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आचार्य द्विवेदी ने हिन्दी साहित्य को समृद्ध किया – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिन्दी साहित्य के महान निबंधकार व उपन्यासकार आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की जयंती पर उनका स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'पद्म भूषण' से सम्मानित आचार्य श्री द्विवेदी भारतीय संस्कृति के गहन अध्येता थे, उन्होंने हिन्दी साहित्य को अपनी कालजयी लेखनी से समृद्ध किया। आचार्य श्री हजारी प्रसाद द्विवेदी की कृतियां नई प्रतिभाओं के लिए पथ प्रदर्शक हैं।  

आजीविका-मिशन प्रतिभा के अवसर और सम्मान देने का बना मंच : मंत्री पटेल

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत लेखनशाला भोपाल बहुत से लोगों में प्रतिभा होती है, लेकिन उनके पास कोई मंच नहीं होता। आज आजीविका मिशन ऐसा सशक्त मंच बनकर उभरा है, जो उनकी प्रतिभा को अवसर और सम्मान दोनों प्रदान कर रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल मंगलवार को होटल कोर्टयार्ड मैरियट में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत तीन दिवसीय जेंडर रिसोर्स सेंटर की एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) लेखनशाला को संबोधित कर रहे थे। इस लेखनशाला में देशभर के 20 राज्यों से प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान ‘संघर्ष से सम्मान की ओर’ कॉफी बुकलेट का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह तथा आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती हर्षिका सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस आयोजन का उद्देश्य जेंडर रिसोर्स सेंटर की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना तथा राज्यों के अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करना है।  

ट्वीट विवाद में संजय कुमार ने जताई खेद, चुनाव आयोग पर कांग्रेस का दबाव खत्म

मुंबई  चुनाव विश्लेषक और लोकनीति- CSDS के कोऑर्डिनटर संजय कुमार ने महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट पर सवाल उठाने को लेकर माफी मांगते हुए अपना पुराना ट्वीट डिलीट कर दिया है। संजय कुमार के इन आंकड़ों का सहारा लेते हुए कांग्रेस चुनाव आयोग पर आक्रामक थी। राहुल गांधी ने कई बार संजय कुमार के इस ट्वीट का जिक्र कर चुनाव आयोग पर निशाना साधा था। अब संजय कुमार ने माफी मांगते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव के आंकड़ों की तुलना करने में गलती हो गई थी। संबंधित ट्वीट डिलीट कर दिया गया है। संजय कुमार ने कहा कि डेटा टीम से आंकड़ों का अध्ययन करने में गलती हो गई थी। हमारा उद्देश्य किसी तरह की गलत जानकारी देना नहीं था। संजय कुमार के माफी मांगने के बाद बीजेपी को कांग्रेस पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। बीजेपी ने कहा कि यह एक 'ईमानदारी वाली गलती' थी। बीजेपी के आईटी चीफ अमित मालवीय ने कहा, हर चुनाव में यही होता है कि पहले कहा जाता है कि बीजेपी हार रही है। वहीं जब बाजी पलट जाती है तो इस बात पर चर्चा शुरू होती है कि बीजेपी आखिर कैसे जीत गई। यही लोग किसी तरह समझाते हैं कि बीजेपी कैसे जीती। उन्हें लगता है कि टीवी देखने वाली जनता मूर्ख है। उन्होंने कहा, सीएसडीएस ने बिना जांचे-परखे ही आंकड़े पोस्ट कर दिए। इससे कांग्रेस को महाराष्ट्र में प्रपंच गढ़ने का मौका मिल गया। क्या था संजय कुमार का दावा डिलीट किए गए ट्वीट में संजय कुमार ने दावा किया था कि महाराष्ट्र की रामटेक विधानसभा नंबर 59 में लोकसभा चुनाव के वक्त कुल 466203 वोटर थे, जबकि विधानसभा चुनाव के दौरान यह संख्या घटकर केवल 286931 रह गई। ऐसे में दोनों चुनाव के बीच वोटरों की संख्या 38 फीसदी तक कम हो गई। संजय कुमार ने एक और दावा किया था कि देवलाली विधानसभा सीट पर लोकसभा चुनाव के दौरान 4,56,072 वोटर थे जो कि विधानसभा चुनाव के दौरान 2,88,141 ही रह गए। ऐसे में 36 फीसदी वोटर कम हो गए। बीजेपी ने कहा, जिन संस्थानों के आंकडों पर राहुल गांधी को भरोसा है, वे स्वीकार कर रहे हैं कि उनके आंकड़े ही गलत थे। यह केवल महाराष्ट्र के वोटर्स को बदनाम करने की कोशिश है। चुनाव आयोग से चल रही है तनातनी राहुल गांधी इन दिनों बिहार में वोटर अधिकार यात्रा कर रहे हैं। 7 अगस्त को राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर 'वोट' चोरी के आरोप लगाते हुए प्रजेंटेशन दिया था। उन्होंने कहा था कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा सीट में वोटर लिस्ट में धांधली की गई। वहीं संजय कुमार के डेटा का उदाहरण देते हुए भी उन्होंने महाराष्ट्र में वोट चोरी का आरोप लगाया था। राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में भी एसआईआर करवाकर केवल सरकार वोटों की चोरी करवाना चाहत है। उन्होंने चुनाव आयोग और बीजेपी की साठगांठ के भी आरोप लगाए। इसके बाद चुनाव आयोग ने भी राहुल गांधी पर पलटवार किया और उनके दावों को खारिज कर दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राहुल गांधी निराधार दावे कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें शपथपत्र देकर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाना चाहता है विपक्ष? खबर यह भी है कि इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाना चाहता है। विपक्ष का कहना है कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इंडिया गठबंधन की बैठक के दौरान महाभियोग पर चर्चा की गई। हालांकि किसी नेता ने इसकी पुष्टि नहीं की है।  

शिक्षक भर्ती विवाद सुप्रीम कोर्ट में, अभ्यर्थियों का सवाल: कब मिलेगा हक?

लखनऊ  एक दिन पूर्व प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के आवास का घेराव किये जाने के बाद 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंगलवार को यानी आज (19 अगस्त) उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करते हुए प्रदर्शनकारियों को इको गाडर्न भेज दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती में व्यापक स्तर पर अनियमितता हुई है। इससे आरक्षित वर्ग के हजारों अभ्यर्थी नौकरी पाने से वंचित हो गए। हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी सरकार की लापरवाही, सुप्रीम कोर्ट में फंसा मामला सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके पक्ष में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से फैसला आने के बाद भी सरकार की लापरवाही के कारण उसका पालन नहीं हो सका और अब यह मामला उच्चतम न्यायालय में है। अभ्यर्थियों का कहना था कि उनकी मजबूत पैरवी की मांग के बावजूद सरकार सुप्रीम कोर्ट में भी पक्ष रखने से पीछे हट रही है। अभ्यर्थियों ने बताया कि कोर्ट में 20 से अधिक तारीख लगी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। अमरेंद्र पटेल ने कहा- 2018 भर्ती में आरक्षित वर्ग के साथ व्यापक अन्याय धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया और उन्हें नौकरी देने से वंचित कर दिया गया। अभ्यर्थियों की याचिका पर 13 अगस्त 2024 को उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ की डबल बेंच ने आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हित में फैसला सुनाया और नियमों का पालन करते हुए 3 महीने के अंदर अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया। पटेल ने कहा कि उन्होंने 2 सितंबर को भी केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया था तब उन्होंने तुरंत न्याय किए जाने की बात कही थी और हम अभ्यर्थियों से मुलाकात भी की थी। लेकिन उनकी बात को भी अधिकारियों ने नहीं माना अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया। 

पंजाब सरकार की निगरानी कर रहे हैं केजरीवाल, बोले AAP नेता

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि राजधानी में पार्टी की हार के बाद से अरविंद केजरीवाल का फोकस गोवा, पंजाब और गुजरात पर है। वह इन राज्यों में संगठन को मजबूती और विस्तार देने में जुटे हैं। सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल पंजाब में सरकार के कामकाज की देखभाल कर रहे हैं। भारद्वाज का ऐसा कहना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल आरोप लगाते हैं कि अरविंद केजरीवाल पंजाब में सरकार के कामकाज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। आप के राष्ट्रीय संयोजक को विपक्षी दल 'सुपर सीएम' भी कहकर तंज कसते हैं। सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि केजरीवाल खाली बैठने वाले नहीं है। 8 फरवरी को दिल्ली में उनकी पार्टी की हार हुई और अगले दिन सुबह से वह गुजरात, गोवा और पंजाब पर काम कर रहे हैं। हार के बाद अधिकतर समय दिल्ली से बाहर रहने से जुड़े एक सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री ने कहा, 'उनके पास टाइम नहीं है मिलने का छोटी-मोटी चीजों के लिए। मैं उनके पास जाता हूं कभी गुजरात के लिए लोग बैठे होते हैं, भी पंजाब के लिए बैठे होते हैं, कभी गोवा के लिए बैठे होते हैं। कभी सोशल मीडिया टीम बैठी होती है।' केजरीवाल के तीन लक्ष्य, पंजाब में सरकार के कामकाज की देखभाल भी: भारद्वाज सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल लगातार पार्टी को विस्तार देने के लिए काम कर रहे हैं। उनके तीन लक्ष्य हैं, वह गोवा में पार्टी को विस्तार दे रहे हैं, दूसरा- गुजरात में विस्तार कर रहे हैं। तीसरा पंजाब में जो सरकार के काम चल रहे हैं उसकी थोड़ी देखभाल कर रहे हैं और पंजाब में जो हमारा संगठन है उसको लगातार मजबूत कर रहे हैं।' अभी कम हैं दिल्ली में दिखने को मौके: सौरभ भारद्वाज यह पूछे जाने पर कि उन्होंने खुद को दिल्ली का बेटा कहा था और हारते ही बाहर चले गए, क्या यह धोखा नहीं है? इस सवाल के जवाब में भारद्वाज ने कहा कि उनकी दिल्ली पर नजर है, लेकिन कम दिख रहे हैं। सही समय पर वह दिल्ली में भी दिखेंगे। भारद्वाज ने कहा, ‘जब झुग्गी झोपड़ी वाला मुद्दा हुआ तो अरविंद जी ने हमें बुलाया और कहा कि यह बहुत क्रूर है। इसके लिए आंदोलन करना पड़ेगा। रूपरेखा बनाई, हम लोग गली-गली गए, बड़ा आंदोलन किया। हमने स्कूल के लिए जो पर्चा बांटा है, उन्हें दिखाया उन्होंने संशोधन कराए। एक-एक चीज पर उनकी नजर है। हां, सार्वजनिक रूप से कम दिख रहे हैं, क्योंकि एक मुख्यमंत्री के तौर पर ऐसा ज्यादा होता था, अब आप विपक्ष में है, इसलिए मौके कम है। जब सही समय आएगा वह दिल्ली में दिखेंगे। राष्ट्रीय राजनीति में भी कम उठाते हैं मुद्दे हैं, जहां उनका फोकस है वह बता दिया मैंने आपको।’  

MP के अमरपुर में ग्रामीणों ने किया चक्का जाम, स्थानीय समस्याओं को लेकर प्रदर्शन

डिंडौरी/अमरपुर जिले के जनपद अमरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत झरना घुघरी के ग्रामीणों ने सड़क, बिजली, पानी की समस्या से त्रस्त होकर मंगलवार की दोपहर 12 बजे से अमरपुर पुलिस चौकी के पार फॉरेस्ट तिराहा पर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों को फूटा गुस्सा ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से पानी, सड़क और बिजली की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और पंचायत कोई समाधान नहीं निकाल रहे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जनजीवन मिशन की लापरवाही के कारण पानी की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सड़क और बिजली व्यवस्था भी बदहाल है, जिससे उनका जनजीवन काफी प्रभावित है।   अमरपुर रोड पर किया चक्का जाम चक्का जाम की सूचना पर मौके पर नायब तहसीलदार और चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे हैं, अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल चक्का जाम के कारण सक्का अमरपुर रोड में आवागमन बाधित है। मार्ग के दोनों ओर वाहनों का जमावड़ा लगा है और राहगीर परेशान होते है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी समस्या का समाधान होने के बाद ही वे चक्का जाम समाप्त करेंगे।

हनी ट्रैप में फंसी महिला, मुरादाबाद में यूपी पुलिस सिपाही समेत 3 लोगों को हिरासत में लिया गया

मुरादाबाद  उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया है। इस गैंग में शामिल लोगों में से एक यूपी पुलिस का सिपाही, एक महिला और उसका साथी शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि चौथा आरोपी फरार है जिसकी तलाश जारी है। क्या है मामला? पुलिस के मुताबिक, यह गैंग पहले लोगों को जाल में फंसाता था, फिर महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। इसी तरह का मामला संभल जिले के रहने वाले एक युवक के साथ हुआ। पीड़ित युवक ने बताया कि गैंग ने महिला के जरिए उसे फंसाया, फिर उसकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड की गई। इसके बाद गैंग ने धमकी देना शुरू कर दिया कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो को वायरल कर देंगे या फर्जी रेप केस में फंसा देंगे। ₹35,000 वसूल चुके थे, मांगे थे और 5 लाख ब्लैकमेलिंग के दौरान आरोपियों ने पीड़ित से अब तक ₹35,000 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे। इसके बाद वे 5 लाख रुपए की और डिमांड कर रहे थे और लगातार धमकियां दे रहे थे। तीन गिरफ्तार, एक फरार पीड़ित की शिकायत के बाद कटघर थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों के नाम हैं रिजवान — यूपी पुलिस का कांस्टेबल, जो यूपी-112 सेवा में तैनात था। फैजल — आरोपी का साथी। एक महिला — जो गैंग का मुख्य मोहरा थी, लोगों को फंसाने के लिए इस्तेमाल होती थी। चौथा आरोपी फरार है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।   पुलिस ने क्या कहा? एसपी सिटी मुरादाबाद कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें एक सिस्टम के अंदर का आदमी यानी पुलिसकर्मी भी शामिल था। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और अब इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है।  

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : जिला स्तरीय यश यात्रा- विरासत के 25 वर्ष का हुआ शुभारंभ

छत्तीसगढ़ राज्य पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सौगात- श्री भईया लाल राजवाड़े महोत्सव-गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित होगी-कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी कोरिया प्रदेश में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत आज कोरिया जिले में जिला स्तरीय यश यात्रा- विरासत के 25 वर्ष का शुभारंभ जिला पंचायत ऑडिटोरियम परिसर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े रहे। श्री राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सौगात है। यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है, जिनका लाभ यहां के निवासियों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं और सड़कों, बिजली, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने बताया कि रजत जयंती समारोह 15 अगस्त से प्रारंभ होकर मार्च 2026 तक चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार इस महोत्सव की मुख्य टैगलाइन ‘ज्ञान’ अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों में कोरिया ने जो यात्रा शुरु की उसका साक्षी आप सब हैं।पहले यहाँ कई विभागों के कार्यालय नहीं रहे होंगे, लेकिन अब शासकीय संस्थानों व विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति की है। आडिटोरियम परीसर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, विधायक श्री राजवाड़े ने अवलोकन किया साथ ही उन्होंने इस प्रदर्शनी को सराहा। जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों व इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, वहीं स्वामी आत्मानन्द अंग्रेजी माध्यम स्कूल, महलपारा की कक्षा बारहवीं की छात्रा उन्नति जायसवाल और कक्षा दसवीं के छात्र कुणाल दुबे ने विगत 25 बरस की छत्तीसगढ़ यात्रा को धाराप्रवाह अंग्रेजी में जानकारी देकर सभी को प्रभावित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित राम पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य, जनपद व नगरीय निकाय प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

लंबित राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सख्त, राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य

रजत महोत्सव की तैयारियों और विकास योजनाओं की प्रगति की गहराई से समीक्षा राजस्व मामलों में लापरवाही नहीं चलेगी, राजस्व अधिकारियों कर्मचारियों पर होगी नजर रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।  हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।  बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।  सख्ती के साथ सुधार की पहल मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो। किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा। रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए।  सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी दयानंद, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।

इजरायल की सख्ती रंग लाई, गाजा संघर्ष में पीछे हटने को मजबूर हुआ हमास

गाजा  गाजा में इजरायल के बढ़ते दबाव का असर अब साफ दिखने लगा है। लंबे समय से संघर्ष कर रहा हमास आखिरकार पीछे हटता नजर आ रहा है। उसने इजरायल को 60 दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव  दिया है। इस समझौते के तहत हमास आधे बंधकों को रिहा करेगा, बदले में इजरायल को अपनी जेलों में बंद कुछ फलस्तीनियों को छोड़ना होगा। इजरायली मीडिया ने हमास के  प्रस्ताव की पुष्टि की  इजरायली मीडिया ने हमास के इस प्रस्ताव की पुष्टि कर दी है, लेकिन अब तक इजरायल की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें भी इस बारे में मीडिया से ही जानकारी मिली है और इससे यह साफ है कि हमास भारी दबाव में है। मिस्र के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह प्रस्ताव अमेरिकी विशेष दूत  स्टीव विटकोफ की सुझाई योजना पर आधारित है। इस योजना को इजरायल पहले ही स्वीकार कर चुका है। काहिरा में मध्यस्थता बैठकों में हमास के प्रतिनिधियों,  कतर के प्रधानमंत्री अब्दुलरहमान अल थानी  और  मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी ने भी चर्चा की।   हजारों फिलीस्तीनी  छोड़ रहे अपने घर इजरायल की ओर से संभावित बड़े जमीनी हमले की आशंका से हजारों फिलीस्तीनी अपने घर छोड़ रहे हैं। गाजा सिटी के पूर्वी इलाकों से लोग पश्चिम और दक्षिण की ओर भाग रहे हैं। बेत लाहिया इलाके के आश्रय प्रबंधक अहमद महेसेन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में करीब 995 परिवार दक्षिण की ओर चले गए हैं।    तबाही और मौतों का सिलसिला       फिलीस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय  के अनुसार, ताजा इजरायली हमलों में 60 लोगों की मौत हुई है।      अब तक 22 महीने से जारी युद्ध में  62,000 से अधिक फिलीस्तीनी मारे जा चुके हैं।       सोमवार को सहायता पाने की कोशिश में 7 फिलीस्तीनी मारे गए।      पिछले 24 घंटों में भूख और कुपोषण से 5 और मौतें हुईं।       7 अक्टूबर 2023 से अब तक  263 लोग भूख से मारे गए हैं  जिनमें 112 बच्चे शामिल हैं।       ऑस्ट्रेलियाई राजनयिकों के वीजा रद्द  इजरायल ने फिलीस्तीनी प्राधिकरण में तैनात ऑस्ट्रेलियाई राजनयिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। यह कदम तब उठाया गया जब ऑस्ट्रेलिया ने फिलीस्तीनी राज्य को मान्यता देने का फैसला किया और एक इजरायली सांसद का वीजा रद्द कर दिया था।