन लगाकर पढ़ रहे हैं, बल्कि आने वाले समय में अपने गाँव और राज्य का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं।

छत्तीसगढ़ में ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत – पशुधन सुरक्षा, नस्ल सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल

गौधाम योजना से पशुधन संरक्षण, नस्ल सुधार और रोजगार में आएगा नया आयाम – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और पशुधन संरक्षण को नई दिशा देने के लिए गौधाम योजना की शुरुआत करने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल पशुधन की सुरक्षा और नस्ल सुधार को बढ़ावा देगी, बल्कि जैविक खेती, चारा विकास और गौ-आधारित उद्योगों के माध्यम से गांव-गांव में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। योजना का स्वरूप इस तरह तैयार किया गया है कि निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं की देखभाल के साथ-साथ चरवाहों और गौसेवकों को नियमित आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध हो, जिससे ग्रामीण जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता आ सके। गौधाम योजना के ड्राफ्ट को वित्त एवं पशुधन विकास विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है। गौधाम योजना का उद्देश्य गौवंशीय पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन करना, गौ-उत्पादों को बढ़ावा देना, चारा विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना, ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा फसलों के नुकसान और दुर्घटनाओं में पशु एवं जनहानि से बचाव सुनिश्चित करना है। अवैध तस्करी और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस* पशुधन विकास विभाग ने यह योजना विशेष रूप से तस्करी या अवैध परिवहन में पकड़े गए पशुओं और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की है। राज्य में अवैध पशु तस्करी एवं परिवहन पर पहले से रोक है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में गौवंशीय पशु जब्त होते हैं। इन पशुओं और घुमंतु पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ही यह योजना शुरू की जा रही है। प्रत्येक गौधाम में क्षमता के अनुसार अधिकतम 200 गौवंशीय पशु रखे जा सकेंगे। गौधाम योजना के तहत चरवाहों को 10,916 रुपए प्रतिमाह और गौसेवकों को 13,126 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों के चारे के लिए प्रतिदिन निर्धारित राशि प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट गौधाम को वहां रहने वाले प्रत्येक पशु के लिए पहले वर्ष 10 रुपए प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपए प्रतिदिन, तीसरे वर्ष 30 रुपए प्रतिदिन और चौथे वर्ष 35 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से राशि दी जाएगी। योजना के लिए बजट, नियम और शर्तें तय कर दी गई हैं, ताकि संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री श्री साय – “पशुधन की सुरक्षा और गांवों में रोजगार बढ़ाएगी गौधाम योजना” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि गौधाम योजना से प्रदेश में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और बड़ी संख्या में चरवाहों एवं गौसेवकों को नियमित आय का साधन मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार कर उन्हें अधिक दूध देने और खेती-किसानी में पूरी क्षमता से उपयोग करने योग्य बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में जैविक खेती और चारा विकास कार्यक्रमों को भी गति मिलेगी, जिससे ग्राम स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। गौधाम की स्थापना के लिए चयनित होगी उपयुक्त शासकीय भूमि ऐसी शासकीय भूमि, जहां सुरक्षित बाड़ा, पशुओं के शेड, पर्याप्त पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध हो, वहीं गौधाम की स्थापना की जाएगी। जिन गौठानों में पहले से अधोसंरचना विकसित है, वहां उपलब्धता के आधार पर गौठान से सटे चारागाह की भूमि को हरा चारा उत्पादन के लिए दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि आसपास की पंजीकृत गौशाला की समिति संचालन हेतु असहमति व्यक्त करती है, तो अन्य स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी या सहकारी समिति संचालन के लिए आवेदन कर सकेगी। जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जो पंजीकृत गौशालाओं से भिन्न होंगे। पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे। जिला स्तरीय समिति प्राप्त आवेदनों का तुलनात्मक अध्ययन कर चयनित संस्था का नाम छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजेगी। मंजूरी के बाद चयनित संस्था और आयोग के बीच करार होगा, जिसके पश्चात गौधाम का संचालन उस संस्था को सौंपा जाएगा। गोबर खरीदी नहीं होगी, चारा विकास को मिलेगा प्रोत्साहन गौधाम में गोबर खरीदी नहीं होगी, पशुओं के गोबर का उपयोग चरवाहा स्वयं करेगा। यहां निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं को ही रखा जाएगा और उनका वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन होगा। संचालन में गौशालाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशाला की समिति, स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, किसान उत्पादक कंपनी और सहकारी समिति संचालन के लिए पात्र होंगी। गौधाम को वहां रहने वाले पशुओं की संख्या के आधार पर राशि दी जाएगी। गौधाम से सटी भूमि पर चारा विकास के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी—एक एकड़ में चारा विकास कार्यक्रम पर 47,000 रुपए और पांच एकड़ के लिए 2,85,000 रुपए का प्रावधान है। गौधाम बनेंगे प्रशिक्षण केंद्र, बढ़ावा मिलेगा गौ उत्पादों को प्रत्येक गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। संचालनकर्ता समिति या संस्था ग्रामीणों को गौ-उत्पाद विषय पर प्रशिक्षण देगी और उन्हें गौ-आधारित खेती के लिए प्रेरित करेगी। इसके साथ ही गोबर और गौमूत्र से केंचुआ खाद, कीट नियंत्रक, गौ काष्ठ, गोनोइल, दीया, दंतमंजन, अगरबत्ती आदि बनाने का प्रशिक्षण, उत्पादन और बिक्री के लिए भी गौधाम एक माध्यम बनेंगे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- परम्परा और विरासत को आगे बढ़ाने में बहनों का अहम योगदान

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन पर्व पर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीरागंनाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी बहनों एवं स्कूल-कॉलेज छात्राओं से रक्षासूत्र बंधवाया।  मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए कहा कि इस त्यौहार का हमारी संस्कृति में बहुत महत्व है। यह भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। हमारे ऐसे त्यौहारों में समरसता एवं एकरूपता का संदेश निहित होता है। उन्होंने कहा कि हमारी परम्परा और विरासत को आगे बढ़ाने में बहनों का अहम योगदान है। बहनें परिवार में विभिन्न भूमिकाएं निभाते हुए उसे संजोने एवं संस्कारित करने की जिम्मेदारी निभाती है। इसलिए हमारी संस्कृति में बहनों का स्थान सर्वाेपरि होता है। श्री शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर छोटी एवं बड़ी बहनों का स्नेह एवं आशीर्वाद मुझे मिला है। यह मेरे लिए अभेद्य सुरक्षा कवच है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अन्य क्षेत्रों के साथ ही सामाजिक सरोकारों के माध्यम से भी देश को आगे बढ़ाया है। उन्होंने स्वच्छता, लिंगानुपात, पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में अभियान चलाकर देशभर में जन-जागरूकता की अलख जगाई। मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से आह्वान किया कि वे पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने के साथ ही सामाजिक कार्यों से भी जुड़ें और केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित भाई-बहनों को उनका लाभ दिलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इससे ही समाज में बदलाव आएगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-बहनों के शिक्षित एवं सशक्त होने से ही देश और प्रदेश उत्कृष्ट बनेगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश की नारियों ने अपने महान कार्याें से इतिहास रचा है, उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे भी जीवन में साहसिक रूप से कार्य करते हुए अपने सपनों को पूरा करें।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से संवाद किया और उन्हें सम्मानस्वरूप उपहार भेंट किए। इस दौरान चिकित्सा, कानून व्यवस्था एवं न्याय सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी नारी शक्ति ने राज्य सरकार द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तीकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।  मुख्यमंत्री ने किया वीरांगनाओं का विशेष सम्मान, नन्हीं बहनों को दिया स्नेहिल आशीर्वाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने वीरांगना बहनों से राखी बंधवाई और उनका विशेष सम्मान किया। इस दौरान प्रजापिता ब्रह्मकुमारिज संस्थान की चन्द्रकला दीदी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता शर्मा को रक्षासूत्र बांधा। वहीं, स्कूलों में पढ़ने वाली बहनों ने जब अपने नन्हें हाथों से श्री शर्मा को राखी बांधी तो उन्होंने उनके सिर पर हाथ रखकर स्नेहिल आशीर्वाद दिया।