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पानीपत में बढ़ा प्रदूषण संकट, रंगाई-छपाई उद्योग से बिगड़ी हवा और पानी की सेहत

पानीपत आज हरियाणा का पानीपत किसी परिचय का मोहताज नहीं है, क्योंकि इसने विश्व स्तर पर 'टेक्सटाइल सिटी' के रूप में अपनी पहचान बना ली है। विश्व मानचित्र पर शायद ही कोई ऐसा देश हो जहाँ पानीपत में बने उत्पादों का निर्यात न होता हो। हालांकि, एक कपड़ा औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होने के साथ-साथ, पानीपत देश के गंभीर रूप से प्रदूषित शहरों में से एक बन गया है।  वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, पानीपत औद्योगिक क्षेत्र को गंभीर प्रदूषण क्षेत्रों (CPAs) में सूचीबद्ध किया गया है। नालियों में खुलेआम बहता अनुपचारित औद्योगिक अपशिष्ट एक आम दृश्य बन गया है। CPCB कपड़ा उद्योग को सबसे अधिक प्रदूषणकारी श्रेणियों में से एक मानता है, क्योंकि यह जल और वायु प्रदूषण दोनों में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, ब्लीचिंग इकाइयों की अवैध रूप से बढ़ती संख्या इस क्षेत्र में भूजल प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है। पानीपत का वार्षिक कारोबार लगभग 60,000 करोड़ रुपये  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से मात्र 90 किलोमीटर दूर, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर स्थित, विश्व स्तर पर 'टेक्सटाइल सिटी' के रूप में विख्यात, पानीपत का वार्षिक कारोबार लगभग 60,000 करोड़ रुपये है। इसमें से लगभग 20,000 करोड़ रुपये निर्यात कारोबार से और 40,000 करोड़ रुपये घरेलू बाजार से आते हैं। लगभग 400 छोटे और बड़े निर्यातक अमेरिका, यूरोपीय देशों, जापान, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों में कालीन, कुशन, चादरें, बेड कवर, कंबल, पर्दे, बाथ मैट, फर्श कवर और तौलिये जैसे उत्पाद बेचते हैं। इसके अलावा, पानीपत दुनिया के सबसे बड़े रीसाइक्लिंग उद्योग का केंद्र बनकर उभरा है, जहाँ विभिन्न देशों से लाए गए बेकार कपड़ों से बिना रासायनिक रंगों या पानी की बर्बादी के धागा बनाया जाता है। शहर इस रीसाइक्लिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिदिन 30 लाख किलोग्राम से अधिक धागा तैयार करता है। हर गली या घर में 20,000 से अधिक छोटी और बड़ी इकाइयाँ संचालित पानीपत की हर गली या घर में 20,000 से अधिक छोटी और बड़ी इकाइयाँ संचालित होती हैं, जबकि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) पोर्टल पर केवल 800 औद्योगिक इकाइयाँ ही पंजीकृत हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें से सात अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों की सूची में हैं, 450 लाल श्रेणी में, लगभग 100 हरित श्रेणी में और लगभग 300 नारंगी श्रेणी में सूचीबद्ध हैं।   413 इकाइयों ने सबसे अधिक प्रदूषक उत्सर्जित किया दिसंबर 2021 और अप्रैल 2022 के बीच, सीपीसीबी ने अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों (जीपीआई) की पहचान के लिए राज्य भर में 924 औद्योगिक इकाइयों का सर्वेक्षण किया। पाया गया कि जीपीआई के रूप में पहचानी गई 413 इकाइयों ने सबसे अधिक प्रदूषक उत्सर्जित किया। रिपोर्टों से पता चला कि पानीपत स्थित 45 प्रतिशत उद्योग सबसे अधिक प्रदूषक उत्सर्जित कर रहे थे, इसके बाद गुरुग्राम में 25.2 प्रतिशत, फरीदाबाद में 15.2 प्रतिशत और सोनीपत में 10.2 प्रतिशत प्रदूषक उत्सर्जित हो रहे थे। कुल 413 जीपीआई में से 181 पानीपत में, 100 गुरुग्राम में और 32 फरीदाबाद में स्थित थे।   पानीपत में चल रही सैकड़ों अवैध रंगाई और ब्लीचिंग इकाइयाँ सूत्रों के अनुसार, पानीपत में 350 से ज़्यादा रंगाई इकाइयाँ पंजीकृत हैं, लेकिन सैकड़ों अवैध रंगाई और ब्लीचिंग इकाइयाँ भी चल रही हैं, जिनमें से कई इन नालों के पास स्थित हैं। हालाँकि सभी उद्योगों को अपशिष्ट उपचार संयंत्र (ईटीपी) लगाना और उनका उचित संचालन करना अनिवार्य है, फिर भी कई उद्योगों ने बिजली की लागत बचाने के लिए इन्हें बंद कर दिया है और ट्रैक्टर-टैंकरों की मदद से बिना उपचारित रासायनिक अपशिष्टों को ड्रेन-2 में बहा दिया है। प्रदूषण बोर्ड के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पानीपत के वायु और जल प्रदूषण के कई कारण बताए: पुराने औद्योगिक क्षेत्र में सीईटीपी का न होना, निर्माण के बाद से ड्रेन 1 और 2 में गाद निकालने का काम न होना, सेक्टर 29 पार्ट-2 में सीईटीपी का संतृप्त होना, वायु शोधन टावर परियोजना में देरी और अवैध ब्लीचिंग की मौजूदगी।  

छत्तीसगढ़ के वीरों को बड़ा सम्मान, नक्सल ऑपरेशन में बहादुरी पर मिलेगा शौर्य चक्र

बस्तर छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन ने नक्सलियों की बीते महीनों में कमर तोड़ कर रख दी है। कुछ ने या तो सरेंडर कर दिया या मौत के घाट उतार दिए गए। सुरक्षाबलों को उनके इस पराक्रम के लिए अब पुरस्कृत भी किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस के दो बहादुर इंस्पेक्टर, केवट और देशमुख को नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों का नेतृत्व करने और उग्रवादियों को खत्म करने के लिए शौर्य पदक से सम्मानित किया जाएगा। दोनों को केंद्र सरकार की ओर से शौर्य पदक के लिए नामित किया गया है। शौर्य चक्र के लिए चुने जाने पर टीआई पाखनजुर लक्ष्मण केवट ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्री ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने की समय सीमा तय की है। इसे ध्यान में रखते हुए हम नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रहे हैं। मुझे छह बार राष्ट्रपति का वीरता पदक मिल चुका है और अब मुझे शौर्य चक्र भी मिला है। हम इस समय सीमा को पूरा करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं और मुझे विश्वास है कि मार्च 2026 से पहले ही नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा। ” दूसरे शौर्य मेडल के लिए नामित किए जाने पर टीआई भानुप्रतापुर रामेश्वर देशमुख ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह वाकई मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि मुझे हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा शौर्य चक्र के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि साल 2012 से मैं नक्सल विरोधी अभियान में शामिल रहा हूं। मेरे नेतृत्व में करीब 50 माओवादियों को मौत के घाट उतारा गया। मुझे दो बार वीरता पदक और एक दक्षता पदक भी मिल चुका है।

बी. सुदर्शन रेड्डी को अखिलेश का समर्थन, कहा- न्याय की जंग के सच्चे योद्धा

लखनऊ  उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ विचार-विमर्श करने के लिए मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। रेड्डी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ संयुक्त रूप से एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने कहा, "न्याय के हिमायती लोग अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर उपराष्ट्रपति पद के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करें। सामाजिक न्याय की लड़ाई के लिए बी. सुदर्शन रेड्डी से बेहतर प्रत्याशी कोई नहीं हो सकता।" बी. सुदर्शन रेड्डी ने भी सपा की तारीफ की। उन्होंने कहा, "लोहिया जी और अन्य नेताओं से हमने बहुत कुछ सीखा। हम साउथ इंडिया से हैं और हिंदी में भाषण देने की कोशिश कर रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के बाहर के दल भी हमारा समर्थन कर रहे हैं। यह अखिलेश जी की मदद के बिना संभव नहीं था। मैं कल अरविंद केजरीवाल से भी मिला। उपराष्ट्रपति पद कोई राजनीतिक पद या मुद्दा नहीं है। यह गैर-राजनीतिक पद है। सभी दलों से अनुरोध है कि वह मेरा समर्थन करें। संवैधानिक संस्थाओं पर संकट के बादल हैं।" सपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों के लोग रहे मौजूद ताज होटल में बी सुदर्शन रेड्डी व अखिलेश यादव सपा-कांग्रेस सांसदों के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव, आनंद भदौरिया, अफजाल अंसारी, एसपी सिंह, जियाउर रहमान बर्क, जया बच्चन, प्रिया सरोज, इकरा हसन, इमरान मसूद अवधेश प्रसाद,सनातन पांडे पहुंचे। 9 सितंबर को होगा राष्टपति पद के लिए चुनाव देश के उपराष्ट्रपति का चुनाव आगामी नौ सितंबर को होगा जिसके लिए विपक्ष ने रेड्डी को साझा उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन से होगा। बता दें कि उपराष्ट्रपति का पद जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के कारण रिक्त हुआ है।  

भाजपा नेता के परिजन के फॉर्म हाउस से 12 लाख रुपए की शराब बरामद, सागर में छापेमारी

सागर  एमपी पुलिस ने सागर में एक बड़ी कार्रवाई की है। बीजेपी के बड़े नेता के फॉर्म हाउस पर छापेमारी की है, यहां से लगभग 12 लाख रुपए की शराब बरामद की है। शराब जब्ती के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फॉर्म हाउस में अवैध रूप से शराब रखी गई है। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की और शराब बरामद की है। 219 पेटी देसी और विदेशी शराब बरामद पुलिस ने सागर जिले के बहेरिया पुलिस स्टेशन अंतर्गत छापेमारी की है। रुद्र प्रताप सिंह के फॉर्म हाउस से 219 पेटी में भरी देसी और विदेशी शराब बरामद की है। इसके बाद सोमवार को एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फॉर्म हाउस में अवैध रूप से शराब को स्टोर किया जा रहा है। 12 लाख रुपए की शराब बरामद स्थानीय पुलिस (बहेरिया पुलिस स्टेशन) की एक टीम ने तलाशी ली और लगभग 12 लाख रुपए की शराब बरामद की। FIR में यह जानकारी दी गई है। शराब बरामद होने के बाद रुद्र प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 32 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। FIR में यह भी बताया गया है। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पुलिस ने रुद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है या नहीं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने रविवार देर रात तक कुछ अन्य स्थानों पर भी व्यापक तलाशी ली। सभी रिश्तेदारों से तोड़ लिए हैं संबंध दिलचस्प बात यह है कि सागर जिला पुलिस द्वारा अपने भतीजे के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद, खुरई विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक भूपेंद्र सिंह ने एक अधिसूचना (अपने वकील के माध्यम से) जारी की। इसमें उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने अपने सभी रिश्तेदारों से संबंध तोड़ लिए हैं। किसी से नहीं है संबंध भूपेंद्र सिंह ने अपने वकील को जारी एक पत्र में उल्लेख किया है कि उनका अपने तीन बेटियों, एक बेटे और अपनी पत्नी को छोड़कर किसी भी सदस्य या रिश्तेदार से कोई लेना-देना नहीं है।

केश शिल्पी आयोग के पूर्व अध्यक्ष नंद किशोर वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने मध्यप्रदेश केश शिल्पी आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नंद किशोर वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। आयुक्त भोंडवे की ओर से विभाग के उप संचालक बी.डी. भूमरकर तथा केश शिल्पी आयोग के कार्यालय प्रबंधक देवेंद्र बारसकर ने धार जिले के पीथमपुर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यालय के अधिकारियों ने आयुक्त भोंडवे द्वारा प्रेषित श्रद्धांजलि संदेश का वाचन किया। संदेश में कहा गया कि स्व. वर्मा ने जीवन भर समाज सेवा एवं केश शिल्पियों के उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया। उनके कार्यों की छाप समाज में लंबे समय तक बनी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान विभाग की ओर से स्व. वर्मा के परिजनों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति एवं मानदेय की राशि का चेक भी सौंपा गया। उल्लेखनीय है कि नंद किशोर वर्मा का निधन 14 अगस्त 2025 को 70 वर्ष की आयु में हुआ था।  

चार्ज संभालते ही विवादों में फंसे जालंधर के नए कमिश्नर, यूनियन ने दी कड़ी चेतावनी

जालंधर  नगर निगम के नए कमिश्नर संदीप ऋषि के कार्यभार संभालते ही निगम परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। जहां निगम प्रशासन नई उम्मीदों के साथ कमिश्नर का स्वागत कर रहा था, वहीं यूनियन नेताओं ने नाराजगी का बिगुल बजा दिया। कमिश्नर के चार्ज लेने के कुछ ही देर के भीतर निगम यूनियन ने जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए हड़ताल की चेतावनी दी है। यूनियन के प्रधान बंटू सभ्रवाल के नेतृत्व में सैंकड़ों कर्मचारी नारेबाजी करते हुए मैदान में उतर आए। उनका आरोप था कि निगम प्रशासन ने मनमानी करते हुए आऊटसोर्स कर्मचारी किशन लाल को पक्का कर दिया है, जबकि सैकड़ों कर्मचारी वर्षों से पक्की नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यूनियन नेताओं ने कहा कि जिस कर्मचारी को स्थायी किया गया है, वह वास्तव में माली है ही नहीं। वह ड्राइवर है और पौधों या बागबानी की जानकारी तक नहीं रखता। इसके बावजूद उसे पक्का कर दिया गया। यूनियन का कहना है कि यह फैसला दूसरे कर्मचारियों के साथ पक्षपात है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रशासन दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल इतना गर्मा गया कि यूनियन नेताओं ने चेतावनी दे डाली कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो निगम का पूरा कामकाज ठप्प कर देंगे। धरने में ड्राइवर एंड टैक्निकल यूनियन के प्रधान शम्मी लूथर, रिंपी कल्याण, राजन कल्याण, बाबा राज किशोर, मनदीप सिंह, गौरव, बैनी और हतेश नाहर समेत दर्जनों कर्मचारी शामिल हुए। पहले ही दिन नए कमिश्नर के सामने खड़ा हुआ यह विवाद दिनभर चर्चा का विषय रहा। यदि यूनियन अपनी चेतावनी पर हड़ताल करती है तो आने वाले दिनों में शहरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सैकड़ों कर्मचारियों का भविष्य दाव पर : यूनियन यूनियन नेताओं ने कहा कि निगम में इस समय लगभग 59 माली, 64 फिट्टर, 50 ड्राइवर और 20 जे.सी.बी. मशीन ऑपरेटर आऊटसोर्स पर काम कर रहे हैं। उन्होंने मांग रखते हुए कहा कि कर्मचारियों को एक समान नियम के तहत पक्का किया जाए। अगर एक को फायदा मिल सकता है तो बाकी सबको क्यों नहीं? यूनियन नेताओं ने सवाल उठाते कहा कि इससे बाकि कर्मचारियों का भविष्य दाव पर लगा दिया गया है। मेयर से मुलाकात के बाद धरना खत्म किया यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने मेयर वनीत धीर से मुलाकात की। मेयर ने समस्या का समाधान निकालने के लिए कुछ समय मांगा। लेकिन कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि अगर जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। यूनियन प्रधान बंटू सभ्रवाल ने कहा वह अब और इंतजार नहीं करेंगे। सभी आऊटसोर्स कर्मचारियों को तुरंत स्थायी किया जाए और उन्हें नियुक्ति पत्र दिए जाएं। अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती तो नगर निगम का एक-एक काम बंद कर देंगे। मेयर से मुलाकात के बाद यूनियन ने धरना प्रदर्शन फिलहाल खत्म कर दिया, अब देखना होगा कि आगे क्या होता है?

ई-अटेंडेंस एप में विदेशी तकनीकी स्टाफ, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और चीनी कर्मियों के कारण चिंता बढ़ी

भोपाल  मध्य प्रदेश में शिक्षकों के लिए बनाए गए ई-अटेंडेस एप को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शिक्षक संघ की मानें तो ई-अटेंडेंस (शिक्षक एप) का विदेशी कनेक्शन सामने आया है। इसमें शिक्षकों के व्यक्तिगत जानकारी से जुड़ा डेटा लीक होने का खतरा है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का दावा है कि, ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने के बाद से शिक्षकों के पास अज्ञात नंबरों से कॉल और मैसेज आने लगे हैं। यही नहीं, कई शिक्षकों से तो ओटीपी तक पूछा जा रहा है। बताया जा रहा है कि, ई-अटेंडेंस के लिए बनाए गए शिक्षक एप का निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकारी पाकिस्तानी है। Median.com जिसके अधिकारी हुनेदहसन मूल रूप से पाकिस्तान के रहने वाले हैं। इसी तरह अब्दुल्लाह अब्दुल हुसैन सॉफ्टवेयर इंजीनियर बांग्लादेशी कंपनी है। वहीं, वयान ही चिप टेक्नोलॉजी ऑफिसर, टायलर ली चीनी कंपनी है। साइबर फ्रॉड का खतरा बढ़ा मामले को लेकर मध्य प्रदेश शिक्षक संघ का कहना है कि, एप और उससे संबंधित सभी अधिकारियों की जांच होना चाहिए। सभी शिक्षकों के साथ आर्थिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने समेत साइबर फ्रॉड होने की गंभीर आशंका है। जब से ई-अटेंडेंस होनी शुरू हुई है, तभी से अबतक कई शिक्षकों को अज्ञात नंबरों से कॉल और मैसेज आने लगे हैं। कई बार उनसे ओटीपी तक मांगा जा रहा है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में एप को बंद करने का निर्णय लिया गया है। ई- अटेंडेंट से किसी भी गलती से उनके व्यक्तिगत डेटा लीक होने का डर बना हुआ है।

पटना और गया से सीधे काठमांडू, सिंगापुर, बैंकॉक… बिहार सरकार का बड़ा ऐलान

बड़ी खबर : बिहार से दुनिया तक सीधी उड़ान का नया दौर शुरू, पूरब, पश्चिम, उत्‍तर और दक्षिण दुनिया से जुड़ेगा बिहार!  बिहार से दुनिया तक सीधी उड़ान! 5 इंटरनेशनल रूट्स पर जल्द उड़ान भरेंगी विमान सेवाएं पटना और गया से सीधे काठमांडू, सिंगापुर, बैंकॉक… बिहार सरकार का बड़ा ऐलान   बिहार में हवाई क्रांति! पहली बार इंटरनेशनल फ्लाइट्स को मिलेगा VGF सपोर्ट  अब बिहार से सीधे विदेश! पर्यटन और व्यापार को मिलेगा नया आयाम  गया–शारजाह और पटना–काठमांडू सहित 5 रूट्स पर उड़ान भरेंगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स   पूरब, पश्चिम, उत्‍तर और दक्षिण दुनिया से जुड़ेगा बिहार! पटना राज्‍य सरकार की ओर बिहार को अंतरराष्‍ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने का बड़ा प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत वीजीएफ राशि की घोषणा की गई है। यह VGF इसलिए दी जा रही है ताकि बिहार से उड़ान भरने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट को प्रोत्‍सा‍हन दिया जा सके। अपर मुख्‍य सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय, एस सिद्धार्थ ने बताया कि हमारी कोशिश बिहार को चारों दिशाओं में इंटरनेशनल कनेक्टिविटी से जोड़ने की है।  सभी एयर लाइंस कंपनियों को भेजा पत्र एस. सिद्धार्थ ने आज कैबिनेट की ब्रीफिंग के दौरान इस बात की जानकारी दी कि इंटरनेशलन एयरलाइंस सेवा शुरू करने के लिए सरकार की ओर से कदम उठा दिया गया है। सरकार की ओर से देश के सभी इयरलाइंस कंपनियों के बिड आमंत्रित करने के लिए पत्र भेज दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया निविदा के माध्‍यम से पूरी की जाएगी।  चारों दिशाओं के देश से जुड़ेगा बिहार  उन्‍होंने इस बात पर उत्‍साह जताया कि बिहार सरकार चारों दिशाओं लिए नये अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की नीति’ को मंजूरी दे दी है। इसके जरिये बिहार उत्‍तर में नेपाल, दक्षिण में कोलंबो, पूर्व सिंगापुर और पश्चिम शारजाह से सीधे कनेक्‍ट हो जाएगा।  छोटा प्‍लेन नहीं ले जा सकते : एस सिद्धार्थ इस नीति के तहत एयरलाइंस कंपनियों को व्यवहार्यता अंतर निधि (VGF) से वित्तीय सहायता दी जाएगी ताकि वे नई अंतर्राष्‍ट्रीय उड़ानें शुरू कर सकें। अपरमुख्‍य सचिव मंत्रिमंडल सचिवालय ने जानकारी दी कि अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानों के लिए वीजीएफ उन हवाई जहाजों के लिए होगी जिनकी सिटिग कैपेसिटी (यात्रियों के बैठने की क्षमता) कम से कम 150 होगी। उन्‍होंने कहा कि वीजीएफ के जरिए सहायता छोटे प्‍लेन के नहीं है।    एस सिद्धार्थ का कहना है कि जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पटना और गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की भौगोलिक स्थिति बिहार को अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल और ट्रेड का बड़ा केंद्र बना सकती है। अब हमें इंतजार है कि एयरलाइंस कंपनियां इन आकर्षक रूट्स पर कब से उड़ान भरना शुरू करती हैं। किन रूट पर कितनी मिलेगी वीजीएफ की फंडिंग पटना–काठमांडू : 5 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप गया–शारजाह : 10 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप गया–बैंकॉक : 10 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप गया–कोलंबो : 10 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप गया–सिंगापुर : 10 लाख रुपये प्रति राउंड ट्रिप इस नीती से ये होगा लाभ  बिहार सरकार का मानना है कि इस कदम से बिहार की राष्ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में हिस्सेदारी बढ़ेगी। इसके अलावा पर्यटन और उद्योग दोनों क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। नई अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई मार्ग तैयार होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और बिहार राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए और सुलभ बनेगा।

प्रदेश के सभी थानों में CCTNS की स्वीकृति, 75 करोड़ में 1732 टैबलेट खरीदने को मंजूरी

भोपाल. मध्‍य प्रदेश में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) पर अवकाश (Public Holiday) रहेगा। यह फैसला आज कैबिनेट (MP Cabinet) की बैठक में लिया गया। प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि गणेश चतुर्थी पर अवकाश रहेगा। मोहन यादव सरकार ने तय किया है कि अब थानों में दर्ज होने वाले केस की जांच के लिए पुलिस के जांच अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे, जो जीपीएस कनेक्ट रहेंगे। सरकार ने एक अन्य प्रस्ताव में वन कोर्ट वन प्रॉसिक्यूटर नीति के अंतर्गत 610 नए प्रॉसिक्यूटर के पदों का सृजन करने का फैसला किया है। आत्म निर्भर भारत के लिए स्वदेशी को अपनाना होगा। मिट्टी, गोबर के गणेश बनाने वालो से संपर्क किया है। भारत खिलोने बनाने में विश्व में आगे बढ़ा है। उन्‍होंने कैबिनेट की निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले समय में नगर निगम (Municipal Corporation) और नगर पालिका अध्यक्ष (Municipal Council) के डायरेक्ट चुनाव (Direct Election) कराएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के लिए अध्यादेश लाया जाएगा, अगली कैबिनेट के लिए। प्रदेश के सभी थाने सीसीएनटीएस प्रोजेक्ट के तहत छोटे टेबलेट साथ में लेकर जांच करने जाएगा। एनलाइन पंचनामा से लेकर जांच की जाएगी। जीपीएस आधारित होगा टेबलेट। 1732 टेबलेट खरीदे जा रहे 25 हजार का लक्ष्य है। पुलिस को प्रशिक्षण दिया जायेगा। 75 करोड़ शुरुआती लागत है। प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि सरकार प्रत्यक्ष प्रणाली से नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव कराने की तैयारी कर रही है। इसी तारतम्य में पुरानी व्यवस्था में शिकायतों के जरिये नगर पालिका नगर परिषद अध्यक्ष को हटाने से रोकने के लिए सरकार अध्यादेश लाएगी। अभी जो निर्वाचन व्यवस्था है, उसमें अराजकता की स्थिति बनती है। आर्थिक लेन देन भी होता है और विवाद की भी स्थिति बनती है। 75 करोड़ में 1732 टैबलेट खरीदने को मंजूरी मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट ने गृह विभाग के प्रस्ताव पर भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कानूनी प्रक्रिया को मजबूत बनाने प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीएनएस की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत थानों को टैबलेट देने का फैसला किया है। ये टैबलेट लेकर जांच अधिकारी विवेचना और जांच के लिए जा सकेंगे। इन टैबलेट के जरिये वीडियो, फोटो लिए जा सकेंगे। हर टैबलेट जीपीएस से लैस होगा। पुलिस अनुसंधान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। शुरुआत में 1732 टैबलेट खरीदे जाएंगे। कुल 25 हजार टैबलेट खरीदे जाना है। इसके चलाने के लिए पुलिसकर्मी को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। 75 करोड़ रुपए इस पर खर्च होंगे। शहरी क्षेत्रों में जहां अच्छी कनेक्टिविटी है, पहले वहां इसे चालू किया जाएगा। हर कोर्ट में होगा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर विजयवर्गीय ने कहा कि वन कोर्ट, वन प्रॉसिक्यूटर की नीति के अंतर्गत प्रॉसिक्यूटर बढ़ा रहे हैं। न्यायालयीन मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे लोगों को जल्दी न्याय मिलेगी और सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर हारने से बचेगी। अतिरिक्त लोक अभियोजन के 185 पद, जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 225 और सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 100 सहित कुल 610 कर्मचारियों के पद सृजित किए गए हैं। इस पर 60 करोड़ 24 लाख 72 हजार का खर्च आएगा। थर्मल पावर में बिजली प्रोडक्शन के लिए कोयला कम नहीं होगा ताप विद्युत गृह का पूरा उपयोग करने के लिए यहां कोयले की आपूर्ति पूर्ण रखने का निर्णय लिया गया है। ग्रीन शो योजना ऊर्जा विभाग की ला रहे हैं। कोयले की भरपाई के लिए भारत सरकार से बात करेंगे। कोयला संग्रहीत कर रखेंगे ताकि बिजली की कमी न होने पाए। गांवों में 100 मेगावाट के सोलर,60 मेगावाट के विंड एनर्जी प्लांट लगेंगे पीएचई विभाग ने प्रस्ताव दिया है कि गांवों में बिजली बिल कम करने के लिए एमपी जल निगम के माध्यम से नल जल योजना के अंतर्गत विंड और सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी है। जहां संभावना है, वहां पवन ऊर्जा संयंत्र लगाए जाएंगे। सोलर से 100 मेगावाट और विंड एनर्जी से 60 मेगावाट के संयंत्र लगाने की तैयारी है। इस ऊर्जा का उपयोग नल जल योजना के बिजली बिल कम करने में किया जा सकेगा। उज्जैन-पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने सर्वे होगा उज्जैन से लेकर पीथमपुर तक दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन को सर्वे का काम दिया है। अभी डीपीआर बनाने का काम हो रहा है, जिसमें नौ लाख रुपए प्रति किमी अभी खर्च हो रहे हैं। उज्जैन से पीथमपुर की दूरी 84 किमी तक मेट्रो ट्रेन के लिए काम हो रहा है। सर्वे सिंहस्थ तक हो जाएगा और लेकिन काम नहीं हो पाएगा। इसमें देरी हो गई है। डीपीआर बनाने का काम अभी किया जा रहा है। गणेश चतुर्थी पर रहेगा सामान्य अवकाश मंत्रालय में कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गणेश चतुर्थी पर सामान्य अवकाश घोषित किया। उन्होंने कहा कि अब से प्रदेशभर में गणेश चतुर्थी पर अवकाश रखा जाएगा। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग को अवकाशों व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि गणेश चतुर्थी पर पहले सामान्य अवकाश दिया जाता था। अभी कलेक्टरों को इस पर्व पर स्थानीय अवकाश घोषित करने के अधिकार दिए गए हैं। यह भी लिए गए निर्णय     अतिरिक्त लोक अभियाजन सहित 610 कर्मचारी पद सृजन 60 करोड़ 24 लाख 672 करोड़ व्यय होंगे। ताप विद्युत गृह के लिए कोयला उपलब्ध कराने भारत सरकार के माध्यम से बिजली उत्पादन बढ़ाएंगे। ग्रीड शू परियोजना ला रहे हैं। कोयले का संग्रहण करेंगे।     मध्य प्रदेश जल निगम के तहत नल जल योजना के तहत बिजली आपूर्ति के लिए सोलर प्लांट और विंड एनर्जी प्लांट लगाएंगे। 100 और 60 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेंगे।     उज्जैन इंदौर पीथमपुर तक दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को मेट्रो के लिए डीपीआर बना रहा है। यह 84 किलोमीटर लंबा मेट्रो रूट होगा।     जीतू पटवारी के महिलाओं के ज्यादा शराब पीने वाले बयान पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं धार्मिक हैं। जीतू पटवारी के इस बयान की मैं निंदा करता हूं।  

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 लागू करने पर लगी कैबिनेट की मुहर

बिहार में उद्योगों को नए तरीके से प्रोत्साहित करने में जुटी सरकार  बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज, 2025 लागू करने पर लगी कैबिनेट की मुहर  कैबिनेट में 26 एजेंडे मंजूर, 100 करोड़ से अधिक निवेश करने वाली कंपनियों को मुफ्त जमीन पटना राज्य में उद्योगों को नए सिरे से गति प्रदान करने के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति की घोषणा की गई है। इससे संबंधित बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (बीआईआईपीपी) 2025 की मंजूरी राज्य कैबिनेट की बैठक में दी गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 26 एजेंडों पर मुहर लगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण उद्योग से जुड़े इस खास प्रोत्साहन पैकेज और इंडस्ट्रियल पार्क को मंजूरी दिया जाना है। कैबिनेट की बैठक के बाद इससे संबंधित विस्तृत जानकारी मुख्य सचिव (सीएस) अमृत लाल मीणा ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। गौरतलब है कि 15 अगस्त गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन राज्य में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई रियायतों की घोषणा की थी। इन्हें ही अमलीजामा पहनाते हुए कैबिनेट की मुहर लगाई गई है।         मुख्य सचिव श्री मीणा ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक सूबे में निवेश करने वाले उद्योगों के लिए मुफ्त औद्योगिक क्षेत्र की जमीन, टैक्स में छूट समेत अन्य खास प्रोत्साहन शामिल हैं। राज्य में 100 करोड़ या इससे अधिक का निवेश और 1 हजार रोजगार देने वाली कंपनियों को 10 एकड़ तक जमीन् मुफ्त जमीन मुहैया कराने का निर्णय लिया गया है। साथ ही 1 हजार करोड़ या इससे अधिक रुपये का निवेश करने वाली कंपनियों को 25 एकड़ तथा फॉर्च्युन 500 की श्रेणी में आने वाली कंपनियों को मुफ्त 10 एकड़ जमीन दी जाएगी। इन्हें 1 रुपये के टोकन मनी पर बियाडा के स्तर से चिन्हित औद्योगिक पार्क या क्षेत्र में जमीन दी जाएगी। इससे कम निवेश करने वाली या इस दायरे से बाहर की कंपनियों को बियाडा की जमीन दर पर 50 फीसदी की छूट पर औद्योगिक जमीन मुहैया कराई जाएगी।   तीन तरह की वित्तीय सहायता उद्योग लगाने वालों को श्री मीणा ने बताया कि बिहार में उद्योग स्थापित करने वालों को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए तीन तरह के विकल्प दिए गए हैं। इन तीनों में किसी एक विकल्प को कोई भी औद्योगिक इकाई अपना सकती हैं। पहला विकल्प के तौर पर बैंक से लिए लोन पर ब्याज दर में 40 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता एवं स्टेट जीएसटी पर सौ फीसदी तक की छूट देना शामिल है। दूसरा, 14 वर्षों तक कुल एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति, जो अनुमोदित प्रोजेक्ट का 300 फीसदी तक होगा। अनुमोदित परियोजना का 20 से 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। तीसरा है, कैपिटल सब्सिडी प्रदान करना, जो स्वीकृत प्रोजेक्ट की लागत का 30 फीसदी तक हो सकता है। कुछ अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी सूबे में निवेश करने वाली कंपनियों को कुछ अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। इसमें निर्यात करने वाली कंपनियों को निर्यात प्रोत्साहन के तहत 14 वर्षों तक 40 लाख प्रति वर्ष की छूट देना। टेक्सटाइल इकाईयों के लिए 5 हजार रुपये प्रति महीने प्रति कर्मी देने वाली इकाईयों को ईएसआई एवं ईपीएफ में 300 प्रतिशत तक का लाभ। वहीं, दूसरी श्रेणी की कंपनियों के लिए 2 हजार रुपये मासिक देने वाले कर्मियों के लिए ईएसआई एवं ईपीएफ में 100 प्रतिशत तक का लाभ। इसके अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण अनुदान, रिन्यूअल एनर्जी उपयोग, सीएफसी डेवलपमेंट प्रोत्साहन प्रदान की जाएगी। राज्य में विकसित किए जाएंगे 32 औद्योगिक पार्क सीएस अमृत लाल मीणा ने कहा कि पिछले वर्ष 2024 में सभी जिलों खासकर जहां औद्योगिक पार्क नहीं है या जमीन समाप्त हो गई है, तो वहां नए सिरे से इसे विकसित किया जा रहा है। राज्य में पिछले एक से सवा साल के दौरान 32 औद्योगिक पार्क विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके लिए 14 हजार 600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण बियाडा के माध्यम से किया गया है। इसमें 2 हजार 700 एकड़ सरकारी जमीन है, जिसमें 700 एकड़ का स्थानांतरण किया जा चुका है। 2 हजार जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। बियाडा की तरफ से 8 हजार एकड़ जमीन अर्जित किया गया है। वहीं, पिछले एक-सवा वर्ष के दौरान 14 हजार 600 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है।        जहां-जहां औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, वहां से रेल और सड़क मार्ग की सुगम कनेक्टिविटी का खासतौर से ध्यान रखा गया है। पूर्णिया एक्सप्रेसवे के पास पूर्णिया के के-नगर अंचल में 66 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से 279.65 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। दरभंगा के बहादुरपुर मौजा में 376 करोड़ रुपये की लागत से 385.45 एकड़, शिवहर के तरियानी अंचल में 105 करोड़ से 270 एकड़, रोहतास के शिवसागर अंचल में 154 करोड़ की लागत से 492.85 एकड़, शेखपुरा के चेवड़ा अंचल में 42 करोड़ 16 लाख रुपये से 250 एकड़ और भोजपुर के तरारी अंचल में 52 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से 249.48 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। गिफ्ट सिटी की तर्ज पर बनेगा फिनटेक सिटी गुजरात के अहमदाबाद एवं गांधीनगर के बीच मौजूद गिफ्ट सिटी की तर्ज पर पटना जिला के फतुहां अंचल में फिनटेक सिटी को बनाया जाएगा। फतुहां के जैतीया मौजा के पास मल्टी मॉडल हब से सटे 408 करोड़ रुपये की लागत से 242 एकड़ का अधिग्रहण कर इस सिटी का निर्माण कराया जाएगा। इसका उदेश्य नवाचार आधारित उद्यमों, उन्नत तकनीक और निर्यात उन्नुख उद्योगों को एक ही परिसर में समावेशित कर एक प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जाएगा। इससे राज्य में लॉजिस्टिक क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। ‎