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आगर-मालवा में वन स्टॉप सेंटर के प्रभारी ने किया शोषण? बंधक बनाकर रखने का भी आरोप

आगर-मालवा  मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले से महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. यहां महिलाओं की मदद और सुरक्षा के लिए बने वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक भावना बड़ोदिया पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता का दावा है कि उसे नशीली दवाएं देकर बंधक बनाया गया और अजनबियों से शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया. युवती ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को आवेदन भेजकर पूरी घटना की जानकारी दी है. शिकायत के मुताबिक, 11 अप्रैल 2024 को कुछ लोगों ने उसका अपहरण किया और पहले पानखेड़ी, फिर वन स्टॉप सेंटर भेजा गया. वहां उसे भावना बड़ोदिया की निगरानी में रखा गया, जहां उसके साथ मारपीट, धमकियां और मानसिक शोषण हुआ. युवती का आरोप है कि भावना बार-बार कहती थीं कि विरोध करने पर जान से मार देंगी. पीड़िता ने बताया कि नौकरी दिलाने का लालच देकर उसे उज्जैन भी ले जाया गया. इस दौरान मानसिक दबाव और शोषण से उसका संतुलन बिगड़ गया, लेकिन वह किसी तरह भागकर आगर लौटी और शक्ति साधना केंद्र की मदद से प्रशासन तक पहुंची. गौरतलब है कि यह वन स्टॉप सेंटर पहले भी विवादों में रह चुका है. 13 मई को यहां से एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया था. मामले में सीएसपी ने कही ये बात सीएसपी मोतीलाल कुशवाह ने पुष्टि की कि पीड़िता ने सेंटर की प्रशासक के खिलाफ आवेदन दिया है और आरोप गंभीर हैं. मामले की जांच कोतवाली थाने में की जा रही है. साथ ही मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग से भी जानकारी ली जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काकोरी एक्शन के सेनानियों का किया वंदन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने काकोरी एक्शन में शामिल सभी स्वतंत्रता सेनानियों को राष्ट्रहित में उनके योगदान को याद कर नमन-वंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मां भारती के वीर सपूतों ने वर्ष 1925 में 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन को अंजाम देकर दमनकारी अंग्रेजी हुकूमत की जड़ों पर प्रहार किया था। यहां से हासिल खजाने को स्वतंत्रता आंदोलन के लिए अपने साथ ले गए, जिसे देशवासियों पर अत्याचार कर वसूला गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काकोरी एक्शन में शामिल सभी स्वतंत्रता सेनानियों को सादर नमन-वंदन किया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धेय रामकिंकर उपाध्याय को दी श्रद्धांजलि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मानस मर्मज्ञ, ज्ञान, भक्ति और प्रवचन की त्रिवेणी से लोककल्याण के लिए समर्पित श्रद्धेय रामकिंकर उपाध्याय की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. उपाध्याय ने अपने श्रीरामचरित मानस के प्रवचनों और भजनों के माध्यम से सनातन संस्कृति की अप्रतिम सेवा की। उन्होंने जन-जन को भगवान श्रीराम की भक्ति से सराबोर कर समाज में आस्था, आदर्श और नैतिक मूल्यों के प्रसार में अमूल्य योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. उपाध्याय की शिक्षाएं और विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए पथ-प्रदर्शक रहेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा है कि देवभाषा संस्कृत समस्त भाषाओं की जननी है, इसमें लोकहित, संपूर्ण जगत के मंगल व कल्याण के पवित्र भाव निहित है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा की शाश्वत विरासत को समर्पित यह अवसर हम सबको प्रेरणा देता है कि इसके संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों में हम सभी सहभागी बनें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत छोड़ो आंदोलन के सेनानियों को किया नमन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल सभी सेनानियों का पुण्य स्मरण कर उनके योगदान को नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वर्ष 1942 में 9 अगस्त को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान कर दमनकारी अंग्रेजी हुकूमत की जड़ें हिला दी थीं। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अगस्त क्रांति अद्भुत स्वर्णिम अध्याय रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंदोलन में समर्पित सभी स्वतंत्रता सेनानियों को कोटि-कोटि नमन-वंदन किया है।  

राज्यपाल पटेल को राखी बांधकर राजभवन में मनाया गया रक्षाबंधन पर्व

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल की गरिमामय उपस्थिति में राजभवन में रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। राज्यपाल  पटेल को भोपाल के एस.ओ.एस. बालग्राम, नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड की बालिकाओं और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने राखी बांधी। राज्यपाल  पटेल ने इस अवसर पर बच्चों को मिठाई और संस्थाओं को उपहार स्वरूप सम्मान राशि भेंट की। कार्यक्रम में एस.ओ.एस. बालग्राम भोपाल की अधीक्षक सुश्री अर्पणा गुप्ता एवं  निशांत राज, नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड भोपाल के अध्यक्ष  एम.एस. खान, उपाध्यक्ष श्रीमती अदिता असनानी, सचिव उदय हतवलने एवं प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भोपाल की प्रतिनिधि सुश्री बी.के. रीना और अन्य सदस्य मौजूद थे।  

भाजपा ने दो नगर परिषदों में मारी बाजी, राजेश्वरी दुबे और पलक ग्रोवर विजयी

विजयराघवगढ़ मध्यप्रदेश में दो नगर परिषदों विजयराघवगढ़ और कैमोर में  अध्यक्ष पद के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर जीत दर्ज की। ढाई-ढाई साल के कार्यकाल वाले फॉर्मूले के तहत विजयराघवगढ़ से राजेश्वरी दुबे और कैमोर से पलक ग्रोवर निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गईं। ढाई साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद विजयराघवगढ़ की मनीषा शर्मा और कैमोर की वसुधा मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद दोनों नगर परिषदों में नई अध्यक्ष के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। निर्वाचन की तय समय सीमा में केवल बीजेपी प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया। कैमोर में संयुक्त कलेक्टर महेश मंडलोई और विजयराघवगढ़ में संयुक्त कलेक्टर संस्कृति शर्मा ने नामांकन पत्रों की जांच कर राजेश्वरी दुबे और पलक ग्रोवर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। इसके बाद विधायक संजय पाठक और बीजेपी जिलाध्यक्ष दीपक सोनी टंडन की मौजूदगी में दोनों को प्रमाणपत्र सौंपा गया। विजय जुलूस भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। विजयराघवगढ़ विधानसभा को बीजेपी का गढ़ माना जाता है, जहां से विधायक संजय पाठक लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके हैं। कैमोर नगर परिषद में सभी 15 पार्षद बीजेपी समर्थित हैं, जबकि विजयराघवगढ़ में 30 में से केवल 3 पार्षद कांग्रेस के हैं। ऐसे में दोनों परिषदों में बीजेपी का पलड़ा भारी रहा और कांग्रेस उम्मीदवार उतारने में भी असफल रही। विधायक संजय पाठक ने कहा कि दोनों नगर परिषदों में अध्यक्ष पद की कुर्सी ढाई-ढाई साल के कार्यकाल के फॉर्मूले पर चलती है, और उसी समझौते के तहत पूर्व अध्यक्षों ने इस्तीफा दिया। इस बार भी दोनों सीटें बीजेपी के खाते में गईं।  

भोपाल में प्रशासनिक बदलाव, 77 पुलिसकर्मी नई जगह तैनात

भोपाल  राजधानी भोपाल की पुलिस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए भोपाल पुलिस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इस बदलाव के तहत 77 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। तबादलों की सूची में थाना प्रभारी, निरीक्षक, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक शामिल हैं। यह आदेश पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) ने गुरुवार को जारी किया। अलग-अलग थानों, शाखाओं और रक्षित केंद्र में तबादला नई सूची के अनुसार पुलिसकर्मियों को अलग-अलग थानों, शाखाओं और रक्षित केंद्र में नई जिम्मेदारी(Transfer) सौंपी गई है। इनमें से कुछ को अपराध शाखा, महिला थाना और यातायात शाखा में भेजा गया है। खास बात यह है कि कई ऐसे पुलिस अधिकारी जो लंबे समय से एक ही थाने में तैनात थे। उन्हें अब नई जगह जिम्मेदारी दी गई है। उदाहरण के तौर पर निरीक्षक रामगोपाल साठे को थाना रातीबड़ से स्थानांतरित कर अपराध शाखा भेजा गया है। इसी तरह निरीक्षक मान सिंह को थाना अशोका गार्डन से अपराध शाखा भेजा गया है।  अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश महिला थाना में पदस्थ निरीक्षक सुनील कुमार तिवारी को अब थाना निशातपुरा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रक्षित केंद्र में पदस्थ कई आरक्षकों को भी अब अलग-अलग थानों में तैनात किया गया है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल नई जगह जाकर कार्यभार संभालें।

छिंदवाड़ा जिले में स्वच्छता की अनूठी पहल

छिंदवाड़ा   छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई मित्र का अभाव होने से ग्राम पंचायतो मे संस्थागत शौचालयों में साफ सफाई की कमी आमतौर पर रहती है एवं परम्परागत कार्यशैली के अनुसार साफ सफाई प्रभावी ढंग से नहीं हो पाती है, जिससे संस्थागत व व्यक्तिगत शोचालयो की उपयोगिता प्रभावित होती है शौचालयों के उपयोग न होने की वजह से टूट फूट व रख रखाव भी प्रभावित होता है अतः उक्त कमियों को दूर करने के लिए जिला प्रशाशन युद्ध गति से प्रयास रत है. स्वच्छता साथी Wash On Wheels सेवा का उद्देश्य – ग्रामीण क्षेत्र के संस्थागत एवं व्यक्तिगत शौचालयों को स्वच्छ एवं उपयोगी बनाना स्कूल, आंगनवाड़ी, पंचायत, स्वास्थ्य केन्द्र, छात्रावास आदि संस्थाओ के शौचालयो को एवं व्यकिगत शौचालयो के रख रखाव एवं उपयोग को बढावा देना ताकि स्वच्छ भारत मिशन फेज 2 में व्यकिगत शौचालयो की साफ सफाई को बढावा मिल सके ओडीएफ एंव ओडीएफ प्लस की निरंतरता बनाये रखने मे सहायता मिल सके स्वच्छता साथी Wash On Wheels सेवा की जिले की अवधारणा – स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत स्वच्छता साथी Wash On Wheels सेवा कार्यक्रम को शुरु करने हेतु निम्नानुसार कार्ययोजना बनायी गयी जिसके तहत 1 – इसमें सर्वप्रथम जिला पंचायत की सभी 11 जनपदों में क्लस्टर का चयन किया गया। 2- चयनित क्लस्टर हेतु स्वच्छता साथी का चिन्हांकन किया गया, तथा उन्हें प्रशिक्षण उपरांत आधुनिक उपकरण एवं व्यक्तिगत सुरक्षा किट जनपद स्तर पर उपलब्ध स्वच्छ भारत मिशन के आई ई सी मद से, 15 वे वित्त टाइड फण्ड एवं स्यवं के द्वारा उपलब्ध कराई गई है 3– जिसमे ईलेक्ट्रिक एवं बैटरी ऑपरेटेड वाशर मशीन के साथ, व्यक्तिगत सुरक्षा किट (हेलमेट, चश्मा, मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट, गमबूट) स्वच्छता किट (टॉयलेट क्लिनर, फिलाईल, ब्रश, झाडू, वाईपर, मग, बाल्टी, आदि सुविधानुसार शामिल है 4- उक्त कार्यक्रम में स्वच्छता साथियों द्वारा वाहन के माध्यम से क्लस्टर पंचायतो में जाकर सभी संस्थागत शोचालयो में जिसमे स्कूल, आंगनवाडी, छात्रावास, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वच्छता परिसरों में बैटरी संचालित वॉशर मशीन द्वारा सफाई की जाएगी. प्रत्येक माह में न्यूनतम 04 बार उक्त संस्थाओ में मांग के आधार पर स्वच्छता साथी द्वारा जाकर निर्धारित शुल्क पर सफाई की जाएगी 5-उपरोक्त कार्यक्रम को विधि संगत बनाने के लिए जिले स्तर पर मॉडल अनुबंध पत्रक तैयार कराया गया जिसके उपरान्त जिले की सभी जनपद पंचायतो में उक्त अनुबंध प्रकिया की गई हैं जिसमे स्वच्छता साथी, सरपंच, संस्था प्रमुख शामिल हैं। 6– स्वच्छता साथी Wash OnWheels सेवा कार्यक्रम में सुविधा शुल्क जिसमे क्लस्टर मुख्यालय से 05 किमी0 तक 200 रू0 प्रति संस्थागत शौचालय यूनिट सफाई शुल्क निर्धारित की गई है.

MP में निगम, मंडल और आयोग के विभिन्न पदों पर नियुक्तियों का नया नियम लागू

भोपाल मध्‍य प्रदेश में जनवरी-फरवरी, 2024 के बाद से रुकी हुईं राजनीतिक नियुक्तियां यानी निगम, मंडल और आयोग के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां अब फिर प्रारंभ होने जा रही हैं। क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को देखते हुए ये नियुक्तियां की जाएंगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा संगठन की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री दो बार केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा भी कर चुके हैं। नियुक्तियां एक साथ नहीं बल्कि चरणबद्ध तरीके से होंगी। वर्तमान में निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्ष संबंधित विभाग के मंत्री हैं या फिर वरिष्ठ अधिकारी।     प्रदेश में वर्ष 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 से अधिक नियुक्तियां निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में की थीं।     चुनावी वर्ष यानी 2023 में फिर नियुक्तियां की गईं। कुछ नए प्राधिकरण बनाए गए।     मोहन सरकार ने सत्ता में आने के कुछ ही दिनों बाद यानी जनवरी-फरवरी, 2024 में निगम-मंडलों के अध्यक्षों को हटा दिया और संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव को पदेन अध्यक्ष बना दिया।     राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर समय-समय पर दबाव भी बनता रहा लेकिन कोई निर्णय न होने की स्थिति में सितंबर 2024 में अधिकारियों के स्थान पर विभागीय मंत्रियों को जिम्मेदारी दे दी गई।     तभी से नियुक्तियों को लेकर तब-जब अटकलें लगाई जाती रहीं।     दरअसल, ये नियुक्तियां संगठन के नेताओं को उपकृत करने का माध्यम मानी जाती हैं। टिकट आदि से वंचित रहे नेताओं को इन नियुक्तियों के बहाने साधा जाता है।     नियुक्तियां न होने से संगठन में असंतोष भी रहता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हेमंत खंडेलवाल की नियुक्ति के साथ ही एक बार फिर निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में नियुक्ति की कवायद तेज हो गई है।     मुख्यमंत्री ने गुरुवार शाम को फिर नई दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से भेंट की। माना जा रहा है कि पिछले दिनों हुए उनके दिल्ली दौरे में कुछ नामों को लेकर सहमति भी बन चुकी है।     चूंकि, सरकार एक साथ नियुक्ति के पक्ष में नहीं है इसलिए क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से सूचियां निकाली जाएंगी।     कुछ नाम ऐसे भी हैं, जिन्हें लेकर यह तय होना बाकी है कि इनकी आगामी भूमिका संगठन में ही निर्धारित की जाए या फिर निगम, मंडल, प्राधिकरण आदि में काम करने का अवसर दिया जाए।