samacharsecretary.com

गोरखपुर में सीएम योगी ने किया दो कल्याण मंडपम् का लोकार्पण

  प्रदेश में अब तक 66 कल्याण मंडपम् की परियोजनाओं को 260 करोड़ की स्वीकृति महज 11,000 रुपये शुल्क पर मिलेगी विवाह और सामाजिक कार्यक्रमों की सभी सुविधाएं बुकिंग प्रक्रिया में सुगमता और पारदर्शिता लाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल बड़ी आसानी से लोग इन सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग करा सकेंगे लखनऊ/गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने आम और कमजोर वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत दी है। अब महंगे मैरिज हॉल या बैंक्वेट हॉल की बुकिंग का भारी भरकम बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। सरकार ने “मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना” के तहत प्रदेश के नवसृजित एवं सीमा विस्तारित नगरीय क्षेत्रों में कल्याण मंडपम् के निर्माण की बड़ी पहल की है। प्रदेश में अब तक 66 कल्याण मंडपम् परियोजनाओं को 260 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इनमें से रिकॉर्ड 39 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 27 निर्माणाधीन हैं, जिन्हें जल्द ही जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में मानबेला और राप्तीनगर विस्तार योजना में निर्मित कल्याण मंडपम् का लोकार्पण किया। इसके निर्माण के लिए सीएम योगी ने अपनी विधायक निधि से धनराशि दी है। बुकिंग प्रक्रिया में सुगमता और पारदर्शिता लाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल भी विकसित किया गया है, जिससे लोग आसानी से इन सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग करा सकेंगे। गरीब परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत कल्याण मंडपम् में विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे हॉल, किचन, चेंजिंग रूम और शौचालय का निर्माण कराया गया है। इसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सस्ती और सम्मानजनक व्यवस्था उपलब्ध कराना है। बेहद कम शुल्क पर उपलब्ध होंगी सुविधाएं सरकार ने इन कल्याण मंडपम् का शुल्क भी बेहद कम रखा है। किसी आयोजन के लिए मात्र 11,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपने मांगलिक कार्यों को सम्पन्न करने में कोई कठिनाई महसूस न करे। यहां बन चुका है कल्याण मंडपम् जिन क्षेत्रों में कल्याण मंडपम् का निर्माण हो चुका है उनमें अलीगढ़ (मद्रक), अम्बेडकरनगर (राजे सुल्तानपुर, जहांगीरगंज), अमरोहा, अयोध्या (नगर तथा मां कामाख्या), आजमगढ़ (जहानगंज बाजार), बस्ती (कप्तानगंज), फर्रुखाबाद (नवाबगंज), फतेहपुर (असोधार), फिरोजाबाद (मक्खनपुर) गोरखपुर (नगर), कानपुर देहात (कंपेसी, रनिया), कौशाम्बी (दारानगर), लखनऊ (नगर तथा बंथरा), महाराजगंज (बृजमनगंज) मऊ (मऊनाथ भंजन) मुजफ्फरनगर (खतौली, नौगावां), प्रतापगढ़ (रामगंज), सोनभद्र (ओबरा, अनपरा), सुल्तानपुर (लंभुआ), उन्नाव (अचलगंज) आदि प्रमुख हैं। इन जगहों पर कल्याण मंडपम् निर्माणाधीन प्रदेश में जिन जगहों पर कल्याण मंडपम् निर्माणाधीन हैं उनमें आगरा (नगर), अलीगढ़ (नगर तथा जवा सिकंदरपुर), भदोही, बहराइच (नगर, कैसरगंज, रुपईडीहा), बलिया (रत्सर कलां), बाराबंकी (नवाबगंज, रामसनेही घाट), बस्ती (गणेशपुर), बिजनौर, बुलंदशहर (अनूपशहर), चित्रकूट (चित्रकूट धाम), देवरिया, एटा (मिरहची), गोरखपुर (कैंपियरगंज), हाथरस, जालौन, जौनपुर (गौरा बादशाहपुर), कौशाम्बी (मंझनपुर, चरवा), पडरौना, लखीमपुर खीरी (निघासन), मथुरा, प्रतापगढ़ (बेल्हा प्रतापगढ़, कोहडौर), प्रयागराज, रामपुर (दढ़ियाल, सैफनी), संत कबीर नगर (खलीलाबाद, बखिरा) शाहजहांपुर, सिद्धार्थ नगर (नगर, बढ़नी चाफा व कपिलवस्तु) सोनभद्र (नगर), वाराणसी (नगर) आदि प्रमुख हैं।

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

तत्परता और संवेदनशीलता से करें जन समस्याओं का निस्तारण : सीएम जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं मुख्यमंत्री का अधिकारियों को निर्देश, जन समस्याओं के निराकरण में न हो हीलाहवाली गंभीर बीमारियों के इलाज में भरपूर मदद करेगी सरकार : सीएम योगी गोरखपुर, शनिवार दोपहर बाद गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता से किया जाए। इसमें कोई हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए। सीएम ने कहा कि ने जनता की हर समस्या के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सुनिश्चित किए जाएगा। सबकी बात सुनने के बाद प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। जनता दर्शन में कई जिलों के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताने पहुंचे थे। आगरा से आई एक महिला ने आवास की समस्या बताई। सीएम योगी ने उसे भरोसा दिलाया कि शासन की योजना के तहत आवास की व्यवस्था की जाएगी। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों के साथ पहुंचीं थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन बच्चों को प्यार-दुलार करते हुए चॉकलेट और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

गोरखपुर में दो कल्याण मंडपम का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

  गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आठ वर्ष पूर्व तक कोई सोच भी नहीं सकता था कि उत्तर प्रदेश दंगामुक्त और माफियामुक्त होगा। पर, आज दंगामुक्त, माफियामुक्त उत्तर प्रदेश हकीकत है। अब यूपी में माफिया प्रवृत्ति हावी नहीं हो सकती। माफिया प्रवृत्ति को जड़मूल से उखाड़ दिया गया है। अब गुंडे यहां बहन, बेटियों और व्यापारियों के लिए खतरा नहीं बन सकते। अब यूपी का आमजन परेशान नहीं होता और न ही यहां के नौजवानों को रोजगार के लिए भटकना पड़ता है। सीएम योगी शनिवार को गोरखपुर में दो कल्याण मंडपम (मानबेला व राप्तीनगर विस्तार योजना) का लोकार्पण करने के बाद मानबेला में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। दोनों कल्याण मंडपम का निर्माण गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा क्रमशः 2 करोड़ 65 लाख तथा 85 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। मानबेला में बने कल्याण मंडपम के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी विधायक निधि से धनराशि दी है। कल्याण मंडपम के लोकार्पण समारोह में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सकारात्मक बदलाव इसलिए आया है कि 2017 से जनता ने अच्छी सरकार चुनी। अच्छी सरकारें अच्छे के लिए सोचती हैं। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच कुछ सवाल रखे और फिर उसका जवाब भी दिया। कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश, फोरलेन कनेक्टिविटी, बंद खाद कारखाने को दोबारा चलाने, नए उद्योग लगवाने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। पर, आज देश में सबसे ज्यादा निवेश यूपी में हो रहा है। बड़े-बड़े उद्योग लग रहे हैं। हर तरफ फोरलेन सड़कों की कनेक्टिविटी हो रही है। गोरखपुर का बंद खाद कारखाना दोबारा चालू हो गया है। बीमारी के साथ बीमार मानसिकता का भी किया इलाज मुख्यमंत्री ने मानबेला के जिस क्षेत्र में कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया, वह क्षेत्र 2017 तक इंसेफेलाइटिस की चपेट वाला माना जाता था। इंसेफेलाइटिस के इलाज और उन्मूलन के लिए सांसद के रूप में लंबा संघर्ष करने वाले सीएम योगी को यह बात याद है। इसका उल्लेख भी उन्होंने अपने संबोधन में किया। कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस सीजन में नवकी बीमारी (इंसेफेलाइटिस) से बहुत सारे बच्चे काल के गाल में समा जाते थे। आठ वर्षों में सरकार ने इंसेफेलाइटिस और उसके कारकों का इलाज तो किया ही, प्रदेश को बीमार हाल पर छोड़ देने वाली बीमार मानसिकता का भी इलाज किया। यहां उनका इशारा पूर्व की सरकार की तरफ था। मानबेला में इंसेफेलाइटिस के दौर को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री मानबेला में इंसेफेलाइटिस के दौर को याद कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए। कहा कि आठ वर्ष पहले इंसेफेलाइटिस का समाधान सोचना भी मुश्किल लगता था लेकिन आज इसका समाधान डबल इंजन सरकार द्वारा तय लक्ष्य से पहले हो गया है। सीएम ने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस सीजन में हर मां के चेहरे पर दहशत होती थी कि न जाने कौन सा बच्चा इंसेफेलाइटिस की चपेट में आ जाएगा। इंसेफेलाइटिस पर नकेल से अब बच्चों का भविष्य सुरक्षित है। मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के इलाज की व्यवस्था नहीं थी। एक बेड पर चार बच्चे भर्ती रहते थे। आज मेडिकल कॉलेज का इंसेफेलाइटिस वार्ड एयर कंडिशन्ड हो गया है। मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकार के समय आमजन की पीड़ा को याद करते हुए कहा कि तबकी सरकार ने गरीब को उसके हाल पर छोड़ दिया था। इलाज के लिए अब किसी को कोई दिक्कत नहीं मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकार में सरकारी अस्पतालों की बदहाली, इलाज के लिए योजनाओं के अभाव की चर्चा करते हुए कहा कि अब इलाज के लिए किसी को कोई दिक्कत नहीं है। सरकारी अस्पतालों में सभी सुविधाएं हैं तो साथ ही गरीबों और बुजुर्गों के लिए पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज वाली आयुष्मान स्वास्थ्य योजना भी है। यदि किसी के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो उसके लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से भरपूर मदद की व्यवस्था है। सीएम योगी बताया कि राज्य सरकार एक साल में मुख्यमंत्री राहत कोष से 1100 करोड़ रुपये की मदद गंभीर बीमारियों से इलाज के लिए दे चुकी है। स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ कायाकल्प अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की चर्चा करने के साथ ही करोड़ों रुपये खर्च कर प्रदेश के, खासकर पूर्वी उत्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प का विवरण भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि की 2017 के पहले तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में इलाज का एकमात्र बड़ा केंद्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज खुद बीमार था। उनकी सरकार आने के बाद अब वह स्वस्थ होकर मरीजों की बेहतरीन सेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तो गोरखपुर में एम्स भी खुल चुका है। खाद कारखाना और पिपराइच की बंद पड़ी चीनी मिल को चालू कराया मुख्यमंत्री मानबेला में थे तो इसके निकट उनके सुदीर्घ प्रयासों से दोबारा चालू खाद कारखाना का उल्लेख होना लाजिमी था। उन्होंने कहा कि बंद पड़े कारखाना और बंद पड़ी पिपराइच चीनी मिल का दोबारा शुरू होना सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालय को भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि विकास की सोच से ही बड़ी उपलब्धियों को हासिल किया जा सकता है। गीडा में लग रहीं दर्जनों फैक्ट्रियां, युवाओं को घर के पास मिल रहा रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी गोरखपुर में उद्योगों का लगना सपना था जबकि आज गीडा में दर्जनों बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लग रही हैं। युवाओं को रोजगार के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ रहा है। वह घर-परिवार देखते हुए पास में ही नौकरी-रोजगार पा रहे हैं। हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मंच से राप्तीनगर विस्तार योजना के तहत स्पोर्ट्स सिटी आवासीय क्षेत्र में एलआईजी और ईडब्लूएस लाभार्थियों को आवंटन प्रमाण पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। बताया कि आठ साल में यूपी में पीएम आवास योजना और प्राधिकरणों की स्कीम के तहत जरूरतमंदों को 57 लाख आवास उपलब्ध कराए गए। शासन-प्रशासन के सहयोग से जरूरमंद लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शासन का सहयोग उनके लिए यादगार बन रहा है। चेहरा या पार्टी देखकर नहीं, सबको मिल रहा लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकार में योजनाओं का … Read more

तीजा-पोरा के पारंपरिक रंग में सराबोर होगी राजधानी

तीजा-पोरा के पारंपरिक रंग में सराबोर होगी राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजन की तैयारियां पूरी मायके में माताओं बहनों को मिलेंगे विशेष उपहार, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का उठाएंगे लुत्फ पारंपरिक खेल, साज-सज्जा समेत विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन रायपुर, राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर ऑडिटोरियम प्रांगण नंदिया-बैला, पारंपरिक खिलौनों, रंग-बिरंगे वंदनवार और छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सुसज्जित होकर अद्भुत छटा बिखेर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को होने वाले इस विशेष आयोजन की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। तीजा-पोरा तिहार में करीब 3 हजार महिलाओं की भागीदारी होगी, जिनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल रहेंगी। इस अवसर पर शिव -पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा संपन्न होगी। महिलाओं के लिए लोक परंपराओं से जुड़ी प्रतियोगिताएं जैसे फुगड़ी, जलेबी दौड़, नींबू, चम्मच दौड़ और रस्साकसी का आयोजन होगा। वहीं मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी उत्सव का विशेष आकर्षण बनेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का जायका भी इसमें शामिल होगा। संस्कृति से सराबोर इस तिहार में पद्मश्री उषा बारले और प्रख्यात लोकगायिका सुश्री आरू साहू अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव सहित राज्य सरकार के मंत्रीगण और अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी। गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कल 24 अगस्त को प्रदेश की माताओं बहनों के लिए राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में तीजा तिहार का विशेष स्थान है। यह पर्व केवल धार्मिक या पारंपरिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को संजोने वाला उत्सव है। भादो के महीने में आने वाला यह तिहार बहनों, बेटियों और माताओं के लिए मायके का स्नेह लेकर आता है। यह तिहार रिश्तों को जोड़ने का सेतु है और बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर उनका सत्कार किया जाता है। इस खास मौके पर निर्जला व्रत रखा जाता है, शिव -पार्वती की पूजा की जाती है, जिससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। तीजा तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ की असली पहचान है, जहां संस्कृति, परंपरा और प्रेम का अद्भुत संगम दिखाई देता है।

‘नेशनल स्पेस डे’: बच्चों को अंतरिक्ष की रोचक दुनिया से कराया परिचय

– योगी सरकार ने शिक्षा को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के संकल्प को दिया नया आयाम – ग्रहों, उपग्रहों और ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर बच्चों ने की ‘डिजिटल यात्रा’ – नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप पहल, 'जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच' पर रहा ज़ोर लखनऊ, योगी सरकार की पहल पर आज प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में मनाए गए ‘नेशनल स्पेस डे’ ने बच्चों को भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों से सीधा रूबरू कराया। 1.48 करोड़ छात्र-छात्राओं ने डिजिटल संसाधनों के जरिये न केवल ग्रहों, उपग्रहों और ब्रह्मांड की उत्पत्ति की जानकारी पाई, बल्कि पहली बार चंद्रयान से लेकर गगनयान तक की पूरी यात्रा को विस्तार से जाना। छात्रों ने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर देखकर और सीखकर भविष्य की तकनीकों को भी पहली बार व्यवस्थित रूप से समझा। इसके साथ ही विद्यालयों में आयोजित विशेष प्रदर्शनी, कार्यशालाओं और रचनात्मक गतिविधियों ने बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान की नई उड़ान समझने का अवसर दिया। इस अवसर पर बच्चों को समूह चर्चा, चित्रकला प्रतियोगिता, मॉडल प्रदर्शनी और डिजिटल सेशन से जोड़ा गया। इस दौरान उन्हें शिक्षकों और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिला। बच्चों में दिखी अंतरिक्ष व प्रौद्योगिकी के बारे में अधिक जानने की ललक कार्यक्रम के बाद छात्र-छात्राएँ काफी प्रसन्न नज़र आए। उनमें अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी के बारे में और अधिक जानने की गहरी जिज्ञासा दिखाई दी। उन्हें पहली बार चंद्रयान, आदित्य-एल1 और गगनयान जैसे मिशनों की पूरी कहानी मिली, जिसने भविष्य में न सिर्फ अंतरिक्ष के क्षेत्र में उड़ान भरने को प्रेरित किया बल्कि विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति नई रुचि और उत्साह भी जगा दिया। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। योगी सरकार चाहती है कि बच्चे, किताबों से ज्ञान अर्जित करते हुए विज्ञान और तकनीक को भी व्यावहारिक रूप से समझें। उन्होंने कहा कि नेशनल स्पेस डे का मकसद बच्चों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति गहरी रुचि पैदा करना और उन्हें भविष्य के करियर विकल्पों की ओर प्रेरित करना है। शिक्षा विभाग पहले ही स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब जैसी पहलों से बच्चों को नई तकनीकों से जोड़ चुका है। अब स्पेस डे जैसे आयोजन इस दृष्टि को और व्यापक बनाएंगे और बच्चों में शोध व नवाचार की राह खोलेंगे।

एसबीआई के बाद बैंक ऑफ इंडिया का बड़ा फैसला, अनिल अंबानी समूह पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली भारतीय स्टेट बैंक के बाद बैंक ऑफ इंडिया ने दिवालिया रिलायंस कम्युनिकेशंस के ऋण खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित कर दिया है। मामले में पूर्व निदेशक उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम भी शामिल किया है। नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, 2016 में कथित तौर पर धन के दुरुपयोग का हवाला देते हुए बैंक ऑफ इंडिया ने भी इस ऋण खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित कर दिया है। सरकारी स्वामित्व वाले बैंक ऑफ इंडिया ने अगस्त 2016 में रिलायंस कम्युनिकेशंस को उसके चालू पूंजीगत और परिचालन व्यय व मौजूदा देनदारियों के भुगतान के लिए 700 करोड़ रुपये का ऋण दिया था। आरकॉम की ओर से स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल की गई जानकारी में बैंक के पत्र के अनुसार, अक्तूबर 2016 में वितरित की गई स्वीकृत राशि का आधा हिस्सा एक सावधि जमा में निवेश किया गया था, जिसकी स्वीकृति पत्र के अनुसार अनुमति नहीं थी। आरकॉम ने कहा कि उसे 22 अगस्त को बैंक ऑफ इंडिया से 8 अगस्त का एक पत्र मिला है, जिसमें बैंक की ओर से कंपनी, अनिल अंबानी (कंपनी के प्रवर्तक और पूर्व निदेशक) और मंजरी अशोक कक्कड़ (कंपनी की पूर्व निदेशक) के ऋण खातों को धोखाधड़ी वाले के रूप में वर्गीकृत करने के फैसले की जानकारी दी गई है। एसबीआई पहले ही ऐसा कर चुकी इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने भी इसी साल जून में ऐसा ही किया था, जिसमें ऋण की शर्तों का उल्लंघन करके बैंक के धन की हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। सीबीआई ने की थी छापेमारी एसबीआई की शिकायत के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस और अंबानी के आवास से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी। सीबीआई ने कहा कि उसने भारतीय स्टेट बैंक की ओर से रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी (जो एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के छोटे भाई हैं) की ओर से कथित हेराफेरी के परिणामस्वरूप 2,929.05 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा करने के बाद शिकायत दर्ज की है। अनिल अंबानी के प्रवक्ता की सफाई अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने एक बयान में सभी आरोपों और अभियोगों का दृढ़ता से खंडन किया और कहा कि वह अपना बचाव करेंगे। प्रवक्ता ने कहा, 'एसबीआई की ओर से दर्ज की गई शिकायत 10 साल से भी पुराने मामलों से संबंधित है। उस समय अंबानी कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक थे और कंपनी के दैनिक प्रबंधन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। यह ध्यान देने योग्य है कि एसबीआई ने अपने आदेश की ओर से पांच अन्य गैर-कार्यकारी निदेशकों के विरुद्ध कार्यवाही पहले ही वापस ले ली है। इसके बावजूद अनिल अंबानी को चुनिंदा रूप से निशाना बनाया गया है।' क्या कहते हैं बैंकिंग कानून? बैंकिंग कानूनों के तहत एक बार किसी खाते को धोखाधड़ी वाला घोषित कर दिए जाने पर उसे आपराधिक कार्रवाई के लिए प्रवर्तन एजेंसियों को भेजा जाना चाहिए। इसके साथ ही उधारकर्ता को पांच वर्षों के लिए बैंकों और विनियमित संस्थानों से नए वित्त प्राप्त करने से रोक दिया जाता है।

CJI गवई का बड़ा बयान: आरक्षण पर फैसले से क्यों भड़क गए उनके समुदाय के लोग

पणजी भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई ने शनिवार को कहा कि उन्हें अनुसूचित जातियों के आरक्षण में उपवर्गीकरण पर दिए गए अपने ऐतिहासिक फैसले को लेकर भारी आलोचना झेलनी पड़ी है। यहां तक कि उनकी ही जाति के लोग उनके खिलाफ खड़े हुए। गोवा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोलते हुए CJI गवई ने कहा, "मेरे समुदाय के लोगों ने भी इस फैसले की आलोचना की। लेकिन मैं मानता हूं कि मुझे अपने निर्णय जनता की अपेक्षाओं के अनुसार नहीं, बल्कि कानून की समझ और अपनी अंतरात्मा के अनुसार लिखने होते हैं।" अगस्त 2024 में सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संवैधानिक पीठ ने 6-1 के बहुमत से फैसला सुनाया था कि अनुसूचित जातियां सामाजिक रूप से एक समान वर्ग नहीं हैं और राज्यों को उनमें उपवर्गीकरण करने का अधिकार है, ताकि सबसे वंचित तबकों को आरक्षण का लाभ मिल सके। क्रीमी लेयर पर भी रखी बात CJI गवई ने कहा कि आरक्षण से ‘क्रीमी लेयर’ को बाहर करने की उनकी राय पर भी सवाल उठाए गए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, "क्या मुंबई या दिल्ली के बेहतरीन स्कूलों में पढ़ने वाले किसी IAS अधिकारी के बेटे-बेटी की तुलना उस मजदूर या किसान के बच्चे से की जा सकती है जो गांव की जिला परिषद या ग्राम पंचायत स्कूल में पढ़ रहा है?" उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 14 सभी के बीच समानता नहीं, बल्कि असमानों के बीच असमान व्यवहार कर उन्हें समान बनाना सुनिश्चित करता है। बुलडोजर जस्टिस पर क्या बोले? गवई ने सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले का भी जिक्र किया जिसमें अवैध बुलडोजर कार्रवाई रोकने और नियमित प्रक्रिया का पालन करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए। उन्होंने कहा, "हमें यह देखकर चिंता हुई कि जिन लोगों पर मुकदमा भी नहीं चला, उनके घर तोड़े जा रहे थे। परिवार के सदस्य, जिनकी कोई गलती नहीं, वे भी सजा भुगत रहे थे। इसलिए हमने यह स्पष्ट किया कि कार्यपालिका खुद ही न्यायाधीश नहीं बन सकती।" अपने 22–23 साल के न्यायिक कार्यकाल पर संतोष व्यक्त करते हुए CJI गवई ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने भारतीय संविधान की यात्रा में सामाजिक और आर्थिक न्याय की दिशा में थोड़ा योगदान दिया है।  

पुजारा का करियर समाप्त, 2023 WTC फाइनल रहा आखिरी इंटरनेशनल मैच

 नई दिल्ली भारत के स्टार टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की है। रविवार को उन्होंने एक पोस्ट लिखकर इसका एलान किया। इस भावुक नोट में उन्होंने अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। पुजारा ने पोस्ट करते हुए लिखा, 'भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना, और हर बार मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना… इसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन है कि यह कितना खास था, लेकिन जैसा कि कहा जाता है, हर अच्छी चीज का एक अंत होता है, और अत्यंत आभार के साथ मैं यह घोषणा करता हूं कि मैंने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का निर्णय लिया है।' पुजारा ने नोट में लिखा, 'राजकोट के एक छोटे से शहर का रहने वाला मैं, बचपन में अपने माता-पिता के साथ सितारों को छूने का सपना देखा और भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का सपना संजोया। मुझे तब यह नहीं पता था कि यह खेल मुझे इतना कुछ देगा। अनमोल अवसर, अनुभव, उद्देश्य, प्रेम, और सबसे बढ़कर अपने राज्य और इस महान राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने का मौका। मैं BCCI और सौराष्ट्र क्रिकेट संघ का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे अपने क्रिकेट करियर में अवसर और समर्थन दिया। मैं उन सभी टीमों, फ्रेंचाइजियो और काउंटी टीमों का भी आभारी हूं जिनका मैं वर्षों तक हिस्सा रहा।' पुजारा ने लिखा, 'मैं यहां तक नहीं पहुंच पाता यदि मेरे मार्गदर्शकों, कोचों और आध्यात्मिक गुरु का मार्गदर्शन नहीं होता। उनके प्रति मैं सदैव ऋणी रहूंगा। मेरे सभी साथियों, सपोर्ट स्टाफ, नेट बॉलर्स, विश्लेषकों, लॉजिस्टिक्स टीम, अंपायरों, ग्राउंड स्टाफ, स्कोरर्स, मीडिया कर्मियों और उन सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद जो पर्दे के पीछे लगातार मेहनत करते हैं ताकि हम इस खेल को खेल सकें। मेरे प्रायोजकों, भागीदारों और प्रबंधन टीम को, वर्षों से मुझ पर विश्वास जताने और मैदान के बाहर मेरा ध्यान रखने के लिए मैं आपका आभारी हूं। इस खेल ने मुझे दुनिया के कई कोनों में पहुंचाया और प्रशंसकों का जो जुनून और समर्थन मिला वह हमेशा एक स्थायी प्रेरणा रही है। जहां-जहां मैंने खेला, वहां मुझे जो प्यार और समर्थन मिला, उसने मुझे विनम्र बना दिया और मैं इसके लिए सदा आभारी रहूंगा।' पुजारा ने लिखा, 'निश्चित रूप से, यह सब कुछ संभव नहीं हो पाता अगर मुझे मेरे परिवार का अटूट त्याग और समर्थन नहीं मिला होता। मेरे माता-पिता, मेरी पत्नी पूजा, मेरी बेटी अदिति; मेरे ससुराल पक्ष और मेरा पूरा परिवार, जिन्होंने इस यात्रा को सच में सार्थक बना दिया। अब मैं अपने जीवन के अगले चरण की ओर अग्रसर हूं, जहां मैं उनके साथ अधिक समय बिताना और उन्हें प्राथमिकता देना चाहता हूं। आप सभी के प्रेम और समर्थन के लिए धन्यवाद!' पुजारा हाल फिलहाल में इंग्लैंड दौरे पर कमेंट्री करते दिखे थे। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट जून 2023 में इंग्लैंड में ही खेला था। उनका आखिरी टेस्ट या यूं कहें अंतरराष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केनिंग्टन ओवल में खेला गया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल था। ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले में भारतीय टीम को शिकस्त दी थी। पुजारा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 103 टेस्ट और पांच वनडे खेले। टेस्ट में उन्होंने 176 पारियों में 43.61 की औसत से 7195 रन बनाए। इनमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 206 रन का रहा वहीं, वनडे में उन्होंने 39.24 की औसत से 51 रन बनाए। इसके अलावा पुजारा आईपीएल में 30 मैच खेल चुके हैं। इसकी 22 पारियों में उन्होंने 99.75 के स्ट्राइक रेट से 390 रन बनाए। इसमें एक अर्धशतक शामिल है।

क्रूरता की हदें पार! पहले पीटा फिर जिंदा आग के हवाले की गई निक्की

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा से सनसनीखेज मामला सामने आया है। दादरी थाना इलाके के सिरसा गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की क्रूरता से हत्या कर दी गई। ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता को बर्बरता से पीटा और फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसने पर महिला की बहन उसे पड़ोसियों की मदद से अस्पताल ले गई, दो अस्पताल बदले, लेकिन इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। दिल दहलाने वाली घटना के बाद मृतका महिला की बहन और परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रूपबास गांव के रहने वाले भिकारी सिंह ने बताया कि उनकी पुत्री कंचन (29) और निक्की (27) की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव के रहने वाले रोहित और उसके भाई विपिन से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी और सभी सामान दिया था लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल के लोग 35 लाख रुपये की मांग करने लगे। शादी के बाद से ही पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, सास दया और ससुर सत्यवीर लगातार 35 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांग रहे थे। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की मांग पूरी करने के लिए एक और कार भी दे दी, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। दोनों बहनों के साथ ससुराल के लोग मारपीट करते थे। कई बार पंचायत कर समझौता किया। लेकिन आरोपियों ने समझौते को नहीं माना। वहीं, मृतका निक्की की बड़ी बहन कंचन का आरोप है कि बृहस्पतिवार की शाम करीब 5:30 बजे उसकी सास दया और देवर विपिन ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। आरोप है कि सास दया ने अपने हाथ में ज्वलनशील पदार्थ लिया और विपिन को पकड़ाया। विपिन ने पीड़ित की बहन निक्की के ऊपर डाल दिया। साथ ही बहन के गले पर हमला किया। बर्बरता से उसे पीटा गया। जिसके बाद उनकी बहन बेहोश हो गई। आरोपियों ने उसे जिंदा जला दिया। उसने बहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। कंचन ने इसका विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। इसी दौरान कंचन ने मारपीट और आग लगाते हुए आरोपियों का वीडियो बना लिया। आनन-फानन निक्की को इलाज के लिए पहले फोर्टिस फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना के वक्त कंचन का पति रोहित भाटी और ससुर सत्यवीर भी मौके पर मौजूद थे। कंचन की शिकायत पर पुलिस ने नामजद चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है। शनिवार को महिला को आग लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। वहीं एक अन्य वीडियो में मृतका के पुत्र को यह करते हुए सुना जा सकता है कि उसके पापा ने मम्मा को लाइटर से जलाया। पिता का कहना है कि निक्की का एक पुत्र अविश (6) है। निक्की का पति शराब पीकर आए दिन लड़ाई करता है। वहीं, कंचन की एक पुत्री लाव्या (7) व विनीत (4) है। पुत्री की मौत से परिवार में मातम छाया है। मां की मौत से पुत्र का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका के पति को हिरासत में लिया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही अन्य की गिरफ्तारी की जाएगी। मृतका के परिजन और अन्य व्यक्ति विवेचना में अच्छी तरह कार्रवाई कराए जाने व कार्रवाई में कोई कमी न किए जाने की मांग को लेकर थाना कासना पर आए थे। सभी लोग वार्ता के बाद थाना से वापस चले गए।-सुधीर कुमार, एडीसीपी, ग्रेटर नोएडा जोन

पंजाब का दर्दनाक हादसा: LPG टैंकर ब्लास्ट में 7 लोगों की मौत, कई जिंदगी और मौत से जूझ रहे

होशियारपुर पंजाब के होशियारपुर के मंडियालां गांव के पास हुए एलपीजी टैंकर विस्फोट की वजह से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। घटना के बाद इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती किए गए लोगों में से रविवार सुबह तक दो और लोगों ने अपनी जान गंवा दी। मरने वालों का आंकड़ा अब 7 पर पहुंच गया है। इस हादसे में अभी 30 से ज्यादा लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। पंजाब सीएम ने हादसे के तुरंत बाद घटना का संज्ञान लेते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "जिला होशियारपुर के गांव मंडियालां में देर रात एलपीजी गैस से भरे एक टैंकर के फटने से बड़ा हादसा हो गया है। इस हादसे में लोगों की दर्दनाक मौत होने की भी खबर है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों को शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। पंजाब सरकार इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी और घायलों का मुफ्त इलाज किया जाएगा।" आपको बता दें मडियालां गांव जालंधर-होशियारपुर हाईवे के पास स्थित है। शुक्रवार देर रात यहां पर एलपीजी भरे ट्रक की एक पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। इससे टैंकर में भरी एलपीजी गैस में ब्लास्ट हो गया। रिसाव की वजह से यह गैस पूरे गांव में फैल गई और अपने घरों में सो रहे लोगों को जिंदा ही जला दिया। इस हादसे में दो लोगों की तुरंत ही मौत हो गई थी, जबकि बाकी लोगों को इलाज के लिए ले जाया गया। स्थानीय निवासियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से भड़की की उसने पल भर में ही सब कुछ अपने में समा लिया। लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला।