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ऑस्ट्रेलिया को साउथ अफ्रीका ने वनडे में थमाई 34 सालों की सबसे बड़ी हार

साउथ अफ्रीका साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। साउथ अफ्रीका ने मंगलवार को मेजबान ऑस्ट्रेलिया को पहले वनडे में 92 रनों से रौंदा। ऑस्ट्रेलियाई टीम केर्न्स के मैदान पर 297 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 40.5 ओवर में 198 पर ढेर हो गई। स्पिनर केशव महाराज के 'कातिलाना पंजे' से ऑस्ट्रेलिया बुरी तरह जख्मी हुआ। उन्होंने 10 ओवर में महज 33 रन देकर पांच विकेट चटकाए। महराज ने पहली बार पांच विकेट हॉल लिया। महराज का इससे पहले करियर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 33 रन पर चार विकेट था। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया को पिछले 34 सालों में रनों के लिहाज घरेलू वनडे में सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी है। वहीं, साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर कंगारू टीम के खिलाफ वनडे में रनों के अंतर से सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। साउथ अफ्रीका ने इससे पहले 1994 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया को 82 रनों से धूल चटाई थी। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने सधी हुई शुरुआत की। ट्रैविस हेड और कप्तान मिचेल मार्श ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। हेड 24 गेंदों में 27 रन बनाकर आठवें ओवर में स्टंप आउट हुए। इसके बाद, महाराज का कहर देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया ने 89 रन तक अपने छह विकेट गंवा दिए थे। प्लेयर ऑफ द मैच महराज ने मार्नस लाबुशैन (1), कैमरून ग्रीन (3), जोश इंग्लिस (5), एलेक्स कैरी (0) और आरोन हार्डी (4) का शिकार किया। हालांकि, मार्श ने काफी देर तक मजबूती से एक छोर संभाले रखा। वह 37वें ओवर में पवेलियन लौटे। उन्होंने 96 गेंदों में 10 चौकों के जरिए 88 रन बनाए। बेन ड्वार्शुइस ने 33 और नाथन एलिस ने 14 रनों का योगदान दिया। साउथ अफ्रीका के लिए लुंगी एनगिडी और नंद्रे बर्गर ने दो-दो विकेट झटके। दूसरी ओर, टॉस गंवाकर बैटिंग करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 296 रन जुटाए। ओपनर एडेन मार्करम ने 81 गेंदों में 82 रन बनाए। उनके बल्ले से 9 चौके निकले। रयान रिकेल्टन ने 43 गेंदों में 33 रन बटोरे। कप्तान टेम्बा बावुमा (74 गेंदों में 65) और मैथ्यू ब्रीट्जके (56 गेंदों में 57) ने अर्धशतक ठोका। वियान मुल्डर 26 गेंदों में 31 रन बनाकर नाबाद रहे। ट्रिस्टन स्टब्स का खाता नहीं खुला। डेवाल्ड ब्रेविस 6 रन ही जुटा सके। ऑस्ट्रेलिया के लिए हेड ने सर्वाधिक चार विकेट लिए। बेन ड्वार्शुइस ने दो अपने नाम किए।  

वोट चोरी के विरोध में बिहार में जनता ने दिखाई एकजुटता, कन्हैया कुमार का बयान

नवादा  कांग्रेस के नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि 'वोट चोरी' के खिलाफ निकाली गई 'वोटर अधिकार यात्रा' को बिहार में जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। यह जनसमर्थन मिलने की वजह यह है कि यहां के मतदाता सजग हैं और यहां के लोगों के दिल में लोकतंत्र बसता है। राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' में शामिल कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार के लोग जानते हैं कि पहले देश में विधायकों को रिसॉर्ट में पहुंचाकर 'सरकार चोरी' की जाती थी और अब ये मताधिकार की चोरी कर संविधान और लोकतंत्र की चोरी करना चाहते हैं। इस चोरी के खिलाफ जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग समझते हैं कि चोरी की हुई सरकार जनता के लिए ईमानदारी से काम नहीं करेगी। जो सरकार चोरी से बनी है, उससे ईमानदारी की उम्मीद नहीं की जा सकती है। बिहार के लोग समझते हैं कि जब हम वोटर ही नहीं रहेंगे तो हमारे पास कोई अधिकार नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि वोट का राज मतलब गरीबों का राज। आम लोगों के राज को बचाने के लिए बिहार के आम लोग सड़कों पर हैं। भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि इस यात्रा में साफ दिख रहा है कि बिहार के लोगों ने सरकार बदलने और जदयू-भाजपा की सरकार को हटाकर इंडिया गठबंधन को सत्ता में लाने की तैयारी कर ली है। बिहार की जनता वोट चोरों को कड़ा सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि जदयू-भाजपा सरकार के खिलाफ जो जनाक्रोश उमड़ रहा है, वह चुनाव आयोग के जरिए एसआईआर की साजिश को नाकाम कर देगा। वोट चोरों को गद्दी से जाना होगा। बिहार बदलेगा और आगे चलकर देश भी बदलेगा। राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई है। इस यात्रा में इंडिया गठबंधन में शामिल राजद के नेता तेजस्वी यादव सहित घटक दलों के सभी नेता शामिल हैं। 16 दिन की यह यात्रा लगभग 20 जिलों से होकर गुजरेगी और 1,300 किलोमीटर का सफर तय करेगी। 1 सितंबर को पटना में बड़ी रैली के साथ यात्रा का समापन होगा।

राजस्थान ने पूरा किया 10 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य, CM शर्मा ने ‘हरियालो राजस्थान’ पोस्टर जारी किया

जयपुर राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश ने 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने के ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके निवास पर मुलाकात कर बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने "हरियालो राजस्थान" अभियान के तहत पोस्टर का विमोचन किया। वहीं, वन मंत्री ने उन्हें प्रतीक स्वरूप पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस सफलता को प्रदेशवासियों की सहभागिता और सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण से ही राजस्थान को हराभरा बनाया जा सकता है। वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है और आने वाले समय में हरित प्रदेश के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।

राजस्थान के कोटा में नए एयरपोर्ट का निर्माण शुरू, कैबिनेट ने दी हरी झंडी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मंगलवार को 1,507 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से कोटा-बूंदी (राजस्थान) में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। राजस्थान सरकार ने ए-321 श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित करने के उद्देश्य से एएआई को 440.06 हेक्टेयर भूमि ट्रांसफर की है। सरकार के द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस परियोजना में 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक टर्मिनल भवन का निर्माण किया जाएगा, जो व्यस्त समय के दौरान 1,000 यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा और जिसकी कुल क्षमता बीस लाख यात्री प्रति वर्ष होगी। इसमें 3200 मीटर x 45 मीटर आकार का रनवे (हवाई पट्टी), ए-321 प्रकार के विमानों के लिए 07 पार्किंग बे (विमान पार्किंग क्षेत्र) के साथ एक एप्रन (विमान में ईंधन भरने और उनके रखरखाव का स्थान), दो लिंक टैक्सीवे, एटीसी-कम- टेक्निकल ब्लॉक, फायर स्टेशन, कार पार्किंग और संबंधित कार्य शामिल हैं। चंबल नदी के तट पर स्थित कोटा, राजस्थान की औद्योगिक राजधानी मानी जाती है। इसके अतिरिक्त, कोटा भारत के शैक्षिक कोचिंग केंद्र के रूप में भी प्रसिद्ध है। सरकार के मुताबिक, शैक्षिक और औद्योगिक क्षेत्रों की प्रमुखता के कारण कोटा में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अनुमानित यातायात वृद्धि का समाधान करना है। कोटा में अभी एएआई के स्वामित्व वाला एयरपोर्ट मौजूद है, जहां 1220 मीटर x 38 मीटर आकार का एक रनवे है, जो कोड 'बी' विमानों (जैसे डीओ-228) के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त मौजूदा एप्रन केवल दो विमानों के लिए उपयुक्त है। वर्तमान टर्मिनल भवन 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है, जिसकी व्यस्त समय में 50 यात्रियों को संभालने की क्षमता है। सरकार ने बताया कि मौजूदा एयरपोर्ट को अपर्याप्त भूमि उपलब्धता और एयरपोर्ट के आसपास बढ़ते शहरीकरण के कारण वाणिज्यिक संचालन के लिए विकसित नहीं किया जा सकता है।

भारी बारिश से पाकिस्तान में तबाही, 657 लोग गंवाए जीवन

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में जारी भीषण मानसूनी बारिश ने तबाही मचा दी है। देशभर में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जून के अंत से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 657 लोगों की मौत हो गई है और करीब 1,000 लोग घायल हुए हैं। सोमवार को अकेले 400 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की गई, जिनमें अधिकतर मामले बन्नू, स्वात, शंगला, बाजौर, पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) से सामने आए। बारिश और बाढ़ से दर्जनों घर बह गए, गांवों में अंतिम संस्कार खुले मैदानों में होने लगे और पहाड़ी घाटियों में मातम छा गया। इस त्रासदी ने एक बार फिर पाकिस्तान की जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता और संस्थागत तैयारियों की कमी को उजागर कर दिया है। यह बात पाकिस्तान ऑब्जर्वर में प्रकाशित शोधार्थी ज़फ़र ख़ान सफ़दर के लेख में सामने आई। खैबर पख्तूनख्वा (के-पी) प्रांत में सबसे अधिक जनहानि हुई, जहां बीते 15 वर्षों में सरकार ने महज नारेबाजी और वादों के सिवा कुछ ठोस कदम नहीं उठाए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि पाकिस्तान का बहुचर्चित "बिलियन ट्री सुनामी प्रोजेक्ट" एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आया है। इसमें न तो वादे के मुताबिक पेड़ लगाए गए, न भूमि का सही उपयोग हुआ, बल्कि अरबों रुपये की हेराफेरी हुई और स्वात व दिर की पहाड़ियां अब भी उजड़ी पड़ी हैं। इसके अलावा, के-पी के मलम जब्बा भूमि घोटाले ने प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी। सोमवार को के-पी के स्वाबी जिले में ही 17 लोगों की मौत हो गई। यहां बादल फटने से दर्जनभर घर डूब गए और भूस्खलन ने कई बस्तियों को निगल लिया। स्वाबी के डिप्टी कमिश्नर नसरुल्लाह ख़ान ने बताया कि डालोरी गांव में बादल फटने से 12 घर पूरी तरह डूब गए, जबकि गडून अमजई के पहाड़ी इलाकों में भारी तबाही हुई। पाकिस्तान ऑब्जर्वर ने रिपोर्ट में कहा कि के-पी में अनियंत्रित पेड़ कटाई और वनों की अंधाधुंध कटान ने प्राकृतिक सुरक्षा कवच को नष्ट कर दिया है, जिससे भूस्खलन और बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यदि सरकार ने वनों की सुरक्षा, जलग्रहण क्षेत्रों की बहाली और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त रखने पर गंभीरता दिखाई होती, तो अनगिनत लोगों की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन हकीकत यह है कि सैकड़ों मौतें सिर्फ बाढ़ और बारिश से नहीं बल्कि सरकारी लापरवाही, कुप्रबंधन और जवाबदेही के अभाव से हुई हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री का बयान: भारत के अमीर परिवारों का रूसी तेल पर लाभ

नई दिल्ली  भारत पर 50 फीसदी शुल्क लगा चुके अमेरिका का कहना है कि रूसी तेल की खरीद के मामले में चीन की स्थिति अलग है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार में वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को कहा है कि रूसी तेल खरीदकर भारत मोटा मुनाफा कमा रहा है। भारत ने पहले भी कहा है कि उसे रूसी तेल खरीदने के कारण अमेरिका और यूरोपीय संघ की तरफ से निशाना बनाया जा रहा है। सीएनबीसी से बातचीत में बेसेंट ने कहा है कि भारत ने यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी तेल बेचकर काफी मुनाफा कमाया है। उन्होंने कहा, 'यह… भारतीय मध्यस्थता यानी सस्ता रूसी तेल खरीदना और एक उत्पाद के रूप में दोबारा बेचना युद्ध के दौरान ही शुरू हुआ, जो बिल्कुल अस्वीकार्य है।' साथ ही उन्होंने कहा कि भारत का रूसी तेल खरीदना 'अमीर भारतीय परिवारों' को फायदा पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कुल जरूरत का 1 फीसदी से भी कम रूस से खरीदता था, लेकिन अब 'ये 42 प्रतिशत तक पहुंच गया है।' उन्होंने कहा, 'भारत सिर्फ मुनाफा कमा रहा है, वह इसे बेच रहे हैं…। उन्होंने 16 बिलियन ज्यादा प्रॉफिट कमाया है। इनमें कुछ भारत के रईस परिवार हैं।' चीन को लेकर अमेरिका की रणनीति का भी बेसेंट ने बचाव किया है। उन्होंने कहा कि बीजिंग 'का तेल आयात अलग-अलग स्थानों से हैं और ऐसे में उनकी स्थिति अलग है।' खास बात है कि चीन भी रूसी तेल खरीदता है, लेकिन अमेरिका ने बीजिंग पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। भारत के अलावा ट्रंप ने ब्राजील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की प्रदेश के दुग्ध संघों की गतिविधियों की समीक्षा

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता का लाभ गोशाला प्रबंधन और गोवंश के स्वास्थ्य में भी लिया जाए जहां दुग्ध संघ की पहुंच सीमित है, वहां निजी दुग्ध व्यवसायियों को किया जाए प्रोत्साहित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध उत्पादों की बेहतर ब्राडिंग, गोवंश की समुचित देखभाल, वेटनरी क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण और उन्नत अधोसंरचना स्थापित करने में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता का हरसंभव लाभ लिया जाए। वर्ष 2030 तक प्रदेश के 26 हजार गांवों तक डेयरी नैटवर्क का विस्तार सुनिश्चित किया जाना है। इससे 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन होगा। बढ़े हुए दुग्ध संकलन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आधुनिकतम दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना विकसित की जाए। प्रदेश में निर्मित होने वाले दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर ब्राडिंग सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और प्रदेश के दुग्ध संघों की गतिविधियों के संबंध में मंत्रालय में हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे। सभी विश्वविद्यालयों में वैटनरी के कोर्स किए जाएं संचालित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैटनरी कॉउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में वैटनरी के कोर्स संचालित किए जाएं। उन्होंने नगरीय‍निकायों की बड़ी गो-शालाओं के उन्नयन और प्रबंधन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सहयोग लेने की आवश्यकता भी बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी दुग्ध संघों में एक समान उत्पाद निर्माण सुनिश्चित करने के लिए स्टेण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर अपनाना आवश्यक है। दुग्ध उत्पादकों को दुध-मूल्य के नियमित और समय पर भुगतान की व्यवस्था की नियमित मॉनीटरिंग हो। जिन क्षेत्रों में दुग्ध संघ की पहुंच सीमित है, वहां निजी दुग्ध व्यवसायियों को अद्यतन तकनीक का आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर दुग्ध व्यवसाय को प्रोत्साहित और सशक्त किया जाए। प्रदेश के दुग्ध संघ, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और मध्यप्रदेश कृषि उद्योग निगम में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो। सभी दुग्ध संघ अपने सदस्यों की बेहतरी के लिए कर रहे हैं नवाचार बैठक में जानकारी दी गई कि सम्पूर्ण डेयरी चैन का डिजिटाइजेशन करने के लिए दुग्ध संघों में प्रक्रिया आरंभ की गई है। दुग्ध संकलन के लिए इंदौर दुग्ध संघ द्वारा मोबाइल एप का उपयोग आरंभ किया गया है, जिससे दुग्ध उत्पादकों को उनके द्वारा प्रदाय किए गए दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल प्राप्त होती है। भोपाल दुग्ध संघ द्वारा शहरी उपभोक्ताओं को दूध की गुणवत्ता की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 'दूध का दूध-पानी का पानी' अभियान आरंभ किया गया है। भोपाल दुग्ध संघ ने 'सांची भात योजना' भी आरंभ की है, जिसमें सहकारी समितियों के सदस्यों की बेटियों के विवाह के अवसर पर दुग्ध संघ की ओर से 11 हजार रूपए और वस्त्र, भात के रूप में प्रदान किए जाएंगे। उज्जैन दुग्ध संघ द्वारा पशुधन स्वास्थ्य में सुधार के लिए विशेष अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास श्री उमाकांत उमराव, चेयरमैन राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड डॉ. मीनेष शाह, वेटनरी कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा सहित पदाधिकारी उपस्थित थे।  

बिहार वोटर अधिकार यात्रा में तेजस्वी यादव ने कहा, राहुल गांधी को बनाएंगे पीएम

नवादा  राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने महागठबंधन की बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगली बार जब भी लोकसभा चुनाव होगा, हम राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाएंगे। वोटर अधिकार यात्रा मंगलवार को तीसरे दिन नवादा पहुंची। यहां राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने वोटर लिस्ट रिवीजन (एसआईआर) के मुद्दे पर चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी को जमकर कोसा। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग चुनाव आयोग के साथ मिलकर गरीबों के वोट का अधिकार छीन रहे हैं। एसआईआर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कई लोगों को नाम काट दिया गया है। जो जीवित हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में वोट दिया था, उन्हें अभी मृत घोषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, "ये चुनाव आयोग और भाजपा के लोग समझते हैं कि बिहार के लोगों को चूना लगा देंगे, लेकिन हम बिहारी हैं। एक बिहारी सब पर भारी। इस बार जनता पाई-पाई का हिसाब लेगी।" तेजस्वी ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सीएम से अब बिहार नहीं सभल रहा है। 20 साल से चल रही सरकार को उखाड़कर फेंकना है। नीतीश सरकार हमारी योजनाओं को चुराने का काम कर रही है। पूर्व डिप्टी सीएम ने दावा किया कि चाहे कोई धर्म का हो, तेजस्वी सबको साथ लेकर चलेगा। अब बिहार को तेज रफ्तार के साथ तेजी के साथ आगे बढ़ाना है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहारियों के साथ खिलवाड़ किया है। राहुल गांधी बोले- भाजपा और चुनाव आयोग की पार्टनरशिप नवादा में सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग ने साझेदारी कर ली है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में नए तरीके से वोटों की चोरी हो रही है, लेकिन वह इसे रोक कर रहेंगे।

नाबालिग लड़की की शादी पर SC का फैसला, NCPCR की अपील अस्वीकृत

नई दिल्ली मुस्लिम लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में आयोग पक्षकार नहीं था, इसलिए उसे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने का कोई अधिकार नहीं है। दरअसल, 2022 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में 21 वर्षीय मुस्लिम युवक और 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की के प्रेम विवाह को मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत वैध माना था। यह मामला तब अदालत में पहुंचा था जब विवाहित जोड़े ने अपनी सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने जोड़े को सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके विवाह को मान्यता दी थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ एनसीपीसीआर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना की अगुवाई वाली बेंच ने मंगलवार को आयोग से सख्त लहजे में पूछा कि एनसीपीसीआर का इस मामले से क्या लेना-देना है? जब दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा दी है, तो आयोग इस आदेश को कैसे चुनौती दे सकता है? जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर दो बच्चों को हाईकोर्ट संरक्षण देता है तो एनसीपीसीआर यह नहीं कह सकता कि उन्हें सुरक्षा न दी जाए। आयोग के पास इस आदेश को चुनौती देने का कोई औचित्य नहीं है। एनसीपीसीआर के वकील ने अपनी दलील में कहा कि वे कानून का सवाल उठा रहे थे कि क्या 18 साल से कम उम्र की लड़की को सिर्फ पर्सनल लॉ के आधार पर कानूनी तौर पर शादी करने की योग्यता रखने वाला माना जा सकता है। हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में कानून का कोई सवाल ही नहीं उठता। सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की ओर से दायर अर्जी को भी खारिज कर दिया।

PM मोदी से मिले वांग यी, ट्रंप टैरिफ और सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर हुई बातचीत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भी अहम बैठक की। बता दें कि सीमा वार्ता में वांग और डोभाल दोनों ही अपॉइंटेड स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने और सीमा पर शांति कायम करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे पहले सोमवार को वांग यी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी।   वांग यी के साथ बैठक के बाद अजीत डोभाल ने कहा कि पिछले साल अक्तूबर में रूस के कजान में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात काफी सफल रही। इस मुलाकात के बाद दोनों देश एक नया ट्रेंड स्थापित करने में सफल रहे। इस मीटिंग के बाद दोनों देशों के रिश्तों को काफी मजबूती मिली। दोनों देशों के बीच एक नया माहौल बना है।