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Bhopal पुलिस ने मछली गैंग पर कसा शिकंजा, अब तक 15 गिरफ्तार और 50 से ज्यादा पूछताछ

भोपाल राजधानी में चर्चित हाई-प्रोफाइल ड्रग्स-हथियार तस्करी मामले में पुलिस ने यासीन मछली और शाहवर मछली के नेटवर्क की परत-दर-परत पोल खोल दी है। यह खुलासा न केवल ड्रग माफिया के काम करने के तरीके को उजागर करता है, बल्कि शहर के पार्टी कल्चर की उस अंधेरी सच्चाई को भी सामने लाता है, जहां नशा मौज-मस्ती से आगे बढ़कर संगठित अपराध का बड़ा जरिया बन चुका है। 15 की गिरफ्तारी, 50 से पूछताछ अब तक क्राइम ब्रांच यासीन के 15 करीबियों को गिरफ्तार कर चुकी है और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। पूरे रैकेट का पर्दाफाश यासीन और शाहवर के मोबाइलों में मिली ड्रग चैट और फोटो से हुआ है। रिमांड के दौरान पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि इस रैकेट में 50 से ज्यादा लोग काम करते थे, जो दिल्ली और राजस्थान से माल लाकर भोपाल में सप्लाई करते थे। यासीन पब और क्लब में आने वाले युवाओं को टारगेट करता था। शुरुआत में उन्हें मुफ्त ड्रग दी जाती थी ताकि लत लग जाए, फिर महंगे दामों में ड्रग बेचे जाते थे।   अब तक ये 15 हुए गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान, समीर उद्दीन, आशू उर्फ शाहरूख, सैफुद्दीन, यासीन उर्फ मिंटू उर्फ मछली, शाहवर मछली, जगजीत सिंह उर्फ जग्गा, अंशुल सिंह उर्फ भूरी, अंकित कहार, अमन दहिया, शुभम शर्मा, शकीर उर्फ छोटू, तौफीक निजामी, थाई महिला बेंचामत मून, नाइजीरियन नागरिक और चार अन्य शामिल हैं।

नवंबर 2025 में आएगा एस. एस. राजामौली का बड़ा सरप्राइज, किया बड़ा ऐलान

मुंबई,  दक्षिण भारतीय फिल्मों के जानेमाने फिल्मकार एस. एस. राजामौली ने बताया है कि उनकी फिल्म का खुलासा नवंबर 2025 में होगा। एस. एस. राजामौली वाकई भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े निर्देशकों में से एक हैं। अपने शानदार विज़न के साथ उन्होंने ‘बाहुबली’ फ्रैंचाइज़ और ‘आरआरआर’ जैसी अब तक की सबसे बड़ी और लाजवाब ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने से लेकर पैन-इंडिया फिल्मों का ट्रेंड तय करने तक, वे भारतीय सिनेमा की दिशा बदलने वाले शख्स हैं। जहां दर्शक हमेशा यह जानने को उत्सुक रहते हैं कि उनकी की अगली फिल्म क्या होगी, वहीं अब उन्होंने सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपने अगले प्रोजेक्ट को लेकर एक हिंट दे दिया है। उन्होंने मेगा अनाउंसमेंट करते हुए बताया कि इस फिल्म से जुड़ा बड़ा खुलासा नवंबर 2025 में होगा। हाल ही में एस. एस. राजामौली ने सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अपनी चर्चित आने वाली फिल्म को लेकर एक मेगा अनाउंसमेंट कर सबको चौंका दिया। इस फिल्म के भव्य पैमाने ‘ग्लोबट्रॉटर’ का जिक्र करते हुए उन्होंने नवंबर 2025 में एक ऐसा खुलासा करने की बात कही। उन्होंने ll अपने सोशल मीडिया पर एक असरदार तस्वीर शेयर की, जिसमें एक व्यक्ति के सीने पर एक लटकता हुआ लॉकेट नजर आ रहा था। इसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा "द फर्स्ट रिवील इन नवंबर 2025…#ग्लोब ट्रॉटर" इसके अलावा, उन्होंने एक नोट भी शेयर किया, जिसमें लिखा था,"प्रिय भारत और दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों, साथ ही महेश के फैंस,काफी समय हो गया है जब से हमने शूटिंग शुरू की है, और हम आपके इस फिल्म को लेकर उत्साह की सराहना करते हैं। लेकिन इस फिल्म की कहानी और दायरा इतना बड़ा है कि मुझे लगता है, सिर्फ तस्वीरें या प्रेस कॉन्फ्रेंस इसके साथ न्याय नहीं कर सकते।हम इस समय कुछ ऐसा तैयार कर रहे हैं, जो हम जिस दुनिया को बना रहे हैं, उसकी असलियत, गहराई और अनुभव को दर्शा सके।इसे हम नवंबर 2025 में पेश करेंगे, और हम इसे एक ऐसा खुलासा बनाने की कोशिश में हैं, जो पहले कभी नहीं देखा गया हो। आप सभी के धैर्य के लिए धन्यवाद। कैप्शन में आगे लिखा है,मेरे सभी #ग्लोब ट्रॉटर के चाहने वालों के लिए…" इस ऐलान ने एक बार फिर एस. एस. राजामौली के नवंबर 2025 में होने वाले बड़े खुलासे को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। जहां उनके सुपरस्टार महेश बाबू के साथ अगले प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही काफी बातें हो रही हैं, वहीं यह ऐलान न सिर्फ इन चर्चाओं को और बढ़ाएगा बल्कि उत्साह को भी अपने ऊंचे स्तर पर पहुंचा देगा।  

दिल्ली मेट्रो का यात्री रिकॉर्ड टूटा, राखी के दिन 81 लाख से ज्यादा लोगों ने किया सफर

नई दिल्ली रक्षा बंधन पर दिल्ली मेट्रो ने रिकॉर्ड बना डाला। रक्षाबंधन से एक दिन पहले 8 अगस्त 2025 को दिल्ली मेट्रो ने अब तक की सबसे बड़ी डेली राइडरशिप दर्ज की। इस दिन 81 लाख से भी ज्यादा पैसेंजर ने दिल्ली मेट्रो में सफर किया। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने ट्वीट करते हुए बताया कि 8 अगस्त को सभी कॉरिडोर मिलाकर कुल 81.87 लाख पैसेंजर जर्नी हुईं, जो एक नया रिकॉर्ड है। डीएमआरसी ने इसे यात्रियों के बढ़ते भरोसे का संकेत बताया। रक्षाबंधन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने उसी दिन 92 अतिरिक्त ट्रिप चलाईं। अगले दिन, यानी रक्षाबंधन पर, 455 अतिरिक्त ट्रिप का संचालन किया। डीएमआरसी के मुताबिक, इससे पहले का रिकॉर्ड 18 नवंबर 2024 को बना था, जब 78.67 लाख पैसेंजर जर्नी दर्ज हुई थीं। अन्य उच्च राइडरशिप वाले दिनों में 20 अगस्त 2024 शामिल है, जब 77.48 लाख जर्नी हुई थीं। 13 फरवरी 2024 को 71.09 लाख जर्नी दर्ज की गई थीं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर बढ़ती मेट्रो की लोकप्रियता दिल्ली मेट्रो का यह नया रिकॉर्ड राजधानी और आसपास के इलाकों में मेट्रो के बढ़ते महत्व और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तौर पर उसकी लोकप्रियता को एक बार फिर साबित करता है। अधिकारी ने बताया कि त्योहारों के दौरान बढ़ी हुई डिमांड को पूरा करने के लिए मेट्रो अपनी ऑपरेशन कैपेसिटी को एडजस्ट करती है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके। क्यों बढ़ जाती है मेट्रो में भीड़? त्योहारी सीजन में लोग ट्रैफिक जाम से बचने और समय पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो को प्राथमिकता देते हैं। 8 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर लंबा जाम था, जिससे बचने के लिए मेट्रो सबसे सुविधाजनक विकल्प रही। यह न केवल समय बचाती है बल्कि आरामदायक और सुरक्षित सफर भी सुनिश्चित करती है। रक्षाबंधन जैसे मौकों पर घर जाने, खरीदारी करने और रिश्तेदारों से मिलने के लिए मेट्रो की लोकप्रियता और भी बढ़ जाती है।

जनजातीय संग्रहालय में संभावना में नृत्य गायन एवं वादन प्रस्तुति हुई

भोपाल  मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में नृत्य, गायन एवं वादन पर केंद्रित गतिविधि "संभावना" का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 10 अगस्त को अग्नेश केरकेट्टा एवं साथी, भोपाल द्वारा उरांव जनजाति नृत्य सरहुल एवं उमाशंकर नामदेव एवं साथी, दमोह द्वारा राई नृत्य की प्रस्तुति दी गई। अग्नेश केरकेट्टा एवं साथी, भोपाल द्वारा उरांव जनजाति नृत्य सरहुल की प्रस्तुति दी गई। मध्यप्रदेश के जनजातियों में उराँव जनजाति रायगढ़ जिले की जशपुर तहसील के आसपास निवास करती हैं। उराँव जनजातियों का सर्वाधिक प्रसिद्ध नृत्य है सरहुल। उराँव जनजाति शाल सरई वृक्ष में अपने ग्राम देवता का निवास मानती हैं, इसलिए वर्ष में एक बार चैत्र मास की पूर्णिमा को शाल वृक्ष की पूजा करते हैं और शाल वृक्ष के आसपास नृत्य करते हैं। शाल वृक्ष पर सफेद कपड़े का झण्डा फहराया जाता है।  सरहुल एक समूह नृत्य है इसमें युवक-युवतियां और प्रौढ़ उरांव शामिल होते हैं। नृत्य में पद संचलन वाद्य तालों पर नहीं बल्कि गीतों की लय और तोड़ पर होता है। नृत्य धीमी गति के साथ प्रारंभ होता है और अत्यन्त तीव्र गति के चरम पर समापन। इस नृत्य में पुरूष नर्तक एक विशेष प्रकार का साफा बाँधते हैं तथा महिलाएँ अपने जूड़े में बगुला पंख की सफेद कलंगी लगाती हैं। नर्तकों के वस्त्र प्रायः सफेद होते हैं। सरहुल नृत्य के प्रमुख वाद्य मांदर, झाँझ और नगाड़ा है। कहीं-कहीं चौमुखा चकोल भी बजाते हैं। उमाशंकर नामदेव एवं साथी, दमोह द्वारा राई नृत्य की प्रस्तुति दी गई। बुन्देलखण्ड अंचल की अपनी जातीय परम्परा मूलतः शौर्य और श्रृंगार परक है। यह अकारण नहीं है कि बुन्देलखण्ड के प्रख्यात लोकनृत्य राई में एक ओर तीव्र शारीरिक चपलता, बेग, अंग, मुद्राएं और समूहन के लयात्मक विन्यास है, वहीं दूसरी ओर नृत्य के लास्य का समावेश और लोक कविता के रूप में उद्याम श्रृंगार परक अर्थों की नियोजना। इसमें ऊर्जा, शक्ति और लालित्य एकमेक है। इस नृत्य को बुन्देलखण्ड में मंचीय नृत्य की स्थिति मात्र में सीमित नहीं किया गया है। बल्कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे के जन्म के समय और विवाह के अवसर पर राई नृत्य का आयोजन प्रतिष्ठा मूलक माना जाता है। अनेक बार किसी अभीप्सित कार्य की पूर्ति होने या मनौती होने पर भी राई नृत्य के आयोजन किये जाते हैं। राई एक जीवन्त कलात्मक हिस्सेदारी की तरह ही है। जीवन का अटूट हिस्सा जिसमें आनंद की स्वच्छंद अभिव्यक्ति मनुष्य की जीवनी शक्ति जैसा प्रकट होता है। मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय परिसर में प्रत्येक रविवार दोपहर 2 बजे से आयोजित होने वाली गतिविधि में मध्यप्रदेश के पांच लोकांचलों एवं सात प्रमुख जनजातियों की बहुविध कला परंपराओं की प्रस्तुति के साथ ही देश के अन्य राज्यों के कलारूपों को देखने समझने का अवसर भी जनसामान्य को प्राप्त होगा।  

आस्था का केंद्र सजेगा नए रूप में, श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर में भूमि पूजन संपन्न

बोलातरा मालाणी क्षेत्र की आस्था और गौरव का प्रतीक श्री रावल मल्लीनाथ जी का प्राचीन मंदिर, जिसे भक्त मालाजाल मंदिर के नाम से भी जानते हैं, अब नए भव्य स्वरूप में निखरेगा। यह ऐतिहासिक मंदिर तिलवाड़ा कस्बे के मालाजाल में पवित्र लूणी नदी के किनारे स्थित है। सैकड़ों वर्षों की परंपरा से जुड़े इस मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ भूमि पूजन के साथ किया गया। भूमि पूजन रावल श्री मल्लीनाथ जी के 25वें गादीपति एवं संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच संपन्न कराया। इस दौरान संस्थान समिति के पदाधिकारी, माला पोता परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मालाणी के संस्थापक और लोकदेवता रावल किशन सिंह जसोल ने बताया कि रावल मल्लीनाथ जी न केवल मालाणी क्षेत्र के संस्थापक थे, बल्कि लोकदेवता और सिद्ध पुरुष के रूप में आज भी पूजनीय हैं। 1358 ईस्वी में राव शल्काजी के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में जन्मे मल्लीनाथ जी वीर योद्धा, चमत्कारी संत और ‘त्राता’ (रक्षक) के रूप में लोकमानस में स्थापित हुए। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष चैत्र कृष्ण एकादशी से तिलवाड़ा पशु मेला आयोजित होता है, जो अब विश्वविख्यात है। करीब 700 वर्ष पहले संतों के प्रथम समागम से शुरू हुए इस मेले में ऐतिहासिक रूप से रानी रूपादे जी, गुरु उगमसी भाटी, राणा कुम्भा, रामदेवजी, हड़बूजी और कई संत-राजघराने शामिल रहे थे। मालाजाल की आध्यात्मिक महत्ता मालाजाल संतों की तपोभूमि मानी जाती है। मान्यता है कि रावल मल्लीनाथ जी ने यहां जाल की टहनी रोपकर तत्काल एक विशाल वृक्ष प्रकट किया था, जो आज भी हरा-भरा है और आस्था का केंद्र है। 14 अगस्त को होगा शिलान्यास जीर्णोद्धार के दूसरे चरण का भव्य शिलान्यास 14 अगस्त 2025 को होगा। इसमें बाड़मेर, जोधपुर, जालौर और जैसलमेर जिलों से हजारों श्रद्धालु और माला पोता वंशज शामिल होंगे। कार्यक्रम में गणपति पूजन, नवग्रह पूजन, वास्तु पूजन, यंत्र पूजन, हवन और शीला स्थापना जैसे अनुष्ठान होंगे। महाप्रसादी वितरण और मंदिर के भावी स्वरूप की प्रदर्शनी भी लगेगी। एक वर्ष में पूर्ण होगा निर्माण कार्य शिलान्यास के बाद मंदिर निर्माण शुरू होगा, जिसे एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्रीय सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को भी मजबूत करेगा। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भूमि पूजन में संस्थान उपाध्यक्ष कुंवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल, सचिव सुमेरसिंह वरिया, सदस्य मोहनसिंह बूड़ीवाड़ा, गुलाबसिंह डंडाली, स्वरूप सिंह लूणा, पूर्व विधायक शैतान सिंह राठौड़ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

‘इत्ती सी खुशी’ में अन्विता का किरदार निभाना बहुत ही खूबसूरत अनुभव रहा है : सुम्बुल तौकीर

मुंबई,  टीवी की जानीमानी अभिनेत्री सुम्बुल तौकीर का कहना है कि सोनी सब के शो ‘इत्ती सी खुशी' में अन्विता का किरदार निभाना उनके लिये बहुत ही खूबसूरत अनुभव रहा है। सोनी सब, अपने नए शो ‘इत्ती सी खुशी’ को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित यह शो 21 वर्षीय अन्विता (सुम्बुल तौकीर)की कहानी है, जो छह भाई-बहनों में सबसे बड़ी है और अपने टूटते परिवार की अनपेक्षित आधारशिला बन जाती है। एक ओर उसका पिता शराब की लत से जूझ रहा है तो दूसरी ओर मां उन्हें पहले ही छोड़ चुकी है, ऐसे में अन्विता अपने सपनों और पढ़ाई की कुर्बानी देकर अपने भाई-बहनों के लिए बेहतर भविष्य गढ़ने में लग जाती है। सुम्बुल तौकीर काफी समय के बाद टीवी पर वापसी कर रही हैं। सुम्बुल तौकीर ने संवाद एजेंसी ‘यूनीवार्ता’ साथ विशेष बातचीत में शो इत्ती सी खुशी और अपने अपने किरदार के बारे में बताया। उन्होंने कहा, मैं काफी समय से किसी ऐसे शो का इंतजार कर रही थी, जो मेरे दिल के करीब हो और अब मुझे ऐसा इत्ती सी खुशी के रूप में यह प्रोजेक्ट मिला है। सोनी सब के साथ यह मेरा पहला शो है। जब मुझे इस शो के बारे में पता चला तो और बाद में इसकी कहानी सुनी तो मैने इरादा किया कि यह शो करना हीं है। इस शो में ड्रामा तो है लेकिन सैड शो नहीं है। यह फैमिली ड्रामा शो है, जिसे दर्शक बेहद पसंद करने वाले हैं। सुम्बुल तौकीर ने बताया सोनी चैनल के शो की स्टोरी काफी शानदार होती है। मैंने इससे पूर्व सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन के शो काव्या में काम किया था और उसकी स्टोरी भी काफी अच्छी थी। इत्ती सी खुशी में काम कर सच में बहुत खुशी महसूस हो रही है।इस शो में मैंने एक ऐसा किरदार निभा रही हूं जो पहले कभी नहीं किया। इस शो के जरिए दर्शक मुझे एक नए अंदाज़ में देख पाएंगे।मैं ‘इत्ती सी खुशी' का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हूं और अन्विता की कहानी को जीवन देने का मौका पाकर खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं। सुम्बुल तौकीर ने बताया, 'अन्विता का किरदार निभाना मेरे लिए बहुत ही खूबसूरत अनुभव रहा है। वह एक ऐसी लड़की है, जो अपने पूरे परिवार को एक साथ जोड़े रखती है। वह बिना कुछ कहे, चुपचाप हर जिम्मेदारी को प्यार और मजबूती के साथ निभाती है। उसे अपने दर्द में भी ताकत मिलती है और मुश्किल समय में भी वह शांति और सम्मान बनाए रखती है। हमें शूटिंग में जितना मजा आ रहा है, उतना ही मजा दर्शकों को देखने में आएगा। हर किरदार में कुछ अलग है और यही शो को खास बनाता है।अन्विता दिवेकर कोई सामान्य टेलीविजन किरदार नहीं है। वह अपनी पांच छोटे भाई-बहनों के लिए मां बन चुकी है और उसकी प्रेरणा है उसका प्रेम और जिम्मेदारी का गहरा भाव।अन्विता की कहानी मेरे दिल के बहुत करीब है, और मुझे उम्मीद है कि लोग उससे वैसे ही जुड़ेंगे जैसे मैं जुड़ी हूं। रोज़ ऑडियो विज़ुअल्स द्वारा निर्मित इत्ती सी खुशी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित सीरीज़ ‘शेमलेस’ का भारतीय रूपांतरण है, जिसे मूल रूप से कंपनी पिक्चर्स और यूके लेखक पॉल एबट ने विकसित किया था, और ऑल3मीडिया इंटरनेशनल के सहयोग से तैयार किया गया था। यह शो यूके के चैनल 4 पर एक कल्ट फेवरेट बन गया था और बाफ्टा टीवी अवॉर्ड्स में बेस्ट ड्रामा सीरीज़ सहित कई पुरस्कार जीते थे। इसके अमेरिकी संस्करण ने भी कई प्राइमटाइम एमी नामांकन प्राप्त किए और चार पुरस्कार जीते। ब्रिटेन और अमेरिका में बने दोनों ही रूपांतरणों में इसके कलाकार बेजोड़ और प्रतिभाशाली रहे हैं। यह शो 18 अगस्त से सोनी सब पर शुरू होगा।  

छत्तीसगढ़ के 141879 किसानों को 152.84 करोड़ रुपये का दावा भुगतान

11 अगस्त को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम का होगा पात्र बीमित किसानों के खाते में सीधे अंतरण रायपुर,  भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के एक लाख 41 हजार 879 पात्र बीमित किसानों को कुल 152 करोड़ 84 लाख 62 हजार रुपये का दावा राशि का भुगतान राष्ट्रव्यापी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से किया जाएगा। जिसमें खरीफ सीजन 2024 के 33 हजार 943 पात्र किसानों को 10 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपये तथा रबी सीजन 2024-25 के एक लाख 7 हजार 936 पात्र किसानों को 142 करोड़ 58 लाख 65 हजार रुपये का दावा भुगतान शामिल है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यह भुगतान 11 अगस्त 2025 (सोमवार) को राष्ट्रव्यापी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण आधारित स्वचालित प्रणाली के माध्यम से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित कार्यक्रम में होगी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा होंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किशोरी लाल मीना विशिष्ट अतिथि होंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से आरंभ होगा। छत्तीसगढ़ के पात्र बीमित कृषकों को वर्चुअल मोड से कार्यक्रम में शामिल करने हेतु जिला स्तर पर कार्यालय उप संचालक कृषि तथा विकासखण्ड स्तर पर कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी कृषक इसका हिस्सा बन सकें। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने इस अवसर पर कहा कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसे प्रभावी कार्यक्रम किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल हानि से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह दावा भुगतान हमारे कृषकों के विश्वास और आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगा। हमारी सरकार खेती को लाभकारी बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक तकनीक के प्रसार और फसल विविधीकरण के माध्यम से प्रदेश की कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित है।

खेल में चमकी महासमुंद की बेटी दिव्या रंगारी, करेगी राष्ट्रीय बास्केटबॉल कैंप में प्रतिभा का प्रदर्शन

राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रशिक्षण शिविर के लिए चेन्नई रवाना रायपुर एफआईबीए अंडर 16 एशियन वूमेंस चौंपियनशिप 2025 का आयोजन मलेशिया में 14 से 20 सितम्बर 2025 तक आयोजित किया जाना है। जिसके लिए बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 10 अगस्त से 12 सितंबर 2025 तक नेशनल स्पोर्ट्स सेंटर चेन्नई में आयोजित किया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल एसोसिएशन द्वारा छत्तीसगढ़ से एकमात्र बास्केटबॉल खिलाड़ी महासमुंद जिले की दिव्या रंगारी पिता विनोद रंगारी शामिल होने आज चेन्नई के लिए रवाना हुई। एशिया कप एसएबीए क्वालिफायर चौंपियनशिप मालदीप में दिव्या ने स्वर्ण पदक जीता था। साऊथ एशियन जोन की टीम के चयन हेतु अंडर 16 एशिया कप क्वालिफायर बास्केटबॉल चौंपियनशिप का आयोजन 12 से 15 जून 2025 तक मालदीप में आयोजित किया गया था जिसमें भारतीय टीम ने बेहतर प्रदर्शन करने के साथ चौंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता एवं एशियन चौंपियनशिप मलेशिया के लिए क्वालीफाई किया था। भारतीय टीम में महासमुंद छत्तीसगढ़ से दिव्या रंगारी ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया। दिव्या रंगारी मिनी स्टेडियम महासमुंद में नियमित अभ्यास करते हुए राष्ट्रीय चौंपियनशिप में शामिल होने के साथ ही इंडिया टीम में जगह बनाने में सफल रहीं हैं। इससे पहले दिव्या ने 48 वीं सब जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चौंपियनशिप अगस्त 2023 पांडिचेरी में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम से खेलते हुए स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही हैं जिसमें दिव्या ने अच्छा प्रदर्शन किया था। महासमुंद जिले में बास्केटबॉल खेल का अभ्यास प्रतिदिन स्थानीय मिनी स्टेडियम महासमुंद में किया जाता हैं। जिसमें आसपास क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्र के बच्चे शामिल होते हैं। जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भागीदारी करने के साथ ही पदक जीतने में सफल रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: ओपीडी दवा-जांच सीमा बढ़ाने का अधिकार मिला, पेंशनर्स को फायदा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत, राजस्थान राज्य पेंशनर्स चिकित्सा रियायती योजना-2021 (आरजीएचएस) में संशोधन करते हुए, पेंशनर्स के लिए आउटडोर चिकित्सा सुविधा (ओपीडी) में दवाइयों और जांचों की वार्षिक सीमा बढ़ाने का अधिकार अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया है। वर्तमान में ओपीडी दवाइयों के लिए 50 हजार रुपये और जांचों के लिए 5 हजार रुपये की सीमा तय थी। नये प्रावधान के तहत ओपीडी दवाइयों की सीमा 2 लाख रुपये तक बढ़ाने के लिए राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के अतिरिक्त सीईओ या संयुक्त सीईओ को अधिकार दिया गया है। 2 लाख से 7 लाख रुपये तक की सीमा बढ़ाने के लिए एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को अधिकार होगा। 7 लाख रुपये से अधिक के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (प्रशासनिक विभाग) को अधिकार दिया गया है। इसी तरह जांचों के लिए 5 हजार रुपये से अधिक की सीमा बढ़ाने का अधिकार राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ को दिया गया है। पहले यह अधिकार वित्त विभाग के पास थे, लेकिन अब यह पूरी तरह स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिए गए हैं। इस फैसले से पेंशनर्स को अपने चिकित्सा खर्चों के लिए अधिक लचीलापन मिलेगा और आवेदन प्रक्रिया भी सरल होगी। पेंशनर्स को इस सुविधा के लिए अब आरजीएचएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले – नक्सलवाद के खात्मे के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग जरूरी

अंदरूनी इलाकों में सड़क और भवन निर्माण कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश रायपुर, उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की सुदृढ़ रणनीति और सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई के चलते नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और इसके खात्मे के लिए समाज के हर वर्ग का सक्रिय सहयोग आवश्यक है। उक्त बातें उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा अपने सुकमा प्रवास के दौरान समीक्षा बैठक में कही। सुकमा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस अहम समीक्षा बैठक में व्यापारी संगठन, सड़क और खदान निर्माण से जुड़े संघटन, सर्व आदिवासी समाज, जनजाति सुरक्षा मंच, अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र के मोबाइल और मेडिकल दुकान संचालक, वनवासी कल्याण समिति तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में जिले के विकास, सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन के लिए उठाए जा रहे कदमों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुकमा की जनता अब विकास की राह पर आगे बढ़ रही है और गुमराह करने वाले तत्वों का प्रभाव खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अंदरूनी इलाकों में विकास कार्यों में जनसहभागिता बढ़ रही है, वह इस बात का संकेत है कि जल्द ही शांति, सुरक्षा और विश्वास के साथ विकास की गति और तेज होगी तथा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों को अधिक संसाधनों के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और गुणवत्ता पर कोई समझौता न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों में कार्य करने वालों को सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और पुलिस विभाग निभाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय युवाओं को इन निर्माण कार्यों में प्राथमिकता दी जाए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलें और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने, रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ पर सख्ती से नियंत्रण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सुकमा जिले में लघु वनोपज की अपार संभावनाएं हैं और इनके प्रसंस्करण से स्थानीय लोगों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने स्व सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए लघु और कुटीर उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार करने और निर्माण कार्यों के टेंडर में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। श्री कश्यप ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर संभाग से नक्सलवाद का जड़ से उन्मूलन करने के लिए सभी को अपने मन में दृढ़ संकल्प के साथ काम करना होगा और शासन की योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य  दीपिका सोरी, जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम, कोरसा सन्नू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुन्दरराज पी., डीआईजी कमलोचन कश्यप, एसपी  किरण गंगाराम चव्हाण, डीएफओ अक्षय कुमार भोंसले, अतिरिक्त कलेक्टर गजेन्द्र सिंह ठाकुर, जिला पंचायत के सीईओ मुकुंद ठाकुर सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित विभिन्न वर्गों और संगठनों ने नक्सलवाद के उन्मूलन और जिले के सर्वांगीण विकास के लिए अपने-अपने सुझाव और समर्थन प्रस्तुत किए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह सामूहिक प्रयास ही सुकमा को नक्सलवाद मुक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।