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निवेश बढ़ाने और रोज़गार सृजन के लिए वित्तीय सहायता और टैक्स में छूट का प्रावधान

फुटवियर-लेदर नीति 2025 : निजी औद्योगिक पार्कों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन निवेश बढ़ाने और रोज़गार सृजन के लिए वित्तीय सहायता और टैक्स में छूट का प्रावधान 25 से 100 एकड़ तक के पार्कों को 45 करोड़ तक मिलेगी आर्थिक सहायता  100 एकड़ से बड़े औद्योगिक पार्कों को 80 करोड़ रुपए तक मिलेगा प्रोत्साहन  औद्योगिक पार्कों के जरिये हजारों युवाओं को मिलेंगे रोज़गार के अवसर  फुटवियर और लेदर सेक्टर को मिलेगी वैश्विक पहचान, यूपी बनेगा निवेश का नया केंद्र लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने फुटवियर, लेदर और नॉन लेदर क्षेत्र विकास नीति-2025 के तहत सबसे ज़्यादा फोकस निजी औद्योगिक पार्कों पर किया है। इन पार्कों को निवेश बढ़ाने और रोज़गार सृजन के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता और टैक्स में छूट दी जाएगी। सरकार ने नीति में स्पष्ट किया है कि ऐसे पार्कों को विकसित करने वाले डेवलपर्स को 25 प्रतिशत पात्र पूंजी निवेश या अधिकतम राशि के रूप में वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह मदद पार्क के आकार के अनुसार होगी।  सरकार की मंशा, रोजगार के साथ मिले वैश्विक पहचान इस नीति के जरिये सरकार चाहती है कि राज्य में बड़े पैमाने पर निजी औद्योगिक पार्कों की स्थापना हो। ऐसे पार्कों के जरिये हजारों युवाओं को रोज़गार मिलेगा। फुटवियर और लेदर सेक्टर को वैश्विक पहचान मिलेगी। यूपी निवेश का नया केंद्र बनेगा। यह नीति अधिसूचना जारी होने की तिथि से 5 साल तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत सभी नए प्रोजेक्ट, विस्तार या विविधीकरण करने वाले औद्योगिक उपक्रम वित्तीय प्रोत्साहनों के पात्र होंगे। पात्र औद्योगिक इकाइयों में कंपनी, साझेदारी, सोसाइटी, ट्रस्ट और निजी उपक्रम शामिल होंगे। कैसा होना चाहिए निजी औद्योगिक पार्क? ▪️न्यूनतम 25 एकड़ भूमि पर विकसित होना अनिवार्य। ▪️प्रत्येक पार्क में कम से कम 5 औद्योगिक इकाइयां होंगी। ▪️कोई भी इकाई 80% से अधिक भूमि का उपयोग नहीं कर सकेगी। ▪️कुल क्षेत्रफल का 25% हिस्सा हरियाली और सामान्य अवसंरचना के लिए सुरक्षित रखना होगा। ▪️25 एकड़ से 100 एकड़ तक के पार्कों का निर्माण 5 वर्षों में पूर्ण करना होगा।  ▪️100 एकड़ एवं इससे अधिक के पार्कों का निर्माण 6 वर्षों में पूर्ण करना होगा।  कितनी वित्तीय सहायता मिलेगी? ▪️25 से 100 एकड़ तक के पार्क : पात्र पूंजी निवेश का 25% या अधिकतम ₹45 करोड़। ▪️100 एकड़ से बड़े पार्क : पात्र पूंजी निवेश का 25% या अधिकतम ₹80 करोड़। ▪️सभी पार्क विकासकर्ताओं को 100% स्टाम्प शुल्क में छूट। किन मदों पर खर्च मान्य वित्तीय सहायता केवल बुनियादी ढांचा विकास पर खर्च की जा सकेगी। इसमें सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, ड्रेनेज, बाउंड्री वॉल, पावर सप्लाई, जल आपूर्ति, बैंकिंग सुविधाएं, वेयरहाउस, होटल, हॉस्पिटल, ट्रेड फेयर/डिस्प्ले सेंटर, ट्रांसपोर्ट सुविधा और स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट जैसे कार्य शामिल होंगे। किस पर नहीं मिलेगा लाभ? ▪️भूमि की खरीद लागत। ▪️ईंधन, वाहन, फर्नीचर, पुरानी मशीनरी। ▪️अन्य सेवा शुल्क।    

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग

पटना  राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय भोजपुर में Blockchain Technology विषय पर 5 दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ,बिहार सरकार के अंतर्गत संचालित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज भोजपुर ,आरा  में  Blockchain Technology के विषय पर NIELIT Patna के सहयोग से निशुल्क 5 दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम 20 Aug- 26 Aug  तक आयोजित की जा रही है । यह कार्यक्रम ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल के द्वारा 4th सेमेस्टर के सीएसई एवं ईसीई के छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है । इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के स्किल डेवलपमेंट को बढ़ाना है ताकि प्लेसमेंट के लिए अपने को बेहतर बना सके.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मुलाकात, ग्रीन एनर्जी कोरिडोर पर मंथन

 जयपुर,  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय बिजली, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से उनके आवास पर भेंट कर राजस्थान में ऊर्जा और आवासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि राजस्थान ने नवीकरणीय ऊर्जा निकासी की योजना बनाई है। इस योजना में शामिल परियोजनाओं को ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर- थर्ड में शामिल कर केंद्र की तरफ से अधिकतम अनुदान शीघ्र स्वीकृत किया जाए। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन हेतु नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं से ऊर्जा की निकासी हेतु सुदृढ़ पारेषण तंत्र की आवश्यकता है जिसके लिए अधिकतम केंद्रीय सहयोग आवश्यक है। जयपुर मेट्रो फेज- 2 की स्वीकृति का किया आग्रह मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान आग्रह किया कि जयपुर मेट्रो रेल फेज- 2 का संयुक्त उपक्रम (50ः50) के तहत निर्माण की विस्तृत कार्य योजना को जल्द स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रस्तावित परियोजना के लिए केंद्रीय अंशदान की स्वीकृति से जयपुर वासियों के लिए एक सुदृढ़, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा प्रदान करने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सकेगा। नॉन मिलियन प्लस शहरों के लिए केंद्रीय सहयोग पर चर्चा शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत राजस्थान के नॉन मिलियन प्लस शहरों के नगरीय निकायों को दिए जाने वाले केंद्रीय सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन नगरीय निकायों को प्रदान किए जाने वाले वित्तीय सहयोग से गतिमान विकास  कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जा सकेगा।  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक एवं वल्ड बैंक के संयुक्त वित्त पोषण के माध्यम से संचालित आर. यू. आई. डी. पी. पांचवें चरण की परियोजना तैयार कर भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत की है जिस पर केंद्रीय मंत्रालय का सकारात्मक सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से जलापूर्ति, अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ प्रबंधन और विरासत संरक्षण सहित प्रदेश के शहरों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इस परियोजना की शीघ्र स्वीकृति से राज्य के चहुंमुखी विकास में गति आएगी तथा प्रदेश की जनता लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में ऊर्जा उत्पादन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं जिनके सकारात्मक दोहन और प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास के लिए केंद्रीय सहयोग आवश्यक है। इस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा राजस्थान को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया।

खरीफ 2025 के मौसम के लिए सहकारिता विभाग ने ऑनलाइन आमंत्रित किया है आवेदन

बिहार राज्य फसल सहायता योजना: 31 अक्टूबर तक करें आवेदन  खरीफ 2025 के मौसम के लिए सहकारिता विभाग ने ऑनलाइन आमंत्रित किया है आवेदन फसल उत्पादन में 20 प्रतिशत तक क्षति होने पर 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मिलेगा  20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मिलेगी सहायता राशि  नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों के किसान भी इस योजना के लिए हैं पात्र   पटना राज्य सरकार के सहकारिता विभाग ने बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत खरीफ 2025 के मौसम के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन 31 अक्टूबर, 2025 तक निःशुल्क किए जा सकते हैं। इस योजना के तहत फसल उत्पादन में 20 प्रतिशत तक क्षति होने पर 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर और 20 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा। प्रति किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर के लिए ही सहायता राशि दी जाएगी। रैयत, गैर-रैयत तथा आंशिक रूप से रैयत एवं गैर-रैयत श्रेणी के किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। नगर पंचायत और नगर परिषद क्षेत्रों के किसान भी इसके लिए पात्र हैं। योजना के तहत अधिसूचित फसलों से संबंधित जिलों के नाम विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इस योजना के बारे में बताते हुए सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ॰ प्रेम कुमार ने कहा है कि बिहार राज्य फसल सहायता योजना बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी, पूर्णतः निःशुल्क पहल है, जिसकी मदद से प्राकृतिक आपदाओं में क्षतिग्रस्त फसलों के लिए बिना किसी प्रीमियम के किसानों को वित्तीय सहारा प्रदान किया जाता है। सहकारिता विभाग इसे और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रहा है।  यह है आवेदन की प्रक्रिया कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत किसान सीधे योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कृषि विभाग द्वारा सत्यापित रैयत श्रेणी के किसान केवल रैयत श्रेणी अथवा आंशिक रूप से रैयत तथा गैर-रैयत श्रेणी में ही आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय किसानों को फसल और बुआई के रकबे की जानकारी देनी होगी। फसल कटाई के समय प्रयोग आधारित उपज दर के आंकड़ों के आधार पर योग्य ग्राम पंचायतों या अधिसूचित क्षेत्र इकाई का चयन किया जाएगा। इसके बाद चयनित पंचायतों के आवेदक किसानों को नियमानुसार दस्तावेज अपलोड करने होंगे। योजना के निर्देशों के अनुसार, चयनित ग्राम पंचायतों के आवेदक किसानों का सत्यापन होने के बाद उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा। गलत या भ्रामक जानकारी देने पर आवेदन अस्वीकार कर दिए जाएंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी सहकारिता विभाग की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

धान चोरी कांड का पर्दाफाश: ट्रक समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

कांकेर 305 बोरी (121 क्विंटल) धान को ट्रक सहित लेकर भागने के मामले में कांकेर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धान की 305 बोरियां (कुल 121 क्विंटल) कीमत 2,66,200 रुपए एवं ट्रक क्रमांक CG-19 H-1050 कीमत 7,00,000 कुल जुमला 9,66,200 रुपए बरामद किया है। 16 अगस्त को प्रार्थी प्रदीप कुमार साहू (निवासी ग्राम पुसवाड़ा) ने धान खरीदी कर ट्रक (CG-19 H-1050) में 305 बोरी धान लोड कर राजिम रूद्र राइस मिल भेजा था। ड्राइवर रामप्रसाद निषाद धान सहित ट्रक लेकर फरार हो गया और फोन भी बंद कर दिया। इस मामले की शिकायत पर थाना कांकेर में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईके एलिसेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा एवं एसडीओपी मोहसीन खान के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिल्हा, अर्जुनी, धमतरी और बालोद में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में रामप्रसाद निषाद (बिल्हा), वेद कुमार साहू (अर्जुनी), नेमचंद साहू (श्यामतराई) एवं कामता प्रसाद (कोचवाही जिला बालोद) शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने बताया कि मामला अजमानतीय है। आरोपियों को आज न्यायालय कांकेर में पेश किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष नागर सहित पुलिस टीम का अहम योगदान रहा।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की याद में रांची में तैयार होगा स्मारक स्थल

रांची झारखंड की राजधानी रांची में दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन का स्मृति स्थल बनेगा। इसके लिए भूमि चिन्हित करने का काम शुरू हो गया है। जानकारी के मुताबिक दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की याद में राजधानी रांची के हरमू रोड स्थित बाईपास में स्मृति स्थल का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए नगर विकास विभाग ने झारखंड राज्य आवास बोर्ड से जमीन की मांग की है। आवास बोर्ड के तरफ से जमीन चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है। बाईपास रोड में डीपीएस स्कूल के पास स्थित भुसूर मौजा में गुरुजी का स्मृति स्थल बनाने पर विचार तेज है क्योंकि इस मुख्य मार्ग पर स्थित भुसूर मौजा में कई एकड़ जमीनें खाली पड़ी हैं। बताया जा रहा है कि स्मृति स्थल परिसर में चारों तरफ पार्क और बेहतर लाइटिंग की जाएगी। यहां दिशोम गुरु की एक प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।  

पति की जिद: पत्नी से रोज 3-3 घंटे वर्कआउट कराता, पूरा न करने पर रखता भूखा

गाजियाबाद गाजियाबाद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति खिलाफ महिला थाने में गंभीर शिकायत दर्ज कराई है. महिला का आरोप है कि उसका पति उसे बॉलीवुड एक्टर नोरा फतेही जैसी दिखने और बनने के लिए मजबूर करता था. इसके लिए वह रोज़ाना तीन-तीन घंटे एक्सरसाइज करने का दबाव डालता और जिस दिन वह इतना वर्कआउट नहीं करती तो उसे भूखा रखा जाता. मुझे तो फिल्मी हिरोइन जैसी पत्नी मिल सकती थी महिला ने बताया कि उसका पति, जो कि एक सरकारी फिजिकल एजुकेशन टीचर है, अक्सर उसे ताने मारता है. पति कहता कि उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है क्योंकि उसे तो बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही जैसी सुंदर और आकर्षक पत्नी मिल सकती थी. शिकायत में कहा गया है कि पति न केवल इस तरह की बातें करता, बल्कि पत्नी से कहता कि वह रोज़ाना तीन घंटे वर्कआउट करे ताकि उसका शरीर बॉलीवुड एक्टर जैसा दिखे. जब महिला शारीरिक कमजोरी, थकान या स्वास्थ्य कारणों से वर्कआउट पूरा नहीं कर पाती, तो पति कई-कई दिनों तक उसे खाना तक नहीं देता. मार्च में हुई थी दोनों की शादी  शिकायतकर्ता महिला की शादी मार्च 2025 में गाजियाबाद में बड़े धूमधाम से हुई थी. उसने बताया कि शादी में गहने, लगभग 24 लाख रुपये की महिंद्रा स्कॉर्पियो, 10 लाख कैश और अन्य उपहार शामिल थे. कुल मिलाकर शादी में 76 लाख रुपये से अधिक का खर्च हुआ. इसके बावजूद, विवाह के कुछ ही समय बाद ससुराल पक्ष ने और अधिक दहेज की मांग शुरू कर दी. महिला का कहना है कि पति और उसके परिजन लगातार जमीन, कैश और महंगे सामान की मांग करते थे. जब वह इन मांगों को पूरा करने से इनकार करती, तो उसे ताने दिए जाते और शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना सहनी पड़ती. अश्लील सामग्री और विरोध पर मारपीट पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति अक्सर दूसरी महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो देखता रहता था. जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और उसे धमकाया गया कि अगर उसने चुप्पी नहीं साधी तो उसे घर से निकाल दिया जाएगा. महिला ने अपनी शिकायत में पति के अलावा सास, ससुर और ननद पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उसने कहा कि ससुराल पक्ष लगातार दहेज की मांग करता और गाली-गलौज करता था. मायके से कपड़े, ओवन और गहने लाने के लिए उस पर दबाव बनाया जाता. गर्भवती होने पर भी प्रताड़ना शिकायत के अनुसार, विवाह के कुछ समय बाद महिला गर्भवती हुई. इस दौरान भी उसे परेशान किया गया. आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसे ऐसा भोजन दिया, जिससे उसकी सेहत बिगड़ गई. जुलाई 2025 में उसे अचानक अत्यधिक रक्तस्राव और असहनीय दर्द की स्थिति में अस्पताल ले जाना पड़ा. डॉक्टरों ने जांच में पाया कि लगातार मानसिक तनाव, शारीरिक प्रताड़ना और गलत खान-पान की वजह से उसका गर्भपात हो गया. महिला ने पुलिस को बताया कि इस समय भी पति और ससुरालवालों ने उसे कोई भावनात्मक या शारीरिक सहयोग नहीं दिया. मायके जाने के बाद भी नहीं मिला चैन गर्भपात और प्रताड़ना से टूटी महिला अपने मायके चली गई. आरोप है कि वहां रहने के दौरान भी पति, सास और ननद ने वीडियो कॉल कर उसे और उसके परिवार को गालियां दीं. साथ ही तलाक की धमकी भी दी. 26 जुलाई को जब महिला अपने माता-पिता के साथ ससुराल लौटी और बातचीत करने की कोशिश की, तो उसे घर के भीतर तक घुसने नहीं दिया गया. शिकायत में यह भी दर्ज है कि तीज-त्योहार पर मायके से जो गहने दिए गए थे, उन्हें वापस करने से ससुरालवालों ने साफ इंकार कर दिया. पुलिस से न्याय की गुहार महिला ने अपनी तहरीर में पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, गर्भपात कराने, धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके. क्या कहती है पुलिस महिला थाने में दर्ज हुई शिकायत की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और पीड़िता के आरोपों की जांच सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर की जाएगी. साथ ही मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल के दस्तावेज भी सबूत के तौर पर जुटाए जा रहे हैं.

सनी-बॉबी की जोड़ी फिर करेगी धमाल, 18 साल बाद आ रही है ‘Apne 2’

मुंबई  ‘अपने’ बॉलीवुड इंडस्ट्री की एक ऐसी फिल्म है जिसमें पूरे देओल परिवार को एक साथ काम करते हुए देखा गया है। धर्मेंद्र और उनके दोनों बेटे सनी और बॉबी इस फिल्म में नजर आए थे। निर्देशक अनिल शर्मा के निर्देशन में साल 2007 में आई इस फैमिली ड्रामा ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था। बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के बाद लंबे समय से इसके दूसरे हिस्से का इंतजार किया जा रहा है। यह हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन पारिवारिक कहानी वाली फिल्मों में से एक है। इसके सीक्वल को लेकर चर्चाओं का बाजार हमेशा गर्म रहता है। अब ‘अपने 2’ को लेकर निर्देशक अनिल शर्मा ने खुद दर्शकों को जानकारी दी है। अनिल शर्मा को हाल ही में एक टीवी चैनल के साथ बात करते हुए देखा गया। अपनी अपकमिंग फिल्मों के बारे में जानकारी दी है। अपने 2 को लेकर उन्होंने कहा कि कहानी पर काम चल रहा है और स्क्रिप्ट लगभग फाइनल हो चुकी है। मैं यह वादा करता हूं कि ‘अपने 2’ में सनी देओल और बॉबी देओल एक साथ नजर आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत चल रही है और एक साथ मिलकर विचार विमर्श करना है। मुझे इस बात का यकीन है कि उन्हें कहानी जरूर पसंद आएगी। अनिल ने यह भी कहा कि जब मैंने अपने की कहानी देओल फैमिली को सुनाई थी तो धर्म पाजी की आंखों से आंसू आ गए थे और बॉबी ने मुझे गले लगा लिया था। इन लोगों के साथ मेरा रिश्ता सबसे खास रहा है और अपने 2 के साथ ये और भी बढ़ जाएगा। बता दें कि 5 साल पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फिल्म के अनाउंसमेंट की जा चुकी है। नजारा आएंगे ये सितारे जब अनिल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए ‘अपने 2’ की घोषणा की थी। तब वह बता चुके थे कि देओल परिवार का एक और शख्स इस फिल्म में नजर आने वाला है। यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि सनी देओल के बेटे कारण है। इस सीक्वल में उनका भी हम किरदार होने वाला है। अब जब फिल्म की कहानी पर काम चल रहा है तो यह तय है कि जल्द ही इसे दर्शकों के बीच पेश किया जाएगा।

बालिकाओं के विकास पर फोकस: सुएंड्रीका ने कस्तूरबा गांधी छात्रावास का निरीक्षण किया

भोपाल संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की कंट्री हेड सुएंड्रीका ने बुधवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का दौरा किया। उनके साथ अपर परियोजना प्रबंधक श्रीमती मनीषा सेथिया और जनसंख्या कोष के स्टेट हेड सुनील जैकब भी थे। प्रतिनिधियों ने छात्रावास में पढ़ने वाली बालिकाओं से चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष एवं स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल से बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिये एक मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसका नाम “सशक्त” है। छात्रावास में आकर्षक प्रदशर्नी के माध्यम से हिंसा से बचाव, उनके अधिकारों, पॉक्सो एक्ट और शारीरिक स्वच्छता के संबंध में बालिकाओं को जानकारी दी गई है। जनसंख्या कोष बालिका छात्रावास में बालिकाओं के उन्मुखीकरण के लिये विषय-विशेषज्ञों की उपस्थिति में लगातार वर्कशॉप भी कर रहा है। कमिश्नर से मुलाकात कंट्री हेड सुएंड्रीका और स्टेट हेड सुनील जैकब ने आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता से मुलाकात कर यूथ एवं एडोलसेंट प्रोग्राम के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष से अपेक्षा की गई कि कार्यक्रम का विस्तार प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में भी किया जाये। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की भावना मजबूत होगी। वे अपने अच्छे करियर की तरफ भी बढ़ सकेंगी।  

राजधानी में इमारत ढही, मलबे में दबे कई लोग; अब तक 3 की मौत

नई दिल्ली  बारिश के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़ा हादसा हुआ है। दिल्लीमें तीन मंजिला इमारत ढह गई। दरियागंज में बिल्डिंग के मलबे में कई लोग दब गए। प्रारंभिक रिपोर्ट में हादसे में तीन लोगों की मौत की खबर है। वहीं कई लोग मलबे में दबे हुए हैं। रेसक्यू ऑपरेशन जारी है। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। यह घटना दोपहर 12.14 बजे की है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की चार गांड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने बताया कि दरियागंज थाना क्षेत्र में बुधवार को एक इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने सूचना मिलते ही राहत और बचाव का काम शुरू किया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि तीन लोगों के शवों को मलबे से निकाला गया। इनकी पहचान जुबैर, गुलसागर, तौफीक के तौर पर हुई है। शवों को एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया है। सूचना मिलते ही डीडीएमए सहित नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि बुधवार को एक इमारत के ढह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर मिली, जिसके बाद दमकल की चार गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। पुलिस बोली- कानूनी कार्रवाई होगी डीएफएस अधिकारी ने कहा कि तीन लोगों को मलबे से निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक बचाव अभियान जारी था। इमारत ढहने के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने बताया कि बचाव कार्य जारी है। तथ्यों की पुष्टि के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।