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राज्य सरकार का बड़ा ऐलान: 62 लाख लोगों के खाते में आएंगे 3200-3200 रुपये

केरल  ओणम से पहले केरल के पेंशनर्स को राज्य सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है। जुलाई महीने में रोकी गई सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर फंड पेंशन अब अगस्त में एक साथ दो महीने के भुगतान के रूप में दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लाखों लाभार्थी त्योहार के मौके पर किसी आर्थिक सहायता की उम्मीद कर रहे थे। दो महीने की पेंशन एक साथ राज्य के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने घोषणा की है कि अगस्त के महीने में 62 लाख पेंशन धारकों को एक साथ दो महीनों की पेंशन दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने कुल ₹1679 करोड़ की राशि मंजूर की है। प्रत्येक पात्र लाभार्थी को ₹3200 की पेंशन मिलेगी, जिसमें एक महीने की नियमित किश्त और एक महीने का लंबित भुगतान शामिल है। बैंक खातों में सीधी जमा राशि 23 अगस्त को, लगभग 26.62 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि सीधा ट्रांसफर कर दी जाएगी। शेष लाभार्थियों को यह राशि सहकारी बैंकों के माध्यम से उनके घर-द्वार पर पहुंचाई जाएगी। केंद्र सरकार की भागीदारी भी शामिल राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी इस योजना में सहयोग कर रही है। -राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत 8.46 लाख लाभार्थियों को केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में मदद मिलेगी। -इसके लिए केंद्र सरकार की पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के जरिए ₹48.42 करोड़ की राशि पहले ही मंजूर की जा चुकी है।  क्या है सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर पेंशन स्कीम? यह योजना समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को वित्तीय सुरक्षा देने के उद्देश्य से चलाई जाती है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित लोग शामिल होते हैं: -वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से ऊपर) -विधवाएं -दिव्यांगजन -अति निर्धन परिवार   इस स्कीम का संचालन मुख्य रूप से राज्य सरकारें करती हैं, हालांकि कुछ हिस्सों में केंद्र सरकार भी आर्थिक सहयोग करती है। इसका लक्ष्य है कि ऐसे नागरिक, जिनके पास कोई नियमित आय का स्रोत नहीं है, उन्हें मासिक पेंशन के रूप में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक सहायता मिलती रहे।  

भारतीय व्हिस्की की बढ़ी विदेशों में धाक, अवॉर्ड्स जीतकर बनाए नए रिकॉर्ड

नई दिल्ली  भारतीय व्हिस्की ने बीते कुछ वर्षों में एक लंबा सफर तय किया है। एक समय था जब उपभोक्ता केवल इंपोर्टेड ब्रांड्स को तरजीह देते थे, लेकिन अब भारतीय सिंगल मॉल्ट्स न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी अपनी शानदार गुणवत्ता और स्वाद के लिए पहचानी जा रही हैं। वर्ष 2025 में भारतीय सिंगल मॉल्ट्स ने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय ब्रांड्स का जलवा देवांस ज्ञानचंद आडम्बरा और मंषा आडम्बरा को लास वेगास में आयोजित IWC (International Whisky Competition) में "बेस्ट इंडियन सिंगल मॉल्ट" और "बेस्ट इंडियन व्हिस्की" का खिताब मिला। वहीं मंषा ने जर्मनी के ISW (International Spirits Award) में "इंटरनेशनल व्हिस्की ऑफ द ईयर" का अवॉर्ड अपने नाम किया। इंद्री-त्रिणि द्रु इस दमदार कास्क-स्ट्रेंथ सिंगल मॉल्ट को मायामी ग्लोबल स्पिरिट्स अवॉर्ड्स 2025 में "बेस्ट वर्ल्ड व्हिस्की" का अवॉर्ड मिला। इसके साथ ही इसे इंटरनेशनल स्पिरिट्स चैलेंज में गोल्ड मेडल भी हासिल हुआ।   पॉल जॉन "द ग्रेट इंडियन सिंगल मॉल्ट" के नाम से मशहूर पॉल जॉन को "बेस्ट इंडियन सिंगल मॉल्ट", "बेस्ट एशियन व्हिस्की" और सैन फ्रांसिस्को वर्ल्ड स्पिरिट्स कॉम्पिटिशन में "डबल गोल्ड" जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। गोडावन यह भारत की सबसे अधिक सम्मानित सिंगल मॉल्ट बन चुकी है, जिसे अब तक 85 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। लंदन स्पिरिट्स कॉम्पिटिशन 2024 में इसे "सिंगल मॉल्ट व्हिस्की ऑफ द ईयर" का खिताब भी मिला है। तेजी से बढ़ रहा है भारतीय सिंगल मॉल्ट का बाजार भारतीय सिंगल मॉल्ट्स न केवल गुणवत्ता में विदेशी ब्रांड्स के बराबर खड़ी हैं, बल्कि कीमत के लिहाज से भी उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक विकल्प बन गई हैं। यही कारण है कि भारत में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। ग्लोबल लेवल पर भारतीय एल्कोहल इंडस्ट्री की मांग वर्ष 2025 तक 200 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह बाजार 2025 से 2035 के बीच 7.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 300 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। 2020 से 2025 तक यह बाजार 6.8 प्रतिशत की CAGR से बढ़ा था। देश में बदलती जीवनशैली, युवा आबादी की बढ़ती संख्या और सामाजिक स्वीकार्यता ने शराब उद्योग को नया रूप दिया है। आज युवा वर्ग शराब को सामाजिक मेलजोल और मनोरंजन का माध्यम मान रहा है। साथ ही, महिलाओं की वर्कफोर्स में बढ़ती भागीदारी और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता के चलते भी शराब की खपत में वृद्धि देखी जा रही है।  

सुकमा में ड्यूटी के दौरान CRPF जवान की आत्महत्या, कैंप में अफरा-तफरी

सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित कैंप मिनपा जहां सीआरपीएफ की सेकेंड बटालियन तैनात है। वहां मोर्चे पर ड्यूटी कर रहे जवान ने अपनी एलएमजी (लाइट मशीन गन) से खुद गोली मार दी। गोली सिर के आर- पार हो गई और जवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जवान एक दिन पहले ही अवकाश से वापस लौटा था। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने घटना की पुष्टि करते हुए पूरे मामले की जांच करने की बात कही। घटना से मच गई अफरा-तफरी शनिवार दोपहर 2 बजे घोर नक्सल प्रभावित सीआरपीएफ कैंप मिनपा जहां अचानक गोली चलने से अफरा-तफरी मच गई। कैंप के किनारे में स्थित मोर्चे की तरफ से गोली की आवाज सुनाई दी। बाकी जवान सावधानी से मोर्चे की तरफ बड़े और सोचे कि कहीं ये माओवादियों का हमला तो नहीं। लेकिन मोर्चे के पास जाकर देखे तो ड्यूटी पर तैनात जवान शशि भूषण कुमार का शव जमीन पर पड़ा हुआ था।   आसपास खून ही खून था और सिर का एक हिस्सा गायब था। बिहार के गया जिले के रहने वाले शशि भूषण कुमार यहां सैकंड बटालियन मे तैनात थे और शुक्रवार को अवकाश खत्म कर घर से वापस कैंप लौटे थे। वो अपनी ड्यूटी कर रहे थे तभी अचानक खुद को ही अपनी राइफल से गोली मार दी। पुलिस कर रही घटना की छानबीन घटना की जानकारी मिलते ही चिंतागुफा थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। और घटना क्यों हुई और आत्म हत्या के पीछे क्या कारण हो सकते है इस पर छानबीन करने लगी। वही जवान का पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के बाद गृहग्राम भेजा जाएगा। खबर की पुष्टि एसपी किरण चव्हाण ने की।

प्रदेश के 6 शहरों में बदलाव की तैयारी, सैनी सरकार ने दिया विशेष तोहफा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार प्रदेश के छह शहरों में बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने जा रही है, जिसके लिए लगभग 35 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। खास बात यह है कि जमीन पारंपरिक अधिग्रहण से नहीं बल्कि किसानों की सहमति और इच्छा से ही जुटाई जाएगी। इसके लिए किसानों से सीधे ई-भूमि पोर्टल पर जमीन की पेशकश मांगी गई है।  ई-भूमि नीति के तहत किसान न केवल जमीन देने या न देने का फैसला करेंगे बल्कि जमीन की कीमत भी भू-मालिक ही तय करेगा। सरकार और किसान के बीच बातचीत व मोल-भाव के बाद सहमति बनने पर ही सौदा होगा। इस प्रक्रिया में न तो कोई दबाव होगा और न ही किसी तरह की अनिवार्यता। हालांकि 35 हजार एकड़ जमीन लेने की इस कवायद पर अब कानूनी पेच फंस गया है। इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई है और कोर्ट ने सरकार को नोटिस भी जारी कर दिया है। इससे किसानों और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सरकार का दावा है कि इस नीति से किसान मजबूरी में नहीं बल्कि बराबरी की शर्तों पर विकास का हिस्सा बनेंगे। वहीं, विपक्ष और किसान संगठनों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में जमीन जुटाने की कवायद के पीछे औद्योगिक जरूरतों को किसानों के हितों से ऊपर रखने की आशंका है। 

फर्जी कर्नल का बड़ा खेल बेनकाब, पुलिस की नाक तले चलता रहा धंधा

पंजाब  चंडीगढ़ पुलिस ने एक ऐसे कर्नल को गिरफ्तार किया है, जो करीब एक साल तक एक नकली कर्नल बनकर पुलिस महकमे को गुमराह करता रहा और विभाग में धाक जमाता रहा। आरोपी की गणेश भट्ट के रूप में हुई है, जो न सिर्फ वर्दी पहनकर थानों में आता-जाता रहा, बल्कि पुलिसकर्मियों से सलामी तक पाता रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि नकली कर्नल ने पुलिस के बीच इतना रुतबा बना लिया कि एक महिला कांस्टेबल तक उसकी चालबाजी का शिकार हो गई। उसने अपने रिश्तेदार की नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी को पांच लाख रुपये दे दिए। वादा पूरा न होने पर जब असलियत खुलने लगी, तब तक गणेश भट्ट फरार हो चुका था। सूत्र बताते हैं कि आरोपी अक्सर एक इंस्पेक्टर के साथ थानों में पहुंचता था और पुलिसकर्मी बिना शक किए उससे प्रभावित होते रहे। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने लंबे समय तक किसी ने उसकी वर्दी और रुतबे की जांच क्यों नहीं की। आखिरकार क्राइम ब्रांच को सूचना मिलने के आरोपी को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया गया है।    गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपी के बीच हाथापाई भी हुई। गणेश भट्ट के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपित को क्राइम ब्रांच की कस्टडी में रखा गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उसे पानी तक नहीं दिया गया और उसके कान, आंख, शरीर के अन्य हिस्सों सहित गुप्तांगों में गंभीर चोटें आई हैं।

विधायक की नाराजगी पर भड़के डॉक्टर, बोले- आपके जैसे कई आए-गए

गाजीपुर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एमएलए और डॉक्टर के बीच जमकर कहासुनी हुई। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि डॉक्टर ये कहते हुए कुर्सी से उठ गए कि आपके जैसे विधायक आए और गए। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल पुष्टि नहीं करता है। ये मामला शुक्रवार का है। जखनिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विधायक बेदी राम औचक निरीक्षण करने पहुंचे। सुबह 11 बजे तक कई कर्मचारी अनुपस्थित रहे तो कइयों ने उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर नहीं किया था। इस दौरान विधायक और सीएसची अधीक्षक डॉ. योगेंद्र यादव के बीच कहासुनी हो गई। डॉक्टर विधायक पर बिना वजह दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कुर्सी छोड़कर केबिन से बाहर चले गए। इसके बाद विधायक ने मरीजों से बातचीत की और उसने मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार जखनिया विधायक बेदी राम सुबह करीब 11 बजे सीएचसी पहुंचे। इस दौरान अधीक्षक डॉ. योगेंद्र यादव ने बताया कि 19 कर्मचारी कार्यरत है। जबकि संविदा पर 29 हैं। एएनएम की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगाई जाती है इसलिए उनके हस्ताक्षर रजिस्टर पर नहीं हुए हैं। सुभाषपा विधायक ने प्रभारी डॉक्टर से कहा कि अस्पताल पर जो भी कर्मचारी कार्यरत हैं उन्हें स्पष्ट निर्देश दीजिए कि वे आने के बाद उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने के बाद ही काम शुरू करें। पूछताछ के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी और विधायक में नोकझोक होने पर डॉक्टर अपनी कुर्सी छोड़कर बाहर चले गए। कहा कि सम्मान से और शासन की मंशा के अनुरूप ही कार्य कर रहा हूं। नाजायज ऊपर दबाव बनाया जाएगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। इस दौरान विधायक ने वार्डो में भर्ती मरीजों से दवा,भोजन,नास्ता मिलने की पूछताछ की। मरीजों ने बताया कि उन्हें भोजन हो या नास्ता बाहर से मंगवाना पड़ता है। विधायक के भड़कने पर डॉक्टर ने कहा, "आप जिस तरह चिल्लाकर बात कर रहे हैं। ऐसा मुझे बिलकुल पसंद नहीं है। मैं नौकरी करूं या नहीं…मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं सरकार की मंशा के अनुरूप से काम कर रहा हूं। मैं इस्तीफा भेज दूंगा। आपके जैसे कई विधायक आए और गए।"  

टैरिफ तनाव और डाक सेवा रोक के बीच भारत की रणनीति

वाशिंगटन  अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ लगने के बाद नियमों में बदलाव भी हो रहा है. अब भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. भारत 25 अगस्‍त से अमेरिका के लिए ज्‍यादातर डाक सर्विस को बंद कर देगा. यह कदम अमेरिकी सरकार की ओर से 30 जुलाई 2025 को जारी एक आदेश के बाद आया है, जिसमें 800 अमेरिकी डॉलर तक के आयातित सामानों पर टैरिफ छूट वापस ले ली गई है.  अमेरिकी सरकार के नियम के तहत 29 अगस्त से, अमेरिका में प्रवेश करने वाले सभी सामान इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमी पॉवर एक्‍ट (IEEPA) टैरिफ इंफ्रा के तहत सीमा शुल्क को आकर्षित करेंगे. हालांकि 100 अमेरिकी डॉलर तक की वस्‍तुएं टैरिफ छूट के तहत रहेंगी.    अमेरिकी आदेश के अनुसार, इंटरनेशनल डाक नेटवर्क के माध्‍यम से माल पहुंचाने वाले एयलाइंस या अमेरिकी सीमा शुल्‍क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) की ओर से अप्रूव अन्‍य पार्टी को भी डाक शिपमेंट पर टैरिफ वसूलने और उसका पेमेंट करना आवश्‍यक है. इस संबंध में CBP ने 15 अगस्‍त को एक दिशानिर्देश भी जारी किया है, लेकिन अभी टैक्‍स कलेक्‍शन और उसे भेजने की व्‍यवस्‍था जैसी कई चीजें अभी तय नहीं हुई हैं.  क्‍यों भारत ने रोकी डाक सर्विस जिस कारण अमेरिका जाने वाली एयरलाइंस ने परिचालन और तकनीकी तैयारी की कमी का हवाला देते हुए 25 अगस्त, 2025 के बाद डाक खेप स्वीकार करने में असमर्थता व्यक्त की है. इन सभी वजहों को ध्‍यान में रखते हुए डा‍क विभाग ने 25 अगस्‍त से अमेरिका जाने वाली सभी प्रकार की डाक वस्‍तुओं की बुकिंग अस्‍थायी तौर से रोकने का फैसला किया है. लेकिन अभी 100 अमेरिकी डॉलर तक के डाक भेजे जा सकते हैं.  स्‍पष्‍टीकरण के बाद ही फिर शुरू होगी सर्विस  पीआईबी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सीबीपी और यूएसपीएस से आगे स्पष्टीकरण मिलने के बाद, इन छूट प्राप्त श्रेणियों को अमेरिका में स्वीकार और भेजा जाता रहेगा. वहीं डाक विभाग सभी हितधारकों के साथ समन्वय में उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और जल्द से जल्द सेवाओं को सामान्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. 

तारामंडल में लगेगा विज्ञान का मेला

–    जल्द बनेगा सोविनियर शॉप –    वीआर थियेटर में मिलेगा रोमांचक अनुभव पटना,  विज्ञान को समझना अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नई तकनीक और रोमांचक साधनों के जरिए लोग विज्ञान की को और बेहतर तथा व्यवहारिक तरीके से अनुभव कर सकेंगे। इसके लिए पटना के इंदिरा गांधी प्लेनेटेरियम, तारामंडल परिसर में सोविनियर शॉप और वीआर थियेटर तैयार किए जा रहे हैं। इसके जरिए अब विज्ञान प्रेमियों और विद्यार्थियों को एक अनोखा अनुभव प्रदान किया जाएगा। तारामंडल में बन रही सोविनियर शॉप का टेंडर फाइनल हो गया है और इसका निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इस दुकान में विज्ञान से जुड़े उपकरण, विभिन्न विषयों की किताबें, स्पेस सूट, ड्रोन, साइंटिफिक मॉडल और बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक खिलौने उपलब्ध रहेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जगाना है। यह एक विज्ञान के मेले के जैसा दिखेगा जहां हर तरफ सिर्फ विज्ञान से जुड़ी चीजें ही दिखेंगी। वहीं दूसरी ओर, परिसर में 25 सीटों वाला वीआर थियेटर भी तैयार हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, इसका उद्घाटन इसी माह के अंत तक होने की संभावना है। इस थियेटर में दर्शकों को 3डी और 4डी का अनुभव मिलेगा। खास सिम्युलेटर कुर्सियों और वीआर हेडसेट की मदद से लोग रोलर कोस्टर राइड, पानी के भीतर जाने का अहसास और कंपन जैसी गतिविधियों को प्रत्यक्ष अनुभव की तरह महसूस कर पाएंगे। बता दें कि तारामंडल में एक दिन में आठ शो चलाए जाते हैं और हर रोज यहां 2000 की संख्या में लोग आते हैं। इसके साथ ही लोग तारामंडल परिसर में ‘बिहार से’ नाम से रेस्टोरेंट की भी शुरूआत की गई है जहां पत्तल में खाना और कुल्हड़ की गिलास में पानी दिया जाता है। यहां का माहौल भी बिहार थीम पर आधारित है। दीवारों का रंग मिट्टी जैसा है जिस पर मिथिला पेंटिंग बनाई हुई है। यहां बिहार के हर जिले के व्यंजन  मिलते हैं जिसमें मालपुआ, प्याजी, बचका, मुर्गा झोर, तली हुई मछली, लिट्टी चोखा, खुरमा आदि हैं। यहां का मेनू भी देसी अंदाज में लिखा गया है, ताकि हर व्यक्ति  आसानी से समझ सकें।

स्कूलों में रोजाना उपस्थिति और अन्य गतिविधियों की फोटो खिंच हो रही मॉनीटरिंग

–    सुदूर क्षेत्र के स्कूलों पर शैक्षणिक गतिविधियों की फोटोग्राफी से की जा रही है ऑनलाइन निगरानी –    पहली तीन घंटियों में गणित, विज्ञान और हिंदी या अंग्रेजी की रीडिंग को मिली प्राथमिकता –    20, 21 एवं 22 अगस्त को राज्य के सभी 38 जिलों के तीन-तीन स्कूलों की कराई गई रैंडम फोटोग्राफी      पटना, शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में अनुशासन के साथ शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं। इनका सही से अनुपालन हो रहा है या नहीं, इसे रोजाना परखा भी जा रहा है। सभी स्कूलों में सुबह लगने वाली एसेंबली एवं प्रार्थना का फोटोग्राफ मांगवाया जाता है। किस स्कूल में क्या गतिविधि हो रही है, इसका फोटोयुक्त प्रमाण चुनिंदा स्कूलों से मंगवाया जाता है। स्कूलों का चयन रैंडम तरीके से किया जाता है। इससे किसी स्कूल को यह जानकारी नहीं होती है कि उससे कब फोटो की मांग होगी। किसी स्कूल का नंबर कभी भी आ सकता है। इस कारण सभी स्कूल अलर्ट मुद्रा में रहते हैं और रोजाना पूरी शिदद्त से रूटीन पालन करते हैं। इससे सभी स्कूलों की जमीनी सच्चाई सामने आ जाती है।   शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ के स्तर से स्कूलों की चुस्त मॉनीटरिंग के लिए यह पूरी व्यवस्था विकसित की गई है। स्कूलों में चलने वाली शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों की निगरानी के लिए औचक फोटोग्राफ मंगवाना शुरू किया है। इन फोटो में संबंधित स्थान का आक्षांस एवं देशांश के अलावा समय समेत अन्य सभी जरूरी बातें अंकित होती हैं। इससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी स्कूलों में विभाग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है या नहीं। विभाग ने विगत 20, 21 और 22 अगस्त को राज्य के सभी 38 जिलों के तीन-तीन स्कूलों का रैंडम तरीके से चयन कर इनमें होने वाली गतिविधियों से सम्बंधित तस्वीरें मंगवा कर समुचित समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि इन स्कूलों में विभाग के दिशा-निर्देश के अनुसार गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था। अगर किसी स्कूल में सुबह निर्धारित समय की गतिविधि नहीं दिखती है, तो उसका कारण उस विद्यालय के प्रमुख को लिखित में बताना पड़ता है। किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर उचित कार्रवाई भी की जाती है। डॉ. एस सिद्धार्थ के इन प्रयासों से सूबे के स्कूलों की पूरी सूरत ही बदल गई है।        सरकारी स्कूलों में छात्रों के आने का समय सुबह 9:30 बजे निर्धारित किया गया है। इसी समय शिक्षक को उपस्थित होकर बच्चों के साथ चेतना सत्र की पूरी अवधि में सक्रिय रहना अनिवार्य है। विद्यालय में पढ़ाई के दौरान शिक्षक और बच्चे दोनों का फोटोग्राफ लेकर सुरक्षित रखा जा रहा है। विभागीय पदाधिकारियों के स्तर से फोटो मांगे जाने पर उसे उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। बता दें कि इसे लेकर शिक्षा विभाग ने इसी वर्ष 4 अगस्त को एक अहम निर्देश जारी किया था, जिसका उद्देश्य राज्य के सरकारी स्कूलों में अनुशासन को सुदृढ़ बनाना और शिक्षकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना है।        यह आदेश शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों, जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों, अन्य संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर कई तरह के दिशा-निर्देश दिए हैं। इस पत्र के माध्यम से सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों की उपस्थिति समय पर हो और स्कूल में अनुशासन का माहौल बना रहे। इस अनुशासन के जरिए शिक्षकों पर पूरी निगरानी रखी जाएगी।         डॉ. एस सिद्धार्थ के इस लिखित आदेश के अनुसार, स्कूलों में लाउडस्पीकर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। स्कूल शुरू होने से 15 मिनट पहले राष्ट्रगान बजाया जा रहा है। चेतना सत्र शुरू होने से पहले स्कूल का मेन गेट बंद कर दिया जाता है और देर से आने वाले छात्रों को अगले दिन स्कूल में प्रवेश नहीं दिये जाने का नियम बनाया गया है। आधे घंटे के चेतना सत्र में प्रार्थना, बिहार राज्य गीत, राष्ट्रगीत, सामान्य ज्ञान, तर्क ज्ञान, शब्द ज्ञान और प्रेरक कहानियां सुनाने जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इस दौरान बच्चों के नाखून, बाल और यूनिफॉर्म की जांच भी की जा रही है। स्कूल की पहली तीन घंटियों में गणित, विज्ञान और हिंदी या अंग्रेजी की रीडिंग को प्राथमिकता दी जानी है, ताकि बच्चों में गणित कौशल, वैज्ञानिक नवाचार और वाक् कौशल विकसित हो सके।

जयशंकर ने ट्रंप को दिया करारा जवाब, कहा– समझौता नहीं होगा, अन्याय नहीं सहेंगे

नई दिल्ली  विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी टैरिफ पर ट्रंप को जमकर सुनाया है। रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को जयशंकर ने पूरी तरह से गलत बताया है। इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम-2025 में बोलते हुए कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा है। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने हितों को लेकर कोई समझौता नहीं करते वाला है। सीमा नहीं पार होनी चाहिए जयशंकर ने कहा कि कुछ सीमाए हैं, जिनका पालन करना होगा। हमारे लिए मुख्य तौर पर हमारे किसान और छोटे उत्पादक अहम हैं। इस मामले में हम पीछे नहीं हअ सकते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे सफल या अफसल होने की बात कह सकते हैं। लेकिन बतौर सरकार हम अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए अडिग हैं। हम इसको लेकर दृढ़ हैं। जयशंकर ने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जिस पर हम समझौता नहीं कर सकते। टैरिफ और तेल विवाद एस जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि टैरिफ मुद्दे को गलत तरीके से तेल विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन और अन्य यूरोपीय देश तो हमसे ज्यादा मात्रा में रूस से तेल आयात कर रहे हैं। लेकिन टैरिफ वाली बात उनके ऊपर लागू नहीं हो रही है। जयशंकर ने आगे कहा कि जब लोग कहते हैं कि भारत युद्ध के लिए रूस को पैसा दे रहा है, तो उन्हें यह भी देखना चाहिए कि रूस-यूरोपीय व्यापार भारत-रूस व्यापार से कहीं अधिक बड़ा है। इस बात में काफी विरोधाभास है। नए राजदूत से टिप्पणी पर इनकार जयशंकर ने साफ कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित में निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इसे रणनीतिक स्वायत्तता बताया। भारत-अमेरिका संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि तनाव के बावजूद बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि हम दो बड़े देश हैं… लाइनें कटी नहीं हैं, लोग एक-दूसरे से बात कर रहे हैं, और हम देखेंगे कि यह कहां जाता है। वाशिंगटन के नए राजदूत के बारे में पूछे जाने पर, जयशंकर ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।