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30 से अधिक हाथियों का दल गांव में घुसा, ग्रामीणों में मची भगदड़

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के करंजवार गांव में हाथियों का विशाल झुंड देखा गया है. करीब 30 से 35 हाथियों का यह दल क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है. हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों और किसानों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों ने धान और मक्का की फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है. बता दें, झुंड में बड़े दतैल हाथियों के साथ छोटे-छोटे शावक भी शामिल हैं. स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार मौके पर डटी हुई है. विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों से दूर रहने की अपील की है.

वोट चोरी विवाद में अभय चौटाला का कांग्रेस पर तीखा हमला

सोनीपत हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल एक बार फिर अपनी सियासी जमीन तलाशने में जुट गई है और अभय सिंह चौटाला लगातार हरियाणा में हर विधानसभा पर कार्यकर्ता सम्मेलन कर 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली देवीलाल जयंती का निमंत्रण जनता को दे रहे है। अभय सिंह चौटाला सोनीपत के दौरे पर थे। इस मौके पर बीजेपी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जमकर निशाना साधते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा में बीजेपी की मदद के लिए हुड्डा ने उतारे हारने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया, ताकि बीजेपी को सीधा फायदा मिल सके। वहीं कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि 10 साल पहले कहां थे चुनाव के दौरान कांग्रेस ने ये मुद्दा क्यों नहीं उठाया। भिवानी में मनीषा हत्या मामले पर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि सुसाइड नोट एक सप्ताह पहले क्यों नहीं आया। अधिकारियों और सरकार के बयानों में कोई तालमेल नहीं। पहले हत्या की बात हुई, अब सुसाइड की बात कह रहे हैं। सीबीआई जांच की जगह पंजाब पुलिस से जांच होनी चाहिए। अभय चौटाला को धमकी देने वाले बयान पर जवाब देते हुए कहा कि क्या वो पुलिस के अधिकारी है, उनसे पूछना चाहिए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की भी अभय सिंह चौटाला ने निंदा की और कहा कि उनको प्रदेश की जनता ने चुनकर भेजा है। ऐसा नहीं करना चाहिए था। इससे किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है।  वहीं लोकसभा में अमित शाह द्वारा सदस्यता वाले बिल पर बोले अभय सिंह चौटाला ये मनमानी कर रहे हैं और अगर किसी की सदस्यता रद्द करवानी होगी तो पहले ईडी में मामला दर्ज कराया जाएगा फिर 2 तीन माह जेल में भेज कर सदस्यता रद्द करवाई जाएगी, सजा ना होने तक ये प्रावधान गलत है, सरकार तानाशाही करेंगी।

टीम इंडिया की घोषणा के साथ बदल गई अगरकर की भूमिका, क्या हिलेगी किसी की कुर्सी?

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यनी बीसीसीआई ने टीम इंडिया के हेड कोच अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव किया है। यह बदलाव एशिया कप 2025 के स्क्वॉड के ऐलान के कुछ दिन बाद ही हुआ। बीसीसीआईॉ ने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 तक बढ़ा दिया है। जून 2023 में शुरू हुए उनके कार्यकाल में, भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप और इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। उनके रहते हैं भारतीय टेस्ट टीम में प्रभावशाली बदलाव देखने को मिले साथ ही टीम 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। इन सभी उपलब्धियों को देखते हुए अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया गया है।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईपीएल 2025 से पहले ही अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने की बात हो गई थी, जिसे हेड कोच ने एक्सेप्ट कर लिया है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, "उनके (अजीत अगरकर) कार्यकाल में भारतीय टीम ने खिताब जीते और टेस्ट और टी20 में भी बदलाव देखा। बीसीसीआई ने उनका अनुबंध जून 2026 तक बढ़ा दिया था और उन्होंने कुछ महीने पहले ही यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था।" अजीत अगरकर के रहते ही विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टी20 और टेस्ट से रिटायरमेंट लिया और इन दोनों फॉर्मेट में भारत को नया कप्तान मिला। टेस्ट में शुभमन गिल को तो टी20 में सूर्यकुमार यादव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। रोहित-विराट वनडे में एक्टिव है, मगर आगामी समय में यहां भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। एस शरत को हटाया जा सकता है मौजूदा समय में चयन समिति में अगरकर के अलावा एसएस दास, सुब्रतो बनर्जी, अजय रात्रा और एस शरत शामिल हैं। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली वार्षिक आम सभा की बैठक के बाद सीनियर चयन समिति में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। शरत, जो सितंबर 2021 में जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष थे और जनवरी 2023 में सीनियर चयन समिति में प्रमोट कर दिया गया था। उन्हें अब चार साल पूरे होने को है। पता चला है कि बोर्ड उनकी जगह किसी नए चेहरे को नियुक्त कर सकता है। बीसीसीआई आगे चलकर नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करेगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बोर्ड दास और बनर्जी को बरकरार रखेगा या नहीं। बोर्ड कथित तौर पर मौजूदा चयन समिति से संतुष्ट है और पैनल में केवल एक संभावित बदलाव किया जा सकता है।

उर्स मेले में भीड़ नियंत्रण के लिए काम आया अंशिका वर्मा का डिजिटल इनोवेशन

बरेली बरेली में तीन दिवसीय आला हजरत उर्स में पुलिस ने इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए मोबाइल एप व एआई तकनीक का इस्तेमाल किया। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा का बनाया डीडीएमएस एप पुलिसिंग का नया हथियार बना। इससे हर पुलिसकर्मी व भीड़ की लाइव लोकेशन अफसरों के मोबाइल कंट्रोल रूम में स्क्रीन पर दिख रही थी। अंशिका वर्मा ने पूर्व तैनाती के दौरान आईपीएस सोनम कुमार के साथ मिलकर डायनेमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम (डीडीएमएस) एप बनाया था। इसका एसएसपी अनुराग आर्य ने इस बार उर्स में इस्तेमाल किया। जिले में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के साथ ही दूसरे जिले से बुलाकर ड्यूटी पर लगाए गए स्टाफ का ब्योरा इसमें दर्ज किया गया। इससे उनके ड्यूटी स्थल को खोजने की समस्या खत्म हुई तो अधिकारियों ने भी उनकी लोकेशन की मॉनीटरिंग कर ली। कंट्रोल रूम से अफसरों ने की निगरानी एसएसपी अनुराग आर्य ने कुल के दौरान अधूरे स्काई वॉक पर चढ़ी भीड़ को हटाया, वरना ओवरलोडिंग से हादसा हो सकता था। कमिश्नर व एडीजी समेत कई अधिकारी नगर निगम के कंट्रोल रूम में बैठे रहे। इससे शहर में भीड़ व जाम की स्थिति का जायजा लेकर संबंधित स्थान पर पुलिस टीम भेजी गई। एसएसपी ने बताया कि डीडीएमएस एप का भविष्य में होने वाले अन्य आयोजनों में इस्तेमाल किया जाएगा। अफसरों का जताया आभार बरेली में उर्स-ए-रजवी आयोजन के बाद सर्व सेवा समिति, सिविल डिफेंस वॉर्डन जहीर अहमद, सेवानिवृत्त एडीएम केएल सहगल, अश्वनी ओबेरॉय, मनोज अरोड़ा व सुरेन्द्र त्यागी ने जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने एडीजी जोन रमित शर्मा, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य की बेहतर प्रबंधन के लिए सराहना की है।  

लोगों के दिलों पर राज करने वाले जज फ्रैंक कैप्रियो अब नहीं रहे

न्यूयॉर्क  अमेरिका के प्रसिद्ध जज फ्रैंक कैप्रियो का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह अग्नाशय के कैंसर से जूझ रहे थे। कैप्रियो को उनके दयालु स्वभाव और करुणामय फैसलों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। वे 'कैच इन प्रोविडेंस' रियलिटी शो के माध्यम से विश्व भर में लोकप्रिय हुए, जिसमें उनके ट्रैफिक और छोटे-मोटे मामलों की सुनवाई के अनोखे अंदाज को दिखाया गया। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर बेहद वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने एक बुजुर्ग व्यक्ति का ओवरस्पीडिंग का चालान माफ कर दिया था, क्योंकि यह पहली बार था जब उस व्यक्ति ने तय सीमा से अधिक गति से गाड़ी चलाई थी। दुखद खबर की घोषणा बुधवार देर दोपहर उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक बयान जारी किया गया, जिसमें प्रशंसकों को बताया गया कि प्रिय न्यायाधीश कैप्रियो का अग्नाशय के कैंसर से लंबी और साहसी लड़ाई के बाद 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बयान में कहा गया कि अपनी करुणा, विनम्रता और लोगों की भलाई में अटूट विश्वास के कारण जज कैप्रियो ने अदालत के अंदर और बाहर अपने काम से लाखों लोगों के जीवन को छुआ। उनकी गर्मजोशी, हास्य और दयालुता ने उन्हें जानने वाले सभी लोगों पर एक अमिट छाप छोड़ी। कैंसर के खिलाफ लड़ाई पर खुलकर बात कैप्रियो ने अपनी कैंसर की लड़ाई के बारे में खुलकर बात की थी। 1 जून को उन्होंने टिकटॉक पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय कैंसर सर्वाइवर्स डे पर इस बीमारी को मात देने वालों का जश्न मनाया। उन्होंने कहा था कि मैं हर उस व्यक्ति का सम्मान करना चाहता हूं जिसने इस लड़ाई का सामना किया और जीत हासिल की। मैं खुद इस समय इसी लड़ाई में हूं। मैं डेढ़ साल से अग्नाशय के कैंसर से जूझ रहा हूं, और मुझे उम्मीद है कि ईश्वर की कृपा से एक दिन मैं भी इस बीमारी से उबर जाऊंगा। निधन से पहले इंस्टाग्राम पर अंतिम पोस्ट कैप्रियो के निधन की घोषणा से कुछ घंटे पहले, उनके इंस्टाग्राम पर अस्पताल के बिस्तर से उनकी एक तस्वीर पोस्ट की गई थी। तस्वीर के साथ प्रशंसकों के लिए एक संदेश भी था, जिसमें उन्होंने उनकी प्रार्थनाओं, प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। बता दें कि कैप्रियो के इंस्टाग्राम पर 3.3 मिलियन और टिकटॉक पर 1.6 मिलियन फॉलोअर्स थे। अपने सोशल मीडिया बायो में उन्होंने लिखा था कि उन्हें 'दुनिया के सबसे अच्छे जज' के रूप में जाना जाता है।  

मशहूर ट्रैक्टर वाली लड़की की वायरल पोस्ट ने लोगों का ध्यान खींचा

चंडीगढ़ सोशल मीडिया पर 'उप्पल फार्म' नाम से मशहूर "ट्रैक्टर गर्ल" की प्राईवेट वीडियो लीक के बाद एक पोस्ट ने तहलका मचा दिया है। आरोप है कि प्रभ नामक युवक जो लड़की का मंगेतर बताया जा रहा है, पिछले लंबे समय से उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था।   अब पीड़िता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्टोरी डाल कर कहा कि मुझे किसी का भी नाम लेकर बदनाम न किया जाए। मेरा किसी भी यादविंदर नाम के युवक से कोई भी रिलेशन नहीं था। मैं जग्गा नाम के शख्स के जरिए उस से जरूर मिली थी, मेरी आम दोस्तों की तरह उस के साथ दोस्ती थी।   उसने लोगों से अपील की कि उनका नाम बिना वजह किसी भी विवाद या अफवाह से न जोड़ा जाए। उनका कहना है कि उनका जीवन खुला है और वे किसी भी तरह की गलत चर्चा का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं। लड़की ने जोर देकर कहा कि वे अपनी पहचान केवल अपने काम और सच्चाई से बनाना चाहती हैं, न कि झूठी खबरों से।

सीएमएचओ की बैठक में स्वास्थ्य गतिविधियों की समीक्षा, बीमारियों से निपटने की तैयारी तेज

सिरोही  राजस्थान के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गई है। इस बीच डॉ. खराड़ी ने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए आशा एवं एएनएम कार्यकर्ता नियमित रूप से एंटी-लार्वा एक्टिविटी को संचालित करे। पानी में एमएलओ, टेंफोस दवा डालने, एंटी-एडल्ट एक्टिविटी के तहत घरों में रखे कंटेनर, टंकियां एवं कूलर समय-समय पर खाली करने, किसी भी स्थान पर 7 दिन से ज्यादा पानी जमा न होवे, ताकि मच्छरों के अंडे एवं लार्वा पनप न सकें। इसको लेकर कार्य करने के आदेश दिए गए। मलेरिया पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। खराड़ी ने नसबंदी लाभार्थियों को मिलने वाला वित्तीय लाभ समय पर उनके खातों में पहुंचे, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उनका कहना था कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के अंत में सीएमएचओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों से अपील की कि सभी योजनाओं और अभियानों का क्रियान्वयन गंभीरता और जिम्मेदारी से किया जाए। इस अवसर पर आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला ने मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा की। वहीं जिला क्षय अधिकारी डॉ. विवेक जोशी ने टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक नरेश टेलर भी उपस्थित रहे। जिले में 1.04 लाख घरों में हुआ सर्वे डॉ. खराड़ी के अनुसार जिले में अप्रैल 2025 से अब तक 18 हजार 835 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है उनके द्वारा 1 लाख 4 हजार 954 घरों का सर्वे किया गया है। सर्वे के दौरान 318 घरों में लार्वा पाए गए। इसी प्रकार 1 लाख 77 हजार 780 कंटेनरों की जांच की गई। इनमें से 963 कंटेनरों में लार्वा पाए गए। विभाग द्वारा अब तक 87 हजार 872 कंटेनरों को उपचारित किया गया है। लार्वा नियंत्रण की कारवाई के तहत 11 हजार 467 पात्रों में टेमिफॉस डाला गया। वहीं, 1758 स्थानों पर एमएलओ का छिड़काव किया गया है। इसके अतिरिक्त, कई दिनों से एक ही जगह जमा पानी वाले कुल 80 हजार 291 पात्र खाली करवाए गए, ताकि मच्छरों की उत्पत्ति को रोका जा सके। लाडो योजना से लाभान्वित करने के आदेश सीएमएचओ ने लाडो योजना के संबंध में निर्देश दिए कि जैसे ही किसी गर्भवती महिला का पंजीकरण होता है, तत्काल प्रभाव से उसके दस्तावेज लेकर बैंक खाता खुलवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रसव के समय योजना का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बालिकाओं की शिक्षा एवं अन्य सुविधाओं के लिए सरकार द्वारा 1.50 लाख रुपए की राशि 7 किस्तों में प्रदान की जाती है, जिससे बालिका पर होने वाले खर्च का बोझ परिवार पर न पड़े। टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की गई। डॉ. खराड़ी ने निर्देश दिए कि लक्षित जनसंख्या में लक्षणयुक्त मरीजों के बलगम की जांच CB-Naat / True-Naat मशीन से की जाए। वहीं लक्षण रहित लक्षित जनसंख्या की शत-प्रतिशत एक्स-रे जांच सुनिश्चित की जाए। चिकित्सा संस्थानों में साफ-सफाई और सुधार पर बल सीएमएचओ ने निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा संस्थानों में नियमित साफ-सफाई रखी जाए। विशेष रूप से प्रसव (डिलीवरी) वाले चिकित्सा संस्थानों में अतिरिक्त स्वच्छता सुनिश्चित की जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जर्जर चिकित्सा संस्थानों पर ताला लगाकर उनकी सेवाएं निकटवर्ती उपयुक्त स्थानों से संचालित की जाएं, जिससे मरीजों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

जॉली एलएलबी 3 पर बवाल: जज को मामू कहने पर अक्षय-अरशद मुश्किल में

मुंबई अक्षय कुमार और अरशद वारसी की फिल्म जॉली एलएलबी 3 कानूनी पचड़े में फंसी हुई दिखाई दे रही है। इस फिल्म को लेकर काफी लंबे समय से दर्शकों के बीच उत्सुकता देखने को मिल रही है, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि इसमें थोड़ा दखल पैदा हो सकता है। इस कोर्टरूम ड्रामा को देखने के लिए फैंस बेताब है और उनकी एक्साइटमेंट टीजर देखने के बाद बढ़ गई थी। टीजर में दिखाई गई अरशद और अक्षय की नोंकझोंक लोगों को बहुत पसंद आई थी। दर्शक बस इस फिल्म की पूरी कहानी जान लेना चाहते हैं, लेकिन अब यह कानूनों पचड़े में फंसती हुई दिखाई दे रही है। जानकारी के मुताबिक मेकर्स के खिलाफ पुणे कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई गई है और समन भेजा गया है। क्या है मामला बता दें कि हाल ही में जॉली एलएलबी 3 का लेटेस्ट टीजर सामने आया था। इसमें अक्षय कुमार और अरशद वारसी के साथ सुंदरलाल त्रिपाठी की भूमिका निभाने वाले अभिनेता सौरभ शुक्ला भी नजर आ रहे थे। टीजर में अक्षय और अरशद जज  को मामू बोलते नजर आ रहे थे। अब इस मामले को लेकर पुणे के गणेश मास्खे और वाजेद खान ने कोर्ट में याचिका लगाई है। जो याचिका दायर की गई है उसमें यह बताया गया है कि जॉली एलएलबी 3 के मेकर्स ने कानूनी पेशे को मजाकिया अंदाज में पेश किया है। कोर्ट रूम की गरिमा को गलत तरीके से पेश किया गया है। वकील एक जज को भरे कोर्ट में मामू कैसे बोल सकता है। यह कानूनी क्षेत्र का एक बड़ा पेश है जिसका मजाक उड़ाना अनुचित है। यह फिक्शन फिल्म है लेकिन ज्यूडिशरी सिस्टम का अपमान कर रही है जो कि गलत है। इस पिटिशन को मेकर्स को भेज दिया गया है। इस याचिका की सुनवाई की तारीख 28 अगस्त रखी गई है। कब रिलीज होगी Jolly LLB 3 जॉली एलएलबी 3 का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म के रिलीज की बात करें तो यह 19 सितंबर को सिनेमाघर में दस्तक देगी। कानूनी मामले में फंसने के बाद अब स्थिति थोड़ी गंभीर है। ऐसे में फिल्म का क्या होता है ये देखने वाली बात होगी।

भारत में छिपी FBI की मोस्ट वॉन्टेड सिंडी सिंह, हुई गिरफ्तारी

नई दिल्ली FBI यानी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो ने टॉप 10 भगोड़ों की सूची में शामिल सिंडी रॉड्रिगेज सिंह को भारत से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस सफलता पर FBI प्रमुख काश पटेल ने भारतीय अधिकारियों की भी तारीफ की है। सिंह पर अपने 6 साल के बेटे की हत्या के आरोप हैं। मामला 2023 का है। खबर है कि सिंह अमेरिका में कानूनी मामले से बचने के लिए भागकर अमेरिका आ गई थी। सिंह के नाम पर मुकदमे से बचने के लिए भागने को लेकर एक FBI वॉरंट और 10 साल से कम उम्र के बच्चे की हत्या के मामले में टेक्सास राज्य का एक वॉरंट है। यह मामला 20 मार्च 2023 में सामने आया था। उस दौरान टेक्सास डिपार्टमेंट ऑफ फैमिली एंड प्रोटेक्टिव सर्विसेज की तरफ से एक टीम सिंह के बेटे की जानकारी लेने गई थी। खास बात है कि बच्चा अक्तूबर 2022 से नहीं देखा गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने बताया था कि बच्चे को कई स्वास्थ्य संबंधी और शारीरिक परेशानियां हैं। इनमें डेवलपमेंटल डिसऑर्डर, सोशल डिसऑर्डर, पल्मोनरी इडेमा, बोन डेंसिटी और एस्टोपिया जैसी कई परेशानियां शामिल हैं। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सिंह गुमराह कर रही है और कह रही है कि उनका बेटा नवंबर 2022 से ही पिता के साथ मैक्सिको में है। इसके दो दिनों के बाद 22 मार्च 2023 में सिंह, उसका पति और 6 बच्चों ने भारत के लिए उड़ान भरी। जांचकर्ताओं को पता चला कि गुमशुदा बच्चा फ्लाइट में नहीं हैं। इसके बाद जुलाई में सिंह को भगोड़ों की सूची में डाला गया। ऐसे चढ़ी हत्थे 2 अक्टूबर 2024 को सिंह के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी हुआ था और सभी सदस्य देशों को भेजा गया था। उस दौरान भारत को प्रत्यर्पण से जुड़े दस्तावेज भी दिए गए थे, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी। पटेल ने कहा, '…टेक्सास, जहां से इस केस की शुरुआत हुई, वहां के स्थानीय साझेदारों, न्याय विभाग के साथ भारत में हमारे साझेदारों का धन्यवाद।'

अभियुक्त की मौत के बाद भी जारी रहा केस, सह-आरोपी पत्नी, बेटे और बहू को 3 साल कैद

जबलपुर   आय से अधिक संपत्ति मामले में प्रवर्तन निर्देशालय (ईडी) ने ऐसा फैसला सुनाया है, जिसे सुनकर भ्रष्टाचार करने वालों के होश उड़ जाएंगे. दरअसल, विशेष न्यायाधीश इरशाद अहमद ने अभियुक्त कर्मचारी की मौत के बावजूद प्रकरण में सह आरोपी पत्नी, बेटे व बहू को तीन-तीन साल के कारावास व दस-दस हजार रूपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है. विशेष न्यायालय ने माना कि आय से अधिक अर्जित संपत्ति का उपयोग सह आरोपियों के नाम सम्पत्ति खरीदने व निवेश में किया गया था. परिवार के लोगों को क्यों मिली सजा? अभियोजन के अनुसार जबलपुर में पदस्थ रहे कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट, सहायक लेखाधिकारी सूर्यकांत गौर के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. ईडी ने साल 2011 में उनके खिलाफ कार्रवाई की थी. इस दौरान ईडी को उनके पास से आय से लगभग 90 लाख रु अधिक की संपत्ति मिली थी. आय से अधिक राशि का उपयोग पत्नी विनिता गौर, पुत्र शिशिर गौर व पुत्रवधू सुनीता गौर के नाम पर संपत्ति खरीदने व निवेश में किया गया था. ईडी ने प्रकरण में मुख्य आरोपी सहित परिवार के अन्य सदस्यों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था. सभी को माना गया भ्रष्टाचार का दोषी प्रवर्तन निर्देशालय ने सभी आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान प्रस्तु किया था. न्यायालय में प्रकरण के लंबित रहने के दौरान मुख्य आरोपी सूर्यकांत गौर की मृत्यु हो गई थी. विशेष न्यायालय ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्य व गवाहों के आधार पर सह आरोपियों को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार देते हुए सजा से दंडित किया. स्पेशल कोर्ट ने यह भी कहा है कि जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर 6-6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजन अधिवक्ता विक्रम सिंह ने पैरवी की.