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नशा मुक्ति के नाम पर यातनाओं का खेल होगा बंद, जागरूक करने के लिए विभाग ने जारी की 20 केंद्रों की लिस्ट

 अंबाला
 जिले में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। विभाग ने जिले के सभी प्रमुख नागरिक अस्पतालों व कोर्ट परिसर में 20 मान्यता प्राप्त वैध नशा मुक्ति केंद्रों व पुनर्वास केंद्र की सूची चस्पा कर दी है। इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं और परिजनों को जागरूक करना है, जो सही मार्गदर्शन के अभाव में अवैध केंद्रों के चंगुल में फंस जाते हैं।
देखा गया है कि नशे की लत छुड़ाने के लिए युवा और उनके परिजन नागरिक अस्पतालों में परामर्श के लिए पहुंचते हैं। वहां सही जानकारी के अभाव में वह कई बार अवैध रूप से चल रहे केंद्रों के एजेंटों के चंगुल में फंस जाते हैं। यह अवैध केंद्र न केवल मोटी फीस वसूलते हैं बल्कि वहां भर्ती युवाओं के साथ अमानवीय व्यवहार की शिकायतें भी आती रही हैं। अब अस्पतालों में बोर्ड लगने से मरीजों को सीधे तौर पर पता चल सकेगा कि कौन सा केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है।

जिले में हो चुका अवैध केंद्रों का भंडाफोड़
अंबाला में पहले भी समय-समय पर अवैध रूप से चल रहे पांच नशा मुक्ति केंद्रों का भंडाफोड़ हो चुका है। यहां तक कि इन अवैध केंद्रों पर युवकों को यातनाएं देने के भी मामले सामने आ चुके हैं।
कैंट स्थित नशा मुक्ति केंद्र खतौली में युवक को यातनाएं देने के मामले से पर्दा उठते ही एक के बाद एक 2 अवैध नशा मुक्ति केंद्रों का पर्दाफाश हुआ था। खतौली के साथ-साथ गरनाला में अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र चल रहा था। पुलिस ने इन दोनों नशा मुक्ति केंद्रों से 27 युवकों को रेस्क्यू किया था। यहां तक कि 5 सितंबर को अवैध नशा मुक्ति केंद्र में युवक भी दम तोड़ चुका है।

 सिटी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी गौरव की मौत हुई थी। परिजनों ने कल्याण फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र गांव मौखा माजरा संचालक समेत अन्य 4 लोगों पर यातनाएं देने के आरोप लगाए थे। जिसके आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था।
– साहा थाना क्षेत्र में अगस्त 2025 में एक के बाद एक दो नशा मुक्ति केंद्र अवैध रूप से चलते पाए गए थे। विभाग ने इनमें दाखिल युवाओं का रेस्क्यू किया था।

सिटी में 11 केंद्र
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 नशा मुक्ति केंद्रों व 5 पुनर्वास केंद्र की सूची जारी की गई है। इनमें अंबाला सिटी में 11, अंबाला कैंट के 6, बराड़ा के 2, नारायणगढ़ का 1 शामिल है। जिले में एक सरकारी नशा मुक्ति केंद्र अंबाला सिटी में है। जहां रोजाना की ओपीडी 100 तक पहुंच जाती है। सुबह के समय नशा मुक्ति केंद्र में डे केयर की सुविधा भी है।

जिले के नागरिक अस्पतालों व कोर्ट परिसर में वैध 20 नशा मुक्ति केंद्रों व पुनर्वास केंद्रों की सूची चस्पा कर दी गई है ताकि मरीजों, तीमारदारों के साथ-साथ आमजन भी जागरूक हो सकें।
– डॉ. मुकेश, डिस्ट्रिक्ट मेंटल हेल्थ प्रोग्राम ऑफिसर अंबाला

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