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नशे के खिलाफ बड़ी सफलता: हरियाणा के 4200 गांव नशामुक्त, 18 हजार लोग अब भी पीड़ित

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने स्वीकार किया है कि प्रदेश में ड्रग्स की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार के रिकार्ड के अनुसार इस समय प्रदेश में 18 हजार 847 युवा नशा पीड़ित हैं। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला ने कानून-व्यवस्था तथा अन्य विषयों से संबंधित सवाल पूछा। सदन में हंगामे के चलते सदन में चर्चा नहीं हो सकी लेकिन सरकार ने आज इसका जवाब दे दिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के हवाले से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक कुल 18 हजार 847 नशा पीड़ितों की पहचान की गई है। वर्तमान में 11 हजार 558 नशा पीड़ित विभिन्न केंद्रों में उपचार प्राप्त कर रहे हैं।  हरियाणा सरकार ने दावा किया है कि राज्य में 4238 गांवों तथा 913 वार्डों को नशा मुक्त घोषित किया जा चुका है। नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई के लिए गठित एचएसएनसीबी की सराहना करते हुए सरकार ने कहा है कि नशे के खिलाफ प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। 

जींद की रवीना ने जीता Gold Medal, 20 K.M. पैदल चाल इतने समय में की पूरी

जींद  चेन्नई में चल रही 64 वीं राष्ट्रीय इंटर स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जींद की बेटी रवीना ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने 20 किलोमीटर पैदल चाल एक घंटा 35 मिनट 13 सैकेंड व 49 माइक्रो सैकेंड में पूरी की। इससे पहले यह रिकार्ड राजस्थान की भावना जाट के नाम था।  बताया जा रहा है कि इस प्रतियोगिता में जींद की तीन महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया था। रवीना ने स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले इसी साल फरवरी महीने में रांची में हुई नौंवीं राष्ट्रीय ओपन रेस वाक चैंपियनशिप में रवीना स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। रवीना के पिता आइटीआइ जींद में प्रशिक्षक के पद पर कार्यरत रहे हैं। इसी साल जुलाई महीने में आइटीआइ केन अनुदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। मां हाउसवाइफ हैं।

हरियाणा की जीप नहीं, इस बार राहुल गांधी चढ़े बिहार की बुलेट पर

पूर्णिया  बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर अधिकार यात्रा में विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं का जोश हाई दिख रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद इस यात्रा में काफी दिलचस्पी ले रहे हैंं और वो बिहार के अलग-अलग जिलों में घूम रहे हैँ। रविवार को पूर्णिया में राहुल गांधी का मूड एकाएक बदल गया। पूर्णिया शहर प्रवेश करते ही वो हरियाणा की जीप (नंबर- एच आर 26 डीएस 0999) को छोड़ बिहार के बुलेट (बीआर 22 बीओ 4709) पर सवार हो गए। कप्तान पुल के समीप एक कांग्रेस नेता के पेट्रोल पंप पर वह बुलेट पर सवार हो गए। इसके बाद उन्होंने अररिया तक की यात्रा बुलेट से ही पूरी की। हेलमेट पहने बाइक चला रहे राहुल के पीछे बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार बैठे थे। हालांकि, उनके सिर पर हेलमेट नहीं था। तेजस्वी यादव भी हेलमेट पहनकर बुलेट चला रहे थे। राहुल बाइक से आगे-आगे थे जबकि उनका काफिला पीछे-पीछे था। जाहिर है राजेश कुमार बिना हेलमेट पहने ही बाइक पर बैठे थे और यह मुद्दा गरमा भी सकता है। राहुल गांधी को युवक ने लगा लिया गले लाइन बाजार में एक युवक ने राहुल की बाइक के सामने आकर उन्हें गले भी लगा लिया। हालांकि, ऐसे युवक को सिक्योरिटी ने अच्छी खातिरदारी की। कप्तान पुल से लाइन बाजार, पंचमुखी मंदिर, प्रभात कॉलोनी, रामबाग, पूर्णिया सिटी, कसबा होते हुए राहुल ने अररिया तक की यात्रा बुलेट से ही पूरी की। इससे पहले पूर्णिया पूर्व प्रखंड के गौरा से करीब आठ बजे वह खुली जीप से निकले। उनके साथ तेजस्वी यादन और मुकेश सहनी थे। बेलौरी होते हुए उनका काफिला खुश्कीबाग पहुंचा। पूर्णिया शहर में वह करीब नौ बजे दाखिल हुए और 10 बजे तक वह कसबा पहुंच गए। इसके बाद वह अररिया जिला की सीमा में प्रवेश कर गए। रास्ते में जगह-जगह पर उन्होंने लोगों से हाथ मिलाया। काफी संख्या में युवा व महिलाएं भी थी। कांग्रेस सेवादल के सदस्य भी नजर आए। कटिहार मोड़ पर स्कूली बच्चियों ने भी उनका स्वागत किया। पूर्णिया जिला में दो विधानसभा पूर्णिया सदर एवं कसबा विधानसभा में उन्होंने करीब 30 किलोमीटर की यात्रा की। राहुल गांधी के मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान तैनात थे। यहां तक कि रूट में पड़ने वाले ऊंचे-ऊंचे भवनों पर पुलिस बल की तैनाती की गयी थी।  

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, पंजाब सरकार ने उठाया अहम कदम

चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा दिव्यांग कर्मचारियों की मुश्किलों को गंभीरता से लेते हुए और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि अब सभी सरकारी विभागों के प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि दृष्टिहीन और शारीरिक रूप से अक्षम दिव्यांग कर्मचारियों को रात की ड्यूटी से छूट दी जाए और किसी भी दिव्यांग कर्मचारी से रात की ड्यूटी न कराई जाए। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बीते दिनों दिव्यांग कर्मचारियों के साथ हुई मीटिंगों में दिव्यांग कर्मचारियों के संगठनों द्वारा यह मुद्दा उठाया गया था कि दृष्टिहीन और शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारियों को रात की ड्यूटी के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रात की ड्यूटी के दौरान सुरक्षा और यात्रा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए, मानवीय संवेदना और कर्मचारियों के कल्याण की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है। 

अब फोटो से होगी स्कूलों की हाज़िरी! हर गतिविधि पर शिक्षा विभाग की पैनी नजर

सुबह 9:30 बजे तक स्कूल पहुंचना हुआ अनिवार्य! देर से आने वालों की होगी अगले दिन ही एंट्री   पटना, बिहार के सरकारी स्कूलों में अब अनुशासन और पढ़ाई से समझौता नहीं होगा। शिक्षा विभाग ने स्कूलों की रोज़ाना ऑनलाइन मॉनीटरिंग शुरू कर दी है। खास बात यह है कि अब स्कूलों की गतिविधियों की तस्वीरें खिंचवाकर हर दिन जांच की जा रही है। किस स्कूल में प्रार्थना हुई, कितने बच्चे-शिक्षक मौजूद रहे और पढ़ाई कैसे हुई, सबका फोटो सबूत विभाग तक पहुंच रहा है। इतना ही नहीं स्‍कूल देर से आने वालों की भी अब इंट्री नहीं हो सकेगी। एस सिद्धार्थ की पहल पर हुई ये व्‍यवस्‍था शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ की पहल पर यह पूरी व्यवस्था बनाई गई है। विभाग ने 20, 21 और 22 अगस्त को राज्य के सभी 38 जिलों से तीन-तीन स्कूलों की तस्वीरें रैंडम तरीके से मंगवाकर समीक्षा की। नतीजा ये रहा कि लगभग सभी स्कूलों में तय दिशा-निर्देश के अनुसार गतिविधियां होती पाई गईं। चेतना सत्र से शुरू होती है सुबह सुबह 9:30 बजे तक शिक्षक और छात्र दोनों को स्कूल पहुंचना अनिवार्य है। इसके बाद आधे घंटे का चेतना सत्र होता है, जिसमें प्रार्थना, बिहार राज्य गीत, राष्ट्रगीत, सामान्य ज्ञान, प्रेरक कहानियां और बच्चों के नाखून, बाल व यूनिफॉर्म की जांच शामिल है। स्कूल शुरू होने से 15 मिनट पहले राष्ट्रगान बजाया जाता है और उसके बाद मेन गेट बंद कर दिया जाता है। देर से आने वाले बच्चों को अगले दिन ही प्रवेश मिलता है। पहली तीन घंटियों में सिर्फ पढ़ाई शिक्षा विभाग ने आदेश दिया है कि स्कूल की पहली तीन घंटियों में केवल गणित, विज्ञान और हिंदी या अंग्रेजी की पढ़ाई होगी। ताकि बच्चों में गणितीय कौशल, वैज्ञानिक सोच और भाषा पर पकड़ विकसित हो सके।  डॉ. सिद्धार्थ का मानना है कि इस सख्त मॉनीटरिंग से सरकारी स्कूलों का अनुशासन और पढ़ाई दोनों बेहतर होंगे। विभाग के इस कदम ने स्कूलों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है और अब सभी स्कूल अलर्ट मोड में हैं। फोटो सबूत से निगरानी मॉनीटरिंग के लिए हर फोटो में स्कूल का स्थान (आक्षांस-देशांश), समय और अन्य डिटेल दर्ज रहती है। किसी भी समय विभागीय अधिकारी फोटो मांग सकते हैं और संबंधित स्कूल को उपलब्ध कराना होगा। अगर निर्धारित समय पर गतिविधियां नहीं होती हैं तो स्कूल प्रमुख से लिखित जवाब तलब होता है। लापरवाही पर कार्रवाई भी तय की गई है।

बारिश से बिगड़े हालात: जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा

जम्मू-कश्मीर  जम्मू-कश्मीर में शनिवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक महत्वपूर्ण पुल क्षतिग्रस्त हो गया। राजधानी जम्मू में रविवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 190.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस महीने में एक सदी में दूसरी सबसे अधिक बारिश है। इससे पहले 5 अगस्त 1926 को अगस्त में 228.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर लोगों से जलस्रोतों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अगस्त तक पहाड़ी इलाकों में मध्यम से भारी बारिश, बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है। यातायात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 250 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और 434 किलोमीटर लंबा श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग भारी बारिश के बावजूद यातायात के लिए खुले हैं। भूस्खलन से आवाजाही बंद पुंछ और राजौरी (जम्मू) को दक्षिण कश्मीर के शोपियां से जोड़ने वाली मुगल रोड और जम्मू के किश्तवाड़ एवं डोडा जिलों को अनंतनाग (दक्षिण कश्मीर) से जोड़ने वाली सिंथन रोड पर भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर आवाजाही बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कठुआ जिले में सहर खड्ड नाले के उफान पर होने के कारण जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर लोगेट मोड़ के पास एक पुल बीच से टूट गया। इसके बाद यातायात को वैकल्पिक पुल के रास्ते से डायवर्ट किया जा रहा है। जम्मू शहर में भारी बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। नालों और नदियों का जलस्तर बढ़ने से सड़कें जलमग्न हो गईं और जानीपुर, रूप नगर, तालाब तिल्लो, ज्वेल चौक, न्यू प्लॉट और संजय नगर जैसे इलाकों में पानी घरों में घुस गया। कई घरों की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गई और करीब 12 वाहन अचानक आई बाढ़ में बह गए। पुलिस प्रशासन अलर्ट पर सांबा में बसंतर, कठुआ में उझ और रावी, डोडा, किश्तवाड़, रामबन और जम्मू में चिनाब, तथा उधमपुर और जम्मू में तवी सहित प्रमुख नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते प्रशासन ने आपदा मोचन दलों और स्थानीय पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा है।अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी हताहत की सूचना नहीं है, लेकिन बारिश के कारण जम्मू क्षेत्र के राजौरी, पुंछ और उत्तरी कश्मीर के गुरेज में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। जम्मू क्षेत्र के उधमपुर में सबसे अधिक 144.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, इसके बाद रियासी जिले में वैष्णो देवी मंदिर के आधार शिविर कटरा में 115 मिलीमीटर, सांबा में 109 मिलीमीटर और कठुआ में 90.2 मिलीमीटर बारिश हुई। श्रीनगर में 13.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग ( IMD ) ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बादल छाए रहने, हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना भी जताई है। लेह स्थित क्षेत्रीय मौसम विभाग ने लद्दाख के अधिकांश क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और ज्यादातर जगहों पर बादल छाए रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर में बारिश की चेतावनी के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। सीएम कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कई आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की सूचना मिली है, जबकि नदियां और नाले खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। अब्दुल्ला ने बताया कि नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं और मुख्यमंत्री कार्यालय विभागों के संपर्क में है। प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी, जलापूर्ति और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।  

22 चौके-छक्कों की बरसात, ट्रैविस हेड ने खेली धमाकेदार पारी

नई दिल्ली  साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में जबरदस्त वापसी की। इस वापसी के नायक रहे स्टार बल्लेबाज ट्रैविस हेड और कप्तान मिचेल मार्श, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से अफ्रीकी गेंदबाजों की कमर तोड़ दी। बाद में कैमरोन ग्रीन और एलेक्स कैरी भी बरस पड़े। ट्रैविस हेड ने सीरीज के आखिरी मुकाबले में महज 80 गेंदों में अपना सातवां वनडे शतक पूरा किया, जो उनकी आक्रामक खेल शैली का बेहतरीन उदाहरण है। ट्रैविस हेड ने अपनी पारी में शुरुआत से ही तेजी दिखाई और मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाकर फैंस का मनोरंजन किया। उन्होंने अपनी शतकीय पारी में कुल 22 बार गेंद को बाउंड्री के बाहर भेजा। हेड के बल्ले से 17 शानदार चौके और 5 गगनचुंबी छक्के निकले। 137.86 का स्ट्राइक रेट इस पारी में उनका था। ट्रैविस हेड की इस पारी ने न सिर्फ टीम का मनोबल बढ़ाया, बल्कि सीरीज में लगातार दो हार के बाद ऑस्ट्रेलिया को राहत का एहसास कराया। करीब एक साल के बाद उनके बल्ले से वनडे क्रिकेट में शतक आया है और उन्होंने दिखा दिया है कि क्यों उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक ओपनर्स में गिना जाता है। भारत के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज से पहले ये मैच टीम का मनोबल जरूर बढ़ाएगा, क्योंकि यहां ध्यान देने योग्य बात ये है कि सीरीज के पहले दो मैचों में ऑस्ट्रेलियाई टीम 200 रनों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई थी। उनकी बल्लेबाजी लगातार रन चेज में असफल हो रही थी, लेकिन तीसरे मैच में टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। हर बल्लेबाज ने इंटेंट दिखाया, जिसके चलते टीम खबर लिखे जाने तक 400 से ज्यादा रनों के विशाल स्कोर की ओर बढ़ रही है। इस मैच में टीम ने दिखाया कि भले ही वे सीरीज हार चुके हों, लेकिन वे खाली हाथ नहीं लौटेंगे।  

बिहार के 534 प्रखंडों में बन रहे आउटडोर स्टेडियम, आधे से ज्यादा पूरे

257 प्रखंडों में स्टेडियम पूरे, जल्‍द गांवों में ही मिलेगी राष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग 534 में से 257 स्टेडियम पूरे! बाकी का काम तेजी से होगा पूरा, खेल विभाग सख्त निर्देश पटना,  गांव की मिट्टी सोना उगलने के लिए तैयार हो रही है। बिहार सरकार ने 534 प्रखंडों में आउटडोर स्टेडियम बनाने का लक्ष्य रखा था। अब अच्छी खबर ये है कि इनमें से 257 प्रखंडों में स्टेडियम पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। यानी बिहार में भी खेल का ऐसा माहौल तैयार होगा। जिससे बिहार की ताकत मैदान पर दिखेगी और खिलाड़ी देश का नाम रौशन करेंगे। खेल विभाग की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार अब तक 46 प्रखंडों में स्‍टेडियम बनाने का काम तेजी से चल रहा है। जिनमें से ज्‍यादातर स्‍टेडियम का काम अब अपने आखिरी चरण पर है। जहां काम रुका है, तुरंत पूरा कराएं : बी राजेंद्र खेल विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक केवल 29 प्रखंडों में आउटडोर स्‍टेडियम बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया है लेकिन जल्‍द ही इस पर निर्माण कार्य शुरू होने वाले हैं। बता दें कि 48 प्रखंडों में 10 स्टेडियम अधूरे फिलहाल अधूरे हैं। खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र ने भवन निर्माण निगम और जिलाधिकारियों को साफ निर्देश दिया है। जहां काम रुका है, उसे तुरंत शुरू कराया जाए। खिलाड़ियों के लिए सुनहरा मौका बताते चलें कि इन स्टेडियमों में एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल ग्राउंड, कबड्डी और वॉलीबॉल कोर्ट होंगे। इसके साथ ही इन ग्राउंड में हॉकी खेलने की सुविधा भी होगी। खास बात यह है कि यहां प्रशिक्षकों की तैनाती भी की जाएगी। जिसके लिए बहाली प्रक्रिया जल्‍द शुरू की जाएगी। ताकि खिलाड़ियों को गांव और कस्बों में ही राष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिल सके। बदलेगा बिहार का खेल परिदृश्य बिहार सरकार और नीतीश कुमार की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि बिहार की धरती से मेडल जीतने वाले खिलाड़ी निकलें। माना जा रहा है कि बिहार में खेल का माहौल बनने के बाद सीएम नीतीश कुमार का ये सपना पूरा होगा। खेल विभाग के अधिकारियों की माने तो सभी स्टेडियम बनने के बाद बिहार के छोटे-छोटे गांवों से भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलेंगे। खेल प्रेमियों के लिए यह बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि अब उन्हें राजधानी या बड़े शहर जाने की मजबूरी नहीं होगी।

बड़े पर्दे पर दिखेगा गोटमार मेले का अनोखा रंग, फिल्म की शूटिंग की तैयारी शुरू

पांढुर्णा मध्यप्रदेश के पांढुर्णा का प्रसिद्ध गोटमार मेला अब जल्द ही बड़े परदे पर दस्तक देने जा रहा है। पांढुर्णा की मिट्टी, जाम नदी के पत्थर और गोटमार की कहानी, जल्द ही बड़े परदे पर गूंजेगी। मुंबई की पल्स मीडिया और क्रेजी बैग्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने गोटमार पर फिल्म बनाने का ऐलान किया है। फिल्म निर्माण से पहले परंपरा और लोक गतिविधियों का गहन अध्ययन करने के लिए शुक्रवार को मुंबई से एक विशेष दल पांढुर्णा पहुंचा। इस दल में निर्माता सौरभ गौड़, संगीत निर्देशक शैल आर. सैनी, कार्यकारी निर्माता दिव्यांश मिश्रा, अपार जैन, और प्रमुख सहयोगी जितेंद्र परमार, दीपक कुशवाह व उत्कर्ष चौधरी शामिल थे। टीम ने किया स्थल का दौरा पांढुर्णा पहुंचकर दल ने सबसे पहले गोटमार मेले की आराध्या मां चंडिका के दर्शन किए। इसके बाद टीम ने गोटमार स्थल का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर इस अनूठे मेले की परंपराओं और उससे जुड़ी मान्यताओं को समझा। मीडिया से चर्चा में निर्माता सौरभ गौड़ ने बताया- “गोटमार मेला अपनी अलग ही पहचान रखता है। इस परंपरा में आस्था, लोक संस्कृति और जनमानस की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। हमारी कोशिश है कि फिल्म के माध्यम से इस मेले की लोकप्रियता केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्शकों तक पहुंचे। प्रेमी युगल की कहानी गोटमार मेले की शुरुआत को लेकर एक किवदंती भी प्रचलित है। कहा जाता है कि पांढुर्णा का एक युवक सावरगांव की युवती से प्रेम करता था। एक दिन युवक अपनी प्रेमिका को लेकर पांढुर्णा लौट रहा था। जैसे ही वे जाम नदी के बीच पहुंचे, सावरगांव के लोगों को खबर मिल गई। युवती को रोकने सावरगांव के लोग पत्थरों के साथ पहुंचे और युवक पर हमला किया। जवाब में पांढुर्णा के लोग भी पत्थर बरसाने लगे। पत्थरों की इस मारा-मारी में अंततः प्रेमी युगल की जान चली गई। तभी से गोटमार मेले की परंपरा शुरू हुई और यह आयोजन हर साल आस्था, परंपरा और उस प्रेम कहानी की याद में होता आ रहा है। जिस पर अब फ़िल्म बनने जा रही है। फिल्म से बढ़ेगा आकर्षण टीम का मानना है कि गोटमार पर आधारित फिल्म दर्शकों के लिए रोचक और भावनात्मक अनुभव होगी। साथ ही यह परंपरा और संस्कृति का दस्तावेज बनकर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अनीश दयाल सिंह को मिली अहम जिम्मेदारी, अब बने अजित डोभाल की टीम का हिस्सा

नई दिल्ली सीआरपीएफ और आईटीबीपी के पूर्व महानिदेशक अनीश दयाल सिंह को डिप्टी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है। इन्हें आंतरिक मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मणिपुर कैडर के 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सिंह 31 दिसंबर 2024 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक (DG) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इस नियुक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल की टीम को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यूपी के प्रयागराज के रहने वाले हैं अनीश दयाल सिंह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 1964 में जन्मे अनीश दयाल सिंह ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। इससे पहले वे इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के महानिदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। CRPF के DG के रूप में उनके कार्यकाल में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान दिया। इसके अलावा अगस्त 2024 में उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था। मणिपुर कैडर के आईपीएस अधिकारी अनीश दयाल सिंह ने अपने करियर की शुरुआत मणिपुर कैडर के IPS अधिकारी के रूप में की थी। उन्होंने कई वर्षों तक केंद्रीय खुफिया ब्यूरो (IB) में विशेष निदेशक के रूप में काम किया, जहां उन्होंने कई संवेदनशील और महत्वपूर्ण ऑपरेशनों का नेतृत्व किया। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को देखते हुए उनकी डिप्टी NSA के रूप में नियुक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भारत की रणनीति को और प्रभावी बनाने में सहायक होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के नेतृत्व में डिप्टी NSA के रूप में अनीश दयाल सिंह आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और आंतरिक खतरों जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण सलाह देंगे। उनकी नियुक्ति से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।